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अमृतसर में मिली जाली नोटों की खेप, पाकिस्तान अब ड्रग्स और हथियारों के बाद नकली नोट भी भेज रहा

अमृतसर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से भेजी गई ढाई लाख की जाली करंसी से सु्रक्षा एजेंसियों में खासी अफरातफरी है। बताया जा रहा है कि भारत में नवंबर 2018 में हुई नोटबंदी के बाद पाकिस्तान ने इस नकली करंसी को पहली बार भारतीय हद में गिराया है। अभी तक हेरोइन व हथियार धड़ल्ले से आईएसआई द्वारा भेजे जाते थे। अब जाली करंसी का भारतीय हद में गिराना काफी खतरनाक माना जा रहा है। खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय अर्थ व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए आईएसआई पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों भारत की नकली करंसी बड़े स्तर पर छापने की तैयारी में है। ताकि नकली नोटों को भारत में असली नोटों के साथ चलाया जा सके। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी रिपोर्ट भेजी है। गौर रहे इससे पहले आइईडी, आरडीएक्स, ग्रेनेड, राकेट प्रीपेलर ग्रेनेड (आरपीजी), पिस्तौल, कारतूस और हेरोइन की बड़ी खेप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारतीय हद में लगातार गिरा रही है। बीएसएफ ने वीरवार की रात घरिंडा क्षेत्र के साथ लगते इलाके से ढाई लाख की जाली करंसी बरामद की थी।

पंजाब में 31 मार्च को सरकारी छुट्टी, सभी स्कूल, कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़  पंजाब में 31 मार्च दिन मंगलवार को सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। इस दिन राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे। असल में, पंजाब सरकार के कैलेंडर के अनुसार, मंगलवार, 31 मार्च को महावारी जयंती मनाई जा रही है। इस दिन राज्य में पब्लिक हॉलिडे रहेगा और सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान बंद रहेंगे। इससे पहले, गुरुवार, 26 मार्च को भी रामनवमी के त्योहार के कारण राज्य में पब्लिक हॉलिडे घोषित किया गया था। अब, एक और सरकारी छुट्टी 31 मार्च को आई है।   महावीर जयंती जैन समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, शोभायात्राएं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर देश के कई राज्यों में सरकारी अवकाश घोषित किया जाता है, जिससे स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं। भगवान महावीर ने अहिंसा, अपरिग्रह और सत्य के सिद्धांतों को अपनाने का संदेश दिया, जो आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है। यही वजह है कि महावीर जयंती केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि समाज को नैतिकता और शांति का संदेश देने वाला दिन भी है। महावीर जयंती 2026 के अवसर पर देशभर के कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टी रहेगी।  महावीर जयंती दिल्ली और उत्तर प्रदेश, दोनों की आधिकारिक छुट्टियों की सूची में शामिल है, जिसका अर्थ है कि इस दिन शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, स्कूलों के छुट्टियों के कैलेंडर भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि इस दिन आमतौर पर शैक्षणिक संस्थान बंद रहते हैं। क्या सभी राज्यों में छुट्टी होगी? यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ राज्यों में जहां जैन समुदाय की जनसंख्या कम है या जहां क्षेत्रीय त्योहारों को अधिक प्राथमिकता दी जाती है, वहां इस दिन 'प्रतिबंधित अवकाश' भी हो सकता है। ऐसे में स्कूल खुले रह सकते हैं। दक्षिण भारतीय राज्यों में छुट्टियों का स्वरूप उत्तर भारत से अलग हो सकता है। अभिभावकों और छात्रों के लिए संदेश मार्च के अंत में अक्सर कई स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होती है या पुरानी कक्षाओं के रिजल्ट घोषित किए जा रहे होते हैं। ऐसे में छुट्टी की खबर छात्रों के लिए राहत भरी हो सकती है। अभिभावकों को किसी भी प्रकार के भ्रम से बचने के लिए संबंधित स्कूल प्रशासन के संपर्क में रहना चाहिए। 

