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गंगरेल बांध में मछली व पक्षी संरक्षण पर जनहित याचिका: हाईकोर्ट में मत्स्य विभाग का जवाब पेश

बिलासपुर गंगरेल बांध में मछली और पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए पेश जनहित याचिका पर हुई सुनवाई में राज्य शासन के मत्स्य विभाग ने जवाब पेश कर बताया कि 779 में से से 679 केज हटा दिए गए हैं. अब सिर्फ 100 केज हटाना बाकी है. इस मामले में चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई होगी. धमतरी की वाइल्ड लाइफ वेलफेयर सोसायटी ने जनहित याचिका लगाई है, जिसमें आरोप लगाया है कि, गंगरेल जलाशय में बिना वैध अनुमति के पिंजरों के जरिए बड़े पैमाने पर मछलियों का शिकार किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. याचिकाकर्ता का कहना है कि, शासन ने छह माह पूर्व ही इस अवैध गतिविधि को रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. मामले की सुनवाई के दौरान मत्स्य विभाग की ओर से प्रस्तुत शपथपत्र में बताया गया था कि जलाशय के लाभार्थियों ने जिला मजिस्ट्रेट-सह-कलेक्टर,धमतरी के समक्ष आवेदन देकर अपने पिंजरों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की, जिला धमतरी ने 24 फरवरी 2025 को कार्यपालक अभियंता, जल प्रबंधन संभाग को पत्र लिखकर पिंजरों के स्थानांतरण के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने का अनुरोध किया था. उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी इस संबंध में अभियंता से भेंट की, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका.इसकी जानकारी निदेशक (मत्स्य पालन) को भेजी गई थी. शपथपत्र में कहा गया कि फुटाहामुड़ा क्षेत्र, जो एक आर्द्रभूमि है, उसमें कुल 774 पिंजरे लगाए गए हैं और अधिकांश किसानों ने इन्हें स्थानांतरित करने पर सहमति जता दी है, जैसे ही सिंचाई विभाग उपयुक्त स्थान चिन्हित करेगा, पिंजरों का स्थानांतरण कर दिया जाएगा. आज हुई सुनवाई में मत्स्य विभाग ने कोर्ट को बताया कि, ज्यादातर केज हटा दिए गए हैं, जहां मछलियों का शिकार किया जा रहा था.अब मात्र 100 केज ही बचे रह गए हैं. धीरे धीरे इन्हें भी पूरा हटा लिया जाएगा. यह सुनने के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने 4 सप्ताह बाद अगली सुनवाई निर्धारित कर दी है.

युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर ठोस कार्ययोजना बनाएं: टंकराम वर्मा की अधिकारियों को हिदायत

रायपुर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर उच्च शिक्षा क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्ता सुधार एवं राज्य की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा को आधुनिक, नवाचारी और युवाओं के भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजनाओं पर अमल जरूरी है। मंत्री वर्मा ने बैठक में स्टेट हायर एजुकेशन प्लान (SHEP) का निर्माण, नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत, रूसा की प्रिपरेटरी ग्रांट एवं डडम्त् मद से प्रशिक्षण कार्यक्रम, राज्य उच्चतर शिक्षा योजना अंतर्गत भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य निर्धारण तथा संस्थागत विकास योजनाओं (IDP) के अनुरूप बजट अनुमान शामिल आदि विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं, विशेषकर बस्तर और सरगुजा जैसे जनजाति बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार और नवाचार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने ‘नियद नेल्ला नार’ जैसे विशेष कार्यक्रमों और वन-औषधियों के संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने हेतु विशेष कार्यक्रम, उच्च शिक्षा का डिजिटाइजेशन एवं डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास तथा साथी, समर्थ, एमओओसी, स्वयं, स्वयं प्रभा जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया। बैठक में स्टार्टअप, इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप, पेटेंट और विश्व स्तरीय शोध को प्रोत्साहन देने के लिए आवश्यक पहल करने पर सहमति बनी। अंत में, राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की गुणवत्ता सुधार हेतु नीतिगत निर्णय लेने की रूपरेखा तय की गई। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

आरपीएफ जवान को अंतिम सलामी, सड़क हादसे में मौत के बाद शव गृह ग्राम भेजा गया

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही ड्यूटी खत्म कर मोटरसाइकिल से खोंगसरा से वापस पेंड्रारोड लौट रहे आरपीएफ के जवान की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. आरपीएफ ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर मृत जवान के शव को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिला स्थित गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. जानकारी के अनुसार, 36 वर्षीय राम आसरे सरोज सोमवार को ड्यूटी खत्म करने के बाद मोटरसाइकिल से खोंगसरा से वापस पेंड्रारोड लौट रहे था, इसी दौरान रास्ते में स्वराज माजदा की ठोकर से सिर पर गंभीर चोट लगी. आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों ने जवान को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम के बाद दिवंगत जवान को आरपीएफ ने मंगलवार को गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद उत्तरप्रदेश के प्रयागराज जिले स्थित गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया. घटना से मृतक के परिजन जहां सदमे में हैं, वहीं स्थानीय आरपीएफ में मातम छा गया है.

