samacharsecretary.com

युक्तियुक्तकरण नीति : शिक्षकों की पदस्थापना से बदला विद्यालय का परिदृश्य

रायपुर, राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, घुंचापाली इसका एक सशक्त उदाहरण है। जहाँ पूर्व में शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं, वहीं अब अंग्रेजी एवं भौतिकी विषय के शिक्षकों की पदस्थापना से न केवल पठन-पाठन में गुणवत्ता आई है, बल्कि विद्यार्थियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विद्यालय में अंग्रेजी विषय के व्याख्याता संजय गिरी गोस्वामी एवं भौतिकी विषय के लिए व्याख्याता तिर्की मैडम की पदस्थापना से शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है। इन विषयों के शिक्षक लंबे समय से विद्यालय में नहीं थे, जिसके चलते विद्यार्थियों के प्रवेश में गिरावट आ रही थी और कई छात्र जाने लगे थे। युक्तियुक्तकरण की बदौलत विद्यालय में नया शैक्षणिक वातावरण निर्मित किया है। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण पूर्व में कक्षा 9 में बच्चों का प्रवेश न के बराबर था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि पूर्व में दर्ज छात्र भी स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) लेकर विद्यालय छोड़ रहे थे। परंतु वर्तमान शैक्षणिक सत्र में दिनांक 05 जुलाई 2025 तक कक्षा 9 में 48 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिससे विद्यालय की कुल दर्ज संख्या बढ़कर 87 हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने विधालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विद्यालय में आवश्यक भौतिक संसाधनों की पूर्ति हेतु विभागीय स्तर पर हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

7 जुलाई को कांग्रेस की सभा, बैज ने बोले – किसान, जवान और संविधान पर केंद्र और राज्य की सरकार लगातार कर रही प्रहार

रायपुर कांग्रेस की 7 जुलाई को होने वाली किसान, जवान, संविधान सभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के के साथ महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल होंगे. आयोजन में 25 हजार से अधिक कार्यकर्ता, किसान और जवान की भागीदारी होगी. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सभा के जरिए बिगुल फूंकने की बात कहते हुए कहा कि “किसान, जवान और संविधान” पर केंद्र और राज्य की सरकार लगातार प्रहार कर रही है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सभा की जानकारी देने राजीव भवन में कांग्रेस के प्रदेश सह-प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मीडिया से रू-ब-रू हुए. इस दौरान उन्होंने सभा को देश के लिए एक मील का पत्थर बताया है. उन्होंने कहा कि सभा का उद्देश्य प्रदेश की कानून व्यवस्था, महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ते अपराध, किसानों के लिए DAP और खाद की कमी, नक्सलवाद उन्मूलन के ख़िलाफ़ लड़ाई के नाम पर निर्दोष आदिवासियों को मारने के साथ लचर बिजली व्यवस्था, छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को बेचने, 10 हजार स्कूलों को बंद करने, अवैध शराब बिक्री और नई शराब दुकान खोलने के खिलाफ आवाज उठाना है. दीपक बैज ने कहा कि आयोजन की तैयारी में प्रदेश प्रभारी के साथ तमाम वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी जुटे हुए हैं. इस ऐतिहासिक जनसभा के बाद छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं, किसानों और जवानों को एक नई ताकत और ऊर्जा मिलेगी. इस सभा के जरिए कांग्रेस पार्टी एक बिगुल फूंकने जा रही है.

डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी पहल

रायपुर, राज्य में खरीफ सीजन 2025 के दौरान विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने समय रहते न सिर्फ इसकी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की बल्कि रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रख रही है, जिसके चलते राज्य में रासायनिक उर्वरकों के भण्डरण एवं उठाव की स्थिति बेहतर बनी हुई है। डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एन.पी.के., सुपर फास्फेट और नेनो डी.ए.पी. जैसे वैकल्पिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर किसानों के हितों का ध्यान रखा है। छत्तीसगढ़ में अब तक विभिन्न प्रकार के 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण कर लिया गया है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सकें।  छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ 2025 में पूर्व में कुल 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें यूरिया 7.12 लाख, डी.ए.पी. 3.10 लाख, एन.पी.के. 1.80 लाख, पोटाश 60 हजार तथा सुपर फास्फेट 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में कुल 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। डीएपी की आपूर्ति में कमी के चलते उर्वरक वितरण के लक्ष्य को संशोधित कर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों जैसे- एनपीके, एसएसपी के लक्ष्य में 4.62 लाख मीट्रिक टन की उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिसके चलते खरीफ सीजन 2025 में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की वितरण का लक्ष्य 17.18 लाख मीट्रिक टन हो गया है। राज्य में अब तक 5.63 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण एवं 3.76 लाख मीट्रिक टन का वितरण किया गया है। किसानों को अभी 1.86 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हेतु उपलब्ध है। यहां यह उल्लेखनीय है कि यूरिया का उपयोग धान फसल में तीन बार किया जाता है। पहली बार बुवाई अथवा रोपाई के समय कुल अनुशंसित मात्रा का 30 प्रतिशत, दूसरी बार 3 से 4 सप्ताह बाद कन्से निकलने के समय एवं तीसरी बार 7 से 8 सप्ताह बाद गभौट अवस्था में किया जाता है। इस प्रकार यूरिया का उपयोग बुवाई से लेकर सितंबर तक विभिन्न अवस्थाओं में किया जाना है, जिसके अनुरूप राज्य में यूरिया की चरणबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। डी.ए.पी. के आयात में राष्ट्रीय स्तर पर कमी को देखते हुए राज्य शासन ने समय रहते वैकल्पिक उर्वरकों की दिशा में ठोस पहल की है, जिसके चलते एन.पी.के. को लक्ष्य बढ़ाकर 4.90 लाख तथा सुपर फास्फेट का 3.53 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया। वर्तमान में एन.पी.के. 11 हजार एवं सुपर फास्फेट 54 हजार मीट्रिक टन, लक्ष्य से अधिक भंडारित है, जिससे 23 हजार 600 मीट्रिक टन डी.ए.पी. में उपलब्ध फॉस्फेट तत्व की पूर्ति होगी। छत्तीसगढ़ राज्य को चालू माह जुलाई में आपूर्ति प्लान के अनुसार कुल 2.33 लाख मी. टन उर्वरक मिलेगी। जिसमें यूरिया 1.25 लाख, डी.ए.पी. 48,850, एन.पी.के. 34,380, पोटाश 10 हजार एवं सुपर फास्फेट 76 हजार मी. टन शामिल हैं। जुलाई के अंत तक डी.ए.पी. का कुल भंडारण 1.95 लाख मी. टन तक होने की उम्मीद है। राज्य में डी.ए.पी. की कमी से बचाव हेतु 25 हजार मी. टन सुपर फास्फेट एवं 40 हजार मी. टन एन.पी.के. के अतिरिक्त भंडारण का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, नैनो डी.ए.पी. उर्वरक को बढ़ावा देने हेतु सहकारी क्षेत्र में एक लाख बाटल का भंडारण किया जा रहा है, जिससे 25 हजार मीट्रिक टन पारंपरिक डी.ए.पी. की आवश्यकता की पूर्ति होगी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अप्रैल माह से ही वैकल्पिक उर्वरकों के प्रचार-प्रसार हेतु पोस्टर पैम्फलेट तैयार कर समस्त सहकारी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों में प्रदर्शित किए गए डीएपी, उर्वरक के स्थान पर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। इसी कड़ी में कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान एन.पी.के, सुपर फास्फेट एवं नेनो डी.ए.पी. के वैज्ञानिक उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन कर खरीफ 2025 में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है।

