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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सांसदों संग बैठक, केंद्र योजनाओं और विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रदेश के सांसदों से मुलाकात कर उनसे केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं को गति प्रदान करने और राज्य के सर्वांगीण विकास के संबंध में विस्तृत चर्चा की। बीकानेर हाउस में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सांसदों से राज्यहित के मुद्दों पर संसद में तत्परता से चर्चा करने तथा विभिन्न मंत्रालयों में प्रदेश की स्वीकृतियों और फंडिंग के विषयों पर कार्य करने के लिए आग्रह किया। शर्मा ने पीएम सड़क योजना आदि को तेजी से लागू करने के लिए सांसदों का सहयोग भी मांगा। साथ ही, प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश का वातावरण बनाने के लिए केन्द्र सरकार के साथ ज्यादा तत्परता के साथ कार्य करने के लिए अनुरोध किया। बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, भूपेन्द्र यादव, भागीरथ चौधरी, राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, चुन्नीलाल गरासिया, घनश्याम तिवाड़ी, राजेन्द्र गहलोत, लोकसभा सांसद दामोदर अग्रवाल, सी.पी.जोशी, दुष्यंत सिंह, लुंबाराम चौधरी, श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़, श्रीमती मंजू शर्मा, मन्नालाल रावत, पी.पी.चौधरी, राव राजेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मुलाकात, ग्रीन एनर्जी कोरिडोर पर मंथन

 जयपुर,  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय बिजली, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से उनके आवास पर भेंट कर राजस्थान में ऊर्जा और आवासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि राजस्थान ने नवीकरणीय ऊर्जा निकासी की योजना बनाई है। इस योजना में शामिल परियोजनाओं को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर- थर्ड में शामिल कर केंद्र की तरफ से अधिकतम अनुदान शीघ्र स्वीकृत किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं से ऊर्जा की निकासी हेतु सुदृढ़ पारेषण तंत्र की आवश्यकता है जिसके लिए अधिकतम केंद्रीय सहयोग आवश्यक है। जयपुर मेट्रो फेज- 2 की स्वीकृति का किया आग्रह मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान आग्रह किया कि जयपुर मेट्रो रेल फेज- 2 का संयुक्त उपक्रम (50ः50) के तहत निर्माण की विस्तृत कार्य योजना को जल्द स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रस्तावित परियोजना के लिए केंद्रीय अंशदान की स्वीकृति से जयपुर वासियों के लिए एक सुदृढ़, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा प्रदान करने के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सकेगा। नॉन मिलियन प्लस शहरों के लिए केंद्रीय सहयोग पर चर्चा शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत राजस्थान के नॉन मिलियन प्लस शहरों के नगरीय निकायों को दिए जाने वाले केंद्रीय सहयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन नगरीय निकायों को प्रदान किए जाने वाले वित्तीय सहयोग से गतिमान विकास  कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जा सकेगा।  मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक एवं वल्ड बैंक के संयुक्त वित्त पोषण के माध्यम से संचालित आर. यू. आई. डी. पी. पांचवें चरण की परियोजना तैयार कर भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत की है जिस पर केंद्रीय मंत्रालय का सकारात्मक सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से जलापूर्ति, अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी यातायात सुधार, बाढ़ प्रबंधन और विरासत संरक्षण सहित प्रदेश के शहरों के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इस परियोजना की शीघ्र स्वीकृति से राज्य के चहुंमुखी विकास में गति आएगी तथा प्रदेश की जनता लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं जिनके सकारात्मक दोहन और प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए केंद्रीय सहयोग आवश्यक है। इस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा राजस्थान को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया।

667 नए आवासों से खुले बेहतर जीवन के द्वार: नगरीय विकास मंत्री ने की राजस्थान आवासन मण्डल की 5 नवीन आवासीय योजनाओं की शुरुआत

