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इश्क बना कत्ल की वजह: पत्नी ने प्रेमी संग रची साजिश, पुलिस ने एक दिन में सुलझाया मामला

बालोतरा राजस्थान के बालोतरा जिले के गिड़ा थाना क्षेत्र के मलवा गोयलान गांव में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला महज 24 घंटे के भीतर हत्या में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गहन जांच के बाद सामने आया कि युवक की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रचकर की थी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। चार साल पहले हुई थी मृतक की शादी मृतक की पहचान महेंद्र कुमार मेघवाल के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब चार साल पहले बागूंडी निवासी अनु के साथ हुई थी। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध मौत का लग रहा था, लेकिन मृतक के गले पर मिले निशानों और परिजनों के शक ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। सुबह तक नहीं जागा युवक, परिजनों को हुआ शक घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। परिवार के अनुसार, शनिवार सुबह जब महेंद्र काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजनों को चिंता हुई। जब वे कमरे में पहुंचे तो महेंद्र चारपाई पर मृत अवस्था में पड़ा मिला। उसके गले पर स्पष्ट चोट के निशान थे, जिससे मामला सामान्य मौत न लगकर हत्या का प्रतीत हुआ। तुरंत इसकी सूचना गिड़ा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा था विवाद जांच के दौरान सामने आया कि महेंद्र और उसकी पत्नी अनु देवी के बीच शादी के बाद से ही अक्सर विवाद होता रहता था। कई बार परिवार और समाज के लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों के बीच समझौता भी करवाया, लेकिन आपसी मतभेद खत्म नहीं हुए। आए दिन होने वाले झगड़ों ने रिश्ते को बेहद तनावपूर्ण बना दिया था। झगड़े के बाद रची गई हत्या की साजिश पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। शुक्रवार रात भी पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। इसी दौरान अनु देवी ने अपने प्रेमी अमराराम (निवासी तिलवाड़ा) को फोन कर घर बुला लिया। अमराराम सरकारी विद्यालय में तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर कार्यरत है। प्रेमी के घर पहुंचने के बाद दोनों ने मिलकर महेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना को अंजाम दिया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर महेंद्र का गला दबाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने 24 घंटे में किया पर्दाफाश गिड़ा थाना अधिकारी दलपत सिंह चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मौके के हालात और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने तेजी से केस को सुलझाया। पूछताछ में अनु देवी और अमराराम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इलाके में फैली सनसनी घटना के खुलासे के बाद मलवा गोयलान सहित आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैल गई है। एक पत्नी द्वारा अपने ही पति की हत्या की साजिश रचने और उसमें एक सरकारी शिक्षक की संलिप्तता ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। थानाधिकारी दलपत सिंह चौधरी के अनुसार, 'मृतक के भाई की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। जांच में आपसी अनबन के चलते हत्या का मामला सामने आया। आरोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।'

राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन: CM भजनलाल ने केरल में भरी हुंकार, 4 उम्मीदवारों के नामांकन में पहुंचे

तिरुवनंतपुरम/जयपुर. केरलम विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम और आसपास के क्षेत्रों का सघन दौरा किया। उन्होंने भाजपा के दिग्गज प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करवाए। स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा मिले आत्मीय स्वागत ने यह साफ कर दिया कि दक्षिण भारत में भी मुख्यमंत्री शर्मा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वी. मुरलीधरन के नामांकन में मौजूदगी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केरलम के कझाकुट्टम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन के नामांकन पत्र दाखिल करने के अवसर पर विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। CM भजनलाल ने विश्वास जताया कि मुरलीधरन का अनुभव और पीएम मोदी का मार्गदर्शन क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहाँ राजस्थान के विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए जनता से 'डबल इंजन' सरकार चुनने की अपील की। पी. के. कृष्णदास और राजीव चंद्रशेखर के लिए हुंकार मुख्यमंत्री ने कट्टकडा विधानसभा क्षेत्र से पी. के. कृष्णदास और नेमम विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी राजीव चंद्रशेखर के नामांकन समारोह में भी भाग लिया। राजीव चंद्रशेखर के नामांकन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केरलम की जनता ने अब बदलाव का मन बना लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह राजस्थान में सुशासन और अंत्योदय का संकल्प सिद्ध हो रहा है, वैसी ही शुरुआत अब केरलम में होने वाली है। आर. श्रीलेखा के साथ 'विकसित केरलम' का रोडमैप वट्टियूरकावु विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व आईपीएस अधिकारी आर. श्रीलेखा के नामांकन में मुख्यमंत्री शर्मा की उपस्थिति विशेष रही। उन्होंने श्रीलेखा के प्रशासनिक अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि 'विकसित भारत' के लिए 'विकसित केरलम' का होना अनिवार्य है, और श्रीलेखा जैसी सक्षम महिला नेतृत्व ही इसे संभव बना सकती है। श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में दर्शन: सनातन संस्कृति का संगम अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरुवनंतपुरम स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में भगवान विष्णु के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने आदि शंकराचार्य की इस पावन भूमि पर राष्ट्र की समृद्धि और आध्यात्मिक उत्कर्ष की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ही उत्तर और दक्षिण को एक सूत्र में पिरोती है। राजस्थान का बढ़ता कद: भजनलाल शर्मा का 'केरल मॉडल' राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भजनलाल शर्मा को केरल भेजने के पीछे पार्टी का उद्देश्य राजस्थान के सफल 'सोशल इंजीनियरिंग' और 'कल्याणकारी योजनाओं' के संदेश को दक्षिण तक पहुँचाना है। राजस्थान में पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई और उज्ज्वला योजना में सब्सिडी जैसे फैसलों की गूँज केरल के चुनावी रैलियों में भी सुनाई दे रही है।

