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लुधियाना का साइकिल हब बदलेगा तस्वीर: अब ‘सवारी’ नहीं, लाइफस्टाइल प्रोडक्ट बनेगी साइकिल

चंडीगढ़. “पुर्जों से प्लेटफार्म तक विश्व बाजार के लिए पंजाब की अगली पीढ़ी की साइकिलें” विषय पर आयोजित “साइकिल और ई-बाइक्स” सत्र में पंजाब के साइकिल उद्योग के विकास व विस्तार पर चर्चा हुई। एवन साइकिल के चेयरमैन और प्रबंधकीय निदेशक ओंकार सिंह पाहवा ने कहा कि पंजाब एक व्यवसाय अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है, जिससे उद्यमियों को अपने लक्ष्यों को साकार आसानी हो रही है। एमएसई के लिए विस्तारित स्व-प्रमाणीकरण और सिंगल-पाइंट रजिस्ट्रेशन जैसी प्रक्रिया प्रोजेक्ट को लगाने में तेजी लाएगी और निवेश को रोजगार, निर्यात तथा औद्योगिक उत्पादन में बदल देगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 4,000 से अधिक एमएसएमई निर्माता और 100 से अधिक मध्यम और बड़े साइकिल निर्माता प्रतिवर्ष लगभग 2.2 मिलियन साइकिलों का उत्पादन करते हैं, जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े साइकिल उत्पादक देशों में शामिल हो गया। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास कंपोनेंट्स और कच्चे माल की बड़ी क्षमता है तथा विश्वस्तरीय टायर निर्माण क्षमता इस क्षेत्र को और मजबूती प्रदान करती है। रॉलसन इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव पाहवा ने साइकिल उद्योग के ऐतिहासिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1970 और 1980 के दशक में स्वदेशी तकनीक और सहायक ईकोसिस्टम ने टायर और ट्यूब निर्माण उद्योग के विकास को संभव बनाया, जो आज घरेलू और विश्व बाजारों में अपनी पहचान बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि बदलते परिवहन पैटर्न, आर्थिक समृद्धि और मोटरसाइकिलों की बढ़ती प्राथमिकता के कारण साइकिलों का मुख्य परिवहन साधन के रूप में महत्व कम हुआ है और उद्योग अब एक नए मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने सुझाव दिया कि साइकिलों को खेल, मनोरंजन, स्वास्थ्य और टिकाऊ शहरी परिवहन के साधन के रूप में पुनः स्थापित करके इस उद्योग को नया जीवन दिया जा सकता है।

पंजाब में हाई अलर्ट: अमृतसर से AK-47 समेत दो युवक पकड़े गए, पुलिसकर्मी पर हमले की थी साजिश

अमृतसर. अमृतसर देहात पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीमा पार से संचालित हथियार तस्करी और आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से ए के सैंतालीस राइफल समेत कई आधुनिक हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। अमृतसर देहात के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोहेल मीर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को अमृतसर देहात के गांव माहवा से काबू किया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक ए के सैंतालीस राइफल, दो मैगजीन, 36 जिंदा कारतूस और तीन आधुनिक नौ मिलीमीटर पिस्तौल बरामद की गईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हथियारों का यह जखीरा पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में भेजा गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आई एस आई की मदद से यह साजिश रची गई थी और इसका मकसद पंजाब में अस्थिरता फैलाना था। हथियार गुरदासपुर भेजे जाने थे पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि बरामद किए गए हथियार गुरदासपुर भेजे जाने थे। वहां एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाकर हत्या करने की साजिश बनाई गई थी। पुलिस की समय पर कार्रवाई से इस बड़ी वारदात को टाल दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोहेल मीर ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मॉड्यूल के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसके तार किन-किन स्थानों तक जुड़े हुए हैं। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोग भी सक्रिय हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। साथ ही सीमा पार से होने वाली हथियार तस्करी को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

