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‘केस ट्रांसफर कर हो सख्त एक्शन’, ट्विशा शर्मा के परिजनों ने CM हाउस पहुंच उठाई आवाज

भोपाल. मध्य प्रदेश के भोपाल में हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा सुसाइड केस को लेकर रोज नए अपडेट्स सामने आ रहे हैं। भोपाल में ट्विशा शर्मा सुसाइड केस की जांच को लेकर परिजन 17 मई 2026, रविवार को सीएम निवास पहुंचे। परिजन ने कहा कि बेटी की ससुराल पक्ष के दबाव में केस की जांच ढीली पड़ रही है। बेटी की सास रिटायर्ड जज व उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष होने से दबाव व प्रभाव ज्यादा है। ऐसे में हमारी मांग है कि भोपाल से केस ट्रांसफर किया जाए। ट्विशा के पिता और भाई को पुलिस सीएम हाउस के अंदर लाई। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। ट्विशा के परिजन ने कहा कि हम इनसाफ चाहते हैं। हमें यहां हेल्प नहीं मिल रही हैं। इतनी सारी एनजीओ हैं, क्या एम्स इतना स्ट्रॉन्ग नहीं है। आप सेकंड पीएम की परमिशन दीजिए। बेटा लॉयर, मां पूर्व जज, जमानत नहीं मिलना चाहिए ट्विशा मां ने कहा कि मेरी बेटी को न्याय चाहिए। समर्थ सिंह क्रिमिनल लॉयर है। उसे बचाव के रास्ते पता है। गिरिबाल सिंह को जमानत मिल गई है। उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए। कानून इनकी रक्षा के लिए बना है। विक्टिम के लिए कोई नहीं है।  हम आमरण अनशन करेंगे, सीएम हाउस से हटेंगे नहीं ट्विशा के पिता बोले काला कानून बताकर हमें गिरफ्तार कीजिए। हम आमरण अनशन करेंगे, हटेंगे नहीं है। मेरी बेटी को न्याय मिलना चाहिए। यहां कोई हमारी मदद नहीं कर रहा है। पांचवें दिन भी परिजन ने शव लेने से किया इनकार ​क्रिमिनल लॉयर जमाई समर्थ सिंह और सास गिरिबला सिंह के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन पांच दिन से अड़े हुए हैं। ऐसे में वह ट्विशा शर्मा का शव भी लेने से इनकार कर गए हैं। जिस वजह से उसका पीएम और अंतिम संस्कार तक नहीं हो पाया है।  सोमवार को ट्विशा सुसाइड केस की होगी सुनवाई भोपाल ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में सास गिरिबला सिंह और समर्थ सिंह समर्थ सिंह को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। उनकी जमानत के बाद से परिजनों में भारी आक्रोश है। मामले में आगे की सुनवाई सोमवार को होगी। इस मामले की जांच SIT कर रही है। शव को पीएम के लिए दिल्ली AIIMS ले जाया जाएगा। ट्विशा के पति की जमानत पर सुनवाई 18 मई को मामले में ट्विशा की सास-रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई है। वहीं उसके वकील पति की जमानत अर्जी पर सोमवार, 18 मई को सुनवाई होगी। ट्विशा शर्मा के परिजन ने केस की जांच मध्य प्रदेश के बाहर की पुलिस से कराने की मांग की है। उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपी पति की तलाश की जा रही है। लगातार उसके घर और ऑफिस पर दबिश दी जा रही है। रिटायर्ड जज को इसलिए मिली अग्रिम जमानत कोर्ट ने माना कि गिरिबाला सिंह उम्रदराज हैं। साथ ही वे न्यायपालिका में बड़े पद पर रह चुकी हैं। उनके खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। फरार होने की संभावना नहीं है। इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जाती है।  समर्थ कहता था- शादी हमारे स्टैंडर्ड की नहीं पुलिस एफआईआर में परिजन ने बताया है कि समर्थ शादी के बाद से ट्विशा को प्रताड़ित करता था। वो कहता था कि शादी में जो ट्विशा के परिवार ने खर्च किया है, वो उसके स्टैंडर्ड का नहीं है। समर्थ शादी के बाद ट्विशा को महीने के खर्च के लिए भी पैसे नहीं देता था। जिसके चलते ट्विशा के पिता उसे ऑनलाइन पैसे भेजते थे। परिजन बोले-समर्थ और गिरिबाला ने फोन नहीं उठाया ट्विशा के परिजन ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि 12 मई की रात 9:41 बजे ट्विशा अपनी मां से फोन कॉल पर बात कर रही थी। इसी बीच समर्थ कमरे में आया और चिल्लाया… किससे बात कर रही है? इसके बाद फोन कट गया। ट्विशा का फोन बंद हो गया। परिजन का कहना है कि हमने 20 मिनट तक समर्थ और गिरिबाला के मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। रात 10:35 बजे गिरिबाला ने फोन उठाया और कहा कि शी इज नो मोर (वो अब नहीं रही) और इसके बाद कॉल काट दिया।

