samacharsecretary.com

करोड़ों का टैक्स नहीं चुकाया तो निगम का डंडा चला, गुरुग्राम में कई इमारतें सील

गुरुग्राम  गुरुग्राम नगर निगम गुरुग्राम ने टैक्स बकायेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को निगम की टैक्सेशन टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए पालम विहार स्थित वासुदेव ग्रेनाइट्स की बिल्डिंग को सील कर दिया। इस संपत्ति पर 1 करोड़ 19 लाख 86 हजार 642 रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था, जिसे बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद चुकाया नहीं गया। नगर निगम ने बताया कि संपत्ति मालिक को समय-समय पर कई बार टैक्स भुगतान के नोटिस जारी किए गए, लेकिन भुगतान न होने पर सीलिंग का अंतिम कदम उठाना पड़ा। कार्रवाई की अगुवाई जोनल टैक्सेशन अधिकारी राजेश यादव ने की। उन्होंने बताया कि सभी जोनों में बकायेदारों की सूची तैयार कर ली गई है और जिन संपत्तियों पर लंबे समय से टैक्स बकाया है, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के कार्रवाई जारी रहेगी। ‘भुगतान करें, वरना संपत्ति सील होगी’ नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टैक्स वसूली में अब किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जिन्होंने अब तक टैक्स नहीं जमा कराया है, उन्हें तुरंत भुगतान करने की सलाह दी गई है, अन्यथा उनकी संपत्तियां भी सील या कुर्क की जा सकती हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह सख्ती सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन स्थापित करने और टैक्स भुगतान की संस्कृति मजबूत करने के लिए की जा रही है। टैक्स से ही बनते हैं शहर के रास्ते निगम के अनुसार, शहर के विकास, सड़क, जल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और आधारभूत ढांचे के रखरखाव के लिए टैक्स की रकम जरूरी है। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे टैक्स को बोझ नहीं, बल्कि शहर के विकास में अपना योगदान समझें।

बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी! 30 अक्टूबर को मिल सकती है सरकारी नौकरी

गुड़गांव जिले के युवा बेरोजगारों की मौज होने वाली है। मंडल रोजगार कार्यालय की तरफ से युवाओं को नौकरी के लिए सुनहरा अवसर दिया जा रहा है। मंडल रोजागार कार्यालय की तरफ से अपने कार्यालय में विभिन्न कंपनियों के माध्यम से एक रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट युवाओं को नौकरी प्राप्त करने का सुनहरा अवसर दिया जाएगा। मंडल रोजगार अधिकारी के मुताबिक, 30 अक्टूबर को प्रातः 9.30 बजे लघु सचिवालय स्थित पांचवी मंजिल पर कमरा नम्बर 513-514 में रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। मेले में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां भाग ले रही है, जिनमें 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएट पास बेरोजगार प्रार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।   मेले में लाभ लेने के इच्छुक प्रार्थी रोजगार कार्यालय का पहचान पत्र, योग्यता के दस्तावेज तथा बायोडाटा साथ लेकर आएं। जिन प्रार्थियो का पंजीकरण रोजगार कार्यालय में नहीं है वह भी रोजगार विभाग के पोर्टल HREX.GOV.IN पर पंजीकरण करने उपरांत भाग ले सकते है। पंजीकरण कार्य रोजगार कार्यालय में भी किया जा रहा है।  

दिल्ली जाने वालों के लिए बड़ा अलर्ट: इन वाहनों की एंट्री पर लगा बैन, 1 नवंबर से लागू नियम

