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पासिंग फीस और अवैध वाहनों पर सरकार सख्त, मंत्री चीमा ने समाधान का दिया भरोसा

चंडीगढ़. वाहनों की पासिंग फीस में भारी वृद्धि से ट्रांसपोटरों की वित्तिय देनदारियों को कम करने के लिए सभी कानूनी समाधानों पर विचार किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मिनी बस आपरेटरों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि अवैध रूप से संचालित वाहनों के कारण उत्पन्न होने वाली गंभीर परिचालन समस्याओं निर्धारित मिनी बस मार्गों पर चलने वाले ऐसे अनियमित वाहनों के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। बैठक में परिवहन सचिव वरुण रूजम, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर परनीत शेरगिल और निदेशक परिवहन राजीव कुमार गुप्ता के साथ एसोसिएशन की ओर से अपनी परिचालन संबंधी समस्याओं के बारे में सौंपे गए एक विस्तृत मांग पत्र का बारीकी से मूल्यांकन किया। वित्त मंत्री ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप करने के निर्देश जारी किए और इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार पंजाब भर के हजारों स्वरोजगार से जुड़े परिवहन ऑपरेटरों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ये वाहन स्थापित ऑपरेटरों की आजीविका को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं, बसों की समय-सारिणी को बाधित करते हैं और सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनकर यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करते हैं। वित्त मंत्री ने डीजल, टायरों और मोटर लुब्रिकेंट्स सहित परिचालन लागत में हुई वृद्धि के कारण छोटे स्तर के आपरेटरों को पेश आ रही गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का भी संज्ञान लिया। यह स्वीकार करते हुए कि बढ़ती लागतें इस क्षेत्र के अस्तित्व के लिए खतरा बन रही हैं, वित्त मंत्री ने वित्त एवं परिवहन विभागों को राज्य स्तरीय कर ढांचे का व्यापक मूल्यांकन करने के निर्देश दिए ताकि संकट का सामना कर रहे इस स्वरोजगार क्षेत्र को परिचालन राहत प्रदान करने के लिए उपयुक्त उपाय खोजे जा सकें। बैठक के दौरान क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति के बजाय उप-मंडल मजिस्ट्रेटों और अतिरिक्त उपायुक्तों को अस्थायी या अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने से संबंधित प्रशासनिक बाधाओं पर भी चर्चा की गई। परिवहन मंत्री ने इसके कारण कार्यों में आ रही देरी का संज्ञान लेते हुए विभाग को प्रशासनिक नियुक्तियों को सुव्यवस्थित करने, परिवहन प्राधिकरणों की डिजिटल क्लीयरेंस प्रणाली को और बेहतर बनाने तथा दैनिक कार्यों से संबंधित प्रमाणपत्रों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि एक मजबूत और कुशल परिवहन अर्थव्यवस्था को बनाए रखा जा सके।

पंजाब CM VIDEO विवाद में नया मोड़, हरियाणा पुलिस लुधियाना CP-SP से कर सकती है पूछताछ

