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स्कूल बस सुरक्षा पर बड़ा एक्शन: हरियाणा में 5200 प्राइवेट बसें मानकों पर फेल, जांच अभियान तेज

चंडीगढ़  हरियाणा में स्कूल बसों की मॉनिटरिंग अब कागजों में नहीं, बल्कि सीधे सड़कों पर दिखाई दे रही है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों, सोशल मीडिया पर उठ रही आवाजों और लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद राज्य पुलिस ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू की, जिसने एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने रख दी। हरियाणा की सड़कों पर दौड़ रही 25 हजार से अधिक स्कूल बसों में से 5200 सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरीं। कई बसें बिना फिटनेस, बिना जीपीएस, बिना फायर एक्सटिंग्विशर और कई मामलों में बिना प्रशिक्षित ड्राइवरों के बच्चों को लेकर चल रही थीं। इन हालात में हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अब समझाओ या चेतावनी देकर छोड़ दो वाली नीति खत्म हो चुकी है।   हरियाणा पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि हालिया जांच सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसे मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। तीन नवंबर से दस नवंबर के बीच चलाए गए विशेष अभियान में पांच हजार पांच सौ सोलह बसों की जांच की गई और एक हजार तीन बसों के चालान किए गए। इसी अवधि में सिरसा और डबवाली में मिली चार बसों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। इससे पहले जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच की गई जांच में 19 हजार दो सौ अड़सठ बसों में से चार हजार दो सौ पांच नियम तोड़ती पाई गईं। सूत्रों के अनुसार यह चेकिंग अब रुकने वाली नहीं है। अभियान को निरंतर निगरानी व्यवस्था में बदला जा रहा है। जिलों को निर्देश हैं कि स्कूल बसों का डेटा नियमित रूप से अपडेट रखें और दस्तावेजों का समय पर सत्यापन करें। हरियाणा में पहली बार स्कूल परिवहन को लेकर इतना व्यापक, सख्त और परिणाम आधारित एक्शन देखने को मिल रहा है। संदेश साफ है कि बसें चलेंगी, लेकिन नियमों के साथ। बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है और अब कानून कागज पर ही नहीं, सड़क पर भी दिखाई देगा। किन जिलों में मिले सबसे अधिक उल्लंघन गुरुग्राम, पंचकूला, सोनीपत, सिरसा, जींद, फरीदाबाद और पलवल में सबसे ज्यादा अनियमितताएं सामने आईं। अकेले गुरुग्राम में जनवरी से अक्तूबर के दौरान हुई जांच में पांच हजार नौ सौ चौरासी बसों में से एक हजार आठ सौ इक्यावन बसें नियमों को तोड़ती हुई मिलीं। बाकी जिलों में भी स्थिति चिंताजनक है। सबसे कम उल्लंघन रेवाड़ी में दो, डबवाली में नौ और चरखी दादरी में छह बसों में दर्ज किए गए। सिरसा और डबवाली में हालात इतने खराब मिले कि पुलिस ने मौके पर ही चार बसें इम्पाउंड कर दीं। कई बसों में सुरक्षा उपकरण तक नहीं लगे थे और वे स्कूल बसों के लिए तय राष्ट्रीय मानकों पर भी खरी नहीं उतरती थीं। DGP ने दिए सख्त आदेश हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली स्कूल बसों को तुरंत इम्पाउंड किया जाए। उन्होंने लिखा कि असुरक्षित बसों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बच्चों की सुरक्षा के साथ समझौता अस्वीकार्य है। उनकी यह पोस्ट सीधे चेतावनी मानी जा रही है और इसे स्कूलों, बस ऑपरेटरों तथा प्रशासनिक स्तर पर एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि अब कोई नरमी नहीं मिलेगी।   स्कूल बस में क्या-क्या होना जरूरी नियमों के अनुसार हर स्कूल बस में होना जरूरी है • वैध फिटनेस सर्टिफिकेट • जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम • फायर एक्सटिंग्विशर • फर्स्ट एड बॉक्स • कैमरा जहां लागू हो • आपातकालीन निकास • प्रशिक्षित चालक और परिचालक • सीट बेल्ट और स्कूल बस के लिए निर्धारित पहचान मार्किंग। इनमें से किसी भी बिंदु का पालन नहीं होने पर चालान, बस इम्पाउंड और कानूनी कार्रवाई तय है। अभिभावकों को भी दी गई जिम्मेदारी हरियाणा पुलिस ने केवल स्कूलों और बस मालिकों के प्रति ही निर्देश जारी नहीं किए हैं, बल्कि अभिभावकों को भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि अभिभावक अपने बच्चे की बस की स्थिति जानें, सवाल पूछें और गड़बड़ी दिखने पर तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को सूचित करें। सरकार चाहती है कि यह अभियान सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि सामुदायिक जागरूकता का हिस्सा बने।

