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अनिल विज का तंज: चुनावी हार से घबराई कांग्रेस, अभी से शुरू किया रोना

चण्डीगढ हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दिल्ली लाल किला क्षेत्र में हुए आतंकी बम ब्लास्ट पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक गंभीर आतंकी घटना है जिसमें निर्दाेष लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तत्परता के कारण एक बड़ी तबाही टल गई। उन्होंने कहा कि “हमारी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते एक भयंकर साजिश को विफल किया। मैं सभी सुरक्षा बलों को सैल्यूट करता हूँ जिन्होंने एक बहुत बड़ी दुर्घटना होने से देश को बचाया।” विज आज मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। विज ने इस हमले में आतंकी उमर की संलिप्तता की पुष्टि होने पर कहा कि करीब 3000 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है, जो किसी भी बड़े शहर को नष्ट कर सकता था।  अनिल विज ने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कौन लोग इस साजिश के पीछे थे, किसने विस्फोटक सामग्री मुहैया करवाई, और यह पूरी प्लानिंग कहां से की गई। विज ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्पष्ट संदेश है कि जो भी आतंकवादी घटनाओं में शामिल होगा या उन्हें अंजाम देने में मदद करेगा, उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।” “कांग्रेस को हार की आदत है, अब रोने की नई स्कीम लेकर आई है”  बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने व्यंग्य किया कि कांग्रेस ने “हारने के बाद रोने की परंपरा” को अपनी आदत बना लिया है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस अपने स्कूल में कई तरह के रोने के तरीके सीख चुकी है एक, चुनाव हारने के बाद सियापा करना और दूसरा, वोट चोरी के आरोप लगाना। अगर वोट दो बन भी गईं, तो यह क्यों नहीं बताते कि कितनी डाली गईं और किसे पड़ीं? असली फायदा-नुकसान तो वोट डालने के बाद ही तय होता है।”   अंबाला में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कांग्रेस के नेताओं (भूपेन्द्र सिंह हुडडा) पर तंज कसते हुए कहा कि “ ये तो (हुड्डा) तो चाबी वाले खिलौने हैं। जैसे ही राहुल गांधी चाबी भरते हैं, ये चलने लगते हैं, और जब वह रोक देते हैं, तो ये भी थम जाते हैं।

हरियाणा में वायु प्रदूषण का कहर: कक्षा 1 से 5 तक स्कूल रहेंगे बंद

हरियाणा  दिल्ली-NCR क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनज़र हरियाणा सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। ग्रैप-3 (GRAP-3) के तहत लागू पाबंदियों के बाद शिक्षा निदेशालय ने 5वीं तक के बच्चों की ऑफलाइन कक्षाएं बंद करने के निर्देश जारी किया है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उपायुक्तों (DCs) को अधिकार दिए हैं कि वे अपने जिले में वायु गुणवत्ता की स्थिति के अनुसार निर्णय लें। निदेशालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि दिल्ली-NCR में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार ख़राब हो रहा है और यह गंभीर स्तर पर पहुँच गया है। गाइडलाइन के अनुसार, अब 5वीं तक के छात्रों की कक्षाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जाएंगी। यह व्यवस्था सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर लागू होगी।   शिक्षा निदेशालय के अनुसार, हरियाणा के दिल्ली-NCR क्षेत्रों में प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले के AQI का आकलन करें और उसके आधार पर 5वीं तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी करें। डीसी का आदेश सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर लागू होगा। साथ ही, बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड अपनाने की सलाह दी गई है। निदेशालय ने कहा है कि प्रत्येक शहर में AQI का स्तर अलग-अलग होता है, इसलिए निर्णय लेते समय शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके अलावा, सभी जिलों के डीसी को अपने निर्णय की जानकारी "एकेडमिक हरियाणा" को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बता देंहरियाणा सरकार का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। वायु गुणवत्ता में सुधार होने पर स्कूलों को पुनः खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।  