 लुधियाना  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जोड़े जा रहे सिख गुरूओं की फोटो पर शराब के छींटे वाले वीडियो की फर्जी रिपोर्ट मामले में चौथा खुलासा हुआ है। इस मामले में गुरुग्राम में केस दर्ज कराने वाले फॉरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत जस्सी ने दावा किया था।  अब पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया ने इन्हीं 10 लाख के बैंक के लेन-देन के सबूत जारी किए हैं। मजीठिया का दावा है कि यह रकम इसी फर्जी रिपोर्ट के लिए दी गई। वहीं इस मामले में गुरुग्राम पुलिस जल्द लुधियाना के पुलिस कमिश्नर व DIG स्वपन शर्मा और SP जशनदीप गिल से पूछताछ कर सकती है। दो लोग गिरफ़्तार, फ़र्ज़ी फ़ॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने का आरोप गुरुग्राम पुलिस ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित विवादित वीडियो की फ़र्ज़ी फ़ॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने और डिजिटल सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया है।  इस मामले में गुरुग्राम के सेक्टर 29 स्थित डीएलएफ़ पुलिस स्टेशन में एफ़आईआर दर्ज की गई है।  यह एफ़आईआर जसप्रीत उर्फ जस्सी नाम के एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है. उनका आरोप है कि उन पर विवादित वीडियो की फ़र्जी फ़ॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने का दबाव बनाया गया था।  पुलिस ने अरुण महेंद्रू और अंकित नाम के दो लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है. दोनों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है।  इस मामले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बयान जारी कर कहा है कि उन्हें "फंसाने के लिए फ़र्ज़ी वीडियो वायरल कराया गया। आप अगर पूरी स्टोरी देखना चाहते हैं तो हमारे फुल वर्ज़न पर जाएं।  एफ़आईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (2) (ए), 318 (2), 319, 336 (2), 336 (3) और 340 के तहत दर्ज की गई है. इसके अलावा आईटी एक्ट 2000 की धारा 65 और 66 (डी) भी लगाई गई हैं।  दरअसल, 15 जून को अकाल तख्त साहिब में हुई बैठक के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने 'गुरु दोखी' और 'पंथ विरोधी' कहा था। यह फ़ैसला मुख्यमंत्री मान के कथित विवादित वीडियो से जुड़े केस में लिया गया था।  केस दर्ज कराने वाले जस्सी का दावा था कि इन्हीं दोनों अफसरों ने फर्जी रिपोर्ट के लिए गुरुग्राम के फाइव स्टार होटल क्राउन प्लाजा में सीक्रेट मीटिंग कर डील की थी। रिपोर्ट में भी मनचाहे करेक्शन कराए थे। हालांकि दैनिक भास्कर इन दावों की पुष्टि नहीं करता। CM से जुड़ी वीडियो रिपोर्ट में अब तक के 4 बड़े खुलासे:- 1. सिरसा के बैंक खातों में डिपॉजिट हुए 10 लाख अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने फर्जी रिपोर्ट तैयार के लिए 10 लाख रुपए के लेन-देन के सबूत का दावा किया। मजीठिया का दावा है कि एक अकाउंट में 18 जून को 7.50 लाख रुपए कैश डिपोजिट हुए हैं जबकि दूसरे में 2.5 लाख रुपए डिपोजिट हुए हैं। ये दोनों खाते सिरसा में ही हैं। 2. सीक्रेट मीटिंग से जुड़े 2 CCTV फुटेज फोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत सिंह और पुलिस अफसरों की गुरुग्राम के होटल क्राउन प्लाजा में हुई मीटिंग की दो सीसीटीवी फुटेज सामने आई। दावा किया गया कि इसमें एक लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा हैं और दूसरे एडीसीपी जशनदीप सिंह गिल हैं। यह भी दावा किया गया कि यह मीटिंग CM के वीडियो मामले की जांच को प्रभावित करने और उनके पक्ष में फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाने के मकसद से की गई थी। 3. वॉट्सएप चैट आई सामने SP जशन गिल पंजाब के नाम से मोबाइल में सेव एक नंबर की वॉट्सऐप चैट भी सामने आई है। दावा है कि यह चैट जसप्रीत सिंह के साथ हुई है। इसमें CM की वीडियो रिपोर्ट में बदलाव को लेकर बातचीत हो रही है। इसमें बकायदा रिपोर्ट से पूरे पैराग्राफ तक हटाने के लिए कहा जा रहा है। 4. CP और SP के होटल क्राउन प्लाजा के बिल अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने गुरुग्राम के होटल क्राउन प्लाजा के बिल जारी किए हैं। मजीठिया का दावा है कि 15 जून से 17 जून तक होटल में कमरा बुक कराया गया। इसी दिन DIG (लुधियाना CP) स्वपन शर्मा और SP जशनदीप गिल होटल क्राउन प्लाजा पहुंचे। SP का रूम नंबर 3000 था। 15 से 16 जून तक DIG स्वपन शर्मा का रूम नंबर 3004 था। 17 जून को स्वपन शर्मा रूम नंबर 6004 में शिफ्ट हो गए। हालांकि, भास्कर इन बिलों की पुष्टि नहीं करता। CM भगवंत मान बोले– BJP खुद फंसी फर्जी वीडियो रिपोर्ट के केस मामले में 24 जून को CM भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा कि जिन लैब में टेस्ट हुए उसके मालिकों को FIR की धमकी देकर डराया गया है। भाजपा खुद फंस गई है। यह मुझे धर्म वाली साइड से बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