चंडीगढ़  हरियाणा से दिल्ली जाने वाले पहले ही अलर्ट हो जाएं। दरअसल दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता की सरकार ने 1 नवंबर से नया नियम लागू किया है, जिसके तहत दिल्ली में अब BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही आ सकेंगी। इसके अलावा अन्य गाड़ियों पर बैन रहेगा।  इसको लेकर दिल्ली के ट्रांसपोर्ट विभाग ने एक नोटिस जारी किया है। नोटिस में लिखा गया है कि 1 नवंबर से दिल्ली के अंदर और बाहर BS-6 इंजन की रजिस्टर्ड गाड़िया नहीं आ सकेंगी। दिल्ली में केवल BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही आ सकती हैं । वहीं, 31 अक्टूबर 2026 तक BS-4 इंजन की गाड़ियों की एंट्री हो सकती हैं। वहीं, दिल्ली में रजिस्टर्ड कॉमर्शियल गाड़ियां ही दिल्ली में चल सकती हैं। बता दें CAQM की बैठक में 1 नवंबर से प्रदूषण फैलाने वाले कॉमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर व्यापक प्रतिबंध लगाने को मंजूरी दी गई थी। ये है बैन वाली गाड़ियों की लिस्ट दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI डीजल मालवाहक वाहन BS-4 श्रेणी के वाहन पुरानी EoL श्रेणी के वाहन, जिनका रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है।   इन वाहनों को मिलेगी छूट  BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वहीं, BS-IV श्रेणी के हल्के मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को 31 अक्टूबर 2026 तक संचालन की अनुमति दी गई है। इसके बाद इन पर भी रोक लगा दी जाएगी।   गौर रहे कि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। हर साल अक्टूबर-नवंबर में राजधानी की वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच जाती है। इसी के चलते सरकार की कदम उठाया गया है जो दिल्ली के साथ एनसीआर के 5 बड़े जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और सोनीपत में भी लागू किया जाएगा।  

राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ढाल: सीआईएसएफ ने संभाली भाखड़ा बांध परियोजना की जिम्मेदारी

चंडीगढ़ भारत की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) करेगी। सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल का भाखड़ा बांध परियोजना (बीडीपी), नंगल में एक आधिकारिक अधिष्ठापन समारोह हुआ। इस अवसर पर नवज्योति गोगोई, महानिरीक्षक, सीआईएसएफ (उत्तरी खंड), एम. के. यादव, उप महानिरीक्षक, सीआईएसएफ (उत्तरी क्षेत्र-II) तथा मनोज त्रिपाठी, अध्यक्ष, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) सहित सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल के कमांडेंट प्रतीक रघुवंशी उपस्थित रहे। यह समारोह बांध की सुरक्षा को राज्य पुलिस से औपचारिक रूप से सीआईएसएफ को हस्तांतरित करने का प्रतीक बना। भाखड़ा बांध, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर स्थित एक विशाल कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण बांध है, जिसकी ऊंचाई 226 मीटर और लंबाई 518 मीटर है। यह बांध गोबिंद सागर जलाशय का निर्माण करता है, जो 168 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और 9.34 बिलियन क्यूबिक मीटर जल संग्रहण क्षमता रखता है। सीआईएसएफ के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक भाखड़ा बांध की सुरक्षा संबंधित राज्य पुलिस बलों द्वारा बीबीएमबी की देखरेख में की जा रही थी। किन्तु तोड़फोड़ और आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ते खतरों को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने मई 2025 में 296 सशस्त्र कर्मियों वाली सीआईएसएफ की एक समर्पित इकाई की तैनाती को स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ अब भाखड़ा बांध के मुख्य दीवारों, जलद्वारों, बिजलीघरों, नियंत्रण कक्षों तथा प्रवेश द्वारों की निगरानी एवं सुरक्षा का दायित्व संभालेगी। राज्य पुलिस बलों को बीबीएमबी की समग्र सुरक्षा व्यवस्था में सहायक भूमिका में रखा गया है ताकि समन्वित सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ की तैनाती से भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है और यह कदम भारत की जल, ऊर्जा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

लाडो लक्ष्मी योजना में महिलाओं की घटती भागीदारी पर CM सैनी सख्त, कहा- जागरूकता की कमी चिंता का विषय