निलंबित DIG भुल्लर का मोबाइल जांच में आया सामने, कई अफसरों की संदिग्ध चैट मिली

चंडीगढ़  रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के निलंबित डी.आई.जी. हरचरण सिंह भुल्लर के मोबाइल में आई.ए.एस. और आई.पी.एस. के साथ संदिग्ध चैट मिली है। चैट पैसों का लेन-देन और अवैध कामों में शामिल है। सी.बी.आई. ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। सी.बी.आई. की डी.एस.पी. सोनाली ने मामले में अर्जी सी.बी.आई. की विशेष अदालत में दर्ज की है। सी.बी.आई. ने कहा कि भुल्लर के साथ पंजाब सरकार के कई अफसर अवैध कामों में शामिल हैं। चैट सी.बी.आई. को भुल्लर के मोबाइल फोन और लैपटॉप में मिले हैं। सी.बी.आई. ने भुल्लर का मोबाइल फोन और लैपटॉप जांच के लिए सी.एफ.एस.एल. भेज दिया है। सी.बी.आई. ने भुल्लर के साथ अवैध कामों में शामिल करीब 30 लोगों की लिस्ट बना ली है। इनमें डी.एस.पी. से लेकर आई.पी.एस. तक शामिल हैं। सी.बी.आई. के अधिकारियों ने कहा कि उनकी टीम जल्द ही भुल्लर के साथ अवैध कारोबार और पैसों के लेन-देन में शामिल अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाएगी और उन्हें पुलिस जांच में शामिल होने के लिए सम्मन भेजेगी। जांच एजैंसी के अनुसार यह मामला पिछले वर्ष दर्ज भ्रष्टाचार केस से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरैंसिक जांच, व्हाट्सएप चैट, पूछताछ और दस्तावेजों से कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क के सबूत मिले हैं। सी.बी.आई. का दावा है कि आरोपी अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर निजी लोगों को लाभ दिलाने के बदले रिश्वत लेते थे। इससे पहले भुल्लर की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है और वे फिलहाल चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद हैं। बता दें कि 6 अक्तूबर, 2025 को भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद भुल्लर के ठिकानों से 2 किलो के करीब सोना, साढ़े 7 करोड़ कैश समेत काफी सामान बरामद किया गया था। 13 मार्च को सी.बी.आई. कोर्ट ने भुल्लर और कृष्णु शारदा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में संज्ञान लेते हुए ट्रायल शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। पिछले महीने ही भुल्लर के खिलाफ केस चलाने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी ली गई थी। भुल्लर से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले सी.बी.आई. ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। सी.बी.आई. सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वैस्टमैंट करते हैं। इस पूछताछ में सी.बी.आई. को ऐसे 14 अफसरों का पता चला। जिसमें 10 आई.पी.एस. और 4 आई.ए.एस. अधिकारी थे। सी.बी.आई. ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 आई.पी.एस. में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 आई.ए.एस. अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद सी.बी.आई. ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमैंट्स जब्त किए थे।

बरनाला में मकान गिरने से 3 मजदूरों की मौत, मरम्मत के दौरान हुआ हादसा; चौथे मजदूर की तलाश जारी

 बरनाला  पंजाब के बरनाला जिले के गांव फरवाही में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब एक मकान अचानक गिरने से तीन मजदूर युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक की तलाश जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशाल पुत्र जीवन कुमार निवासी फरवाही का मकान सीवरेज का पानी नींव में जाने के कारण एक तरफ से कमजोर होकर बैठ गया था। इस मकान की मरम्मत का काम रणजीत ठेकेदार निवासी मोगा द्वारा किया जा रहा था और मकान को ऊपर उठाने का कार्य चल रहा था। शनिवार रात चार युवक बॉबी सिंह, प्रिंस, गुरजीत सिंह और एक अज्ञात युवक (सभी निवासी मोगा) उसी मकान के अंदर सो रहे थे। रविवार सुबह अचानक मकान की एक दीवार झुक गई, जिससे पूरा ढांचा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में तीन युवकों की मलबे के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों के शवों को सिविल अस्पताल बरनाला के शव ग्रह में रखवाया गया है। वहीं चौथे युवक की तलाश के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।  

ठाकुर दिलीप सिंह पर भगोड़ा नोटिस, CBI कोर्ट से 8 अप्रैल तक का समय; भैणी साहिब गद्दी विवाद और मर्डर केस में शामिल

