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बीजेपी विधायक का तंज- राजस्थान में 200 जिले बना देते गहलोत

जयपुर. राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के आखिरी दिन जमकर हंगामा ​हुआ। केकड़ी से बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने गुरुवार को पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर तीखे तंज कसे। उन्होंने कहा कि गहलोत ने जाते-जाते बिना सोचे समझे राजस्थान में नए जिले बना दिए। गहलोत को अगर कोई यह गारंटी दे देता कि सरकार रिपीट हो जाएगी, तो वे 200 जिले बना देते। राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हर क्षेत्र में बंटाधार किया। शिक्षा को नाथी का बाड़ा किसने बनाया? गहलोत ने जाते-जाते जिले बना दिए, उन्हें अगर जिले ही बनाने थे साल 2019 में बनाते। लेकिन, जब लगा कि हमारे नेता नहीं जीतेंगे तो व​हां-वहां बिना सोचे समझो जिले बना दिए। उन्होंने कहा कि गहलोत राज में केकड़ी, मालपुरा, शाहपुरा, दूदू को जिला बना दिया। लेकिन, क्या हुआ जीत पाए? गहलोत को अगर कोई यह गारंटी दे देता कि सरकार रिपीट हो जाएगी ते वे 200 जिले बना देते। दूदू को नया प्रदेश ही बना देते। जयपुर की खराब ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर हमला बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट के बाद भी खराब ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुंबई पुलिस से ज्यादा ताकतवर जयपुर में कमिश्नरेट बनाया। विधानसभा में इसलिए हुआ हंगामा इस पर कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने टोकते हुए कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार के समय गुलाबचंद कटारिया गृह मंत्री थे, उनकी सिफारिश से ही जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट बना था। बीच में टोकने पर संसदीय कार्यमंत्री ने आपत्ति जताई तो सदन में हंगामा शुरू हो गया।

