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गंगा एक्सप्रेसवे पर मुफ्त यात्रा खत्म, बाइक सवारों को देना होगा इतना टोल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे पर अब यात्रियों को सफर के लिए टोल टैक्स देना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले महीने उद्घाटन किए गए इस एक्सप्रेसवे पर शुरुआती दिनों में लोगों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी, लेकिन अब यह छूट खत्म हो गई है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है और प्रदेश के कई बड़े जिलों को जोड़ता है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद 15 मई तक वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया गया, लेकिन अब यूपीडा (UPEDA) की ओर से टोल दरें लागू कर दी गई हैं। जारी दरों के मुताबिक, दोपहिया वाहन, तीन पहिया और ट्रैक्टर चालकों को प्रति किलोमीटर 1.28 रुपये टोल देना होगा। वहीं कार, जीप, वैन और अन्य हल्के मोटर वाहनों के लिए यह शुल्क 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है। सरकार का दावा है कि गंगा एक्सप्रेसवे से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा और व्यापार, पर्यटन व परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी। हालांकि टोल लागू होने के बाद अब यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ेगा। गौरतलब है कि मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जनपदों को जोड़ता है और इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। 15 दिन की टोल छूट दी गई थी। अब इस जाने वाले को टोल देना होगा।

जनसंख्या बढ़ाने का नया फॉर्मूला, ज्यादा बच्चे पैदा करने पर मिलेगा कैश

अमरावती आंध्र प्रदेश की चंद्र बाबू नायडू सरकार राज्य की जनसंख्या को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार ने तीसरा बच्चा पैदा करने वाले दंपत्ति को 30,000 और चौथा बच्चा पैदा करने वाले दंपति को 40,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की योजना बनाई है। बता दें, पिछले कुछ दशकों में उत्तर भारत के राज्यों की जनसंख्या तेजी के साथ बढ़ी है लेकिन दक्षिण भारत के राज्य इस मामले में पीछे रहे हैं। ऐसे में अब लोकसभा परिसीमन की चर्चाओं के बीच इन राज्यों में जनसंख्या एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। आंध्र प्रदेश की जनसंख्या को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने श्रीकाकुलम जिले में इस नई नवेली योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मैंने एक नया निर्णय लिया है। हम तीसरे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये देंगे। क्या यह सही निर्णय नहीं है?" गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है, जब नायडू ने बच्चों के पैदा होने पर प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है। इससे