CGMSC घोटाला: जेल में बंद अधिकारियों को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने जमानत याचिका ठुकराई

बिलासपुर हाईकोर्ट में रीएजेंट घोटाले में संलिप्त अधिकारियों की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई. वही इस मामले में मुख्य सूत्रधार और मोक्षित कार्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा की नियमित जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से आठ सितंबर को खारिज हो चुकी है. सुनवाई में सीजी एमएससी के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर अनिल परसाई और असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर बसंत कौशिक की जमानत याचिका खारिज की गई. मोक्षित कार्पोरेशन द्वारा किए गए रीएजेंट घोटाले में संचालक शशांक चोपड़ा सहित 6 आरोपी जेल में है. रीएजेंट घोटाले की ईडी के अलावा एसीबी और ईओडब्ल्यू भी जांच कर रही है. यह पूरा घोटाला 400 करोड़ रुपए का माना गया है. इसमें गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विवेचना पूरी कर चालान पेश हो चुका है. जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ विवेचना जारी है. गिरफ्तारी के बाद नियमित जमानत के लिए मोक्षित कार्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा सहित सीजीएमएससी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने याचिका लगाई थी. मोक्षित कारपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा की नियमित जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका लगाई थी. वहीं सीजीएमएसी के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर अनिल परसाई और असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर बसंत कौशिक ने हाईकोर्ट में नियमित जमानत याचिका दाखिल की थी. जमानत याचिका पर हुई पिछली सुनवाई में उनके अधिवक्ताओं ने अदालत से निवेदन किया था कि मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा की जमानत की याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. उसकी जमानत याचिका की सुनवाई आठ सितंबर को होगी. आठ सितंबर को जमानत याचिका की सुनवाई के बाद यहां सुनवाई की जाए. आठ सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मोक्षित कारपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा की नियमित जमानत याचिका खारिज हो गई. हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर अनिल परसाई और असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर वसंत कौशिक की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने बताया कि ईओडब्लू की जांच में और सत्यापन में पाया गया कि मार्केट में डेढ़ रुपए से लेकर साढ़े आठ रुपए तक मिलने वाला ईडीटीए ट्यूब 352 रुपए प्रति ट्यूब के हिसाब से खरीदा गया है. एफआईआर में इसका जिक्र है. जबकि एफआईआर के बाद हुई विवेचना में 2352 रुपए में ट्यूब खरीदने के बात कही गई है. दोनों बातों में परस्पर विरोधाभास है और इस हिसाब से चार सौ करोड़ रुपए से ज्यादा का यह घोटाला है. इसके अलावा डॉक्टर अनिल परसाई को विभाग द्वारा जारी वर्किंग डिस्ट्रीब्यूशन के अनुसार उन्हें केवल आहरण एवं संवितरण का अधिकार दिया गया था ना कि खरीदी का. यह काम सीजीएमएमएसी के संचालक के पद पर बैठे अधिकारी करते थे उन्हें कुछ नहीं किया. जबकि उनके द्वारा बिना बजट की व्यवस्था और अनुमान के इस तरह का कार्य किया गया. डॉ अनिल परसाई के क्षेत्राधिकार में ना तो खरीदी का अधिकार था ना खरीदी के स्वीकृति देने का और ना ही भुगतान का.