पोस्ट ऑफिस में बड़ा घोटाला! अनु डाकपाल पर 5 लाख गबन का आरोप

बांसवाड़ा बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ कस्बे के उप डाकघर में नियुक्त रहे एक अनु डाकपाल ने 5 लाख रुपए की सरकारी राशि का गबन कर लिया। विभागीय पत्रावलियों के मिलान के दौरान सामने आई कमियों के बाद की गई जांच में इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। मामले को लेकर सज्जनगढ़ थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी धनपतसिंह ने दी जानकारी सज्जनगढ़ थानाधिकारी धनपतसिंह ने बताया कि बांसवाड़ा डाकघर उप मंडल के निरीक्षक सुरेश खरवड़ ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, सज्जनगढ़ उप डाकघर में अनु डाकपाल मुकेश कुमार बैरवा 7 सितंबर 2024 से 27 मई 2025 तक कार्यरत रहा। वर्तमान में वह सहायक डाकपाल के रूप में डूंगरपुर प्रधान डाकघर में पदस्थ है। बैरवा ने सज्जनगढ़ में अपने कार्यकाल के दौरान बिना किसी देनदारी के नकद राशि रोकना शुरू कर दिया था। इस संदिग्ध कार्यप्रणाली को देखते हुए डूंगरपुर मंडल कार्यालय की ओर से जांच के आदेश दिए गए। इसके तहत 20 मई 2025 को सज्जनगढ़ उप डाकघर की अतिशेष राशि से संबंधित पत्रावलियों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि निकासी भुगतान के वाउचर सरकारी हिसाब में दर्ज नहीं किए गए थे और न ही उनका फिनेकल (Finacle) प्रणाली में कोई इंद्राज किया गया था। अनु डाकपाल बैरवा की कार्यप्रणाली संदिग्ध पाए जाने पर निरीक्षक सुरेश कुमार ने सहायक अधीक्षक बांसवाड़ा डाकघर का सहयोग लिया। इसके बाद सहायक अधीक्षक धर्मसिंह मीणा ने संयुक्त रूप से जांच करते हुए संबंधित खाताधारकों से पूछताछ की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बैरवा ने बैंक निकासी का 47 नंबर वाउचर विभाग को नहीं भेजा था। 5 मई 2025 को बैंक से 5 लाख रुपए की निकासी की गई थी, जिसे सरकारी खाते में दर्ज नहीं किया गया। मामले की जानकारी मिलने पर बांसवाड़ा मुख्य डाकघर के डाकपाल मनमोहन सिंह मीणा ने अधीक्षक को रिपोर्ट सौंपी। इस पर अधीक्षक घेवरचंद ने सज्जनगढ़ उप डाकघर का निरीक्षण किया। पूछताछ के दौरान अनु डाकपाल बैरवा ने स्वीकार किया कि उसने 5 लाख रुपए की सरकारी राशि अपने घर पर रखी थी और उसे सरकारी हिसाब में दर्ज नहीं किया था। सरकारी राशि को अपने पास रखकर दुर्विनियोजन करने के मामले में विभाग ने ब्याज सहित राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू की और उक्त राशि को सरकारी खाते में जमा भी कराया गया। मामले में 5 लाख रुपए से अधिक की राशि के गबन को गंभीर मानते हुए डाक निदेशालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार सज्जनगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की ओर से पूरे मामले में अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।

