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औद्योगिक कचरे से जोजरी नदी प्रदूषित: सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराज़गी

जयपुर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान की जोजरी नदी में औद्योगिक कचरे के गिराए जाने के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यह न्यायालय जोजरी नदी के मामले में स्वतः संज्ञान ले रहा है, जहां कपड़े और टाइल फैक्ट्रियों से निकलने वाला भारी मात्रा में औद्योगिक कचरा नदी में गिराया जा रहा है, जिससे सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं और इंसानों व जानवरों के लिए पीने का पानी अनुपयोगी हो गया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने इसे लेकर कहा कि वस्त्र और अन्य कारखानों से निकलने वाला औद्योगिक कचरा नदी में गिर रहा है, जिससे सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। पीठ ने बताया कि इस हानिकारक कचरे के कारण वहां का पीने का पानी न केवल इंसानों के लिए बल्कि जानवरों के लिए भी पीने लायक नहीं है। अदालत ने कहा कि यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य और अन्य पारिस्थितिकी तंत्र पर भी गंभीर असर डाल रही है। पीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले को आगे की कार्रवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए। गौरतलब है कि जोजरी एक मौसमी नदी है जो कि नागौर के पास पंडालू से निकलकर जोधपुर से होते हुए लूणी नदी में मिलती है। बीते कई साल से जोधपुर, बालोतरा, जालौर और पाली जिलों में स्थित टैक्सटाइल कंपनियों का दूषित पानी जोजरी में छोड़ा जा रहा है, जिससे इसके आसपास के 50 से ज्यादा गांव इससे प्रभावित हो रहे हैं। हाल ही में बालोतरा के डोली गांव से शुरू हुए जोजरी बचाओ आंदोलन में पहुंचे हनुमान बेनीवाल ने भी हालातों पर चिंता जताते हुए कहा था कि जोधपुर और पाली की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला जहरीला रासायनिक पानी पिछले डेढ़-दो दशकों से डोली, अराबा, कल्याणपुर समेत लगभग 60-70 गांवों में तबाही मचा रहा है। खेत बंजर हो चुके हैं, पेयजल दूषित हो गया है, लेकिन हालात जस के तस हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जोजरी नदी को लेकर आए ये आदेश जोजरी नदी बचाने के लिए संघर्षरत लोगों के लिए राहत लेकर आए हैं।

मानसून की विदाई के बीच इन जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में इस बार करीब 2 महीने तक एक्टिव रहे मानसून में औसत से काफी ज्यादा बारिश हुई। कई जिलों में अच्छी बारिश के चलते लोगों को बड़ी राहत मिली लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में यह आफत बनकर बरसी। लगातार हुई बारिश के चलते ज्यादातर तालाब और बांध भी ओवरफ्लो हो गए। हनुमानगढ़, अजमेर सहित कई जिलों में लोगों के घर तक बह गए लेकिन अब राजस्थान में मानसून की विदाई होना शुरू हो चुकी है। सीमावर्ती क्षेत्र जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर से मानसून विदाई ले चुका है। साथ ही जोधपुर और नागौर के भी कुछ हिस्सों से भी मानसून की विदाई हो चुकी है। अब आगामी दिनों में पूरे प्रदेश से मानसून विदाई लेगा। ऐसे में बारिश की गतिविधियां भी न के बराबर रहेंगी। बता दें कि प्रदेश में इस बार 10 सितंबर तक मानसून एक्टिव रहा था, जिसके चलते लगातार कई दिनों तक अलग-अलग जिलों में तेज बारिश हुई थी। 10 सितंबर के बाद मानसून पर ब्रेक सा लग गया। कुछ ही इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। हालांकि आज झालावाड़, बारां, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कल 17 सितंबर को कोटा, बारां, झालावाड़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में यहां हल्की बूंदाबांदी से लेकर सामान्य दर्जे की बारिश हो सकती है। इसके बाद प्रदेश में बारिश का कोई भी अलर्ट नहीं है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा बताते हैं कि वैसे तो राजस्थान में मानसून की विदाई 17 सितंबर के नजदीक शुरू होती है लेकिन इस बार मानसून की विदाई पहले ही होना शुरू हो चुकी है। प्रदेश में लगातार उत्तर-पश्चिमी हवाओं का दबाव बढ़ाने की वजह से मानसून की विदाई पहले हो रही है। अब आगामी दिनों में प्रदेश में मौसम साफ रहने पर दोपहर के तापमान में तो बढ़ोतरी होगी ही। इसके साथ ही यहां सुबह और रात के समय हल्की ठंडक होना भी शुरू हो जाएगी। बात करें प्रदेश के तापमान की तो अजमेर में 33.5, जयपुर में 34.8, सीकर में 35, कोटा में 34.6, उदयपुर में 32.5,जोधपुर में 34.4 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

