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झारखंड शराब घोटाला: गोवा से धराया मास्टरमाइंड नवीन केडिया, एसीबी की बड़ी कार्रवाई

  रांची, झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक छत्तीसगढ़ के दुर्ग का निवासी नवीन केडिया आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। उसे रांची से गिरफ्तार किया है। घोटाले की जांच कर रहा एंटी करप्शन ब्यूरो अब केडिया को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि घोटाले की परतों को और गहराई से खंगाला जा सके। नवीन केडिया की गिरफ्तारी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रही। इससे पहले 7 जनवरी को एसीबी की टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर उसे गोवा से दबोचा था। वहां की अदालत ने उसे कुछ शर्तों के साथ 12 जनवरी तक रांची में सरेंडर करने के लिए ट्रांजिट बेल दी थी। लेकिन केडिया ने कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन किया और सरेंडर करने के बजाय फिर से फरार हो गया। इसके बाद उसने एसीबी कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। लगातार चकमा दे रहे केडिया को पकड़ने के लिए एसीबी की विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही थी। एसीबी की जांच के अनुसार, इस पूरे घोटाले का सिंडिकेट छत्तीसगढ़ से संचालित हो रहा था। छत्तीसगढ़ एसीबी की जांच के दौरान कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया के ठिकाने से मिली एक डायरी ने झारखंड के इस संगठित खेल का पर्दाफाश किया था। इस डायरी में झारखंड के शराब बाजार को नियंत्रित करने, विरोधियों को रास्ते से हटाने और सिंडिकेट को मैनेज करने की पूरी रणनीति दर्ज थी। जांच में सामने आया कि शराब दुकानों के संचालन के लिए जिन सात प्लेसमेंट कंपनियों को ठेका दिया गया, उन्होंने न केवल टेंडर की शर्तों का उल्लंघन किया, बल्कि उनकी बैंक गारंटी भी फर्जी पाई गई। झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों ने फर्जीवाड़े के जरिए सरकार को करीब 129.55 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया। इस मामले में अब तक पूर्व आईएएस विनय कुमार चौबे, रिटायर्ड आईएएस अमित प्रकाश और कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया समेत कई रसूखदारों की गिरफ्तारी हो चुकी है। नवीन केडिया की गिरफ्तारी इस केस में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है, क्योंकि वह मैनपावर सप्लाई और सिंडिकेट के प्रबंधन में अहम भूमिका निभा रहा था।  

झारखंड शराब घोटाले में ACB ने गोवा से नवीन केडिया को किया गिरफ्तार

रांची. झारखंड में चर्चित शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में ACB को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस बहुचर्चित घोटाले से जुड़े प्रमुख आरोपियों में शामिल छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी नवीन केडिया को ACB ने गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर झारखंड की राजधानी रांची लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, नवीन केडिया को रांची लाए जाने के बाद ACB कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद एजेंसी उसे रिमांड पर लेकर शराब घोटाले से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। ACB को उम्मीद है कि केडिया से पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े नेटवर्क, लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। गौरतलब है कि शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद ACB ने नवीन केडिया को पूछताछ के लिए समन जारी किया था। एजेंसी ने उसे अपने समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था, लेकिन केडिया ने समन की अनदेखी की और ACB के सामने पेश नहीं हुआ। इसके बाद ACB ने उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। मामले में घिरने के बाद नवीन केडिया ने ACB की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद से ही केडिया ACB की नजरों में फरार चल रहा था। एजेंसी उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। ACB को गुप्त सूचना मिली थी कि नवीन केडिया गोवा में छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद ACB की टीम ने गोवा में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि वह लंबे समय से जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश कर रहा था। झारखंड शराब घोटाला राज्य के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है। इस मामले में पहले ही कई बड़े अधिकारियों, कारोबारियों और बिचौलियों के नाम सामने आ चुके हैं। ACB की जांच में यह आरोप है कि शराब नीति और टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। ACB अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। नवीन केडिया की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह इस पूरे नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया जा रहा है। ACB ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।