राज्य का सबसे बड़ा एnti-Drug अभियान: सिरसा–फतेहाबाद बेल्ट में 45 दिन की कार्रवाई से माफिया में हड़कंप

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ अब तक का सबसे जोरदार और खुफिया-आधारित अभियान चलाते हुए सिरसा, फतेहाबाद और डबवाली में ड्रग ट्रेड की रीढ़ पर सीधा प्रहार किया है। 15 अक्टूबर से शुरू हुए इस अभियान ने सिर्फ केस दर्ज नहीं किए, बल्कि सप्लाई चेन के हर स्तर, सप्लायर से लेकर मेडिकल नेटवर्क और फाइनेशियल चैनल तक को निशाने पर लिया। ये ऑपरेशन ज्यादातर रात में, खासतौर पर बॉर्डर बेल्ट, ढाबों, खेतों और ट्रांजिट पॉइंट्स पर चलाए गए। पुलिस की नई रणनीति का असर दोनों अवधियों की तुलना में साफ दिखता है और यह स्पष्ट करता है कि यह सिर्फ अलग-अलग छापे नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क-डिसरप्शन वार था। पहली अवधि में जहां 105 मामले दर्ज हुए थे, वहीं दूसरी अवधि (16 अक्टूबर से 30 नवंबर) में यह संख्या बढ़कर 153 हो गई। केस ज्यादा होने का मतलब अपराध बढ़ना नहीं, बल्कि नेटवर्क का खुलना है। पुलिस पहली बार उन जगहों तक पहुंची, जहां से ड्रग कोर सप्लाई होती है। गिरफ्तारियां बढ़ीं, गैंग की कमर टूटने लगी पहले 45 दिनों में 257 गिरफ्तारियां हुई थीं, जबकि दूसरी अवधि में 342 आरोपी पकड़े गए। सिर्फ सिरसा में ही 83 और फतेहाबाद में 18 अतिरिक्त गिरफ्तारियां हुईं। इससे साफ है कि इस बार टारगेट सिर्फ यूजर नहीं, बल्कि कोर सप्लायर और मिड-रूट एजेंट थे। सबसे बड़ा झटका तस्करी नेटवर्क को इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि सप्लायरों की पहचान और गिरफ्तारी को अंजाम दिया गया। पहले चरण में 91 सप्लायर पकड़े गए थे, जबकि दूसरे चरण में यह संख्या 160 पर जा पहुंची। इनमें से 86 सप्लायर गिरफ्त में आए। पुलिस की बरामदगी अब पाउच लेवल नहीं, बल्कि हाई-वैल्यू ड्रग लेवल पर दिख रही है। एक किलो 271 ग्राम हेराेइन और 13 किलो 714 ग्राम फीम बरामद की गई। ड्रग माफिया की प्रॉपर्टी पर बड़ा प्रहार आर्थिक स्तर पर कार्रवाई में भी रिकॉर्ड उछाल देखा गया। पहले 15 मामलों में कुर्की हुई थी, अब यह आंकड़ा पहुंचा 27 पर। यह मॉडल बताता है कि पुलिस अब सिर्फ पकड़ने तक नहीं बल्कि इकोनॉमिक लाइफलाइन काटने वाली रणनीति पर चल रही है। पहले केवल तीन मेडिकल स्टोर सील हुए थे, जबकि इस बार यह संख्या 23 पहुंच गई। जिन पर कोडीन सिरप, ट्रामाडोल और ओवर-द-काउंटर ड्रग्स की अवैध सप्लाई का संदेह था।   हिस्ट्रीशीट खुली, अब लगातार निगरानी पहली अवधि में 12 हिस्ट्रीशीट खोली गई थीं, जबकि इस बार 36 खुलीं। इसका मतलब है कि पुलिस इन तस्करों का डिजिटल, बैंकिंग और मूवमेंट ट्रैकिंग कर रही है। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि इस अभियान में पुलिस ने 375 अधिक युवाओं को नशा मुक्ती सिस्टम में शामिल किया। यह बताता है कि ऑपरेशन सिर्फ दमन नहीं बल्कि रिफॉर्म + इंटेलिजेंट एनफोर्समेंट मॉडल है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पुलिस ऑपरेशन नहीं, समाज की सुरक्षा का युद्ध है। हमारा लक्ष्य सप्लाई चेन का खात्मा और युवाओं को नशे से दूर करना है।