जनगणना कार्य के चलते स्थानांतरण पर अस्थायी प्रतिबंध, राजस्थान सरकार का आदेश

जयपुर   आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। जनगणना कार्य में नियुक्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का कार्य पूर्ण होने से पहले स्थानान्तरण नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया में निरंतरता और सटीकता बनाए रखने के लिए कार्मिकों का उसी पद पर रहना अनिवार्य है। यदि बीच में तबादले होते हैं तो डेटा संग्रहण और कार्य प्रणाली पर असर पड़ सकता है। ऐसे में सभी कार्मिक अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाते हुए निर्धारित समय तक उसी स्थान पर बने रहेंगे, ताकि जनगणना का कार्य सुचारू और सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सके। राज्य स्तरीय समन्वय समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न राजस्थान में प्रस्तावित जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव सुधांश पंत की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्तरीय समन्वय समिति की पहली बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के 19 विभागों के प्रशासनिक सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने कहा कि यह बैठक आगामी फरवरी 2027 में होने वाली जनगणना की प्रारंभिक तैयारी है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में की जाएगी, जिससे तहसील और गांव स्तर का सटीक डेटा उपलब्ध होगा। यह डेटा भविष्य की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का आधार बनेगा। एक जनवरी के बाद नहीं बदलेगी प्रशासनिक सीमाएं 31 दिसम्बर 2025 तक ही प्रशासनिक सीमाओं में परिवर्तन मान्य होगा। इसके बाद 1 जनवरी 2026 से मार्च 2027 तक किसी भी प्रकार का परिवर्तन स्वीकार्य नहीं होगा। अत: विभागों को 1 दिसम्बर 2025 से पहले इस प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने इसे एक राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए सभी विभागों से समन्वयपूर्वक कार्य करने का आह्वान किया। जनगणना का पहला चरण: मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मई-जून 2026 में जनगणना का पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का किया जाएगा। गर्मी की तीव्रता को देखते हुए प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को ओआरएस और प्राथमिक दवाओं के किट उपलब्ध कराने के निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दिए गए। नए गांवों में 47 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान का गृह मंत्रालय के जनगणना निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने कहा कि ग्राम, नगर, तहसील और जिला स्तर की सीमाएं समय रहते स्थिर की जाएं। ताकि सटीकता बनी रहे। उन्होंने बताया कि भारत में बनी कुल नई तहसीलों में राजस्थान का 18 प्रतिशत और नए गांवों में 47 प्रतिशत हिस्सा है, इसलिए सीमाओं के निर्धारण का कार्य शीघ्र पूरा होना आवश्यक है। फरवरी 2027 में चलेगा जनगणना का दूसरा चरण उन्होंने यह भी बताया कि फरवरी 2027 में जनगणना का दूसरा चरण जनसंख्या गणना का शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती और कार्यरत कार्मिकों का स्थानांतरण रोकने के निर्देश दिए गए। राज्य के नोडल अधिकारी एवं प्रमुख शासन सचिव, आयोजना एवं सांख्यिकी भवानी सिंह देथा ने अवगत कराया कि अब तक सभी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी की गई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि केन्द्र सरकार की समय सारणी के अनुसार जनगणना-2027 समय पर सम्पन्न होगी और राजस्थान देश की सबसे सटीक एवं डिजिटल जनगणना में अहम योगदान देगा।

