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7 साल में 6 नौकरियों में सफल, लेकिन शिक्षक बनना ही चुना

रतलाम मेहनत और लगन से नामुमकिन को मुमकिन बनाने वाली कहानी सैलाना के अनुराग जैन की है। मध्यप्रदेश में छोटे कस्बे के इस युवा ने 7 साल में राज्य और केन्द्र सरकार की 6 अलग-अलग परीक्षाओं में सफलता हासिल की। इस अनोखे रेकॉर्ड को इंडिया बुक ऑफ में स्थान मिला है। अनुराग भारतीय डाक विभाग में सॉर्टिंग असिस्टेंट (2018), मप्र जनजातीय विभाग में उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षक (2021), सीजीएसटी में कर सहायक (2022), एकलव्य मॉडल स्कूल में पीजीटी गणित (2025) और मप्र स्कूल शिक्षा विभाग में उच्च माध्यमिक शिक्षक गणित (2025) पदों पर चयनित हुए। लेकिन उन्होंने डाक और वित्त विभाग की नौकरियां छोड़कर शिक्षक बनना चुना। अनुराग ने कहा, 'मेरी सेवानिवृत शिक्षिका मां से मिले संस्कार और मार्गदर्शन ने मुझे शिक्षक बनने के लिए प्रेरित किया।' वे वर्तमान पीएमश्री शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रिंगनोद में उच्च माध्यमिक शिक्षक (गणित) के रूप में कार्यरत हैं।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री पटेल ने माँ नर्मदा का किया पूजन

अनूपपुर  मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल ने पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित माँ नर्मदा मंदिर में माँ नर्मदा का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने माँ नर्मदा से प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस दौरान उप संचालक पशु पालन डॉ बी बी चौधरी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार, मां नर्मदा मंदिर के पुजारी तथा श्रद्धालु उपस्थित रहे।

CMHO ऑफिस में NHM डाटा मैनेजर रिश्वत लेते पकड़ा गया, छिंदवाड़ा में लोकायुक्त ने किया सख्त कदम

छिंदवाड़ा  भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को छिंदवाड़ा में एक बड़ी कार्रवाई की। CMHO कार्यालय खजरी में पदस्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डाटा मैनेजर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह रिश्वत एक नर्सिंग ऑफिसर के स्थानांतरण के बदले मांगी गई थी। कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। CMHO कार्यालय में लोकायुक्त की दबिश छिंदवाड़ा में जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए CMHO कार्यालय खजरी में पदस्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के डाटा मैनेजर जितेन्द्र यदुवंशी को गिरफ्तार किया। आरोपी को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। स्थानांतरण के बदले मांगी थी रिश्वत जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला (ब्लॉक पिण्डरईकला) में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा वडघरे अपना स्थानांतरण नजदीकी संजीवनी क्लीनिक में करवाना चाहती थीं। इस कार्य के लिए डाटा मैनेजर जितेन्द्र यदुवंशी ने उनसे 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त में की गई शिकायत रिश्वत की मांग से परेशान नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा वडघरे ने इसकी शिकायत लोकायुक्त जबलपुर में की। शिकायत सत्य पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने की रणनीति बनाई। रंगे हाथों गिरफ्तारी सोमवार को जैसे ही आवेदिका ने रिश्वत की राशि आरोपी जितेन्द्र यदुवंशी को सौंपी, पहले से घात लगाए लोकायुक्त दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। आरोपी के हाथ धुलाने पर वे गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। कानूनी कार्रवाई शुरू आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(b) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई यह सफल कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (लोकायुक्त) योगेश देशमुख के निर्देश और डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। टीम में निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, राहुल गजभिये, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।  

