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वायु प्रदूषण से राहत का देसी उपाय, इंदौर की छात्राओं ने खोजा 11 औषधियों का धूपन फार्मूला

इंदौर वर्तमान समय में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसके कारण श्वसन तंत्र से जुड़ी अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग इन बीमारियों से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है। इंदौर के अष्टांग आयुर्वेदिक कालेज की छात्राओं ने एक शोध में यह पाया है कि 11 औषधियों के धूपन से वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। छात्रा हिमानी सोनी ने 11 औषधियों का किया उल्लेख यह शोध केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद की स्पार्क (स्टूडेंटशिप प्रोग्राम फार आयुर्वेदा रिसर्च केन) योजना के अंतर्गत किया गया है। इसमें कालेज की दो छात्राओं का शोध चयनित हुआ है। तृतीय वर्ष की छात्रा हिमानी सोनी ने आचार्य सुश्रुत द्वारा बताए गए तरीकों पर शोध किया। हिमानी ने बताया कि आचार्य सुश्रुत ने दो श्लोकों में 11 औषधियों का उल्लेख किया है।   शोध में यह जानने का प्रयास किया गया कि इन औषधियों को हजारों वर्ष पहले क्यों शामिल किया गया था। शोध से यह स्पष्ट हुआ कि ये औषधियां कृमिनाशक और विषनाशक हैं। यदि वायु में सूक्ष्म जीव या विष मौजूद हैं, तो ये औषधियां उनका नाश करती हैं। इस शोध को आज के संदर्भ में जोड़ते हुए बताया गया कि प्रदूषित वायु के सेवन से लंग्स पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब इन औषधियों का धूपन (एक आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रिया) किया जाता है, तो यह बाहरी प्रदूषण के साथ-साथ हमारे शरीर में प्रवेश करने वाले सूक्ष्म जीवों से भी लड़ती हैं। इसमें लाक्षा, हल्दी, अतीस, हरितकी, नागरमोथा, हरेणु, एला, तेजपत्र, वक्र, कुष्ठ और प्रियंगु जैसी औषधियां शामिल हैं। शोध में कुछ व्यक्तियों को एक माह तक 15 मिनट तक धूपन दिया गया, जिससे उनकी ब्रेथ होल्डिंग केपेसिटी में वृद्धि हुई। इससे यह सिद्ध होता है कि प्रदूषित वायु के स्थान पर हम शुद्ध वायु ग्रहण कर सकते हैं और यह प्रक्रिया हम अपने घर के कक्ष में भी कर सकते हैं। अनुवांशिक मधुमेह के कारणों पर शोध दूसरी ओर, कालेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा अंशिका तोमर ने अनुवांशिक मधुमेह के कारणों पर शोध किया। अंशिका ने बताया कि आयुर्वेद में अनुवांशिक मधुमेह का कारण सात प्रकृति को माना जाता है। शोध में यह पाया गया कि टाइप 2 डायबिटीज एक सामान्य जीवनशैली विकार है, जिसके मुख्य कारण अनुचित आहार-विहार, चयापचय की गड़बड़ी, हार्मोन असंतुलन, मानसिक तनाव और आनुवांशिक कारक हैं। इन कारणों का निदान पंचक के माध्यम से किया जा सकता है। आयुर्वेद में आचार्यों द्वारा बताया गया है कि संतुलित आहार और जीवनशैली का पालन स्वास्थ्य बनाए रखने और रोगों की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है। शोध में यह भी ज्ञात हुआ कि जो व्यक्ति अपनी प्रकृति के अनुसार पथ्य-अपथ्य का पालन करते हैं, उनमें मधुमेह होने की आशंका कम हो जाती है। यह सिद्ध करता है कि प्रकृति भले ही स्थिर हो, लेकिन जीवनशैली में सुधार कर रोगों की आशंका को कम किया जा सकता है। देशभर के 300 विद्यार्थियों का हुआ चयन  इन शोधों पर अब राष्ट्रीय स्तर पर कार्य किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लाभ मिलेगा। केंद्रीय स्पार्क योजना के तहत शोध के लिए देशभर के करीब 300 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिन्हें 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। देशभर के 539 आयुर्वेदिक कालेजों से हजारों विद्यार्थियों ने शोध के विषय भेजे थे और इन्हें शोध पूरा करने के लिए दो माह का समय दिया गया था। 