अवैध निर्माण पर कार्रवाई: 9,500 मकानों पर बुलडोजर चलाने का आदेश, कनेक्शन काटे जाएंगे

जोधपुर. शहर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली वनभूमि के अलग-अलग सात वनखंडों में 9,526 से अधिक अतिक्रमण हटाने को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय में लंबित जनहित याचिका के तहत दिए गए सख्त निर्देशों के बाद प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है। न्यायालय की पालना सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन ने अब कार्रवाई को तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ ठोस और प्रभावी कदम उठाएं तथा अदालत के आदेशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को निर्धारित की गई है, जिसमें राज्य सरकार को अपनी कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करना होगा। अदालत की इस सख्ती के बीच आगामी दिनों में जोधपुर में वनभूमि पर बड़े स्तर पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। प्रगति रिपोर्ट मांगी इसी बीच राजस्थान सरकार के एडवोकेट जनरल कार्यालय, राजस्थान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जोधपुर के उपवन संरक्षक (डीएफओ) को बुधवार को जयपुर तलब किया। बैठक में महाधिवक्ता ने अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत अनुपालना रिपोर्ट मांगी, जिसे 24 मार्च को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। वन विभाग की ओर से पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया गया है कि स्वयं अतिक्रमण हटाएं, अन्यथा प्रशासन पुलिस बल के साथ कार्रवाई करेगा। कनेक्शन कटे बिना कार्रवाई अधूरी समीक्षा बैठक के दौरान महाधिवक्ता ने विशेष रूप से यह पूछा कि वनभूमि पर अवैध निर्माणों के कितने बिजली और पानी के कनेक्शन अब तक काटे गए हैं। इस पर डीएफओ ने बताया कि जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को खसरावार सूची उपलब्ध करवा दी गई है, ताकि अवैध कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई जल्द पूरी की जा सके। डीएफओ ने बताया कि जब तक अवैध मकानों के बिजली-पानी के कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे, तब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पाएगी। 100 से ज्यादा स्टाफ रहेगा तैनात अतिक्रमण हटाने के दौरान वन विभाग की बड़ी टीम मैदान में उतरेगी। इसमें सहायक वन संरक्षक, क्षेत्रीय वन अधिकारी, वनपाल, सहायक वनपाल और वन रक्षक सहित 100 से अधिक वनकर्मियों की तैनाती की जाएगी। समीक्षा बैठक महाधिवक्ता के निर्देशानुसार ही न्यायालय में प्रगति रिपोर्ट और शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। इसी सिलसिले में जयपुर में हुई बैठक में जिला प्रशासन के सभी विभागों की ओर से अब तक की गई कार्रवाई को लेकर प्रगति की समीक्षा की गई है। – नरेन्द्र सिंह शेखावत, उपवन संरक्षक हटाएंगे अतिक्रमण वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के संबंध में डीएफओ की ओर से कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नरेट से पुलिस बल लिया जाएगा। वन विभाग ही अतिक्रमण हटाएगा। – गौरव अग्रवाल, जिला कलक्टर कनेक्शन कटेंगे वन विभाग की ओर से अतिक्रमण क्षेत्र में बताए गए बिजली के कनेक्शनों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. भंवरलाल, एमडी डिस्कॉम, जोधपुर होगी कार्रवाई वन विभाग के अतिक्रमण क्षेत्र में जिन स्थानों को चिन्हित किया गया है, वहां से पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। – राजेन्द्र मेहता, एसई पीएचईडी

राजस्थान को बड़ी सौगात: पचपदरा रिफाइनरी की टेस्टिंग शुरू, नौकरियों के खुलेंगे अवसर