एयर इंडिया मामले में बड़ा एक्शन, समय पर सूचना नहीं देने पर अमृतसर ATC और क्रू हटाए गए

अमृतसर डीजीसीए ने एअर इंडिया की फ्लाइट AI-479 से जुड़ी उस घटना की जांच शुरू कर दी है, जिसमें विमान कुछ समय के लिए पाकिस्तान के एअरस्पेस में प्रवेश कर गया था। मामले में समय पर जानकारी न देने को लेकर अमृतसर के संबंधित एअर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC)। घटना 22 जून की है, जब एअर इंडिया का एअरबस A321 (VT-PPV) दिल्ली से अमृतसर के लिए उड़ान भर रहा था। उस समय अमृतसर एअरपोर्ट पर पक्षी टकराने (बर्ड स्ट्राइक) की घटना के बाद रनवे की जांच चल रही थी, जिसके कारण फ्लाइट को लैंडिंग से पहले कुछ समय के लिए हवा में होल्ड करने के निर्देश दिए गए थे। पाकिस्तान ATC से समन्वय के बाद फ्लाइट दिल्ली लौटी इसके बाद जब ATC ने रडार के जरिए विमान को लैंडिंग के लिए गाइड किया, तो वह अनजाने में थोड़ी देर के लिए पाकिस्तान के एअरस्पेस में पहुंच गया। स्थिति को संभालने के लिए पाकिस्तान ATC से भी संपर्क और समन्वय किया गया। बाद में विमान को अमृतसर में उतारने के बजाय वापस दिल्ली भेज दिया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मामले में ये जानकारी दी     रवने पर ट्रैफिक के कारण विमान को हवा में इंतजार करवाना आम बात: इस मामले में अमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी विमान की लैंडिंग से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ओर से अंतिम अनुमति दी जाती है। कई बार रनवे की उपलब्धता, एयर ट्रैफिक या अन्य तकनीकी कारणों से विमान को कुछ समय तक हवा में ही होल्डिंग पैटर्न में इंतजार करना पड़ता है। यह आम बात है।     विमान को दिल्ली ले जाने को कहा गया: अधिकारी के अनुसार, संबंधित विमान के मामले में लैंडिंग में देरी होने पर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया था, जिससे इस विमान के लैंड होने की जगह नहीं थी। बाद में सूचना मिली कि तकनीकी कारणों के चलते विमान भटक गया था। इसके बाद उसे वापस दिल्ली ले जाने को कहा गया।     असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही: अधिकारी ने बताया कि विमान बाद में सुरक्षित रूप से वापस चला गया था। हालांकि, यात्रियों को कुछ देरी का सामना करना पड़ा, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन के पास किसी बड़े हंगामे या दुर्व्यवहार की कोई जानकारी नहीं है। यात्रियों को हुई असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही। कुछ ही समय बाद विमान रास्ता भटका इससे पहले 12 जून को पाकिस्तान की एक पैसेंजर फ्लाइट, फ्लाई जिन्ना-9P514, खराब मौसम के कारण भारतीय एअरस्पेस में प्रवेश कर गई थी। लाहौर एअरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान रास्ता भटक गया था। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी का अंदेशा होते ही फ्लाइट को वापस पाकिस्तानी एअरस्पेस में लौटा लिया गया।  

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, रेड लाइट कूदने और शराब पीकर गाड़ी चलाने पर सीधा कोर्ट समन