जंगल से गांव तक… कूनो के चीते पहुंचे मानपुर, कुत्ते और लोगों ने किया पीछा

श्योपुर मानपुर क्षेत्र के बालापुरा और काशीपुर गांवों में दो जंगली चीते खेतों, पगडंडियों और गांव की सड़कों पर टहलते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कभी भी चीते नहीं देखे गए थे। वायरल हुए वीडियो में चीतों के पीछे एक कुत्ता और ग्रामीण हाथ में डंडा लिए नजर आ रहे हैं। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘चीता मित्र’ गांवों में पहुंच गए हैं। चीता मित्र लगातार निगरानी कर रहे हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों चीतों की लोकेशन पर ड्रोन और बीट गार्ड्स के जरिए नजर रखी जा रही है। यदि वे लंबे समय तक गांवों में ठहरते हैं, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस कूनो नेशनल पार्क के क्षेत्र में भेजा जाएगा।   ग्रामीणों से अपील चीतों से दूर रहें ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों की सुरक्षा के लिए वन विभाग विशेष टीम तैनात करे। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति चीतों के पास न जाए और न ही उन्हें फोटो खींचने के लिए उकसाए, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है। इसके पहले चीतों का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो बंधी हुई गाय के सामने ही उसके बछड़े का शिकार कर लेते हैं। वह कुछ देर तक वहीं रुककर उसे खाते हुए नजर आते हैं। चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीते कई बार पार्क की सीमाओं को लांघकर गांवों में पहुंचे हैं। अब उनके किसी गांव में पहुंचाना आम हो गया है, लेकिन चीता मित्र लगातार उन पर निगाह रखकर ग्रामीणों को उनके लिए सतर्क करते रहते हैं।  

वीआईपी के लिए रोके गए दर्शन, कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन पर लगाया ₹55 हजार का जुर्माना

भोपाल वीआईपी की वजह से भोपाल के एक परिवार को मध्य प्रदेश के मैहर में स्थित प्रसिद्ध शारदा माता मंदिर में दर्शन नहीं हो पाए थे। उन्होंने आवाज उठाई तो कर्मचारियों ने उन्हें अपमानित किया। इस परिवार ने मंदिर प्रबंधन की ओर से तय शुल्क देकर वाहन पार्किंग की थी। रोपवे का शुल्क दिया था। अब भोपाल के जिला उपभोक्ता आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए मंदिर प्रबंधन और रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी को इस परिवार के लिए 55 हजार रुपये का हर्जाना अदा करने का निर्णय दिया है। भोपाल के बागमुगालिया स्थित अरविंद विहार निवासी ललित कुमार गुप्ता पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों के साथ चार साल पहले 2021 में मैहर में मां शारदा देवी के दर्शन करने गए थे। वहां उन्होंने 50 रुपये पार्किंग शुल्क दिया। मंदिर तक जाने के लिए रोपवे के लिए पांच टिकटों के लिए 130 रुपये प्रति टिकट की दर से 650 रुपये का भुगतान किया। उनका समूह लाइन में लगा रहा, लेकिन उनको दो घंटों के बाद भी दर्शन नहीं हो पाए।   पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति मांगी थी इस बीच रोपवे प्रणाली के कर्मचारी बिना टिकट वाले वीआईपी लोगों को शीघ्र दर्शन कराकर ले आए। इस परिवार ने इस पर आपत्ति जताई तो उनके साथ रोपवे प्रणाली के कर्मचारियों ने दुर्व्यवहार किया। इससे आहत होकर उन्होंने 2022 में मां शारदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और दामोदर रोपवे इंफ्रा लिमिटेड के खिलाफ याचिका दायर करके पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति मांगी। भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह, सदस्य अंजुम फिरोज व प्रीति मुद्गल की बैंच ने सुनवाई में इसे सेवा में कमी मानते हुए मंदिर प्रबंधन समिति और रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी को परिवार को दर्शन से वंचित करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। आयोग ने कहा- मंदिर में कोई भी भक्त खास या वीआईपी नहीं होता उपभोक्ता मामलों की अधिवक्ता संभावना राजपूत ने बताया कि प्रकरण में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था ही आधार बनी है। जिला उपभोक्ता आयोग ने निर्णय में कहा कि किसी भी मंदिर में कोई भी भक्त खास या वीआइपी नहीं होता है। सभी को एक ही श्रेणी में रखकर लाइन में लगाकर मां शारदा का दर्शन कराने का नियम होना चाहिए। यदि कोई भक्त रोपवे से टिकट लेकर लाइन में लगा और दो घंटे बाद भी दर्शन नहीं हो पाए, वहीं दूसरों को विशेष श्रेणी का दर्जा देकर दर्शन कराया गया तो यह सेवा में कमी है। कलेक्टर ने खड़े कर दिए हाथ मामले में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में कलेक्टर को प्रतिवादी बनाया गया था। कलेक्टर का कहना था कि मंदिर प्रबंध समिति में दर्शन के काम के लिए दूसरे लोग तैनात हैं। वहीं रोपवे संचालक कंपनी ने अत्यधिक भीड़ को इसकी वजह बताई।

