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उप मुख्यमंत्री साव ने 30 करोड़ रुपए के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

शहर को भी अपना घर समझें और स्वच्छ रखे :  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने अटल परिसर का किया लोकार्पण, पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया उप मुख्यमंत्री साव ने 30 करोड़ रुपए के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन बिलासपुर  उप मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा नगर निगम कोरबा में लगभग 30 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें भूमिपूजन के 74 कार्य, राशि 24 करोड़ 76 लाख रुपए और लोकार्पण के 19 कार्य राशि चार करोड़ 60 लाख रुपए शामिल हैं। श्री साव ने विवेकानंद उद्यान के सामने अटल परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह गौरव की बात है कि अब प्रदेश के नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त होने लगा है। कोरबा नगर निगम को भी स्वच्छता के लिए पुरस्कार मिलना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कोरबा में तेज गति से स्वच्छता के काम हो रहे हैं। आने वाले समय में कोरबा नम्बर वन पर रहे, इसके लिए आमजनों का सहयोग जरूरी है। श्री साव ने कहा कि जिस तरह हर व्यक्ति अपने घर को स्वच्छ रखता है, उसी तरह शहर को भी अपना घर समझें और स्वच्छ रखें। कोरबा शहर साफ-सुथरा हो, इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।  श्री साव ने कोरबा के विकास के लिए नगर निगम में 72 कार्यों हेतु 18 करोड़ रुपए और देने की घोषणा करते हुए कहा कि कोरबा ऊर्जाधानी है और यहाँ के लोगों में ऊर्जा बनी रहे, इस दिशा में कार्य करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विकास के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है। अकेले कोरबा नगर निगम को 280 करोड़ की राशि विकास कार्यों के लिए दी गई है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि से भी विकास के कार्य कराए जा रहे हैं।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग व वाणिज्य तथा श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कोरबा के विकास के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की है। इसके अलावा डीएमएफ और अन्य मद से भी कोरबा को विभिन्न कार्यों के लिए राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिले से प्राप्त राशि को जिले में ही खर्च करने की व्यवस्था प्रदान की है। इससे कोरबा में लगातार विकास के कार्य कराए जा रहे हैं।  श्री देवांगन ने शहर के सभी 67 वार्डों में समग्र विकास कार्य कराने के लिए संकल्पित होने की बात कही और स्वच्छता के मामले में देश की रैंकिंग में नम्बर वन बनाने की दिशा में कार्य करने और आम नागरिकों से भी इसके लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने अटल परिसर के निर्माण और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण होने पर इसे कोरबा के लिए गौरव बताया। कार्यक्रम को महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर श्री अजीत वसंत, एसपी श्री सिद्दार्थ तिवारी और निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित पार्षदगण और अन्य जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

राजस्थान टेबल टेनिस विवाद: संघ पर साजिश के आरोप, खिलाड़ियों का भविष्य अधर में

जयपुर राजस्थान टेबल टेनिस संघ (RTTA) के वैध प्रबंधन को अस्थिर करने के प्रयासों को लेकर संघ के अध्यक्ष मुकुल गुप्ता और उपाध्यक्ष ललित सिंह ने जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ के खिलाफ एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है, जिससे न केवल संस्था की वैधानिकता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, बल्कि राज्य के खिलाड़ियों का भविष्य भी संकट में डाल दिया गया है। गुप्ता ने बताया कि 11 फरवरी 2023 को हुए संघ के चुनाव राजस्थान ओलंपिक संघ, राज्य खेल परिषद और अधिकृत निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुए थे। चुनाव प्रक्रिया में राजस्थान खेल अधिनियम 2005 का पूरी तरह पालन किया गया और इसे संबंधित सभी प्राधिकरणों से मान्यता प्राप्त है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमाण पत्रों की प्रतियां भी साझा कीं। हालांकि, हाल ही में चल रहे षड्यंत्रों के कारण खिलाड़ियों को "राजस्थान" के नाम से प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं। इसका सीधा असर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी पर पड़ा है, जिससे उनकी प्रतियोगिताओं में मान्यता प्रभावित हो रही है। इससे न केवल खिलाड़ियों का मनोबल गिरा है, बल्कि उनके खेल करियर पर भी गंभीर संकट मंडरा रहा है। उपाध्यक्ष ललित सिंह ने कहा कि यदि यह स्थिति शीघ्र नहीं सुलझी, तो राज्य के कई होनहार टेबल टेनिस खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने राज्य सरकार और खेल विभाग से अपील की कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से संज्ञान लें और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करें। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे कानूनी और वैधानिक स्तर पर इस षड्यंत्र का मुकाबला करेंगे और खिलाड़ियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे।

