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बॉलीवुड सिंगर शिल्पा राव की आवाज़ पर झूमा मैदान, कल्पना सोरेन ने भी दिए सुरों का साथ

रांची बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर शिल्पा राव ने मोरहाबादी मैदान में लाइव शो किया। उनके लाइव शो में गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं। इस दौरान कल्पना सोरेन ने भी शिल्पा राव के साथ सुर मिलाए। बता दें कि बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर शिल्पा राव झारखंड की रहने वाली है। कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने उनकी उपस्थिति का स्वागत जोरदार तालियों और उत्साह के साथ किया। स्टेज पर आते ही शिल्पा राव ने रांची वासियों का अभिवादन किया और कहा कि झारखंड की धरती पर आकर वह हमेशा खुद को विशेष ऊर्जा से भरा महसूस करती हैं। इस दौरान शिल्पा ने कई सुपरहिट गाने गाए। उनकी प्रस्तुति में जोश उस समय चरम पर पहुंच गया जब उन्होंने मंच पर विधायक कल्पना सोरेन को आमंत्रित किया। शिल्पा राव के गीतों की लय और माहौल ऐसा था कि कल्पना सोरेन खुद को रोक नहीं सकीं। उन्होंने मंच पर जाकर बॉलीवुड गीतों पर शिल्पा राव का साथ दिया। कल्पना सोरेन ने भी शिल्पा के साथ सुर मिलाए। यह दृश्य दर्शकों के लिए यादगार बन गया। समारोह में केवल आधुनिक संगीत ही नहीं, बल्कि झारखंडी लोकसंगीत और लोक नृत्य की छटा भी बिखरी। दर्शकों ने कहा कि यह क्षण स्थापना दिवस समारोह के सबसे यादगार पलों में शामिल हो गया। एक और बॉलीवुड की जानी-मानी आवाज मंच पर थी, वहीं दूसरी ओर राज्य की लोकप्रिय जनप्रतिनिधि जनता के बीच खड़ी होकर कला और संस्कृति के उत्सव को और खास बना रही थीं।  

रांची धुर्वा डैम त्रासदी: एक और पुलिसकर्मी का शव मिला, पूरे विभाग में मातम

रांची झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा डैम में हुए भीषण हादसे में लापता चल रहे चौथे पुलिसकर्मी सत्येंद्र सिंह का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। इससे पूर्व तीन अन्य पुलिसकर्मियों-उपेंद्र कुमार सिंह, रोबिन कुजूर और चालक अनिल सिंह-के शव कार के अंदर से मिल चुके थे। सोमवार को चौथे शव की बरामदगी के साथ ही घटना में मौत का आंकड़ा चार तक पहुंच गया है। चारों मृतक जमशेदपुर के जगसुलाई इलाके के रहने वाले थे और जमशेदपुर के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज (पीडीजे) की सुरक्षा टीम में तैनात थे। हादसा 14 नवंबर की देर रात हुआ, जब सुरक्षा में तैनात ये चारों पुलिसकर्मी एक सरकारी वाहन से यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि धुर्वा डैम के पास वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे पानी में जा गिरा। घटना के समय रात होने के कारण किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। अगले दिन 15 नवंबर की सुबह स्थानीय लोगों ने डैम में कार जैसी कोई वस्तु दिखाई देने की आशंका जताई और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रांची पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया। गोताखोरों ने पानी के भीतर से डूबी हुई कार को ढूंढ़ निकाला। कार खोलने पर उसके अंदर तीन पुलिसकर्मी मृत पाए गए, जो डूबने से अपनी जान गंवा बैठे थे। हालांकि चालक सत्येंद्र सिंह कार के अंदर नहीं मिले, जिससे यह आशंका जताई गई कि वाहन के पानी में गिरते ही उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन तेज बहाव और गहराई में फंसकर वे भी डूब गए। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों द्वारा जारी तलाशी अभियान के चौथे दिन सोमवार सुबह सत्येंद्र सिंह का शव भी डैम के एक हिस्से से बरामद कर लिया गया। शव की पहचान होते ही पुलिस बल में शोक की लहर दौड़ गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमॉटर्म के लिए भेज दिया गया है और विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हादसे ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए डैम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों को और मजबूत करने की मांग की है।  