आज और कल MP के 22 जिलों में बारिश, 13 अगस्त से फिर तेज बरसात के संकेत

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक दमोह में 92, पचमढ़ी में 29, रीवा में 15, खजुराहो में पांच, सिवनी में तीन, जबलपुर एवं सीधी में दो, छिंदवाड़ा में एक मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, ग्वालियर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना, श्योपुर, भिंड, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। उसके असर से एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। रविवार, सोमवार को सागर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।   यहां बना हुआ है चक्रवात मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि मानसून द्रोणिका वर्तमान में भटिंडा, रोहतक, दिल्ली, हरदोई, बाराबंकी, देहरी, बांकुरा, कोंटाई से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर झारखंड तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसी चक्रवात से एक अन्य द्रोणिका गुजरात तक बनी हुई है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश से होकर जा रही है। मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगी अच्छी बारिश 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इस मौसम प्रणाली के असर से मध्य प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मानसून द्रोणिका नीचे आने लगी है। पश्चमी मध्य प्रदेश से होकर द्रोणिका भी गुजर रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश होने लगी है। 13 अगस्त को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

विधायक सिंगरौली रामनिवास शाह ने अपने कार्यालय में आयोजित किया रक्षाबंधन का पर्व !

सिंगरौली हजारों की संख्या में माताएं बहने हुई शामिल उक्त रक्षाबंधन को भव्य बनाने में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बढ़चढ़कर लिया भाग , बहनों ने विधायक को बांधी राखी माथे में तिलक लगाकर उनके लंबी आयु का वरदान मांगा वहीं उपरोक्त अवसर पर विधायक के द्वारा माताओं बहनों को उपहार स्वरूप हेल्मेट के साथ टिफीन बाँटा और उन्होंने कहा की बहनो के सुरक्षा की जिम्मेदारी भी एक भाई की होती है बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर उपस्थित बहनों को हेल्मेट प्रदान किया और हर घर परिवार के लोगों को सुरक्षा बरतने को कहा इस प्रकार से सामुहिक रूप से रक्षाबंधन का पर्व भव्य रूप में मनाने को लेकर उपस्थित लोगो ने जमकर सराहना की !