पहले नायडू सरकार ने दूसरा बच्चा पैदा होने पर 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव दिया था। दूसरा बच्चा पैदा करने पर 25 हजार का प्रस्ताव: सीएम नायडू मुख्यमंत्री ने 5 मार्च को आंध्र प्रदेश विधानसभा को सूचित किया था कि राज्य सरकार अब दूसरा बच्चा पैदा करने वाले दंपत्तियों को 25,000 रुपए प्रोत्साहन राशि देने पर विचार कर रही है। इस घोषणा के बाद स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने बताया था कि सरकार ने तीसरे और उससे अधिक बच्चों वाले परिवारों को भी यह प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि लोग एक ही बच्चा पैदा कर रहे हैं। कई लोग दूसरा बच्चा केवल इसलिए पैदा करते हैं क्योंकि पहला बच्चा लड़का नहीं होता है। अगर पहला बच्चा लड़का हो जाए, तो यह भी दूसरा बच्चा न करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग बच्चों को बोझ मानने लगे हैं। हमें इस धारणा को खत्म करना होगा। उन्होंने तर्क दिया कि बच्चे एक संपत्ति हैं और वह इसे साबित करके रहेंगे। घटती जनसंख्या का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है: नायडू एनडीए के महत्वपूर्ण घटक नायडू ने चेतावनी दी कि राज्य की जनसंख्या वृद्धि दर घट रही है। अगर ऐसा ही स्तर जारी रहा, तो जनसंख्या में कमी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनसंख्या तभी स्थिर रहेगी जब औसत प्रजनन दर प्रति महिला 2.1 बच्चे हों। अगर ऐसा नहीं होता है, तो जनसंख्या कम होने का खतरा रहता है। उन्होंने दावा किया कि कई देशों में घटती जनसंख्या और बढ़ती उम्र वाली आबादी ने उनकी अर्थव्यवस्थाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। गौरतलब है कि पिछले दशकों में उत्तर भारत के राज्यों में जनसंख्या तेजी के साथ बढ़ी है। दूसरी तरफ दक्षिण भारत के राज्यों में यह कम रही है। इसकी वजह से राजनीतिक स्तर पर भी इसका असर दिखाई देता है। लोकसभा का अंतिम परिसीमन भी इसी जनसंख्या विवाद की वजह से 1971 की जनगणना के आधार पर हुआ था। वहीं, हाल ही में जब केंद्र सरकार द्वारा परिसीमन विधेयक लाया गया, तो दक्षिण भारत के राज्यों ने इसका जनसंख्या के आधार पर भी विरोध किया था। दक्षिण भारतीय राज्यों का मानना है कि उन्होंने राष्ट्रीय नीति का पालन करते हुए जनसंख्या नियंत्रण उपायों को बेहतर ढंग से अपनाया है। ऐसी स्थिति में उन्हें परिसीमन के रूप में इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए। क्योंकि अगर जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होता है, तो इन राज्यों में लोकसभा की सीटें सीमित हो जाएंगी। राज्यों की इस चिंता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा भरोसा दिलाया गया था कि केवल जनसंख्या के आधार पर सीटों का बंटवारा नहीं होगा। लेकिन इसके बाद भी जनसंख्या को लेकर यह लड़ाई बनी हुई है।

