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खेती में आधुनिक तकनीक: ड्रोन से हो रहा नैनो यूरिया का छिड़काव

रायपुर, प्रदेश में किसान खेती-किसानी में नई तकनीकों को अपना रहे हैं। महासमुंद जिले के ग्राम जोगनीपाली में शनिवार को किसानों के बीच ड्रोन तकनीक के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव कर प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर अधिकारीयों ने किसानों को पारंपरिक यूरिया के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया के लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। किसानों को नैनो यूरिया के प्रयोग से लागत में कमी, मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि और पर्यावरणीय लाभों के बारे में अवगत कराया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ किसान श्री अमृत पटेल, भोगलाल चौधरी, नेहरू चौधरी, चुम्बन लाल, बाबूलाल चौधरी, फागु लाल, शिवप्रसाद, वासुदेव साहू, गणेश साहू सहित लगभग 30 किसान उपस्थित रहे।

गुप्त ठिकाने पर चल रहा था जुआ, पुलिस ने दबिश देकर 11 बड़ी हस्तियों को पकड़ा

दुर्ग बावन परियों के साथ शहर के धन्ना सेठों के खेलने की खबर पर वैशाली नगर और भिलाई नगर पुलिस टीम की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की. मौके से 11 लोगों को छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर 10 नग मोबाइल के साथ नगद 2,18,000 रुपए जब्त किया गया. जानकारी के अनुसार, पुलिस को 23 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली कि रामनगर जलाराम केटर्स के पीछे कुछ लोग पैसे लगाकर ताश पत्ती खेल रहे हैं. इस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल थाना वैशालीनगर और भिलाई नगर की टीम के साथ नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर ने छापामार कार्रवाई की. पुलिस को देखकर जुआ खेल रहे आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन चाक-चौबंद पुलिस ने घेराबंदी कर सभी जुआरियों को पकड़ लिया. पकड़े गए बावन परियों के शौकिनों में खुर्सीपार निवासी गोपाल कुमार अग्रवाल, स्मृति नगर निवासी प्रदीप लाया, वैशाली नगर निवासी एके जैन, दुर्ग निवासी बुधराम निर्मलकर, जामुल निवासी मनोज सिंह, वैशाली नगर निवासी पवन कुमार, स्मृति नगर निवासी अनूप कुमार धौटे, मोहन नगर निवासी शंक गेडवानी, वैशाली नगर निवासी विनोद अग्रवाल, जामुल निवासी रोहन अग्रवाल और वैशाली नगर निवासी राजेश शामिल हैं. बताया गया कि आरोपीगणों के कब्जे से 10 मोबाइल, 52 पत्ती ताश और नगदी 218000 रुपए को समक्ष गवाहों के जब्त किया गया. आरोपीगणों के विरूद्ध थाना वैशाली नगर में अपराध क्रमां- 284/2025, धारा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया जाकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.

नक्सलियों को तगड़ा झटका! कोईमेंटा जंगल से मिला विस्फोटक डंप

सुकमा नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर मेट्टागुड़ा कैंप से जवानों की टीम नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों के खुफिया डंप को बरामद कर बड़ी सफलता हासिल हुई है. नक्सलियों के छिपाए गए कंट्रीमेड रायफल, विस्फोटक और भारी मात्रा में लोहे की सामग्री सुरक्षाबलों ने बरामद की है. जानकारी के मुताबिक, 23 अगस्त को जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद 203 कोबरा वाहिनी, 241 बस्तर बटालियन सीआपीएफ और जिला बल की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए ग्राम बोटेलंका, ईरापल्ली, कोईमेंटा पहाड़ी, दारेली व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुई. अभियान के दौरान कोईमेंटा पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा डंप कर कंट्रीमेड हथियार और अन्य नक्सल सामग्राी को बरामद किया गया.   नक्सल डंप से क्या-क्या मिला ? बरामदगी के दौरान जवानों को नक्सलियों के डंप से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली है. इसमें कंट्रीमेड रायफल, बीजीएल लांचर और उसका बैरल, यूएवी नेत्रा का टूटा हुआ प्रोपेलर, इलेक्ट्रिक होल्डर वेल्डिंग, बैंच वाइस और स्टील पाइप शामिल है. इसके अलावा 7 लोहे के छड़, करीब 2 किलो वजनी 45 लोहे के बेस प्लेट, 8 किलो के 47 पोल एंगलर और लगभग 480 भारी-भरकम आयरन क्लैंप बरामद किए गए. वहीं 35 ग्राउंड सपोर्टर, 1 किलो, 18 और 12 इंच के दर्जनों क्लैंप, एक टी-टाइप क्लैंप, काला वर्दी, एम्युनेशन पाउच और टूटी हुई इन्वर्टर बैटरी भी मिली. मौके से करीब 20 मीटर इलेक्ट्रिक वायर और एक इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड भी जब्त किया गया.