भोपाल के नए पुलिस कमिश्नर बने संजय कुमार, बीट सिस्टम पर रहेगा खास फोकस

भोपाल  राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के पांचवे साल में तीसरे नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति की गई है. मध्य प्रदेश कैडर के वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय कुमार को भोपाल का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है. उन्होंने सोमवार 2 फरवरी को चार्ज ले लिया. इससे पहले वे बालाघाट जोन में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ थे. नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने तत्कालीन पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र से औपचारिक रूप से पुलिस कमिश्नर का कार्यभार ग्रहण किया. नए कमिश्नर संजय कुमार ने लिया चार्ज आईपीएस संजय कुमार को एक सख्त, अनुशासित और मजबूत फील्ड एक्सपीरियंस वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है. वह प्रदेश के कई जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक अपनी सेवाएं दे चुके हैं. संजय कुमार बालाघाट को नक्सल मुक्त करने के लिए जवानों के साथ जंगलों में लाल लड़ाकों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की. संजय कुमार करीब 12 साल पहले भोपाल में एसपी पुलिस मुख्यालय के पद पर भी रह चुके हैं. ऐसे में लंबे अंतराल के बाद राजधानी की कमान संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन उनके अनुभव और कार्यशैली से भोपाल पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को मजबूती मिलेगी. बीट सिस्टम को बनाएंगे प्रभावी ईटीवी भारत से बातचीत में नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने अपनी प्राथमिकताओं और कार्य योजना को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा, "12 साल बाद भोपाल लौटना एक अलग अनुभव है. मेरा फोकस टीम वर्क और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था पर रहेगा. इसके लिए बीट सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाएंगे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और फील्ड स्तर पर पुलिस की मौजूदगी मजबूत हो. शहरी पुलिसिंग अपने आप में कई चुनौतियां लेकर आती है. बदमाशों को नहीं मिलेगी रियायत कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता में रखते हुए पुलिसिंग के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाएगा. पहले से लागू व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उन्हें और बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा. बदमाशों पर किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी. चाहे चाकूबाजी हो या कोई अन्य गंभीर अपराध, सभी मामलों में सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी. साइबर क्राइम आज का गंभीर मुद्दा पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि "अपराधियों में पुलिस का डर बनाए रखना जरूरी है, ताकि कानून व्यवस्था कायम रह सके. भोपाल जैसे शहर के लिए ट्रैफिक सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है. इसे प्राथमिकता पर लिया जाएगा. इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर ठोस योजना बनाई जाएगी. पुरानी ट्रैफिक पॉलिसी को प्रभावी ढंग से इंप्लीमेंट किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उसमें सुधार करेंगे, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके. साइबर अपराधों के बढ़ते मामले चिंताजनक है. साइबर क्राइम आज के समय में एक गंभीर अपराध बन चुका है. इसे रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता भी बेहद जरूरी है. 

दौड़ते विधायक जी के किस्सों पर बोले जतिन सांसद, बयान बना मुसीबत, MP में FIR

इंदौर दौड़ते हुए 'विधायक जी संग युवा नेता के किस्से' सुनाकर लाखों लोगों को अपना फैन बना चुके जतिन शुक्ला बुरी तरह घिर गए हैं। सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर जतिन शुक्ला के खिलाफ मध्य प्रदेश के इंदौर में केस दर्ज किया गया है। सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जतिन का एक वीडियो वायरल होने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई है। क्राइम ब्रांच ने प्राथमिक जांच के बाद जतिन शुक्ला के खिलाफ आईटी ऐक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा कि सांसद के प्रतिनिधि विशाल गदवानी ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत देकर बताया था कि 'जतिन ऑफिशियल' नामक इंस्टाग्राम से एक वीडियो वायरल किया गया है जिसमें सांसद का नाम लेकर अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक और झूठी बातें कहीं गईं हैं। जतिन शुक्ला के खिलाफ बीनएस की धारा 200, 223 और 352 के तहत केस दर्ज किया गया है। डीसीपी ने बताया कि एक पेन ड्राइव में वीडियो और लिंक शेयर किया गया है। किसी प्रकार की असत्य और अशोभनीय और भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करना एक अपराध है। वहीं, शिकायतकर्ता विशाल गिदवानी ने कहा कि कुछ दिनों पहले उन्हें जानकारी मिली कि इंदौर शहर और जनप्रतिनिधियों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए वीडियो बनाया गया। शिकायतकर्ता ने क्या कहा? गिदवानी ने कहा कि जतिन ने वीडियो में इंदौर के सांसद के साथ बातचीत का दावा करते हुए उनके हवाले से कई ऐसी बातें कहीं है जो पूरी तरह असत्य हैं। गिदवानी ने कहा कि सांसद कभी जतिन से मिले भी नहीं हैं। वीडियो में जतिन इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत को लेकर कटाक्ष करते हुए सांसद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल जतिन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विदिशा की बेटी इशिका मीणा का शूटिंग बॉल वर्ल्ड कप टीम में चयन, भारत को दिलाएंगी गौरव

