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अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी में उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल के कृषि विभाग ने लगाए स्टॉल, आधुनिक तकनीक, नवाचारों के बारे में दी जानकारी

भोपाल. भोपाल स्‍थ‍ित गुलाब उद्यान में अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी एवं गुलाब महोत्सव प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (IEHE), भोपाल के कृषि विभाग द्वारा स्थापित कृषि कंसल्टेंसी टीम के स्टॉल ने नवाचार, तकनीक और जनसेवा का उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत किया। उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (IEHE), भोपाल के कृषि विभाग द्वारा विकसित विभिन्न कृषि उत्पादों के स्‍टाल लगाकर किसानों, विद्यार्थियों सहित महोत्‍सव में आए लोगों को आधुनिक, वैज्ञानिक तथा व्यवहारिक कृषि तकनीकों से परिचित कराया गया। इसमें सिंदूर, शहद सरसों (हनी मस्टर्ड), जीवामृत, बीजामृत, रीसायकल कागज़ से बने बुकमार्क, जैविक लड्डू, शुभकामना पत्र तथा बी.एस-सी. कृषि के विद्यार्थियों द्वारा तैयार मोबाइल एप्लिकेशन शामिल है। आकर्षण का केंद्र रहा AI आधारित मोबाइल एप्लिकेशन “फसल केयर” प्रदर्शनी में उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (IEHE), भोपाल के कृषि विभाग द्वारा विकसित AI आधारित मोबाइल एप्लिकेशन “फसल केयर” आकर्षण का केंद्र बना रहा। यह ऐप किसानों को फसल की पत्ती का फोटो लेकर रोग की पहचान करने तथा सटीक कृषि परामर्श प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है। ऐप विशेष रूप से मध्यप्रदेश की प्रमुख फसलों पर केंद्रित है। साथ ही समय पर एवं सही कृषि प्रबंधन के माध्यम से फसल क्षति को न्यूनतम करने की दिशा में एक प्रभावी डिजिटल समाधान प्रस्तुत करता है। ऐप की महोत्‍सव में आए व‍िशेषज्ञों, अधिकारियों एवं आमजन द्वारा प्रसंशा की गई। साथ ही उत्साहजनक फीडबैक भी प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, कृषि विभाग ने कट फ्लावर (Cut Flower) श्रेणी में अन्तर्राष्ट्रीय गुलाब महोत्सव प्रतियोगिता में भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिससे संस्थान की उद्यानिकी एवं पुष्प उत्पादन में दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। यह सहभागिता शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और विस्तार के त्रिसूत्री मॉडल का सजीव उदाहरण बनी, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि IEHE, भोपाल का कृषि विभाग तकनीक-संचालित, किसानोन्मुख एवं भविष्य-उन्मुख कृषि विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आयोजन में संस्थान की सक्रिय भागीदारी ने न केवल अकादमिक उत्कृष्टता को जनसरोकारों से जोड़ा, बल्कि डिजिटल कृषि एवं स्मार्ट फार्मिंग की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दिया। इस अवसर पर डॉ. अजय कुमार भारद्वाज, विभागाध्यक्ष, डॉ. स्मिता राजन, डॉ. शुभम मिश्रा तथा डॉ. प्रियंका गुर्जर, संकाय सदस्यों तथा अनिकेत तिवारी, टीम लीड-साहिल रघुवंशी एवं टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन विंग कंसल्टेंसी टीम का विशेष योगदान रहा।  

विकसित भारत-जी-राम-जी’ से गांवों में आएगी रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई क्रान्ति : मंत्री उइके