पेट्रोल के साथ इथेनॉल पर दौड़ेगी टाटा पंच, भारत में फ्लेक्स फ्यूल कारों की तैयारी तेज

नई दिल्ली भारत में फ्लेक्स फ्यूल (Flex Fuel) से चलने वाली कारें जल्द ही हकीकत बन सकती हैं। टाटा मोटर्स (Tata Motors) उच्च इथेनॉल-मिश्रित ईंधन के अनुकूल प्रोडक्शन-रेडी मॉडल पेश करने वाले पहले बड़े कार निर्माताओं में शामिल होने की तैयारी कर रही है। उद्योग जगत की चर्चाओं के अनुसार, टाटा मोटर्स इस साल के आखिर तक टाटा पंच का एक फ्लेक्स फ्यूल वर्जन लॉन्च कर सकती है। इस कॉम्पैक्ट एसयूवी को पहले फ्लेक्स फ्यूल रूप में प्रदर्शित भी किया जा चुका है। जो इस उभरते वैकल्पिक ईंधन सेगमेंट में प्रवेश करने के कंपनी के इरादे को दर्शाता है। टाटा पंच का नया मॉडल किस तरह के ईंधन को सपोर्ट करेगा? यह आगामी मॉडल देश के ईंधन आयात खर्च को कम करने की सरकारी नीति के अनुकूल तैयार किया जा रहा है:     E85 ईंधन का सपोर्ट: इस नए पंच फ्लेक्स फ्यूल मॉडल से 85 प्रतिशत तक इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल पर चलने की उम्मीद है, जिसे आमतौर पर E85 कहा जाता है।     रणनीतिक उद्देश्य: सरकार पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता को कम करने और ईंधन आयात लागत में कटौती करने के प्रयासों को तेज कर रही है। जिसमें यह तकनीक सहायक होगी। पंच की फ्लेक्स फ्यूल रणनीति और इंजन में क्या बदलाव होंगे? टाटा पंच इस समय कई पावरट्रेन विकल्पों के साथ आती है। जिसमें अब एक नया विकल्प जुड़ने जा रहा है:     पावरट्रेन का विस्तार: टाटा पंच पहले से ही पेट्रोल और सीएनजी विकल्पों में उपलब्ध है। फ्लेक्स फ्यूल वेरिएंट के आने से इस मॉडल की ईंधन अनुकूलता का और विस्तार होगा।     इंजन में बड़े बदलाव: सूत्रों के अनुसार, उच्च इथेनॉल मिश्रण को सपोर्ट करने के लिए एसयूवी के 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे। इन बदलावों में इंजन कंट्रोल यूनिट (ECU) और अन्य महत्वपूर्ण इंजन पुर्जों को अपडेट करना शामिल है।     विशेष इंजीनियरिंग: फ्लेक्स फ्यूल वाहन विशेष रूप से काफी अधिक इथेनॉल सांद्रता वाले ईंधन को संभालने के लिए तैयार किए जाते हैं। जबकि मानक पेट्रोल कारें आमतौर पर E85 जैसे मिश्रण पर चलने के लिए डिजाइन नहीं की जाती हैं। भारत के लिए फ्लेक्स फ्यूल वाहन क्यों महत्वपूर्ण हैं? देश के ऊर्जा और पर्यावरण लक्ष्यों के लिहाज से इस तकनीक के कई मायने हैं:     आयात बिल में कमी: सरकार कच्चे तेल के आयात को कम करने और देश के ईंधन बिल में कटौती करने की अपनी रणनीति के तहत इथेनॉल सम्मिश्रण (इथेनॉल ब्लेंडिंग) को दृढ़ता से बढ़ावा दे रही है।     स्वच्छ गतिशीलता: घरेलू स्तर पर उत्पादित बायोफ्यूल (जैव ईंधन) का उपयोग करते हुए इसे स्वच्छ गतिशीलता समाधानों को समर्थन देने के एक तरीके के रूप में भी देखा जा रहा है।     ऊर्जा संक्रमण: उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लेक्स फ्यूल तकनीक भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा संक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशेष रूप से ऐसे समय में जब देश पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को संतुलित कर रहा है। बाजार में इस नई तकनीक को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है:     रेस में कई कंपनियां: टाटा मोटर्स फ्लेक्स फ्यूल तकनीक तलाशने वाली एकमात्र कंपनी नहीं है। कई कार निर्माताओं ने पहले ही अपने फ्लेक्स फ्यूल प्रोटोटाइप प्रदर्शित किए हैं। और वे इस सेगमेंट में अनुसंधान और विकास (R&D) में निवेश कर रहे हैं।     तकनीकी बाधा: विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं और अनुकूल इंजनों की जरूरत के कारण व्यापक स्तर पर फ्लेक्स फ्यूल को अपनाना आसान नहीं होगा। सामान्य पेट्रोल वाहन बड़े इंजीनियरिंग बदलावों के बिना E85 या E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रणों पर कुशलतापूर्वक काम नहीं कर सकते हैं। जिससे समर्पित फ्लेक्स फ्यूल वाहनों का विकास आवश्यक हो जाता है।  