शहरों की विकास योजनाएं फोकस में: 11 दिसंबर को सरकार लेगी बड़ा रिव्यू

चंडीगढ़  हरियाणा के शहरों की विकास योजनाओं, सफाई व्यवस्था और अधूरी पड़ी परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार अब पूरी तरह सख्त हो गई है। इसी क्रम में 11 दिसंबर को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में एक बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में राज्य के सभी नगर निगमों एवं नगर परिषदों को अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट लेकर उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रधान सचिव तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता करेंगे। बैठक को लेकर पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि अब केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि जमीन पर हुए कार्यों की स्थिति बतानी होगी। जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि सभी संबंधित विभाग और अधिकारी अपनी शाखाओं से संबंधित प्रस्तुति 10 दिसंबर सुबह 11 बजे तक जमा करें। निर्धारित समय में रिपोर्ट न देने पर विभागीय रिकॉर्ड में ‘प्रस्तुति उपलब्ध नहीं’ लिख दिया जाएगा। इसका मकसद वर्षों से चल रही ढिलाई पर पूर्ण विराम लगाना है। बैठक में कई महत्वपूर्ण और पुराने लंबित मुद्दों पर सीधे समीक्षा होगी और विभागीय जवाब मांगा जाएगा। स्मार्ट रोड योजना के तहत सभी शहरों में सड़कों की पहचान और कार्य प्रगति पर बैठक में विस्तार से चर्चा होगी। इन मुद्दों पर ली जाएगी रिपोर्ट     स्वामित्व योजना के लंबित मामलों का निपटारा     सफाई व्यवस्था, कचरा निस्तारण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन     अवैध विज्ञापनों पर नियंत्रण और नई व्यवस्था     नगर निगमों की संपत्तियों का उपयोग, किराया वसूली और राजस्व प्रबंधन     आवारा पशुओं पर नियंत्रण और जल निकासी व्यवस्था     स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम और गंदे पानी की निकासी     शहरों में पुस्तकालय, सामुदायिक भवनों और सार्वजनिक स्थलों का विकास     निगमों में फील्ड विजिट अनिवार्य करना ताकि जमीनी हकीकत का पता लगे     नगर निकायों में तैनात मशीनों और कर्मचारियों की कमी, निगरानी व्यवस्था, नागरिक शिकायतों की स्थिति और पारदर्शी टैगिंग प्रणाली पर भी सवाल उठेंगे। स्वच्छता और प्रदूषण पर विशेष निगरानी हरियाणा स्वच्छता अभियान 2025 के तहत शहरों को साफ-सुथरा बनाने की योजना बैठक का प्रमुख मुद्दा होगा। गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स हटाने, कचरा संग्रहण वाहनों की संख्या, ठोस कचरा प्रबंधन इकाइयों और गंदगी से जुड़े नागरिक शिकायतों पर विभाग की कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इसी तरह वायु प्रदूषण को लेकर एनसीआर क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) लागू करने, एंटी धुंध तोपों की व्यवस्था, पानी का छिड़काव और ईंधन से चलने वाले वाहनों पर नियंत्रण की दिशा में भी कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अधिकारियों का फील्ड विजिट अनिवार्य सरकार की ओर से निकायों को जारी किए गए मीटिंग नोटिस के अनुसार, अधिकारियों को केवल दफ्तर में बैठकर फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं करने, बल्कि नियमित फील्ड विज़िट करने का आदेश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट में यह साफ लिखा जाए कि कब कौन-सा क्षेत्र निरीक्षण किया गया और मौके पर क्या स्थिति मिली। अब सीधे कार्रवाई की तैयारी नोटिसों की भाषा और एजेंडा दोनों यह संदेश दे रहे हैं कि अब पुरानी प्रणाली नहीं चलेगी। बैठक के बाद काम में देरी, योजनाओं को अधर में छोड़ने और बार-बार एक जैसे बहाने देने वाले अधिकारी सीधे जवाबदेही के दायरे में आएंगे। हरियाणा सरकार की ओर से यह साफ संकेत है अब विकास योजनाओं की गति धीमी नहीं रहने दी जाएगी। जो काम करेगा, वही सिस्टम में टिकेगा। जिस पर लापरवाही सिद्ध होगी, उस पर कार्रवाई तय है।