खेलों से युवा बनते हैं मजबूत और आत्मविश्वासी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज देर शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर देश के 28 राज्यों से आए लगभग 1200 प्रतिभागियों और 300 कोचों का भगवान श्रीराम की ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है कि वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन ने इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुना। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ राज्य की विशेषताओं से अवगत कराते हुए बताया कि यह देश के हृदयस्थल पर स्थित एक छोटा, परंतु अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसका 44 प्रतिशत भूभाग सुरम्य वनों से आच्छादित है। यहाँ 5,000 वर्ग किलोमीटर में फैला सघन अबूझमाड़ क्षेत्र है, जहाँ सूर्य की किरणें तक नहीं पहुँचतीं। राज्य में मनोरम जलप्रपात, सुंदर गुफाएँ, समृद्ध खनिज संपदा और सांस्कृतिक विविधता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों को आग्रहपूर्वक छत्तीसगढ़ घूमने का निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक सशक्त स्थान प्रदान करेगा।” मुख्यमंत्री ने किक बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं, जो केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण का भी पाठ सिखाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे मेहनत, लगन और जुनून के साथ अपने लक्ष्यों की दिशा में निरंतर अग्रसर रहें। मुख्यमंत्री ने कहा, “जीत और हार जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन असली लक्ष्य अपनी क्षमता को पहचानना और उसे निखारना होना चाहिए।” मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित खेलो इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को इस योजना से जोड़ा गया है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत खेल मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की व्यवस्था, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता तथा पारंपरिक खेलों के आयोजन सुनिश्चित किए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को प्रतिस्पर्धा में भागीदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा जताई कि आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ देश में खेलों के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल विशेष रूप से बालिकाओं की आत्मरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी स्कूली छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेलों को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खेल अकादमियों और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष छगन मुंदड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, ऑब्जर्वर श्रीमती रेणु पारीख, मुरली शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं खेलप्रेमीजन उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में 22 स्वर्ण, 18 रजत एवं 26 कांस्य पदकों के साथ पंजाब ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 21 स्वर्ण, 16 रजत एवं 29 कांस्य पदकों के साथ महाराष्ट्र द्वितीय और 12 स्वर्ण, 14 रजत एवं 15 कांस्य पदकों के साथ तमिलनाडु तृतीय स्थान पर रहा। इस चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ ने 8 स्वर्ण, 13 रजत और 37 कांस्य पदक प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर छठवाँ स्थान अर्जित किया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। इसके साथ ही असम रायफल्स को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम के रूप में सम्मानित किया गया।