लुधियाना  नामधारी संप्रदाय के सतगुरु जगजीत सिंह की मौत के बाद उत्तराधिकार विवाद में ठाकुर दिलीप सिंह अब फंसते नजर आ रहे हैं। सीबीआई स्पेशल कोर्ट मोहाली ने ठाकुर दिलीप सिंह को भगोड़ा (PO) घोषित करने के लिए पब्लिक नोटिस जारी कर दिया है। यह आदेश 9 साल से चल रही जांच और आरोपी के लगातार गायब रहने के बाद आया है। कोर्ट ने ठाकुर दिलीप सिंह के पीओ घोषित करने के लिए बाकायदा पब्लिक नोटिस भी पब्लिश करवा दिए हैं। आरोपी को 8 अप्रैल तक कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। अगर ठाकुर दिलीप सिंह कोर्ट में तय तिथि तक पेश नहीं हुए तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। ठाकुर दिलीप सिंह के खिलाफ तीन अलग-अलग थानों में केस दर्ज थे। माता चंद कौर की हत्या, सतगुरु उदय सिंह व माता चंद कौर के दामाद जगतार सिंह पर हमले की साजिश और नामधारी अवतार सिंह की हत्या में ठाकुर दिलीप सिंह का नाम आया। 2017 में ये तीनों मामले मर्ज करके सीबीआई को भेज दिए गए। सीबीआई ने चंडीगढ़ में मामला दर्ज करके इसकी जांच शुरू की, लेकिन ठाकुर दिलीप सिंह इस मामले में कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए। जिसकी वजह से कोर्ट ने पीओ नोटिस जारी किया है। भगोड़ा घोषित हुए तो CBI और पुलिस दिलीप सिंह की संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए उनकी तलाश तेज की जाएगी। ठाकुर दिलीप सिंह कौन हैं? ठाकुर दिलीप सिंह नामधारी संप्रदाय के दिवंगत सतगुरु जगजीत सिंह के बड़े भतीजे हैं। 5 अगस्त 1953 को भैणी साहिब (लुधियाना) में महाराज बीर सिंह के घर जन्मे दिलीप सिंह सिरसा स्थित अपने डेरे से नामधारी संगत के एक हिस्से का नेतृत्व करते हैं। 2012 में सतगुरु जगजीत सिंह की मौत के बाद उत्तराधिकार का विवाद भड़का। माता चंद कौर ने छोटे भाई उदय सिंह का समर्थन किया, जबकि दिलीप सिंह खुद गद्दी पर दावा कर रहे थे। इस विवाद ने संप्रदाय को दो गुटों में बांट दिया। श्री भैणी साहिब में उत्तराधिकार को लेकर उपजे विवाद में सीबीआई की जांच…     2012 में सतगुरु जगजीत सिंह की मौत: 2012 में श्री भैणी साहिब के प्रमुख सतगुरु जगजीत सिंह की मौत हुई। मौत से पहले उन्होंने सार्वजनिक तौर पर किसी को उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया। उनकी मौत के साथ ही उत्तराधिकार विवाद शुरू हुआ। ठाकुर उदय सिंह व ठाकुर दिलीप सिंह दावेदार थे।     सतगुरु उदय सिंह बने प्रमुख: ठाकुर उदय सिंह को श्री भैणी साहिब में नामधारी संप्रदाय की कमान सौंपी गई। उन्हें सतगुरु जगजीत सिंह की जगह सतगुरु बनाया गया। वहीं से ठाकुर दिलीप सिंह ने इस फैसले का विरोध करना शुरू किया।     जालंधर में टिफिन बम ब्लास्ट की साजिश: CBI जांच के अनासार ठाकुर दिलीप सिंह पर दिसंबर 2015 में एक खौफनाक आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है। साजिश यह थी कि जालंधर के फेमस 'हरिबल्लभ संगीत सम्मेलन' (25 दिसंबर 2015) के दौरान नामधारी संप्रदाय के वर्तमान प्रमुख सतगुरु उदय सिंह और माता चंद कौर के दामाद जगतार सिंह को टिफिन बम धमाके में मार दिया जाए। जांच एजेंसी का दावा है कि इस हमले का मास्टरमाइंड दिलीप सिंह ही थे। इस मामले की एफआईआर जालंधर में दर्ज की गई।     माता चंद कौर हत्याकांड: यह संप्रदाय के इतिहास का सबसे हाई-प्रोफाइल मर्डर केस रहा। 4 अप्रैल 2016 को नामधारी संप्रदाय के मुख्यालय भैणी साहिब (लुधियाना) के भीतर माता चंद कौर की दो अज्ञात हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। माता चंद कौर ने ठाकुर उदय सिंह को सतगुरु बनाने की घोषणा की थी, जिससे ठाकुर दिलीप सिंह गुट नाराज था। इस मामले की एफआईआर थाना कुमकलां लुधियााना में दर्ज की गई।     नामधारी अवतार सिंह की हत्या: माता चंद कौर की हत्या के बाद नामधारी समुदाय के अवतार सिंह की हत्या अज्ञात हमलावरों ने 2017 में की। इस हत्या में भी ठाकुर दिलीप सिंह का नाम सामने आया। इस मामले की एफआईआर साहनेवाल थाने में दर्ज की गई।     पुलिस जांच नहीं कर पाई तो सीबीआई को दिया केस: पुलिस जब इन तीनों मामलों को हल नहीं कर पाई तो राज्य सरकार ने इसे सीबीआई जांच के लिए भेज दिया। तीनों केस नामधारी समुदाय से संबंधित थे और उनका कनेक्शन दिलीप सिंह से बताया। सीबीआई ने तीनों केसों को मर्ज करके 2017 में एक नई एफआईआर दर्ज की और उसके बाद जांच शुरू की। जांच के बाद सीबीआई ने कई अहम खुलासे किए। सीबीआई जांच में यह बात सामने आई कि इन घटनाओं से सतगुरु उदय सिंह व उनके समर्थकों को डराना था।     मामले में निकाल थाइलैंड कनेक्शन: पंजाब पुलिस ने अमृतसर के पास से कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने कबूला कि उन्हें सिरसा गुट (दिलीप सिंह) से निर्देश मिले थे। बाद में CBI ने इस साजिश की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों (थाइलैंड कनेक्शन) की जांच शुरू की।     ड्राइवर की गिरफ्तारी से खुला था राज: इस मामले में दिलीप सिंह का पूर्व ड्राइवर पलविंदर सिंह उर्फ डिंपल मुख्य कड़ी साबित हुआ। डिंपल को साल 2018 में बैंकॉक (थाइलैंड) से गिरफ्तार कर भारत लाया गया था। उसके बयानों के आधार पर ही साजिश की कड़ियां जुड़ीं। अन्य आरोपियों में जगमोहन सिंह, हरदीप सिंह और हरभेज सिंह शामिल हैं।