राजस्थान में खेत-तबेलों और फार्महाउसों में बन रही MD ड्रग्स

जयपुर. राजस्थान में एमडी ड्रग्स का अवैध कारोबार खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। पुलिस कार्रवाई में तीन महीनों के दौरान हर छठे दिन एक ड्रग्स फैक्टरी का खुलासा हो रहा है। बाड़मेर, जोधपुर, झुंझुनूं, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और झालावाड़ जैसे जिलों में खेतों, तबेलों, फार्महाउसों और झोपड़ियों में एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं। इन ठिकानों से करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग्स, केमिकल और उपकरण जब्त किए गए। हालांकि, लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बावजूद कई बड़े सरगना अब भी फरार हैं। राजस्थान में नशे के बढ़ते नेटवर्क को लेकर विधानसभा और संसद में भी चिंता जताई गई है। लगातार कार्रवाई 7 दिसंबर 2025: जोधपुर जिले के सोइंतरा गांव में खेत पर चल रही एमडी लैब पकड़ी गई। बड़ी मात्रा में केमिकल जब्त हुए और छह आरोपी गिरफ्तार किए गए। 15 दिसंबर 2025: झुंझुनूं के नांद का बास गांव में खेतों के बीच बने मुर्गी फार्म से एमडी ड्रग्स की बड़ी फैक्टरी सामने आई। 10 किलो एमडी और करीब 100 करोड़ की सामग्री जब्त की गई। एक गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क की आगे जांच नहीं हो सकी। 19 दिसंबर 2025: बाड़मेर के आदर्श चवा स्थित करेली नाड़ी में खेत से 40 किलो तैयार एमडी ड्रग्स बरामद हुई। साथ ही करीब 50 करोड़ रुपए के उपकरण और केमिकल जब्त किए गए। दो गिरफ्तार। 29 दिसंबर 2025: प्रतापगढ़ के हतुनिया क्षेत्र के जंगल में झोपड़ी में एमडी फैक्टरी का सेटअप मिला। मौके से 28.54 ग्राम एमडी बरामद हुई। एक आरोपी पकड़ा गया, जबकि सरगना अब तक फरार है। जनवरी 2026 में तेज हुई कार्रवाई 13 जनवरी, 2026: डीडवाना-कुचामन जिले में कोटपूतली-कुचामन स्टेट हाईवे पर ट्रक में मुर्गी दाने के बीच छिपाकर ले जाई जा रही 270 किलो एमडीएमए (कीमत करीब 81 करोड़) जब्त की गई। छह गिरफ्तार। 14 जनवरी 2026: चित्तौड़गढ़ के सुरजना गांव में बाड़ेनुमा मकान से ड्रग्स बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई। 107 ग्राम एमडी, 5.8 किलो नशीला पदार्थ, 200 किलो केमिकल और उपकरण जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 17 जनवरी, 2026: झालावाड़ के भवानीमंडी क्षेत्र के आमलियाखेड़ा गांव में तबेले की आड़ में चल रही एमडी फैक्टरी पकड़ी गई। दो किलो एमडी, 130 लीटर केमिकल (कीमत करीब 25 करोड़) मिले। तीन आरोपी फरार, पुलिस ने फैक्टरी ध्वस्त कर दी। 28 जनवरी, 2026: झालावाड़ के घाटाखेड़ी में एक मकान से दो किलो एमडी, एक किलो स्मैक और 15 किलो प्रतिबंधित केमिकल जब्त किए गए। दो आरोपी गिरफ्तार। 30 जनवरी, 2026: जोधपुर के सोयला गांव स्थित फार्महाउस पर एमडी लैब पकड़ी गई। 200 किलो एमडी बनाने का केमिकल और उपकरण बरामद हुए। तीन आरोपी अब तक फरार। 2 फरवरी, 2026: प्रतापगढ़ में किराणा दुकान की आड़ में चल रही एमडी फैक्टरी पकड़ी गई। 106 ग्राम एमडी, करीब 115 किलो केमिकल और पूरा सेटअप मिला। आरोपी फरार है, अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया।

अलवर में बन रहा नीचे बना अंडरपास वाला पहला फोरलेन ओवरब्रिज

अलवर. राजस्थान के अलवर जिले में मेवात नगर डबल फाटक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज का स्वरूप दिखने लगा है। यहां पिलर्स के निर्माण के बाद कास्टिंग का काम शुरू हो गया है। यह अलवर शहर का पहला फोरलेन पुल होगा, जिसके नीचे अंडरपास भी बनाया जा रहा है, जिससे छोटे वाहनों को सहूलियत मिलेगी। इसके निर्माण पर 62 लाख की लागत आएगी। 2 साल से चल रहा ओवरब्रिज का काम बता दें कि अलवर शहर में हसन खां मेवात नगर डबल फाटक पर पिछले दो साल से ओवरब्रिज बनने का काम चल रहा है। पुल बनाने के काम पीडब्ल्यूडी की देखरेख में हो रहा है। माना जा रहा है कि इस वर्ष शहरवासियों का ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू हो जाएगा। लाखों लोगों को मिलेगी राहत इस फाटक से हर दिन 15 हजार से ज्यादा वाहन निकलते हैं। भिवाड़ी मार्ग से शहर आने वाले वाहन चालकों के साथ—साथ फाटक के नजदीकी क्षेत्रों के लोग भी यहीं से निकलते है। यहां से हर दिन 30 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं। ऐसे में यहां अक्सर जाम के हालात बन जाते हैं। लेकिन, फोरलेन ओवरब्रिज बनने के बाद लाखों लोगों को राहत मिलेगी। फोरलेन ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास भी बनेगा फोरलेन ओवरब्रिज के नीचे से अंडरपास भी बनेगा। अलवर का यह पहला पुल होगा, जिसके नीचे अंडरपास भी होगा। छोटे वाहनों के लिए अंडरपास की सुविधा होगी और बड़े वाहनों के लिए पुल रहेगा।