फिन एलन और अंगकृष रघुवंशी का धमाका, KKR 247 रन ठोककर GT को दी मात

कोलकाता इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मैच नंबर-60 में शनिवार (16 मई) को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का सामना गुजरात टाइटन्स (GT) से हुआ. कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुए इस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटन्स पर 29 रनों से जीत हासिल की. कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटन्स को जीत के लिए 248 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन वो 4 विकेट पर 218 रन ही बना सकी. इस जीत के चलते कोलकाता नाइट राइडर्स प्लेऑफ की रेस में अब भी बनी हुई है. मौजूदा सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. कोलकाता नाइट राइडर्स ने 12 में से 5 मुकाबले जीते हैं और उसके 11 अंक हैं. दूसरी ओर गुजरात टाइटन्स ने 13 मैच खेलकर 8 में जीत दर्ज की है. गुजरात टाइटन्स के 16 पॉइंट्स हैं. गुजरात की पारी की हाइलाइट्स रनचेज में गुजरात टाइटन्स की शुरुआत तूफानी रही. साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल ने मिलकर 42 रन जोड़े. जब सुदर्शन 23 रनों पर थे, तो उन्हें चोट की वजह से रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. इसके बाद क्रीज पर उतरे निशांत सिंधु (1 रन) कुछ खास नहीं कर पाए और उनका विकेट सुनील नरेन ने लिया. यहां से जोस बटलर और कप्तान शुभमन गिल ने मिलकर 128 रनों की साझेदारी कर गुजरात टाइटन्स को मैच में वापस लाने की कोशिश की. शुभमन ने 49 गेंदों पर 85 रन बनाए, जिसमें सात छक्के और पांच चौके शामिल रहे. शुभमन गिल स्पिनर सुनील नरेन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में बाउंड्री लाइन पर अनुकूल रॉय के हाथों लपके गए. शुभमन के आउट होने के बाद साई सुदर्शन दोबारा बैटिंग के लिए उतरे, हालांकि उनकी इनिंग्स जरूरी रनरेट के हिसाब से रफ्तार नहीं पकड़ पाई. सुदर्शन ने 6 चौके और तीन छक्के की मदद से 28 बॉल पर 53* रनों का योगदान दिया. विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर का भी यही हाल रहा. बटलर ने 35 बॉल पर 57 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. बटलर का विकेट तेज गेंदबाज सौरभ दुबे ने लिया. राहुल तेवतिया सिर्फ 2 रन बना सके और उनका विकेट कैमरन ग्रीन ने झटका. ऐसी रही कोलकाता नाइट राइडर्स की बैटिंग कोलकाता नाइट राइडर्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 2 विकेट पर 247 रन बनाए. कोलकाता नाइट राइडर्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही. कप्तान अजिंक्य रहाणे 14 रनों के निजी स्कोर पर चलते बने. रहाणे को तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने बोल्ड किया. इसके बाद फिन एलन और अंगकृष रघुवंशी ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 95 रनों की साझेदारी की. इस साझेदारी में फिन एलन का योगदान काफी ज्यादा रहा. एलन ने सिर्फ 35 बॉल पर 93 रन बनाए, जिसमें 10 छक्के और 4 चौके शामिल रहे. एलन को स्पिनर आर साई किशोर ने आउट किया. यहां से अंगकृष रघुवंशी और कैमरन ग्रीन के बीच तीसरे विकेट के लिए नाबाद 108 रनों की साझेदारी हुई, जिसने कोलकाता नाइट राइडर्स को विशाल स्कोर तक पहुंचाया. अंगकृष रघुवंशी ने 7 छक्के और 4 चौके की मदद से 44 बॉल पर नाबाद 82 रनों का योगदान दिया. वहीं कैमरन ग्रीन ने 28 बॉल पर 52* रनों की पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटन्स के बीच इंडियन प्रीमियर लीग में अब तक 7 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2 मुकाबले जीते. जबकि गुजरात टाइटन्स को 4 मैचों में जीत हासिल हुई. इसके अलावा एक मुकाबला बारिश से भी धुला. मौजूदा सीजन में दोनों टीमों दूसरी बार आमने-सामने हुई हैं. 17 अप्रैल 2026 को खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटन्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 5 विकेट से पराजित किया था. कोलकाता vs गुजरात h2h कुल IPL मैच: 7 कोलकाता ने जीते: 2 गुजरात ने जीते: 4 बेनतीजा: 1 कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग-11: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, वरुण चक्रवर्ती, सौरभ दुबे और कार्तिक त्यागी. इम्पैक्ट सब: मथीशा पथिराना. गुजरात टाइटन्स की प्लेइंग-11: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वॉशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, आर साई किशोर और मोहम्मद सिराज. इम्पैक्ट सब: राहुल तेवतिया.