बागेश्वरघाम की भक्ति धारा फिर बहने को तैयार, पं. धीरेंद्र शास्त्री सुनाएंगे हनुमंत कथा

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर बागेश्वर घाम की भक्तिधारा बहेगी। श्रद्धालु आध्यात्म के महासागर में गोते लगाएंगे। गुढ़ियारी में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री भक्तों को हनुमंत कथा सुनाएंगे। वहीं दिव्य दरबार का भी आयोजन किया जायेगा। यह कार्यक्रम 4 से 8 अक्टूबर तक आयोजित किया जायेगा। इस आयोजन के सफल क्रियान्वयन और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप देने के लिए विगत दिनों कार्यक्रम कार्यालय का विधिवत पूजन-अर्चन के साथ शुभारंभ किया गया। इस अवसर मुख्य आयोजक चंदन-बसंत अग्रवाल (थान खम्हरिया वाले) ने कहा कि यह कार्यालय आयोजन की तैयारियों का केंद्र बिंदु होगा, जहां से सभी व्यवस्थाओं का संचालन और समन्वय किया जाएगा। उद्घाटन के बाद बैठक बैठक में कथा की विभिन्न व्यवस्थाओं जैसे पंडाल, भोजन (भंडारा), जल, सुरक्षा, यातायात, और लाखों भक्तगणों के बैठने की व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। आयोजन से जुड़े सभी सेवादारों को उनकी योग्यतानुसार जिम्मेदारियां सौंपी गईं, ताकि प्रत्येक व्यवस्था में आसानी हो। बसंत अग्रवाल ने कहा कि यह हम सभी छत्तीसगढ़वासियों का परम सौभाग्य है कि गुरुदेव पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी एक बार फिर अपनी अमृतमयी वाणी से रायपुर की धरा को पवित्र करने आ रहे हैं। उनका आगमन प्रदेश के लिए किसी आध्यात्मिक महोत्सव से कम नहीं है। हमारा और हमारी पूरी टीम का यह संकल्प है कि कथा श्रवण के लिए आने वाले प्रत्येक भक्त को एक सहज, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त हो। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी समाजों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। कार्यालय के उद्घाटन के साथ ही अब तैयारियां और तेज कर दी गई हैं। शहर के भक्तों में कथा को लेकर जबरदस्त उत्साह और प्रतीक्षा का माहौल है। कार्यालय शुभारंभ पर सर्व समाज का प्रतिनिधित्व देखने को मिला। इसमें रूपनारायण सिंह,लोकेश कावड़िया,  सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, किशोर महानंद सहित विभिन्न समाजों के प्रमुख, वरिष्ठजन मौजूद रहे।

गलत क्लेम करने से भुगतान में होती है देरी, इससे ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी होते हैं प्रभावितः कटारिया

आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना के स्टेकहोल्डर वर्कशाप का आयोजन रायपुर, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत आज सोमवार को  न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाईन रायपुर में स्टेकहोल्डर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया की परिकल्पना एवं आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला  के मागदर्शन में यह वर्कशॉप आयोजित की गई। योजनांतर्गत जनवरी 2025 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित बैठक में जानकारी दी गई थी कि छत्तीसगढ़ में देश में सबसे अधिक फ्रॉड क्लेम पाए गए हैं, और ऐसे अस्पतालों की संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर है। वर्कशॉप में अस्पतालों को जानकारी दी गई कि ट्रिगर क्लेम को कैसे कम किया जा सकता है। साथ ही उन्हे जानकारी दी गई कि भविष्य में भी क्लेम, ट्रिगर नहीं हों। अमित कटारिया द्वारा यह बताया गया कि आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए बहुत सहायक है। इस योजना से उन्हें अपने उपचार के लिए अस्पताल का चुनाव करने का विकल्प मिला है। उन्होने बताया कि गलत क्लेम करने से एक दुविधा की शुरुआत हो जाती है। इससे योजना की छवि धूमिल होती है और जनता व अस्पताल का विश्वास डगमगाता है। इससे वास्तविक मरीज जिसे उपचार मिलना चाहिए, अक्सर वंचित रह जाता है। साथ ही अस्पतालों के सही भुगतान में देरी होती है और ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी प्रभावित होते हैं। और अंततः इसका सबसे बड़ा नुकसान गरीब और वंचित परिवार को उठाना पड़ता है, जिनके लिए यह योजना जीवनरेखा है। साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि योजना में अस्पतालों का सही पंजीयन किया जाये और समय-समय पर उनका निरीक्षण किया जाये। शासकीय अस्पतालों द्वारा भी योजना में क्लेम करने के दौरान पूर्ण दस्तावेज़ अपलोड करें जिससे अनावश्यक क्लेम निरस्त न हों। उन्होने आशा जाहिर की कि हमारा राज्य योजना के सकारात्मक मानकों में पूरे देश में प्रथम स्थान पर आए। इस वर्कशॉप में पूरे दिन में विभिन्न बिन्दुओ जैसे, योजना की सामान्य जानकारी, आयुष्मान कार्ड कैसे बनाया जाता है, वय वंदना योजना में आयुष्मान कार्ड कैसे बनाए जाएं,  सही तरीके से क्लेम कैसे किए जाएं, दस्तावेज़ कैसे सही तरीके से बनाए जाएं, लिपिकीय त्रुटि कम से कम हों, योजना में क्या करना चाहिए व क्या नहीं करना चाहिए, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन अंतर्गत आभा आई.डी. का उपयोग एवं कम्प्लांएट सॉफ्टवेयर का उपयोग आदि पर जानकारी दी गई। वर्कशॉप में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा अपनी शंकाओं को रखा गया जिसका समाधान, वक्ताओं द्वारा किया गया है। इस वर्कशॉप में डॉ. सुरेन्द्र पामभोई, संचालक, राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, छत्तीसगढ़, श्री टी.एन. सिंह, राज्य सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, श्री मनीष कोचर, तकनीकी निदेशक, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, डॉ. सुरेन्द्र शुक्ला, चेयरबोर्ड, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया, छ.ग., सुश्री पूजा शुक्ला मिश्रा, संयुक्त संचालक (वित्त), एवं डॉ धर्मेंद्र गहवई, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर, राज्य नोडल एजेंसी, छ.ग., राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार से प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक, जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक एवं अस्पताल सलाहकार एवं जिला रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