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को मिल रही राहत

कोनी निवासी रमेश साहू का बिजली बिल हुआ शून्य रायपुर, केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब उपभोक्ताओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला रही है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ लेने आगे आ रहे हैं। ऐसे ही बिलासपुर जिले के ग्राम कोनी के निवासी श्री रमेश साहू ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। इसके बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।इस अभिनव योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का आभार जताया है। कोनी में रहने वाले श्री रमेश साहू बताते हैं कि उनके घर पर बिजली की खपत काफी अधिक थी प्रतिमाह आने वाले बिजली के बिल से उन्हें बड़ा आर्थिक भार झेलना पड़ता था। सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया जिसकी लागत करीब दो लाख रुपए थी। इस प्लांट पर उन्हें केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है, जबकि राज्य सरकार से मिलने वाली 30 हजार रुपये की सब्सिडी भी शीघ्र मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें बिजली बिल की चिंता से मुक्ति मिल गई है।अब उन्हें किसी तरह का बिल नहीं भरना पड़ रहा। एक बार निवेश करने पर 25 वर्षों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और इस पर कोई विशेष मेंटेनेंस खर्च भी नहीं है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यह योजना बड़ा कदम है। श्री साहू ने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी इस योजना का लाभ उठाएं और सौर ऊर्जा को अपनाकर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनें। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही सरकार 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है। योजना में घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की सुविधा मिलती है जिससे बनने वाली खपत से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर बिजली उत्पादक भी बना जा सकता है। योजना के तहत ऋण का भी प्रावधान है जिसमें एक बार निवेश पर 25 वर्षों तक मुफ्त और सतत बिजली पाई जा सकती है।

बेलबहरा विद्यालय का एनसीईआरटी नई दिल्ली एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण

संकुल स्तरीय सामाजिक अंकेक्षण एवं एसएमडीसी के सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न एमसीबी/बेलबहार  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा का नई दिल्ली एनसीआरटी से मनोवैज्ञानिक करियर काउंसलिंग एवं गाइडलाइंस विभाग से आए अशोक कुमार तथा जिला शिक्षा अधिकारी राम प्रसाद मिरे द्वारा विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के के दौरान विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियां , प्रयोगशाला, पुस्तकालय, आईसीटी लैब, कक्षा – कक्ष तथा विद्यार्थियों की अध्ययन स्थिति का मूल्यांकन किया गया। प्रोफेसर श्री कुमार ने विद्यार्थियों को कैरियर मार्गदर्शन तथा मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए सुझाव दिए। जिला शिक्षा अधिकारी आरपी मिरे द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर बल दिया गया। अधिकारियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं अनुशासन को संतोषजनक एवं उत्तम पाया गया। विशेष रूप से विद्यालय द्वारा प्रदान की जा रही शिक्षा की गुणवत्ता को सराहनीय एवं उत्कृष्ट बताया गया। प्राचार्य बलराज पाल एवं शालेय परिवार  द्वारा सभी आगंतुकों का स्वागत किया गया। उनके सुझावों का विद्यालय विकास में उपयोग करने का आश्वासन दिया गया  जिला शिक्षा अधिकारी श्री मिरे द्वारा द्वारा 12वीं साइंस के छात्र-छात्राओं को कक्षा बोर्ड में ही विषय वस्तु को विस्तार से समझाया गया तथा सभी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं उच्च संस्था के बारे में भी बतलाया गया उन्होंने कहा कि पढ़ाई को निरंतर जारी रखते हुए सभी छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा को अवश्य प्राप्त करें जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो सके। सभी छात्र-छात्राएं अपने लक्ष्य अवश्य बनाएं एवं उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अहर्निश मेहनत करें उन्होंने 12वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में आने के लिए विशेष टिप्स के साथ सभी छात्रों को नोट्स बुक तैयार कर ब्लूप्रिंट के माध्यम से पढ़ने के लिए  प्रेरणा दी। तत्पश्चात एसएमडीसी के सदस्यों का संकुल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सक्रिय सदस्यों ने सहभागिता निभाई तथा इस प्रशिक्षण में संकुल स्तर के  प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठक तथा संकुल सदस्यगण उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया, उद्देश्य एवं शाला स्तर पर पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। संकुल प्राचार्य  श्री पाल ने  बताया कि सोशल ऑडिट केवल लेखा-जोखा की जाँच भर नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास है जिसमें विद्यालय की गुणवत्ता सुधार और शैक्षिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि सामाजिक अंकेक्षण से अभिभावकों एवं समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल दुबे, पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी डीपी मिश्रा, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आरसी राजवाड़े, सीएसी धर्मेंद्र पैकरा सहित  व्याख्यातागण माता प्रसाद द्विवेदी, सुधा शुक्ला, सुषमा टोप्पो,  सुनीता मिश्रा, निर्मला अग्रवाल, कमलेश पांडे, अश्विनी कुमार दुबे, नित्यानंद द्विवेदी, जयंत देवांगन, माया वर्मा, मंजू बघेल, शोभा जायसवाल तथा सहायक शिक्षक सुनीता यादव, विशाल ठाकुर, अभिलाष पांडे सहित संकुल स्तर के शिक्षक गण तथा पालकगण उपस्थित थे।