केंद्र से जवाब तलब: अमन अरोड़ा ने अमित शाह से पूछा 1600 करोड़ राहत फंड का हिसाब

चंडीगढ़. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मोगा में होने वाली रैली से पहले पंजाब सरकार के मंत्री अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार पर कई सवाल उठाए। चंडीगढ़ में आयोजित संवाददाता बैठक में उन्होंने कहा कि पंजाब से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। अमन अरोड़ा ने सबसे पहले ग्रामीण विकास निधि की राशि का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मद में पंजाब के करोड़ों रुपये रोक रखे हैं। इसके कारण राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि कब जारी की जाएगी। मंत्री ने पिछले वर्ष आई बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि उस आपदा से पंजाब को भारी नुकसान हुआ था। उस समय प्रधानमंत्री ने राज्य के लिए सोलह सौ करोड़ रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक उस राशि में से एक भी रुपया पंजाब को नहीं मिला है। मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच हुए समझौते पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह समझौता नहीं बल्कि एकतरफा आदेश जैसा प्रतीत होता है, जिससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने पूछा कि सरकार ने इस समझौते के सामने झुकने का निर्णय क्यों लिया। अमन अरोड़ा ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों को कर में छूट देने से पंजाब को आर्थिक नुकसान हुआ है। उनके अनुसार इस विषय पर भी केंद्र सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। दूसरे राज्यों से आ रहे नशे पर भी उठाया सवाल नशे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार नशे की खेप दूसरे राज्यों से आती है। इसलिए इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार को भी सख्त कदम उठाने चाहिए। मंत्री ने रोजगार योजना को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि करीब बीस वर्षों से चल रही इस योजना में बदलाव से लाखों लोगों के सामने बेरोजगारी का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने केंद्र से पूछा कि आखिर इस तरह का निर्णय किस मजबूरी में लिया गया। गैस किल्लत पर केंद्र को घेरा अमन अरोड़ा ने गैस संकट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गलत विदेश और घरेलू नीतियों के कारण देश में गैस की किल्लत की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बरनाला की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि गैस सिलेंडर लेने के लिए लगी लंबी लाइन में खड़े एक व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पहले भी नोटबंदी के समय देखने को मिली थी, जब लोग लंबी लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हुए थे। अरोड़ा ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर केंद्र सरकार को जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

बीजेपी की बदलाव रैली में शाह बोले- ‘विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और नशा-धर्म परिवर्तन रोकेंगे’

मोगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोगा जिले के गांव किल्ली चहलां में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की बदलाव रैली को संबोधित करते हुए पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐसी स्थिति बन गई है कि यहां सरकार जैसी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में पंजाब में भाजपा की अपनी सरकार बनेगी। अमित शाह हलवारा हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद रैली स्थल पहुंचे और अपने भाषण की शुरुआत “बोले सो निहाल” के उद्घोष के साथ की। इसके बाद उन्होंने लोगों से भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे भी लगवाए। उन्होंने कहा कि आज नानकशाही कैलेंडर के अनुसार नए वर्ष की शुरुआत है और इस अवसर पर वह पंजाब सहित दुनियाभर में बसे पंजाबियों को शुभकामनाएं देते हैं। शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत गुरुओं को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि उनके सिर पर बंधी पगड़ी गुरु घर के प्रति पूरे भारत के सम्मान और कर्ज का प्रतीक है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि उनके त्याग के कारण ही धर्म और संस्कृति की रक्षा संभव हुई। अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों को भी खत्म कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा वर्ष 2027 में पंजाब में अपनी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने लोगों से दोनों हाथ उठाकर भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प लेने की अपील की। शाह ने मौजूदा राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी परिवर्तन के नाम पर सत्ता में आई थी, लेकिन अपने वादे पूरे नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि राज्य में पच्चीस लाख नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ। नशा मुक्त पंजाब बनाने का दावा किया गया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार में डूबी है मौजूदा सरकार शाह ने अपने संबोधन में कह कि सोलह हजार दवा केंद्र खोलने और सोलह नए चिकित्सा महाविद्यालय बनाने का वादा भी अधूरा है। किसानों को सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और सिख दंगों के पीड़ितों को मुआवजा देने के वादे भी पूरे नहीं किए गए। अमित शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और यह सरकार दिल्ली के नेताओं के इशारों पर चल रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार दिल्ली के लिए धन जुटाने का माध्यम बन गई है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अपराध और नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। शाह ने कहा कि राज्य में गैंगस्टर सक्रिय हैं, फिरौती के मामले सामने आ रहे हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने दावा किया कि देश में पकड़ी जाने वाली हेरोइन का बड़ा हिस्सा पंजाब से जुड़ा पाया गया है। शाह ने कहा कि यदि पंजाब को नशे, भ्रष्टाचार और अपराध से मुक्त कराना है तो प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनानी होगी। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा को अवसर मिला तो दो वर्षों के भीतर नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा को उन्नीस प्रतिशत मत मिले थे और जहां इतना समर्थन मिलता है, वहां आगे चलकर भाजपा सरकार बनाने में सफल होती है। शाह ने कहा कि अब पंजाब की बारी है और जनता भाजपा को एक अवसर दे। पंजाब को लगी नजर उतारो पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि आज पंजाब को बुरी नजर लग गई है और इसे उतारने की जरूरत है। जाखड़ ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, थानों और पुलिस मुख्यालय तक पर हमले हो रहे हैं तथा फिरौती की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। जाखड़ ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष भी कमजोर है और आपसी विवादों में उलझा हुआ है। उन्होंने केंद्र से पंजाब के विकास में सहयोग बढ़ाने की अपील की। पंजाब में गैंगस्टर राज; मोदी और अमित शाह ही बचा सकते हैं प्रदेश कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब वह रैली की तैयारी के लिए प्रदेश में घूम रहे थे तो कई बुजुर्गों ने उनसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक अपनी बात पहुंचाने को कहा। लोगों का कहना था कि यदि आज कोई पंजाब को बचा सकता है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य में गैंगस्टर राज बढ़ रहा है और कानून व्यवस्था कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा, जो पहले अपनी प्रतिभा के लिए जाने जाते थे, आज नशे की समस्या से जूझ रहे हैं। राज्य को नई सोच व मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता मनप्रीत बादल ने कहा कि पंजाब को नई सोच और मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है। उनके अनुसार प्रदेश में नेतृत्व की कमी दिखाई दे रही है और भाजपा इस कमी को पूरा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब अमित शाह देश के गृह मंत्री बने थे, उस समय देश के लगभग दो सौ जिले उग्रवाद से प्रभावित थे, जबकि अब यह संख्या काफी कम होकर कुछ जिलों तक सीमित रह गई है। रैली से पहले अमित शाह ने सामाजिक माध्यम पर संदेश भी जारी किया। उन्होंने कहा कि पंजाब का हर नागरिक बदलाव चाहता है। उनके अनुसार जवानों, किसानों और मेहनतकश लोगों की धरती को वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार, नशे और अपराध की समस्याओं में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और विकास दोनों प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री बिट्‌टू ने बताई सरकार की नीतियां  इस रैली में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश और पंजाब के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में विकास की नई दिशा दिखाई दे रही है और किसानों, युवाओं तथा गरीब वर्ग के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि … Read more