क्या लौटेंगे रोहित और विराट? अफगानिस्तान सीरीज की टीम चयन तारीख सामने आई

 नई दिल्ली   BCCI जल्द ही अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली मल्टी-फॉर्मेट सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान करने जा रहा है। इस सीरीज में एक टेस्ट मैच और तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की है कि चयन समिति 19 मई को बैठक कर टेस्ट और वनडे टीमों को अंतिम रूप देगी। जून से शुरू होगी अफगानिस्तान सीरीज भारत और अफगानिस्तान के बीच सीरीज की शुरुआत 6 जून से होगी। सबसे पहले दोनों टीमें एकमात्र टेस्ट मैच खेलेंगी, जिसके बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज आयोजित की जाएगी। यह सीरीज IPL 2026 खत्म होने के तुरंत बाद खेली जाएगी और भारतीय टीम के लिए अगले बड़े असाइनमेंट के रूप में देखी जा रही है। टेस्ट क्रिकेट में सुधार की चुनौती हेड कोच Gautam Gambhir के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने सीमित ओवर क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले दो वर्षों में भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में करारी हार झेलनी पड़ी। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मुकाबला टीम के लिए नई शुरुआत का मौका माना जा रहा है। BCCI सचिव ने क्या कहा? देवाजीत सैकिया ने कहा, 'चयन समिति 19 मई को अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन करेगी।' 6 जून से होगा एकमात्र टेस्ट मैच भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मुकाबला 6 से 10 जून तक न्यू मुल्लांपुर, चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि यह मैच भारत के लिए ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र का हिस्सा नहीं होगा। वनडे सीरीज से शुरू होगी 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी टेस्ट मैच के बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। यह सीरीज भारत की 2027 वनडे वर्ल्ड कप तैयारियों की शुरुआत मानी जा रही है। वनडे मुकाबलों का कार्यक्रम इस प्रकार है: 14 जून – धर्मशाला 17 जून – लखनऊ 20 जून – चेन्नई रोहित-विराट की वापसी पर नजर वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों की वापसी देखने को मिल सकती है। हालांकि इंग्लैंड दौरे को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ता कुछ नए खिलाड़ियों को भी मौका दे सकते हैं। IPL स्टार्स को मिल सकता है मौका IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई युवा खिलाड़ी भारतीय टीम में जगह बनाने की दौड़ में हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं: देवदत्त पडीक्कल, साई सुदर्शन, रजत पाटीदार , अंगकृश रघुवंशी। गेंदबाजी विभाग में कड़ी प्रतिस्पर्धा तेज गेंदबाजी विभाग में भी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। Mohammed Shami की वापसी के अलावा अंशुल कंबोज, कार्तिक त्यागी और प्रिंस यादव जैसे युवा गेंदबाजों ने भी चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है।  

रूस-चीन की बढ़ेगी नजदीकी, पुतिन के दौरे से द्विपक्षीय वार्ता के संकेत

बीजिंग दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देशों के बीच कूटनीतिक गठजोड़ और मजबूत होने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीन दिवसीय चीन यात्रा खत्म होने के तुरंत बाद, अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन का आधिकारिक दौरा करने वाले हैं। क्रेमलिन और चीनी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रपति पुतिन 19 और 20 मई को चीन की यात्रा पर रहेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे के तुरंत बाद रूस ने ऐलान किया है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही चीन जाएंगे. क्रेमलिन ने कहा कि यात्रा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग दौरे के तुरंत बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 19-20 मई को चीन की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। क्रेमलिन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन अपनी इस यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मॉस्को और बीजिंग के बीच ‘व्यापक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग को और अधिक मजबूत करना’ है। दोनों शीर्ष नेता कई ‘प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों’ पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। बातचीत के अंत में दोनों देशों के बीच एक साझा घोषणापत्र पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके अलावा, पुतिन चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग से भी मुलाकात करेंगे, जहां दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर गहन चर्चा होगी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने गुरुवार को कहा कि पुतिन की चीन यात्रा अब लगभग तय है और दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत की तैयारी पूरी हो चुकी है. हालांकि उन्होंने यात्रा की सटीक तारीख नहीं बताई, लेकिन संकेत दिए कि यह दौरा जल्द होने वाला है. रूस और चीन के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं. पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अब तक 40 से ज्यादा बार मुलाकात कर चुके हैं. दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात सितंबर 2025 में बीजिंग में हुई थी. अब पुतिन की प्रस्तावित चीन यात्रा पर दुनिया की नजरें टिक गई हैं. माना जा रहा है कि इस मुलाकात में यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-चीन संबंध, ऊर्जा व्यापार और वैश्विक शक्ति संतुलन जैसे मुद्दों पर बड़ी रणनीति बन सकती है. दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप के हालिया चीन दौरे के दौरान भी शी जिनपिंग ने पुतिन का जिक्र किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे के खत्म होते ही रूस और चीन की बढ़ती नजदीकियां फिर चर्चा में आ गई हैं. रूस ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बहुत जल्द चीन का दौरा करेंगे और इस यात्रा की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