बीजापुर में नक्सली आतंक: ग्रामीणों की हत्या से दहशत का माहौल

बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र में नक्सलियों की एक बार फिर कायराना करतूत सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम छुटवाई निवासी कवासी जोगा उम्र करीब 55 वर्ष और बड़ा तर्रेम निवासी मंगलू कुरसम उम्र करीब  50 वर्ष की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। यह दर्दनाक घटना 20 और 21 जुलाई की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। 4-5 अज्ञात नक्सलियों ने धारदार हथियारों से लैस होकर दोनों ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या कर दी। थाना तर्रेम द्वारा घटना की जांच कर रही है। विस्तृत जानकारी मिलने पर आगे की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। बीते दिन बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक के ग्राम कोण्डापडगु में आईईडी ब्लास्ट में 16 साल का एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद घायल हालत में नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना उस वक्त हुई जब कृष्णा गोटा पिता फकीर निवासी कोण्डापडगु के जंगल में मवेशी चराने गया था। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यहां आईईडी लगाया था। आइये जानतें हैं छत्तीसगढ़ में कब-कब हुए नक्सली हमले-     अप्रैल 2021 को बीजापुर और सुकमा जिले के तेर्रम जंगलों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 22 सुरक्षाकर्मी बलिदान को प्राप्त हुए थे।     मार्च 2018 को नक्सलियों के आईईडी विस्फोट में सुकमा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के नौ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     18 फरवरी 2018 को सुकमा के भेज्जी में नक्सलियों के साथ एनकाउंटर में पुलिस के दो जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     24 अप्रैल 2017 को नक्सलियों के साथ सुकमा में मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 24 जवान बलिदान हुए थे।     12 मार्च 2017 को सुकमा में माओवादी हमले में सीआरपीएफ के 12 जवानों ने शहादत दी थी।     11 मार्च 2014 में नक्सलियों के हमले में सुकमा सुरक्षा बलों के 15 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     28 फरवरी 2014 को नक्सली हमले में दंतेवाड़ा में छह पुलिस ऑफिसर्स ने  शहादत दी थी।     25 मई 2013 को सबसे बड़े नक्सली हमले में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व राज्य मंत्री महेंद्र कर्मा, नेता उदयमुदलियार, योगेंद्र शर्मा सहित कांग्रेस के 25 नेता मारे गये थे।     29 जून 2010 को नारायणपुर जिले में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     8 मई 2010 को नक्सलियों ने बीजापुर जिले में वाहन विस्फोट सीआरपीएफ के आठ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     6 अप्रैल 2010 को नक्सलियों ने घात लगतार दंतेवाड़ा जिले में हमला किया। सीआरपीएफ के 75 जवान शहीद शहादत को प्राप्त हुए थे।     27 जुलाई 2009 को नक्सलियों ने दंतेवाड़ा जिले में बारूदी सुरंग विस्फोट किया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी।     9 जून 2025 को सुकमा में आईईडी ब्लास्ट में एएसपी आकाशराव गिरपूंजे वीरगति को प्राप्त, एसडीओपी और टीआई बुरी तरह से घायल  