शहरी सेवा शिविर 17 सितंबर से: भवन-भूखंड से जुड़ी परेशानियों का मिलेगा समाधान

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक शहरी सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने शिविरों के लिए विशेष छूट और रियायतों का प्रावधान करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार पिछले वर्षों की बकाया लीज राशि वर्ष 2025-26 तक एकमुश्त जमा कराने पर ब्याज में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं फ्री होल्ड पट्टा हेतु 10 वर्ष तथा लीज मुक्ति हेतु 8 वर्ष की लीज राशि अग्रिम जमा करने पर 60 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। आवासीय भूखंडों के पुनर्ग्रहण शुल्क में भी राहत दी गई है 250 वर्गमीटर तक 75 प्रतिशत, 250 से 500 वर्गमीटर तक 50 प्रतिशत और 500 से 1000 वर्गमीटर तक 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी। कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में स्वीकृत ले-आउट प्लान वाले भूखंडों के पट्टों पर ब्याज में पूर्ण छूट दी जाएगी। अपंजीकृत दस्तावेजों से खरीदे गए भूखंडों में अंतिम खरीदार को पट्टा देते समय पेनल्टी पूरी तरह माफ होगी। इसके अतिरिक्त आवासीय प्रीमियम दरों में 100 वर्गमीटर तक 25 प्रतिशत और 100 से 200 वर्गमीटर तक 15 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा। भवन निर्माण स्वीकृति, भू-उपयोग परिवर्तन, ले-आउट प्लान आदि के तकनीकी परीक्षण हेतु सक्षम अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। भवन मानचित्र शुल्क में भी बड़ी राहत दी गई है, जिसके तहत 500 वर्गमीटर तक जी+1 भवन स्वीकृति पर अनुमोदन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। नगर पालिका अधिनियम की धारा 69-ए के तहत फ्री-होल्ड पट्टा शुल्क में 200 वर्गमीटर तक 50 प्रतिशत और 200 से 500 वर्गमीटर तक 40 प्रतिशत की छूट मिलेगी। खांचा भूमि आवंटन, नामांतरण, मौका निरीक्षण और आवेदनों के सरलीकरण में भी विशेष प्रावधान लागू किए गए हैं। इन शहरी सेवा शिविरों से आमजन को भूमि, भवन व लीज संबंधी प्रक्रियाओं में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

AI से शिक्षा में क्रांति! कोटा में तैयार हो रहे हाई-टेक टीचर, छात्रों की सोच को भी करेंगे ट्रैक