टारगेट की लिस्ट तैयार होने का दावा, ईरान पर बड़े हमले की अटकलों से मिडिल ईस्ट में हलचल

तेल अवीव अमेरिका और इजरायल के सैन्य अधिकारी ईरान पर संभावित हमलों के लिए टारगेट की लिस्ट बना रहे हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच जल्द ही ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने की योजना बन रही है. इजरायली सेना और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इमरजेंसी मीटिंग की हैं. संयुक्त रूप से ईरान के जरूरी ठिकानों की लिस्ट तैयार की जा रही है. यह तैयारी अगले हफ्ते तक हमला शुरू करने जितनी तेजी से चल रही है।  वर्तमान में अप्रैल 8 को लगा युद्धविराम पूरी तरह लाइफ सपोर्ट पर चल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद कहा है कि ईरान के साथ शांति की कोशिशें लगभग खत्म हो चुकी हैं. पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही बातचीत भी पूरी तरह फेल हो गई है. ईरान ने बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरा संप्रभु अधिकार और नई प्रबंधन व्यवस्था की मांग की थी, जिसे ट्रंप ने सिरे से खारिज कर दिया।  इजरायली न्यूज एजेंसी KAN के सूत्रों के अनुसार, इजरायल अमेरिका पर लगातार दबाव डाल रहा है कि युद्ध फिर शुरू किया जाए. इजरायली नेतृत्व का कहना है कि ईरान के खिलाफ पहले चरण का युद्ध उस समय से पहले खत्म कर दिया गया जब इसे पूरा होना चाहिए था. इजरायल अब ईरान की बची हुई परमाणु  सुविधाओं और मिसाइल सिस्टम को पूरी तरह नष्ट करना चाहता है।  ईरान पर हमले के संभावित लक्ष्य अमेरिकी और इजरायली अधिकारी मिलकर ईरान के अंदर जरूरी टारगेट्स की एक संयुक्त सूची तैयार कर रहे हैं. इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्लांट, मिसाइल फैक्टरियां, सैन्य अड्डे और कमांड सेंटर शामिल हो सकते हैं. दोनों देशों का मानना है कि अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई तो ईरान फिर से मजबूत हो जाएगा और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन जाएगा।  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. यहां से दुनिया का बहुत बड़ा तेल निर्यात होता है. ईरान ने इस पर अपना पूरा नियंत्रण मांगा था, जिसे अमेरिका और इजरायल दोनों ने मना कर दिया. अगर युद्ध शुरू हुआ तो इस खाड़ी में तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया की पर पड़ेगा।  फिलहाल दोनों तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सैन्य स्तर पर तैयारी तेज हो गई है. इजरायल का मानना है कि ईरान की परमाणु क्षमता को हमेशा के लिए खत्म करने का यह आखिरी मौका हो सकता है. अमेरिका भी ईरान को मजबूत होने से रोकना चाहता है।  ट्रंप प्रशासन का रुख सख्त है. वे ईरान की किसी भी शर्त को मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं. अगर बातचीत का कोई रास्ता नहीं निकला तो अगले कुछ दिनों या हफ्तों में ईरान पर हमला शुरू हो सकता है।  ईरान पर कोई भी बड़ा हमला पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर सकता है. लेबनान, सीरिया, यमन और इराक जैसे देशों में तनाव बढ़ सकता है. तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. भारत जैसे देशों पर भी इसका असर पड़ सकता है क्योंकि भारत ईरान से तेल आयात करता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर तेल आता है।  ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. सैन्य तैयारी तेज होने के साथ ही कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं, लेकिन फिलहाल सफलता मिलती नहीं दिख रही। 