पंजाबियों के खिलाफ गतिविधियों पर सख्ती, Australia में सक्रिय संगठन प्रतिबंधित

चंडीगढ़. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने देश में रहने वाले पंजाबियों सहित सभी भारतीयों को बड़ी राहत प्रदान की है। इसके अलावा देश में रहने वाले अप्रवासियों और अन्य समुदायों के लोगों को भी राहत दी है। जानकारी के अनुसार गृह मंत्री टोनी बर्क ने देश में पंजाबियों सहित भारतीयों को डराने वाले संगठन को हमेशा के लिए बैन कर दिया है। यह न्यू नाजी संगठन देश में रह रहे गैर-श्वेत लोगों के प्रति देशवासियों में नफरत फैलाता था और नस्लीय टिप्पणियां करता था। इतना ही नहीं भारतीयों सहित सभी गैर-श्वेत समुदाय के लोगों को डराता-धमकाता भी था। इसके चलते सरकार ने इस संगठन को बैन कर दिया। साथ ही इस संगठन से जुड़ने वाले, इसका प्रचार करने वाले और इसे फंडिंग देने वाले को 15 साल की जेल हो सकती है। क्या है न्यू नाजी संगठन न्यू नाजी संगठन 2020 में बना था। यह एक ऐसा संगठन है जो एडॉल्फ हिटलर की नाज़ी विचारधारा से प्रेरित है। इस संगठन का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया सिर्फ श्वेत लोगों के लिए है और भारतियों सहित सभी गैर-श्वेत लोगों का देश पर कोई अधिकार नहीं है। इस संगठन का लक्ष्य था कि सभी अप्रवासियों और गैर-श्वेत समुदाय के लोगों को देश से बाहर निकाला जाए। देशवासियों में फैलाता था नफरत संगठन सोशल मीडिया और रैलियों द्वारा नफरत भरी अपनी विचारधारा का प्रचार करता था। इसके अलावा देश में रहने वाले भारतीयों सहित सभी गैर-श्वेत समुदायों को डराता-धमकाता था। उक्त संगठन देश में हिंसक माहौल बनाने की कोशिशों में जुटा था इसलिए सरकार ने एक्शन लेते हुए इस नफरत फैलाने वाले संगठन को हमेशा के लिए बैन कर दिया। पंजाबी समुदाय को किया टारगेट इस संगठन में ऑस्ट्रेलिया में रह रहे पंजाबी समुदाय को भी कई बार टारगेट किया है। मई 2023 में संगठन ने अप्रवासियों के खिलाफ एक रैली निकाली थी। इसका मुख्य निशाना पंजाबियों सहित सभी भारतीय लोग थे। इस दौरान इनकी पुलिस के साथ झड़प भी हुई थी। फिर 2024 में ऑस्ट्रेलिया डे के मौके पर संगठन के सदस्यों ने काले कपड़े पहन नॉर्थ सिडनी रेलवे स्टेशन पर हंगामा किया था। इस दौरान पंजाबियों सहित वहां आने-जाने वाले सभी गैर-श्वेत लोगों को डराया और धमकियां भी दी थीं। साथ ही पंजाबियों की पगड़ी को लेकर भी संगठन द्वारा नस्लीय टिप्पणियां की गई थीं। इस दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरात में भी लिया था। इसके बाद अगस्त 2025 में संगठन ने कई रैलियां निकालीं जिसमें भारतीय और पंजाबियों की बढ़ती आबादी का डाटा दिखाकर लोगों में और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाई गई। 31 अगस्त, 2025 को मेलबर्न के कैंप सॉवरेन्टी में भी संगठन द्वारा अप्रवासियों का विरोध करते उन पर हिंसक हमला किया गया। इस दौरान इस संगठन के सदस्यों ने लाठियों और डंडों से लोगों पर खासकर महिलाओं पर हमला किया था। हिंसा में महिला सहित 4 घायल हो गए थे। इस हिंसा के बाद पुलिस ने न्यू नाजी के नेता थॉमस सेवेल को गिरफ्तार भी कर लिया था। क्यों लगा बैन कैंप सॉवरेन्टी हिंसा के बाद और देश में बिगड़ रहे माहौल को देखते हुए सरकार ने देश में कई नफरत-विरोधी कानून पारित किए। इन कानूनों के तहत गृह मंत्री टोनी बर्क ने इस संगठन को देश विरोधी और नफरत फैलाने वाला घोषित कर हमेशा के लिए बैन कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एक्शन, चंबल नदी में उतरी पुलिस-वन विभाग की टीम