कलेक्टर का बड़ा फैसला: गणेश चतुर्थी की छुट्टी रद्द

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कलेक्टर ने गणेश चतुर्थी का अवकाश रद्द कर दिया है. कलेक्टर एस जयवर्धन ने आदेश जारी कर 27 अगस्त यानि गणेश चतुर्थी को पूर्व में घोषित अवकाश को रद्द कर दिया है. साथ ही तीन सितंबर को मनाए जाने वाले करमा जिसे ढोल ग्यारस भी कहा जाता है को स्थानीय अवकाश घोषित किया है. बता दें कि इससे पहले सरकार ने नवरात्रि महाअष्टमी का अवकाश निरस्त किया था और उसके बदले नुआखाई को स्थानीय अवकाश घोषित किया है. 30 सितंबर महाअष्टमी के बदले 28 अगस्त को नुआखाई (ऋषि पंचमी) के मौके पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है.

जन-सेवा ही संकल्प : रेणुका सिंह

एमसीबी/खोंगापनी     विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के निर्देश पर क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों को लगातार सहयोग पहुँचाया जा रहा है। आज नगर पंचायत खोंगापानी एवं नई लेदरी के जरूरतमंद परिवारजनों को स्वेच्छानुदान की राशि प्रदान की गई। वहीं आगे केल्हारी एवं जनकपुर में भी अनुदान राशि वितरित की जाएगी। रेणुका सिंह ने कहा “मैं अपने क्षेत्रवासियों के हर सुख-दुख में शामिल हूँ। मुझे आमजनों की चिंता हमेशा रहती है और मेरा प्रयास यही रहेगा कि उनके लिए कुछ बेहतर कर सकूँ।” प्रदेश सरकार की यही मंशा है कि “हर जरूरतमंद तक समय पर सहयोग पहुँचे और कोई भी परिवार अकेला महसूस न करे।” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सुशासन की सरकार इस संकल्प को धरातल पर उतार रही है। इस अवसर पर नगर पंचायत नई लेदरी के अध्यक्ष वीरेंद्र राणा, हसदेव मंडल अध्यक्ष बबीता सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

शादी के एक साल बाद हत्या: पत्नी की जान लेने के बाद पति ने खुद थाने में किया समर्पण

दुर्ग जिले के भिलाई में तीजा पर्व से पहले सनसनीखेज वारदात हुई है. महिला और उसके पति के बीच शनिवार की रात घरेलू विवाद हुआ था. झगड़ा इतना बढ़ा कि पति ने अपनी ही पत्नी का गला दबाकर बेरहमी से कत्ल कर दिया. घटना से परिवार में पर्व की खुशियों का माहौल शोक में तब्दील हो गया है. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति सीधे थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया. यह सनसनीखेज वारदात नेवई थाना क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव के खपरी की निवासी मृतिका दीक्षा दुबे की उम्र करीब 20 साल थी, उसका भाई आईटीबीपी में जवान है. दीक्षा और मरोदा सेक्टर निवासी एकल तिवारी की शादी 1 साल पहले हुई थी. आरोपी पति फ्लोर मिल चलाने और पूजा-पाठ कराने का काम करता है. शनिवार रात को पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जो इतना बढ़ गया कि एकल ने अपनी पत्नी दीक्षा की गला दबाकर हत्या कर दी. थाने पहुंचकर किया सरेंडर आरोपी पति एकल दुबे ने खुद थाने पहुंचकर पुलिस को पूरा मामला बताया और सरेंडर कर दिया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति एकल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया. वहीं घर से मृतिका के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना को लेकर मृतिका की मां और बड़े पिता ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