चंडीगढ़. पंजाब में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। सड़क पर लापरवाही दिखाने वालों के खिलाफ पंजाब सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। परिवहन विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर कुछ गंभीर ट्रैफिक उल्लंघनों को नॉन-कंपाउंडेबल अपराध घोषित कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब ऐसे मामलों में केवल जुर्माना भरकर मामला खत्म नहीं किया जा सकेगा। सरकार के इस फैसले के बाद रेड लाइट जंप करना, स्टॉप साइन तोड़ना, गलत दिशा में वाहन चलाना, नशे में ड्राइविंग और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना बेहद महंगा पड़ सकता है। इन मामलों में अब सीधे कानूनी कार्रवाई होगी और कोर्ट का सामना करना पड़ सकता है। 17 जून को जारी हुआ नोटिफिकेशन 17 जून 2026 को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 184 के तहत आने वाली खतरनाक ड्राइविंग को विशेष तौर पर निशाने पर लिया गया है। अगर कोई चालक ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी करता है, रेड लाइट पार करता है या सड़क पर ऐसा वाहन चलाता है जिससे दूसरों की जान खतरे में पड़ती है, तो अब उसे सिर्फ चालान भरकर छुटकारा नहीं मिलेगा। बच्चों की गलती पर अभिभावक फसेंगे  सरकार ने नशे में वाहन चलाने को लेकर भी जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। धारा 185 के तहत शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाना अब पूरी तरह गंभीर अपराध माना जाएगा। इसके अलावा ऐसे अपराध में सहयोग या उकसाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। सबसे बड़ा संदेश उन अभिभावकों के लिए है जो अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या कार चलाने देते हैं। धारा 199ए के तहत नाबालिग ड्राइविंग के मामलों में अब सख्त कानूनी कार्रवाई तय है। ऐसे मामलों में अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास परिवहन विभाग का कहना है कि पंजाब में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और लापरवाह ड्राइविंग पर लगाम लगाने के लिए यह फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि सख्त नियमों से लोगों में ट्रैफिक अनुशासन बढ़ेगा और सड़क हादसों में कमी आएगी। साफ है, अब पंजाब की सड़कों पर लापरवाही भारी पड़ेगी। ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए संदेश एकदम स्पष्ट है- नियम मानिए, वरना कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहिए।

मनौली की 54 एकड़ जमीन अब गोदाम क्षेत्र में शामिल, 30 दिन तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

मोहाली  पंजाब सरकार मोहाली के मास्टर प्लान में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत मनौली गांव की 54 एकड़ जमीन को ‘इंस्टीट्यूशनल एरिया’ से बदलकर ‘इंडस्ट्रियल और वेयरहाउस एरिया’ के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है। इस संबंध में प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया। अंतिम निर्णय से पहले विभाग ने लोगों की राय जानने का फैसला लिया है। इसके लिए अगले 30 दिनों तक नागरिक अपने सुझाव दे सकेंगे। इसके बाद सरकार आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। माना जा रहा है कि इस बदलाव से इलाके के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। लोगों की लंबे समय से थी मांग मनौली गांव के लोगों ने सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि गांव में शिक्षा और संस्थागत गतिविधियों के लिए निर्धारित क्षेत्र चारों ओर से फैक्ट्रियों और गोदामों से घिरा हुआ है। इस वजह से वहां कोई बड़ा संस्थान या कॉलेज सही तरीके से विकसित नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस क्षेत्र को भी औद्योगिक और वेयरहाउस ज़ोन में शामिल कर दिया जाए, तो स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पूरे इलाके के विकास को गति मिलेगी। 54 एकड़ जमीन को लेकर ही विवाद था इस मांग के बाद जब टाउन प्लानिंग विभाग (DTP) ने जांच की, तो पाया गया कि मनौली गांव का अधिकांश हिस्सा पहले से ही औद्योगिक और वेयरहाउस गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। केवल 54 एकड़ जमीन ही इंस्टीट्यूशनल एरिया के रूप में बची हुई है। पास के सेक्टर-81 और सेक्टर-83 में पहले से ही IISER और ISB जैसे बड़े संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा आईटी सिटी (सेक्टर-82 अल्फा) और मोहाली के अन्य सेक्टरों में भी विश्वविद्यालयों और अस्पतालों के लिए पर्याप्त भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसी को देखते हुए सरकार ने ग्रामीणों की मांग पर इस 54 एकड़ भूमि को भी औद्योगिक और वेयरहाउस क्षेत्र में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया है। यहां डिस्प्ले होंगे नक्शे सरकार ने इस संबंध में तैयार किया गया नक्शा PUDA की आधिकारिक वेबसाइट www.puda.gov.in पर अपलोड कर दिया है। इसके अलावा इसे छह प्रमुख कार्यालयों में भी प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें मुख्य प्रशासक, GMADA, डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय, मुख्य टाउन प्लानर, PUDA भवन सेक्टर-62, वरिष्ठ टाउन प्लानर (STP), PUDA भवन तथा जिला टाउन प्लानर (DTP) का कार्यालय शामिल है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पर सुझाव या आपत्तियां केवल लिखित रूप में ही स्वीकार की जाएंगी।  