संतों की तबीयत बिगड़ने पर अनशन खत्म करवाने बीकानेर पहुंचे मंत्री केके बिश्नोई

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन का असर अब होने लगा है। अनशन कर रहे संतों और कुछ अन्य लोगों की तबीयत खराब होने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया है। सीएम भजनलाल के निर्देश पर गुरुवार को मंत्री केके बिश्नोई को बीकानेर भेजा गया, जहां वे अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता कर रहे हैं। मंत्री केके बिश्नोई के साथ विधायक पब्बा राम बिश्नोई, जसवंत बिश्नोई और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी बिश्नोई भी मौजूद रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने अनशन कर रहे संतों और समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों की जानकारी ली और समाधान का भरोसा दिलाया। मंत्री के सामने अनशनकारी मुखराम हुए अचेत अनशनस्थल पर गोरधन महाराज सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर मंत्री के.के. बिश्नोई और जसवंत सिंह बिश्नोई भी मौजूद थे। इसी दौरान अनशनकारी मुखराम धरणीया अचानक अचेत हो गए। इसके अलावा एक महिला भी बेहोश हो गई। दोनों को तुरंत मंच के पीछे बने अस्थायी अस्पताल ले जाया गया। बुधवार को भी अनशनकारी संत लालदास और मांगीलाल की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लिखित आश्वासन नहीं मिलने तक जारी रहेगा अनशन पर्यावरण संघर्ष समिति के नेता परसराम बिश्नोई, रामगोपाल बिश्नोई और सुभाष बिश्नोई ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। चौथे दिन भी महापड़ाव जारी बता दें कि खेजड़ी संरक्षण और ट्री प्रोटेक्शन कानून बनाने की मांग को लेकर बीकानेर कलक्ट्रेट के सामने चल रहा महापड़ाव गुरुवार को चौथे दिन भी जारी है। महापड़ाव में 29 संतों, 60 महिलाओं सहित कुल 458 पर्यावरण प्रेमी अन्न-जल त्याग कर अनशन पर बैठे हैं।

विख्यात कवि शैलेष लोढ़ा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया

विख्यात कवि शैलेष लोढ़ा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया जयपुर में शैलेष लोढ़ा सम्मानित जयपुर विख्यात कवि शैलेष लोढ़ा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया। उन्हें यह उपाधि हिंदी साहित्य, परफॉर्मिंग आर्ट्स और कल्चरल टॉक में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान की गई। गौरतलब है कि अपनी कविता, थिएटर और पॉपुलर मीडिया में मौजूदगी के जरिए उन्होंने साहित्य को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

खैरथल-तिजारा में 25 वार्ड सदस्य चुनेंगे जिला परिषद प्रमुख

खैरथल. नवगठित खैरथल-तिजारा जिले में जिला परिषद के वार्डों का गठन पूर्ण हो जाने के साथ ही जिले के प्रशासनिक और लोकतांत्रिक ढांचे को स्पष्ट आकार मिल गया है। अलवर जिले से पृथक होकर बने इस नए जिले में पहली बार अपना जिला प्रमुख चुना जाएगा, जो जिले के विकास की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। जिला कलक्टर खैरथल-तिजारा की ओर से वार्ड निर्धारण के बाद प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण करते हुए जिला परिषद वार्डों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। इसके तहत खैरथल-तिजारा जिले में कुल 25 जिला परिषद वार्ड गठित किए गए हैं। इन वार्डों से निर्वाचित जिला परिषद सदस्य आपसी मतदान के जरिए जिले के पहले जिला प्रमुख का चुनाव करेंगे। अलग जिला परिषद के गठन से अब ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और विकास आवश्यकताओं पर स्थानीय स्तर पर त्वरित निर्णय संभव हो सकेंगे। प्रशासनिक विकेंद्रीकरण के चलते सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आने की उम्मीद है। पहली बार चुना जाएगा जिला प्रमुख खैरथल-तिजारा जिले के गठन के बाद यह ऐतिहासिक अवसर होगा, जब जिले का अपना जिला प्रमुख चुना जाएगा। इससे न केवल प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया मजबूत होगी, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सीधी भागीदारी से विकास योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतर सकेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, जिले के औद्योगिक क्षेत्रों टपूकड़ा, भिवाड़ी बेल्ट से जुड़े क्षेत्रों को भी जिला परिषद के सशक्त होने से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। पांच उपखंडों पर आधारित प्रशासनिक ढांचा नवगठित जिले में प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए पांच उपखंड बनाए गए हैं, जिनमें किशनगढ़बास, तिजारा, टपूकड़ा, मुण्डावर और कोटकासिम शामिल हैं। जिले में 7 तहसील खैरथल, किशनगढ़बास, तिजारा, टपूकड़ा, मुण्डावर, हरसौली और कोटकासिम कार्यरत होंगी। यह ढांचा प्रशासनिक पहुंच को गांव-गांव तक सुदृढ़ करेगा। फैक्ट फाइल:- 5 उपखंड 7 तहसीलें 6 पंचायत समितियां 180 ग्राम पंचायतें 25 जिला परिषद वार्ड

