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मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ

रायपुर : प्रकृति और संस्कृति का संगम है जशपुर : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ जशपुर जम्बूरी से जिले के पर्यटन को मिल रही नयी पहचान, नए सीजन का आयोजन 06 से 09 नवंबर तक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने   मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में पर्यटन एवं कृषि क्रांति का शुभारंभ किया। जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति इको टूरिज्म और होमस्टे से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम जशपुर के स्व सहायता समूह और किसानों को  इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास, एस एस पी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, सुनील गुप्ता, मुकेश शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर सबका साथ सबका विकास को चरितार्थ किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्व सहायता समूह और युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने कहा कि नए दायित्वों और जिम्मेदारियों की वजह से अब ज्यादातर समय मुझे जशपुर से बाहर रहना पड़ता है, लेकिन जशपुर निरंतर आता रहूंगा और विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जशपुर जम्बूरी के जरिए जशपुर को पर्यटन के नक्शे पर नयी पहचान दिलाने की पहल की गई है। वर्ष 2024 में हुए जशपुर जम्बूरी में हमारे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने और उस अवसर का गवाह बनने पहुँचे। जशपुर जम्बूरी में न सिर्फ ईको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट के लिए लोगों ने नया महौल दिया, बल्कि जनजातीय परम्पराओं से भी रूबरू कराया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों का मेला और जनजातीय नृत्यों ने पर्यटकों को आकर्षित किया, जिससे स्थानीय कारीगरों और गाइड्स को रोजगार मिला।  मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर जशपुर जम्बूरी के नए सीजन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें आगामी 6 से 9 नवम्बर तक देश, दुनिया के लोग यहाँ पहुँचकर रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों से परिचित हो पाएँगे। जशपुर की मिट्टी की खुशबू को जीवंत करने के लिए कर्मा, सरहुल जैसे जनजातीय नृत्य के साथ गोदना कला, काष्ट शिल्प और लौह शिल्प जैसे हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और लोकनाट्य पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। इससे न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और प्रसार होगा, बल्कि स्थानीय कला और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। जशपुर जम्बूरी एक ऐसा उत्सव है जो प्रकृति, संस्कृति और विकास को एक सूत्र में पिरोता है। यह आयोजन जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ पेश करता है। जशपुर जंबूरी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम भी है।  उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत मयाली नेचर कैंप में बोटिंग, कैक्टस गार्डन और टेंट सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। यहाँ के पर्यटक स्थल अब बेहतर सुविधाओं से सजे हैं, मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ को गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है जो जशपुर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम टूरिज्म सेक्टर को एक उद्योग के रूप में देख रहे हैं, जिससे स्थानीय उद्यमशीलता बढ़ेगी। राज्य में होम-स्टे नीति लागू की है ताकि पर्यटक जनजातीय संस्कृति को जानना-समझना चाहते हैं। उनके भीतर आदिवासी संस्कृति, परम्पराओं, उनके खान-पान, रहन-सहन को लेकर एक जिज्ञासा और उत्सुकता रहती है। ऐसे में होम-स्टे छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नयी अवधारणा है, जिसमें स्थानीय समुदायों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहा है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जशपुर जम्बूरी जैसे उत्सव से स्थानीय होम-स्टे, गाइड्स और शिल्पकारों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जशपुर जम्बूरी को एक वार्षिक महोत्सव के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी जशपुर आकर्षण का बड़ा केन्द्र बन पाए। जीआईएस (GIS) मैपिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जशपुर की पहुँच बढ़ेगी।   यहाँ युवाओं और पर्यटन से जुड़े सभी लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकें।  कार्यकम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत और जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने भी संबोधित किया और जशपुर के विकास, पर्यटन के क्षेत्र और कृषि क्रांति की विस्तार से जानकारी दी।      दूसरी जम्बूरी 6 से 9 नवम्बर तक, पहली 2024 में हुई जशपुर जम्बूरी जशपुर की वादियों और झरनों के बीच हर साल एक ऐसा उत्सव मनाया जाता है, जो केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि इस जिले की आत्मा का अनुभव है। जशपुर जम्बूरी ने 2024 में अपनी शानदार शुरुआत की और अब 2025 में एक और भव्य रूप में लौट रहा है। 2024 में आयोजित पहली जशपुर जम्बूरी ने रोमांच, संस्कृति और समुदाय का ऐसा संगम पेश किया, जिसने देशभर से प्रतिभागियों को आकर्षित किया। झारखंड, ओडिशा, रायपुर और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से आए लोगों ने इस उत्सव में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने रानी दाह, टी-गार्डन और जशपुर संग्रहालय जैसे स्थलों की सैर कर इतिहास और संस्कृति को करीब से महसूस किया। फ़ूड लैब ने स्थानीय व्यंजनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर सबका दिल जीता। सरहुल और कर्मा नृत्य की प्रस्तुतियों ने जनजातीय परंपराओं की गहराई दिखाई। चार दिन रोमांचक गतिविधियों, सांस्कृतिक रंग और सामुदायिक मेलजोल के नाम रहे। इस आयोजन ने जशपुर को ईको-टूरिज़्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स का नया गंतव्य बना दिया। दूसरी जशपुर जम्बूरी 2025 नये अनुभवों की ओर अब यह उत्सव और बड़े स्वरूप में वापस आ रहा है। 6 नवम्बर से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाला जशपुर जम्बूरी 2025 रोमांच, … Read more

नरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगात

रायपुर नरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगातनरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगातनरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के नरहरपुर में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में आदिवासी समाज के ईष्ट आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति में आदिवासी विकास को प्राथमिकता देते हुए बस्तर सहित सरगुजा को विशेष तौर पर फोकस किया गया है, ताकि यहां के निवासियों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें अधिकतम लाभ दिलाया जा सके। ब्लॉक मुख्यालय नरहरपुर के उन्मुक्त खेल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने आदिवासी समाज के ईष्ट देवी-देवताओं का जयघोष करते हुए उपस्थित लोगों को ठाकुर जोहारनी और नवाखाई की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की यह अनूठी परंपरा आगे भी जीवित रहनी चाहिए और समाज की एकजुटता हमेशा बनी रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा आगे बढ़ें, सुशिक्षित बनें, इसके लिए पूरे प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। उन्होंने बताया कि आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईआईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षण संस्थाएं प्रदेश में संचालित हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी तरह प्रयास और एकलव्य जैसे श्रेष्ठ संस्थानों के माध्यम से भी लगातार सुधार के प्रयास हो रहे हैं। दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित है और प्रदेशभर में नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों को माओवाद के विरुद्ध अभियान में लगातार बड़ी सफलताएँ मिल रही हैं। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक माओवाद के खात्मे का संकल्प दोहराया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से पशुपालन, मुर्गीपालन जैसी रोजगारमूलक गतिविधियों से लोगों को जोड़ने का कार्य प्रदेश सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, चरणपादुका वितरण, रामलला दर्शन योजना सहित ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से आदिवासियों के सतत् और समग्र विकास को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारा उत्सव का कार्यक्रम है। जल, जंगल, जमीन और अपनी परंपराओं, लोकनृत्य, गीत, मांदर और मृदंग के साथ जीने वाले आदिवासियों की अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा और अधिकारों के प्रति सजग रहना नितांत आवश्यक है।  कार्यक्रम को सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम सहित गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग, जिला अध्यक्ष राजेश भास्कर तथा राजाराम तोड़ेम ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नरहरपुर क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएँ भी कीं। इनमें 30 करोड़ की लागत से बागोड़ एनीकट का निर्माण, नरहरपुर में 132 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापना हेतु 30 करोड़ रुपये, नरहरपुर में मावा मोदोल लाइब्रेरी के लिए 20 लाख रुपये, ग्राम ढोढ़रापहार में गोंडवाना सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, नरहरपुर में मोबाइल टॉवर की स्थापना, नरहरपुर में सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह निर्माण के लिए 80 लाख रुपये और नरहरपुर विकासखंड के गोंडवाना समाज के सभी 12 मुड़ा क्षेत्रों में 12 टीन शेड निर्माण हेतु 10–10 लाख रुपये के मान से कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम धनेसरा में गोंडवाना समाज द्वारा संचालित जंगोरायतार इंग्लिश मीडियम स्कूल हेतु आवश्यक सहयोग की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, नगरपालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी और समाज के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मंत्री राजवाड़े ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण उन्मूलन और आंगनबाडियों के व्यवस्थित़ संचालन पर दिए कड़े निर्देश