पंजाब विश्वविद्यालय के 28 साल पुराने ढाबा लकड़ी के तंदूर पर परोस रहा भोजन

चंडीगढ़. पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में 28 वर्ष पुराना एक छोटा ढाबा एलपीजी सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों के बावजूद लकड़ी के तंदूर पर भोजन बनाकर छात्रों को परोस रहा है. विश्वविद्यालय के गेट-2 के पास शांत स्थान पर स्थित यह ढाबा वर्ष 1998 में शुरू किया गया था। इसे वर्तमान संचालक गुरप्रीत सिंह के ननिहाल पक्ष के बुजुर्गों ने शुरू किया था। समय के साथ यह ढाबा छात्रों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया। यहां मिलने वाला सादा भोजन भी छात्रों को घर की याद दिला देता है। ढाबे की सबसे खास बात इसकी पारंपरिक रसोई है। जब कई जगहों पर रसोई गैस की कमी या कीमतों में बढ़ोतरी से परेशानी बढ़ रही है, तब यहां लकड़ी के तंदूर की आंच पर रोटी और सब्जी तैयार की जा रही है। इसी कारण एलपीजी की कमी का असर इस छोटे से ढाबे पर ज्यादा नहीं पड़ रहा। पोस्ट ग्रेजुएट होकर संभाला ढाबा ढाबे की छत नीले रंग की तिरपाल से ढकी हुई है और बैठने की व्यवस्था भी सीमित है। एक समय में करीब बीस लोग ही यहां बैठकर भोजन कर सकते हैं। इसके बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में छात्र यहां पहुंचते हैं और सादगी भरे भोजन का आनंद लेते हैं। अभी इसका संचालन गुरप्रीत सिंह करते हैं, जो खुद पोस्ट ग्रेजुएट हैँ।  वे बताते हैं कि उन्होंने बचपन से ही इस ढाबे के साथ काम किया है। उनके लिए यह केवल रोजी-रोटी का साधन नहीं, बल्कि भावनात्मक लगाव से जुड़ा स्थान है। उनका कहना है कि वह छात्रों को सस्ता और अच्छा भोजन देने की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। गुरप्रीत सिंह बताते हैं कि उनके दादा मोहनिंदर सिंह सत्तर के दशक में शहर के एक इलाके में ढाबा चलाते थे। उनकी मेहनत और स्वादिष्ट भोजन से प्रभावित होकर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उन्हें परिसर में ढाबा शुरू करने का अवसर दिया था। तभी से यह ढाबा लगातार चल रहा है। सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक होती है वर्किंग ढाबे की टीम में कुल तीन लोग हैं। सुबह आठ बजे से तैयारी शुरू हो जाती है। गुरप्रीत सिंह खुद बाजार से सब्जियां और जरूरी सामान लेकर आते हैं। इसके बाद सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक छात्रों को भोजन परोसा जाता है। कोविड-19 के दौरान जब विश्वविद्यालय लगभग दो वर्षों तक बंद रहा, तब ढाबे को कठिन दौर से गुजरना पड़ा। उस समय गुरप्रीत सिंह को परिवार का खर्च चलाने के लिए अतिरिक्त काम भी करना पड़ा। हालांकि परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ढाबा फिर से पहले की तरह चलने लगा। यह ढाबा केवल भोजन का स्थान नहीं, बल्कि यादों का हिस्सा भी बन चुका है। कई पूर्व छात्र वर्षों बाद भी यहां आकर पुराने दिनों को याद करते हैं। कुछ छात्र विदेश में बसने के बाद भी जब शहर आते हैं, तो यहां का भोजन जरूर करते हैं। छात्रों का कहना है कि यहां मिलने वाला भोजन उन्हें घर की याद दिलाता है। सादगी, अपनापन और साफ-सफाई के कारण यह छोटा सा ढाबा आज भी विश्वविद्यालय परिसर की खास पहचान बना हुआ है।

पंजाब कृषि के साथ-साथ प्रमुख औद्योगिक हब बन रहा है, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में: विश्व औद्योगिक नेता