भोपाल. लोक स्वास्थ्य यात्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने सूर्या भवन एनटीपीसी विन्ध्यनगर में केन्द्र सरकार द्वारा लाई गई नवीन योजना विकसित भारत- जीरामजी योजना से ग्रामीण जीवन मे आने वाले क्रांतिकारी बदलावों के संबंध में मीडिया को विस्तार से जानकारी दी। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि विकसित भारत- ’’जीरामजी योजना केवल रोजग़ार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले, उसके लिए यह क़ानून आया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। इस कानून में पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गाँवों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता दी गई है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक वस्तुतः भारत के ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास की दिशा में एक ठोस कदम है। भ्रष्टाचार-मुक्त ग्राम पंचायत, सुशासन और जनभागीदारी इसके प्रमुख उद्देश्य हैं। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि इस योजना से आत्मनिर्भर और सशक्त गाँवों का निर्माण संभव होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए गरीब, किसान और मजदूर का विकास ही हमेशा से प्राथमिकता पर रहा है विकसित गाँव के लक्ष्य को लेकर शुरू की गई ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ का मुख्य उद्देश्य पुराने कानूनों की कमियों को दूर करना, व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना और राज्यों के सहयोग से इस योजना का डिजिटलीकरण करना है। इसके साथ ही विकसित ग्राम पंचायतों का निर्माण, ग्राम पंचायतों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाएँ तैयार करने का अधिकार देना और ग्रामीण सभाओं को सशक्त बनाना भी इस योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं। उन्होंने कहा कि योजना अंतर्गत मजदूरों को वर्ष में 125 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। मजदूरी की राशि सात दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी और यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा, जो काम मांगने, मजदूरी प्राप्त करने और अपने अधिकारों की मांग के लिए एक मजबूत और वैध दस्तावेज होगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक गाँव आत्मनिर्भर बने और देश के समग्र विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। इस योजना के तहत केन्द्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराई जायेगी। इस दौरान सिंगरौली विधायक राम निवास शाह, देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम उपस्थित रहे।  

अप्रैल माह में ही विद्यार्थियों को मिलेंगी साइकिल, पुस्तकें और छात्रवृत्ति : स्‍कूल शिक्षा मंत्री सिंह

भोपाल. मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी अप्रैल माह में ही विद्यार्थियों को साइकिल, पाठ्य-पुस्तकें एवं छात्रवृत्ति का वितरण कर दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थी बिना किसी परेशानी के पढ़ाई पर ध्‍यान दे सकें। यह बात प्रदेश के स्कूल शिक्षा तथा कटनी जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कही। शनिवार को कटनी शहर के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड, कुठला में एक करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन हाई स्कूल भवन की सौगात के उपलक्ष्य में धन्यवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्‍कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि स्कूल भवन के निर्माण के बाद विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समान सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हर परिवार को समय पर शुद्ध पेयजल और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लक्ष्य है कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं समय पर मिलें। आमजन से किया संवाद प्रभारी मंत्री सिंह ने नागरिकों से संवाद करते हुए स्वच्छ पेयजल आपूर्ति एवं बिजली की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और शुद्ध पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि बिजली या अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, जिससे समय रहते समाधान किया जा सके। 12 माह में तैयार होगा नवीन स्कूल भवन प्रभारी मंत्री सिंह ने नए भवन की सौगात मिलने पर बच्‍चों को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि एक करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह नवीन हाई स्कूल भवन आगामी 12 महीनों में बनकर तैयार होगा। विद्यालय में डिजिटल बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय सहित सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का 23 तारीख को कटनी भ्रमण संभावित है, इस दौरान वे स्वयं स्कूल भवन का भूमिपूजन करेंगे। जनप्रतिनिधियों से सजग रहने का किया आग्रह प्रभारी मंत्री सिंह ने विधायक एवं पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों के प्रति सजग रहने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि यदि कहीं भी कोई समस्या दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, जिससे आमजन को समय पर राहत मिल सके। जी प्लस वन मॉडल पर बनेगा स्कूल भवन मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने कहा कि कुठला में बनने वाला नवीन हाई स्कूल भवन जी प्लस वन मॉडल पर बनेगा। भवन में पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, प्राचार्य कक्ष, लॉबी कॉरिडोर, बालक-बालिका एवं दिव्यांगजन के लिए प्रसाधन, सीढ़ी एवं रैम्प का निर्माण लोक निर्माण विभाग की निगरानी में किया जाएगा। कार्यक्रम में बहोरीबंद विधायक प्रणय पांडेय सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