पंजाब के 4 जिलों में बारिश का कहर, लुधियाना समेत ओले गिरने और आंधी का अलर्ट, चंडीगढ़ में बूंदाबांदी

लुधियाना पंजाब सहित राजधानी चंडीगढ़ में मार्च महीने के अंतिम दिनों में मौसम ने यू-टर्न ले लिया है। रविवार की शुरुआत बादलों और हल्क बारिश के साथ हुई है। चंडीगढ़ में सुबह ही बारिश ही हल्की बौछारों ने मौसम को सुहावना बना दिया है। वहीं पंजाब के कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं।   मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से रविवार से मौसम का मिजाज बदला है। रविवार व सोमवार के लिए पंजाब में बारिश के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ओलावृष्टि होगी व बारिश पड़ेगी। इससे तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाने से मौसम में आई तल्खी से राहत मिलेगी लेकिन मौसम विभाग की इस भविष्यवाणी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कारण यह है कि इस समय गेहूं की फसलें लगभग तैयार खड़ी हैं। ऐसे में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से फसलों के गिरने का खतरा है। इसके मद्देनजर मौसम विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। इसमें किसानों को सिंचाई न करने के साथ-साथ फसलों में खाद डालने व कीटनाशक का स्प्रे करने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को खराब मौसम के दौरान किसी भी खेतीबाड़ी संबंधित काम को न करने की सलाह देते हुए सुरक्षित जगह रहने को कहा गया है। किसानों के साथ-साथ आम लोगों को तेज हवाएं चलने व बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है। शनिवार को पंजाब में कुछ जगहों पर बेहद हल्की बारिश दर्ज हुई। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब यह सामान्य के नजदीक हो गया है। सबसे कम 15 डिग्री का न्यूनतम पारा बठिंडा व अबोहर का दर्ज किया गया। पंजाब के अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज हुई। यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। सबसे अधिक 33.3 डिग्री का पारा पटियाला का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री, लुधियाना का 32.0 डिग्री, पठानकोट का 28.9 डिग्री, बठिंडा का 33.2 डिग्री, होशियारपुर का 29.5 डिग्री, फाजिल्का का 32.6 डिग्री. फिरोजपुर का भी 32.6 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 16.0 डिग्री, लुधियाना का 16.6 डिग्री, पटियाला का 17.6 डिग्री, पठानकोट का 15.5 डिग्री, फरीदकोट का 18.8 डिग्री और रूपनगर का 15.5 डिग्री दर्ज किया गया।