चंडीगढ़  विश्व भर के दिग्गज उद्योगपतियों ने आज प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन-2026 के दौरान पंजाब को निवेश केंद्र में बदलने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की। इन प्रमुख उद्योगपतियों ने पंजाब सरकार की नीतियों की प्रशंसा की और राज्य में नए निवेश तथा विस्तार संबंधी योजनाओं का ऐलान किया। दुनिया की अग्रणी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल के कार्यकारी चेयरमैन लक्ष्मी एन. मित्तल ने कहा, “पंजाब में होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है क्योंकि यह धरती कड़ी मेहनत, सहनशीलता और उदारता सिखाती है। पंजाब महज एक राज्य नहीं बल्कि ऊर्जा, हिम्मत और आगे बढ़ने के दृढ़ इरादे का नाम है। पंजाबी अपनी बेमिसाल मेहनत और लगन के कारण दुनिया में जहां भी हैं, वहां अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं।” उन्होंने कहा, “पंजाबियों ने दुनिया भर में खेतों से लेकर व्यापार तक दृढ़ वचनबद्धता के साथ अपनी पहचान बनाई है। बठिंडा तेलशोधक कारखाना नवीनतम तकनीक के साथ पंजाब में आने वाले उद्योगों के लिए मजबूत नींव है। हमने पंजाब में 60,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया है जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। घरेलू गैस की मौजूदा कमी को देखते हुए, रिफाइनरी ने उत्पादन 1000 टन से बढ़ाकर 3000 टन प्रतिदिन कर दिया है। पंजाब सरकार के निरंतर समर्थन के साथ, हमने 26,000 करोड़ रुपए की लागत से एक मेगा विश्व स्तरीय पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी स्थापित किया है जो लघु, छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़ा हुलारा दे रहा है और पंजाब में सामाजिक तथा आर्थिक विकास को गति प्रदान कर रहा है।” लक्ष्मी एन. मित्तल ने आगे नई विस्तार योजनाओं का ऐलान किया और कहा, “हमारी कंपनी नवीकरणीय और टिकाऊ ऊर्जा में अपनी भागीदारी बढ़ाएगी। हम आधुनिक तकनीक और मशीन इंटेलिजेंस का उपयोग करके 500 फ्यूल स्टेशन स्थापित करके पेट्रोल पंप क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। पंजाब में पहला पेट्रोल पंप जल्द ही बठिंडा में शुरू किया जाएगा। मैं पंजाब सरकार के सहयोग और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा औद्योगिक क्षेत्र और इसके तेज विकास को प्राथमिकता देने के लिए दिखाई गई व्यक्तिगत दिलचस्पी की सराहना करता हूं। हमारी कंपनी और पंजाब सरकार के बीच पंजाब में औद्योगिक क्षेत्र को मजबूत करने के लिए साझेदारी लंबे समय तक चलेगी और हम पंजाब के औद्योगिक विकास में और भी योगदान देने के लिए तैयार हैं।” अपने विचार साझा करते हुए, हीरो एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल ने कहा, “पंजाब सरकार पंजाब को औद्योगिक राह पर वापस लाने के लिए सौहार्दपूर्ण प्रयास कर रही है। पंजाब कभी देश में आर्थिक रूप से अग्रणी राज्य था और अब औद्योगिक विकास, प्रगतिशील कृषि तथा तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रियल एस्टेट पर ध्यान केंद्रित करके इसे दोबारा बदलने के लिए जोरदार प्रयास किए जा रहे हैं। यह सम्मेलन उद्योग-अनुकूल नीतियों के साथ पंजाब में औद्योगिक क्रांति को प्रत्यक्ष रूप देने में बहुत मदद करेगा।” उन्होंने आगे कहा, “आज भारत और भारतीय विश्व स्तर पर ऐसी नई छवि का आनंद ले रहे हैं जो पहले कभी नहीं बनी थी और हमें विकास को तेज करने के लिए इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। पंजाब को देश के अग्रणी राज्यों में ले जाने के लिए इस गति को बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि बहुत सारे क्षेत्र विकास के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। मैं मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की भी सराहना करता हूं जिन्होंने पंजाब के आर्थिक विकास को तेज करने वाली कई नवीन पहलकदमियां शुरू की हैं।” टाटा स्टील लिमिटेड के सी.ई.ओ. और मैनेजिंग डायरेक्टर टी. वी. नरेंद्रन ने कहा, "मैं पंजाब सरकार, खासकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना करता हूं, जिन्होंने लुधियाना में टाटा प्रोजेक्ट को हकीकत में बदल दिया है और यह प्रोजेक्ट अब उद्घाटन के चरण में है। हमें पंजाब में एक शानदार अनुभव हुआ है। हमारे प्रोजेक्ट को दो साल पहले मंजूरी दी गई थी और पंजाब सरकार द्वारा दिए गए निरंतर समर्थन और सहयोग के कारण इसे सुचारू रूप से चलाया गया है।" उन्होंने आगे कहा, “यह प्लांट दुनिया के पर्यावरण-अनुकूल और साफ स्टील पैदा करने के लिए ऊर्जा-कुशल तकनीकों का उपयोग करने वाली नवीनतम सुविधाओं में से एक होगा। टाटा का 3200 करोड़ रुपए का यह स्टील प्लांट सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में और भी बहुत निवेश होगा।” सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राज्यसभा सदस्य और ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता ने कहा, “यह पंजाब के लिए वाकई एक नई शुरुआत है क्योंकि पंजाब सरकार ने उद्योग के लिए प्रभावशाली नीतियां लाई हैं जो इतिहास रच रही हैं। ये नई नीतियां औद्योगिक भागीदारों, खासकर युवाओं, पर्यावरण और उच्च-तकनीकी क्षेत्रों के मुद्दों और सरोकारों को संबोधित करती हैं।” उन्होंने यह भी ऐलान किया, “ट्राइडेंट ग्रुप अगले दो सालों में पंजाब में 5000 करोड़ रुपए का निवेश करेगा और टेक्सटाइल सेक्टर में 10,000 से अधिक नौकरियां पैदा की जाएंगी जिनमें से 5000 महिलाओं के लिए होंगी।” राजिंदर गुप्ता ने आगे कहा, “पंजाब सरकार औद्योगिक क्षेत्र में एक नई सुबह सुनिश्चित करने के लिए किए गए सौहार्दपूर्ण प्रयासों के लिए प्रशंसा की हकदार है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब एक बार फिर औद्योगिक विकास में शीर्ष दस राज्यों में गिना जाएगा। यह पंजाब के लिए इस क्षेत्र में और ऊंचाइयां छूने का सही समय है। औद्योगिक क्षेत्र में पंजाब का विकास बेमिसाल और तुलना से परे है।” जे.एस.डब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने भी विस्तार योजनाओं का ऐलान किया और कहा, “मेरी पृष्ठभूमि पंजाब से जुड़ी है और मुझे पंजाब के विकास यात्रा से जुड़े होने पर गर्व है। हम अपने राजपुरा प्लांट का विस्तार करेंगे और स्टील क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के लिए 3000 करोड़ का निवेश करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब पारंपरिक रूप से कृषि के लिए जाना जाता है लेकिन आज यह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा पेश की गई प्रगतिशील और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण एक मजबूत औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा है। उद्यमिता पंजाबियों के खून में दौड़ती है और वे दुनिया के हर कोने में पंजाब को गौरवान्वित करते रहते हैं। मैं इन्वेस्ट पंजाब सम्मेलन के आयोजन और इसकी सक्रिय पहलकदमियों के लिए भी पंजाब सरकार की सराहना करता हूं जो पंजाब को उद्योग और विकास के लिए भारत … Read more