दुग्ध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढाना सरकार का लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढाने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है। भावांतर योजना से किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम मिल रहा है और विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को आने वाले भविष्य में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री शनिवार को सागर जिले के खुरई में विभिन्न विकास कार्यों के भूमि-पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा, महिला, गरीब, किसान के जीवन को बेहतर बनानेे के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को किसान सम्मान निधि के माध्यम से प्रत्येक किसान को 10 हजार रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक बगिया मां के नाम योजना के माध्यम से एक एकड़ में बगिया लगाने पर सरकार के माध्यम से 2 लाख रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। किसानों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा है कि मध्यप्रदेश में खेती के साथ साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश में पशुपालन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौशाला खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार के माध्यम से किसान कल्याण वर्ष में किसानों की खेती लाभ का धंधा कैसे हो इस पर सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खुरई में कृषि यंत्रों के निर्माण उद्योग को और आगे बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन हो रहा है। सरकार ने इसे 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पाद को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। जिनसे से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 25 गायों के साथ डेयरी खोलने पर 40 लाख की योजना पर 10 लाख रुपए का अनुदान सरकार देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए दृढसंकल्पित है। सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। लाड़ली बहना योजना के माध्यम लाड़ली बहनों को प्रत्येक माह उनके खाते में 1500 रूपए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहनों की मुस्कान ही मेरी शक्ति और प्रदेश में महिला उत्थान के हर संभव कार्य किया जाएगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड के एक-एक खेत और इंच-इंच जमीन को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड में समृद्धि के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुन्देलखंड की धरती वीरों, महावीरों और दानवीरों की धरती है। बुन्देलखंड पर भगवान और पूर्वजों की विशेष कृपा है। बुन्देलखंड स्थापत्य कला का केन्द्र का तीर्थ है। खजुराहो, ओरछा की स्थापत्य कला को देखने के लिए लोग देश विदेश से आते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पयर्टन के विकास के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां भगवान कृष्ण के चरण पड़े उस एक-एक स्थान को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार चित्रकूट धाम का भी विकास होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय पर पुष्पवर्षा की एवं दोनों हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि पहली बार खुरई आकर प्रसन्नता हुई। जोरदार उत्साह के लिए मुख्यमंत्री ने खुरई की जनता का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से ही रिमोट से 312 करोड़ रुपए के 86 विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएं 500 करोड़ की लगात से राहतगढ़, खुरई रोड बनाया जाएगा। 429 करोड़ की बीना नदी परियोजना के माध्यम से 90 हजार हेक्टेयर रकबा सिंचित होगा। इसे शीघ्र पूरा किया जाएगा। खुरई कृषि महाविद्यालय के भवन निर्माण एवं सुविधाओं के विकास के लिए 25 करोड़ दिए जाएंगे। खुरई में युवाओं को नवीन आईटीआई शुरू कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। खुरई में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एथलेटिक ट्रैक लगाया जाएगा मालथौन में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा। दो सांदीपनि विद्यालय खुलेंगे। रजवास में 133 केवी का विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जायेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बुंदेलखंड क्षेत्र तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बुंदेलखंड अब शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार प्रगति कर रहा है। रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और औद्योगिक क्रांति से यह क्षेत्र समृद्ध हो रहा है। मंत्री राजपूत ने यह भी बताया कि अप्रैल महीने में नौरादेही में चीते लाए जाएंगे, जिसके बाद बुंदेलखंड से हमें चीते देखने के लिए कूनो या अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत करते हुए खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। कृषि, नवाचार और सांस्कृतिक पुनरुद्धार के क्षेत्र में राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा सांस्कृतिक धरोहरों को संजोने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। विधायक सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास की मशाल जलाकर मध्यप्रदेश में सुशासन स्थापित कर रहे हैं। औद्योगिक क्रांति की शुरुआत करते हुए उन्होंने राज्य को एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब बनाने का जो मार्ग प्रशस्त किया, उसी परिणाम है कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में 32 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश हो रहा है। इसी प्रकार वे भावान्तर योजना में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने गेहूं पर 175 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस किसानों को दिया है। उन्होंने कहा कि खुरई की कृषि और कृषि यंत्रों के क्षेत्र में एक प्रमुख पहचान है। खुरई के कृषि यंत्र पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध हैं। यहां औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं भी हैं। उन्होंने कहा भविष्य के दृष्टिगत खुरई में मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक भूमि पहले ही आरक्षित की जा चुकी है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के खुरई रोड-शो में उमड़ा जनसैलाब मुख्यमंत्री डॉ. यादव के खुरई आगमन पर उनका बुन्देली परंपरा … Read more