फर्जी कॉलर ने खुद को हेमंत सोरेन से जुड़ा बताया, उप मुख्यमंत्री की पत्नी से बात कराने का दबाव

रांची झारखंड के रांची से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बताकर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री को फोन कर परेशान किया। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय ने गोंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। अपनी पत्नी से बात कराएं जानकारी के मुताबिक अज्ञात व्यक्ति ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री को कॉल कर कहा कि अपनी पत्नी से बात कराएं। उस व्यक्ति ने खुद को झारखंड का मुख्यमंत्री बताते हुए कॉल किया था। कॉल का ऑडियो रिकॉर्ड एक पेन ड्राइव में पुलिस को सौंप दिया गया है, जिसमें बातचीत स्पष्ट सुनाई दे रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है और कॉल करने वाले की पहचान के लिए ट्रैकिंग की जा रही है। यह घटना मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास प्रतीत होती है शिकायत के अनुसार 15 नवंबर की रात 9:50 बजे एक व्यक्ति ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को फोन कर न केवल परेशान किया, बल्कि उनकी पत्नी से बात कराने की भी जिद की। एफआईआर में कहा गया है कि यह घटना मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास प्रतीत होती है, जो गंभीर और निंदनीय है। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय ने गोंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।  

10वीं बार सीएम बनेंगे नीतीश: कैबिनेट में किसे मिलेगी जगह, देखें संभावित सूची

पटना बिहार में सरकार गठन के फॉर्मूले पर भाजपा और जदयू में सहमति बन गई है। नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ शनिवार देर रात जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की बैठक में छह विधायक पर एक मंत्री के फॉर्मूले पर आगे बढ़ने का फैसला हुआ। लोजपा (आर) के साथ छह विधायक से कम संख्या वाली हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को भी सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगियों चिराग पासवान, जीतनराम मांझी व उपेंद्र कुशवाहा से भी चर्चा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर रविवार को आला नेताओं की बैठक में नई सरकार की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। लोजपा (आर) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि सरकार को लेकर बातचीत चल रही है। आज देंगे इस्तीफा, 20 को शपथ संभव नीतीश ने सोमवार सुबह मंत्रिपरिषद की अंतिम बैठक बुलाई है। इसके बाद वह राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे। मंगल या बुधवार को एनडीए विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना जाएगा और बृहस्पतिवार को नई सरकार का गठन हो सकता है। शपथ समारोह पटना के गांधी मैदान में होगा। 17 से 20 तारीख तक मैदान में आम लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। किस पार्टी के खाते में कितने मंत्रालय? 89 सीटों वाली भाजपा के हिस्से में 15, 85 सीटों वाले जदयू के 14, 19 सीटों वाली लोजपा (आर) के तीन और हम व आरएलएम के हिस्से में एक-एक मंत्री पद आएगा। भाजपा पहले की तरह दो डिप्टी सीएम बनाएगी। जीत के सूत्रधार रही महिला बिरादरी से डिप्टी सीएम हो सकती है। अब सबसे पहले पांच पांडव, यानी भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, हम व आरएलएम अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे। फिर एनडीए की बैठक में सीएम चुना जाएगा। विभाग बंटवारे पर एक और बैठक सरकार गठन के बाद विभागों के बंटवारे पर मंथन होगा। सूत्रों का कहना है, नीतीश पहले की तरह गृह विभाग और प्रशासन अपने पास ही रखेंगे। वित्त विभाग पहले की तरह भाजपा के पास होगा। अन्य विभागों पर राजग के सहयोगी दलों के नेतृत्व के बीच एक दौर की और बैठक होगी। नीतीश के नेतृत्व पर संशय नहीं भाजपा नेतृत्व बिहार में गठबंधन की स्थिरता को लेकर कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहता। उन्हें पता है कि नीतीश कुमार का अनुभव और प्रशासकीय संतुलन ही गठबंधन का स्थिर विकल्प है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा, कहकर संशय की परत अवश्य छोड़ी, पर पार्टी में स्पष्टता है कि नीतीश के साथ ही आगे बढ़ा जाए। महिलाओं को भी मिलेंगे मंत्रालय चिराग ने नीतीश से मिलकर साफ कर दिया कि वही सरकार का नेतृत्व करेंगे। इससे जदयू खेमे में माहौल बेहद सकारात्मक है। छोटे सहयोगियों के लिए नीतीश साझा स्वीकार्य चेहरा हैं, क्योंकि उनके रहते गठबंधन में टकराव की गुंजाइश कम रहती है। नई सरकार में सात महिलाओं को मंत्री बनाया जा सकता है। चुनाव में एनडीए को महिलाओं को बढ़-चढ़ कर वोट दिया, इसलिए उनकी भागीदारी बढ़ाई जा रही है।