कोटा  भारत की कोचिंग सिटी कही जाने वाली कोटा अब शिक्षा की दुनिया में नई क्रांति की ओर बढ़ रही है. यहां स्थापित की गई एआई लैब (सीपीएस मशीन) और आरएंडडी सेंटर में ऐसे हाई-फाई 'एडवांस टीचर' तैयार हो रहे हैं, जो केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि छात्रों के दिमाग को भी पढ़ सकेंगे. इस इनोवेटिव प्रोजेक्ट पर 1000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों पर पढ़ाई का दबाव कम करना और उन्हें ज्यादा स्मार्ट, आत्मविश्वासी और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड बनाना है. अब किताबें ही नहीं, दिमाग भी पढ़ेंगे टीचर कोटा की लैब में विकसित किए जा रहे यह फ्यूचर टीचर छात्रों की ताकत और कमजोरी को तुरंत पहचानने की क्षमता रखते हैं. ये पर्सनलाइज्ड और कस्टमाइज्ड स्टडी प्लान देंगे. हर विद्यार्थी के लिए अलग-अलग स्टडी रिपोर्ट तैयार करेंगे. परफॉर्मेंस-एफर्ट मैट्रिक्स जैसे आधुनिक टूल्स का इस्तेमाल करके यह पता करेंगे कि बच्चा किस चैप्टर में मजबूत है और कहां पीछे रह गया. सिर्फ इतना ही नहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मदद से यह शिक्षक छात्रों की सोचने-समझने की क्षमता को विकसित करेंगे और उन्हें एक्स्ट्राऑर्डिनरी इंटेलिजेंट बनाने में मदद करेंगे. कैसे बदल रही है पढ़ाई की दुनिया कोटा में टीचर्स अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. प्रैक्टिस टेस्ट जनरेटर और पर्सनलाइज्ड डैशबोर्ड से छात्र की पढ़ाई का पूरा डेटा सामने आता है. वीआर/एआर सिमुलेशन के जरिए कठिन टॉपिक्स को 3D और विजुअलाइजेशन के साथ आसानी से समझाया जा रहा है. क्लास के तुरंत बाद पता चल जाता है कि बच्चे ने कितनी चीजें समझीं और किस हिस्से पर दोबारा मेहनत करनी है. छात्रों के लिए बड़ी सुविधा 1. स्मार्ट असाइनमेंट और माइक्रो टेस्ट – छात्र जैसे ही गलती करता है, तुरंत फीडबैक मिल जाता है. इससे बच्चा उसी समय अपनी कमी सुधार लेता है. 2. सीपीएस मशीन – हर स्टूडेंट की व्यक्तिगत क्षमता के आधार पर अलग-अलग प्रैक्टिस शीट और स्टडी प्लान तैयार करती है. 3. रीयल टाइम एनालिसिस – एक घंटे की क्लास खत्म होते ही शिक्षक को यह जानकारी मिल जाती है कि कितने बच्चों ने विषय को समझा और कितनों को अभी और गाइडेंस चाहिए. कभी भी डाउट क्लियर, दिन हो या रात एआई टीचर का सबसे बड़ा फायदा है कि स्टूडेंट किसी भी समय अपनी समस्या का समाधान पा सकता है. रात 2 बजे भी छात्र अपने फेवरेट टीचर के एआई अवतार से सवाल पूछ सकता है. डेढ़ घंटे की क्लास को 15 मिनट की शॉर्ट क्लिप में बदलकर आसानी से रिवीजन किया जा सकता है. लगातार ट्रैकिंग से यह देखा जा सकता है कि बच्चा कितने मिनट में एक सवाल हल करता है और कहां अटक जाता है. संस्थान की ओर से दावा मोशन कोचिंग संस्थान के कंटेंट हेड जयंत चित्तौड़ा का कहना है- "अब बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उनकी सोच और समझ को पढ़ने का भी काम एआई टीचर कर रहे हैं. ये बच्चों की कमजोरियों को तुरंत डिटेक्ट कर उन्हें बार-बार ट्रेंड करते हैं, जब तक कि वे कमजोरी पूरी तरह खत्म न हो जाए. इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उनकी परफॉर्मेंस लगातार सुधार रही है." आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पढ़ाई को और ज्यादा प्रभावी, सटीक और व्यक्तिगत बना दिया है और यही वजह हे कि इससे स्टूडेंट का सिलेक्शन रेशों बढ़ा हे स्टूडेंट की रैंक इंप्रूवमेंट हुई हे आने वाले समय में जो ओर बदलाव होंगे तो ओर बेहतरी की उम्मीद लगाई जा सकती हे . परिणाम और भविष्य कोटा की इस पहल ने छात्रों के सिलेक्शन रेशो को बढ़ाया है और उनकी ऑल इंडिया रैंक में भी सुधार लाया है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में शिक्षा जगत में और भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पढ़ाई को अधिक सटीक, व्यक्तिगत और प्रभावी बना दिया है. यह सिर्फ भविष्य की कहानी नहीं है, बल्कि कोटा में यह हकीकत बन चुकी है. आने वाले सालों में यह मॉडल न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे भारत में शिक्षा की दिशा बदल सकता है.    

आज से कांग्रेस का अभियान, ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जनता के बीच संदेश पहुंचाएगी