पंजाब और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मलेरकोटला में दो आतंकियों को दबोचा, शेरवानी कोटे गांव में मजदूरी करते थे

मलेरकोटला  जम्मू कश्मीर पुलिस ने शनिवार को पंजाब के मलेरकोटला में चलाए गए ऑपरेशन में 2 पाकिस्तानी आतंकियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया. पंजाब पुलिस के साथ मिलकर चलाए गए इस ऑपरेशन में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकियों के नाम अबू हुरैरा और उस्मान हैं. जबकि, उनके साथ पकड़ा गया जमील एक स्थानीय निवासी है. जिसने दोनों पाकिस्तानी दहशतगर्दों को किराये का मकान दिलवाने में मदद की थी।  मलेरकोटला से पकड़ा गया पाकिस्तानी आतंकी  इनमें अबू हुरैरा ए प्लस कैटेगरी का खतरनाक पाकिस्तानी आतंकी है. इसकी गिरफ्तारी को खुफिया एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं, जिनसे भारत में पाकिस्तान की आतंकी साजिशों के बारे में जानकारी मिल सकती है।  सूत्रों के मुताबिक, श्रीनगर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को मलेरकोटला में पाकिस्तानी आतंकियों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद SOG ने पंजाब पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) यूनिट के साथ मिलकर मलेरकोटला के शेरवानी कोट गांव में छापा मारा. रेड के दौरान तीनों दहशतगर्दों ने भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें दबोच लिया गया।  15 साल से रह रहे थे दोनों पाकिस्तानी बताया जा रहा है कि दोनों मलेरकोटला में पिछले 15 वर्ष से रह रहे थे। दोनों पाकिस्तानी है। गांव शरेवानी कोट के सरपंच सिमरनजीत सिंह ने दोनों को शनिवार को पुलिस के सीआइए स्टाफ की टीम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ घर में दबिश देकर दोनों को पकड़ा। सिमरनजीत ने बताया कि दोनों करीब पांच साल से उनके गांव में ही रहकर मजदूरी करते थे। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि दोनों करीब 15 वर्ष से जिले के अलग-अलग गांवों में रह रहे थे। दोनों खुद को जम्मू-कश्मीर के रहने वाले बताते थे और वे स्थानीय लोगों से घुलमिल चुके थे। दोनों पाकिस्तानी हैं, किसी को कभी उन पर संदेह नहीं हुआ। 11 मई 2025 को मां-बेटी को भी पकड़ा था जासूसी करते मलेरकोटला से पाकिस्तानी आतंकी पकड़े जाने की यह पहली घटना है। हालांकि इससे पहले 11 मई 2025 में पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में बाप-बेटी को गिरफ्तार किया था। 31 वर्षीय गुजाला अपने पिता यामीन मोहम्मद के साथ सेना व अन्य बड़े प्रतिष्ठानों की जानकारी पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी अब्दुल्ला तक पहुंचाने का काम करते थे। इसके बदले में उन्हें पैसे दिए जाते थे। पुलिस ने दोनों को डिजिटल सुबूत के साथ गिरफ्तार किया था। वहीं, पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात अधिकारी को देश से निष्कासित कर दिया गया था। श्रीनगर पुलिस ने गुप्त सूचना पर चलाया ऑपरेशन उनकी गिरफ्तारी के बाद तीनों आतंकियों को ट्रांजिट रिमांड पर श्रीनगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया. जिसके बाद SOG के जवान दोनों आतंकी और उसके मददगार को अपनी कस्टडी में लेकर कश्मीर की ओर रवाना हो गए.  पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी पिछले 15 वर्षों से भारत के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे थे और भारतीय नागरिक बनकर बिना शक पैदा किए अपनी पहचान छिपाए हुए थे।  कट्टरपंथी गतिविधियों का गढ़ बन रहा मलेरकोटला इससे पहले भी मालेरकोटला पुलिस ने कट्टरपंथी गतिविधियों के आरोप में फरहान अंजुम, अदनान खान और वारिस अली को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से .32 बोर पिस्टल, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुए थे. वहीं, एक अन्य मामले में गुजाला और यामीन मोहम्मद को पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 