गरुड़ पुराण के अनुसार भूलकर भी न रखें मृत व्यक्ति की ये 3 चीजें अपने पास

हिंदू धर्म के 18 पुराणों में गरुड़ पुराण मृत्यु, मृतात्मा और उसके बाद की यात्रा का विस्तार से वर्णन करने वाला प्रमुख ग्रंथ है। इसमें मृत व्यक्ति की वस्तुओं के उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम दिए गए हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद भी व्यक्ति की वस्तुओं में उसकी सूक्ष्म ऊर्जा कुछ समय तक बनी रहती है। इन्हें गलती से इस्तेमाल करने से घर में नकारात्मकता, मानसिक अशांति और बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए इन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। मृतक के कपड़ों का क्या करें? गरुड़ पुराण में सबसे सख्त नियम मृतक के कपड़ों को लेकर है। मृत व्यक्ति के कपड़े, चादर, गद्दा या बिस्तर का इस्तेमाल परिवार के सदस्यों को नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से मृतक की सूक्ष्म ऊर्जा जीवित लोगों को प्रभावित करती है, जिससे डरावने सपने, उदासी, चिड़चिड़ापन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। नियम: मृत्यु के बाद इन कपड़ों को गरीबों, ब्राह्मणों या आश्रम में दान कर देना चाहिए। इससे मृतक की आत्मा को शांति मिलती है और मोह का बंधन टूटता है। गहनों और आभूषणों के नियम मृतक के गहनों को लेकर नियम थोड़े लचीले हैं, लेकिन पूरी तरह स्वतंत्र नहीं। अगर गहने सोने या चांदी के हैं और मृतक ने स्वयं किसी को उपहार स्वरूप दिए थे, तो उनका उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, अगर गहनों के साथ मृतक का गहरा भावनात्मक लगाव था, तो उन्हें सीधे पहनने की बजाय गलाकर नया आभूषण बनवाएं या शुद्धिकरण पूजा करवाकर उपयोग करें। गरुड़ पुराण के अनुसार, बिना शुद्ध किए गहनों का इस्तेमाल करने से मानसिक अशांति और आर्थिक बाधाएं आ सकती हैं। मृतक की घड़ी और अन्य वस्तुओं का नियम समय का प्रतीक होने के कारण मृतक की घड़ी, पेन, चश्मा या दैनिक इस्तेमाल की अन्य चीजों को भी नियमित रूप से इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। गरुड़ पुराण में कहा गया है कि इन चीजों में मृतक की ऊर्जा लंबे समय तक रह सकती है, जो जीवित लोगों के समय और भाग्य को प्रभावित करती है। इन चीजों को दान कर देना चाहिए। मृतक की यादों को कैसे संजोएं? गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत व्यक्ति की यादों को उनकी चीजों को संभालकर रखने में नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने और उनके नाम पर दान-पुण्य करने में है। मृत्यु के 13वें दिन या श्राद्ध के समय इन वस्तुओं का दान करें। मृतक के नाम पर ब्राह्मण भोजन कराएं। तुलसी दल, गंगाजल और दीपदान से उनकी आत्मा को शांति पहुंचाएं। गरुड़ पुराण हमें सिखाता है कि मृत्यु के बाद मोह त्यागना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। मोह और वस्तुओं से अलग होकर सही कर्म करने से ही आत्मा को मुक्ति मिलती है। इन नियमों का पालन करने से परिवार में शांति बनी रहती है और मृतक की आत्मा को सद्गति प्राप्त होती है।

QUAD मीटिंग के लिए भारत पहुंचेंगे Marco Rubio, कूटनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

 नई दिल्ली अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले हफ्ते भारत दौरे पर आने वाले हैं. इस दौरे को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रुबियो के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि अमेरिकी दूतावास की पूरी टीम "ठीक एक हफ्ते बाद" भारत में उनका स्वागत करने को लेकर उत्साहित है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्को रुबियो 24 मई को भारत दौरे पर आ सकते हैं. विदेश मंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा. इस दौरान वह QUAD यानी अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे. इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, चीन की बढ़ती गतिविधियां और समुद्री सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।  मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि, रुबियो नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी मुलाकात कर सकते हैं. हाल ही में विक्रम मिस्री वॉशिंगटन दौरे पर गए थे, जिसके बाद अब इस यात्रा को दोनों देशों के बीच रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।  पिछले कुछ महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में कई मुद्दों को लेकर तनाव देखने को मिला था. ऐसे में रुबियो की यह यात्रा रिश्तों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है. व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, टेक्नोलॉजी साझेदारी और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं।  कोलकाता स्थित अमेरिकी डिप्लोमैटिक सर्किल से जुड़े अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि रुबियो का भारत दौरा लगभग तय है, हालांकि अमेरिकी दूतावास की तरफ से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. माना जा रहा है कि यह दौरा QUAD साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ भारत-अमेरिका रणनीतिक रिश्तों को नई गति देने की कोशिश होगा। 