जयपुर राजस्थान में  राजनीतिक तापमान लगातार चढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा पर वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए "वोट चोर-गद्दी छोड़" नाम से हस्ताक्षर अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। यह अभियान 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 2025 तक राज्यभर में चलाया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर पीसीसी में कांग्रेस पदाधिकारियों की एक बैठक भी हो चुकी है। इसमें जिले भर से कांग्रेस पदाधिकारियों को बुलाया गया था। बैठक में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी, सहप्रभारी चिरंजी राव, रित्विक मकवाना और पूनम पासवान समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया-  15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक विभिन्न चरणों में प्रदेशभर में कांग्रेस द्वारा भाजपा की वोट चोरी के विरूद्ध हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा। पहले चरण में जिला स्तर पर बैठकें अभियान के प्रथम चरण में दिनांक 15 सितम्बर से 17 सितम्बर तक सभी जिला कांग्रेस कमेटियों की बैठक आयोजित होगी जिसमें जिला प्रभारी, अभियान प्रभारी, जिला पदाधिकारी को उक्त जिले में निवासरत जनप्रतिनिधिण शामिल रहेंगे और वोट चोर-गद्दी छोड़ हस्ताक्षर अभियान की तैयारियां करेंगे। दूसरा चरण: घर-घर जाएगी कांग्रेस इसके पश्चात् ब्लॉक, मण्डल, नगर कांग्रेस स्तर तक इस अभियान के लिये पदाधिकारियों की बैठक होगी। अभियान के प्रथम चरण में पार्टी के सभी पदाधिकारियों के हस्ताक्षर अभियान के तहत लिए जाएंगे तथा अगले चरण में कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता घर-घर जाकर आमजन से ज्ञापन पर हस्ताक्षर लेकर भाजपा की वोट चोरी के विरूद्ध जनमत संग्रह करेंगे। इस अभियान के तहत् कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता घर-घर हस्ताक्षर अभियान कराते हुये भाजपा द्वारा सरकार बनाने के लिये की गई वोट चोरी के साथ ही केन्द्र एवं राज्य सरकार की विफलतायें भी उजागर करेंगे। निकाय चुनावों का मुद्दा भी गूंजेगा इस अभियान में कांग्रेस निकाय चुनावों के मुद्दे पर भी बीजेपी को घेरने का काम करेगी। डोटासरा ने बताया कि राजस्थान में निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद भी  भाजपा इन संस्थाओं के चुनाव नहीं करवा रही है और कांग्रेस सरकार के शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जिस प्रकार ठण्डे बस्ते में डाला जा रहा है इससे प्रदेशवासियों को अवगत करवाया जायेगा।

जयपुर पुलिस की कार्रवाई: कांस्टेबल परीक्षा में नकल माफिया के चाचा-भतीजा गिरफ़्तार

जयपुर राजस्थान कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2025 में इस बार नकल रोकने के लिए अपनाई गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने बड़ा असर दिखाया है। दो दिन चली इस परीक्षा के दौरान प्रदेशभर में 13 डमी अभ्यर्थी पकड़े गए, जो असली उम्मीदवारों की जगह परीक्षा दे रहे थे। ये सभी मामले AI आधारित बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली से सामने आए। जयपुर का मुरलीपुरा सबसे चर्चित मामला शनिवार को जयपुर के मुरलीपुरा स्थित शहीद हिम्मत सिंह राजकीय स्कूल में परीक्षा देने पहुंचे धौलपुर निवासी भूपेंद्र गुर्जर को बायोमेट्रिक सिस्टम ने अलर्ट कर दिया। जांच में पता चला कि भूपेंद्र ने जून में अपने भतीजे धर्मवीर के नाम से परीक्षा दी थी। परीक्षा खत्म होते ही पुलिस ने भूपेंद्र को हिरासत में ले लिया, और बाद में धर्मवीर को भी गिरफ्तार किया गया। बायोमेट्रिक व AI फोटो मिलान से खुली पोल AI तकनीक से लैस बायोमेट्रिक स्कैनर ने न केवल अंगुलियों की पहचान की, बल्कि चेहरे के फोटो मिलान से भी सटीक जानकारी दी। सभी 13 मामलों में अभ्यर्थियों की पहचान इस तकनीक के जरिए ही हो सकी। 3 लाख 76 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल के 10,000 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 13 और 14 सितंबर, 2025 को आयोजित की गई लिखित परिक्षा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस परीक्षा के लिए कुल 5 लाख 24 हजार 740 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। जिनमें से 3 लाख 76 हजार 902 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। दोनों दिनों में करीब 72% अभ्यर्थियों ने इसमें हिस्सा लिया।   अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड बिपिन कुमार पाण्डेय ने बताया कि रविवार 14 सितम्बर को जिला पुलिस कॉन्स्टेबल, इन्टेलीजेंस, आरएसी, एमबीसी के कॉन्स्टेबल सामान्य व चालक पद के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 21 जिलों में किया गया। प्रातः 10.00 बजे से 12.00 बजे तक पहली पारी में 582 परीक्षा केंद्रों पर हुई और अपरान्ह 03.00 बजे से 05.00 तक दूसरी पारी में 21 जिलो के 580 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। इन दोनों पारियों की परीक्षाओं में तीन लाख से कुछ अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए।  उल्लेखनीय है कि विज्ञापित पदों के अनुसार कांस्टेबल सामान्य नॉन टीएसपी के 8512 पद, टीएसपी के 867, चालक नॉन टीएसपी के 503,  टीएसपी के 47 और कांस्टेबल बैण्ड के 71 पद है। विज्ञापित पदों में 3 नवसृजित आरएसी महिला बटालियन अमृता देवी, कालीबाई व पदमनी देवी के कुल 1500 पदों एवं पुलिस दूर संचार में कानिस्टेबल आईटी के 1469 पदों को सम्मिलित किया गया है। कांस्टेबल बैंड पद के अभ्यर्थियों के लिए लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं रखा गया है।