  करौली राजस्थान में करौली जिले के नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी में अवैध बजरी खनन को लेकर करौली पुलिस ने चंबल के बीहड़ों में उतरकर बजरी माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा और हाई-वोल्टेज ऑपरेशन चलाया. करौली के एसपी लोकेश सोनवाल के कुशल निर्देशन में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चंबल नदी में पांच घंटे तक मोर्चा संभाला और अवैध खनन के पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया. सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई थी सख्ती अवैध बजरी खनन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताई थी. कोर्ट ने कहा कि यह लापरवाही पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा है. अदालत के सामने आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि राज्य के 40 संवेदनशील इलाकों में से सिर्फ एक जगह सीसीटीवी कैमरा लगा है और सुरक्षा के सारे दावे अधूरे हैं. इस सख्ती के बाद सरकार ने तुरंत धौलपुर, करौली, कोटा, बूंदी और सवाई माधोपुर में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष टास्क फोर्स का गठन कर दिया है. एसपी की अगुवाई में बड़ा एक्शन सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने खुद कमान संभाली. उनके नेतृत्व में पुलिस ने शनिवार को करणपुर क्षेत्र के गौटा घाट पर धावा बोल दिया. पुलिस को आता देख माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर मध्य प्रदेश की सीमा की तरफ भागने लगे. एसपी के कड़े निर्देशों के बाद थानाधिकारी देवेश कुमार जाटव अपने पुलिस जवानों के साथ मौके पर पहुंचे. इसके बाद जांबाज जवान वर्दी और हथियारों के साथ नदी के गहरे पानी में उतर गए और दूर तक माफियाओं का पीछा किया. एसपी सोनवाल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन होगा और माफिया चाहे सीमा पार के हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. घड़ियालों के आशियाने पर मंडराता खतरा यह पूरा अवैध कारोबार घड़ियाल प्रजनन केंद्र से महज 500 मीटर की दूरी पर चल रहा है. भारी मशीनों का शोर और अवैध खनन घड़ियालों के प्राकृतिक माहौल को नष्ट कर रहा है. राजस्थान से मध्य प्रदेश के श्योपुर तक फैले इस नेटवर्क में हर दिन करीब 200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध बजरी पार कराई जा रही हैं. फिलहाल पुलिस ने जेसीबी से रास्ते काटकर माफियाओं के रूट बंद कर दिए हैं और अब हर किसी की नजर 20 मई को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर है.

नगर निगम चुनाव की तैयारियां तेज, पंजाब सरकार ने 23 IAS और PCS अधिकारियों को सौंपी कमान