कपूरथला में आज 25 जून से 24 जुलाई तक चलेगा विशेष पुनरीक्षण अभियान, हर घर भरेंगे गणना प्रपत्र

चंडीगढ़ पंजाब राज्य में आज 25 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत घर-घर गणना शुरू होगी। यह कार्य 24 जुलाई तक चलेगा। सूबे में अब तक 86.02 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा नेमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठक की। इस दौरान बीएलओ द्वारा घर-घर दौरे के समय गणना प्रपत्रों के वितरण और संग्रहण की जानकारी साझा की गई। भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार यह गणना होगी। इसमें 24,453 बीएलओ राज्य के 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं तक पहुंचेंगे। मतदान केंद्रों का युक्तिकरण 24 जुलाई तक पूरा किया जाएगा। मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 3 अगस्त 2026 को होगा।  25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाएंगे BLO उपायुक्त ने बताया कि 25 जून से 24 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाता गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) वितरित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक BLO अभियान के दौरान हर परिवार के पास तीन बार जाएगा और पात्र मतदाताओं से हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र प्राप्त करेगा, ताकि मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सके। BLO को दिया जा चुका है विशेष प्रशिक्षण आकाश बंसल ने बताया कि संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में नियुक्त सभी BLO को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के लिए पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिला चुनाव अधिकारी एवं उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह ने  बताया कि अमृतसर जिले में आने वाले 11 विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर-2026 को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 19,73,071 मतदाता हैं, जिनमें से 17,49,155 मतदाताओं (88.65 प्रतिशत) की मैपिंग का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि चुनावी अमले की तैयारियों और कार्यान्वयन प्रक्रिया की समीक्षा कर ली गयी है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न हो। जिला चुनाव अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि घर-घर गणना के दौरान बीएलओ को पूरा सहयोग दें और सही एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध करायें, ताकि पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची तैयार की जा सके।प्रशासन के अनुसार, यह विशेष पुनरीक्षण अभियान आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान BLO, राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे महीने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य करेंगे। 3 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, संशोधित प्रारूप मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) का प्रकाशन 3 अगस्त को किया जाएगा। इसके बाद निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची पर जोर उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और सूची को पूरी तरह सटीक एवं अद्यतन बनाना है।     25 जून से 24 जुलाई तक चलेगा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान।     BLO घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित और एकत्र करेंगे।     प्रत्येक परिवार के पास तीन बार जाएंगे बूथ लेवल अधिकारी।     सभी BLO को पहले ही विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।     राजनीतिक दलों के BLA भी अभियान में सहयोग करेंगे।     3 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची।     दावे और आपत्तियां निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार स्वीकार की जाएंगी।  

चंडीगढ़ की विरासत बचाने की पहल, पेरिस में होने वाली नीलामी रोकने केंद्र से मदद की मांग

