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CM सैनी का बड़ा कदम: सफाई व्यवस्था होगी स्मार्ट, कैमरों से होगी निगरानी

चंडीगढ़. हरियाणा में स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। सफाई कर्मचारियों के लिए एक जैसी ड्रेस लागू की जाएगी। सभी सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू किया जाएगा और साथ ही नई जगह भी तलाशी जाएंगी। बरसाती मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिए गए। इस दौरान वर्षा से पहले ड्रेन को सफाई, जल निकासी और सफाई व्यवस्था पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां जल निकासी में दिक्कत है, उन स्थानों की पहचान कर वहां वैकल्पिक उपाय अपनाए जाएं। ऐसे स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के विकल्प तलाशे जाएं, ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके और जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सके। बैठक में बताया गया कि सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरआइएफडी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ी है। जीपीएस आधारित कचरा कलेक्शन सिस्टम कारगर रहा है। स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए चार कैमरे लगाए जाएंगे। एक आगे की ओर, एक ऊपर, एक नीचे और एक पीछे की ओर। यदि सफाई के दौरान मशीन का नीचे लगा सेंसर बंद पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी को भुगतान नहीं किया जाएगा। एजेंसियों को हर महीने अपने बिल के साथ काम से संबंधित वीडियो फुटेज भी जमा करनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। इस व्यवस्था में 1250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पेनल्टी का प्रावधान किया गया है, जिससे एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी और काम में लापरवाही नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को ड्रेस, जूते और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। पूरे हरियाणा में कार्यरत सेनेटरी वर्करों के लिए एक जैसी ड्रेस लागू की जाएगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में सफाई व्यवस्था, जल निकासी और पानी की उपलब्धता को लेकर सुनिश्चित किया जाएगा कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, विभाग के निदेशक मुकुल कुमार ने भी अपनी बात रखी।

विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की होगी जांच, अंबाला से गुरुग्राम तक तय हुईं तारीखें

चंडीगढ़ हरियाणा में पिछले साल भर्ती 13 हजार 246 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा। राज्य सरकार ने विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित कॉमन काडर ग्रुप-डी के 13 हजार 246 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। हरियाणा में पिछले साल भर्ती 13 हजार 246 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन  राज्य सरकार ने विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित कॉमन काडर ग्रुप-डी के 13 हजार 246 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। पंचकूला में उपायुक्त तो शेष अन्य जिलों में मंडलायुक्त के स्तर पर यह कार्य किया जाएगा। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंबाला मंडल में 20 अप्रैल को 1451 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें 1417 कर्मचारी विभिन्न विभागों में तैनात हैं, जबकि 34 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं।  करनाल मंडल में 21 अप्रैल को कुल 1662 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा  इनमें से 1584 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि 78 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। रोहतक मंडल में 22 और 23 अप्रैल को 3750 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा। इनमें से 3389 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं तथा 361 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। हिसार मंडल में 24 और 27 अप्रैल को 2918 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें 2585 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि 333 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। फरीदाबाद मंडल में 28 अप्रैल को 960 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा, जिनमें 954 विभागों में कार्यरत हैं तथा छह कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। गुरुग्राम मंडल में 29 अप्रैल को 1841 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा, जिनमें 1801 विभागों में कार्यरत हैं तथा 40 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। पंचकूला में 30 अप्रैल को 664 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें चंडीगढ़, पंचकूला तथा विभिन्न विभागों एवं मंडल आयुक्त कार्यालयों से संबद्ध शेष अभ्यर्थी शामिल होंगे। सभी मंडल आयुक्तों तथा उपायुक्त पंचकूला से अनुरोध किया गया है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बायोमेट्रिक सत्यापन के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक स्टाफ एवं संसाधन उपलब्ध करवाएं। साथ ही सत्यापन के उपरांत उपस्थित, अनुपस्थित तथा सत्यापित उम्मीदवारों की संख्या संबंधी रिपोर्ट भी उपलब्ध करवाने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग का नया फरमान, ओपीडी मरीजों के लिए निशुल्क स्कैनिंग सुविधा हुई बंद