भरे सदन BJP MLA को फिर ‘अमर्यादित’ बोल गए शांति धारीवाल

जयपुर. राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गया, जब कोटा उत्तर से विधायक शांति धारीवाल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद के दौरान शिष्टाचार की सीमा लांघ दी। सदन की कार्यवाही के दौरान धारीवाल ने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को लेकर एक आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया, जिसे लेकर सत्तापक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। "आधी बात समझ आती है, आधी नहीं…" विधानसभा में जब राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस चल रही थी, तब आसन पर सभापति संदीप शर्मा मौजूद थे। इसी दौरान शांति धारीवाल और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अपनी बात रखते हुए धारीवाल अचानक संयम खो बैठे और जोगेश्वर गर्ग को संबोधित करते हुए बोले— "आपकी बात आधी तो समझ में आती है यार और आधी नहीं… (अमर्यादित शब्द)!" जोगेश्वर गर्ग ने जताई आपत्ति धारीवाल की जुबान से अपशब्द निकलते ही सत्तापक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई। मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने तुरंत खड़े होकर इस पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने तंज कसते हुए सभापति से कहा, "इनकी जुबान से तो 'फूल' झड़ रहे थे, उस अमर्यादित शब्द को सदन की कार्यवाही से तुरंत हटाया जाए।" इस घटना के बाद सदन में काफी देर तक शोर-शराबा होता रहा और विपक्षी खेमे को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा। 'मर्दों का प्रदेश' से 'अमर्यादित शब्द' तक: विवादों का पुराना नाता सदन में इस ताज़ा वाक्ये के बाद शांति धारीवाल के पुराने विवादित बयानों की चर्चा फिर से छिड़ गई है। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने बलात्कार जैसे संवेदनशील विषय पर जवाब देते हुए कहा था कि "राजस्थान मर्दों का प्रदेश है", जिस पर भारी बवाल हुआ था। एक बार फिर उनकी भाषा शैली ने सदन की गरिमा पर सवालिया निशान लगा दिया है। मदन दिलावर और स्किल सेंटर पर 'चौतरफा' हमला विवादित टिप्पणी के बावजूद धारीवाल ने भाजपा सरकार और विशेषकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर तीखे हमले जारी रखे। उन्होंने शिक्षा मंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। धारीवाल ने दिलावर के 'डीलक्स स्कूल भवनों' के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। वहीं महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का नाम बदलने पर कहा कि "उस महात्मा का नाम दुनिया के दिल से नहीं निकाल सकते।" धारीवाल ने CAG की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं को रेवड़ियों की तरह स्किल सेंटर बांट दिए और भारी घोटाला किया। कांग्रेस के 'कफन' वाली सहायता पर गरमाई बहस शांति धारीवाल ने कांग्रेस सरकार की योजनाओं का गुणगान करते हुए भाजपा सरकार की घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में संवेदनशीलता इस कदर थी कि अस्पताल में मरीज की मौत होने पर सरकार ढाई हजार रुपये की सहायता और कफन तक की व्यवस्था करती थी। उनके इस बयान पर सत्तापक्ष ने पलटवार करते हुए इसे केवल लोकलुभावन और धरातल से दूर बताया।