जयपुर, राजस्थान आवासन मण्डल की बहुप्रतीक्षित आवासीय योजनाओं का बुधवार को आवास भवन जयपुर में भव्य शुभारम्भ किया गया। नगरीय विकास, स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इन योजनाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि यह केवल निर्माण नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और सुविधायुक्त जीवन की ओर ले जाने वाला कदम है। खर्रा ने बताया कि इन 5 विशिष्ट पंजीकरण योजनाओं के तहत कुल 667 आवास/फ्लैट्स बनाए जाएंगे, जो उदयपुर, बारां, बूंदी, धौलपुर और बाड़मेर जैसे जिलों में आमजन को एक बेहतर आवासीय विकल्प देंगे। मुख्य योजनाएं इस प्रकार हैं- बूंदी जिले की नैनवा आवासीय योजना, पॉकेट-A एवं पॉकेट-B में विभिन्न आय वर्ग के लिए 72 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 80 हजार से प्रारम्भ। बारां जिले की अटरू आवासीय योजना में विभिन्न आय वर्ग के लिए 189 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 60 हजार से प्रारंभ। बाड़मेर जिले की लंगेरा आवासीय योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी आय वर्ग के लिए 200 स्वतंत्र आवास, लागत 8 लाख 61 हजार से प्रारंभ। धौलपुर जिले की बाड़ी रोड योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 64 फ्लैट्स, लागत 12 लाख 45 हजार से प्रारम्भ। उदयपुर जिले की पानेरिया की मादड़ी में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 142 फ्लैट्स, लागत 11 लाख 68 हजार से प्रारम्भ। इस अवसर पर मंत्री खर्रा ने कहा कि राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग को आवास उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा की राज्य सरकार सिर्फ मकान नहीं दे रही, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन का माध्यम दे रही है। उन्होंने बताया कि सभी योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से विकसित की जाएंगी, ताकि लाभार्थियों को आधुनिक जीवन की समस्त सुविधाएं मिल सकें। इस कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने भी शिरकत की  गोदारा ने कहा की राजस्थान आवासन मण्डल आमजन के आवास के सपने को साकार करने के लिए आज भी पहली पसंद है। उन्होंने मण्डल की योजनाओं की मुक्त कंठ से सराहना की । उल्लेखनीय है कि मई माह में ही मण्डल ने 427 आवासों की 5 आवासीय योजना जयपुर, बारां, बूंदी और धौलपुर में शुरू की थी। शुभारम्भ समारोह में आवासन मण्डल के अध्यक्ष देबाशीष पृष्टि, आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा, सचिव डॉ. अनिल पालीवाल, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टीएस मीना, प्रतीक श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक व मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे आमजन के आवास के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांसदों संग की चर्चा, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं को लेकर मंथन

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में राजस्थान के सांसदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति को लेकर गहन चर्चा की और प्रदेश के समग्र विकास के लिए सांसदों का सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे संसद में राजस्थान से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएं और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में राज्य की स्वीकृतियों और फंडिंग से संबंधित मामलों को सक्रियता से आगे बढ़ाएं। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) जैसी योजनाओं को तेजी से लागू करवाने के लिए सांसदों का समर्थन मांगा। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में निवेश के बेहतर माहौल के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर तत्परता से कार्य करना होगा। उन्होंने इस दिशा में केंद्र सरकार से अधिक सहयोग प्राप्त करने के लिए सांसदों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भूपेंद्र यादव, भागीरथ चौधरी, राज्यसभा सांसद  मदन राठौड़, चुन्नीलाल गरासिया, घनश्याम तिवाड़ी, राजेंद्र गहलोत, तथा लोकसभा सांसद  दामोदर अग्रवाल,  सी.पी. जोशी,  दुष्यंत सिंह,  लुंबाराम चौधरी, महिमा कुमारी मेवाड़, श्रीमती मंजू शर्मा, मन्नालाल रावत, पी.पी. चौधरी और राव राजेंद्र सिंह सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें विकास की योजनाओं में राज्य सरकार के सहभागी के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। इससे पहले मंगलवार दोपहर को मुख्यमंत्री ने दिल्ली में कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। दिल्ली में वे  संसद भवन पहुंचने जहां उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई नेताओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी से भेंट की। इस दौरान शर्मा ने जयपुर में लैंग्वेज लैब स्थापित करने के विषय पर विस्तृत चर्चा की।  केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से धर्मेंद्र प्रधान से वार्षिक कार्ययोेजना के तहत प्रदेश को वित्तीय अनुदान शीघ्र जारी की मांग की। शर्मा ने केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 की तैयारियों, आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं तथा प्रदेश में खेलों के विकास से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा कार्मिक एवं लोक शिकायत राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर प्रदेश के सिविल सेवकों से संबंधित एवं कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से जुड़े विविध विषयों पर चर्चा भी की।  