पवित्रता जीवन का सबसे बड़ा गहना है: राजयोगिनी बीके छाया दीदी

– परमात्म रक्षासूत्र कार्यक्रम आयोजित – बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षासूत्र सेंधवा ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के सेंधवा सेवाकेंद्र में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर परमात्म रक्षासूत्र समारोह आयोजित किया गया। इसमें ब्रह्माकुमारी बहनों ने भाइ बहनों की कलाई पर परमात्म रक्षासूत्र बांधकर सदा पवित्रता के पथ पर और ईश्वरीय मार्ग पर चलने का संकल्प कराया। मुख्य संचालिका राजयोगिनी छाया दीदी ने सभी वरिष्ठ भाई और बहनों को रक्षासूत्र बांधा। समारोह में राजयोगिनी बीके साधना दीदी ने कहा कि परमपिता शिव परमात्मा हम मनुष्य आत्माओं को पवित्रता का प्यारा बंधन बांधने के लिए परमधाम से आते हैं। पवित्रता जीवन का सबसे बड़ा गहना है। रक्षाबंधन पवित्रता का पर्व है। यह भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने संस्था का अनुभव बताते हुए कहा कि संस्था में 1966 में माउंट आबू में मात्र पांच ही भाई थे, बाकी सभी बहनें थीं। लेकिन आज यह हजारों भाई समर्पित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। इन पांच बातों का रखें ध्यान- राजयोगिनी छाया दीदी ने कहा कि परमात्मा हम बच्चों को मुख्य पांच बातों के आधार पर ईश्वरीय ज्ञान देते हैं। आज के दिन सभी यह पांच संकल्प करें- पहला है पढ़ाई। पढ़ाई अर्थात् शिव बाबा रोज हमें जो ज्ञान मुरली के माध्यम से पढ़ाई पढ़ाते हैं और नई-नई बातें सिखाते हैं उन्हें जीवन में धारण करना है। रोज अच्छी तरह से मुरली का अध्ययन करें और देखें कि आज मुझे किस बात पर ध्यान देना है। दूसरा है- जीवन में सच्चाई। यदि हमारा आत्मिक चरित्र ऊंच, महान और सच्चाई युक्त है तो ऐसे जीवन का हर किसी पर प्रभाव पड़ता है। हमारा चाल, चलन, चरित्र पवित्रतायुक्त हो। तीसरा है- अपने विकारों, कमियों और कमजोरियों का दान करना है। आज के दिन सभी संकल्प करें कि अपने अंदर जो कमी कमजोरी है उसे पहचानकर दूर करेंगे।  चौथा है जीवन को आदर्श और मूल्यवान बनाना और पांचवा है- स्मृति। सदा यह स्मृति रहे कि मेरा लक्ष्य क्या है। मुझे क्या करना है। देशभर में मनाया जा रहा है रक्षाबंधन- छाया दीदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनों जेल से लेकर जवानों, वृद्धाश्रम, अनाथालय, ऑफिसों में भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। बहनों के त्याग-तपस्या, सेवा का परिणाम है कि आज यह ईश्वरीय विद्यालय यहां तक पहुंचा है। इस मौके पर एडवोकेट संजय मोरे, धार जिले से गणेश भाई, स्वर्ण समाज के सुबोध सोनीजी, सम्माज सेविका बहन दुर्गा गुप्ता भाई सहित बड़ी संख्या में भाई-बहन मौजूद रहे।    श्री आर्य जी को राखी बांधी अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अंतरसिंह आर्य जी को रक्षा सूत्र बांधे व सौगात दी,तथा संस्था के मुख्यालय पधरने का निमंत्रण भी दिया। वरिष्ठ कार्यकर्ता विकास आर्य को भी राखी बांधी।

कूनो के चीते गांव में घुसे, कुत्ते के साथ ग्रामीणों ने किया पीछा

श्योपुर. मानपुर क्षेत्र के बालापुरा और काशीपुर गांवों में दो जंगली चीते खेतों, पगडंडियों और गांव की सड़कों पर टहलते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कभी भी चीते नहीं देखे गए थे। वायरल हुए वीडियो में चीतों के पीछे एक कुत्ता और ग्रामीण हाथ में डंडा लिए नजर आ रहे हैं। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘चीता मित्र’ गांवों में पहुंच गए हैं। चीता मित्र लगातार निगरानी कर रहे हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों चीतों की लोकेशन पर ड्रोन और बीट गार्ड्स के जरिए नजर रखी जा रही है। यदि वे लंबे समय तक गांवों में ठहरते हैं, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस कूनो नेशनल पार्क के क्षेत्र में भेजा जाएगा। ग्रामीणों से अपील चीतों से दूर रहें ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों की सुरक्षा के लिए वन विभाग विशेष टीम तैनात करे। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति चीतों के पास न जाए और न ही उन्हें फोटो खींचने के लिए उकसाए, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है। इसके पहले चीतों का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो बंधी हुई गाय के सामने ही उसके बछड़े का शिकार कर लेते हैं। वह कुछ देर तक वहीं रुककर उसे खाते हुए नजर आते हैं। चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीते कई बार पार्क की सीमाओं को लांघकर गांवों में पहुंचे हैं। अब उनके किसी गांव में पहुंचाना आम हो गया है, लेकिन चीता मित्र लगातार उन पर निगाह रखकर ग्रामीणों को उनके लिए सतर्क करते रहते हैं।