गैस सिलेंडर माफिया पर जनता का शिकंजा, पंजाब में वाहन सहित रंगे हाथ पकड़ा गया गिरोह

लुधियाना. ग्यासपुरा के महादेव नगर में इलाके में गुरुवार शाम को लोगों ने मिलकर गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे माफिया को सिलेंडर से भरी गाड़ी के साथ पकड़कर साहनेवाल थाने के कंगनवाल चौकी के हवाले कर दिया। इलाके के लोगों ने बताया कि जनता को सिलेंडर लेने के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ता है, जबकि गैस माफिया के गुंडे शहर के अलग-अलग हिस्सों में सिलेंडर से भरी गाड़ियों से ब्लैक मार्केट का धंधा चला रहे हैं। इस इलाके में सिर्फ एक दुकानदार कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई करने आया था, जबकि जनता को सिलेंडर के लिए परेशान किया जा रहा है। जब सिलेंडर देने वाले व्यक्ति का वीडियो बनाया गया और पूछताछ शुरू हुई तो दुकानदार शटर बंद करके भाग गया। इसी बीच लोगों ने इकट्ठा होकर पुलिस को सूचना दी। इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि 28 घंटे का लंबा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अभी तक सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले आरोपी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से बात हुई तो उन्होंने कहा कि LPG गैस की ब्लैक मार्केटिंग और मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के तहत 6 मेंबर की टीम बनाई गई है और तुरंत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों को गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साहनेवाल थाना चीफ वरिंदर सिंह से बात हुई तो उन्होंने पहले कहा कि जांच चल रही है। अब उन्होंने कहा कि सिलेंडर से भरी गाड़ी पुलिस पोस्ट पर खड़ी है लेकिन इस मामले में फूड सप्लाई ऑफिसर ही कार्रवाई करेंगे। खबर लिखे जाने तक फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट के अधिकारियों और कर्मचारियों की तरफ से शहर में खुलेआम सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। जबकि सवाल यह उठता है कि माफिया के पास आखिर कमर्शियल गैस सिलेंडर से भरी गाड़ी कहां से आई, जबकि हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम और कुदरती गैस मंत्रालय ने पूरे देश में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी है। 

