samacharsecretary.com

सर्दी में बीमारी से बचना है जरूरी? डॉक्टर गिरीश बंसल की ये 5 सलाह रखें याद

चंडीगढ़
जाने माने एम डी मैडिसन डॉक्टर गिरीश बंसल ने कहा है कि बढ़ती सर्दी में केवल सुबह की धूप में सैर ही लाभकारी है।शाम की सैर का ठंड और प्रदूषण के बढ़ने से परहेज करना चाहिए। डॉक्टर गिरीश डी वाई मेडिकल कॉलेज पूना से एम बी बी एस व एम डी मैडिसन करने के बाद 32 मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में पंचकूला नागरिक हॉस्पिटल में कार्यरत हैं।

सर्दियों में एम डी मैडिसन डॉक्टर गिरीश बंसल की सलाह है कि ठंड से बचें, पौष्टिक भोजन करें और हाइड्रेटेड रहें। नियमित व्यायाम करें, लेकिन सुबह जल्दी सैर करने से बचें, खासकर अगर आपको दिल या फेफड़ों की बीमारी है; इसके बजाय हल्की धूप में या शाम को टहलें। यदि कोई भी बीमारी के लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें, खासकर अगर वे बढ़ जाएं। 

डॉक्टर गिरीश बंसल का कहना है कि गर्म कपड़े पहनें,हाइड्रेटेड रहें और त्वचा को सूखने से बचाएं।आहार में विटामिन डी के लिए धूप का आनंद लें और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक व मौसमी खाद्य पदार्थ खाएं। सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट और किशमिश फायदेमंद होते हैं।नियमित रूप से व्यायाम करें लेकिन बहुत सुबह और बहुत ठंडे समय में बाहर जाने से बचें। अगर आपको कोई बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही व्यायाम शुरू करें। हर रात 7-9 घंटे की पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित करने के लिए ध्यान या गहरी सांस लेने जैसी तकनीकों का उपयोग करें। बीमार लोगों से दूर रहें, हाथ बार-बार धोएं और चेहरे को छूने से बचें। यदि डॉक्टर सलाह दें तो फ्लू का टीका लगवाएं। 

डॉक्टर गिरीश बंसल का कहना है कि दिल के रोगी: ठंड में विशेष ध्यान रखें। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें और सामान्य से ज़्यादा खाने से बचें। श्वसन संबंधी समस्या वाले मरीज़ अस्थमा, सीओपीडी, आदि सुबह बहुत जल्दी बाहर न जाएं। डॉक्टर की सलाह लें और लक्षणों पर नज़र रखें। अगर दिक्कत हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। खांसी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर घर पर पारंपरिक उपचार लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। 

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here