एक ही परिवार के तीन बच्चे रहस्यमयी तरीके से गायब, पीछे छोड़ा हैरान करने वाला संदेश

जयपुर शहर के सांगानेर इलाके से एक ही परिवार के तीन बच्चे लापता होने से इलाके में खलबली मच गई है। तीनों बच्चे 14 अगस्त को स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे। शाम को बच्चे जब वापस घर नहीं लौटे तो परिजनों ने स्कूल में जाकर पूछताछ की, जहां पता चला की बच्चे स्कूल पहुंचे ही नहीं थे। इसके बाद परिजनों ने सांगानेर सदर थाना और अशोक नगर थाने में बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। लापता हुए बच्चों में सांगानेर के रहने वाले विजयसिंह के दो बेटे मोहित सिंह (10) और नितिन सिंह (9) और एक उनकी बहन का बेटा अरमान (9) शामिल हैं। 14 अगस्त को मोहित और नितिन सुबह साढ़े सात बजे अपने स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे। वहीं बहन का बेटा अरमान भी अपने घर से अशोक नगर स्थित स्कूल जाने के लिए निकला था। बच्चों के लापता होने के बाद परिवार को घर पर एक चिट्ठी भी मिली है जिसमें लिखा है कि हम घर छोड़कर जा रहे हैं। हमें ढूंढने की कोशिश न करें, पांच साल बाद आ जाएंगे। बहरहाल सांगानेर सदर पुलिस और अशोक नगर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर बच्चों की खोजबीन शुरू कर दी है लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। इसी बीच सांगानेर सदर थाना सीआई अनिल जैमन ने बताया- रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने कई लोकेशन पर सीसीटीवी फुटेज चेक किए, जिसमें तीनों बच्चे गांधी नगर रेलवे स्टेशन के आसपास दिखाई दिए थे, उन्होंने कपड़े चेंज कर लिए थे। इसके बाद बच्चे कहां गए, कोई जानकारी नहीं है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार मोहित और अरमान के पास मोबाइल फोन हैं लेकिन दोनों ने फोन बंद कर रखे हैं। पुलिस की साइबर टीम इस पर पूरी नजर रखे हुए है। करणी विहार से भी गायब हुए दो बच्चे इधर जयपुर के करणी विहार इलाके से भी दो बच्चों के लापता होने की खबर है। करणी विहार थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दो चचेरे भाई संजय सिंह और समीर सिंह 15 अगस्त को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। इन बच्चों के परिवार को बच्चों के गायब होने के बाद एक फोन भी आया था, जिसमें सामने वाले पक्ष ने परिजनों के साथ गाली-गलौज करते हुए बात की थी।