सर्दी में बीमारी से बचना है जरूरी? डॉक्टर गिरीश बंसल की ये 5 सलाह रखें याद

चंडीगढ़ जाने माने एम डी मैडिसन डॉक्टर गिरीश बंसल ने कहा है कि बढ़ती सर्दी में केवल सुबह की धूप में सैर ही लाभकारी है।शाम की सैर का ठंड और प्रदूषण के बढ़ने से परहेज करना चाहिए। डॉक्टर गिरीश डी वाई मेडिकल कॉलेज पूना से एम बी बी एस व एम डी मैडिसन करने के बाद 32 मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में पंचकूला नागरिक हॉस्पिटल में कार्यरत हैं। सर्दियों में एम डी मैडिसन डॉक्टर गिरीश बंसल की सलाह है कि ठंड से बचें, पौष्टिक भोजन करें और हाइड्रेटेड रहें। नियमित व्यायाम करें, लेकिन सुबह जल्दी सैर करने से बचें, खासकर अगर आपको दिल या फेफड़ों की बीमारी है; इसके बजाय हल्की धूप में या शाम को टहलें। यदि कोई भी बीमारी के लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें, खासकर अगर वे बढ़ जाएं।  डॉक्टर गिरीश बंसल का कहना है कि गर्म कपड़े पहनें,हाइड्रेटेड रहें और त्वचा को सूखने से बचाएं।आहार में विटामिन डी के लिए धूप का आनंद लें और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक व मौसमी खाद्य पदार्थ खाएं। सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट और किशमिश फायदेमंद होते हैं।नियमित रूप से व्यायाम करें लेकिन बहुत सुबह और बहुत ठंडे समय में बाहर जाने से बचें। अगर आपको कोई बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही व्यायाम शुरू करें। हर रात 7-9 घंटे की पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित करने के लिए ध्यान या गहरी सांस लेने जैसी तकनीकों का उपयोग करें। बीमार लोगों से दूर रहें, हाथ बार-बार धोएं और चेहरे को छूने से बचें। यदि डॉक्टर सलाह दें तो फ्लू का टीका लगवाएं।  डॉक्टर गिरीश बंसल का कहना है कि दिल के रोगी: ठंड में विशेष ध्यान रखें। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें और सामान्य से ज़्यादा खाने से बचें। श्वसन संबंधी समस्या वाले मरीज़ अस्थमा, सीओपीडी, आदि सुबह बहुत जल्दी बाहर न जाएं। डॉक्टर की सलाह लें और लक्षणों पर नज़र रखें। अगर दिक्कत हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। खांसी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर घर पर पारंपरिक उपचार लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।   

स्टेशन की सुरक्षा होगी और पुख्ता, चारदीवारी निर्माण के लिए मंजूर हुए 2.19 करोड़ रुपए