फूहड़ता फैलाने वाले गरबा कार्यक्रमों पर लगाएं प्रतिबंध, हिंदू संगठनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

रायपुर राजधानी रायपुर में नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों, दुर्गा पंडालों एवं गरबा नृत्य के आयोजन में मर्यादा बनाए रखने को लेकर हिंदू संगठन बजरंग दल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और नवरात्रि में गरबा के नाम पर फूहड़ता फैलाने वाले आयोजन पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही आयोजन समितियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं. यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो समितियों एवं गैर-धार्मिक तत्वों पर दंडात्मक कार्रवाई करने बजरंग दल प्रतिबद्ध रहेगा. बजरंग दल के पदाधिकारियों ने कहा कि 22 सितंबर से क्वांर नवरात्रि प्रारंभ होने वाली है. नवरात्रि के दौरान शक्ति केंद्रों, मंदिरों एवं दुर्गा पंडालों में भक्त देवी मां को प्रसन्न करने भक्ति और शक्ति के प्रतीक “गरबा नृत्य” का आयोजन करते हैं, यह नृत्य भक्तों की आस्था और भक्ति को व्यक्त करने का एक माध्यम है। मर्यादा में रहकर यह आयोजन होना चाहिए। गरबा के नाम पर फूहड़जा फैलाने वाले आयोजन पर रोक लगनी चाहिए। बजरंग के प्रदेश प्रवक्ता ऋषि मिश्रा ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर नगर में विभिन्न मंदिरों एव दुर्गा पंडालों में गरबा नृत्य का आयोजन किया जाता है. चूंकि ये हिंदुओं का धार्मिक आयोजन है। एक आदर्श गरबा नृत्य के आयोजन के लिए अपनी संस्कृति का ध्यान रखना होगा। गरबा को लेकर जारी किए ये दिशा-निर्देश     गरबा नृत्य का आयोजन किसी भी मंदिर परिसर या दुर्गा पंडालों में ही आयोजित हो, गरबा नृत्य में देवी गीत, धार्मिक गीत, जसगीत ही बजाए जाने की अनुमति हो, किसी भी प्रकार की फिल्मी या अश्लील गाना न बजाया जाए।     आयोजित किए गए गरबा नृत्य में परंपरागत परिधान और वेशभूषा को ही मान्यता प्रदान की जाए।     गरबा में हिन्दू समाज की माताएं-बहनें बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभाती है, अतः उसके सुरक्षा का ध्यान रखते हुए आयोजन समिति को रात्रि 12 बजे तक ही गरबा नृत्य आयोजन की अनुमति प्रदान की जाए।     गरबा नृत्य में आयोजन समिति द्वारा प्रवेश द्वार एवं अन्य व्यवस्था के लिए हिन्दू बाउंसर (बॉडीगार्ड) की ही नियुक्ति हो। पार्किंग की सुविधाजनक व्यवस्था हो, पार्किंग स्थल पर नियुक्त किए गए कर्मचारी भी हिंदू समाज से ही संबंधित हो।     आयोजित गरबा नृत्य में सम्मिलित महिला/पुरुष, लड़ने/लड़कियां गैर हिन्दू समाज से नहीं होना चाहिए।     आयोजित गरवा मैदान स्थल के आसपास किसी भी प्रकार की नशाखोरी एवं मांसाहार भोजन सामग्री का विक्रय केंद्र न हो। दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई बजरंग दल के पदाधिकारियों ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद बजरंगदल रायपुर महानगर की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना किसी भी आयोजन समिति करती है तो विहिप, बजरंग दल रायपुर महानगर अपने स्तर पर समितियों एवं गैर-धार्मिक तत्वों पर दंडात्मक कार्रवाई करने प्रतिबद्ध रहेगा, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान प्रांत से ऋषि मिश्रा, विभाग से रमन नायडू, रवि वाधवानी, जिला मंत्री बंटी कटरे, जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा, रायपुर महानगर के 14 प्रखंडों के कार्यक्रता उपस्थित थे।