वंदे भारत और मेट्रो कोच निर्माण का बड़ा हब बनेगा रायसेन, ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन संपन्न

रायसेन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर मध्य प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रायसेन के उमरिया गांव में ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन किया है। रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीएम और शिवराज जी ने बताया है कि यह छोटी मोटी सौगात नहीं है बहुत बड़ी है। क्षेत्र के लिए भी और प्रदेश के लिए भी, यह हृदय प्रदेश है। मैं जब यूथ विंग में काम करता था तब शिवराज जी प्रदेश में काम करते थे। बहुत पुराना हमारा रिश्ता है। सिलसिला बहुत पुराना है। मध्य प्रदेश मेहमान नवाजी में बेजोड़ है। कोई भी यहां आए मध्यप्रदेश वासियों से प्रभावित हुए बिना नहीं जा सकता है। शिवराज सिंह चौहान के विकास को आगे बढ़ा रहे मोहन यादव जो गति यहां विकास की शिवराज जी ने दी थी उसे आगे ले जाने का काम मोहन जी कर रहे हैं। 1800 करोड़ के निवेश के साथ इस परियोजना का शुभारंभ यहां हो रहा है। 5000 नौजवानों को रोजगार मिलेगा। मोहन जी, शिवराज जी इन सबके प्रयास से हुआ है। रक्षा क्षेत्र में जो हो सकेगा उसके लिए मैं सब करूंगा। 18 वर्षों की शिवराज जी की विरासत को आगे बढ़ाने का काम मोहन यादव कर रहे हैं। रायसेन में एक महत्वपूर्ण यूनिट स्थापित की जा रही है। यह एक यूनिट नहीं बल्कि ऐसी बहुत सी छोटी छोटी MSME भी लगेगी। मध्यप्रदेश बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा। औद्योगिक विकास के जो प्रयास हो रहे है 30 लाख करोड़ के निवेश बड़ी बात है। अधिक से अधिक उद्योग को लाने का काम किया जा रहा है। खमरिया और जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की इकाईयां काम कर रही हैं कनेक्टिविटी की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। खमरिया और जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की कई इकाइयां अच्छे से काम कर रही हैं, मैने 30 वर्षों में यह अनुभव किया है जो गुण चाहिए संसाधन चाहिए रक्षा क्षेत्र के लिए वे सब मध्य प्रदेश में है। नेतृत्व अगर शानदार हो तो विकास तेजी से होता है। शायद कुछ वर्षों के बाद मध्यप्रदेश को मॉर्डन प्रदेश कहेंगे। परियोजना का नाम भी सृष्टि के रचयिता पर रखा गया है। सोच समझकर इसका नाम रखा गया है रेल के डब्बों का निर्माण तो होगा ही रेल का और अलग-अलग सामान भी यहां बनेगा। जो जानकारी मुझे है 2 साल में यह काम होकर रहेगा। जब फैक्ट्री यहां लगेगी तो आसपास के क्षेत्रों का भी विकास होगा। तेज गति से चलने वाली ट्रेन में जब कोई कोच लगेगा तो आपके यहां का बना हुआ कोच लगेगा। बीईएमएल भारत के आर्थिक विकास में अपना पूरा साथ देगा। प्रधानमंत्री ने किया करिश्माई काम प्रधानमंत्री ने कहा है भारत को आत्मनिर्भर बनाकर ही दम लेंगे। प्रधानमंत्री ने करिश्माई काम किया है। आज बड़ी बड़ी चीजें बड़े-बड़े प्लेटफार्म भारत में तैयार हो रहे हैं। हम भारत में उपयोग कर ही रहे हैं दुनिया को भी भेज रहे है। धन दौलत के मामले में भारत दुनिया के टॉप के चार देशों की कतार में आकर खड़ा हो गया है। सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत की है। भारत जब इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है तो देशवासी भी आगे बढ़ रहे हैं। 