सार्थक जीवन जीना ही महत्वपूर्ण – राज्यपाल पटेल

भोपाल.  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सही, सार्थक जीवन जीना ही महत्वपूर्ण है। भौतिक संसाधनों से क्षणिक सुख प्राप्त होता है। वास्तविक सुख आत्मीय आनंद में है। उन्होंने युवाओं का आहवान किया है कि वह भारतीय ज्ञान परपंरा के ग्रंथों और महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लें। उनकी नैतिकता, आदर्शों और जीवन मूल्यों को आचरण में आत्मसात करें। राज्यपाल पटेल शनिवार को इन्फोटेक एजुकेशन सोसायटी के IES विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 45 शोधार्थी को पी.एच.डी., 231 को स्नातकोत्तर और 938 को स्नातक की उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद गोविन्द लालजी भाई ढोलकिय, सांसद, पद्मडॉ. पी.टी वाइस चेयर पर्सन ऑफ राज्यसभा प्रेसिडेंट इण्डियन ओलम्पिक एसोसियेशन, क्रिकेटर चन्द्रकांत सीताराम पंडित, शिक्षा के क्षेत्र में श्रीमती माधुरी सहस्बुद्धे, मूर्तिकार अरुण योगीराज, जल संग्रहण में उमाशंकर पान्डे, आयुर्वेदाचार्य बालेन्दु प्रकाश, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जीवन सिंह टटियाल को मानद उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल पटेल ने कहा कि रामायण एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति के लिए जीवन आदर्श मिलते हैं। उन्होंने राम, लक्ष्मण संवाद के प्रसंग के माध्यम से युवाओं को हमारे सांस्कृतिक जीवन मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत, शैक्षणिक जीवन का एक महत्वूपर्ण पड़ाव है। वहीं शिक्षा अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण की दिशा में संस्थान की सतत और दीर्घकालिक यात्रा का उत्सव भी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी नहीं इसमें माता-पिता का त्याग, गुरुजनों का मार्गदर्शन और समाज के किसी ना किसी व्यक्ति का योगदान है। उन्हें प्राप्त ज्ञान और सामर्थ्य से कृतज्ञता के भाव, भावना के साथ समाज और राष्ट्र सेवा में सहभागी बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में समर्थ, सशक्त, समद्ध और विकसित भारत के रूप में आगे बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय की यह जिम्मेदारी है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों को केवल औपचारिक नहीं बल्कि प्रभावी और सार्थक रूप में लागू करें। क्योंकि शिक्षण संस्थान और शिक्षक केवल ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि आने वाले कल और भावी पीढ़ी के सशक्त निर्माता होते हैं। पशुपालन डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा कि जीवन में सफलता शार्टकट से नहीं कड़ी मेहनत से आती है। मेहनत से सफलता निश्चित है। उसका कोई तोड़ नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरूजन और माता-पिता के संरक्षण के वातावरण से बाहर निकालकर स्वतंत्र जीवन के शुभारंभ का अवसर दीक्षांत है। यहां से जीवन की दिशा तय होती है। भावी जीवन के फैसले सोच समझ कर ही लेने चाहिए। सांसद डोलकिया ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वह स्वयं अपना ब्रान्ड बने। दूसरे ब्रान्डों का अनुकरण नहीं करें। स्वतंत्र रहे मगर स्वछंद नहीं बने। संस्कृति से जुड़े रहें। जीवन मूल्यों और सत्य का पालन करें। सांसद, पद्मडॉ. पी.टी. ऊषा ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक प्रयासों की सराहना की। राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता की शुभकामनाएं दी। दीक्षांत समारोह में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के चांसलर इंजीनियर बी.एस. यादव ने दिया। विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन का वाचन और विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ वाइस चांसलर जी.के. पाण्डेय ने दिलाई। आभार प्रदर्शन मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांश सिंह ने किया। इस अवसर पर श्रीमती माया नरोलिया (राज्यसभा सांसद), देवांश सिंह, (सी.ई.ओ. आई.ई.एस. युनिर्वसिटी), डॉ. कविता पाटीदार (राज्यसभा सांसद), पुज्य शांडिल्य जी महाराज ( पीठाधीश्वर करूणाधाम आश्रम ) डॉ. सुनीता सिंह (पूर्व चांसलर आई.ई.एस. युनिर्वसिटी), इंजी. बी.एस. यादव (फाउडर एवं चांसलर आई.ई.एस. युनिर्वसिटी), सुमेर सिंह सोलंकी (राज्यसभा सांसद) आदि मंचासीन थे।

लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण लोकपथ 2.0 का हुआ लोकार्पण