बालोतरा. पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास की धुरी बन रही पचपदरा रिफाइनरी अब पूर्णता की ओर तेजी से अग्रसर है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और क्रूड ऑयल की प्रोसेसिंग और टेस्टिंग भी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साथ क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब स्थापित होने से जिले का औद्योगिक भविष्य नई दिशा लेता नजर आ रहा है। रोजगार का बढ़ेगा दायरा रिफाइनरी के आसपास सहायक उद्योगों के विकास के लिए राजस्थान पेट्रो जोन स्थापित किया गया है। इन उद्योगों में रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने हाल ही में अपने बजट में बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब स्थापित करने की घोषणा की है। क्या कहना है विशेषज्ञों का विशेषज्ञों का मानना है कि यह हब स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ेगा। वर्तमान में बालोतरा क्षेत्र में कपड़ा उद्योग में 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। जबकि टाई-डाई उद्योग में करीब 20 से 25 हजार लोग कार्यरत हैं। पेट्रोजोन के विकसित होने के साथ करीब 50 हजार नए रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे क्षेत्र में रोजगार का दायरा और व्यापक होगा। औद्योगिक विकास को मिलेगी गति रिफाइनरी से निकलने वाले बाय-प्रोडक्ट आधारित पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। कौशल विकास हब की स्थापना से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा। बल्कि क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ेगी वहीं, उद्योगों की बढ़ती विविधता के साथ कुशल मानव संसाधन की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में स्किल डवलपमेंट हब स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करेगा और उद्योगों को प्रशिक्षित वर्कफोर्स उपलब्ध कराएगा। प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी  बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब की स्थापना समय की आवश्यकता थी। रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण मिलने से उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उद्योगों को भी कुशल मानव संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। -रमेश जैन भाया, उद्यमी

टूटी हालत वाले स्कूलों पर कोर्ट की नजर: 19 मार्च को सुनवाई, 20 हजार करोड़ की योजना पर मांगा जवाब

जयपुर राजस्थान में स्कूलों की जर्जर व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस दौरान कोर्ट ने राज्य के शिक्षा विभाग से खराब हालत में चल रहे स्कूलों की स्थिति और सुधार की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है। फंड की कमी पर उठे सवाल शिक्षा विभाग द्वारा हाईकोर्ट में दायर एफिडेविट में बताया गया कि स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आवश्यकता है। इसके मुकाबले प्रदेश के बजट में केवल 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल किया कि इतनी बड़ी राशि की जरूरत को सीमित बजट में कैसे पूरा किया जाएगा।   कोर्ट की तीखी टिप्पणियां सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग से पूछा कि 20 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था के लिए क्या ठोस योजना तैयार की गई है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि यदि कोई स्पष्ट योजना नहीं है, तो क्या इस तरह की स्कूली व्यवस्था को बंद कर देना चाहिए। इन टिप्पणियों ने मामले की गंभीरता को रेखांकित किया है।   19 मार्च को अगली सुनवाई मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें हाईकोर्ट शिक्षा विभाग से ठोस जवाब और संभावित कार्ययोजना की अपेक्षा करेगा। माना जा रहा है कि इस सुनवाई में कोर्ट सख्त निर्देश जारी कर सकता है। हालिया घटना से बढ़ी चिंता इस मामले की पृष्ठभूमि में बाड़मेर की एक घटना भी चर्चा में है, जहां एक सरकारी स्कूल में छात्र के सिर पर पंखा गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।   कमेटी गठन की संभावना पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर एक कमेटी बनाने का सुझाव दिया था। संभावना जताई जा रही है कि आगामी सुनवाई में इस कमेटी को अंतिम रूप दिया जा सकता है, ताकि जर्जर स्कूलों की स्थिति का आकलन कर सुधार के ठोस उपाय सुझाए जा सकें।

हाईवे बना आग का दरिया: तेल टैंकर हादसे के बाद 200 मीटर तक फैली लपटें, एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत

जालौर जालौर जिले के सांचौर क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर एक बड़ा हादसा सामने आया, जब तेल से भरा टैंकर पलटने के बाद उसमें भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि हाईवे पर करीब 200 मीटर तक लपटें फैल गईं। इस घटना में टैंकर में सवार एक व्यक्ति की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, टैंकर बाड़मेर से सांचौर की ओर जा रहा था। यह हादसा जैसलमेर-जामनगर मार्ग पर सिंवाड़ा ओवरब्रिज के पास हुआ, जहां टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर के पलटते ही उसमें भरा ज्वलनशील पदार्थ सड़क पर फैल गया और कुछ ही क्षणों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।   प्रशासन और राहत कार्य हादसे के बाद हाईवे पर अफरातफरी मच गई और सुरक्षा के लिहाज से एक तरफ का यातायात तुरंत बंद कर दिया गया। सूचना मिलते ही सांचौर उपखंड अधिकारी प्रमोद कुमार और सिंवाड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। सांचौर से दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए।   टैंकर और जांच की स्थिति बताया जा रहा है कि यह टैंकर भारत पेट्रोलियम का था और यह पूरी तरह आग की चपेट में आ गया। चितलवाना थानाधिकारी भंवरलाल गुड़ियासर के अनुसार फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टैंकर में कौनसा ज्वलनशील पदार्थ भरा हुआ था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

