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संघर्ष से सफलता तक: बस्तर में ‘बिहान’ योजना से महिलाओं की आर्थिक उड़ान

एकीकृत खेती और संबद्ध गतिविधियों से बढ़ रही आय रायपुर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के तहत राज्य में  महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। बस्तर जिले में जगदलपुर, तोकापाल, लोहंडीगुड़ा और दरभा – इन चार विकासखंडों में चिन्हांकित 16 इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर्स के माध्यम से लगभग 4600 परिवारों को एकीकृत खेती और संबद्ध गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य समूह से जुड़ी महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाना है, जिससे वे सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर सकें। 'बिहान' परियोजना के तहत, पारंपरिक खेती से हटकर उन्नत किस्म के बीजों और नई तकनीकों का उपयोग करके अधिक मात्रा में उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, पौधों में होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सब्जी उत्पादन से आत्मनिर्भरता की राह परियोजना के पहले चरण में, स्वसहायता समूह से जुड़ी 1800 से अधिक दीदियों ने अपने घरों के बाड़ी में 5 से 10 डिसमिल भूमि पर लतर वाली सब्जियों जैसे करेला, बरबटी, लौकी, तरोई और गिलकी का उत्पादन शुरू किया है। इसके लिए उन्होंने मल्चिंग और मचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है। ग्राम कलचा के जयंती बघेल बिहान स्व सहायता समूह' की सदस्य हैं और लगभग 15 डिसमिल में सब्जी उत्पादन कर रही हैं। इसी तरह ग्राम नेगीगुड़ा की पद्मा बघेल 'रुपशिला स्व सहायता समूह' से जुड़ी हैं और 10 डिसमिल में सब्जी उगा रही हैं। ग्राम बीजापुट की चंपा बघेल 'जीवन ज्योति स्व सहायता समूह' की सदस्य हैं और 25 डिसमिल में, जबकि ग्राम करणपुर की हीरामणि 'दुलार देई स्व सहायता समूह' की सदस्य हैं और 5 डिसमिल में सब्जी उत्पादन कर रही हैं। इस पहल से गांवों में सब्जियों का पर्याप्त उत्पादन हो रहा है, जिससे न केवल स्वयं के परिवार के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि बाजार से सब्जी खरीदने पर होने वाले खर्च में भी कमी आ रही है। इस बचत राशि का उपयोग महिलाएं अपनी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, संपत्ति निर्माण या नए व्यवसाय में कर सकती हैं। इसके अलावा, अतिरिक्त सब्जी को स्थानीय बाजारों और छोटी मंडियों में बेचकर महिलाएं अपनी आय बढ़ा रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।g  भविष्य में, बस्तर में उत्पादित सब्जियों की मांग के अनुरूप जिले के बाहर भी इनकी आपूर्ति की योजना है। एक सदस्य, कई आजीविका गतिविधियां 'बिहान' परियोजना का लक्ष्य एक सदस्य को तीन से चार आजीविका गतिविधियों से जोड़ना है। इसमें सब्जी उत्पादन के अलावा मक्का, पशुपालन (मुर्गी, बकरी), वनोपज (इमली प्रसंस्करण), मछली पालन और लघु धान्य उत्पादन जैसी संबद्ध गतिविधियां भी शामिल हैं, जो महिलाओं की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 'बिहान' की यह पहल बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे सही मायने में 'लखपति दीदी' बन सकेंगी।

सड़क हादसा: यात्री बस की चपेट में आया बाइक सवार, मौके पर ही तोड़ा दम

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. यात्री बस की चपेट में आकर बाइक सवार युवक की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. घटना बलांगी पुलिस चौकी अंतर्गत तुंगवा पुलिस चेक पोस्ट के पास हुई है. जानकारी के अनुसार, बाइक सवार अचानक यात्री बस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद बस चालक और कंडक्टर वाहन को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए. सूचना पर बलांगी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई. बलांगी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है. फिलहाल, मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है. वहीं वाहन को जब्त कर फरार बस चालक और कंडक्टर की तलाश शुरू कर दी है. बलंगी पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और शव की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.

चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल, ईडी कार्रवाई पर उठाए सवाल– कहा ‘राजनीतिक दबाव’

रायपुर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल से मुलाकात करने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को सपरिवार ईडी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बेवजह मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है. हम लड़ाई लड़ते रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहला राहुल गांधी का और उनके बाद प्रियंका गांधी का फोन आया था. बेटे से मिलकर कहा कि अगर आज चैतन्य के दादा जिंदा होते तो खुश होते, क्योंकि वे बहुत से मुद्दों पर जेल जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके बयान हो चुके हैं, उन पर भी उनका और उनके बेटे का नाम लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापामारी की थी. इस दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया था. चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय प्राप्त हुई.” लगभग 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही चैतन्य बघेल की भूमिका भी एजेंसी की जांच के दायरे में है. ईडी ने दावा किया है कि घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में लगभग 3200 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गई है. कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का धरना चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर शराब घोटाले के संबंध में ईडी पूछताछ कर रही है. वहीं दूसरी ओर चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में सुबह से ईडी कार्यालय के पास राजीव गांधी चौक पर कांग्रेस युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता-कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपरिवार बेटे से मुलाकात करने के लिए आने की वजह से ईडी कार्यालय के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया है.

चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल, ईडी कार्रवाई पर उठाए सवाल– कहा ‘राजनीतिक दबाव’

रायपुर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल से मुलाकात करने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को सपरिवार ईडी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बेवजह मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है. हम लड़ाई लड़ते रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहला राहुल गांधी का और उनके बाद प्रियंका गांधी का फोन आया था. बेटे से मिलकर कहा कि अगर आज चैतन्य के दादा जिंदा होते तो खुश होते, क्योंकि वे बहुत से मुद्दों पर जेल जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके बयान हो चुके हैं, उन पर भी उनका और उनके बेटे का नाम लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापामारी की थी. इस दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया था. चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय प्राप्त हुई.” लगभग 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही चैतन्य बघेल की भूमिका भी एजेंसी की जांच के दायरे में है. ईडी ने दावा किया है कि घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में लगभग 3200 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गई है. कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का धरना चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर शराब घोटाले के संबंध में ईडी पूछताछ कर रही है. वहीं दूसरी ओर चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में सुबह से ईडी कार्यालय के पास राजीव गांधी चौक पर कांग्रेस युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता-कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपरिवार बेटे से मुलाकात करने के लिए आने की वजह से ईडी कार्यालय के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया है.

छेड़छाड़ का मामला: हाईकोर्ट का सख्त रुख, शिक्षक की सजा बरकरार

बिलासपुर अपने ही स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा (13 साल) के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपी शिक्षक की सजा के खिलाफ पेश अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. आरोपी शिक्षक को 5 साल कैद और 2000 रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है. बता दें कि मुंगेली जिला निवासी अपीलकर्ता अमित सिंह शासकीय हाई स्कूल में व्याख्याता के पद में कार्यरत था. स्कूल में पढ़ने वाली 13 साल की छात्रा की मां ने 25 अगस्त 2022 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया. जिसमें बताया गया, कि शिक्षक उसकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ किया है. पुलिस ने रिपोर्ट पर पीड़िता के अनुसूचित जाति/जनजाति का होने के कारण, भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के अंतर्गत दंडनीय अपराध किया गया. यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया. न्यायालय ने दोष सिद्ब होने पर आरोपी को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 के अंतर्गत दोषी करार दिया गया और उसे 5 वर्ष का कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. सजा के खिलाफ शिक्षक ने हाईकोर्ट में अपील की. जिसमें कहा गया कि आरोपी ने 25 अगस्त को स्कूल में नहीं होने और अकास्मिक अवकाश में होने की बात कही गई. न्यायालय ने उक्त दस्तावेज में सिर्फ स्कूल के प्राचार्य का हस्ताक्षर होने के कारण साक्ष्य के रूप में अस्वीकार किया था. इसके अलावा अपीलकर्ता ने 25 अगस्त के अलावा अन्य दिनों भी छात्रा से छेड़छाड़ किया था. जस्टिस संजय के अग्रवाल ने अपीलकर्ता और शासन के पक्ष को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि अपीलकर्ता ने 25 अगस्त 2022 को पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंचाई है. कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि वह इस निर्णय की एक प्रति संबंधित जेल अधीक्षक को भेजने कहा है. जहां अपीलकर्ता अपनी जेल की सजा काट रहा है.

ट्रेन का सफर बना जंग का मैदान: सीट विवाद में महिला घायल

बिलासपुर ट्रेन में सीट को लेकर दो महिलाओं में विवाद के बाद एक महिला ने दूसरी का सिर फोड़ दिया. जिसके बाद महिला को गंभीर हालत में बिलासपुर के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. जानकारी के मुताबिक रायगढ़-बिलासपुर लोकल ट्रेन (गाड़ी संख्या 68737) में सीट को लेकर दो महिला यात्रियों के बीच हुई मारपीट की घटना सामने आई है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और शासकीय रेलवे पुलिस (GRP) बिलासपुर ने रेल मदद शिकायत (संदर्भ संख्या 2025071906865) के आधार पर त्वरित कार्रवाई की. शिकायतकर्ता युवरानी सिंह ठाकुर (42 वर्ष), पति विजय ठाकुर, निवासी चांपा रेलवे स्टेशन, गणेश होटल के पास, ने बताया कि उनकी सहयात्री अनन्या गुरु (30 वर्ष), पिता सुधांशु गुरु, निवासी रायगढ़, के साथ सीट पर बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद हो गया. यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई. बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगमन पर GRP और RPF ने शिकायत का संज्ञान लिया. युवरानी सिंह ठाकुर के चेहरे और सिर पर चोट के निशान पाए गए, जिसके बाद GRP ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा. दोनो पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है.