हिसार  हिसार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए रेलवे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। स्टेशन को पूरी तरह सुरक्षित दायरे में लाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति देते हुए निर्माण का टेंडर जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है। स्टेशन के चारों ओर बनने वाली यह आधुनिक डिजाइन की दीवार बाहरी व्यक्तियों की अनधिकृत एंट्री पर पूरी तरह रोक लगाएगी। फिलहाल परिसर में शरारती और असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ने से यात्रियों की सुरक्षा तथा रेलवे संपत्ति दोनों पर खतरा बना हुआ है। नई बाउंड्रीवॉल बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश सिर्फ निर्धारित गेटों और प्लेटफॉर्म मार्ग से ही संभव होगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह दीवार न केवल सुरक्षा मजबूत करेगी, बल्कि परिसर की स्वच्छता और सुंदरता में भी सुधार लाएगी। साथ ही रेलवे भूमि पर हो रहे संभावित अतिक्रमण को रोकने में भी मददगार होगी। परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन परिसर अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और नियंत्रित प्रवेश प्रणाली के साथ यात्रियों के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करेगा। 

भारत ही नहीं, दुनिया को दिशा देती है गीता : नायब सिंह सैनी का संबोधन

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को धर्मक्षेत्र–कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में भव्य और ऐतिहासिक वैश्विक गीता पाठ आयोजित किया गया। इस सामूहिक पाठ में 21 हजार बच्चों ने एक स्वर में गीता के श्लोकों का उच्चारण कर वह दिव्य दृश्य प्रस्तुत किया, जिसने पूरे वातावरण को ज्ञान, भक्ति और अध्यात्म से सराबोर कर दिया। इस अभूतपूर्व सहभागिता ने वसुधैव कुटुम्बकम् की भारतीय अवधारणा को साकार रूप दिया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में वैश्विक गीता पाठ में भाग लेने वाले स्कूली छात्रों के लिए मंगलवार को विशेष अवकाश की भी घोषणा की। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी एवं गीता जयंती के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री कृष्ण से नागरिकों के जीवन को ज्ञान के आलोक से आलोकित करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इसी शुभ तिथि पर 5163 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को श्रीमद्भगवद् गीता का दिव्य उपदेश दिया, जिसका संदेश आज भी संपूर्ण मानवता के लिए पथप्रदर्शक है। आज 21 हजार विद्यार्थियों द्वारा अष्टादशी श्लोकों के जाप से आकाश गूंज उठा है। यह गर्व की बात है कि आज भारत के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा अनेक देशों में भी एक साथ इन श्लोकों के स्वर गूंज रहे हैं। उन्होंने कहा कि गीता पाठ का महत्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि वैज्ञानिक भी है। वेद, उपनिषद और गीता के मंत्रों के उच्चारण से उत्पन्न होने वाली सकारात्मक ध्वनि तरंगें मन और मस्तिष्क को शांति प्रदान करती हैं, विचारों में नैतिकता लाती हैं और व्यक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से गीता महोत्सव बन चुका है अंतर्राष्ट्रीय उत्सव, कई देश कर रहे सहभागिता मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ही प्रेरणा से हम गीता जयंती समारोह को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाते हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में अमेरिका की अपनी प्रथम यात्रा के दौरान 19 सितम्बर, 2014 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को महादेव देसाई द्वारा लिखित पुस्तक "The Gita According to Gandhi" भेंट की। इस अद्भुत पहल से प्रेरित होकर हम वार्षिक गीता जयंती समारोह को वर्ष 2016 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने लगे हैं। इसमें कई देशों के प्रतिभागी और लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए और महाभारत थीम आधारित अनुभव केंद्र का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने 28 नवंबर को कर्नाटक के उडुपी में भी इस अनुभव केंद्र का उल्लेख करते हुए देशवासियों से इसे देखने का आग्रह किया। आज यह महोत्सव उनके मार्गदर्शन में विश्वव्यापी स्वरूप ले चुका है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का उपदेश व्यक्ति को कर्तव्य पालन के मार्ग पर करता है अग्रसर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गीता के अलावा योग को भी पूरे संसार में फैलाने का काम किया है। उन्हीं के प्रयासों से हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, क्रोध और अनिश्चितता जैसी कई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए गीता हमें जीवन के हर उतार-चढ़ाव में समभाव बनाए रखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन गीता का पाठ करने वाला व्यक्ति काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार से ऊपर उठ जाता है। गीता का प्रत्येक श्लोक ज्ञान का दीप है और प्रत्येक अध्याय जीवन का मार्गदर्शक। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का उपदेश व्यक्ति को कर्तव्य पालन के मार्ग पर अग्रसर करता है और समाज में अनुशासन व संतुलन स्थापित करता है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस सिद्धांत को अपने जीवन में उतार ले, तो समाज में अनुशासन, समरसता और संतुलन स्वतः स्थापित हो जाएगा। गीता का संदेश कालातीत, यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत नायब सिंह सैनी ने कहा कि गीता का हर श्लोक हमें जीवन जीने की नई प्रेरणा देता है। गीता केवल अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण जी के बीच का संवाद ही नहीं है, यह हमारे हर प्रश्न का समाधान करती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जिस भी घर में गीता का नियमित रूप से पाठ होता है, वहां पर कभी किसी तरह की कोई नेगेटिव एनर्जी नहीं आ सकती। गीता हमें सिखाती है कि सुख-दुःख, सफलता असफलता, लाभ-हानि जीवन का हिस्सा हैं। इनसे विचलित हुए बिना हमें समभाव बनाए रखना चाहिए। यदि हर व्यक्ति इस शिक्षा को अपने जीवन में उतारे, तो आपसी संघर्ष और तनाव कम होगा। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश कालातीत है—यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति गीता के उपदेशों को अपनाए, तो कुरीतियाँ, असमानताएँ और संघर्ष स्वतः समाप्त हो जाएंगे और एक आदर्श समाज की स्थापना होगी। गीता के इस संदेश को अपनाकर हम एक दूसरे के साथ बेहतर संबंध स्थापित कर सकते हैं और समाज में समरसता ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थिजन को गीता के ज्ञान को समझकर अपने जीवन में अपनाने और इसे दूसरों तक पहुंचाने का संकल्प दिलवाया।