चंडीगढ़/जालंधर. पंजाब के स्टेट इलेक्शन कमीशन ने राज्य में 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों (कुल 105) के आम चुनावों की घोषणा कर दी है। वोटिंग 26 मई को होगी। इन चुनावों को आज़ाद, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए कमीशन ने 23 ज़िलों में IAS/सीनियर PCS अधिकारियों को जनरल ऑब्ज़र्वर नियुक्त किया है। नियुक्त किए गए जनरल ऑब्ज़र्वर की डिटेल्स इस तरह हैं। जानकारी के मुताबिक, परमदीप सिंह PCS को अमृतसर, परनीत शेरगिल IAS को बरनाला, हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ IAS को बठिंडा, सुखप्रीत सिंह सिद्धू PCS को जनरल ऑब्ज़र्वर नियुक्त किया गया है। फिरोजपुर, रुबिंदरजीत सिंह बराड़ IAS फरीदकोट, ऋषभ बंसल PCS फाजिल्का और हरगुनजीत कौर IAS फतेहगढ़ साहिब को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। इसी तरह, राकेश कुमार पोपली PCS गुरदासपुर, हरजोत कौर PCS होशियारपुर, परमवीर सिंह IAS जालंधर, कानू थिंड PCS कपूरथला और सेनू दुग्गल IAS कपूरथला), बलदीप कौर (IAS, लुधियाना), मिस नयन (PCS, मोगा), अमित सरीन (PCS, मानसा), प्रमोद सिंगला (PCS, मलेरकोटला), अमरबीर सिंह (PCS, श्री मुक्तसर साहिब), अपनीत रयात (IAS, पटियाला) और ऋषि पाल सिंह (IAS, पटियाला), अमरिंदर सिंह टिवाना (PCS, पठानकोट), जगजीत सिंह (PCS, रूपनगर), अमनदीप कौर (IAS, एस. बी. एस. नगर), अभिजीत कपलिश (IAS, मोहाली), कमल कुमार गर्ग (IAS, संगरूर), विकास हीरा (P. C. S, तरनतारन).

विजय थलापति पर AMMK और DMK का बड़ा आरोप, सीबीआई जांच की मांग

चेन्नई  तमिलनाडु में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद सत्ता में आए विजय थलापति और उनकी पार्टी के ऊपर गंभीर आरोप लग रहे हैं। तमिलनाडु की क्षेत्रीय पार्टी अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) प्रमुख दिनाकरन ने विजय और उनकी पार्टी के ऊपर हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु की सत्ता हासिल करने के लिए तमिलगा वेट्री कझगम ने हॉर्स ट्रेडिंग की है। उन्होंने कहा कि अगर विजय ने एएमएमके से गए विधायक को मंत्री पद दिया, तो फिर वह इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगे। तिरुचिरापल्ली में मीडिया से बात करते हुए दिनाकरन ने विजय और उनकी पार्टी की पूरी राजनीति पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि टीवीके की पूरी राजनीति ही हॉर्स ट्रेडिंग पर आधारित है। उन्होंने सीएम विजय पर तंज कसते हुए कहा, "विजय कहते हैं कि वह घोड़े की रफ्तार से काम करेंगे, लेकिन उन्होंने घोड़ा ही मोलभाव करके खरीदा है।" दरअसल, यह पूरा मामला विजय और उनकी सरकार द्वारा पास किए गए फ्लोर टेस्ट के दौरान का है। AMMK ने तमिलनाडु विधानसभा में एक सीट हासिल की थी। लेकिन फ्लोर टेस्ट के पहले ही उसके एकमात्र विधायक एस. कामराज ने विजय की पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इसके बाद पार्टी ने अपने एकमात्र विधायक को निष्कासित कर दिया। विधायक के ऊपर कार्यवाही की मांग करते हुए पार्टी प्रमुख ने कहा कि था राजनीतिक दल में केवल पार्टी प्रमुख को ही चीफ व्हिप जारी करने का अधिकार होता है। AMMK के अलावा मुख्य विपक्षी दल डीएमके ने भी विजय की पार्टी के ऊपर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया। डीएमके नेता एसएस शिवशंक ने शनिवार को टीवीके पर एआई़डीएमके और एएमएमके के विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विजय की सरकार कुछ ही दिनों की मेहमान है। मीडिया से बात करते हुए डीएमके नेता ने कहा कि लगातार विरोध और राजनीतिक अहंकार ही टीवीके और विजय के पतन का कारण बनेगी।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, झज्जर में शुरू हुआ नेचुरोपैथी ट्रेनिंग सेंटर