KYC नहीं करवाया तो ब्लॉक हो जाएंगे गैस कनेक्शन, 3.28 लाख से अधिक बाकि

रायपुर छत्तीसगढ़ में गैस उपभोक्ताओं के लिए सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए केवाईसी सत्यापन के बावजूद अब तक 3.28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर के लिए जरूरी दस्तावेज सत्यापन नहीं कराया है। ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब ब्लाक किए जा रहे हैं। सरकार और गैस एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जो उपभोक्ता समय-सीमा में सत्यापन नहीं कराते, उन्हें फर्जी कनेक्शन की श्रेणी में माना जाएगा और उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा। सरकार की ओर से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सामान्य घरेलू उपभोक्ता, और एपीएल/बीपीएल कार्डधारियों को कई बार गैस कनेक्शन के लिए सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने अभी तक ऐसा नहीं किया है। अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश अनवेरिफाइड उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जिन्हें सूचना या सुविधा नहीं मिल पाई।गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर सत्यापन करें, लेकिन इसमें धीमी प्रगति हो रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि सत्यापन से बचने वाले उपभोक्ताओं में बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेजों के जरिए गैस कनेक्शन लेने वाले लोग हो सकते हैं। इसलिए सत्यापन न करवाने वालों का कनेक्शन फर्जी मानते हुए ब्लाक किया जा रहा है। अब ऐसे उपभोक्ता आनलाइन बुकिंग भी नहीं कर सकेंगे। कई उपभोक्ता गैस एजेंसियों में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें पहले केवाईसी पूर्ण करने को कहा जा रहा है, तभी उन्हें सिलेंडर मिलेगा। 11 लाख में से 3.28 लाख उपभोक्ता बिना सत्यापन के बता दें कि जिले में तीनों कंपनियों के कुल 11 लाख 435 उपभोक्ता हैं, जिनमें से अब तक केवल 7 लाख 71 हजार 551 उपभोक्ताओं ने ही केवाईसी पूरी की है। जबकि 3 लाख 28 हजार 884 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने बार-बार चेतावनी के बावजूद सत्यापन नहीं कराया है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन प्राप्त कर चुके हैं। जिले में उज्ज्वला योजना के 7.75 लाख से अधिक लाभार्थी हैं, लेकिन इनमें से 2.31 लाख से ज्यादा ने अब तक केवाईसी नहीं कराई है। गैस कनेक्शन के लिए यह जरूरी दस्तावेज गैस एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ताओं को गैस कार्ड और आधार कार्ड के साथ एजेंसी जाना होगा। एजेंसी में उनकी फिंगरप्रिंट, आई-स्कैन और ताजा फोटो लिया जाएगा। जिस व्यक्ति के नाम पर गैस कनेक्शन दर्ज है, उसे स्वयं ही एजेंसी पहुंचकर केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसे लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के नियंत्रक भूपेंद्र मिश्र ने कहा कि शासन की ओर से केवाईसी नहीं कराने वाले के कनेक्शन को ब्लाक किया जा रहा है। जब तक जाकर केवाईसी नहीं कराएंगे तब तक फिर से गैस बुक नहीं करा सकेंगे।

CM साय ने पंचायत प्रतिनिधियों को दिए नेतृत्व के मंत्र, बोले – पंचायतों का विकास ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि की नींव, सेवा भाव से करें काम

रायपुर नवा रायपुर स्थित निमोरा में आज राज्य के नवनियुक्त जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सेवा भावना और ईमानदारी से काम करने पर जनता हमेशा साथ देती है। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैंने कई बार निर्विरोध चुनाव जीते हैं। विधायक और सांसद दोनों रूपों में जनता ने मुझ पर भरोसा जताया है, क्योंकि जब भावनाएं सच्ची होती हैं, तब जनता भी मजबूती से साथ खड़ी रहती है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध प्रदेश है, जहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि राज्य को अब डबल इंजन की सरकार का लाभ मिल रहा है, जिससे योजनाएं और तेज़ी से धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, जबकि अब भाजपा सरकार नक्सलवाद के समूल नाश के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा पहले बस्तर में गोलियों की आवाजें आती थीं, अब वहां विकास की गूंज सुनाई देती है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पूरी मेहनत से काम कर रहा है और यदि पंचायतों का सशक्तिकरण होता है तो छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। हम सब भी सीखने की प्रक्रिया में हैं। हमारे मंत्रीगण भी दो-दो बार प्रशिक्षण ले चुके हैं। आगामी समय में मैनपाट में भी इस प्रकार का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की 11,000 पंचायतों में “अटल डिजिटल सेवा” की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी और स्थानीय प्रशासन तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनेगा। CM ने नक्सलियों के शांति वार्ता पत्र पर दी प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री साय ने नक्सलियों द्वारा भेजे गए शांति वार्ता पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शुरू से ही नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान करती रही है। उन्होंने कहा, “हमने हिंसा छोड़ने वालों को पुनर्वास का अवसर दिया है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यदि कोई शस्त्र त्यागकर बात करना चाहता है, तो सरकार तैयार है, लेकिन यदि गोलीबारी की भाषा आएगी तो जवाब भी मिलेगा।” मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन के अंत में कहा कि पंचायतें यदि जागरूक और सक्रिय होंगी तो छत्तीसगढ़ के गांवों का सर्वांगीण विकास संभव होगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण के माध्यम से शासन की गहराई को समझने और अपने क्षेत्र में नवाचारों को लागू करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं और “जय हिंद, जय छत्तीसगढ़” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्वों के प्रति सजग रहने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देना चाहिए। गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए, जिनमें पंचायत संचालन, वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन, और डिजिटल गवर्नेंस जैसे विषयों को शामिल किया गया। इससे नवचयनित जनप्रतिनिधियों को शासन की बारीकियों को समझने और बेहतर कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन मिला।

मंत्री केदार कश्यप बोले – एक पेड़ माँ के नाम अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक

’गौपालक किसानों व मत्स्य सहकारी किसानों को रुपे  केसीसी कार्ड एवं डेयरी सोसायटियो को माइक्रो एटीएम वितरित किया’ रायपुर, सहकारिता एवं जल संसाधन मंत्री  केदार कश्यप आज  नवा रायपुर, अटल नगर  में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक  (अपेक्स बैंक) परिसर  में अंतर्राष्ट्रीय  सहकारिता दिवस पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर  एक पेड़  माँ के नाम अभियान के तहत  पौधरोपण किया। उन्होंने इस दौरान  मंत्री कश्यप  ने गौपालक तथा मत्स्य पालक किसानों को रुपे  केसीसी कार्ड और  दुग्ध सहकारी समितियो को माइक्रो एटीएम  वितरण किया ।     मंत्री कश्यप ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है , और माँ के प्रति हमारी श्रद्ध। उन्होंने कहा कि यह अभियान  प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा तरीका भी है । माँ और प्रकृति दोनों ही जीवनदायिनी हैं, पोषण करती हैं, और बिना किसी स्वार्थ के अपनापन देती हैं ।     मंत्री कश्यप ने कहा कि माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ता है। यह एक जीवंत श्रद्धांजलि है, जो न केवल माँ के प्रति हमारी भावनाओं को व्यक्त करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक उपहार है। उन्होंने कहा कि यह अभियान, ‘सहकारिता‘ के साथ, भारत में सामाजिक और पर्यावरणीय उत्थान के लिए महत्वपूर्ण पहलें हैं। ये सामूहिक भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी पर आधारित हैं, और इनकी मूल भावना सहयोग, संरक्षण और समाज में योगदान देने की है । ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गई थी । इसका उद्देश्य माताओं की स्मृति में पेड़ लगाने को प्रोत्साहित करना और पर्यावरण संहिता को बढ़ावा देना है । यह अभियान प्रकृति और मातृत्व के बीच समानता को रेखांकित करता है , क्योंकि दोनों ही जीवन का पोषण करते हैं ।     अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि अभियान का संदेश है – ‘माँ के लिए एक पेड़, धरती के लिए एक कदम‘ । सभी सहकारी समितियों के साथ इस नेक कार्य में हिस्सा लेने और अपनी माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ने का आह्वान किया गया है । उन्होंने आगे कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मंशा है कि पैक्स सोसायटियो को मजबूत किया जाए।    अपर मुख्य सचिव , सहकारिता , छत्तीसगढ़ शासन सुब्रत साहू ने  राज्य स्तरीय सहकारी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में ‘सहकार से संमृद्धि‘ अंतर्गत अनेक कार्यक्रम व नवाचार सहकारिता के माध्यम से किये जा रहे है, जिसमे सहकारिता छेत्र की इकाई-समितियो को बहुउद्देशीय बनाना व इस आंदोलन को और विस्तारित करना है। सहकारिता की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 2021 में केंद्र सरकार द्वारा पृथक से सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया, जो इस आंदोलन के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।     संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ सहकारिता प्रकोष्ठ अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ सी आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता कुलदीप शर्मा, एमडी अपेक्स बैंक के एन कांडे, अपर आयुक्त एच के दोषी, सहकारिता विभाग के अधिकारी सहित जिला सहकारी बैंको, मार्कफेड, लघुवनोपज तथा एनसीडीसी तथा बड़ी संख्या में अपेक्स बैंक, जिला सहकारी बैंकों, जिला सहकारी संघ के अधिकारी गण मौजूद थे।    

युक्तियुक्तकरण से पोड़ी खुर्द और हरापारा स्कूल में उत्साह का माहौल

रायपुर, शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया की बदौलत विद्यार्थियों में अब अध्ययन अध्यापन का माहौल दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत पोड़ी खुर्द स्थित प्राथमिक शाला पोड़ी खुर्द एवं प्राथमिक शाला हरापारा में नवीन शिक्षकों की पदस्थापना हुई है, जिससे एकल शिक्षकी समस्या से जूझ रहे इन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियाँ सुचारु रूप से संचालित होने लगी है। ग्रामवासी श्री शोहन ने बताया कि पूर्व में इन दोनों शालाओं में केवल एक-एक शिक्षक कार्यरत थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अब शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना से इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने शासन की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्राथमिक शाला हरापारा में नवपदस्थ प्रधान पाठक श्रीमती सीमा सिंह ने बताया कि वे पूर्व में किशुननगर प्राथमिक शाला में कार्यरत थीं। शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत उन्हें स्वेच्छा से विद्यालय चयन का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने हरापारा का चयन किया। उन्होंने बताया कि पूर्व में विद्यालय में केवल एक शिक्षिका कार्यरत थीं, जिससे शिक्षण कार्य में कठिनाई हो रही थी। अब दो शिक्षकों की उपस्थिति से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव हो सकेगा। उन्होंने प्रक्रिया में अपनाई गई पारदर्शिता के लिए शासन का आभार जताया। इसी प्रकार प्राथमिक शाला पोड़ी खुर्द में नवपदस्थ सहायक शिक्षिका श्रीमती इमिला कुजूर, जो पूर्व में जोगीबांध प्राथमिक शाला में पदस्थ थीं, ने बताया कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत उन्हें विद्यालय चयन का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने पोड़ी खुर्द का चयन किया। उन्होंने अपनी नवीन पदस्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन की इस पहल से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में शिक्षकों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। इससे न केवल बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है, बल्कि शिक्षा के अधिकार को भी मजबूती मिल रही है।