पंचमुखी शिवलिंग का अद्भुत चमत्कार, छत्तीसगढ़ में संतान की मुरादें होती हैं पूरी

रायपुर  रायपुर के सरोना गांव में प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन करने सुबह से ही श्रद्दालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 250 साल पुराने इस पंचमुखी शिव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। भक्त लाइन में लगकर अपनी-अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। मंत्रोच्चारण के बीच पंचमुखी भगवान शिव का मनमोहक श्रृंगार किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में बम-बम भोले के जयकारे लगते रहे। पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा। यह मंदिर दो तालाबों के बीच में बना हुआ है। दोनों तालाब इस मंदिर की खूबसूरती बढ़ाते हैं। बताया जाता है कि इस मंदिर के नीचे से तालाब का पानी बहता है। लोग इसे कछुआ वाले शिव मंदिर के नाम से भी जानते हैं। दोनों तालाब में 100 साल से अधिक उम्र के दो कछुओं समेत कई कछुए रहते हैं, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु घंटों तालाब के किनारे खड़े रहते हैं। मंदिर की विशेषता मंदिर के पुजारी शंकर गोस्वामी ने बताया कि इस मंदिर को राजपूतों ने बनवाया था। 14 गांव के मालिक स्व. गुलाब सिंह ठाकुर नि:संतान थे। सरोना गांव के आसपास जंगलों में नागा साधुओं ने डेरा जमाया था। स्व. ठाकुर ने संतान प्राप्ति के लिए कई मन्नत मांगी। इस दौरान उनकी मुलाकात नागा साधुओं से हुई। इस पर साधुओं ने गांव के पास तालाब खुदवाकर शिव मंदिर बनाने की सलाह दी। इस पर तालाब खुदवाकर वहां शिव मंदिर बनवाया गया। इस पर ठाकुर परिवार को दो संतान की प्राप्ति हुई। आज भी इस मंदिर में लोग संतान प्राप्ति की कामना लेकर आते हैं। भोलेनाथ की कृपा नि:संतान लोगों पर बरसती हैं। यहां न सिर्फ छत्तीसगढ़ से बल्कि दूसरे राज्यों से भी लोग संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचते हैं। कछुओं की होती है पूजा यह मंदिर जितना पुराना है, उतने ही पुराने इस तालाब में रहने वाले कछुए और मछलियां हैं। पुजारी गोस्वामी के अनुसार, यहां के तालाब में मछलियां और कछुए भगवान शिव का ही अवतार माने जाते हैं। इन्हें नुकसान पहुंचाने वालों के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसलिए यहां आसपास रहने वालों ने कभी इस तालाब की मछलियां या कछुए पकड़ने की कोशिश नहीं की। इतना ही नहीं किसी बाहरी व्यक्ति भी ऐसा करने की कोशिश की तो अंजाम बुरा होता है। यहां लोग मछली और कछुए को भगवान का अवतार मानकर उनकी पूजा करते हैं और उन्हें प्रसाद के रूप में आटा खिलाते हैं। अनोखा है मंदिर का गर्भगृह इस मंदिर गर्भगृह में पंचमुखी शिवलिंग के साथ महादेव, पार्वती और भगवान गणेश की ऐसी प्रतिमा है, जिसमें महादेव ने अपनी गोद में भगवान गणेश को लिए हुए हैं। हंस पर सवार ब्रम्हा की मूर्ति स्थापित है। यहां विष्णु की प्रतिमा गरूढ़ के साथ विद्यमान है। गणेश और पार्वती भी विराजे हैं। द्वार रक्षक कीर्तिमुख है। पांच मुख वाले शिव भी विराजमान हैं। मान्यता है कि शिव की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। हर साल सावन और महाशिवरात्रि पर यहां  विशेष पूजा की जाती है। सन 1838 ईसवीं में इस मंदिर का निर्माण हुआ था। मंदिर की देखरेख ठाकुर परिवार करता है। सावन सोमवार को विशेष धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिये जाना जाता है। इस दौरान पूरे महीने भगवान महादेव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। खास बात ये है कि सावन में पड़ने वाले हर सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है। क्योंकि सोमवार भगवान शंकर का दिन होता है। इस दिन शिवभक्त सोमवार का व्रत रखते हैं और इसे ही सावन सोमवार व्रत कहा जाता है। इस साल सावन महीने की शुरुआत 11 जुलाई 2025 को हुई थी, जिसका समापन 9 अगस्त को होगा। इस दौरान चार सावन सोमवार व्रत पड़ेंगे, जिसमें पहला सावन सोमवार व्रत 14 जुलाई को था। सावन सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्दालुओं पर महादेव की विशेष कृपा होती है। इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और आदि पूजन कार्य करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।   सावन सोमवार व्रत और पूजा विधि     जो लोग सोमवार व्रत पूरे साल रखना चाहते हैं, वे सावन के पहले सोमवार से इसकी शुरूआत कर सकते हैं। सावन सोमवार व्रत के नियमों का पालन करते हुए शिव पूजा करते हैं।     सावन सोमवार का व्रत रखने वाले जातक सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें।     शिवलिंग पूजन करें। मंत्र आदि का जाप करें।     शिव जी को बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, गाय का दूध, गंगाजल, भस्म, अक्षत्, फूल, फल, नैवेद्य आदि चढ़ाते हैं।     सावन सोमवार व्रत कथा का पाठ करें। शिव चालीसा, शिव रक्षा स्तोत्र पढ़ते हैं। शिव मंत्रों का जाप करते हैं।     व्रती जातकों को झूठ या अपशब्द बोलने, मांस-मंदिरा या नमकयुक्त भोजन से पूरी तरह से परहेज करना चाहिये।     व्रत के दौरान मन, वचन और कर्म से भी शुद्ध और पवित्र रहें। पूरे दिन भगवान शिव का स्मरण करें।     शाम के समय प्रदोष काल में धूप-दीप जलाकर पूजन करें और भगवान शिव की आरती उतारे।     सावन सोमवार के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करने वालों के दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है। जिन लोगों का विवाह नहीं हुआ, उनके शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।     सावन के सभी सोमवार व्रत रखना चाहिए। इससे आपकी मनोकामना पूरी होगी। अगले दिन करें व्रत का पारण- शिवधर्मोक्त शास्त्र के अनुसार संध्याकाले पूजनान्ते विधिना पारणं कुर्यात अर्थात व्रत का पारण संध्या के समय पूजा पूर्ण होने के बाद करना चाहिए। किसी भी व्रत का फल तभी मिलता है जब पारण सही समय और सही विधि से हो। सावन सोमवार व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। व्रत का पारण सूर्योदय (ब्रह्म मुहूर्त) के बाद किया जाता है। सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करना परंपरागत माना जाता है। जानें कब-कब है सावन सोमवार-     पहला सावन सोमवार – 11 जुलाई 2025     दूसरा सावन सोमवार व्रत- 21 जुलाई 2025     तीसरा सावन सोमवार व्रत- 28 जुलाई 2025     चौथा सावन सोमवार व्रत- 4 अगस्त 2025  

