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दबंग सरपंच का कारनामा: जमीन मालिक को पीटा, खुद को MLA का रिश्तेदार बताया

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरपंच साहिल मधुकर द्वारा गुंडगर्दी करने और जान मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. आरोप है कि सरपंच ने खुद को विधायक का नाती बताते हुए समर्थकों के साथ जमीन की बाउंड्री वॉल तोड़ दी. आरोपियों ने जमीन मालिक को इस दौरान जान से मारने की भी धमकी दी. घटना का वीडियो भी सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, सामने आया वीडियो मस्तूरी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. जहां सरपंच साहिल मधुकर ने जमीन मालिक के साथ गुंडागर्डी की है. अपने समर्थकों के साथ मिलकर गाली-गलौच करते हुए पिटाई कर दी. बदमाशों के हौसले इतने बुलंद है कि वह वायरल वीडियो में बाउंड्री वॉल तोड़ने के साथ स्माइल करते हुए विक्ट्री साइन दिखा रहे हैं. पीड़ित की शिकायत के बाद मस्तूरी थाने में अपराध दर्ज कर लिया गया है. वहीं सरपंच के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है. वहीं सरपंच के खिलाफ स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है.

आईटी, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को लेकर जापानी उद्योगपतियों को सीएम साय का आमंत्रण

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी पहली विदेश यात्रा के दौरान जापान पहुंचे हैं. अपने दौरे के दौरान उन्होंने जापानी उद्योगपतियों के संगठन जेट्रो (JETRO – Collaborate & Invest Japan) के पदाधिकारियों से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में निवेश पर चर्चा की. मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हमने आईटी, टेक्सटाइल्स, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की अपार संभावनाओं पर चर्चा की. इस अवसर पर जेट्रो को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया. ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन इसके पहले जापान के टोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए. यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है. CM साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की. NTT लिमिटेड की CEO से की मुलाकात इसके अलावा NTT लिमिटेड की CEO कायो इतो से मुलाकात कर तकनीकी और इंडस्ट्री सहयोग और निवेश पर चर्चा की. रात में CM साय भारतीय राजदूत सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित भोज में भी शामिल हुए. इस बैठक में छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री साय ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया.

यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं: अचानक 26 ट्रेनों की रद्दीकरण से मचा हड़कंप

