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प्रधानमंत्री घूम रहे विदेश, जनता को दे रहे बचत की नसीहत— भगवंत मान का तंज

चंडीगढ़.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा तेल की कीमतों में किए गए भारी वृद्धि की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि चुनावों के तुरंत बाद एक बार फिर आम लोगों पर भारी कीमतों का बोझ डाल दिया गया है, जबकि सत्ता पर काबिज लोग खर्चों में कटौती और बचत करने के बारे में नागरिकों को भाषण देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि देश भर के लोग महंगाई, बढ़ती परिवहन लागत और बढ़ते घरेलू खर्चों की मार से जूझ रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत देने के बजाय केंद्र सरकार नागरिकों से निजी खर्च कम करने के लिए कह रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रधानमंत्री देश के लोगों को बचत करने का सबक देते हुए विदेश घूम रहे हैं।” उन्होंने बताया कि आम नागरिकों को बार-बार अनावश्यक यात्रा से बचने और खर्चे घटाने की सलाह दी जाती है, जबकि प्रधानमंत्री खुद जनता के खर्च पर लगातार विदेशी दौरे कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अगर देश के लोगों को विदेश यात्रा करना बंद कर देना चाहिए और घर से काम करना चाहिए, तो क्या प्रधानमंत्री घर से काम नहीं कर सकते?” उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया युद्ध और वैश्विक अर्थव्यवस्था के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हुई है, लेकिन किसी अन्य देश के प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह नागरिकों को बचत करने की सलाह नहीं दी।

केंद्र पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शुक्र है, प्रधानमंत्री ने लोगों को सिर्फ पैसे बचाने की सलाह दी और उन्हें थालियाँ बजाने और तालियाँ बजाने के लिए नहीं कहा।” उन्होंने कहा कि बेतुकी सलाह और भाषणों के बजाय लोग महंगाई को नियंत्रित करने और घरों, किसानों तथा छोटे कारोबारियों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए ठोस कदमों की उम्मीद करते हैं।

वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध और आर्थिक अस्थिरता ने दुनिया भर के देशों को प्रभावित किया है, लेकिन अन्य देशों की सरकारें उच्च कीमतों और खर्चों पर नैतिक भाषणों के जरिए जनता पर बोझ डालने के बजाय नागरिकों को राहत प्रदान करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, “युद्ध ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के अलावा किसी अन्य देश के प्रमुख ने अपने नागरिकों को इस तरह बचत पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह नहीं दी।” भाखड़ा के पानी के वितरण के संवेदनशील मुद्दे और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा हाल ही में की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पंजाब हर कीमत पर अपने पानी के अधिकारों की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा को अपने कानूनी रूप से निर्धारित कोटे के अनुसार ही पानी मिलेगा और यह पानी निर्धारित समय-सीमा से पहले नहीं दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब किसी भी दबाव में आकर अपने पानी के अधिकारों से समझौता नहीं करेगा।” उन्होंने आगे कहा कि पानी पंजाब से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है और यह राज्य की अर्थव्यवस्था और कृषि की नींव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी की हर बूंद की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

पंजाब के रुख को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है।” उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के पानी और कृषि पर निर्भर किसानों तथा ग्रामीण समुदायों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

स्थानीय निकायों के आगामी चुनावों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोग सरकार का जोरदार समर्थन कर रहे हैं क्योंकि जमीनी स्तर पर विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है, शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है, सड़कों और सीवरेज प्रणालियों को अपग्रेड किया जा रहा है, टोल प्लाजा बंद किए जा रहे हैं और राज्य भर के शहरों और कस्बों के लिए करोड़ों रुपये की विकास अनुदान जारी की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल वर्षों के राजनीतिक पतन और लोगों की उम्मीदों के टूटने के कारण लगातार जनता का समर्थन और विश्वसनीयता खो रही है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों को अब अकालियों पर पहले जैसा भरोसा नहीं रहा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकालियों ने बेअदबी की घटनाओं के जरिए हर पंजाबी और खासकर सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाबी अकालियों को पंजाब और इसके लोगों के साथ किए गए पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे।

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