पार्कों की बदहाली पर मेयर सुमन सख्त, मौके पर ही सुपरवाइज़र को दी कड़ी चेतावनी

यमुनानगर  यमुनानगर नगर निगम द्वारा सभी 22 वार्डों में करोड़ों की लागत से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। इन विकास कार्यों की गुणवत्ता को देखने के लिए यमुनानगर की मेयर समय-समय पर निरीक्षण कर रही है। यमुनानगर की मेयर ने नगर निगम हॉर्टिकल्चर के अधिकारियों के साथ सेक्टर 18 में बने तीन पार्कों का निरीक्षण किया और वहां के रखरखाव और RWA संस्थाओं द्वारा मेनटेन किए जा रहे पार्कों की व्यवस्थाओं को देखा।  वहीं तिकोनी पार्क में चल रहे ट्रैक के कार्य में खामियां देखते ही मेयर ने मौके पर मौजूद एजेंसी के सुपरवाइजर की लगा दी क्लास। मेयर ने  कहा कि जनता के पैसों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो नियम अनुसार जुर्माना भी किया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह दोबारा भी उसका निरीक्षण करेंगी।  इस दौरान मेयर सुमन बहमनी ने नगर निगम के अधिकारियों को भी गुणवत्ता बनाए रखने और समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेक्टर-18 एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।  

रामपाल विवाद में फिर बवाल! झड़प के बाद अब 4 गांवों में पंचायतें सक्रिय

भिवानी  भिवानी जिले के गांव खरक राजान में रामपाल को भगवान कहने पर समर्थकों और गांव के युवाओं के बीच हाथापाई हो गई। इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, लेकिन गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए खरक राजान की धर्मशाला में चारों पंचायतों की बैठक बुलाई गई, जिसमें मामले पर चर्चा की जाएगी। जानकारी के अनुसार 10 नवंबर को गांव के सरपंच प्रदीप कुमार पानी निकासी की समस्या को लेकर कुछ ग्रामीणों के साथ इलाके में एकत्र हुए थे। इसी दौरान वहां मौजूद रामपाल समर्थकों ने रामपाल को भगवान कहा जिस पर कुछ युवाओं ने एतराज जताया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। बाद में ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया।  युवाओं का कहना था कि कोई भी अपने मत या इष्ट के प्रति श्रद्धा रख सकता है, लेकिन उसे भगवान का दर्जा देना या अन्य धर्मों का अपमान करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी बात को लेकर रामपाल के समर्थक और ग्रामीणों में जमकर बवाल हुआ। अब गांव के शांति के लिए वीरवार शाम 4 बजे खरक राजान की धर्मशाला में पंचायत की बैठक बुलाई गई है।    इन 4 गांवों की बुलाई पंचायत सरपंच प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बैठक में खरक राजान, खरक खांडयान, खरककलां और खरक खुर्द की पंचायतों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में विवाद के निपटारे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक सहमति बनाई जाएगी। पुलिस को नहीं दी गई शिकायत वहीं इस मामले में गांव खरक कलां चौकी इंचार्ज वीरेंद्र ने बताया कि 10 नवंबर को 2 पक्षों के बीच झगड़ा होने की सूचना मिली थी, लेकिन अभी तक दोनों पक्षों की तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है। लेकिन इस आपसी मतभेद मामलें में पुलिस नजर बनाए हुए हैं।  

दिल्ली से सोनीपत अब इलेक्ट्रिक बस से सफर, जानें पूरा शेड्यूल व किराया

हरियाणा  देश की राजधानी दिल्ली से हरियाणा के सोनीपत तक इंटरस्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत हो चुकी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईएसबीटी कश्मीरी गेट से नई ईवी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बस सेवा जहां दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है। सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स (X) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि, “ISBT कश्मीरी गेट से हरियाणा के सोनीपत तक अंतरराज्यीय बस सेवाओं का शुभारंभ हुआ है। आज नई ईवी बसों को हरी झंडी दिखाकर जनता की सेवा में समर्पित किया।” उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार डीटीसी बेड़े में ईवी बसों को शामिल कर रही है ताकि सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल और प्रदूषण-मुक्त बनाया जा सके। सीएम ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली का पूरा सार्वजनिक परिवहन जल्द ही पूर्णतः "emission-free" हो, जिससे राजधानी में वायु प्रदूषण नियंत्रण को और मजबूती मिले। इस मौके पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। बसों का टाइमिंग और रूट दिल्ली आईएसबीटी से सोनीपत के लिए:     सुबह – 4:45 बजे, 5:15 बजे, 5:45 बजे     शाम – 4:45 बजे, 5:15 बजे, 5:45 बजे सोनीपत से दिल्ली के लिए:     सुबह – 7:10 बजे, 7:35 बजे, 8:10 बजे     शाम – 7:30 बजे, 8:00 बजे, 8:30 बजे रूट आईएसबीटी कश्मीरी गेट, जीटीबी नगर, आजादपुर टर्मिनल, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन, मुकर्बा चौक, अलीपुर, दिल्ली सिंघु बॉर्डर, इंडस्ट्रियल एरिया कुंडली, टीडीआई सिटी, रसौई, नांगल रोड, बिस्वा मिल राय, बहालगढ़, जत लोशी, फाजिलपुर सोनीपत और सोनीपत बस स्टैंड। किराया और संचालन दिल्ली से सोनीपत के बीच लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। एक तरफा किराया 67 रुपये रखा गया है। इस बस सेवा का संचालन दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की ओर से किया जाएगा।  