Highway Construction Ban: राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, 75 मीटर तक बिल्डिंग पर रोक से निवेशकों को झटका

दौसा. सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और हाईवे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नई गाइडलाइन के तहत नेशनल और स्टेट हाइवे की सेंटर लाइन से दोनों ओर 75-75 मीटर तक किसी भी प्रकार का आवासीय या व्यावसायिक निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सरकार के इस फैसले का सीधा असर हाइवे किनारे हो रहे निर्माण और प्रॉपर्टी निवेश पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमों की अनदेखी कर खरीदे गए प्लॉट भविष्य में बेकार साबित हो सकते हैं, क्योंकि ऐसे भूखंडों पर निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी। निवेशकों की पूंजी फंसने की आशंका दौसा जिले से गुजर रहे मनोहरपुर-कौथून हाइवे और जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य मार्गों के किनारे पहले से होटल, ढाबे और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने निवेश के उद्देश्य से प्लॉट भी खरीद रखे हैं। गाइडलाइन सख्ती से लागू होने पर इन निवेशकों की पूंजी फंसने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण सड़कों पर भी सरकार ने दिखाई सख्ती ग्रामीण सड़कों पर भी सरकार ने सख्ती दिखाई है। नई व्यवस्था के अनुसार ग्रामीण मार्गों की सेंटर लाइन से करीब 15.5 मीटर तक निर्माण नहीं किया जा सकेगा। गांवों में सड़क किनारे अनियोजित निर्माण के कारण भविष्य में चौड़ाईकरण के दौरान अतिक्रमण हटाने में दिक्कत आती है। अब सड़क के दोनों ओर पर्याप्त खाली स्थान सुरक्षित रहने से यातायात सुगम होगा और विकास कार्यों में बाधा नहीं आएगी। मास्टर प्लान के अनुसार होगा हाईवे किनारे निर्माण शहरी क्षेत्रों में हाईवे किनारे निर्माण मास्टर प्लान के अनुसार ही होगा। इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि कितनी दूरी छोड़कर निर्माण किया जा सकता है और कहां पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। कई मामलों में प्रॉपर्टी डीलर पूरी जानकारी नहीं देते, जिससे खरीदार बाद में अनुमति के लिए भटकते हैं। नई गाइडलाइन ऐसे मामलों में पारदर्शिता लाने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है। नियमों की अवहेलना कर बनाए गए निर्माण अवैध सरकार ने साफ किया है कि नियमों की अवहेलना कर बनाए गए निर्माण को अवैध माना जाएगा और इन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जा सकेगी। अनियोजित निर्माण के कारण अक्सर यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। नई व्यवस्था लागू होने से सड़क सुरक्षा बेहतर होने के साथ ही भविष्य में चौड़ाईकरण और अन्य विकास कार्य बिना बाधा पूरे किए जा सकेंगे।