तीन साल तक मासूम से हैवानियत, 54 साल का आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

खैरागढ़ नाबालिग के साथ तीन साल तक दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पीड़िता को चॉकलेट-आइसक्रीम का लालच देकर अपने घर ले जाता था और फिर उसके साथ घिनौनी करतूत करता था. 19 जुलाई को पीड़िता की बड़ी बहन ने थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. उसने बताया कि आरोपी, जिसे गांव में सभी ‘साहेब’ के नाम से जानते हैं, उसकी अबोध नाबालिग बहन के साथ बीते करीब 3 वर्षों से यौन शोषण करता आ रहा है. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 4 घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. चॉकलेट-आइसक्रीम का लालच देकर करता था घिनौना कृत्य जानकारी के अनुसार, आरोपी पुनित दास उर्फ ‘साहेब’ (54), जो ग्राम करमतरा का निवासी है और खेती किसानी का कार्य करता है. वह रोजाना स्कूल से लौटती बालिका को चॉकलेट, आइसक्रीम और अन्य खाद्य सामग्री का लालच देकर अपने घर ले जाता था और वहां दुष्कर्म करता था. यह सिलसिला करीब तीन वर्षों से जारी था. प्राथमिकी दर्ज होते ही थाना जालबांधा में अपराध क्रमांक 362/25 के तहत धारा 64, 64(2)(m), 65(2) भा.दं.सं. एवं POCSO Act की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की गई. जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस (सीजी टीम) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और प्रथम सूचना दर्ज होने के चार घंटे के भीतर आरोपी को उसके गांव से गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी, बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, घटना के सामने आने के बाद ग्राम करमतरा में आक्रोश फैल गया है. ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध था, लेकिन उसकी धार्मिक छवि के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आया. अब जब पूरा मामला सामने आ चुका है, तो गांव में शोक और गुस्से का माहौल है. ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सभी शालाओं में विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएं, जिनमें बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि वे किसी भी तरह की अनहोनी की स्थिति में निडर होकर परिजनों से बात कर सकें.

शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड में 1.08 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण विधायक श्री राजेश मूणत द्वारा संपन्न हुआ

रायपुर शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड (क्रमांक 37) में कुल 1.08 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया  गया ।यह कार्यक्रम 20 जुलाई 2025, रविवार को दोपहर 3 बजे वंदना ऑटो के पास स्थित सामुदायिक भवन में संपन्न हुआ इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मा. विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत जी  ,  अध्यक्षता मीनल चौबे महापौर रायपुर,विशिष्ट अतिथि श्री सूर्यकांत राठौर सभापति, नगर पालिक निगम रायपुर, mic सदस्य मनोज वर्मा एवं वार्ड के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती मीनल चौबे माननीय महापौर, नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा की गई। कार्यक्रम में श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, अध्यक्ष नगर निगम जोन 07 ,mic सदस्य मनोज वर्मा तथा श्री आनंद अग्रवाल पार्षद वार्ड 38 भी विशेष रूप से शामिल हुए। यह समस्त विकास कार्य दीपक जायसवाल, अध्यक्ष – लोककर्म विभाग एवं पार्षद, शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्रमांक 37 के प्रयासों से संभव हो पाए हैं। उन्होंने वार्ड की बहुप्रतीक्षित आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए इन कार्यों को  सुनिश्चित कर वार्ड का गौरव बढ़ाया ।