दिल्ली ब्लास्ट आरोपियों पर महिपाल ढांडा का विवादित बयान, कही 72 हूरों वाली बात

पानीपत  दिल्ली ब्लास्ट को लेकर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का सख्त बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां और सरकार पूरी ताकत से कार्रवाई कर रही हैं, जिससे आरोपी डरे हुए हैं और छिपने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, ऐसे लोगों की जगह या तो जेल में होगी या 72 हूरों के पास। ढांडा ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद फैलाने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा और एक-एक कड़ी जोड़कर सभी को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले यह कहते थे कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, अब सच्चाई सबके सामने है। अल फलहा यूनिवर्सिटी पर उठे सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि कोई भी शिक्षण संस्थान गलत विचारधारा नहीं सिखाता, लेकिन युवाओं का ब्रेनवॉश करने वाले मौलवियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि या हमले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। 

हथकड़ी में जकड़ा पूर्व सरपंच, पुलिस ने सिर मुंडवाकर पूरे गांव में घुमाया—मचा हड़कंप

सोनीपत  सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र में जिम से लौट रहे युवक अजय की हत्या मामले में पुलिस ने गांव पिपली के पूर्व सरपंच रामनिवास को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका सिर मुंडवाकर हाथों में हथकड़ी लगाई और उसे सड़क पर पैदल घुमाया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पुलिस ने अपराध के प्रति सख्त संदेश देने के लिए की है। हत्या का यह मामला गांव पिपली में प्लाट के विवाद से जुड़ा है।  ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले मृतक अजय और पूर्व सरपंच रामनिवास के बीच इसी विवाद को लेकर झगड़ा हुआ था। सोमवार देर शाम जब अजय जिम से लौट रहा था, तभी स्कूल के पास दो गाड़ियों में आए हमलावरों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अजय को खरखौदा अस्पताल से रोहतक और फिर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी का पिता था मृतक ग्रामीणों ने बताया कि अजय शादी हो चुकी थी, जिसकी एक छोटी-सी बेटी है। परिवार में उसकी पत्नी, मां, बड़ा भाई और भाभी हैं। परिजनों ने बताया कि खेती के सहारे ही परिवार को गुजारा होता था।  इस मामले में पुलिस का कहना है कि हत्या पुरानी रंजिश के कारण की गई। आरोपी रामनिवास के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की जाएगी और आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

धीरेंद्र शास्त्री की बिगड़ी तबीयत, कल भी था 100 डिग्री बुखार

फरीदाबाद  हरियाणा में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ का आज आखिरी दिन है। आज दोपहर बाद यात्रा बॉर्डर को क्रॉस कर यूपी में एंटर कर जाएगी। पदयात्रा के दौरान बड़ी खबर सामने आ रही है कि धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत फिर से खराब हो गई है। उन्हें सड़क पर ही लेटाया गया है। बता दें कि बीते दिन बुधवार को भी धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें 100 डिग्री बुखार था। वह सड़क पर ही लेट गए थे। डॉक्टरों ने उनका वहीं इलाज किया और उन्हें 2 दिन आराम करने की सलाह दी थी, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा नहीं रोकी, उसे जारी रखा। 