RBSE 10th Result जारी होने वाला है, तुरंत चेक करें सबसे तेज अपडेट यहां

जयपुर राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट बहुत जल्द आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी कर दिया जाएगा। इस बार बोर्ड सेकेंडरी यानी 10वीं का रिजल्ट मार्च माह में ही जारी कर इतिहास रचने की तैयारी में है। बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा है कि राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम 20 मार्च तक घोषित करने की तैयारी है। आंसरशीट चेक करने का काम अपने अंतिम चरण में हैं। जल्द ही रिजल्ट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अवकाश के दिन भी कॉपियां चेक की जा रही हैं। राजस्थान बोर्ड ने 10वीं की परीक्षाएं फरवरी माह से ही शुरू करवा दी थीं। इतिहास में कभी भी इतनी जल्दी राजस्थान बोर्ड ने परिणाम जारी नहीं किया। दरअसल इस बार राजस्थान सरकार 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करना चाहती है और अगले साल से 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित होगी। पहली परीक्षा फरवरी और दूसरी परीक्षा मई में होगी। बच्चों की पढ़ाई समय से शुरू हो सके, इसके लिए राजस्थान बोर्ड मार्च माह में ही 10वीं का परिणाम जारी करने की तैयारी में है। ऐसे में कुछ दिनों में 10 लाख स्टूडेंट्स का परिणाम का इंतजार खत्म होने वाला है। बोर्ड सचिव ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुसार परिणाम जल्द जारी करने की तैयारी की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई की योजना बनाने में समय मिल सके। आरबीएसई 10वीं परीक्षा के लिए 1068078 स्टूडेंट्स परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। 12वीं में 909087, प्रवेशिका परीक्षा में 7811 और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 4122 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। वर्तमान में लगभग 30 हजार 915 शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे हुए हैं। बोर्ड का प्रयास है कि सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर 20 मार्च तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाए। आरबीएसई 10वीं रिजल्ट 2026 यहां कर सकेंगे चेक, Direct Link RBSE Rajasthan Board 10th Result 2026 FAQs : राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट पर अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न RBSE 10th Result 2026: वेबसाइट पर कैसे चेक करे राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम – सबसे पहले rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं। – Secondary Exam Result 2026 के लिंक पर क्लिक करें। – रिजल्ट पेज खुलने पर अपना रोल नंबर डालें। सब्मिट करें। – आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा। इसका प्रिंट आउट लेना न भूलें। RBSE 10th Result 2026 – SMS से कैसे चेक करें राजस्थान बोर्ड 10वीं के स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट बोर्ड की वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in के अलावा लाइव हिन्दुस्तान www.livehindustan.com पर भी चेक कर सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि रिजल्ट जारी होते ही आपके मोबाइल पर SMS आए तो इसके लिए आप www.livehindustan.com/career/results/rajasthan-board-10th-result पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाएं। जानें कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन स्टेप 1- www.livehindustan.com/career/results/rajasthan-board-10th-result पर जाएं। स्टेप 2 – अपना रोल नंबर, ईमेल, फोन नंबर आदि डिटेल्स भरें। सब्मिट करें। स्टेप 3- रिजल्ट आते ही आपके मोबाइल पर रिजल्ट का SMS आएगा। स्टेप 4 – SMS में दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप अपना परिणाम चेक कर सकेंगे। सबसे पहले राजस्थान बोर्ड 10वीं Live Hindustan पर देख सकेंगे, जानें कैसे RBSE 10th Result 2026 कब आएगा? राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 20 मार्च तक जारी होने की उम्मीद है। RBSE 10th Result 2026 कहां देखें? राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट rajeduboard.rajasthan.gov.in और https://www.livehindustan.com/career/results/rajasthan-board-10th-result पर चेक किया जा सकेगा। RBSE 10th Result देखने के लिए क्या चाहिए? राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट रोल नंबर डालकर चेक कर सकेंगे। विद्यार्थियों का रोल नंबर उनके एडमिट कार्ड में दिया गया होगा। राजस्थान बोर्ड 10वीं में पास होने के लिए कितने मार्क्स चाहिए? राजस्थान बोर्ड 10वीं 12वीं की परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स को पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33 फीसदी अंक हासिल करने होते हैं। एग्रीगेट मार्क्स भी कम से कम 33 प्रतिशत होने चाहिए। राजस्थान बोर्ड परीक्षा में 1 या 2 विषयों में 33 से कम अंक आने पर स्टूडेंट्स को सप्लीमेंट्री परीक्षा देने का मौका मिलेगा।

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बारिश-ओलों की मार

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से रविवार को कई जिलों में मौसम बदला और हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। अलवर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में करीब 3 डिग्री तक गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। प्रदेश के कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी देखने को मिली। अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित टपूकड़ा में रविवार सुबह करीब 10 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे। वहीं हनुमानगढ़ के संगरिया में भी ओलावृष्टि हुई। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला। हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान 14 मार्च के मुकाबले 3.7 डिग्री गिरकर 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहा। इसके अलावा चूरू में 34.4, बीकानेर में 34.6, जैसलमेर में 35.2, सीकर में 33, अलवर में 31.4, करौली में 33, फतेहपुर (सीकर) में 34, नागौर में 33.5 और झुंझुनूं में 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। रविवार को सबसे अधिक तापमान चित्तौड़गढ़ में 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। जयपुर में मौसम साफ रहा और दिनभर तेज धूप रही। हल्की हवा चलने के बावजूद अधिकतम तापमान बढ़कर 35.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जयपुर के पास दौसा में 35.5, वनस्थली (टोंक) में 36.3 और अजमेर में 34.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 16 से 17 मार्च तक राज्य में मौसम साफ रहेगा और धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 18 मार्च की शाम से एक बार फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार 18 मार्च से प्रदेश में एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, जिसका असर 18 से 21 मार्च के बीच राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के रूप में देखने को मिल सकता है। 18 मार्च को 12 जिलों के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है।