खाटूश्याम लक्खी मेले में 21 से 28 फरवरी तक 6000 जवान संभालेंगे जिम्मा

सीकर. खाटू श्यामजी मेला में करीब 6000 से अधिक जवान और पुलि अधिकारी तैनात किए जाएंगे। सीकर पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि अन्य जिलाें से चार हजार से अधिक जवान और पुलिस अधिकारी आएंगे। खाटूश्यामजी मेला 21 से 28 फरवरी तक चलेगा, ऐसे में सभी तैयारियां की जा रही है। सीकर जिले के सभी 28 थानों से कुछ जवान और पुलिस लाइन के जाब्ते को भी खाटूश्यामजी मेला ड्यूटी में नियुक्त किया जाएगा। एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि होमगार्ड के एक हजार जवान तैनात किए जांएगे। वहीं श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से 1500 से अधिक सिक्याेरिटी गार्ड नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हाल ही मेला परिसर लखदातार ग्राउंड, सहित अन्य जिगजैग के पास से एक इमरजेंसी रास्ता भी रखा जाएगा, जहां से किसी घायल व बीमार श्रद्धालु को हॉस्पिटल तक लेकर जाया जा सके। सभी जिगजैग के पास भी तीन पारियों में जवानों की अलग-अलग टीमें तैनात की जाएंगी। उन्होंने बताया कि यातायात कर्मियों को ऐसी जगह तैनात किया जाएगा जहां पर अधिक जाम लगने की संभावना रहती है। खाटूश्यामजी थानाधिकारी पवन कुमार चौबे ने बताया कि 21 फरवरी को शनिवार व 22 को रविवार के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 20 से ही पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से खाटूनगरी में हर सड़क व गली में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से मेला परिसर में 450 से अधिक सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। रींगस से लेकर खाटूश्यामजी आर मंढ़ा मोड़ से लेकर खाटू रोड तक जगह-जगह जवान तैनात किए जाएंगे।