रायपुर  रेल यात्रियों के लिए बुरी खबर है. अगर आप भी त्यौहारी सीजन में रेल सफर करने वाले हैं, तो यह खबर आपके काम की साबित हो सकती है. आज से 27 अगस्त तक 26 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है. वहीं 2 ट्रेने रूट बदल कर चलेंगी. इसके अलावा 3 ट्रेनें आधे रास्ते ही रोक दिया जाएगा. रेलवे के इस फैसले के बाद झारखंड जैसे अन्य राज्यों के यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है. रेलवे ने जानकारी दी कि बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना का काम तेजी से चल रहा है. अभी तक 206 किमी चौथी लाइन में से 150 किमी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है. इस दौरान रायगढ़ के किरोड़ीमल नगर स्टेशन को चौथी लाइन से जोड़ने और रायगढ़-झारसुगुड़ा सेक्शन पर विद्युतीकरण का कार्य किया जाएगा. इसी वजह से 23 से 27 अगस्त तक अलग-अलग दिनों में 26 ट्रेनें कैंसिल रहेगी. ये ट्रेने रहेंगी कैंसिल 23 से 26 अगस्त तक टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस. 24 से 27 अगस्त तक बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस. 23 अगस्त को सांतरागाछी-पुणे. 25 अगस्त को पुणे-सांतरागाछी. 24 अगस्त को मुंबई-हावड़ा मेल. 25 अगस्त को हटिया-पुणे एक्सप्रेस. 27 अगस्त को पुणे-हटिया एक्सप्रेस. 27 अगस्त को पूरी-जोधपुर. 30 अगस्त को जोधपुर-पूरी. 23 अगस्त को उदयपुर-शालीमार . 24 अगस्त को शालीमार-उदयपुर. 27 अगस्त को गया-कुर्ला एक्सप्रेस. 29 अगस्त को कुर्ला-गया एक्सप्रेस. 27 अगस्त को पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस. 29 अगस्त को शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस. 22 अगस्त को वास्को-द-गामा-जसीडीह एक्सप्रेस. 25 अगस्त को जसीडीह-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस. 24 अगस्त को रक्सौल-हैदराबाद. 23, 25 और 26 अगस्त को कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस. 25, 27 और 28 अगस्त को शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस. 24 और 27 अगस्त को रायगढ़-बिलासपुर मेमू . 24 और 27 अगस्त को बिलासपुर-रायगढ़ मेमू . 24 और 27 अगस्त को रायगढ़-बिलासपुर मेमू . 23 और 26 अगस्त को बिलासपुर-रायगढ़ मेमू. इन ट्रेनों का बदला रूट 23 अगस्त को हावड़ा-पुणे दूरंतो एक्सप्रेस झारसुगुड़ा, टिटलागढ़, लाखोली, रायपुर होकर चलेगी. 25 अगस्त को पुणे-हावड़ा दूरंतो एक्सप्रेस रायपुर, लाखोली, टिटलागढ़, झारसुगुड़ा होकर चलेगी. 3 ट्रेनें आधे रास्ते ही रोक दिया जाएगा 24 से 27 अगस्त तक गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच रद्द रहेगी. 23, 25,26 अगस्त को निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर में ही समाप्त होगी. 25, 27, 28 अगस्त को रायगढ़-निजामुद्दीन गोंडवाना बिलासपुर से ही रवाना होगी. 31 अगस्त से 15 सितंबर तक ये एक्सप्रेस ट्रेनें रहेंगी रद्द 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस 30 अगस्त से 2 सितंबर तक रद्द. 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 3 सितंबर तक रद्द. 18109 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द. 18110 इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द. 20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द. 20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द. 22512 कामाख्या-कुर्ला एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द. 22511 कुर्ला-कामाख्या एक्सप्रेस 2 सितंबर को रद्द. 22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस 29 अगस्त और 1 सितंबर को रद्द. 22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस 31 अगस्त और 3 सितंबर को रद्द. 20813 पूरी-जोधपुर एक्सप्रेस – 27 अगस्त को रद्द. 20814 जोधपुर-पूरी एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द. 20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द. 20972 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द. 13425 मालदा-सूरत एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द. 13426 सूरत-मालदा एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द. 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस 27 और 28 अगस्त को रद्द. 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस 29 और 30 अगस्त को रद्द. 17321 वास्को-द-गामा-जसीडीह एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द. 17322 जसीडीह-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस – 1 सितंबर को रद्द. 22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द. 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द. 12262 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस – 2 सितंबर को रद्द. 12261 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द. 12101 कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द. 12102 शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द. ये पैसेंजर (MEMU) ट्रेनें रद्द 68737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू – 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द. 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू – 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द. 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू – 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द. 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू 30 अगस्त से 14 सितंबर तक रद्द.

वाणिज्य मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेशवासियों को पारंपरिक तिहार पोला की बधाई दी

रायपुर प्रदेश के वाणिज्य उद्योग, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पोला तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर देवांगन ने लोगों के सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि पोला तिहार छत्तीसगढ़ की परम्परा, संस्कृति और लोक जीवन की गहराइयों से जुड़ा है। पोला के अवसर पर बैलों को वनौषधि युक्त लोंदी खिलाकर उसकी पूजा अर्चना की जाती है तथा किसान भाई महामारी से रक्षा की प्रार्थना करते हैं। इस त्यौहार में उत्साह से बैलों और जाता-पोरा की पूजा कर अच्छी फसल और घर को धन-धान्य से परिपूर्ण होनेे के लिए प्रार्थना की जाती है। यह त्यौहार हमारे जीवन में खेती-किसानी और पशुधन के संरक्षण का महत्व बताता है। घरों में प्रतीक स्वरूप मिट्टी के नांदिया बैल और मिट्टी के बर्तनों की पूजा कर बच्चों को खेलने के लिए दिया जाता है, जिससे बच्चे अपनी मिट्टी और उसके सरोकारों से जुड़ते हैं। केबिनेट मंत्री ने पोला के पश्चात मनाये जाने वाले माताओं एवं बहनों के तीजा पर्व की भी अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

जापान पहुंचते ही मुख्यमंत्री साय ने टोक्यो असाकुसा मंदिर में अर्चना कर की यात्रा की शुरुआत