टोक्यो-ओसाका रूट पर बुलेट ट्रेन में सीएम साय ने किया सफर

रायपुर  जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्व प्रसिद्ध बुलेट ट्रेन का अनुभव लिया. सीएम साय टोक्यो से ओसाका तक बुलेट ट्रेन में यात्रा करते नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया पर इस यादगार सफर का वीडियो भी शेयर किया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में जापान दुनिया का अग्रणी देश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत भी बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से कार्य कर रहा है. इसके साथ ही वंदे भारत ट्रेन आधुनिक भारत की नई पहचान बन चुकी है. बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर गया है. इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है. टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा. इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे. दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहां निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे. वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है. इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियां स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. विकास और निवेश को नई गति विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे. यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है. मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव रजत कुमार, सचिव राहुल भगत, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई अधिकारी इस दौरे में शामिल हैं.

विलेज ऑफ आर्मी: छत्तीसगढ़ का वो गांव, जहां सेना बनना है परंपरा

किरीत ये गांव है वीर जवानों का,अलबेलों का,मस्तानों का… इस गांव का यारों क्या कहना… जी हां!छत्तीसगढ़ में एक गांव है किरीत,जहां की माटी वीर सपूतों को जन्म देती है। यहां ऐसा कोई घर नहीं है जहां के युवा फौज में न हो। यहां के युवाओं में देशप्रेम की भावना कूटकूट कर भरी हुई है। इस गांव के 100 से अधिक युवा थल सेना में अलग-अलग पदों पर रहते हुए सीमा पर तैनात हैं। इसके अलावा पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ जैसे विंगों में भी गांव के युवक सेवा दे रहे हैं। देश सेवा का जुनून और फौज में भर्ती होने का यह सिलसिला चार दशक पहले शुरू हुआ था, जो अब तक चल रहा है। किरीत गांव के ग्राम पटेल लक्ष्मण प्रसाद चंद्रा बताते हैं कि 6 जून 1985 को सबसे पहले गांव के युवा ध्यानचंद्र चंद्रा की थल सेना में भर्ती हुई थी। ध्यानचंद्र को तब इस बात का जरा भी अंदाज नहीं था कि युवाओं में देशप्रेम का उनके द्वारा जगाया जज्बा इतना प्रभावी होगा कि किरीत का नाम पूरे छत्तीसगढ़ में अदब से लिया जाएगा। प्रदेश का यह पहला गांव है… जहां इतनी बड़ी संख्या में युवा देश की सेवा कर रहे हैं। देशसेवा की दीवानगी यहां के युवाओं में कुछ ऐसी है कि दिन रात हाड़तोड़ मेहनत करते हैं। सुबह से लेकर शाम तक युवाओं को दौड़ लगाते देख सकते हैं। हर साल 6 से 7 युवाओं की भर्ती सेना में हो रही है। प्रवेशद्वार पर लिखा ‘सैनिक नगर’ गांव के रजनीश कुमार खुंटे ने बताया कि देश सेवा के प्रति गांव के लोगों में इस कदर का जुनून आपने कहीं नहीं देखा होगा। देश और प्रदेश में गांव को सैनिक नगर के नाम से जाना जाता है। गांव की मिट्टी के कण-कण में देश सेवा का जज्बा है, जिसके चलते सौ से ज्यादा सेना के जवान देश सेवा में लगे हुए हैं। गांव के प्रवेश द्वार पर सैनिक नगर लिखा हुआ है। हमारे गांव के हर युवा का सपना है कि वह आर्मी में भर्ती हो और गांव के इस ख्याति को बनाए रखें। हमारे गांव किरीत को सैनिक का गांव भी कहते हैं। हमारे गांव ने पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी और जांजगीर-चांपा जिले की अलग पहचान बनाई है। आर्मी में हर साल 6 से 7 युवा जाते हैं ग्रामीण सीताराम साहू बताते हैं कि गांव की आबादी लगभग 4 हजार के आसपास है। गांव के बच्चों में बचपन से ही देश प्रेम और देशभक्ति का जुनून देखने को मिलता है। देश सेवा करने का सपना… सपने को साकार करने का जुनून युवाओं में आपको दिखेगा। गांव के ग्राउंड में ही युवा अपने सपनों को पंख लगाने मेहनत करते दिख जाएंगे। आर्मी की नौकरी से रिटायर होने वाले युवा अब दूसरी जगहों पर नौकरी कर रहे हैं। डिप्टी कलेक्टर जैसे पद पर सेवा दे रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 40 साल से हर साल 6 से 7 सैनिक गांव से चयनित होते हैं। सेना के अलावा पुलिस, सीआरपीएफ में भी गांव के युवा नौकरी कर रहे हैं।