रायपुर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण उन्मूलन और आंगनबाडियों के व्यवस्थित़ संचालन पर दिए कड़े निर्देशयोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण उन्मूलन और आंगनबाडियों के व्यवस्थित़ संचालन पर दिए कड़े निर्देश महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बलरामपुर जिले के संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा कर अधिकारियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शिता के साथ मिले। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल विवाह रोकथाम की दिशा में गंभीर पहल करने पर जोर देते हुए कहा कि किशोरी बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देकर जागरूक बनाया जाए, ताकि राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल हो सके। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि केंद्र नियमित समय पर खुलें, बच्चों की उपस्थिति और पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने केंद्रों की साफ-सफाई, अध्यापन व्यवस्था और पोषण वाटिका व रेडी-टू-ईट वितरण की भी समीक्षा की। कुपोषण उन्मूलन पर विशेष जोर देते हुए मंत्री ने एनआरसी सेंटरों के सुचारू संचालन और कुपोषित बच्चों को नियमित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रधानमंत्री जनमन अंतर्गत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर कार्य शीघ्र पूर्ण करने, रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित करने और आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल देते हुए श्रीमती राजवाड़े ने सक्षम योजना की समीक्षा कर महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने की बात कही। बैठक में महतारी वंदन योजना, चाइल्डलाइन, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, सखी वन स्टॉप सेंटर सहित विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने और विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी दिए। बैठक में समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, बलरामपुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्रीमती विस्मिता पाटले, प्रभारी उप संचालक समाज कल्याण विभाग सुस्टेला खलखो सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मंत्री राजवाड़े ने बाल गृह में बच्चों संग किया संवाद, वृद्धाश्रम में बांटा अपनापन

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बलरामपुर में विभिन्न संस्थाओं का किया निरीक्षण मंत्री राजवाड़े ने बाल गृह में बच्चों संग किया संवाद, वृद्धाश्रम में बांटा अपनापन मंत्री राजवाड़े ने सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण रायपुर सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षणसखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंत्री ने बाल गृह, वृद्धाश्रम, सखी सेंटर और नशामुक्ति केंद्र का दौरा कर बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात की तथा अधिकारियों को संस्थानों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बालगृह में बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। बच्चों ने पढ़ाई और खेलों से जुड़े सवालों के उत्साहपूर्वक जवाब दिए तथा सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन भी किया। मंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों के कक्ष, रसोई और स्वास्थ्य-देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर सुधारात्मक सुझाव दिए। सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण वृद्धाश्रम पहुंचकर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने वहां आश्रित बुजुर्गों से आत्मीयता से भेंट की और उनके खानपान व स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों की देखभाल परिवारिक वातावरण में हो, इसके लिए संस्थान को हरसंभव प्रयास करने चाहिए। सखी सेंटर में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने महिलाओं को आपातकालीन सहायता, हिंसा से सुरक्षा और त्वरित मदद की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से संवाद कर सेंटर की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण नशामुक्ति केंद्र में नशा पीडि़तों से मिलकर मंत्री ने उनके स्वास्थ्य और पुनर्वास की स्थिति जानी। पीडि़तों ने बताया कि केंद्र में आकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्रीमती राजवाड़े ने उन्हें योग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि नशा छोड़कर स्वरोजगार की दिशा में बढ़ें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें। निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग  की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल, अपर कलेक्टर अभिषेक गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी आपकी सफलता : मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज बलरामपुर जिले के चयनित 26 अग्निवीरों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, गांव और जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अग्निवीर योजना युवाओं को सेना में शामिल होकर देशसेवा का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम की भावना से ही सफलता की नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सेना में शामिल होकर ये युवा सीमाओं की रक्षा करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे। इस अवसर पर बलरामपुर जिले के चयनित अग्निवीरों में पिंकू पैकरा, जिन्दल, विकाश पैकरा, प्रकाश सिंह, खेल साय, आर्यन, देव नंन्दन पन्ना, नरेन्द्र यादव, रंजीत केरकेट्टा, रमेश पैकरा, प्रियांशु, सनोज, निकिता नरसिंह, शशि किरण, सोहन लाल, महेन्द्र पैकरा, मिथलेश पैकरा, छोंटू, बज्जू पैकरा, पंकज, विवेक पैकरा, विधायक पैकरा, किशुन पैकरा, सोभनाथ पैकरा, अमित कुजूर और एंजेल लकड़ा शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने अतिथि शिक्षक सुदर्शन यादव और उनकी टीम के निःशुल्क सेना भर्ती प्रशिक्षण के उल्लेखनीय प्रयासों की भी सराहना की। उनके प्रशिक्षण से लाभान्वित 30 युवाओं में से 26 युवा अग्निवीर भर्ती में चयनित हुए हैं।