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापान पहुंचने के बाद सबसे पहले जापान की राजधानी टोक्यो में स्थित ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए। टोक्यो का यह सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर मानवता को शांति और शक्ति का संदेश देता है और यही भाव छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं में भी झलकता है। उल्लेखनीय है कि भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर है। इस ग्लोबल आउटरीच मिशन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसरों को तलाशना है।

मुख्यमंत्री साय का जापान प्रवास: छत्तीसगढ़ के लिए तकनीक, व्यापार और संस्कृति के नए आयाम

वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री साय का जापान दौरा बना तकनीकी और औद्योगिक सहयोग का सेतु रायपुर, ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में छत्तीसगढ़ की भागीदारी से पूर्व मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय ने 22 अगस्त को टोक्यो प्रवास की शुरुआत आध्यात्मिकता, तकनीक और व्यापार कूटनीति के संगम के साथ की। टोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री   साय ने ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए। यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर जिस प्रकार शांति और शक्ति का संदेश देता है, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ की जनता भी छत्तीसगढ़ शांति, सामर्थ्य और समृद्धि से परिपूर्ण राज्य के रूप में सतत विकास की ओर अग्रसर राज्य बने, यह आकांक्षा करती है। सूचना प्रौद्योगिकी में नवाचार की दिशा में कदम मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एनटीटी लिमिटेड (NTT Ltd.) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री कायो इतो से मुलाकात की। एनटीटी विश्व की शीर्ष आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल समाधान कंपनियों में से एक है, जिसकी वार्षिक आय 90 अरब अमेरिकी डॉलर है और जो 50 से अधिक देशों में कार्यरत है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया। एनटीटी विश्वभर में क्लाउड कम्प्यूटिंग और साइबर सुरक्षा सहित अत्याधुनिक आईटी समाधान प्रदान कर रही है और डिजिटल परिवर्तन की अग्रणी शक्ति बनी हुई है। सांस्कृतिक रिश्तों और व्यापारिक साझेदारी को मजबूती शाम को भारत के जापान में राजदूत सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित औपचारिक रात्रिभोज में मुख्यमंत्री साय और प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस अवसर पर हुई चर्चा में इंडो-पैसिफिक देशों को उद्योग और व्यापार के माध्यम से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसमें आर्थिक स्थिरता, व्यापारिक सुरक्षा, पारिस्थितिकीय संतुलन और औद्योगिक वृद्धि की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक और भारत के कुशल जनशक्ति के संयोजन से व्यापक औद्योगिक सहयोग की संभावनाएँ हैं। उन्होंने सांस्कृतिक संबंधों को प्रोत्साहित करने और छत्तीसगढ़ को जापानी पर्यटकों के लिए आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया। वैश्विक सेतु निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री साय और उनके प्रतिनिधिमंडल का यह पहला दिन उपलब्धियों से परिपूर्ण  रहा। इसमें व्यापार, तकनीक और कूटनीति से जुड़े अहम अवसरों की खोज की गई। इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ को तीव्र औद्योगिक विकास, डिजिटल नवाचार और वैश्विक साझेदारी के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।

ठगी का नया जाल: शराब भट्टी खुलवाने का लालच देकर हिस्ट्रीशीटर ने ठगे लोग

दुर्ग भिलाई में निगरानीशुदा बदमाश का नया कारनामा सामने आया है। उसने लोगों से लाखों रुपए की ठगी की है। चरोदा बस्ती निवासी भवानी शंकर तिवारी ने लोगों को उनके भवन में शराब भट्ठी खुलवाने के नाम पर पैसे लेकर न सिर्फ उनसे ठगी की बल्कि इसके लिए उसने फर्जी आबाकरी अधिकारी भी बनाया। अब जाकर लोगों ने पुरानी भिलाई थाना में बदमाश भवानी सिंह के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है। दरअलस भवानी सिंह पर पहले से ही चाकूबाजी, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के करीब एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। अब एक नई ठगी के मामले में आरोपी बना है। भवानी ने एक महिला को आबकारी विभाग का अधिकारी बताकर गांव-गांव में शराब भट्टी खुलवाने का झांसा दिया। किसानों और ग्रामीणों को झांसे में फंसाकर उनसे लाखों की रकम वसूली और फरार हो गया। अब तक सामने आए मामलों के मुताबिक, 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई है। 5 पीड़ितों ने थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस की माने तो इस ठगी में भवानी के साथ उसका साथी अपराधी फरीद भी शामिल था। फरीद को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन भवानी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का जेवरा पीएचसी पर आकस्मिक निरीक्षण, खामियों पर जताई सख़्ती