ऑटो सेक्टर में TVS Motor Company का बड़ा धमाका, सेल्स और कमाई में बनाया नया रिकॉर्ड

 नई दिल्ली टीवीएस मोटर (TVS Motor) के लिए वित्तवर्ष 2026 बेहतरीन रहा है. कंपनी ने लगभग हर सेगमेंट में पॉजिटिव नंबर्स के साथ सेल्स को क्लोज किया है. बात करें ब्रांड के थ्री व्हीलर बिजनेस की, तो कंपनी ने 2.19 लाख यूनिट्स को बेचा है, जो 63 परसेंट की ग्रोथ है. दो साल पहले कंपनी इस नंबर की सिर्फ कल्पना कर सकती थी।  कंपनी का रेवेन्यू 47,270 करोड़ पहुंच गया है, जो टीवीएस के इतिहास में पहली बार हुआ है. पिछले वित्तवर्ष से ये आंकड़ा 30 फीसदी ज्यादा है. 2025 फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने 36,251 करोड़ का कुल रेवेन्यू हासिल किया था. वहीं इस साल कंपनी ने सेल्स और रेवेन्यू के पुराने सभी आंकड़ों को तोड़ दिया है।  कितनी बाइक और कितने स्कूटर बिकें?  बीते वित्तवर्ष में कंपनी ने कुल 59 वाहन बेचे हैं. इसमें टू-व्हीलर्स और थ्री व्हीलर्स दोनों ही शामिल हैं. कंपनी ने 27.13 लाख मोटरसाइकिलें वित्तवर्ष 2026 में बेची हैं, जो 2025 में 21.95 लाख यूनिट्स थी. यानी ब्रांड ने 24 फीसदी की बढ़त हासिल की है. इसी दौरान ब्रांड ने 24.13 लाख स्कूटर्स बेचे हैं. जो वित्तवर्ष 2025 के 19.04 लाख के मुकाबले 27 फीसदी ज्यादा हैं।  कंपनी की बेहतरीन सेल में अपाचे नेमप्लेट का बड़ा योगदान रहा है. वहीं टीवीएस रेडर 125 ऐसी बाइक है, जिसे लोगों ने काफी ज्यादा पसंद किया है. सिर्फ पेट्रोल इंजन वाले ही नहीं बल्कि कंपनी ने ईवी बिजनेस में भी कमाल किया है. ब्रांड के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल 33 फीसदी की बढ़त के साथ 3.71 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई है।  वित्तवर्ष 2025 में ये संख्या 2.79 लाख यूनिट्स की थी. ब्रांड की आईक्यूब सीरीज बेस्ट सेलिंग इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में से एक है. बात करें रेवेन्यू की तो कंपनी ने जनवरी-मार्च 2026 वाली तिमाही में 12,808 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है।  TVS Raider की बंपर सेल टीवीएस रेडर 125 कंपनी की सफल मोटरसाइकिलों में से एक है. लॉन्च के बाद से इस बाइक की 19 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं. घरेलू मार्केट में इसकी 16.21 लाख यूनिट्स अब तक बिकी हैं, जबकि एक्सपोर्ट का आंकड़ा 2.86 लाख तक पहुंच गया है. यानी ओवर ऑल कंपनी ने इसकी 19 लाख से ज्यादा यूनिट्स को बेच दिया है।  वित्तवर्ष 2022 में कंपनी ने इसकी सिर्फ 76,742 यूनिट्स को भारत में बेचा था. वहीं वित्तवर्ष 2024 बाइक के लिए अब तक का बेहतरीन साल रहा है. इस साल कंपनी ने 4.78 लाख यूनिट्स बाइक की बिकी हैं. पिछले वित्तवर्ष में इस बाइक की 4.26 लाख यूनिट्स घरेलू मार्केट में सेल हुई हैं।