अंबाला  कैंट व सिटी के नागरिक अस्पतालों में पीपीपी मोड पर चल रहे डायग्नोस्टिक केंद्रों में नि:शुल्क स्कैनिंग सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक ताजा फरमान ने मरीजों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। नियम के मुताबिक अब केवल अस्पताल में दाखिल मरीजों के ही नि:शुल्क यानी बीपीएल के तहत एमआरआई और सीटी स्कैन किए जाएंगे। जिले के दो बड़े नागरिक अस्पतालों में इस नियम को लेकर अलग-अलग कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है। सिटी में जहां इसका पालन हो रहा है तो वहीं कैंट के नागरिक अस्पताल में अभी छूट दी जा रही है। यही कारण है कि मरीज असमंजस में फंस गए हैं। अनावश्यक स्कैन रोकने के लिए उठाया कदम स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के नागरिक अस्पतालों में अनावश्यक तरीके से चल रहे निशुल्क सीटी स्कैन व एमआरआई पर शिकंजा कसने के लिए यह कदम उठाया है। सिटी व कैंट के नागरिक अस्पताल में अब ओपीडी के आधार पर मुफ्त सीटी स्कैन और एमआरआइ की सुविधा बंद कर दी गई है। 25 मार्च को जारी हुए आदेशों के बाद स्कैन के लिए मरीज को कुछ समय के लिए अस्पताल में फाइल बनाकर भर्ती होना पड़ेगा। ऐसे में अब मरीजों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है। केस-1 : ओपीडी में भी स्पष्ट नहीं निर्देश सिटी के मनमोहन नगर निवासी सुनीता ने बताया कि बाइक से गिरने के कारण बेटे के सिर में चोट आई थी। तीन दिन से निजी अस्पताल में उपचार करवा रही हूं। स्कैन करवाने के लिए सिटी के नागरिक अस्पताल में गई तो उन्हें स्कैन से मना कर दिया गया। बोले कि पहले अस्पताल में दाखिल होना जरूरी है। बाद में पता चला कि कैंट में स्कैन हो रहा है तो अपने पति को भेजकर वहां से अपना स्कैन करवाया। अगर आदेश है तो उन्हें स्पष्ट तौर पर लगाया जाना चाहिए। केस-2 : सेंटर के कर्मी बोले- नहीं मिले ऑर्डर सोनिया कॉलोनी निवासी रजनी ने बताया कि वह अपनी टांगों में असहनीय दर्द के कारण आ रही हैं। पहले एक्स-रे करवाया था लेकिन उससे कुछ स्पष्ट नहीं हुआ। सीटी स्कैन के लिए बोला गया है लेकिन ओपीडी में जाते हैं तो वो दाखिल होने की बात बोलते हैं व काउंटर में जाते हैं तो वो अभी इस तरह का कोई ऑर्डर नहीं आने की बात बोल रहे हैं। ऐसे में वह असमंजस में हैं। अनावश्यक सीटी स्कैन व एमआरआई को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अस्पताल में कुछ समय दाखिल होने के बाद ही नि:शुल्क सीटी स्कैन व एमआरआई होंगे ताकि उनके पास मरीज का पूरा रिकॉर्ड हो। यह निर्देश जारी कर दिए गए है। – डाॅ. सुखप्रीत सिंह, पीपीपी मोड सुविधा, नोडल अधिकारी।

हरियाणा सरकार की बड़ी पहल, बेसहारा पशुओं के लिए हसनपुर गांव में खुलेगा आधुनिक अस्पताल और जीन बैंक