उपलब्ध दवाइयों की जांच कर सुविधाओं के संबंध में ली जानकारी, मरीजों से की बातचीत रायपुर,   स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज बेमेतरा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जेवरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के भी साथ में उपस्थित थे। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर अस्पताल के कार्य प्रणाली के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने दवाइयों के स्टाक और उपलब्धता की जांच करते हुए दवाइयों की एस्सपायरी डेट की भी जांच और दवाइयों के रखने के तरीकों तथा साफ सफाई की भी जांच की। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के पंजीयन कक्ष, ओपीडी एवं अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण कर वहाँ के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पंजीयन कक्ष में पहुँचकर उपस्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिदिन इलाज हेतु आने वाले एवं अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के वार्ड में पहुँचकर भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके समुचित इलाज तथा अस्पताल में उन्हें प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, पेयजल, दवाइयां,अस्पताल के शौचालय, स्नानागार आदि के व्यवस्थाओं के संबंध में भी मरीजों से जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मौके पर उपस्थित चिकित्सकों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा मरीजों के बेहतर इलाज, दवाइयां आदि सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

  166 महतारी सदन हेतु 49 करोड़ 80 लाख रुपये जारी अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति, 50 से अधिक महतारी सदन पूर्ण महतारी सदन में कमरा,  बरामदा, हाल, किचन, स्टोररूम, पेयजल हेतु ट्यूबवेल और सामुदायिक शौचालय जैसी होंगी सुविधायें रायपुर, प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार महतारी सदन का निर्माण कार्य किया जाना है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयास से 166 महतारी सदन की स्वीकृति आदेश जारी किया गया है, इसके लिए 49 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है।  उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं द्वारा बैठने की स्थान न होने की शिकायत की और बैठने हेतु स्थान दिलाने की मांग की जाती रही इसलिए महतारी सदन बनाने का विचार आया। ततपश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति इसी उद्देश्य को पूर्ति के लिये जारी किया गया है। कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 30 लाख होगी। 5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाया जाएगा। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे। प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे। महतारी सदन में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा।

वेतनमान विवाद: हाईकोर्ट की फटकार, सरकार को दी समयसीमा

बिलासपुर क्रमोन्नत वेतनमान की मांग को लेकर 300 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका लगाई है. जिस पर एकसाथ सुनवाई हुई, इस दौरान राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने जवाब पेश करने के लिए समय मांगा. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब पहले से ही सुनवाई की तारीख तय थी, तो तैयारी अधूरी क्यों रही. हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को अंतिम मौका देते हुए 15 सितंबर तक जवाब पेश करने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि स्कूल शिक्षा विभाग और DPI ने समान प्रकरणों में भेदभाव किया है. मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई. अब इन सभी याचिकाओं पर 15 सितंबर के बाद सुनवाई होगी. साथ ही याचिकाकर्ताओं के वकीलों को भी रिप्लाई (रिज्वाइंडर) दाखिल करने की अनुमति दी गई है. दरअसल, इससे पहले शिक्षिका सोना साहू की याचिका पर हाई कोर्ट ने राज्य शासन को क्रमोन्नत वेतनमान और एरियर्स की राशि भुगतान का आदेश दिया था. आदेश के बाद सरकार ने शिक्षिका के खाते में वेतनमान और एरियर्स जमा भी कराए थे. हाई कोर्ट का यह फैसला शिक्षकों के लिए टर्निंग पाइंट साबित हुआ. इसके बाद पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक क्रमोन्नत वेतनमान को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने लगे. जानकारी के अनुसार अब तक 27 हजार से अधिक शिक्षकों ने याचिकाएं दायर कर दी हैं, जिन पर क्रमवार सुनवाई शुरू होगी. सोना साहू केस के बाद जिन शिक्षकों ने तुरंत याचिका लगाई थी, उन्हें हाई कोर्ट ने विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देने और नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. इन शिक्षकों ने अभ्यावेदन पेश भी किया, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग और डीपीआइ ने उन्हें खारिज कर दिया. अब ऐसे शिक्षक भी पुनः हाई कोर्ट पहुंचे हैं.