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने गरीब महिलाओं के कल्याण के लिए लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की थी, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 2100 रुपए मासिक दिए जाने हैं लेकिन महिलाएं गुलाबी और पीला राशनकार्ड कट जाने के डर से इस योजना में रुचि नहीं दिखा रही। इसके चलते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष नाराजगी और चिंता जाहिर की। हरियाणा दिवस पर एक नवम्बर को इन महिलाओं को मासिक भत्ते की पहली किस्त दी जानी है। प्रदेश सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक एक लाख रुपए वार्षिक तक आय वाली 23 से 60 साल की उम्र की महिलाओं की संख्या 19 लाख 62 हजार है, मगर 25 अक्तूबर तक सिर्फ 6 लाख 20 हजार महिलाओं ने भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है।  अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट दी है कि महिलाओं में इस बात का डर है कि उनके खातों में 2100-2100 रुपए मासिक आते ही परिवारों की वार्षिक आय 25-25 हजार रुपए बढ़ जाएगी, जिससे वह अंत्योदय परिवारों की सूची से बाहर हो सकते हैं। ऐसे परिवारों की महिलाएं जागरूकता के अभाव में और डर की वजह से लाडो लक्ष्मी योजना का भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं कर रही हैं।  समाज कल्याण विभाग, पंचायत विभाग और क्रिड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचना दी कि महिलाओं में गुलाबी व पीले राशनकार्ड कट जाने का डर है। 25 से 50 हजार रुपए वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों के गुलाबी कार्ड बनाए जाते हैं, जबकि 50 हजार से 1.80 लाख रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों के पीले बी.पी.एल. कार्ड बनाने का प्रावधान है। 1.80 लाख रुपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों के हरे (ए.पी.एल.) कार्ड बनते हैं। गुलाबी कार्डधारकों की सरकार 35 किलो गेहूं हर माह प्रदान करती है। गुलाबी व पीले राशनकार्ड धारकों को मिलने वाली सुविधाएं भी काफी हैं।   women are not showing interest in Lado Laxmi Yojana, haryana hindi news, Haryana news, Hindi news, अधिकारियों से मिली रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.40 लाख रुपए वार्षिक तक है, उनकी महिलाओं को भी लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100-2100 रुपए प्राप्त करने के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए। अब पंचायत सचिवों और क्रिड में कार्यरत सी.पी.एल.ओ. को लिस्ट देकर गांवों में भेजा जा रहा है, ताकि वे पात्र महिलाओं को चिन्हित कर उनके मौके पर ही लाडो लक्ष्मी योजना के तहत आवेदन करा सकें। हरियाणा के समाज कल्याण विभाग ने अभी तक जो सीमा निर्धारित की है, उसके मुताबिक जिन महिलाओं ने 25 अक्तूबर तक आवेदन कर दिया है, उन्हें ही एक नवम्बर को 2100-2100 रुपए मिल पाएंगे लेकिन मुख्यमंत्री ने 25 अक्तूबर की इस सीमा को हटाने के लिए कहा है, ताकि 31 अक्तूबर तक भी आवेदन करने वाली महिलाओं को शगुन की राशि प्रदान की जा सके। 31 अक्तूबर तक आवेदन करने वालों को यदि सरकार ने भते की राशि प्रदान की तो यह संख्या आठ से 10 लाख भी हो सकती।    

सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं पर हरियाणा सरकार की एडवाइजरी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

चंडीगढ़ हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं को रिस्की-सॉल्वेंट्स बारे एडवाइजरी जारी की गई है। लगातार जांच की जा रही है और निर्धारित मानकों में कमी पाए जाने पर दवा निर्माताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव चंडीगढ़ से वर्चुअली मीटिंग के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दे रही थी। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव डा. आर. एस. ढिल्लो, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के आयुक्त डा. मनोज कुमार , स्टेट ड्रग कंट्रोलर ललित कुमार गोयल और असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर श्री राकेश दहिया भी उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं को रिस्की-सॉल्वेंट्स (प्रोपीलीन ग्लाइकोल, ग्लाइकोल और ग्लिसरीन आदि) की खरीद, स्टॉक और उपयोग के संबंध में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संबंधित सॉल्वेंट्स के सत्यापन के लिए पहले ही निरीक्षण शुरू कर दिए गए थे। अब तक 37 निरीक्षण किए गए हैं और 54 नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए  

कपड़े उतारो— पीरियड्स पर छुट्टी मांगना छात्राओं को पड़ा भारी, यूनिवर्सिटी में मचा बवाल