भारत रत्न विश्वेश्वरैया को वन मंत्री केदार कश्यप ने किया नमन

अभियंता दिवस के अवसर पर भारत रत्न विश्वेश्वरैया जीवनी का किया उल्लेख रायपुर, भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर अभियंता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने घड़ी चौक में स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया। उन्होंने कहा कि विश्वेश्वरैया ने अपने अद्वितीय योगदान और दूरदर्शी सोच से देश के निर्माण और विकास को नई दिशा दी तथा अभियंताओं की भूमिका और उनके योगदान को याद किया।      मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया एक सिविल इंजीनियर राजनेता और मैसूर के 19वें दीवान थे, जिन्होंने भारत के योगदान में अतुलनीय योगदान दिया। विश्वेश्वररैया की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियां में से एक मांड्या में कृष्ण राजा सागर बांध है। भारत के प्रथम अभियंता विश्वेश्वररैया को वर्ष 1955 में भारत के सर्वाेच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था।       कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, छोटेडोंगर सरपंच श्रीमती संध्या पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मण्डावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्य एवं नगर पालिका के पार्षदगण, सर्वआदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसडीएम अभयजीत मंडावी, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन के अशोक चौधरी, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता विनय वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं सभी विभागीय अभियंता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित दूरदर्शन केंद्र में आयोजित दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए और दूरदर्शन परिवार, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं दर्शकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ी अपनी स्मृतियाँ साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदर्शन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत तथा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री के समक्ष कलाकारों ने गौर नृत्य, बांस गीत, जवारा नृत्य, सुआ नृत्य और गौरी-गौरा जैसे लोकनृत्य प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरदर्शन ने मनोरंजन के साथ-साथ हमें वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारित करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने 1982 में एशियाई खेलों के रंगीन प्रसारण, रामायण और महाभारत जैसे धारावाहिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में दूरदर्शन का जादू ऐसा था कि प्रसारण के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “मिले सुर मेरा तुम्हारा” जैसे गीतों के माध्यम से दूरदर्शन ने देश की एकता और सांस्कृतिक एकरूपता का संदेश दिया। समाचारों की गरिमा और भाषा की शुचिता बनाए रखने में दूरदर्शन की परंपरा सदैव सराहनीय रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरदर्शन के प्रादेशिक केंद्रों ने स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है। रायपुर दूरदर्शन ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रमों और विशेषकर “हमर चिन्हारी” के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुँचाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कृषि दर्शन, महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों और युवाओं के लिए प्रस्तुत विशेष सामग्री के माध्यम से दूरदर्शन ने समाज के हर वर्ग को जोड़ा है। उन्होंने अपनी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सँभालने के बाद “अपनी बात” कार्यक्रम में दिए गए साक्षात्कार को याद करते हुए कहा कि दूरदर्शन हमेशा स्पष्टता से और विस्तारपूर्वक अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाखों हितग्राहियों को मिल रहा है और दूरदर्शन के द्वारा समाज में आने वाले सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी एक व्यक्ति की सफलता की कहानी दूरदर्शन पर प्रसारित होती है, तो वह लाखों लोगों के जीवन को बदलने का सशक्त आधार बनती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दूरदर्शन परिवार को पुनः स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि दूरदर्शन इसी प्रकार आम जनता का मनोरंजन, संस्कार और जागरूकता का प्रमुख माध्यम बना रहेगा। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दूरदर्शन ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी दूरदर्शन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक सशक्त रूप से दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर रायपुर दूरदर्शन केंद्र के उप महानिदेशक संजय कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी प्रवीण महादेव थिप्से की मुख्यमंत्री साय से मुलाकात

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत के अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी एवं ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने थिप्से की खेल प्रतिभा और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनकी प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया सहित संघ के अन्य पदाधिकारी  उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रवीण महादेव थिप्से शतरंज में ग्रैंडमास्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हैं और राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।