सजा की जगह हरियाली की जिम्मेदारी: हाईकोर्ट ने बुजुर्ग को 20 पौधे लगाने और एक साल संभालने को कहा

चंडीगढ़. पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी ठहराए गए 73 वर्षीय गुरदीप सिंह मनचंदा की सजा को निलंबित करते हुए 20 पौधे लगाने और उनकी एक साल तक देखभाल करने की अनोखी शर्त रखी है। साथ ही पौधरोपण का प्रमाण भी फोटो के रूप में अदालत में पेश करना होगा। अदालत ने कहा कि अपील पहले ही स्वीकार की जा चुकी है और मामलों के भारी लंबित होने के कारण इसकी जल्द सुनवाई संभव नहीं है। ऐसे में अपील लंबित रहने के दौरान दोषी को लगातार जेल में रखना उचित नहीं होगा। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने गुरदीप सिंह द्वारा दायर उस आवेदन को स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया जिसमें अपील लंबित रहने के दौरान सजा निलंबित करने की मांग की गई थी। मनचंदा ने 30 जुलाई 2024 के उस फैसले के खिलाफ लंबित अपील के दौरान सजा निलंबित करने के लिए अर्जी की थी जिसमें उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में दोषी ठहराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें पांच साल के कठोर कारावास और 30 हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी। यह मामला वर्ष 2013 में दर्ज फतेहगढ़ साहिब के एक पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था। याची ने दलील दी कि जिस मूल आपराधिक मामले के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप बना था उसमें ट्रायल कोर्ट फरवरी 2019 में मनचंदा को बरी कर चुकी है। अन्य तीन मामलों में भी उन्हें अदालत से राहत मिल चुकी है। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता 73 वर्ष के हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। याची और सरकार की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड का अवलोकन किया और पाया कि याचिकाकर्ता मूल आपराधिक मामले में पहले ही बरी हो चुका है। साथ ही हिरासत प्रमाणपत्र के अनुसार वह एक वर्ष चार महीने और 27 दिन जेल में बिता चुका है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने कहा कि अपील के लंबित रहने के दौरान आरोपी को जेल में रखने का कोई उपयोगी उद्देश्य नहीं रहेगा। मनचंदा बिना अदालत की अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेगा।