40 हजार कोचेस अपडेट किए गए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 11 साल में पैंतीस हजार किमी पटरी बिछाई गई। देश को एक नई जनरेशन की ट्रेन दी गई है। 11 वर्षों में 40 हजार कोचेस अपडेट किए हैं। ब्रह्मा इसी कड़ी में जुड़कर नए आयाम स्थापित करेगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा- 2 दिन में घुटनों पर आ गया था पाकिस्तान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जिनके नेतृत्व में भारत की सेना ने शौर्य का प्रदर्शन किया है ऐसे भारत के रक्षा मंत्री मेरे बड़े भाई राजनाथ सिंह आए हैं, उनका स्वागत करें। राजनाथ जी पधारे हैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार मध्य प्रदेश आए हैं। पहलगाम में धर्म पूछ-पूछकर मारा था और कहा था जाओ मोदी को बता देना तब प्रधानमंत्री ने दंड देना तय किया था। आपके नेतृत्व में 21 मिनिट में आतंकवादियों के ठिकाने खत्म कर दिए। आतंक के आकाओं को मारा। भारत ने पहले ही कह दिया था कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन किसी ने हरकत की तो छोड़ेंगे नहीं। रक्षा मंत्री के नेतृत्व में हमारी सेना ने 2 दिन में पाक की सेना को घुटनों पर ला दिया। हाथ जोड़कर पाकिस्तान सामने आ गया कि बात करो बात करो…शिवराज ने कहा बीच में कोई तीसरा नहीं था। 'मैंने यहां पद यात्रा भी की है' शिवराज ने कहा कि जो लोग निर्दोष मारे गए थे उनके परिजनों ने कहा था कि उनके सिर में सीधे गोली मारना हमारी सेना ने वही किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गौरवशाली भारत शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है। शिवराज ने कहा हमें गर्व है प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पर आपके नेतृत्व में सब सुरक्षित है। उमरिया वालों को कहा कि 1800 करोड़ की सौगात मिल रही है। रेलवे कोच बनेंगे यहां, मैंने यहां पद यात्रा और साइकिल यात्रा भी की है। स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा के नेतृत्व में विकास शुरू हुआ यहां, यहां 752 औद्योगिक इकाई हैं। मुझे विधानसभा से जनता ने जीताकर भेजा। यहां रेलवे के कोच बनेंगे, मेट्रो के कोच बनेंगे। किसानों के हित बरकरार रहेंगे शिवराज सिंह ने कहा कि हम रक्षा मंत्री जी के संपर्क में थे जब आपके पास चुनाव के समय आया था तो कहा था कि अटल जी, सुषमा जी पटवा जी ने इस क्षेत्र का नेतृत्व किया है। इसे आइडल क्षेत्र बनाएंगे। किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कह दिया है कि कोई समझौता ऐसा नहीं होगा जो देश हित में नहीं है। किसानों के हित से कोई समझौता नहीं होगा। … Read more