स्वच्छता सिर्फ घर तक नहीं, पूरे शहर की जिम्मेदारी : अरुण साव

उप मुख्यमंत्री ने अटल परिसर का किया लोकार्पण, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया उप मुख्यमंत्री साव ने 30 करोड़ रुपए के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन रायपुर,     उप मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कोरबा नगर निगम कोरबा में लगभग 30 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें भूमिपूजन के 74 कार्य, राशि 24 करोड़ 76 लाख रुपए और लोकार्पण के 19 कार्य राशि चार करोड़ 60 लाख रुपए शामिल हैं। साव ने विवेकानंद उद्यान के सामने अटल परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक प्रेमचंद पटेल, कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति नूतन सिंह ठाकुर भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह गौरव की बात है कि अब प्रदेश के नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त होने लगा है। कोरबा नगर निगम को भी स्वच्छता के लिए पुरस्कार मिलना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कोरबा में तेज गति से स्वच्छता के काम हो रहे हैं। आने वाले समय में कोरबा नम्बर वन पर रहे, इसके लिए आमजनों का सहयोग जरूरी है। साव ने कहा कि जिस तरह हर व्यक्ति अपने घर को स्वच्छ रखता है, उसी तरह शहर को भी अपना घर समझें और स्वच्छ रखें। कोरबा शहर साफ-सुथरा हो, इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। साव ने कोरबा के विकास के लिए नगर निगम में 72 कार्यों हेतु 18 करोड़ रुपए और देने की घोषणा करते हुए कहा कि कोरबा ऊर्जाधानी है और यहाँ के लोगों में ऊर्जा बनी रहे, इस दिशा में कार्य करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विकास के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है। अकेले कोरबा नगर निगम को 280 करोड़ की राशि विकास कार्यों के लिए दी गई है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि से भी विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग व वाणिज्य तथा श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोरबा के विकास के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की है। इसके अलावा डीएमएफ और अन्य मद से भी कोरबा को विभिन्न कार्यों के लिए राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिले से प्राप्त राशि को जिले में ही खर्च करने की व्यवस्था प्रदान की है। इससे कोरबा में लगातार विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। देवांगन ने शहर के सभी 67 वार्डों में समग्र विकास कार्य कराने के लिए संकल्पित होने की बात कही और स्वच्छता के मामले में देश की रैंकिंग में नम्बर वन बनाने की दिशा में कार्य करने और आम नागरिकों से भी इसके लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने अटल परिसर के निर्माण और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण होने पर इसे कोरबा के लिए गौरव बताया। कार्यक्रम को महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर अजीत वसंत, एसपी सिद्दार्थ तिवारी और निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय सहित पार्षदगण और अन्य जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।  