AAP सांसद ने लोकसभा में उठाई आवाज, शादी के लिए लड़के का डोप टेस्ट होना चाहिए जरूरी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मालविंदर सिंह कंग नेकेंद्र सरकार से आग्रह किया कि शादी के समय लड़कों के डोप टेस्ट और चिकित्सा जांच को अनिवार्य बनाने के लिए कानून बनाया जाए। उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह मांग उठाई। कंग ने कहा, ‘आज हमारे समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जब नया रिश्ता जुड़ता है तो लड़की के बारे में बहुत जांच-पड़ताल की जाती है, लेकिन लड़कों को लेकर उतनी जांच-पड़ताल नहीं होती।’ उनका कहना था कि शादी के समय लोग इस तरह की चीजें छिपाते हैं। उन्होंने कहा, 'सरकार से मांग है कि एक कानून बनाया जाए कि शादी के समय डोप टेस्ट और चिकित्सा जांच अनिवार्य हो।' उन्होंने कहा कि शादी के बाद कई बार सामने आता है कि लड़का गंभीर रूप से बीमार है या फिर वह आपराधिक प्रवृत्ति का है। इससे महिलाओं के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कंग ने कहा कि दूल्हे के लिए अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए कि वह मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और डोप टेस्ट का सर्टिफिकेट लड़की वालों के सामने पेश करे और तभी शादी हो। कांग्रेस सांसद ने की ऑनलाइन कारोबारियों पर लगाम की मांग कांग्रेस के उज्जवल रमण सिंह ने सरकार से ऑनलाइन कारोबार पर अंकुश लगाने तथा छोटे एवं मझौले व्यापारियों के हितों के संरक्षण की मांग की। सिंह ने शून्य काल में इस बारे में नियम बनाने और छोटे दुकानदारों और मझौले व्यापारियों का व्यवसाय को बचाने के उपाय करने की सरकार से मांग की। सपा के वीरेन्द्र सिंह ने किसानों के घरों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने पर बिल बढ़कर आने तथा प्रीपेड मीटर लगाने से उन्हें हो रही कठिनाइयों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनकी समस्यायें दूर करने की मांग की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशिकांत दुबे ने मुस्लिमों और ईसाइयों से विवाह करने वाली आदिवासी युवतियों का अनुसूचित जनजाति का दर्जा समाप्त करने की मांग की। भाजपा के ही चन्दूभाई छगनभाई शिहोरा ने गुजरात के सुरेन्द्र नगर इलाके के नमक किसानों को बारिश से हुए नुकसान की भरपाई करने और उन्हें भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। सपा के आनंद भदौरिया ने उत्तर प्रदेश में शहीदों और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किये जाने का मुद्दा उठाया और इसके दोषियों को सजा देने की मांग की। कांग्रेस के डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले ने 2027 की जनगणना के लिए निर्धारित प्रारूप के कॉलम में अन्य पिछड़ा वर्ग को भी जोड़ने की मांग की।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बाघापुराना में बंटी कुर्सी: चेयरमैन आप, वाइस चेयरमैन कांग्रेस

मोगा (पंजाब)   इस चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर 14 सदस्यों के समर्थन से चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैन के पद पर जीत हासिल की। आम आदमी पार्टी की सरबजीत कौर चेयरमैन और कांग्रेस की चरणजीत कौर वाइस चेयरमैन चुनीं गईं। शिरोमणि अकाली दल को 12 वोट मिले। पहले 17 मार्च को हुए थे चुनाव बाघापुराना ब्लॉक समिति में कुल 25 सदस्यों का चुनाव हुआ था, जिसमें अकाली दल के 13, कांग्रेस पार्टी के 3, एक निर्दलीय और आम आदमी पार्टी के आठ सदस्य जीतकर आए थे। 17 मार्च को हुए पहले चुनाव के दौरान अकाली दल और कांग्रेस ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया था कि उनके सदस्यों को मतदान करने से रोका गया। आरोपों के बावजूद आम आदमी पार्टी ने अपना चेयरमैन और वाइस चेयरमैन घोषित कर दिया था। इसके बाद शिरोमणि अकाली दल ने मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें चुनाव दोबारा करवाने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने दिए थे 28 मार्च को चुनाव के आदेश इस दौरान तत्कालीन एसडीएम ने भी पंजाब चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर मोगा डिप्टी कमिश्नर पर दबाव के आरोप लगाए गए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए बाघापुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया को कोट में पेश होने को कहा था। 23 मार्च को एसडीएम कोर्ट में पेश हुए जिसके बाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को 28 मार्च को दोबारा चुनाव करवाने के निर्देश दिए। अदालत के आदेश पर आज प्रशासन की निगरानी में निष्पक्ष तरीके से मतदान कराया गया जिसमें आम आदमी पार्टी की सरबजीत कौर चेयरमैन और कांग्रेस की चरणजीत कौर वाइस चेयरमैन बनीं। विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने बताया कि आज दोबारा हुए चुनाव में उनकी जीत हुई है। उन्होंने कहा कि 17 मार्च को हुए पिछले चुनाव में भी सरबजीत कौर चेयरमैन बनी थीं, लेकिन विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप आज पूरी तरह से झूठ साबित हो गए। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को मिलाकर कुल 14 सदस्यों का समर्थन मिला और सर्वसम्मति से चेयरमैन व वाइस चेयरमैन का चयन किया गया। विपक्ष को 12 वोट मिले। उन्होंने बताया कि 17 मार्च को हुए चुनाव के दौरान विपक्ष द्वारा की गई कथित गुंडागर्दी के मामले में भी कार्रवाई करने की बात कही गई। डीसी मोगा सागर सेतिया ने बताया कि आज हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पदों के लिए चुनाव करवाए गए। यह चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, जिसमें 25 सदस्यों के साथ विधायक ने अपना वोट दिया। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। सभी के सहयोग से चुनाव सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।  