झज्जर. पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में देवरखाना स्थित केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आयुष मंत्रालय के अधीन कार्यरत यह केंद्र अब वेलनेस क्षेत्र के लिए ''प्रशिक्षित प्राकृतिक चिकित्सा सहायक'' तैयार करने वाला देश का दूसरा ऐसा संस्थान बन गया है। इससे पहले यह विशेष प्रशिक्षण केवल राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, पुणे (एनआइएन) में ही दिया जाता था। इस दृष्टिकोण से देवरखाना में इस पाठ्यक्रम की शुरुआत होना उत्तर भारत के लिए मील का पत्थर है। दरअसल, वैश्विक स्तर पर समग्र स्वास्थ्य के बढ़ते चलन से इस क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाएं खुली हैं। इस विशेष पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद युवा देश-विदेश के बड़े प्राकृतिक चिकित्सालयों, योग केंद्रों, वेलनेस रिसार्ट्स और लक्ज़री स्पा में ''प्राकृतिक चिकित्सा सहायक'' या ''थेरेपिस्ट'' के रूप में सम्मानजनक व आत्मनिर्भर करियर बना सकते हैं। दो साल पहले अस्तित्व में आया संस्थान करीब दो साल पहले अस्तित्व में आए संस्थान में 200 बेड का विशाल और अत्याधुनिक चिकित्सालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जहां निरंतर आंतरिक एवं बाह्य रोगियों को विश्वस्तरीय प्राकृतिक उपचार सेवाएं दी जा रही हैं। अब यहां परिसर में ''उपचार सहायक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम'' (टीएटीसी) के प्रथम बैच का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। संस्थान के नोडल अधिकारी डा. एलांचेझियन और डा. घनश्याम यादव ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें इस क्षेत्र में स्वर्णिम व उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। 20 सीटों से शुरुआत, प्रशिक्षण के साथ मिलेगा 8,000 मानदेय : संस्थान प्रशासन द्वारा तैयार किए गए इस विशेष और रोजगारपरक एक वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रथम चरण के तहत 20 सीटों पर प्रवेश दिया गया है, जिसकी नियमित कक्षाएं बीती 15 मई से प्रारंभ हो चुकी हैं। प्रशिक्षण अवधि के दौरान विद्यार्थियों को 8,000 प्रतिमाह का मानदेय भी दिया जाएगा। संस्थान प्रबंधन के अनुसार, भविष्य में यहां होने वाले वैज्ञानिक अनुसंधानों के साथ-साथ इस तरह के अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों का दायरा और बढ़ाया जाएगा। साथ ही, पाठ्यक्रम के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान और मांग को देखते हुए आने वाले समय में सीटों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकें। पाठ्यक्रम का स्वरूप और प्रशिक्षण  भाग      विधा का नाम                    मुख्य प्रशिक्षण क्षेत्र 1.     प्राकृतिक चिकित्सा का दर्शन     परिभाषाएं, सिद्धांत, इतिहास और प्राकृतिक जीवन शैली। 2     मालिश (थ्योरी व प्रैक्टिकल)     इतिहास, नियम, विभिन्न प्रकार की मालिश (वृद्धावस्था, प्रसवपूर्व) एवं तकनीकें। 3     शरीर रचना और शरीर क्रिया विज्ञान                     मानव शरीर के प्रमुख तंत्रों (श्वसन, पाचन, तंत्रिका आदि) का बुनियादी ज्ञान। 4     योग प्रशिक्षण     अष्टांग योग, सूर्यनमस्कार, आसन, प्राणायाम, ध्यान और चिकित्सीय योग। 5     जल चिकित्सा     जल के गुण, ठंडे-गर्म पानी का प्रभाव, विभिन्न प्रकार के पैक, टब बाथ और स्प्रे। 6     मिट्टी चिकित्सा     मिट्टी के गुण, शुद्धिकरण, मिट्टी के पैक तैयार करना और मड बाथ। 7     आहार और पोषण     संतुलित भोजन, कच्चे आहार (सलाद, अंकुरित), प्राकृतिक चिकित्सा व्यंजन। 8     उपवास     उपवास के प्रकार, महत्व, शरीर पर प्रभाव और इसकी वैज्ञानिक प्रक्रिया। 9     चुंबक चिकित्सा     चुंबक के प्रकार, उपयोग के तरीके और पानी व तेल को चार्ज करने की विधि। 10     रंग चिकित्सा     रंगों के प्रभाव, सूर्य स्नान और क्रोमो थर्मोलियम। 11     एक्यूप्रेशर     एक्यूप्रेशर की मूल अवधारणाएं, प्रमुख बिंदु और दबाव देने का सही तरीका। 12     फिजियोथेरेपी     मोम स्नान (Wax Bath), विद्युत चिकित्सा और व्यायामशाला प्रबंधन। 13     क्लिनिकल ट्रेनिंग व नर्सिंग केयर     मरीजों की बुनियादी देखभाल, शारीरिक मापदंडों (वजन, बीपी, तापमान) की जांच। 14     अंग्रेजी संचार कौशल     मरीजों और डॉक्टरों के साथ संवाद के लिए मौखिक संचार का विशेष प्रशिक्षण।