हाईकोर्ट का अहम आदेश: पंजाब सरकार पेंशनरों को दे अवकाश नकदीकरण और बकाया एरियर

चंडीगढ़. पंजाब में वर्षों से लंबित संशोधित पैंशन और महंगाई भत्ता (डी.ए.) के एरियर के भुगतान को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जिन पैंशनरों को संशोधित पैंशन, अवकाश नकदीकरण और डी.ए. के एरियर का लाभ मिलना चाहिए, उन्हें यह लाभ केवल याचिकाकर्त्ताओं तक सीमित न रहकर राज्य के सभी पात्र पैंशनरों को दिया जाए। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने यह आदेश सुरिंद्र सिंह व अन्य सहित संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि सभी पात्र पैंशनरों को देय लाभ सुनिश्चित किए जाएं और इस संबंध में 3 माह के भीतर जिम्मेदार अधिकारी के शपथ पत्र के माध्यम से अनुपालन रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए। याचिकाकर्त्ताओं ने अदालत को बताया कि वे पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड और राज्य के विभिन्न बोर्डों और निगमों से सेवानिवृत्त पैंशनर हैं। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक की संशोधित पैंशन के एरियर जारी किए जाएं और 1 जुलाई 2015 से केंद्रीय पैटर्न के अनुसार संशोधित डी.ए. का भुगतान किया जाए। साथ ही देरी से भुगतान पर ब्याज देने की भी मांग रखी गई थी। याचिकाकर्त्ताओं के वकीलों ने अदालत को बताया कि 2016 से लंबित एरियर की प्रतीक्षा करते-करते अब तक 35,000 से अधिक पैंशनरों का निधन हो चुका है। बढ़ती उम्र में चिकित्सा खर्च और महंगाई के कारण पैंशनरों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है, जबकि सरकार द्वारा संशोधित वेतन और डी.ए. को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। सुनवाई के दौरान अदालत ने 6वें वेतन आयोग की सिफारिशों और राज्य सरकार द्वारा 2021 में अधिसूचित संशोधित वेतन नियमों का भी उल्लेख किया।

चुनावी मैदान में अकाली दल का नया दांव, मुफ्त गेहूं और सस्ती दाल का किया बड़ा वादा

गुरदासपुर. पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को फतेहगढ़ चूड़ियां स्थित गांव लोधीनंगल के खेल स्टेडियम में एक विशाल रैली को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ सीनियर नेता बिक्रम मजीठिया, डा. दलजीत सिंह चीमा, सुच्चा सिंह लंगाह सहित अन्य उपस्थित रहे। सुखबीर बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि पंजाबियों के दिल की धड़कन है। उन्होंने कहा कि पंजाब में सबसे अधिक विकास बादल सरकार के समय हुआ है। अकाली दल की सोच है कि पंजाब तभी उन्नति करेगा, जब यहां पर भाईचारा बनी रहेगी। लेकिन कुछ पार्टियां लोगों के धर्म के नाम पर लड़ाकर राज करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में आई बाढ़ के दौरान न केंद्र सरकार ने कुछ दिया और न ही पंजाब सरकार ने कुछ दिया, अगर लोगों के साथ खड़ा था तो वह अकाली दल। उन्होंने कहा कि पंजाब में अकाली दल की सरकार आने पर एक महीने के भीतर लोगों को ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाएंगे। सरकार आने पर फिर से हर महीने 30 किलो गेहूं व 20 रुपये किलो दाल दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा, "गांवों में कंक्रीट की गलियां व नालियां बनाई जाएंगी। हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज और एक वेटरनरी कालेज खोला जाएगा। हर जिले में एक स्किल कॉलेज खोला जाएगा, जहां से लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। SC के आदेश के बावजूद पक्के तौर पर DGP नहीं लगा रही सरकार: मजीठिया मजीठिया ने कहा कि मुझे जेल में भेजने के बाद भी मुख्यमंत्री को यह चिंता थी कि जेल में क्या खाता है। कभी मेरे आलू-बैंगन खाने का जिक्र करते थे तो कभी सिरहाने का। उन्होंने कहा कि जितने भी पे कमिशन लागू हुए सभी प्रकाश सिंह बादल ने किए। सबसे अधिक वेतन व डीए बादल सरकार के समय में मिला। लेकिन आज डीजीपी व चीफ सेक्रेटरी तो पूरे भत्ता लेता हैं, लेकिन कर्मचारियों को कुछ नहीं मिलता। उन्होंने आगे कहा, "जब अकाली दल द्वारा गरीब लोगों के लिए आटा दाल स्कीम शुरू की गई तो मुख्यमंत्री का कहना था कि लोगों को आटा दाल की जरूरत है, लेकिन अब चुनाव नजदीक आते ही गेहूं के साथ-साथ दाल, तेल आदि भी देने की बात कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि पंजाब में आज तक पक्का डीजीपी नहीं लग सका। सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर होने के बाद पक्के तौर पर डीजीपी नहीं लगा रही।