विदिशा  विदिशा जिले की होनहार खिलाड़ी इशिका मीणा ने खेल जगत में एक नई पहचान बनाते हुए जिले के साथ-साथ पूरे मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है। इशिका का चयन भारतीय शूटिंग बॉल टीम में हुआ है और वे दूसरे शूटिंग बॉल वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। खास बात यह है कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए मध्य प्रदेश से चुनी गई वे एकमात्र खिलाड़ी हैं। शूटिंग बॉल वर्ल्ड कप का आयोजन 1 से 3 फरवरी 2026 तक राजधानी नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में किया जाएगा। शूटिंग बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में 18 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी। भारतीय टीम में इशिका मीणा को मुख्य अटैकर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इशिका मीणा की शैक्षणिक और खेल यात्रा भी प्रेरणादायक रही है। वे विदिशा स्थित महारानी लक्ष्मी बाई गर्ल्स स्कूल की पूर्व छात्रा रही हैं। उन्होंने बीपीईएस में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से बीपीएड की पढ़ाई कर रही हैं। खेल के क्षेत्र में इशिका लगातार सक्रिय रही हैं और अब तक सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर वर्ग की छह राष्ट्रीय शूटिंग बॉल प्रतियोगिताओं में सहभागिता कर चुकी हैं। उनकी इस सफलता के पीछे शूटिंग बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष एवं अनुभवी कोच जितेंद्र सिंह बघेल का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है, जिन्होंने इशिका की प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई। इशिका के चयन की खबर मिलते ही उनके स्कूल, खेल जगत और पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। वी टीच स्कूल प्रबंधन, खेल प्रेमी पंकज भार्गव, रविकांत नामदेव सहित अनेक गणमान्य नागरिकों और खेल प्रेमियों ने इशिका को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और देश के लिए पदक जीतने की शुभकामनाएं दी हैं। विदिशा की यह बेटी आज युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। 

बड़वानी नगर पालिका बनी मूकदर्शक, सिवरेज लाइन ने शहर को बनाया छलनी

बड़वानी नगर पालिका बनी मूकदर्शक, सिवरेज लाइन ने शहर को बनाया छलनी  गड्ढों में तब्दील सड़कें, उड़ती धूल–कीचड़ से जनता त्रस्त, हादसों का डर बड़वानी शहर में चल रहा सिवरेज लाइन का काम अब विकास कम और परेशानी ज़्यादा बन चुका है। नगर के प्रमुख मार्गों से लेकर वार्डों की गलियों तक सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन बहाली के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। हालात यह हैं कि नगर पालिका सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बनी बैठी है। कई इलाकों में महीनों पहले खुदाई हो चुकी है, पर सड़कें आज तक ठीक नहीं की गईं। गड्ढों में भरा पानी, बिखरी मिट्टी और उड़ती धूल से राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक रोज़ फिसल रहे हैं, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिवरेज लाइन डालने के बाद गुणवत्ता के अनुसार सड़क बहाली नहीं हो रही। कहीं आधा-अधूरा डामर, तो कहीं केवल मिट्टी डालकर काम चला दिया गया। कुछ ही दिनों में सड़क फिर उखड़ जाती है। इससे साफ जाहिर है कि ठेकेदारों की मनमानी पर कोई अंकुश नहीं है। नागरिकों का कहना है कि कई बार नगर पालिका में शिकायतें की गईं, मगर न निरीक्षण हुआ और न कार्रवाई। बारिश में गड्ढे तालाब बन जाते हैं और आसपास बदबू फैलने लगती है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर पालिका और संबंधित अधिकारी नींद से जागेंगे या जनता यूं ही बदहाल सड़कों पर हादसों का इंतजार करती रहेगी। जरूरत है कि जिम्मेदार अफसर मौके पर उतरें, ठेकेदारों पर सख्ती करें और सिवरेज कार्य के बाद तुरंत स्थायी और गुणवत्तापूर्ण सड़क बहाली कराई जाए।