डिजिटल जस्टिस मॉडल लागू, कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद मिलेगी रिहाई

जबलपुर. प्रदेश में यह व्यवस्था यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के तहत लागू की गई है। दावा किया जा रहा है कि कोर्ट से जमानत आदेश जारी होने के बाद 10 मिनट में रिहाई मिल सकेंगी। साथ ही, फैसले या आदेश की प्रमाणित कॉपी फीस जमा करने पर 1 मिनट में वॉट्सएप पर मिल जाएगी। मध्य प्रदेश की अदालतों की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत 24 घंटे कोर्ट केस की जानकारी मिल पाएगी। दस्तावेजों के लिए कभी भी किसी भी समय ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश में यह व्यवस्था यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के तहत लागू की गई है। जिसका जबलपुर हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने शुभारंभ किया। नई व्यवस्था में यह भी दावा किया जा रहा है कि कोर्ट से जमानत आदेश जारी होने के बाद 10 मिनट में रिहाई मिल सकेंगी। साथ ही, फैसले या आदेश की प्रमाणित कॉपी फीस जमा करने पर 1 मिनट में वॉट्सएप पर मिल जाएगी। डिजिटल सिस्टम पर अपलोड होगी फॉरेंसिक-मेडिकल रिपोर्ट यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के जरिए एआई आधारित सिस्टम बड़े केसों की समरी खुद तैयार करेगा। इससे जजों व वकीलों को लंबी फाइलें पढ़ने में कम समय लगेगा और सुनवाई तेज हो सकेंगी। डिजिटल सिस्टम पर फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट अपलोड होगी। इससे रिकॉर्ड बदलने या गायब होने की संभावना कम होगी। फाइल अटकने, दस्तावेज गुम, देरी की समस्या कम होगी पुलिस, अदालत और जेल के सिस्टम आपस में जुड़ने से फाइल अटकने, दस्तावेज गुम होने व देरी की समस्या कम हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत हर आरोपी की एक यूनिक डिजिटल पहचान होगी। इससे अपराधियों की ट्रैकिंग में आसानी हो जाएगी।

बच्चे की दर्दनाक घटना के बाद अलर्ट मोड में पंजाब, खुले बोरवेल पर सख्त आदेश

होशियारपुर (घुम्मन). यहां के चक समाना गांव में एक बच्चे के बोरवेल में गिरने की घटना के बाद, डिप्टी कमिश्नर ने शनिवार को संबंधित विभागों को जिले भर में खुले बोरवेल की तुरंत पहचान करने और उन्हें ठीक से ढकने और कैपिंग करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए। सर्वे अगले सात दिनों में पूरा हो जाएगा। आदेशों के अनुसार, खुले और छोड़े गए बोरवेल इंसानी जीवन, खासकर बच्चों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने सभी सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM), तहसीलदार, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO), म्युनिसिपल काउंसिल, नगर कमेटियों और नगर पंचायतों को ग्रामीण और शहरी इलाकों सहित अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसे सभी बोरवेल की तुरंत पहचान करने का निर्देश दिया। संबंधित एजेंसियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश देते हुए, डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि संबंधित विभाग और एजेंसियां ​​यह सुनिश्चित करें कि निर्देशों को पूरी सतर्कता के साथ लागू किया जाए। इसी तरह, शहरी इलाकों में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और काउंसिल को अपनी सीमा के अंदर ऐसे बोरवेल का सर्वे करने का निर्देश दिया गया है। कोई भी व्यक्ति, एजेंसी या डिपार्टमेंट जो इस ऑर्डर को मानने में लापरवाही करेगा, उस पर डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 और दूसरे लागू कानूनों, ऑर्डर के तहत सज़ा हो सकती है।