धीरेंद्र शास्त्री का ऐलान- सबसे पहले राजस्थान में फहरेगा हिंदू राष्ट्र का झंडा

सीकर सीकर के रैवासा धाम में चल रहे 9 दिवसीय ‘सियपिय मिलन महोत्सव’ में कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भावनात्मक और जोशीले संबोाधन में कहा कि राजस्थान की भूमि वीरों की भूमि है, यहां की मिट्टी ने महाराणा प्रताप जैसे योद्धाओं को जन्म दिया है। यही कारण है कि अगर कहीं हिंदू राष्ट्र का झंडा सबसे पहले फहराएगा तो वह राजस्थान ही होगा। उन्होंने राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर जोर देते हुए कहा कि यहां केवल लोग ही नहीं बल्कि घोड़े और हाथी भी हिंदू परंपराओं के प्रति कट्टर समर्पण रखते आए हैं। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने रामप्रसाद हाथी का उल्लेख किया, जिसने दुश्मनों के घर का पानी और भोजन तक स्वीकार नहीं किया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रैवासा धाम को तीर्थ स्थल घोषित किया जाना चाहिए। यह भूमि केवल किशोरी जी और जानकी जी की ही नहीं बल्कि सालासर बालाजी और मेहंदीपुर बालाजी जैसे देवस्थलों की भी भूमि है। अब रैवासा धाम से यह भूमि रघुवीर की भी भूमि बन गई है। उन्होंने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने घोषणा की कि 7 से 16 नवंबर तक इस मुद्दे पर एक बड़ी पदयात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि हर हिंदू रोजाना एक घंटा हिंदू राष्ट्र के लिए समर्पित करे। विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने युगांडा का उदाहरण दिया, जहां कन्यादान के समय दहेज में कन्या को गाय दी जाती है। उन्होंने कहा कि भारत को भी यह परंपरा अपनानी चाहिए। उनका कहना था कि भारत तभी हिंदू राष्ट्र बन पाएगा जब गौमाता सुरक्षित होगी और गौवध पर पूरी तरह प्रतिबंध लगेगा। पाकिस्तान पर तीखे शब्दों में निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत पर मिसाइल दागने की धमकी देता है, लेकिन भारत के पास उससे कहीं अधिक शक्तिशाली ताकत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब छेड़ोगे तो छोड़ा नहीं जाएगा। कश्मीर तो लेंगे ही और दहेज में पाकिस्तान भी उठाएंगे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि भारत 900 किलोमीटर अंदर तक जाकर वार करने की क्षमता रखता है। अपने संबोधन में उन्होंने जातिवाद के बजाय राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने, वेद और संत परंपरा पर विश्वास रखने और गौ-सेवक बनने का आह्वान किया। उनका कहना था कि जब गौमाता बचेगी तभी भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा और तभी हिंदू समाज सुरक्षित रहेगा।

लड़की की तलाश में ढिलाई से नाराज़ ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी

झुंझनू जिले के जसरापुर गांव में अचानक एक लड़की के लापता होने से पूरे इलाके में चिंता और गुस्से का माहौल बन गया। वार्ड नंबर 13 की यह लड़की सुबह अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। अंततः उन्होंने खेतड़ी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने से ग्रामीण और परिजन नाराज हो गए। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जसरापुर-खेतड़ी मार्ग पर जाम लगाकर धरना दे दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आमजन और स्कूल जाने वाले बच्चे घंटों फंसे रहे। ग्रामीणों का आरोप था कि जसरापुर के पास एक अज्ञात युवती का शव देखा गया था लेकिन मौके पर पहुंचने पर वह गायब था। इससे संदेह और बढ़ गया कि कहीं प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं कर रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की घटनाओं से बेटियां असुरक्षित हो गई हैं और पुलिस का रवैया बेहद गैर जिम्मेदाराना है। धरने की अगुवाई राजकुमार सिंह निर्वाण कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी है कि यदि पुलिस 72 घंटे में लड़की को सुरक्षित बरामद नहीं करती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरना और जाम की सूचना पर खेतड़ी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक तनावपूर्ण माहौल रहा। आखिरकार पुलिस और प्रशासन के आश्वासन पर जाम खोला गया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब केवल नतीजे चाहिए, महज आश्वासन से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही अपराधियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक बेटियां घर से सुरक्षित लौटने की गारंटी से वंचित रहेंगी। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि पुलिस हर घटना के बाद खानापूर्ति करके आश्वासन देकर शांत कराने की कोशिश करती है लेकिन हकीकत में न तो अपराध कम हो रहे हैं और न ही बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। करीब तीन घंटे तक चला यह विरोध झुंझुनू जिले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर गया। अब देखना होगा कि पुलिस 72 घंटे की इस समय सीमा में लड़की को खोज पाती है या फिर और बड़ा आंदोलन उभरकर सामने आता है।  