CM साय का नरहरपुर को बड़ा तोहफ़ा: 75.31 करोड़ के 11 विकास कार्यों का भूमिपूजन

क्षेत्रवासियों को मिली विभिन्न विकास कार्यों की सौगात रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड मुख्यालय में आयोजित गोंडवाना समाज के “ठाकुर जोहारनी“ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नरहरपुर क्षेत्र में 75 करोड़ 31 लाख 72 हजार रुपए की लागत वाले 11 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन निर्माण कार्यों में अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग ( लंबाई 16 कि.मी.) के चौड़ीकरण कार्य पर 40 करोड़ 22 लाख 71 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी भैंसमुण्डी से झलियामारी मार्ग (लंबाई 4.67 कि.मी.) पर 4 करोड़ 90 लाख 16 हजार रुपये का कार्य शामिल है। साथ ही नरहरपुर हाई स्कूल बिरनपुर, नावडबरी और रावस में तीनों स्कूल भवन निर्माण कार्यों पर 75.23-75.23 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कार्य शामिल है।  इसी तरह नरहरपुर टूरी व्यपवर्तन योजना के तहत नहर का जीर्णाेद्धार एवं लाइनिंग कार्य हेतु (8 करोड़ 94 लाख 51 हजार रू.), पैरी नदी पर धनेसरा एनीकट निर्माण (4 करोड़ 82 लाख 54 हजार रू.), सिहारी नाला तालाब एवं नहर कार्य का जीर्णाेद्धार व शूटफॉल निर्माण (3 करोड़ 84 लाख 12 हजार रू.), बागोड़ एनीकट दायीं तट पर बाढ़ नियंत्रण कार्य (4 करोड़ 31 लाख 90 हजार रू.) तथा कोचवाही नाला एनीकट निर्माण (4 करोड़ 37 लाख 33 हजार) के लिए राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री साय ने 1 करोड़ 62 लाख 76 हजार रुपये के लागत वाले आदिवासी बालक आश्रम चरभट्टी भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

रायपुर : मुख्यमंत्री का नरहरपुर आगमन पर किया गया आत्मीय स्वागत

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का आज कांकेर जिले के नरहरपुर पहुंचने पर हेलीपैड में जनप्रतिनिधियों, आदिवासी समाज के पदाधिकारियो और प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, विधायक कांकेर आशाराम नेताम, पुलिस उप महानिरीक्षक अमित तुकाराम कांबले, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने पारंपरिक रीति रिवाज के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।