बिहार विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव सीएम नीतीश ने राज्यपाल को सौंपा

पटना आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए बड़ा दिन है। पहले सीएम मंत्रिमंडल की बैठक में यह वर्तमान सरकार की अंतिम कैबिनेट खत्म हो गई। इस बैठक में 17वीं विधानसभा भंग करने की सिफारिश की गई। सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सीएम नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे। वहां उन्होंने कुछ राज्यापल से बातचीत की। इसके बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव सौंप दिया। 19 नवंबर को मौजूदा विधानसभा भंग हो जाएगी। जनता दल यूनाईटेड विजय चौधरी ने कहा कि राजभवन में सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंप दिया। मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी गई है। 20 नवंबर को नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा। पीएम मोदी भी इसमें शामिल होंगे। इधर, कैबिनेट की बैठक शुरू होने से पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीएम हाउस पहुंचे। उनके साथ कुछ अन्य मंत्री भी थे। इसके बाद सभी मंत्री सीएम नीतीश कुमार के साथ सचिवालय पहुंचे। यहां बैठक शुरू हुई। इधर, सचिवालय के अंदर किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। राजभवन के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इधर, राजभवन से निकलने के बाद नीतीश कुमार अपनी पार्टी के नेताओं के साथ विधायक दल की बैठक करेंगे। जदयू के नेता सीएम नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुनेंगे। मंगलवार भाजपा के विधायक दल की बैठक होगी। गुरुवार को नई सरकार का गठन होगा। नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्ममंत्री पद की शपथ लेंगे। गांधी मैदान में पांच हजार वीआईपी आएंगे इधर, गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी शुरू हो चुकी है। आम लोगों के लिए 17 से 20 नवंबर को प्रवेश में पाबंदी लगा दी गई है। गांधी मैदान में लगभग 5000 वीवीआईपी अतिथियों के बैठने के लिए एक विशेष खंड तैयार किया जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा समेत सभी भाजपा और एनडीए शासित मुख्यममंत्री के साथ-साथ विपक्ष के कुछ बड़े चेहरे भी शामिल हो सकते हैं।

लालू परिवार में उथल-पुथल: रोहिणी समेत तीन बेटियों ने घर छोड़ा, विवाद बढ़ा

पटना  बिहार की फर्स्ट फैमिली यानी लालू यादव-राबड़ी देवी के परिवार में मचा भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिता लालू यादव को किडनी डोनेट करने वाली बेटी रोहिणी आचार्य के घर छोड़ने के बाद उनकी तीन अन्य बहनों रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी ने भी अपने माता-पिता का घर छोड़ दिया है. रोहिणी ने शनिवार शाम में एक्स पर एक पोस्ट कर तहलका मचा दिया था. उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि उनको सवाल पूछे जाने के कारण चप्पल से मारने की कोशिश की गई. उनको गालियां दी गईं. उनको घर से निकाल दिया गया. इसके बाद रविवार को भी उन्होंने कई पोस्ट किया किए. उन्होंने तेजस्वी यादव और उनके करीबियों संजय यादव- रमीज खान पर गंभीर आरोप भी लगाए. रोहिणी ने  यह भी कहा कि उन्होंने अपने पति और ससुराल की राय लिए बिना अपने पिता को अपनी किडनी दान की लेकिन, अब उनको अफसोस हो रहा है. उन्होंने कहा कि उनको गंदी महिला कहा गया और अपनी गंदी किडनी पिता को देने की बात कही गई. रोहिणी ने ये सारी बातें अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को निशाना बनाकर कही. रोहिणी ने आगे कहा कि वह कहना चाहती है कि किसी भी बेटी को शादी के बाद अपने ससुराल और अपने परिवार पर ध्यान देना चाहिए. पार्टी पर कब्जे की कवायद इस पूरे विवाद में लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप ने भी कूद पड़े है. वह अपनी बहन के अपमान को बर्दास्त नहीं करने की बात कह रहे हैं. तेजप्रताप को पहले ही परिवार से बाहर कर दिया गया है. जानकार बताते हैं कि परिवार में भाई-बहनों के बीच विवाद की मुख्य वजह राजद की कमान लेने को लेकर है.  बिहार चुनाव में बुरी हार के बाद तेजस्वी यादव अपने आलोचकों के साथ-साथ परिवार में भी निशाने पर हैं. इस चुनाव में राजद सिमटकर केवल 25 सीटों पर आ गई है. पूरा महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया है.