IPL 2026 के बीच फिजूलखर्ची पर बहस, CTI ने की शेड्यूल बदलने की मांग

नई दिल्ली 31 मार्च से शुरू हुए इंडियन प्रीमियर लीग IPL) के 19वें सीजन में अब तक टीमों ने हवाई रास्ते से और सड़क मार्ग से करीब लाखों किलोमीटर तय कर लिए होंगे. जिस तरह से टीमों का शेड्यूल है और जिस तरह से अलग-अलग शहरों में उनके मैच रखे गए हैं, उस लिहाज से यह ट्रैवल जायज है. लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में ये हवाई यात्राएं भारत सरकार पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं. जहां हर एक सरकारी विभाग, राजनेता, अधिकारी, सामान्य नागरिक, प्रधानमंत्री मोदी की सलाह पर फिजूलखर्ची से बचने की कोशिश कर रहे हैं वहीं इस मुश्किल वक्त में सिर्फ IPL ही ऐसा आयोजन है जो फिलहाल किसी भी संकट से अछूता नजर आ रहा है, दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने रविवार (17 मई) को इस मुद्दे पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया को एक पत्र लिखा है. बृजेश ने मांग की है कि हवाई यात्रा में कटौती करते हुए आईपीएल के बचे हुए मैचों के लिए नया शेड्यूल जारी किया जाए और सीमित मैदानों पर बिना दर्शकों के IPL के बाकी मैच कराए जाएं. क्या बिन दर्शकों के होंगे मुकाबले? इससे लाखों लीटर ईंधन, पेट्रोल डीजल बचेगा और देश पर बोझ कम पड़ेगा. कोरोना काल में भी आयोजकों ने सीमित मैदानों पर IPL का सफल आयोजन कराया था. इसके अलावा आईपीएल के बाकी मैच बिना दर्शकों के भी हो सकते हैं क्योंकि एक मैच में औसतन पचास हजार दर्शक आते हैं, जिससे कि हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल खर्च होता है. CTI के मुताबिक आईपीएल टीमों के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले चार्टर्ड विमान जैसे बोइंग 737 या एयरबस A 320 औसतन लगभग 2400 से 3000 लीटर प्रति घंटा ईंधन खर्च करते हैं. इस हिसाब से यदि फ्लाइट लगभग 2 घंटे उड़ती है तो अनुमानित खपत करीब 5000 से 6000 लीटर एवियशन फ्यूल ATF होती है. अगर विमान थोड़ा बड़ा हो या लंबी दूरी के लिए ज्यादा वजन लेकर उड़ रहा हो तो यह आंकड़ा 7000 से 8000 लीटर तक भी जा सकता है. अब ईंधन के इस खर्च को टीमों के करीब 10 हवाई यात्रा से गुना कर दिया जाए तो कह सकते हैं कि हर टीम करीब 50000 से 70000 लीटर एवियशन फ्यूल खर्च कर रही हैय

गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, बोले- बूथ जीता तो चुनाव जीता