कृषि केंद्रों में धांधली पर शिकंजा, बिलासपुर में एक साथ कई जगह छापेमारी

अनियमितता पाये जाने पर अतुल कृषि केन्द्र का खाद गोदाम सील तखतपुर के मेंसर्स किसान सेवा केन्द्र का लाइसेंस निलंबित आधा दर्जन कृषि केंद्रों को नोटिस जारी एक सप्ताह के भीतर मांगा जवाब रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को उचित दाम पर गुणवत्ता युक्त खाद मुहैया कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही अमानक एवं खाद-बीज की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए है। इसी तारतम्य में बिलासपुर जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला स्तर पर अधिकारियों की टीम गठित कर खाद-बीज विक्रय केंद्रों में आकस्मिक निरीक्षण करने को कहा है। बिलासपुर के जिले के कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर के नेतृत्व में उड़न दस्ता दल ने विकासखण्ड-कोटा और बिल्हा में दर्जनों पर कृषि केन्द्रों पर छापामार कार्रवाई की। छापामार कार्यवाही के दौरान आधा दर्जन कृषि केंद्र में नियम विरूद्ध व्यवसाय करने पाये जाने पर नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। वही औचक निरीक्षण के दौरान मेंसर्स किसान सेवा केन्द्र तखतपुर के फर्म में कमी एवं अनियमितताओं के कारण नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया था, संबंधित के द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक प्राप्त नहीं होने के फलस्वरूप उनकी अनुज्ञप्ति को 15 दिवस के लिए निलबंन की कार्रवाई की गई है। बिलासपुर के उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स उन्नत कृषि केन्द्र रतनपुर में क्रेताओं को बिना बिल दिये उर्वरक का व्यवसाय किये जाने के कारण नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार मेसर्स शेखर कृषि केन्द्र कोनचरा को बिना आई.एफ.एम.एस, आई.डी के उर्वरक का व्यवसाय करते पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंध कर उपलब्ध स्टॉक को जब्ती की कार्यवाही कर नोटिस जारी किया गया। ग्राम कोनचरा स्थित अतुल कृषि केन्द्र में अनियमितता पाये जाने के कारण गोदाम को सील करने की कार्यवाही किया गया। ग्राम मदनपुर विकास खण्ड बिल्हा अन्तर्गत मेसर्स राघवेन्द्र देवांगन के यहां मूल्य एवं स्कंध सूची का प्रदर्शन नहीं करने भंडारण वितरण की प्रतिवेदन नही भेजने, स्कंध एवं बिल संधारण नहीं करने के कारण विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। उक्त कृषि केन्द्रो को स्पष्टीकरण तामिल हेतु सात दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन एवं जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। समय सीमा एवं संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं किये जाने पर अनुज्ञप्ति निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।     निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि अनिल कुमार शुक्ला, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी खेमराज शर्मा, विजय धीरज एवं विकासखण्ड कोटा से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी दिलीप रात्रे एवं उर्वरक निरीक्षक मारू ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आर.जी. भानू शामिल थें। गौरतलब है कि जिले में संचालित समस्त उर्वरक विक्रेताओं को बिना पॉस मशीन के उर्वरकों का विक्रय नहीं किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित निरीक्षकों से उनके कार्य क्षेत्र अन्तर्गत संचालित उर्वरक विक्रेताओं से पॉस मशीन की मांग के लिए भी कहा गया है उर्वरक विक्रेता पॉस मशीन हेतु वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, संबंधित उर्वरक निरीक्षक एवं कार्यालय उप संचालक कृषि बिलासपुर में सम्पर्क कर सकते हैं।