तेज शीतलहर का कहर: झारखंड में ठंड से जनजीवन प्रभावित

रांची झारखंड के कई जिलों में पहाड़ों से आने वाली उत्तर वेग वाली ठंडी हवाओं ने मौसम को अचानक से और ज्यादा ठंडा कर दिया है। रांची के मैक्लुस्कीगंज में पारा 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो इस मौसम का सबसे न्यूनतम तापमान माना जा रहा है। गुमला में भी न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में तापमान में लगभग 7 डिग्री तक गिरावट आई है जिससे गरीब, बुजुर्ग व बच्चे खासकर सचेत रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने रांची, रामगढ़, बोकारो, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा जिलों में शीतलहर की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेताया है कि इन इलाकों में सुबह और रात के समय ठंड और अधिक कड़क रहेगी, जबकि दिन के दौरान मौसम में हल्की धूप के कारण शुष्क हालात रहेंगे। रांची का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री से गिरकर करीब 9 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। राज्य के अन्य जिलों में डालटनगंज 9.1 डिग्री, बोकारो 9.6 डिग्री, हजारीबाग 9.3 डिग्री, लोहरदगा 8.6 डिग्री, खूंटी 7.7 डिग्री और सिमडेगा 8 डिग्री तक तापमान पहुंच गया है। पूरे राज्य में ठंडी हवा की रफ्तार बनी रहेगी मौसम विभाग के अनुसार बोकारो में 7 डिग्री, गुमला में 6.2 डिग्री, डालटनगंज में 6 डिग्री और जमशेदपुर में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। डॉक्टर ने लोगों से विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और रोगग्रस्तों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। तेज ठंड से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है इसलिए अलाव या हीटर का इस्तेमाल करने और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों में ठंड के और बढ़ने की संभावना जताई है। पूरे राज्य में ठंडी हवा की रफ्तार बनी रहेगी, जिससे ठंड का कड़ापन और बढ़ जाएगा। ऐसे में लोगों से आग्रह है कि वह ठंड से बचाव के लिए उचित तैयारी रखें।  

बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ी, NDA जल्द करेगा विधायक दल की बैठक

पटना बिहार में चुनावी नतीजों के बाद नई सरकार के गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। जल्द ही NDA विधायक दल की बैठक होगी। सुत्रों ने अनुसार, कल जदयू विधायक दल की बैठक होने वाली है। उम्मीद है कि जदयू की बैठक में नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ लेगी। वहीं दूसरी तरफ BJP की बैठक भी कल होने की संभावना है। इस बैठक में मंत्री पदों का फॉर्मूला, डिप्टी सीएम का चयन, पर अंतिम चर्चा होगी।   20 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं नीतीश सीएम हाउस सूत्रों के मुताबिक, 17 नवंबर को नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसी दिन वे नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, 20 नवंबर को नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। खबर है कि JDU के 11नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। कुल मिलाकर करीब 18 मंत्री शपथ लेंगे।

चिराग पासवान का बड़ा बयान: NDA ने बढ़ाई रफ्तार, 22 नवंबर से पहले नई सरकार तय!