3645 करोड़ से 4 जिलों के 2497 गांव-ढाणियों की बुझेगी प्यास

जयपुर. मेवाड़ और वागड़ के सीमावर्ती जिलों में गहराते जल संकट को खत्म करने के लिए सरकार ने 'जाखम बांध पेयजल परियोजना' को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जरिए चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिलों के करीब 800 गांव 622 ढाणी में पाइप लाइन से पीने का शुद्ध पानी पहुंचाया जाएगा। इसके प्रथम चरण में 1692.30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसकी टेक्निकल बिड जल्द खोली जाएगी। दूसरे चरण में उदयपुर और राजसमंद के गांव-ढाणी में पानी पहुंचाया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 3645.56 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जल जीवन मिशन के तहत होंगे काम जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना के तहत पानी पहुंचाया जाएगा। पेयजल किल्लत से जूझते चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, उदयपुर और राजसमंद जिले के गांव-ढाणियों तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 3 वर्ष पहले जाखम बांध पेयजल परियोजना की घोषणा की थी। उक्त योजना को अब धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। योजना के प्रथम चरण में चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिले के करीब 800 गांवों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इसकी टेक्निकल बिड को 16 फरवरी को खोली जाएगी। इसकी जांच में सब कुछ सही पाए जाने पर सरकार के पास फाइनेंशल स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने पर ही संबंधित फर्म को टेण्डर दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के जल्द ही धरातल पर उतरने की उम्मीद जगी है। उल्लेखनीय है कि उक्त प्रोजेक्ट की करीब तीन साल पहले घोषणा की गई थी। इसके बाद इसकी डीपीआर तैयार कराई गई है। अब टेण्डर प्रक्रिया चल रही है। दूसरे चरण में 1953.26 करोड़ होंगे खर्च जाखम बांध पेयजल परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। दूसरे चरण में राजसमंद और उदयपुर जिले के 1697 गांव और ढाणी में पानी पहुंचाने की योजना है। इसमें राजसमंद जिले के 790 गांव-ढाणी और उदयपुर जिले के 907 गांव-ढाणी को शामिल किया गया है। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 1692.30 करोड़ एवं दूसरे चरण में 1953.26 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह होगा प्रोजेक्ट का फायदा – घरों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी – लगातार गहराते पेयजल संकट का स्थायी समाधान होगा – गांव-ढाणी तक पानी पहुंचने से श्रम और समय की बचत होगी – इसके निर्माण कार्य आदि होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे यह ब्लॉक अतिदोहित की श्रेणी में चित्तौड़गढ़ जिले का अधिकांश भाग भू-जल उपयोग के मामले में अतिदोहित श्रेणी में है। इसमें भैंसरोडगढ़, गंगरार, बेगूं, डूंगला, बड़ी सादड़ी, भदेसर, चित्तौड़गढ़, राशमी भोपालसागर, कपासन और निम्बाहेड़ा ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में है। इन ब्लॉक का भूमिगत जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जो कि चिंता का विषय है। जाखम प्रोजेक्ट की जल्द खुलेगी टेक्निकल बिड जाखम बांध पेयजल परियोजना के प्रथम चरण में चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिला शामिल है। इसके लिए टेण्डर आमंत्रित किए गए हैं, इसकी टेक्निकल बिड 16 फरवरी को खोली जाएगी। इसके बाद ही कुछ बता पाएंगे। – सुनीत कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता जनस्वास्थ्य अभियांत्री विभाग चित्तौड़गढ़

ब्रिटिश कपल ने चिपकाया फिलिस्तीन समर्थक स्टिकर, एजेंसियों की सतर्कता के बाद देश निकाला

अजमेर राजस्थान के अजमेर में सार्वजनिक स्थलों पर इजरायल के खिलाफ और फिलिस्तीन के समर्थन में स्टिकर चिपकाने के मामले में एक ब्रिटिश दंपति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारतीय अधिकारियों ने उन्हें देश छोड़ने के निर्देश दिए हैं। खुफिया एजेंसियों ने इसे गंभीर मामला मानते हुए जिला पुलिस को सतर्क किया, जिसके बाद दोनों विदेशी नागरिकों से पूछताछ की गई। जानकारी के अनुसार, लुईस गैब्रियल डी. अपनी गर्लफ्रेंड अनुशी एम्मा क्रिस्टीन के साथ पर्यटक वीजा पर भारत आए थे और वे पुष्कर में ठहरे हुए थे। 21 जनवरी को खुफिया विभाग को सूचना मिली कि यह दंपति अजमेर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर राजनीतिक प्रकृति के स्टिकर चिपका रहा है। इसके बाद खुफिया विभाग ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचनाओं की समीक्षा कर दोनों की पहचान की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस को शामिल किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सीआईडी) राजेश मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने दोनों संदिग्धों से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने पर्यटक वीजा की शर्तों का उल्लंघन करते हुए राजनीतिक गतिविधियों में भाग लिया, जो वीजा नियमों के तहत प्रतिबंधित है। पुलिस की मदद से सार्वजनिक स्थानों से सभी स्टिकर हटा दिए गए। इसके बाद आव्रजन और विदेशियों से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए और उन्हें 'लीव इंडिया नोटिस' जारी किया गया, जिसमें देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया जा सकता है, उनके खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है, जिससे भविष्य में भारत में प्रवेश पर रोक लग सकती है। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि पर्यटक वीज़ा पर भारत आए किसी भी विदेशी को राजनीतिक, विरोध प्रदर्शन या वैचारिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है।