सीएम यादव का नया कदम, हर सरकारी अस्पताल में ‘गर्भ संस्कार’ कक्ष अनिवार्य, 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज भी होंगे

इंदौर   सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। यह पहल 'दिव्य संतान प्रकल्प' के तहत 'गर्भ संस्कार' को बढ़ावा देगी। इसका मकसद बच्चों के जन्म से पहले ही उनके शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास को मजबूत बनाना है। यह पहल आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष मंत्रालय के सहयोग से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताए फायदे सीएम यादव ने इंदौर में 'दिव्य संतान प्रकल्प' कार्यक्रम में कहा कि गर्भ संस्कार एक ऐसी प्रक्रिया है जो आने वाली पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाती है। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक विज्ञान और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का एक मेल है। इसे राष्ट्र निर्माण में एक लंबे समय का निवेश माना जाना चाहिए। अस्पतालों में बनेंगे अलग कमरे मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में राज्य के सरकारी अस्पतालों के डिज़ाइन में गर्भ संस्कार के लिए विशेष कमरे बनाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि एलोपैथी के डॉक्टर भी अब व्यापक प्रसव पूर्व देखभाल के फायदों को स्वीकार कर रहे हैं। 13 आयुर्वेदिक कॉलेज खुलेंगे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जोर देते हुए, यादव ने कहा कि राज्य सामान्य प्रसव को बढ़ावा दे रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाएंगे। यह आजादी के बाद पहली बार है जब इतने सारे आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जा रहे हैं। इनमें से आठ कॉलेज एक साल के भीतर चालू हो जाएंगे। अभिमन्यु और अष्टावक्र का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री ने गर्भ संस्कार की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में अभिमन्यु और अष्टावक्र जैसे उदाहरण हैं। इनसे पता चलता है कि गर्भ में ही मूल्यों, सीखने और संस्कारों को ग्रहण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि COVID-19 महामारी ने एकीकृत स्वास्थ्य दृष्टिकोण की प्रभावशीलता को दिखाया है, जहां आयुर्वेद और एलोपैथी एक दूसरे के पूरक थे। उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण जीवन शैली, भारतीय रसोई और स्वदेशी आहार के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला।

‘मामा’ शिवराज सिंह चौहान का केंद्र में दबदबा, मध्यप्रदेश को मिला सर्वाधिक बजट

भोपाल   केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 9वां बजट पेश किया। इस बजट में कई राज्यों को बड़ी सौगातें दी गई हैं। इसमें के टू और थ्री टियर शहरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 12 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिसमें मध्यप्रदेश के 10 शहरों को फायदा मिल सकता है। वहीं, मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल प्रदेश के 6 मंत्रियों में सबसे अधिक बजट शिवराज सिंह चौहान के विभाग को मिला है। केंद्र में शिवराज का जलवा कायम मध्यप्रदेश कोटे से मोदी सरकार की कैबिनेट में 6 मंत्री शामिल हैं। जिसमें शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, डीडी उइके, वीरेंद्र कुमार खटीक और सावित्री ठाकुर लोकसभा सदस्य हैं। वहीं, एल मुरुगन एमपी से राज्यसभा के सदस्य हैं। सभी मंत्रियों के विभाग की तुलना करें तो उसमें शिवराज के कृषि और ग्रामीण को सबसे ज्यादा बजट मिला है। शिवराज के दो विभागों को इतना बजट केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं किसान कल्याण के लिए 130561.38 करोड़ और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग को 9967.40 करोड़। यानी कुल मिलाकर देखें तो कृषि विभाग 140528.78 करोड़ रूपये दिए गए हैं। वहीं, ग्रामीण विकास मंत्रालय का कुल बजट 197023.14 करोड़ है। जिसमें ग्रामीण विकास विभाग को 194368.81 करोड़ और भूमि संसाधन विभाग को 2654.33 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। सिंधिया के विभाग पर मेहरबान हुई केंद्र सरकार केंद्रीय संचार और नार्थ ईस्ट मामलों के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डाक और संचार विभाग को 102267.02 करोड़ रूपये दिए गए हैं। जिसमें डाक विभाग को 130561.38 करोड़ और दूरसंचार विभाग को 73990.94 करोड़ रूपये दिए गए हैं। वहीं, पूर्वोतर क्षेत्र विकास मंत्रालय को 6812.30 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। वीरेंद्र कुमार खटीक के विभाग को मिला इतना बजट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक के विभागों को कुल 15357.31 करोड़ दिए गए हैं। जिसमें सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को 13687.59 करोड़ रूपये मिले और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को 1669.72 करोड़ की राशि दी गई है। यह भी पीछे नहीं एमपी कोटे से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन के विभाग को कुल 4551.94 करोड़ का बजट मिला। जनजातीय कार्य मंत्रालय डीडी उइके को कुल 15421.97 करोड़ का बजट मिला। वहीं, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर को 28183.06 करोड़ का बजट मिला है।