विजय शर्मा बोले— पौधरोपण करना पुनीत और प्रेरणादायी कार्य

एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में 1.74 लाख पौधरोपण रायपुर, बालोद जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित वृहद वृक्षारोपण सह वन महोत्सव कार्यक्रम में एक लाख 74 हजार पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि बालोद जिले के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने इस पुनीत कार्य में शामिल सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। समारोह में  शर्मा ने वृक्षारोपण कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया और उपस्थित जनसमूह को ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने तथा उनकी देखभाल एवं सुरक्षा की समुचित उपाय सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई।   उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे माताओं और बहनें जब कोई संकल्प ले लेती है, तो उस संकल्प को पूरा करके ही छोड़ती है। उन्होंने इस कार्यक्रम मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि जब हम रोजमर्रा के कार्यों के अलावा जन कल्याण के पुनीत भावना को लेकर जनहित में इस प्रकार के महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने का बीड़ा उठाते है तब वह कार्य सभी के लिए आदर्श एवं प्रेरणादायी बन जाता है। इस पावन कार्य का लाभ हमारी आने वाली पीढ़ी को चीरकाल तक मिलता रहेगा। इस मौके पर उन्होंने वेबएक्स के माध्यम से पौधरोपण के कार्य में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया।        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद भोजराज नाग ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप उसका दुष्प्रभाव मानव जाति के अलावा संपूर्ण जीव-जगत पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पुराणों में उल्लेख किया गया है कि एक पेड़ लगाने के पुनीत कार्य को दस पुत्रों के बराबर माना गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रत्येक नागरिक जुड़ने की अपील की। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और सांसद भोजराज नाग सहित सभी अतिथियों, आमनागरिकों, अधिकारी-कर्मचारियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत अपनी-अपनी माताओं के नाम से पौध रोपण किया।     कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि गुरूर विकासखण्ड भू-जल की दृष्टि से क्रिटिकल जोन में शामिल है। भविष्य में आने वाली भूजल संकट से निपटने हेतु बालोद जिले में जल जतन अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल संचय भागीदारी के कार्य में बालोद जिला पूरे देश में तीसरा स्थान पर है। उन्होंने वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिलेवासियों के अलावा भिलाई स्टील प्लांट, निको, आईसीआईसीआई बैंक, राइस मिल ऐसोसिएशन सहित सभी स्वयं सेवी संस्थाओं एवं उनके प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।       समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, पूर्व विधायक  बिरेन्द्र साहू एवं प्रीतम साहू, जनपद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए 4 करोड़ 37 लाख मिली प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर : मुख्यमंत्री के विशेष प्रयास से कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 56 पदों की मिली स्वीकृति सीएम के प्रयासों का असर: कोतबा स्वास्थ्य केंद्र के लिए 56 नए पद स्वीकृत कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए 4 करोड़ 37 लाख मिली प्रशासकीय स्वीकृति अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य पदों को शीघ्र भरा जाएगा  रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जशपुर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पत्थलगांव विकास खंड के कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नयन करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण करने के लिए 4 करोड़ 37 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति भी दे दी है। कोतबा में लोगों तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 56 पद स्वीकृत किए हैं। इनमें अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग सिस्टर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, स्टाप नर्स, लेखापाल, फार्मासिस्ट, सहायक ग्रेड 3, ड्रेसर, वार्ड बॉय, आया और भृतय के पद स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही उनकी पदस्थापना की जाएगी जिसमें लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जा सके।

कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए 4 करोड़ 37 लाख मिली प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर : मुख्यमंत्री के विशेष प्रयास से कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 56 पदों की मिली स्वीकृति सीएम के प्रयासों का असर: कोतबा स्वास्थ्य केंद्र के लिए 56 नए पद स्वीकृत कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए 4 करोड़ 37 लाख मिली प्रशासकीय स्वीकृति अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य पदों को शीघ्र भरा जाएगा  रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जशपुर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पत्थलगांव विकास खंड के कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नयन करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण करने के लिए 4 करोड़ 37 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति भी दे दी है। कोतबा में लोगों तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 56 पद स्वीकृत किए हैं। इनमें अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग सिस्टर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, स्टाप नर्स, लेखापाल, फार्मासिस्ट, सहायक ग्रेड 3, ड्रेसर, वार्ड बॉय, आया और भृतय के पद स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही उनकी पदस्थापना की जाएगी जिसमें लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जा सके।