केंद्र की मंजूरी के बाद दिल्ली–बीकानेर वंदे भारत सेवा शुरू होने को तैयार

जयपुर बीकानेरवासियों के लिए दिल्ली से बड़ी खुशखबरी आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित दिल्ली–बीकानेर वंदे भारत रेल सेवा को आखिरकार केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। बीकानेर के सांसद एवं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के लगातार प्रयासों और मांग के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रेन के परिचालन की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्री वैष्णव ने केंद्रीय मंत्री मेघवाल को पत्र लिखकर जानकारी दी। पत्र में कहा गया है कि यात्रियों की सुविधा, तेज गति और आधुनिक सुविधाओं से युक्त ट्रेन सेवा के रूप में दिल्ली से बीकानेर वंदे भारत एक्सप्रेस को स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्नदृष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास यात्रा में गति लाने के साथ-साथ आमजन की सुविधा को भी प्राथमिकता देती हैं। मेघवाल ने कहा कि बीकानेरवासियों के लिए यह सौगात अभूतपूर्व है। अब आम नागरिक से लेकर व्यापारी वर्ग तक सभी को दिल्ली तक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर बीकानेर वासियों को हार्दिक बधाई दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। नई वंदे भारत ट्रेन की स्वीकृति पर बीकानेर भाजपा नेताओं ने भी केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। आभार व्यक्त करने वालों में भाजपा नेता सत्यप्रकाश आचार्य, जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया, सुमन छाजेड़, विजय आचार्य, मोहन सुराणा, अशोक प्रजापत, मनीष सोनी, पंकज अग्रवाल और दौलत सारण शामिल रहे। बीकानेरवासियों का कहना है कि यह ट्रेन सेवा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल बीकानेर और दिल्ली के बीच यात्रा का समय घटेगा बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

NH-27 हादसा: तेज रफ्तार वैन ट्रक से भिड़ी, चार लोगों ने गंवाई जान

बूंदी जिले के डाबी थाना इलाके में नेशनल हाईवे नंबर 27 पर अल सुबह भीषण सड़क हादसे में एक महिला समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। ये सभी बारां और मध्यप्रदेश के ब्यावरा से मजदूरी करने वैन में सवार होकर राजसमंद जा रहे थे कि रास्ते में वैन किसी अन्य भारी वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन सवार चार लोगों के शवों के टुकड़े हो गए, जिन्हें समेटकर अस्पताल लाना पड़ा। थाना अधिकारी हेमराज शर्मा ने बताया कि दुर्घटना बुधवार सुबह 4 बजे के आसपास हुई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से डाबी अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोटा रैफर कर दिया गया। ये भी पढ़ें: Rajasthan News: खुला नीले ड्रम का राज; बेवफा पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसे रचा खूनी खेल, जानें पूरी कहानी हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। ये लोग राजस्थान के बारां और मध्यप्रदेश के ब्यावरा के बताए गए हैं। मृतकों में एक अनिल की जानकारी मिली है, शेष तीन के बारे में पता नहीं चल पाया। इनमें एक महिला और दो पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा पांच लोग घायल हैं, जिनमें दो बच्चे और एक महिला है। दुर्घटना में मृतक अनिल की पत्नी मीनाक्षी और बच्चा भी घायल है। सूचना के बाद मृतक अनिल के परिजन कोटा आ गए। डाबी पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। थानाधिकारी शर्मा ने बताया कि दुर्घटना में वैन आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। घटनास्थल देखकर अंदाजा लगाया जा रहा हे कि वैन काफी तेज गति में थी और किसी भारी वाहन से इसकी टक्कर हुई है। फिलहाल दूसरे वाहन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये दूसरा वाहन कौनसा था। इसके साथ ही मृतकों की शिनाख्तगी के प्रयास किए जा रहे हैं।  

राजस्थान ने पूरा किया 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य, CM शर्मा ने ‘हरियालो राजस्थान’ पोस्टर जारी किया

जयपुर राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश ने 10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके निवास पर मुलाकात कर बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने "हरियालो राजस्थान" अभियान के तहत पोस्टर का विमोचन किया। वहीं, वन मंत्री ने उन्हें प्रतीक स्वरूप पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस सफलता को प्रदेशवासियों की सहभागिता और सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण और उनके संरक्षण से ही राजस्थान को हराभरा बनाया जा सकता है। वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व की बात है और आने वाले समय में हरित प्रदेश के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।