टोल पर हाई वोल्टेज ड्रामा: बस कर्मियों–टोल कर्मचारियों की झड़प से लगा लंबा जाम

हांसी दिल्ली-सिरसा नेशनल हाईवे स्थित रामायण टोल प्लाजा पर वीरवार सुबह हरियाणा रोडवेज बस और टोल कर्मचारियों के बीच कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। मामला इतना तूल पकड़ गया कि रोडवेज कर्मियों ने विरोधस्वरूप बसों को हर लेन में खड़ा कर दिया, जिससे करीब एक घंटे तक टोल प्लाजा पूरी तरह जाम रहा और सवारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी सिद्धार्थ बिश्नोई और सदर थाना प्रभारी सुमेर सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर हालात को नियंत्रण में लिया गया। रोडवेज बस चालक महेंद्र ने आरोप लगाया कि टोल कर्मचारियों ने बस रुकवाकर उनके साथ मारपीट की और बस के शीशे तोड़ दिए। वहीं, टोल प्रबंधन का कहना है कि गलती पूरी तरह रोडवेज कर्मियों की थी, जिन्होंने बंद लेन में जबरन बस घुसाई और रोकने पर कर्मचारियों से हाथापाई की। दोषियों पर होगी कार्रवाईः थाना प्रभारी सदर थाना प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने शिकायत दर्ज करवाई है। मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद टोल संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, यह रोडवेज बस वीरवार सुबह 7:20 बजे दिल्ली से सिरसा के लिए रवाना हुई थी और करीब 11:00 बजे रामायण टोल प्लाजा पर पहुंची, जहां यह घटना हुई।  रोडवेज कर्मचारी यूनियन की प्रतिक्रिया आई सामने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान सोनू मोर ने टोल कर्मचारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों पर हमला करना अत्यंत निंदनीय है, और इसी के विरोध में बसें खड़ी कर जाम लगाया गया। सोनू मोर ने यह भी कहा कि टोल प्लाजा का काम लोगों को सहूलियत देना है, लेकिन यहां आए दिन आम जनता और कर्मियों से झगड़े की घटनाएं हो रही हैं।  

कांग्रेस का बड़ा आरोप: जनहित की अनदेखी पर राज्यपाल को सौंपा विस्तृत ज्ञापन

चंडीगढ़  हरियाणा में लगातार बिगड़ते हालातों को लेकर बृहस्पतिवर को कांग्रेस ने राज्यपाल का दरवाज़ा खटखटाते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता के कारण किसानों, गरीबों और आम नागरिकों का जीवन संकट में पड़ गया है। ज्ञापन में भारी बारिश से हुए कृषि नुकसान, धान खरीद में अनियमितताओं, बढ़ते अपराध, और राशन कार्ड घोटाले सहित कई मुद्दों को उठाते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह तथा पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कांग्रेस ने राज्यपाल से मांग की कि वे राज्य सरकार को अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करने के निर्देश दें। किसानों को मुआवज़ा दिया जाए, राशन कार्ड घोटाले की जांच कराई जाए, खरीद-फरोख्त की अनियमितताओं पर कार्रवाई हो और अपराधों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश की जनता को सुरक्षित, पारदर्शी और न्यायपूर्ण शासन मिलना उनका अधिकार है और यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। ज्ञापन पर कांग्रेस विधायक दल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी और कई विधायकों ने हस्ताक्षर कर अपनी एकजुटता प्रकट की। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि बीते दिनों प्रदेश में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की खरीफ फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। धान, कपास और कई अन्य फसलें जलभराव में सड़ गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। राज्यपाल को बताया कि सरकार अभी तक न तो सही सर्वे करवा पाई है और न ही मुआवज़ा देने की कोई ठोस घोषणा की है। कई क्षेत्रों में खेत अब भी पानी में डूबे हुए हैं, जिससे अगली फसल बोने का समय निकलता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत विशेष राहत पैकेज की घोषणा कर प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ पचास से साठ हज़ार रुपये का मुआवज़ा दे। धान और कपास औने-पौने दाम पर बिके पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बड़े-बड़े दावों को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही 24 फसलों पर एमएसपी देने की बात करती है, लेकिन जमीन पर किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। धान, बाजरा, मूंगऔर कपास जैसी फसलों को किसान एमएसपी से सैकड़ों रुपये कम में बेचने को मजबूर रहे। कई मंडियों में अनियमित खरीद, फर्जी लेन-देन और किसानों को सही कीमत न मिलने की शिकायतें सामने आईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। कांग्रेस ने कहा कि सरकार की नीतियां किसान हितैषी होने का सिर्फ दिखावा कर रही हैं, जबकि हकीकत में किसानों के साथ निरंतर अन्याय हो रहा है।