गोरखपुर  उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारी में जुटे हैं। इस बीच रविवार को गोरखपुर में भाजपा की जिला इकाई द्वारा आयोजित कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग में सीएम योगी आदित्यनाथ भी पहुंच गए। सीएम योगी ने इस मौके पर कार्यकर्ताओं को उत्साह से भरते हुए जीत का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल भाजपा में हो सकता है कि कोई बूथ अध्यक्ष पार्टी का प्रदेश या राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाए। वह मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री तक बन सकता है। कारण, यहां पर परिवार नहीं बल्कि पार्टी और कार्यकर्ता मायने रखता है। सीएम ने कहा कि समाज कांग्रेस, सपा, राजद, टीएमसी, डीएमके या ऐसे ही भ्रष्टाचार में डूबे अन्य दलों के आचरण को सम्मान नहीं देता है। भाजपा कार्यकर्ता को समाज में सम्मान इसलिए मिलता है कि इस पार्टी के कार्यकर्ता के आचरण में राष्ट्रवाद और भारतीयता का भाव है। भाजपा का कार्यकर्ता पार्टी के संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों पर चलते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए शुचिता और पारदर्शिता से आचरण और तदनुरूप कार्य करता है। सीएम योगी रविवार को गोरखपुर के सहजनवा विधानसभा क्षेत्र स्थित तेनुआ टोल प्लाजा के समीप एक रिजॉर्ट में भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत पार्टी की जिला इकाई की तरफ से आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में शामिल प्रतिभागियों को ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव से अनवरत आगे बढ़ते रहने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, संस्कृति, सुशासन और समृद्धि को जोड़ने का काम करने वाली भाजपा एकलौती पार्टी है। केंद्र और भाजपा की राज्य सरकारों ने इसी को अपने कार्यक्रमों का आधार बनाया है। भाजपा के लिए राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय ‘भाजपा का इतिहास और विकास’ विषय पर केंद्रित जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्थापना के 50 वर्ष से भी कम समय में भाजपा ने दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में केंद्र और देश के 22 राज्यों में राष्ट्रवाद की विचारधारा को लागू करने के अभियान को आगे बढ़ाया है। भाजपा देश ही नहीं दुनिया का एकमात्र राजनीतिक दल है जिसने हमेशा और मजबूती से यह घोषणा की है कि राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय और व्यक्ति का हित अंतिम होना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्र प्रथम के भाव से पार्टी के संस्थापकों ने जो मूल्य, आदर्श और संस्कार दिए हैं, उन्हीं का अनुसरण करते हुए कार्यकर्ता जब राष्ट्रवाद की बात करते हैं तो देश ही नहीं दुनिया के भारतवंशियों के सामने पार्टी के रूप में सिर्फ भाजपा का ही चेहरा और कमल का फूल चुनाव निशान सामने होता है। संविधान ठीक से लागू भी नहीं हुआ कि कांग्रेस ने शुरू कर दिया तुष्टिकरण का खेल सीएम योगी ने कहा कि 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान निर्मित हुआ और 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अंगीकार किया। देश मे संसदीय प्रणाली लागू हुई। पर, अभी पहला आम चुनाव भी नहीं हुआ कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण के जिन कारणों से देश का विभाजन हुआ था, उसे ही फिर से भारत की राजनीति का हिस्सा बनाना प्रारंभ कर दिया। अभी संविधान ठीक ढंग से लागू होना प्रारंभ ही नहीं हुआ कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण का खेल प्रारंभ किया। सीएम योगी ने कहा कि तब राष्ट्रीय स्वयं सेवकसंघ को लगा कि एक ऐसा दल गठित करना चाहिए जो भारत की राष्ट्रीयता और बेहतर भविष्य के लिए कार्ययोजना बनाने में योगदान दे सके। तब भारत सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देकर देश के लिए लड़ने वाले, वीर बलिदानी, महान शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में यह जिम्मेदारी दी गई। डॉ. मुखर्जी ने कांग्रेस के संविधान विरोधी कृत्य के खिलाफ उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के न चाहने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने देश से विश्वासघात करते हुए कश्मीर में धारा 370 और परमिट सिस्टम लागू कर दिया। इसके खिलाफ सबसे पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आवाज उठाई। उस समय उन्होंने कहा था कि एक देश मे दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नही चलेंगे। जब सरकार नहीं मानी तो वे इस अनैतिक, भारत विरोधी, संविधान विरोधी कृत्य का विरोध करने कश्मीर गए। कश्मीर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विश्वासघात कर जेल में उनकी हत्या करवा दी गई। दीनदयाल उपाध्याय ने की अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की वकालत मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानों की यह परंपरा आगे बढ़ती है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने का गुरुत्तर दायित्व दिया गया। पंडित उपाध्याय एक ऐसे विचारक थे जिन्होंने अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए भी शासन की योजनाओं का लाभ देने की बात कही, उसकी वकालत की। पंडित उपाध्याय ने कहा था कि समृद्धि का आधार ऊंचे पायदान पर बैठा हुआ व्यक्ति नहीं हो सकता। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के चेहरे पर खुशहाली ही राष्ट्र की समृद्धि का आधार होना चाहिए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ भी विश्वासघात हुआ और उनकी असमय मृत्यु हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1967 में जब पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ तो उसका श्रेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय को जाता है। सीएम ने कहा कि जनसंघ का प्रवेश जब अटल-आडवाणी युग में होता है तो देश में लोकतंत्र बचाने के लिए इसका विलय जनता पार्टी में कर दिया जाता है। जनता पार्टी सरकार का प्रयोग पूरी तरह सफल नहीं हो पाया तो उसके अनेक कारण थे। पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार हुए पार्टी संस्थापकों के विचार मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का गठन श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में होता है। गठत के उपरांत 1985 के संसदीय चुनाव में भाजपा के मात्र दो सांसद जीते थे। और, आज देश ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भाजपा का उदय दुनिया के अंदर कहीं नहीं देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों ने स्थापना … Read more