लोक निर्माण विभाग, लोक अर्थात जनता और निर्माण अर्थात सृजन से जन-जन की सेवा के संकल्प को कर रहा है साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण लोकपथ 2.0 का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की सराहना लोक निर्माण केवल सड़कें नहीं, प्रदेश की गति और विकास की है रीढ़ : मंत्री सिंह मुख्यमंत्री की पहल पर इंजीनियर्स के लिए आधुनिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की कल्पना हो रही साकार मुख्यमंत्री कैपेसिटी ने बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026 का किया विमोचन 2 वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों पर केन्द्रित पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंजीनियरर्स की क्षमता के आधार पर हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न देख रहे हैं। लोक निर्माण विभाग अपने नाम के अनुरूप लोक अर्थात जनता और निर्माण अर्थात सृजन से राज्य के जन-जन की सेवा के संकल्प को साकार कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक राजनेता होने के साथ सन्यासी भाव से भारत की प्रगति और क्षमता निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। लोक निर्माण विभाग में विकास कार्यों को नई ऊंचाइयां देने की क्षमता है। भगवान श्रीराम के काल में नल और नील ने समुद्र पर पुल निर्माण करने की तकनीक खोज ली थी। लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे। भगवान विश्वकर्मा ने पुष्पक विमान बनाया, जिसमें सभी को समाहित करने की क्षमता थी। यह सभी को विकास और कल्याण में साथ लेकर चलने के भाव की अभिव्यक्ति थी। वर्तमान में भी सभी की सुविधा और जीवन में सभी को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही निर्माण कार्य जारी हैं। मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग नई तकनीक और समय का सदुपयोग करते हुए अधोसंरचना विकास कार्यों को गति प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लोक निर्माण विभाग के नवाचारों, डिजिटल पहल और अभियंताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित राज्य स्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण-सत्र को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। लोकपथा ऐप का उन्नत संस्करण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने में करेगा मदद मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथय में लोक निर्माण से लोक कल्याण की भावना को साकार करने वाले इस कार्यक्रम के आरंभ में वंदे मातरम का सामूहिक गान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल आगमन पर जनजातीय कलाकारों द्वारा परम्परागत वाद्य यंत्रों पर मंगल गान के साथ उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंगवस्त्रम, सम्राट विक्रमादित्य की प्रतिमा तथा तुलसी का पौधा भेंटकर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा अभियंताओं के प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और आधुनिक परियोजना प्रबंधन में मार्गदर्शन के लिए विकसित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क 2026 का विमोचन, लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण – लोकपथ 2.0 का लोकार्पण किया। यह ऐप सड़क रखरखाव की निगरानी, नागरिक शिकायतों के त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा तथा सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जैसी सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को एक समग्र, उपयोगकर्ता-अनुकूल और आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ ही प्रोजेक्ट-फाइनेंशियल और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट भी शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा विगत 2 वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया। इसमें डिजिटल समाधान, गुणवत्ता नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, नई निर्माण तकनीकों और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों की झलक प्रस्तुत की गई है। कार्यक्रम में कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क, लोक पथ 2.0 एप और विभाग की गत 2 वर्ष की गतिविधियों पर केंद्रित पुस्तक पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। मैनेजमेंट एक्सपर्ट डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने तकनीकी प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट पर केन्द्रित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क का प्रस्तुतिकरण दिया। लोक निर्माण विभाग का प्रत्येक कार्य जनसामान्य के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय परंपरा में तकनीक, ज्ञान और नवाचार का समृद्ध इतिहास रहा है। हमारे प्राचीन ग्रंथ और सांस्कृतिक उदाहरण यह सिखाते हैं कि सामूहिक क्षमता, बुद्धि और समर्पण से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसी भाव के साथ आज के अभियंता आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बना रहे हैं। देश के इंजीनियर मुंबई में समुद्र पर ब्रिज, पहाड़ों के बीच से टनल और हाई-वे का निर्माण कर रहे हैं, जो तकनीक और निर्माण प्रक्रिया की दृष्टि से विश्व स्तरीय है। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुसार लोक निर्माण विभाग का प्रत्येक कार्य जनसामान्य के कल्याण के लिए है। सड़क, पुल, भवन और अन्य संरचनाएँ जब गुणवत्ता, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ बनती हैं, तो वे जन-जीवन को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाती हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा अपनाए जा रहे नवाचार, आधुनिक तकनीक और कार्यों की गति इस बात का प्रमाण हैं कि लोक निर्माण विभाग नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण – मंत्री सिंह लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग केवल सड़कें, पुल और भवनों का निर्माण करने वाला विभाग नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की गति, दिशा और विकास की रीढ़ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग ने “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की अवधारणा को व्यवहारिक धरातल पर उतारते हुए अधोसंरचना विकास को जन-जीवन से सीधे जोड़ा है। विभाग द्वारा बनाई गई सड़कें किसानों को मंडियों से, बच्चों को शिक्षा से, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से और उद्योगों को निवेश के अवसरों से जोड़ती हैं। यही कारण है कि देश के सबसे पुराने और सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल लोक निर्माण विभाग में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। अगले दो वर्षों में प्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश के सबसे दक्ष इंजीनियरों का होगा समूह लोक निर्माण मंत्री सिंह ने कहा कि … Read more

नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाने की ऐतिहासिक पहल

हैक & मेक 2026 नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल भोपाल में भारत की पहली ट्राई-ट्रैक नवाचार प्रतियोगिता ‘हैक & मेक’ 2026 का आयोजन भोपाल  भोपाल में ‘हैक & मेक’ 2026 का आयोजन भोपाल के जहांनुमा पैलेस होटल में 11-12 जनवरी को किया जायेगा। भारत की पहली राज्य-स्तरीय ट्राई-ट्रैक नवाचार का यह अभिनव आयोजन सॉफ्टवेयर विकास, हार्डवेयर प्रोटोटाइपिंग और निर्यात–व्यापार समाधान के क्षेत्रों में एक साथ क्रियान्वयन-आधारित नवाचार को बढ़ावा देगा। मध्यप्रदेश शासन की यह पहल पारंपरिक हैकथॉन से आगे बढ़ते हुए प्रतिभागियों के समक्ष कार्यान्वयन-केन्द्रित मॉडल बनाने की चुनौती प्रस्तुत करती है। प्रतियोगिता में चयनित सॉल्युशंस को वास्तविक धरातल पर लागू करने के लिये अवसर उपलब्ध कराए जायेंगे। ‘हैक & मेक’ 2026 का पुरस्कार वितरण समारोह रवींद्र भवन, भोपाल में होगा। विजेता टीमों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मानित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विजेता टीमों को सम्मान पत्र और नगद पुरस्कार, 12 माह तक शासकीय इन्क्यूबेशन सुविधाएँ, GeM के माध्यम से सरकारी खरीद हेतु फास्ट-ट्रैक पंजीकरण, विभागों के साथ पायलट क्रियान्वयन, निवेशक नेटवर्किंग, रेग्युलेटरी एक्जिक्यूशन और बाज़ार पहुँच के लिये 12 माह की सतत मेंटरशिप भी ऑफर करेंगे। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य कश्यप, सहित अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे। आयोजन में देश की सुप्रसिद्ध कंपनी ‘बोट’ के सह-संस्थापक श्री अमन गुप्ता प्रतिभागियों के साथ विशेष संवाद करेंगे। संवाद सत्र में श्री गुप्ता उद्यमिता, उत्पाद नवाचार, विपणन रणनीतियाँ और स्टार्टअप विस्तार की चुनौतियों के संबंध में अपने अनुभव साझा करेंगे। ‘हैक & मेक’ 2026 का3 आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, मध्यप्रदेश शासन; IM Global और FICCI के संयुक्त रूप से कर रहे हैं। ‘हैक & मेक’ 2026 को देशभर से अत्यंत उत्साहजनक फीडबैक मिला है। इसमें 500 से अधिक टीमों ने पंजीकरण कराया है और 1,500 से अधिक प्रतिभागी प्रतियोगिता में शामिल होंगे। कड़ी प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद 90 टीमें (प्रत्येक ट्रैक से 30) शॉर्टलिस्ट की गई हैं। इन टीमों के लिए 11 जनवरी 2026 को जहाँनुमा पैलेस होटल में 12 घंटे की ट्राई-ट्रैक नवाचार स्प्रिंट आयोजित की जाएगी। प्रातः कालीन सत्र में ट्राई-ट्रैक स्प्रिंट–1 इस चरण में टीमें अपने विचारों को संरचित डिज़ाइन में बदलते हुए विकास कार्य आरंभ करेंगी। मेंटर रोटेशन के माध्यम से तकनीकी व्यवहार्यता, बाज़ार-तैयारी, नियामक अनुपालन और व्यवसाय मॉडल पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया जाएगा। जूरी नवाचार, समस्या-समाधान और विस्तार क्षमता का आकलन करेगी। दोपहर सत्र में स्प्रिंट–2 इस चरण में बिल्ड-इट (क्रियाशील हार्डवेयर प्रोटोटाइप), कोड-इट (कार्यशील सॉफ्टवेयर डेमो) और शिप-इट (डिजिटल प्लेटफॉर्म मॉक-अप और क्रियान्वयन रोडमैप) तैयार कराये जायेंगे। यहां निष्पादन क्षमता, समाधान की कार्यशीलता और बाज़ार-प्रवेश तैयारी का मूल्यांकन होगा। अंतिम पिचिंग राउंड दोनों स्प्रिंट चरणों के संयुक्त मूल्यांकन के आधार पर प्रत्येक ट्रैक से शीर्ष 5 टीमें (कुल 15) अंतिम पिचिंग राउंड के लिए चुनी जाएँगी। जूरी के समक्ष प्रस्तुति में नवाचार, व्यवहार्यता, बाज़ार संभावनाएँ, विस्तार क्षमता और राज्य की विकास प्राथमिकताओं से सामंजस्य जैसे मापदंडों पर इनका मूल्यांकन किया जायेगा। भारत का पहला निर्यात एवं ‘ओडीओपी’ आधारित ट्राई-ट्रैक हैकथॉन शिप-इट ट्रैक के माध्यम से पहली बार किसी हैकथॉन में निर्यात और व्यापार सुविधा पर केंद्रित पृथक ट्रैक शामिल किया गया है, जो मध्यप्रदेश के एक जिला–एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत 55 जिलों के कारीगरों, बुनकरों और एमएसएमई उद्यमियों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने वाले डिजिटल सॉल्यूशंस विकसित करेगा। विजेता सॉल्यूशंस को विभागों के माध्यम से उपयोग में लाया जायेगा। इसके लिये GeM पोर्टल पर फास्ट-ट्रैक पंजीकरण, इन्क्यूबेशन, पायलट परियोजना अवसर और 12 माह की पोस्ट-इवेंट मेंटरशिप की सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। सशक्त उद्योग सहभागिता और नेटवर्किंग राष्ट्रीय ब्रांड्स और विशेषज्ञों की उपस्थिति प्रतिभागियों को वास्तविक व्यावसायिक अनुभव से सीखने का मंच उपलब्ध कराया जायेगा।  