राजिम-रायपुर के बीच नई MEMU ट्रेन सेवा 18 सितंबर से, सीएम साय करेंगे उद्घाटन

रायपुर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन पर राजधानी रायपुर से नवा रायपुर अटल नगर, अभनपुर होते हुए अब मेमू ट्रेनें 18 सितंबर से राजिम तक चलेंगी. रेलवे ने राजिम-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा को मंजूरी दे दी है. वहीं, रेलवे द्वारा मेमू ट्रेन सेवा की समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है. रायपुर-राजिम मेमू ट्रेन सेवा का वाणिज्यिक ठहराव मंदिरहसौद, सीबीडी, केन्द्री, अभनपुर, मानिकचौरी व राजिम में होगा. रायपुर रेल मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक बजरंग अग्रवाल व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी ने शनिवार को राजिम स्टेशन पर राजिम रायपुर के बीच 18 सितंबर से रेल सेवा शुभारंभ करने की रूपरेखा निर्धारित की. उन्होंने स्टेशन पर पार्किंग, स्टेज, आगंतुकों का आवागमन तथा मुख्य अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया. अधिकारियों के मुताबिक 18 सितंबर को सुबह 11 बजे राजिम रायपुर रेल सेवा आरंभ होगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को राजिम से रवाना करेंगे. इस मौके पर सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय लोग मौजूद रहेंगे. छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक व पर्यटन स्थल राजिम के ब्रॉड गेज नेटवर्क से जुड़ने से इस क्षेत्र की सीधी रेल पहुंच बड़े शहरों से स्थापित होगी. इससे न केवल यात्रियों को तेज, सुरक्षित व सुविधाजनक यात्रा विकल्प उपलब्ध होंगे. बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, कृषि, तीर्थाटन और पर्यटन को भी नए अवसर मिलेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी. राजिम-रायपुर ट्रेन का समय नई रायपुर-राजिम मेमू ट्रेन की समय सारिणी नई रायपुर-राजिम मेमू ट्रेन रायपुर स्टेशन से 4.45 बजे रवाना होकर 05:03-05:05 बजे मंदिर हसौद, 05:15-05:16 बजे सीबीडीपीएच, 05:30-05:32 बजे केंद्री, 05:43-05:45 बजे अभनपुर, 05:56-05:57 बजे मानिकचौरी, 06.20 बजे राजिम पहुंचेगी. इसी प्रकार राजिम रायपुर मेमू ट्रेन 06.45 बजे राजिम से रवाना होकर, 06:59-07:00 बजे मानिकचौरी पीएच, 07:13-07:15 बजे अभनपुर, 07:26-07:28 बजे केंद्री, 07:41-07:42 बजे सीबीडी, 07:53-07:55 बजे मंदिर हसौद, 08:20 बजे रायपुर पहुंचेगी.

पुलिस की बड़ी छापेमारी: रायपुर Nude Party कांड में सात आरोपी गिरफ्तार

रायपुर राजधानी रायपुर में प्रस्तावित स्ट्रेंजर हाउस/पूल पार्टी का पुलिस ने बड़ा राजफाश किया है। सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से प्रचारित किए जा रहे इस इवेंट को आयोजित करने वाले सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। सोशल मीडिया से मिली जानकारी 13 सितम्बर को पुलिस को सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि APARICHIT CLUB PRESENT RAIPUR'S BIGGEST STRANGERS HOUSE/POOL PARTY के नाम से 21 सितम्बर को शाम 4 बजे से देर रात तक वीआईपी रोड स्थित किसी फार्म हाउस या क्लब में पार्टी आयोजित की जाएगी। इस पार्टी को लेकर इंस्टाग्राम पर अपरिचित क्लब नाम से पेज बनाकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया और तेलीबांधा थाने में अपराध दर्ज किया। इसमें धारा 4 स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध अधिनियम, धारा 67 आईटी एक्ट एवं धारा 79 भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। साइबर टीम ने किया तकनीकी विश्लेषण वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर साइबर विंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेब पोर्टल पर वायरल हो रहे पोस्टर व मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में आयोजन से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बैंक ट्रांजेक्शन पर भी जांच पुलिस ने बताया कि इस इवेंट में प्रवेश के लिए कई युवाओं ने बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की थी। ऐसे सभी खातों और लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह आयोजन अश्लील गतिविधियों और अवैध पार्टी को बढ़ावा देने की कोशिश थी, जिस पर सख्ती से रोक लगाई गई है। अधिकारियों ने दी चेतावनी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में इस तरह की अवैध पार्टियों या आयोजनों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई युवाओं को भटकाने वाले आयोजकों के खिलाफ एक बड़ा संदेश है। गिरफ्तार सभी आरोपितों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस आगे भी इस प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

नाबालिग ने रची थी लूट की योजना, खाद व्यापारी की दुकान में काम करने वाला मास्टर माइंड गिरफ्तार