जबलपुर में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, उज़्बेकिस्तान की महिला और उसके पति ने घर से चलाया रैकेट, मुख्य आरोपी फरार

जबलपुर  शहर में एक घर में पुलिस ने दबिश दी. यहां उज़्बेकिस्तान की एक महिला मिली. उससे देह व्यापार करवाया जा रहा था. पुलिस की दबिश के दौरान मुख्य आरोपी फरार हो गया. पुलिस ने उसकी पत्नी को हिरासत में लिया है. पुलिस जांच में जुटी है. जांच में पता चला कि उज्बेकिस्तान की इस महिला की शादी मुंबई में हुई थी. वह दिल्ली में ब्यूटी पार्लर की एक लड़की के माध्यम से जबलपुर पहुंची. जबलपुर में इसके पहले भी विदेशी महिलाओं से देह व्यापार करवाने के मामले सामने आ चुके हैं. मुखबिर ने 11 महिलाओं की दी सूचना महिला अपराध शाखा की नगर पुलिस अधीक्षक आशीष जैन ने बताया "जबलपुर के माढोताल थाने में पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि शिव चौधरी नाम का व्यक्ति देह व्यापार का अड्डा चला रहा है और इस बार उसने विदेशी महिलाओं को बुलाया है. जबलपुर में 11 महिलाओं की पहुंचने की सूचना पुलिस को मिली. पुलिस ने जब शिव चौधरी के ठिकाने पर छापा मारा तो वहां उज़्बेकिस्तान की रहने वाली महिला मिली." मुख्य आरोपी की पत्नी हिरासत में देह व्यापार चलाने का आरोपी शिव चौधरी मौके से फरार हो गया. पुलिस ने उसकी पत्नी और विदेशी महिला को हिरासत में ले लिया. सीएसपी आशीष जैन ने बताया "उज़्बेकिस्तान की महिला ने पूछताछ में जानकारी दी है कि 2011 में उसकी शादी मुंबई में हुई थी. 2023 में उसके पति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. इसके बाद से ही वह दिल्ली में एक पार्लर में काम करती थी." स्पा सेंटर के नाम पर देह व्यापार उज्बेकिस्तान की महिला ने पुलिस को बताया "दिल्ली में एक लड़की ने शिव चौधरी से मेरी मुलाकात करवाई थी और उसी के माध्यम से मैं जबलपुर आई." सीएसपी आशीष जैन का कहना "उज़्बेकिस्तान की महिला पर क्या कार्रवाई की जाएगी, इसकी जांच की जा रही है." जबलपुर में इसकी पहले भी विजयनगर में इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां कुछ विदेशी महिलाएं मिली थीं. जबलपुर में देह व्यापार कराने वाले लोग इन महिलाओं को रहने की जगह उपलब्ध करवाते हैं. मोबाइल पर ग्राहकों को फोटो और नंबर उपलब्ध करवाए जाते हैं. स्पा सेंटर की आड़ में भी कई जगहों पर इसी तरह के गलत काम चल रहे हैं.