गुरुग्राम गुरुग्राम और नूंह प्रशासन मिलकर हसनपुर गांव में 100 एकड़ जमीन पर हरियाणा का पहला 'गौ अभ्यारण्य' बनाने जा रहे हैं। यहां न सिर्फ बेसहारा पशुओं को रखा जाएगा, बल्कि बीमार गायों के लिए अस्पताल और देसी नस्लों के लिए जीन बैंक भी बनेगा। इससे शहरों में ट्रैफिक जाम और हादसों से राहत मिलेगी।    गुरुग्राम-नूंह सीमा पर 100 एकड़ में बनेगा राज्य का पहला गौ अभ्यारण्य, 10 हजार गोवंश को मिलेगा आशियाना गुरुग्राम नगर निगम और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने मिलकर नूंह जिले के तावडू के हसनपुर गांव में हरियाणा का पहला गौ अभ्यारण्य स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के महानिदेशक के पास आखिरी मंजूरी के लिए भेजा गया है। सड़कों पर लावारिस घूम रहे पशुओं को सीधे इस अभ्यारण्य में भेजा जाएगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी और हादसों पर लगाम लगेगी। नगर निगम ने इस संबंध में नूंह के जिला उपायुक्त से जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। बता दें कि शहर में दस हजार से अधिक पशु सड़कों पर खुले में घूम रहे हैं। निगम के पास जो गौशालाएं हैं उनमें अब मवेशियों को रखने की जगह नहीं है। नगर निगम और जीएमडीए की इस योजना से मानेसर, गुरुग्राम, सोहना और नूंह के लोगों को सड़कों पर खुले में घूम रहे पशुओं से राहत मिलेगी। ग्राम पंचायत ने जमीन देने के लिए प्रस्ताव पास किया इस परियोजना के लिए हसनपुर गांव में लगभग सौ एकड़ पंचायत की जमीन को चिन्हित किया गया है। सरकारी राजस्व दस्तावेजों में यह जमीन पहले से ही गायों के चरने वाली जगह के रूप में दर्ज है। हसनपुर ग्राम पंचायत ने साल 2023 में ही अपनी जमीन देने का विशेष प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया था। नगर निगम आयुक्त और विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों में यह बात सामने आई थी कि शहरों में बेसहारा पशु कूड़ा और प्लास्टिक खाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी अकाल मृत्यु हो रही है। खाली जमीन पर अवैध कब्जों पर रोक लगेगी नूंह के उपायुक्त ने इस पहल की सराहना करते हुए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी दस्तावेजों में दर्ज गायों के चरने वाली ऐसी सभी खाली जमीनों की तुरंत पहचान की जानी चाहिए। ऐसा करने से एक तरफ बेसहारा पशुओं को रहने के लिए एक सुरक्षित जगह मिल जाएगी। जमीन पर होने वाले अवैध कब्जों, अतिक्रमणों पर भी प्रभावी रूप से पूरी तरह लगाम लग सकेगी। पशु अस्पताल भी बनेगा गौ अभ्यारण्य में विशेष रूप से भारत की देसी गायों को बचाने और उनके जीन बैंक को सुरक्षित रखने पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रशासन इस जगह को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विकसित करेगा। पूरी जगह को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। बीमार पशुओं के बेहतर इलाज के लिए एक अस्पताल बनाया जाएगा। चारदीवारी, पीने के पानी की पक्की व्यवस्था और अलग-अलग उम्र के गोवंश के लिए अलग बाड़े भी बनाए जाएंगे। गुरुग्राम और मानेसर निगम रखरखाव करेंगे इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार से 25 करोड़ रुपये की शुरुआती धनराशि की मांग की गई है। इसके जाने के बाद इसके नियमित रखरखाव और संचालन का पूरा खर्च गुरुग्राम और मानेसर निगम मिलकर वहन करेंगे। हसनपुर गांव की पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि इस अभ्यारण्य में पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों में स्थानीय ग्रामीणों को प्राथमिकता दी जाए। सरकार भी ऐसी पंचायतों की तारीफ कर रही है जो गायों के लिए जमीन दान कर रही हैं। प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम, ''नूंह के गांव हसनपुर में गौ अभ्यारण्य तैयार करने की योजना है। इसको लेकर प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है।''

नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से टोल टैक्स में 5% की बढ़ोतरी, यात्रियों की जेब पर बढ़ेगा बोझ