राजधानी के निकट रेल कोच इकाई से बढ़ेगा अधोसंरचना का विकास: CM यादव

रेल कोच इकाई से राजधानी के निकट होगी अधोसंरचना सशक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दावा: रेल कोच इकाई से राजधानी के आसपास होगी अधोसंरचना मजबूत राजधानी के निकट रेल कोच इकाई से बढ़ेगा अधोसंरचना का विकास: CM यादव केन्दीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास को भी मिलेगी गति स्वदेशी के मंच पर हो रहा अमल 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है। परियोजना का भूमि-पूजन केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष शांतनु राय शामिल हो रहे हैं। इस अवसर पर बीईएलएल (भारत अर्थ मूवर्स लि) परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3डी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना में 5 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे मेक इन इंडिया मिशन के भाव का प्रकटीकरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच से सम्पूर्ण भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि न सिर्फ राजधानी क्षेत्र बल्कि प्रदेश के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से निकट स्थित औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप भी लाभान्वित होगा। विकास की नई इबारत लिखेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेल कोच फैक्ट्री को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित भारत के अन्य राज्यों के निवदेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस क्रम में कुछ माह पूर्व बैंगलोर में बीईएमएल संस्थान के भ्रमण के दौरान रायसेन जिले में रेल कोच फैक्ट्री की स्थापना के संबंध में निर्णय लिया गया। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य के अनुरूप कार्य करेगा संयंत्र ‘ब्राह्मा’ संयंत्र पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करेगा। संयंत्र में उपयोग होने वाली अधिकांश तकनीक और सामग्री देश में विकसित व निर्मित की जाएगी, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी। यह परियोजना प्रदेश को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस संयंत्र के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यहां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली, सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन और हरित लैंडस्केपिंग को अपनाया जाएगा। निर्माण में पुनर्नवीनीकृत और टिकाऊ सामग्री का प्रयोग करते हुए इसे हरित फैक्ट्री मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। परियोजना का प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष होगी, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा। इस इकाई के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च स्तरीय औद्योगिक रोजगार उपलब्ध होंगे। साथ ही, यहां विकसित होने वाली तकनीकी क्षमताएं प्रदेश को हाई-स्पीड रेल और मेट्रो निर्माण के वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।  

हाईवे के अवैध कटों पर होगी सख्त कार्रवाई, रोड एक्सीडेंट की घटनाएं घटेंगी

जबलपुर हाइवे पर ढाबा, होटल, पेट्रोल पंप के आसपास डिवाइडरों के अवैध कट में कहीं से भी बाइक, कार, ई रिक्शा, ऑटो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित रोड सेफ्टी कमेटी इन अवैध कट की हकीकत देख चुकी है। कमेटी के निर्देश पर अब एनएचएआई हाईवे पर डिवाईडर के सभी अवैध कट बंद करेगी। दो दिन में लखनादौन से धूमा मार्ग पर 6 अवैध कट बंद किए गए हैं। इस सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी, नगर निगम व अन्य निर्माण एजेंसी के अधिकारियों, तकनीकी टीम, जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। कुम्भ के दौरान हुए थे सर्वाधिक एक्सीडेंट प्रयागराज में कुंभ के दौरान जबलपुर-नागपुर हाईवे, जबलपुर-कटनी हाईवे पर बड़ी संख्या में सडक़ दुर्घटनाएं हुई थीं। सिहोरा में हुई तीन बड़ी दुर्घटनाओं में 15 के लगभग लोगों को मौत हो गई थी। जिले में उस दौरान एक महीने के अंदर 20 के लगभग बड़ी सडक़ दुर्घटना हुई थीं। जिनमें 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इन सडक़ दुर्घटनाओं में ज्यादातर का कारण हाईवे के डिवाइडर में ढाबा, होटल व अन्य प्रतिष्ठानों की ओर से लगा दिए गए कट थे। एनएचएआई की टीम ने हाईवे पर डिवाइडर के 50 के लगभग कट बंद कर दिए थे, जो कट छूट गए थे उन्हें अब बंद किया जा रहा है। हाईवे पर डिवाइडर में जो कट बचे हुए हैं उन्हें बंद किया जा रहा है। तैयारी इस तरह की है कि एक सप्ताह में सभी बचे हुए कट बंद कर लिए जाएंगे।- अमृतलाल साहू, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई गोसलपुर, गांधी ग्राम की ओर भी हाईवे पर डिवाइडर में कई अवैध कट हैं, ये ही हाल पनागर छोर पर भी है। एनएचएआई ने हाईवे पर डिवाइडर के कई अवैध कट हैं। एनएचएआई ने एक सप्ताह में 15 अगस्त तक इन अवैध कट को बंद करने का निर्णय लिया है।