शिक्षा विभाग में बड़ा फंड घोटाला: 59.28 लाख के गबन पर अधिकारियों पर केस दर्ज

नूंह नूंह जिले के पुन्हाना क्षेत्र के गांव सिंगार स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में लंबे समय से चल रहे बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। बिछोर थाना पुलिस ने स्कूल के तत्कालीन डीडीओ और मैसेंजर की कथित मिलीभगत से कर्मचारियों के यूनिक कोड का उपयोग कर 59 लाख 28 हजार से अधिक रुपये के गबन का मामला दर्ज किया है। इस गबन की शिकायत गणित अध्यापक हामिद हुसैन ने दर्ज कराई, जो 2009 से सितंबर 2017 तक सिंगार स्कूल में तैनात रहे थे। ट्रांसफर के बाद उन्होंने किसी प्रकार का एरियर, एलटीसी या भत्ता नहीं लिया था। लेकिन 2018 में सैलरी स्लिप निकालने पर उन्होंने पाया कि उनके यूनिक कोड का दुरुपयोग करते हुए मार्च 2018 में दो बार खाते का नाम और नंबर बदलकर 2.20 लाख रुपये एरियर और 16,500 रुपये शिक्षा भत्ता निकाल लिया गया था। जून 2016 का मामला इसी तरह जून 2016 में उनकी 2016-19 की एलटीसी राशि 49,140 रुपये भी बिना आवेदन के मैसेंजर वाहिद अहमद के खाते में भेज दी गई। जांच की मांग पर डीडीओ मोहम्मद अली और मैसेंजर ने केवल 25 रुपये की फर्जी रसीद दिखाई। बाद में दबाव बढ़ने पर वाहिद ने नकद 49 हजार रुपये लौटाए और नया चालान बनाने की बात कही। शिकायत में आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने अन्य कर्मचारियों के यूनिक कोड से भी फर्जी बिल पास कर लाखों रुपये हड़पे। हामिद ने 2018 में ही इस धोखाधड़ी की शिकायत प्रिंसिपल से लेकर निदेशालय तक की थी। केस दर्ज एएसपी आयुष यादव के अनुसार, बिछोर पुलिस ने मोहम्मद अली (तत्कालीन DDO), वाहिद अहमद (मैसेंजर) और एसएस मास्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मुख्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। शिकायतकर्ता ने 2016–19 के सभी वित्तीय रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच की मांग भी की है।