चण्डीगढ़  हरियाणा के रोहतक में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) में महिला सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच मंगलवार को जमकर हंगामा हो गया। दरअसल यहां दो महिला सफाई कर्मचारियों ने पीरियड्स आने के कारण सेहत खराब होने का हवाला देते हुए अपने सुपरवाइजर से ब्रेक मांगा। हालांकि सुपरवाइजर ने कथित तौर पर उन्हें कपड़े उतरवाकर मासिक धर्म की जांच करवाने को कहा। इससे महिला सफाई कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हंगामा मचा दिया। विवाद बढ़ने के बाद छात्र संगठन भी सफाई कर्मचारियों के समर्थन में उतर गए और आरोपियों के सस्पेंड किए जाने की मांग करने लगे। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ने के बाद आनन-फानन में सुपरवाइजर को हटा दिया गया। जांच के लिए कपड़े उतार फोटो करवाने को कहा पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दो महिला सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वे महावारी के चलते स्वास्थ्य खराब होने पर कुछ देर का ब्रेक लेना चाह रही थीं। उन्होंने इस बारे में अपने सुपरवाइजर से बात की तो वह उनकी दिक्कत समझने के बजाय बदतमीजी पर उतारू हो गया। आरोप है कि सुपरवाइजर ने महिला सुरक्षा कर्मी के माध्यम से महिला सफाईकर्मी के कपड़े उतारकर जांच कराने कहा। जब महिला कर्मी ने ऐसा करने से इनकार किया, तो उनके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि सुपरवाइजर ने जांच के लिए कपड़े उतार फोटो खिंचवाने को कहा। इसके बाद अन्य सफाईकर्मियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और हंगामा शुरू हो गया। कुलसचिव बोले कड़ा एक्शन लेंगे विवाद बढ़ने पर कुलसचिव केके गुप्ता मौके पर पहुंचे और कहा कि यूनिवर्सिटी में महिलाओं के साथ जो भी गलत काम हुआ है, हम इस पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे। उन्होंने कहा है कि फिलहाल सुपरवाइजर को हटा दिया गया है और जो भी इस मामले में दोषी होगा उसको बक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो आरोपी पर एससी/एसटी के तहत मामला दर्ज भी करवाया जाएगा और किसी भी महिला कर्मचारियों के साथ इस तरह की हरकत बर्दाशत नहीं की जाएगी। हालांकि अभी तक महिला सफाई कर्मचारियों या विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है।  

रेलवे ने जारी की चेतावनी: यात्रा के दौरान यह गलती की तो हो सकता है बड़ा नुकसान

गुड़गांव अगर आप भी ट्रेन में सफर करते हो तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। ऐसा न हो कि सफर करने के दौरान आपकी एक छोटी सी गलती से आपको भारी नुकसान का सामना करना पड़े। ऐसा ही एक मामला राजकीय रेलवे पुलिस ने दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से महेंद्रगढ़ के रहने वाले अमित कुमार ने बताया कि वह 26 अक्टूबर को बीकानेर एक्सप्रेस (22472) में दिल्ली से महेंद्रगढ़ जाने के लिए सवार हुआ था। वह अपने दोस्त से फोन पर बात करने लगा और बात करते हुए वह ट्रेन के गेट पर आकर खड़ा हो गया। जब ट्रेन गुड़गांव से रेवाड़ी जाने के लिए चली तो रेलवे लाइन के पास कुछ युवक खड़े हुए थे जिन्होंने एक रस्सी में कुछ भारी सामान बांधा हुआ था।   उन्होंने यह रस्सी उनके हाथ पर मारी जिसके कारण उनका मोबाइल नीचे रेलवे लाइन पर गिर गया। ट्रेन की स्पीड ज्यादा होने के कारण वह न तो ट्रेन से उतर सके और न ही किसी से मदद ले सके। ऐसे में वह युवक मोबाइल लेकर फरार हो गए। महेंद्रगढ़ पहुंचते ही उन्होंने जीआरपी को अपनी शिकायत दी। जीआरपी महेंद्रगढ़ ने मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर गुड़गांव जीआरपी को भेज दी। जीआरपी गुड़गांव के अधिकारियों ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।   

बच्चों की सुरक्षा पर बाल आयोग सख्त, बिना रजिस्ट्रेशन प्ले स्कूल चलाने वालों पर होगी कार्रवाई