जमीन के झगड़े में खूनखराबा: हिस्ट्रीशीटर भांजे ने प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारकर किया घायल

उदयपुर रविवार देर रात शहर के विजय सिंह पथिक नगर क्षेत्र में प्रॉपर्टी व्यवसायी और अंजुमन तालिमुल इस्लाम के केबिनेट सदस्य मोहम्मद अनीस पर फायरिंग की गई। वारदात रात करीब 11 बजे हुई, जब अनीस के ही भांजे और हिस्ट्रीशीटर फरदीन उर्फ गांजा ने पीछे से उनकी कमर पर गोली चला दी। गोली लगते ही अनीस जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार इस हमले के पीछे जमीनी विवाद कारण बताया जा रहा है। आरोपी फरदीन हाल ही में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से बाहर आया था। उस पर मारपीट, अवैध हथियार रखने और अन्य आपराधिक गतिविधियों के कई मामले पहले से दर्ज हैं। इलाके में उसकी पहचान एक शातिर अपराधी के रूप में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामा-भांजे के बीच जमीन को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। रविवार रात फरदीन ने मौका पाकर गोली चलाई और वारदात के बाद मौके से फरार हो गया। अचानक हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही सवीना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बयान दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। फरदीन की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार मोहम्मद अनीस की हालत फिलहाल स्थिर है लेकिन चिकित्सकों की टीम लगातार उन्हें निगरानी में रख रही है।

अस्थि विसर्जन से लौट रहे 7 लोगों की कार हादसे में मौत, जयपुर में भयावह दुर्घटना

जयपुर जयपुर के शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में रविवार को रिंग रोड पर बड़ा सड़क हादसा हो गया. ओवरस्पीड कार डिवाइडर से टकराकर करीब 16 फीट नीचे अंडरपास में गिर गई. हादसे में कार सवार दो परिवार के सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में 14 माह का मासूम और तीन साल का बच्चा भी शामिल हैं. हरिद्वार से लौट रहे थे दोनों परिवार जानकारी के अनुसार, मृतक परिवार हरिद्वार से अस्थि विसर्जन कर लौट रहा था. कार की रफ्तार तेज होने के चलते चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन डिवाइडर से टकराकर अंडरपास में जा गिरा. लोगों ने दी पुलिस को सूचना दोपहर के समय जब लोगों ने पानी में डूबी कार को देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को बाहर निकाला और सभी शवों को मोर्चरी में रखवाया. जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद इलाके में मातम छा गया. एक ही परिवार के कई सदस्यों की दर्दनाक मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है. जयपुर से हरिद्वार की दूरी सड़क मार्ग से लगभग 500 किलोमीटर है. ये दूरी लगभग 8 से 9 घंटे की है.

उदयपुर में नाइट ट्यूरिज्म और वाटर शो की संभावनाओं पर किया जाए काम: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी

  विकास कार्यों को समय पर गुणवत्ता के साथ कराएं पूर्ण, विशेषज्ञों की भी लें सेवाएं जयपुर, प्रदेश की उपमुख्यमंत्री तथा वित्त, पर्यटन, सार्वजनिक निर्माण, कला, संस्कृति, साहित्य, और पुरातत्व, महिला एवं बाल विकास, बाल अधिकारिता मंत्री दिया कुमारी ने रविवार को उदयपुर प्रवास के दौरान कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न बजट घोषणाओं, विभागीय योजनाओं आदि की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सार्वजनिक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग तथा महिला एवं बाल विकास की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समय पर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराएं तथा जहां आवश्यक हो वहां विशेषज्ञों की भी सेवाएं ली जाएं। उन्होंने जिले में गारंटी अवधि की सड़कों को संवेदकों के माध्यम से समय पर दुरूस्त कराने तथा नहीं होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने उदयपुर में सिंगापुर और दुबई की तर्ज पर वाटर बॉडीज पर लाइट एण्ड साउण्ड शो अथवा वाटर शो की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजाति एवं दुरस्त क्षेत्रों से अन्य राज्यों में माइग्रेट होने वाले आंगनवाड़ी के बच्चों को संबंधित राज्य के आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़कर लाभान्वित करने की संभावना पर भी कार्य करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गति लाने के साथ-साथ जनहित की योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में सुधार की संभावनाओं पर भी चर्चा की और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े मुद्दों की प्रगति पर विशेष ध्यान देने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने उदपपुर जिला कलक्टर एवं जिला प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सराहना की और कहा कि जिले में विकास के कार्य दु्रतगति एवं समयबद्ध रूप से संपादित किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि निरंतर समीक्षा एवं समयबद्ध क्रियान्वयन से आमजन का विश्वास और मजबूत बनाने के लिए कार्य किया जाए। पीडब्ल्यूडी के सेवा ऐप से जिला प्रशासन को भी जोड़ने के निर्देश— बैठक में उपमुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागीय कार्यों की मोनिटरिंग के लिए अपनाए गए सेवा ऐप से जिला प्रशासन को भी जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सिर्फ विभाग के अधिकारी जुड़े हुए हैं। जिला प्रशासन के जुड़ने से धरातल स्तर पर कामों की बेहतर मोनिटरिंग हो सकेगी। उन्होंने बजट घोषणा के कामों की प्रगति जानी। साथ ही गारंटी अवधि की सड़कों के क्षतिग्रस्त होने पर उन्हें संवेदक के माध्यम से यथाशीघ्र दुरस्त कराने के भी निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सभी सड़कों की आगामी दीपावली से मरम्मत सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिला कलक्टर नमित मेहता को विभिन्न विकास कार्यों में वन विभाग की एनओसी से जुड़े इशू को विशेष संज्ञान में रखते हुए निस्तारित कराने के भी निर्देश दिए। उदयपुर में लाइट एण्ड वाटर शॉ की तलाशें संभावनाएं— पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने उदयपुर में नाइट ट्यूरिज्म और वाटर शो की संभावनाओं पर काम किये जाने के निर्देश दिए।  उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से उदयपुर देश-विदेश में प्रसिद्ध है। यहां की झीलें और प्राकृतिक वातावरण अनुपम है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां लाइट एण्ड वाटर शो की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। साथ ही उन्होंने झीलों और पर्यावरण के संरक्षण को सर्वांपरि रखते हुए कार्य करने के भी निर्देश दिए। बजट घोषणा कार्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने ट्राइबल ट्यूरिज्म सर्किट में जनजाति समुदाय से जुड़े स्थलों को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उन स्थलों तक पहुंच सुलभ हो सके और वहां आने वाले लोगों को सामान्य सुविधाएं उपलब्ध हों यह ध्यान रखते हुए कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने महाराणा प्रताप ट्यूरिस्ट सर्किट की प्रगति की भी जानकारी ली। साथ ही जल्द ही इस प्रोजेक्ट के शिलान्यास के भी संकेत दिए। उन्होंने बजट घोषणाओं में शामिल विभिन्न मंदिरों तथा जियोलॉजिकल साइट जावर व झामरकोटड़ा आदि के कामों में देवस्थान विभाग, पुरातत्व विभाग सहित अन्य विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के लिए भी निर्देशित किया। आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित हो— उपमुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यों की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के सुदृढीकरण, मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र आदि की प्रगति जानी। उपनिदेशक आईसीडीएस श्री नंदलाल ने अवगत कराया कि जिला कलक्टर श्री मेहता की पहल पर डीएमएफटी से आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए राशि स्वीकृत की गई है। वहीं आपदा राहत से भी बजट स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिले में शत प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने जिले में नेटवर्क विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों का सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पोषण माह की गतिविधियां की जानकारी ली। समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर सहित एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़, निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं, वासुदेव मालावत, सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यवाहक अतिरिक्त मुख्य अभियंता उदयसिंह जारवाल, अधीक्षण अभियंता एम सी मीणा, पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक आनंद त्रिपाठी, उपनिदेशक शिखा सक्सेना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।