जांजगीर नैला में 6 सितंबर की रात खाद व्यापारी से हुए लूट के मामले का खुलासा आखिरकार पुलिस ने कर दिया है. घटना को अंजाम देने वाला मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि व्यापारी के दुकान में काम करने वाला नाबालिग कर्मचारी ही निकला, जिसने अपने दो साथियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से लूट को अंजाम दिया था. आरोपियों को पकड़ने के साथ लूट की रकम 10 लाख रुपए बरामद करने वाली पुलिस टीम को आईजी और एसपी ने पुरस्कार देने की घोषणा की है. पुलिस के मुताबिक, इस लूट कर मास्टरमाइंड व्यापारी के दुकान मे काम करने वाला नाबालिग युवक है, जो ‘किंग ऑफ नैला’ नाम से इंस्टाग्राम का मेंबर था. इस मामले के साथ डेढ़ माह पहले बोडसरा शराब दुकान मे हुए केश बॉक्स को चुराने का मामला सुलझा लिया गया है. इस मामले को सुलझाने मे जिले के अलग-अलग थाना से 40 पुलिस अधिकारी और जवानों को शामिल किया गया था, जांजगीर कोतवाली थाना क्षेत्र के नैला मे 6 सितंबर की रात जब नगर के लोग गणेश विसर्जन में जुटे थे. इसी बीच अपनी दुकान बंद कर थैला मे कलेक्शन की राशि लेकर अपने घर जा रहे खाद व्यापारी अरुण अग्रवाल के सामने दो नकाबपोश युवक सामने आए और स्कूटी मे सवार अरुण अग्रवाल को हथियार दिखाकर धक्का देते हुए रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गया. घटना की सूचना के बाद मौके के पहुंची पुलिस, डॉग स्क्वाड ने मौके का परीक्षण किया. प्रारम्भिक जांच मे सब कुछ उलझा हुआ था, जिसकी बाद पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की मदद लीं, और मामले का एक सप्ताह के अंदर खुलासा कर दिया. मामले को सुलझाने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस लूट का मुख्य आरोपी नाबालिग है, जो व्यापारी अरुण अग्रवाल की दुकान में काम करता था. घटना के सप्ताह भर पहले अपने साथी विक्की पंडित और मुकेश सूर्यवंशी को जानकारी दी थी, और दुकान जाना बंद कर दिया था. 6 सितम्बर को जब दुकान के कर्मचारी गणेश विसर्जन के लिए छुट्टी पर थे, तब अरुण अग्रवाल ने फोन करके उस नाबालिग़ युवक को काम के लिए बुलाया था. दिन भर काम करने के बाद नाबालिग ने रात में अपने दोस्तों को इंस्टाग्राम ग्राम के माध्यम से अंगूठा का सिग्नल भेज कर सेठ के अकेले घर जाने की सूचना दी, जिसके बाद दोनों युवकों ने अरुण अग्रवाल के घर ने कुछ दूर पहले अँधेरे मे खड़े होकर इंतजार करने लगे और जैसे ही स्कूटी मे सवार अरुण अग्रवाल सुनसान गली में घुसे, तब दोनों आरोपी अपने मुंह मे गमछा बाँध कर चाकू दिखाया और स्कूटी से गिरा कर रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए. पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम सीन क्रिएट करते हुए सीसीटीवी कैमरों का परीक्षण किया, जिसमें दुकान में काम करने वाला नाबालिग युवक स्टेशन की ओर फोन में बात करते हुए भागते और फिर वापस आते नजर आया. इसके साथ ही कुछ दिन पहले हुए मारपीट के मामले की शिकायत को जांच में लिया, और मामले का परतदर परत खुलासा होने लगा. आरोपियों ने कुल 10 लाख 40 हजार रुपए की लूट की थी, और 3 लाख 30 हजार रुपए खर्च करने के लिए निकाल कर बाकी राशि को अमोरा गांव में एक बॉक्स में रख कर केला पेड़ के नीचे दबा दिया था. पुलिस ने आरोपियों से लूट की राशि जब्त कर लिया है. एसपी विजय पाण्डेय ने बताया कि आरोपियों में शामिल विक्की पंडित मूलत: बिहार का रहने वाला है, जो अमोरा गांव में रहता है. वहीं मुकेश सूर्यवंशी नैला का रहने वाला है. दोनों की जेल मे मुलाक़ात हुई और दोस्ती हुई थी. हाल ही में जेल से छूटने के बाद इनका मेल-जोल बढ़ा और किसी घटना को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहे थे. बोडसरा शराब दुकान में ढाई लाख चोरी करने के बाद पकड़ में नहीं आने से इनके हौसले बुलंद हो गए थे, जिसके बाद नैला में लूट की घटना को अंजाम दिया था.