पेंशन और वेतन दोनों लेने पर फंसे पूर्व कुलपति, चुकाने होंगे 54 लाख रुपये

अंबिकापुर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के पूर्व कुलपति प्रो अशोक सिंह को 54 लाख तीन हजार रुपये का अधिक भुगतान कर दिए जाने का दावा प्रबंधन ने किया है। प्रो अशोक सिंह पर वेतन और पेंशन एक साथ लेने का आरोप है। उधर पूर्व कुलपति प्रो अशोक सिंह का कहना है कि उनके चले जाने के बाद बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधन के दावे में कोई सच्चाई नहीं है। प्रबंधन की माने तो प्रो अशोक सिंह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त होने के लगभग दो वर्ष बाद संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के कुलपति नियुक्त हुए थे। नियमों के तहत वेतन अथवा पेंशन में से किसी एक का लाभ उन्हें लेना था लेकिन वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पेंशन और संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय से वेतन लेते रहे। यहां उनका कुल वेतन दो लाख 10 हजार रुपये था। यदि वे पेंशन ले रहे थे तो यहां पेंशन की राशि कटौती कर वेतन भुगतान होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वे तीन अगस्त 2021 से 19 अक्टूबर 2024 तक कुलपति के पद पर पदस्थ रहे। पेंशन और वेतन दोनों के चक्कर मे उन्हें 54 लाख का अधिक भुगतान हो गया। मार्च 2025 में ही यह प्रकरण सामने आ गया था। संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय प्रबंधन ने उन्हें रकम जमा कर देने के लिए उनके सेवा पुस्तिका के पते पर नोटिस भेजा जो वापस लौट आया है। किसी ने भी रजिस्टर्ड पत्र को स्वीकार ही नहीं किया। तत्कालीन कुलसचिव और वित्त अधिकारी ने नहीं दिया ध्यान सेवानिवृत्ति के बाद कुलपति नियुक्त हुए प्रो अशोक सिंह को वेतन भुगतान के लिए तत्कालीन वित्त अधिकारी और कुलसचिव को नियमों को ध्यान में रखना था। तत्कालीन कुलसचिव और वित्त अधिकारी को भी स्वयं पहल कर कुलपति से यह जानकारी लेनी चाहिए थी कि कहीं उन्हें शासन स्तर से हर महीने राशि (पेंशन) तो नहीं मिलती है, लेकिन तत्कालीन कुलसचिव और वित्त अधिकारी ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। बीएचयू के पत्र से दोहरा लाभ हुआ उजागर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलसचिव प्रो एसपी त्रिपाठी ने नियम प्रक्रियाओं के तहत कामकाज को व्यवस्थित कराने की पहल शुरू की तो प्रबंधन की ओर से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को भी पत्र भेजा गया। इस पत्र के माध्यम से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया कि प्रो अशोक सिंह वहां से भी पेंशन ले रहे हैं। बकायदा पेंशन भुगतान आदेश भी प्रेषित कर दिया तब संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय प्रबंधन ने तत्कालीन कुलपति को भुगतान की गई अतिरिक्त राशि की गणना की तो वह 54 लाख से अधिक हुई। पहले मौखिक रूप से राशि वापस कर देने को लेकर चर्चा हुई। अब बकायदा लिखित रूप से पत्राचार किया जा रहा है। धारा 52 के तहत हटाए गए थे प्रो अशोक सिंह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रो अशोक सिंह को पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया था। छत्तीसगढ़ में भाजपा के सत्तासीन होने के बाद धारा 52 के तहत उन्हें पद से हटा दिया गया था। उनके कामकाज के तरीके को सही नहीं माना गया था। वे दूसरे कुलपति थे जिन्हें धारा 52 के तहत हटाया गया है।  

मुख्यमंत्री साय ने कहा- रजक समाज की भूमिका सनातन परंपराओं की निरंतरता में अत्यंत महत्वपूर्ण

रायपुर  शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है। शिक्षा से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” हमारी सरकार का मूलमंत्र है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्त्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित है। हमने राष्ट्रीय विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट भी जारी किया है, और उसके प्रत्येक बिंदु को धरातल पर उतारने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित रजक युवा गाडगे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे महाराज की पूजा-अर्चना कर राज्य स्तरीय गाडगे सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने सम्मेलन में रजक समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, प्रबुद्धजनों एवं समाजसेवियों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि रजक समाज का सामाजिक समरसता और सेवा भाव हमेशा से अनुकरणीय रहा है।छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में इस समाज की उपस्थिति है, और शादी-विवाह, छठ्ठी सहित अन्य सनातन परंपराएं इनके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं होतीं। इनके पुश्तैनी व्यवसाय के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार ने रजककार विकास बोर्ड का गठन किया है, जिसके माध्यम से उन्हें किफायती दर पर ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को उन्नति के नए आयाम तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सुशासन की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। आज अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रत्येक गारंटी को वचनबद्धता के साथ पूर्ण कर रही है। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेन्दूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं दिव्यांगजनों को रोजगार एवं उद्योग स्थापित करने हेतु विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। डेढ़ वर्षों में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं। पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती हेतु शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही, स्वरोजगार के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हमें अलग छत्तीसगढ़ राज्य मिला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से राज्य को भुखमरी की समस्या से मुक्ति मिली और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक ने की। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती रजनी रजक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।