एसआईए ने एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे शहादत मामले में कोंटा से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर कर रही पूछताछ

रायपुर एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे शहादत मामले में एसआईए कोंटा से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. संदेहियों के पास आंध्र प्रदेश के सिमकार्ड से लैस मोबाइल फोन मिले हैं. पूरे मामले की जांच कर रही एसआईए ने जिन संदेहियों को हिरासत लेकर गोपनीय स्थान में पूछताछ कर रही है, उनके मोबाइल फोन से माओवादियों को पुलिस की गतिविधियों की देने की जानकारी मिली है. पूछताछ के जरिए घटना के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. बता दें कि 9 जून को सुकमा जिले के कोन्टा-गोलापल्ली मार्ग पर पुलिस टीम तलाशी अभियान पर निकली थी. इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए आईईडी बम की चपेट में आने से एडिशनल एसपी आकाश राव गिरेपुंजे मौके पर ही शहीद हो गए, वहीं एसडीओपी कोंटा भानु प्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

सुरक्षाबलों की कार्रवाई से नक्सलियों को झटका, मुठभेड़ में दो ढेर

बीजापुर शनिवार को छत्तीसगढ़ एक बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर हुई इस मुठभेड़ में दो माओवादियों की मौत हो गई है। पुलिस ने आज यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई, जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ माओवादी कैडरों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान शुरू किया गया था और शुक्रवार से ही इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही थी। मुठभेड़ स्थल से दो पुरुष नक्सली के शव और हथियार बरामद किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से जानकारी गोपनीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए विस्तृत जानकारी गोपनीय रखी गई है। ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद ही पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।  

मुख्यमंत्री साय संसदीय पत्रकारिता विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर के प्रेक्षागृह में संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य और विधानसभा के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने भी 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पूरी की है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में विधायकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जिसका लाभ हमारे सदस्यों को मिला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। इसी तरह पत्रकारों की भी अहम भूमिका है, जो विधानसभा की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित करने की परंपरा को भी सराहा और कहा कि इससे पत्रकारों का मनोबल बढ़ता है तथा संसदीय रिपोर्टिंग को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला पत्रकारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और इसके माध्यम से विधानसभा की गतिविधियां और अधिक प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचेंगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में संसदीय पत्रकारिता की महत्ता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारिता अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जो सदन की गोपनीयता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखते हुए जनता तक सटीक एवं निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य करती है। डॉ. सिंह ने कहा कि पत्रकार जब पक्ष–विपक्ष से परे रहकर निष्पक्ष रूप से विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन करते हैं और उसे प्रस्तुत करते हैं, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली की गहरी समझ से ही पत्रकार बेहतर ढंग से जनता को विधानसभा की गतिविधियों से अवगत करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय पत्रकारिता में विशेष रूप से विधानसभा की प्रक्रिया से जुड़े समाचारों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि आमजन तक वे प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ एवं दिवंगत पत्रकारों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश की पत्रकारिता परंपरा ने सदैव विधानसभा की गरिमा बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्रकारों की भूमिका को नारद मुनि की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि पत्रकार समयबद्धता और सजगता के साथ लोकतंत्र के संवाहक होते हैं। डॉ. महंत ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से सभी को कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा और संसदीय पत्रकारिता को समझने का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन उपयोगी सिद्ध होगा और पत्रकारों के कार्य को नई दिशा देगा। उन्होंने अपनी लंबी संसदीय यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि इस दौरान पत्रकारों के साथ बिताए गए समय और अनुभव अत्यंत मूल्यवान रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों की सजगता, सटीकता और संवेदनशीलता की सराहना की, जो वर्षों से संसदीय गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक श्री संजय द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।