महाराष्ट्र में बागेश्वर सरकार की पहल, 20 साल बाद आधा दर्जन लोग लौटे घर, ईसाई धर्म अपनाने का था झांसा

 गोंदिया  महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में बागेश्वर महाराज के कथा मंच से आज आधे दर्जन से अधिक हिंदुओं ने सनातन धर्म में पुनः वापसी की। इस वापसी में गोंदिया जिले के निवासी शिवदास, शिमला, कन्हाभगत, संजय भगत, कुंवर अक्षय सहित आधे दर्जन से अधिक सदस्यों ने सनातन धर्म में वापसी की। ये सभी ग्राम छोटी, पोस्ट तुगुड़ी, जिला गोंदिया के निवासी हैं। बच्चे की आँखों के स्वास्थ्य सुधार की आशा के चलते अपनाया था ईसाई धर्म जानकारी के मुताबिक बीस वर्ष पूर्व साल 2006 में बच्चे की आँखों के स्वास्थ्य में सुधार की आशा में उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया था। आज सभी सदस्यों ने वापसी कर ली है। इस मौके पर देश के धर्मांतरित हिंदुओं से बागेश्वर महाराज की अपील है कि जिनके पूर्वज रामलाल, श्यामलाल थे, वे पुनः सनातन धर्म में लौट आएं। हमारे पुत्र संजय भगत का जन्म सन 2006 में हुआ था। उसी समय से उसे कम दिखाई देता था। ईसाई धर्म के अनुयायियों ने यह प्रलोभन दिया था कि यदि हम उनके धर्म में सम्मिलित हो जाएं, तो हमारे बच्चे को दिखाई देने लगेगा और वह स्वस्थ हो जाएगा। इसी प्रलोभन में हमने परिवार सहित ईसाई धर्म अपना लिया था, लेकिन हमें फिर भी वहां संतोष प्राप्त नहीं हुआ। हमारे बच्चे को स्वस्थ करने तथा उसे दृष्टि प्रदान करने के संबंध में जो हमें उस समय आश्वासन दिया गया था, वह पूरा नहीं हुआ। हम अपनी त्रुटि स्वीकार करते हैं। आज हमने सपरिवार सनातन धर्म में पुन: वापसी की है। बागेश्वर महाराज जी की कथा में उपस्थित होकर, हमें सम्मानपूर्वक घर वापसी का अवसर प्राप्त हुआ। विगत एक वर्ष से हम बागेश्वर महाराज को टेलीविजन के माध्यम से देखते आ रहे थे, परंतु घर वापसी हेतु आवश्यक सहयोग के अभाव में हम यह कदम नहीं उठा पा रहे थे। आज बागेश्वर महाराज के मंच से हमारी घर वापसी संपन्न हुई, जिससे हमें अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि भविष्य में हम किसी अन्य धर्म को नहीं अपनाएंगे और सदैव अपने सनातन धर्म के प्रति निष्ठावान रहेंगे। सभी घर वापसी करने वाले सदस्यों को महाराज श्री की व्यास पीठ के बगल में खड़े होकर त्रिकुंड चंदन लगाया गया, मंत्र पढ़े गए और उनके गले में सनातन धर्म के बागेश्वर बालाजी की पट्टिका डाली।