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election Result 2025) में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद एनडीए गठबंधन अब नई सरकार बनाने की प्रक्रिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने संकेत दिए हैं कि 22 नवंबर से पहले नई सरकार का गठन पूरा कर लिया जाएगा। चिराग बोले- आज या कल तैयार हो जाएगा खाका मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि सरकार गठन को लेकर चर्चा जारी है और बहुत जल्द इसकी तस्वीर साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि आज रात तक मैं वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से बात करूंगा। आज या कल तक सरकार का खाका तैयार हो जाएगा। हमें 22 नवंबर से पहले सरकार बनानी है और इस पर काम तेजी से चल रहा है।”   मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म होने वाला यह बयान ऐसे समय में आया है जब मौजूदा बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। NDA नए प्रशासन की रूपरेखा उसी समयसीमा से पहले तय करना चाहता है। 243 में 202 सीटें, NDA की प्रचंड जीत चुनाव परिणामों में एनडीए ने 243 सीटों वाली विधानसभा में 202 सीटें जीतकर शानदार रिकॉर्ड बनाया। भाजपा: 89 सीटें जदयू: 85 सीटें एलजेपी (रामविलास): 19 सीटें हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से): 5 सीटें राष्ट्रीय लोक मोर्चा: 4 सीटें महागठबंधन का खराब प्रदर्शन विपक्षी महागठबंधन इस चुनाव में बेहद कमजोर साबित हुआ और उसे केवल 35 सीटें मिलीं। राजद: 25 कांग्रेस: 6 भाकपा (माले) (एल): 2 भारतीय समावेशी पार्टी: 1 माकपा: 1 अन्य दलों का प्रदर्शन AIMIM ने 5 सीटें जीतीं बहुजन समाज पार्टी को 1 सीट मिली प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल सकी। 

तेज प्रताप का आक्रोश फूटा: बहन के सम्मान पर बोले—अब होगा बड़ा संघर्ष

पटना राजद सुप्रीमो सीएम लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बहन रोहिणी आचार्य से जुड़े विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने कहा कि मेरी बहन का अपमान किसी भी हाल में असहनीय है। सुन लो जयचंदों परिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी। तेज प्रताप यादव ने राजद प्रमुख लालू यादव से आग्रह करते हुए कहा कि आपका केवल एक इशारा और बिहार की जनता इन जयचंदों को जमीन में खुद गाड़ देगी। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भाई तेजस्वी यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए। रोहिणी ने बताया है कि उन्हें पीटने के लिए चप्पल तक उठाई गई। रोहिणी के आरोप पर भाई तेज प्रताप ने सोशल मीडिया के माध्यम से जवाब दिया है। जनता दल जनता (जेजेडी) प्रमुख तेज प्रताप ने अपने पार्टी के इंस्टाग्राम हैंडल पर लिखा, ''कल की घटना ने दिल को भीतर तक झकझोर दिया है। मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया, लेकिन मेरी बहन के साथ जो अपमान हुआ, वह किसी भी हाल में असहनीय है। सुन लो जयचंदोंपरिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी।" उन्होंने लिखा, "जबसे मेरी रोहिणी बहन के चप्पल उठाने की खबर सुनी, दिल की आहत अब अग्नि बन चुकी है। जब जनमानस की भावनाएं आहत होती हैं तो बुद्धि पर पड़ी धूल उड़ जाती है। इन चंद चेहरों ने तेजस्वी की भी बुद्धि पर परदा डाल दिया है। इस अन्याय का परिणाम बेहद भयावह होगा। समय का लेखा-जोखा बड़ा कठोर है।" तेज प्रताप ने लिखा, "मैं माननीय आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेरे पिता, मेरे राजनीतिक गुरु लालू प्रसाद जी से आग्रह करता हूं। पिता जी, एक संकेत दीजिए। आपका केवल एक इशारा और बिहार की जनता इन जयचंदों को जमीन में गाड़ देने का काम खुद कर देगी। यह लड़ाई किसी दल की नहीं, परिवार के सम्मान, बेटी की गरिमा और बिहार के स्वाभिमान की लड़ाई है।"