मालेरकोटला में आतंक का पर्दाफाश: पंजाब पुलिस ने दो संदिग्ध आतंकी पकड़े, लंबे समय से थे सक्रिय

मालेरकोटला पंजाब पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन में मालेरकोटला से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी नागरिक बताए जा रहे हैं। मालेरकोटला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशों के विरुद्ध युद्ध अभियान के तहत हिरासत में लिए गए एक स्थानीय नशा तस्कर से पूछताछ के दौरान इन दोनों के बारे में जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि उनकी पहचान जम्मू-कश्मीर में सूचीबद्ध दो वांछित आतंकियों से मेल खाती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन कई पुलिस सूत्रों व थाना संदौड़ के अधीन गांव शेरवानी कोट के निवासियों ने पुलिस कार्रवाई की पुष्टि की है। 15 साल से भारत में रह रहे थे दोनों संदिग्धों की पहचान अब्बू गाबा हुैररा व उस्मान के रूप में हुई है। वह लंबे समय से गांव में किराएदार के तौर पर रह रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि वह 15 वर्षों से अधिक समय से भारत के विभिन्न स्थानों पर रह रहे थे व किसी को भी उनकी देश-विरोधी गतिविधियों या उनके भारतीय होने के दावे पर कोई संदेह नहीं था। माहोराणा स्थित मालेरकोटला की सीआईए विंग की एक टीम ने शेरवानी कोट गांव में छापेमारी कर दोनों को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया गया। गांव के सरपंच सिमरनजीत सिंह ने पुष्टि की कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने गांव में छापा मारकर दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया।  ग्रामीणों को नहीं हुआ शक गांव में किसी को भी इन दोनों पर शक नहीं था। ग्रामीणों के अनुसार, ये दोनों लंबे समय से गांव में रह रहे थे। मलेरकोटला में महोराणा की CIA विंग की एक टीम ने शेरवानी कोट गांव में छापा मारा और इन्हें गिरफ्तार किया। मलेरकोटला पुलिस ने हाल ही में देश-विरोधी तत्वों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एक अलग मामले में CIA और साइबर क्राइम यूनिट ने तीन स्थानीय युवकों फरहान अंजुम, अदनान खान और वारिस अली को धर्म के नाम पर युवकों को कट्टरपंथी बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने एक .32 बोर की पिस्तौल, तीन कारतूस और चार मोबाइल फोन बरामद किए। इससे पहले, अधिकारियों ने सीमा पार जासूसी के एक मामले में गुजाला नाम की एक महिला और यामीन मोहम्मद को भी गिरफ्तार किया था। महिला पर एक स्थानीय हैंडलर के तौर पर काम करने का आरोप है, जबकि यामीन मोहम्मद, जिसका कथित तौर पर पाकिस्तान दूतावास से संबंध था, पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को जानकारी देने का आरोप है। पुलिस ने इस ताजा ऑपरेशन का पूरा ब्योरा अभी जारी नहीं किया है, और आगे की जांच जारी है।