चंडीगढ़. फ्रांस की राजधानी पेरिस में 25 जून को प्रस्तावित चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े फर्नीचर की नीलामी को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासन ने विदेश मंत्रालय (एमईए) से तत्काल हस्तक्षेप कर नीलामी रुकवाने और संबंधित विरासत वस्तुओं को भारत वापस लाने की मांग की है। संस्कृति सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन ने विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (यूएनईएस) को भेजे पत्र में बताया कि नीलामी के लिए सूचीबद्ध दो फर्नीचर वस्तुओं पर 'PU Chem/55' और 'PGI/W/CH-020' जैसे इन्वेंट्री मार्किंग दर्ज हैं। ये क्रमशः पंजाब विश्वविद्यालय और पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ से जुड़े होने का संकेत देते हैं। इससे आशंका जताई गई है कि इन वस्तुओं को उनके वैध संरक्षकों की अनुमति के बिना हटाकर विदेश पहुंचाया गया। प्रशासन ने कहा कि यह फर्नीचर चंडीगढ़ की आधुनिक वास्तु विरासत और प्रसिद्ध वास्तुकार ले कोर्बुजिए की मूल परिकल्पना का अभिन्न हिस्सा है। चंडीगढ़ का कैपिटल कॉम्प्लेक्स यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है, इसलिए इससे जुड़ी मूल वस्तुओं का संरक्षण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व का विषय है। प्रशासन ने पत्र में आशंका जताई है कि विदेशी नीलामी बाजार में ऐसे फर्नीचर का पहुंचना चोरी, अवैध रूप से हटाने, अनधिकृत बिक्री और विरासत संपत्ति के गैरकानूनी निर्यात की ओर संकेत करता है। यदि नीलामी हुई तो चंडीगढ़ की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ी धरोहर हमेशा के लिए देश से बाहर जा सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने 23 जून को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में फर्नीचर की कथित चोरी, अवैध निर्यात, बिक्री और तस्करी के पहलुओं को खंगाला जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास और संबंधित फ्रांसीसी अधिकारियों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे। प्रशासन ने नीलामी स्थगित कराने, जांच पूरी होने तक फर्नीचर को सुरक्षित रखने, स्वामित्व और रिकॉर्ड की पुष्टि करने, वस्तुओं की बरामदगी और भारत वापसी सुनिश्चित करने तथा भविष्य में चंडीगढ़ की विरासत से जुड़ी वस्तुओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धरोहर की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी रिकॉर्ड, सूची, दस्तावेज और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा ताकि इन विरासत संपत्तियों को वापस भारत लाया जा सके।

पंजाब में निकाय चुनाव की सरगर्मी तेज, 30 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, 5 जुलाई को वोटिंग

चंडीगढ़. पंजाब में निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य चुनाव आयोग द्वारा चार निकायों में होने वाले चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले दिन उम्मीदवारों की ओर से कुल 30 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिससे चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्म होता दिखाई दे रहा है। इन चुनावों के तहत होशियारपुर नगर निगम, गुरु हरसहाय नगर परिषद, जलालाबाद नगर परिषद और ममदोट नगर पंचायत में मतदान कराया जाएगा। कुल 95 वार्डों में होने वाले इन चुनावों के लिए उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश करनी शुरू कर दी है। चुनाव आयोग के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 25 जून तक जारी रहेगी। दोपहर 3 बजे तक होते हैं नामांकन दाखिल नामांकन पत्र प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्वीकार किए जा रहे हैं। इसके बाद 25 जून को ही नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। 26 जून को सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 27 जून को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उम्मीदवारों को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया पांच जुलाई को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएगी। मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से कराया जाएगा, जिससे प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन सभी मतदान केंद्रों पर मतगणना भी संपन्न कराई जाएगी। संबंधित क्षे9ों में आचार संहिता लागू चुनाव आयोग ने कहा है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें। सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके चलते राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनावी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रशासन की ओर से सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों के लिए बड़ी पहल, पंजाब सरकार देगी स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग

फरीदकोट. किसी कारणवश गलत रास्ते पर चलकर कानून के दायरे में पहुंचे बच्चों को अब नई जिंदगी और नई पहचान देने की दिशा में पंजाब सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राज्य के आब्जर्वेशन होम में रहने वाले बच्चों के लिए कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस पहल की शुरुआत फरीदकोट स्थित आब्जर्वेशन होम से की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक गुरदित सिंह सेखों सहित कई अधिकारी और विभागीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पहले चरण में पंजाब के पांच आब्जर्वेशन होम में कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। फरीदकोट के बाद लुधियाना, होशियारपुर और अन्य स्थानों के आब्जर्वेशन होम में भी जल्द यह योजना लागू की जाएगी। इसके बाद इसे राज्य के सभी आब्जर्वेशन होम तक विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे परिस्थितियों, गलत संगत या अन्य कारणों से ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिससे वे अपराध की दुनिया में पहुंच जाते हैं। ऐसे बच्चों को केवल दंडित करना समाधान नहीं है, बल्कि नया अवसर देना भी जरूरी है। यही सोच इस योजना के पीछे है। 211 बच्चे प्रारंभिक चरण में जुड़े डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि प्रारंभिक चरण में 211 बच्चों को इन पाठ्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। इनमें फरीदकोट के 31 बच्चे शामिल हैं। सबसे पहले हेयर ड्रेसिंग का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसके बाद मोबाइल मरम्मत जैसे अन्य रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इससे बच्चे व्यावसायिक कौशल सीखकर भविष्य में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे और सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों को उनका अतीत भुलाकर नई पहचान बनाने का अवसर देना है। कौशल और आत्मविश्वास के बल पर ये बच्चे अपने जीवन को नई दिशा दे सकेंगे और समाज में सकारात्मक योगदान दे पाएंगे। सीएम की वायरल वीडियो गिरी राजनीति का परिणाम इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की कथित वायरल वीडियो से जुड़े सवाल पर डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि वर्तमान समय में राजनीति का स्तर काफी नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने और चरित्र हनन की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसी मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उस पर की जा रही टिप्पणियां और बयान विवाद का विषय बने रहते हैं। सरकार की यह नई पहल बच्चों के पुनर्वास और उनके भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे अनेक बच्चों को जीवन में नई शुरुआत करने का अवसर मिलेगा।

वोटर लिस्ट अपडेट के लिए पंजाब में बड़ा अभियान, 86% मैपिंग पूरी; कल से शुरू होगा SIR

अमृतसर  पंजाब में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए 25 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत राज्यभर में 24,453 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। यह अभियान 24 जुलाई तक चलेगा। पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बुधवार को पंजाब भवन में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाएगी। 2.14 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचेगा चुनावी अमला मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुसार, राज्य के 24,453 BLO अगले एक महीने तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे, उनका सत्यापन करेंगे और उन्हें वापस एकत्र करेंगे। इस दौरान पंजाब के 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं का डेटा अपडेट किया जाएगा। साथ ही मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य भी 24 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। 3 अगस्त को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची अभियान पूरा होने के बाद 3 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाता नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित दावे और आपत्तियां 2 सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे। इनका निपटारा 28 सितंबर तक किया जाएगा और 1 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। 86 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी बैठक के दौरान बताया गया कि पंजाब में अब तक 86.02 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उनकी सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई है। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद बैठक में अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी अमनदीप गर्ग, संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी नवनीत कौर बल्ल समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आम आदमी पार्टी की ओर से फैरी सॉफ्ट, कांग्रेस की ओर से हरदीप सिंह किंगरा और हैप्पी खेड़ा, भाजपा की ओर से परमपाल कौर, शिरोमणि अकाली दल की ओर से एडवोकेट अर्शदीप सिंह क्लेर और नछत्तर सिंह गिल तथा बसपा की ओर से जसवंत राय और हरभजन सिंह उपस्थित रहे। इस अभियान के जरिए चुनाव आयोग राज्य की मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने का प्रयास करेगा, ताकि आगामी चुनावों में पात्र मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।