यमुनानगर  हरियाणा में निजी रूप से प्ले स्कूल चलाने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जो इसका पंजीकरण नहीं करवाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इसको लेकर प्ले स्कूल संचालकों को जागरूक किया जा रहा है, उसके बाद उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्ले स्कूल संचालकों के साथ की बैठक जानकारी के अनुसार हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य अनिल कुमार और श्याम शुक्ला आज यमुनानगर पहुंचे। यहां उन्होंने प्ले स्कूल संचालकों से स्कूलों के पंजीकरण और बच्चों की सुरक्षा विषयों को लेकर बैठक ली। आयोग के सदस्य अनिल कुमार ने कहा कि जिले में चल रहे प्राइवेट प्ले स्कूलों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और निजी संस्थानों व एजेंसियों की गतिविधियों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की बैठक ली है। उन्होंने कहा कि इन प्ले स्कूलों में कोई भी स्टाफ होगा उसकी पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक होगी, उसका रिकॉर्ड आधार कार्ड रखना अनिवार्य होगा। उन्होंने सभी महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों सुपरवाइजर को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण सभी खंड शिक्षा अधिकारी  जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से करें। कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: आयोग आयोग के सदस्य ने कहा ने कि अगर किसी विद्यालय के साथ कहीं पर भी बच्चों के शोषण से संबंधित कोई मामला संज्ञान में आता है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई के लिए जिला बाल कल्याण समिति को सूचित करें। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है, उसी को पूरा करने के लिए आयोग तत्परता से कार्य कर रहा है। आयोग ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  अभिभावकों से की खास अपील आयोग के सदस्य ने अभिभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों का दाखिला करवाने से पहले प्ले स्कूल की मान्यता की जांच अवश्य कर लें। प्ले स्कूल पंजीकरण अनिवार्य: आयोग सदस्य बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि प्ले स्कूल पंजीकरण का कार्य नियम अनुसार करवा बाल कल्याण समिति जिला बाल संरक्षण इकाई इसके लिए पूरा सहयोग कर रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास मिक्षा रंगा ने सभी प्राइवेट प्ले स्कूल संचालकों से जल्द पंजीकरण करवाना और सुनिश्चित करने के लिए कहा कि बिना पंजीकरण के चल रहे प्ले स्कूलों को नियमानुसार बंद करवा दिया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   

जल्द बढ़ेगा हरियाणा का नक्शा! नए जिले की घोषणा इन तारीखों में संभव

चंडीगढ़  हरियाणा से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार नए जिले बनाने की योजना पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी 1 नवंबर 2025 यानी हरियाणा दिवस पर सरकार 23वें जिले की घोषणा कर सकती है।  10 नए जिलों के प्रस्ताव विचाराधीन जानकारी के अनुसार, सरकार के पास 10 नए जिलों के प्रस्ताव विचाराधीन हैं, जिनमें असंघ, पटौदी, डबवाली, हांसी और गोहाना प्रमुख हैं। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सबसे पहले गोहाना, हांसी या डबवाली में से किसी एक को जिला घोषित किया जा सकता है। बाकी प्रस्तावों पर फैसला जनगणना के बाद लिया जाएगा। अब तक पुनर्गठन उप-समिति को 73 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 10 नए जिले, 14 उपमंडल, 4 तहसील और 27 उप-तहसील बनाने के सुझाव शामिल हैं। प्रस्ताव के अनुसार, किसी नए जिले के गठन के लिए 125 से 200 गांव, 4 लाख से अधिक आबादी, और 80 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल अनिवार्य है। समिति ने इन प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए उपमंडल, तहसील और उप-तहसील के लिए अलग-अलग मानदंड तय किए हैं।   इन निर्णयों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। हाल ही में आयोजित 5वीं बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने की थी, जिसमें शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे। मंत्री पंवार ने कहा कि सरकार जनता और जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन करने के लिए प्रतिबद्ध है। हरियाणा के जिलों का इतिहास हरियाणा का गठन 1 नवंबर 1966 को हुआ था, तब राज्य में केवल 7 जिले थे , जिसमें अंबाला, जींद, हिसार, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, करनाल और रोहतक है। बाद में समय-समय पर अन्य जिले बनाए गए… 1972: भिवानी, सोनीपत 1973: कुरुक्षेत्र 1975: सिरसा 1979: फरीदाबाद 1989: यमुनानगर, कैथल, रेवाड़ी, पानीपत 1995: पंचकूला 1996: फतेहाबाद 1997: झज्जर 2005: नूंह 2008: पलवल 2016: चरखी दादरी