RailOne App पर अनारक्षित टिकट पर मिलेगी 3% की छूट, 14 जनवरी से शुरू होगा नया नियम

 भोपाल  रेलवे द्वारा डिजिटल टिकट बुकिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यात्रियों को एक बड़ी राहत दी जा रही है। अब कोटा मंडल के यात्री रेलवन मोबाइल ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर तीन प्रतिशत की सीधी छूट का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा 14 जनवरी से प्रायोगिक रूप से आगामी छह माह की अवधि के लिए लागू की जा रही है। यह छूट आर-वालेट को छोड़कर अन्य सभी डिजिटल भुगतान विकल्पों जैसे यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग पर लागू होगी। वहीं, आर-वालेट से टिकट बुक करने वाले यात्रियों को पहले की तरह तीन प्रतिशत बोनस कैशबैक मिलता रहेगा। यह प्रायोगिक योजना 14 जनवरी से 14 जुलाई तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम द्वारा योजना की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। रेलवे का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से यात्रियों को डिजिटल भुगतान के प्रति प्रोत्साहित करना, टिकट बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाना और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।     वर्तमान में रेलवन ऐप पर केवल आर-वालेट के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर तीन प्रतिशत की राशि बोनस कैशबैक के रूप में दी जाती है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत 14 जनवरी से सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों से अनारक्षित टिकट बुक करने पर यात्रियों को तीन प्रतिशत की सीधी छूट प्रदान की जाएगी।     -सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मकर संक्रांति से पहले रेलवे की ओर से अपील मकर संक्रांति का पर्व करीब आते ही भोपाल रेल मंडल ने आमजन से रेलवे लाइनों के आसपास पतंगबाजी न करने की अपील की है। रेलवे प्रशासन ने चेतावनी दी है कि हाई वोल्टेज बिजली लाइनों के कारण यह शौक जानलेवा साबित हो सकता है। भोपाल रेल मंडल में शत प्रतिशत ट्रेनों का संचालन 25,000 वोल्ट की हाई टेंशन विद्युत लाइनों के माध्यम से होता है, जिनमें 24 घंटे लगातार करंट प्रवाहित रहता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि पतंग का मांझा इन विद्युत तारों में उलझ जाता है, तो गीला, धातुयुक्त या सिंथेटिक मांझा करंट को सीधे पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति तक पहुंचा सकता है, जिससे गंभीर हादसा या मौत तक हो सकती है। पूर्व में देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान गई है। वहीं पतंग और मांझे के बिजली की लाइनों में फंसने से न केवल जनहानि का खतरा रहता है, बल्कि रेल संचालन भी बाधित हो सकता है। इससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती है और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। मकर संक्रांति के अवसर पर भोपाल रेल प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे रेलवे ट्रैक, ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइनों और स्टेशन परिसरों के पास पतंगबाजी से बचें। सुरक्षित स्थानों पर ही पतंग उड़ाएं और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

भोपाल में 11 जनवरी को 1101 ट्रैक्टरों की रैली, सीएम करेंगे कृषि वर्ष 2026 का शुभारंभ, किसानों से करेंगे संवाद

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार 11 जनवरी को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को औपचारिक रूप से ‘कृषि वर्ष’ घोषित करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा 1101 ट्रैक्टरों की सांकेतिक रैली को हरी झंडी दिखाकर की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जंबूरी मैदान में कृषि एवं उससे संबंधित विभागों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे तथा प्रदेश भर से आए लगभग 30 हजार किसानों को संबोधित करेंगे। इस आयोजन में भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के विभिन्न जिलों से किसान भाग लेंगे। ट्रैक्टर रैली और रोड शो के माध्यम से राज्य सरकार किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश देगी। सरकार का उद्देश्य वर्ष 2026 को कृषि के लिए निर्णायक वर्ष बनाना है। ‘कृषि वर्ष’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने, खेती को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने तथा कृषि से जुड़े रोजगार को सशक्त करने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके लिए सरकार ने एक स्पष्ट और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री किसानों से सीधा संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और आगामी वर्षों की कृषि नीतियों एवं योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ेंगे और मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल होगा। कृषि वर्ष 2026 के प्रमुख उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि: खेती को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार मॉडल में बदलना। कृषि आधारित उद्योगों का विकास: खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देना। नवाचार और आधुनिक तकनीक: ड्रोन सेवाएं, हाइड्रोपोनिक्स, एग्री-स्टेक, किसान उत्पादक संगठन (FPO) प्रबंधन से युवाओं को जोड़कर रोजगार सृजन। प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग: मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, पर्यावरण अनुकूल खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को प्रोत्साहन।