हरियाणा में स्कूल बंद: सीएम सैनी की घोषणा के बाद कल सभी स्कूलों में अवकाश

कुरुक्षेत्र  कुरुक्षेत्र जिले में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में आज 21 हजार विद्यार्थियों ने एक साथ एक मिनट के लिए वैश्विक गीता पाठ किया। इस कार्यक्रम में नायब सैनी, बाबा रामदेव और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ज्योतिसर तीर्थ पर जाकर माथा टेका। यहां मुख्यमंत्री ने पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन किया और हवन-यज्ञ में आहुति डाली। कार्यक्रम के बाद सीएम नायब सैनी ने कल मंगलवार को कुरुक्षेत्र के स्कूलों में छुट्‌टी का ऐलान किया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि गीता के अष्टादश श्लोक से पूरा आकाश गूंज उठा है। यह हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात है कि भारत के साथ-साथ अनेक देशों में गीता के श्लोक गूंजे। इस गीता पाठ के केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है। यह अपने आप में एक प्रार्थना भी है।

AIIMS से महिपालपुर तक जाम मुक्त कॉरिडोर की शुरुआत, दिल्ली–गुरुग्राम यात्रा होगी बेहद आसान

गुरुग्राम  दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा को आसान बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर तेजी से आगे बढ़ रही है. एम्स से गुरुग्राम होते हुए महिपालपुर मार्ग पर प्रस्तावित लगभग 30 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंट कंपनी आरसीटी को सौंपी गई है. कंपनी डेढ़ से दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंप देगी, जिसके आधार पर तय होगा कि मार्ग का कौन-सा हिस्सा भूमिगत रहेगा और कहां एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद एम्स से गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड की दूरी महज 25 से 30 मिनट में तय हो सकेगी. वर्तमान में यही दूरी तय करने में दो घंटे तक लग जाते हैं, जबकि एम्स से गुरुग्राम के सिरहौल बॉर्डर तक जाने में ही डेढ़ घंटे का समय लगता है. नई सड़क से न सिर्फ ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि दिल्ली-गुरुग्राम के बीच मौजूदा मार्गों पर भी भीड़ का बोझ घटेगा. फरीदाबाद रोड से होगा कनेक्शन एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम में गांव घाटा के पास गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जोड़ा जाएगा. इससे दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद- तीनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी. यही नहीं, नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद और मुरादाबाद वालों को भी इससे फायदा होगा. मेरठ से गुरुग्राम सिग्नल फ्री वहीं, मेरठ से सराय काले खां तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से आसानी से पहुंच सकते हैं. इसके बाद एक्सप्रेसवे के समाप्त होने वाली जगह से लेफ्ट लेकर करीब 2 किलोमीटर बाद डीएनडी फ्लाइओवर पर जाएंगे और बिना रेड लाइट एम्स पहुंचेंगे. यहां से गु्रुग्राम के लिए बनने वाले नए एलिडवेटेड रोड की मदद से लोग बिना किसी रुकावट और सिग्नल के गुरुग्राम पहुंच जाएंगे. इस तरह इससे नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ के लोगों को भी फायदा होगा. 5 हजार करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट प्रारंभिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट में परियोजना को व्यवहार्य पाया गया है, जिसके बाद एनएचएआई ने औपचारिक रूप से डीपीआर तैयार करने का काम सौंप दिया है. इस बड़े प्रोजेक्ट पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. डीपीआर पूरी होते ही निर्माण कार्य को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी. उम्मीद है कि यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर में यात्रा को आसान बनाते हुए ट्रैफिक प्रबंधन में गेम-चेंजर साबित होगा. यह नई सड़क जहां आम यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं स्वास्थ्य, बिजनेस और आपातकालीन सेवाओं की मूवमेंट को भी नई गति मिलेगी. सरकार की यह पहल दिल्ली-गुरुग्राम की कनेक्टिविटी को भविष्य के लिए और भी आरामदायक बनाएगा.  

सरकार का बड़ा फैसला: हरियाणा में 20 IAS अधिकारियों के तबादले, जानें किसे कौन-सी अहम पोस्ट मिली

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिसका उद्देश्य राज्य के प्रशासनिक तंत्र को और मजबूत बनाना बताया जा रहा है। सरकार ने इस तबादले के जरिए कई महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिसमें कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ अतिरिक्त ड्यूटी भी सौंपी गई है।