दिल्ली नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत के साथ ही महंगाई का झटका लगने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मंगलवार रात नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत के साथ ही महंगाई का झटका लगने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मंगलवार रात 12 बजे से टोल दरों में औसतन 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से विशेष रूप से दिल्ली-गुरुग्राम, कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का उपयोग करने वाले लाखों यात्रियों का मासिक बजट बढ़ जाएगा। प्रमुख रूटों पर नए रेट्स का असर NHAI के अधिकारियों के मुताबिक, टोल की कीमतों में यह वृद्धि थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में बदलाव के आधार पर की गई है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर सराय काले खां से मेरठ तक का सफर अब पहले से महंगा होगा। इसी प्रकार, गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल प्लाजा पर भी निजी और वाणिज्यिक वाहनों के लिए प्रति ट्रिप शुल्क बढ़ा दिया गया है कमर्शियल वाहनों पर सबसे ज्यादा मार माल ढुलाई करने वाले भारी वाहनों (ट्रकों और ट्रेलरों) के लिए टोल दरों में की गई बढ़ोतरी से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों का कहना है कि टोल बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं, जैसे फल और सब्जियों के दामों में भी मामूली उछाल आ सकता है। मासिक पास धारकों के लिए नई दरें टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए राहत सीमित कर दी गई है। उनके मासिक पास की वर्तमान दर, जो पहले ₹330 (अनुमानित) थी, उसे बढ़ाकर अब ₹345 से ₹350 के बीच किया जा सकता है।

शिक्षा विभाग ने चिराग योजना के तहत दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र किया अनिवार्य, केवल सत्यापित आय वाले परिवारों को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चिराग योजना के तहत 47,250 सीटें निर्धारित की हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) अनिवार्य किया गया है, जिसमें दर्ज सत्यापित आय को ही आधार माना जाएगा। हरियाणा में शिक्षा विभाग ने चिराग योजना को लेकर बड़ा बदलाव करते हुए आय सीमा फिर से घटा दी है। पहले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दायरे को बढ़ाते हुए अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई थी, लेकिन अब विभाग ने इस फैसले को वापस लेते हुए दोबारा 1.80 लाख रुपये कर दिया है। इस फैसले के साथ ही योजना का दायरा काफी सीमित हो गया है। अब केवल वही छात्र प्राइवेट मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले के पात्र होंगे, जिनके परिवार की सालाना आय 1.80 लाख रुपये या उससे कम है। 47,250 सीटों पर होंगे दाखिले, पीपीपी अनिवार्य शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चिराग योजना के तहत 47,250 सीटें निर्धारित की हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) अनिवार्य किया गया है, जिसमें दर्ज सत्यापित आय को ही आधार माना जाएगा। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए नियमों के अनुसार दाखिला प्रक्रिया शुरू करें और पात्र बच्चों को ही लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। इस बदलाव के बाद अब योजना का फोकस फिर से जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर केंद्रित हो गया है।  

ग्रेटर फरीदाबाद में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि का प्रस्ताव 19 गांवों की जमीन पर बसेंगे 12 नए सेक्टर

फरीदाबाद स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में जमीनों के दाम अब आसमान छूने की तैयारी में है। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रेटर फरीदाबाद में देखने को मिलेगा। वहां सर्किल रेट (कलेक्टर रेट) 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर रेट की प्रस्तावित दरों को बढ़ाने के साथ ही इन पर आपत्ति एवं सुझाव मांगे गए हैं। ये सुझाव 31 मार्च तक प्रशासन को दिए जाने हैं। एक अप्रैल के बाद नई दरों को लागू किया जा सकता है। इसके साथ ही जिले में 19 गांवों की जमीन पर 12 नए सेक्टर बसाए जाएंगे। जिला राजस्व विभाग की ओर से सरकार को भेजी गई सर्किल रेट की प्रस्तावित दरों के अनुसार, इस बार ग्रेटर फरीदाबाद के क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि की संभावना है। नीमका और फरीदपुर जैसे क्षेत्रों में आवासीय दरों में सीधे 75 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित है, जिससे रेट 18,000 रुपये से बढ़कर 31,500 रुपये प्रति वर्ग गज हो जाएंगे। वहीं, पॉश सेक्टर-14 और सेक्टर-21ए में 500 वर्ग गज से बड़े प्लॉटों पर 60 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। सेक्टर-14 में अब रेट 58,000 रुपये से बढ़कर 92,800 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंचने की संभवना हैं। सेक्टर-16 सबसे महंगा होगा रिहायशी क्षेत्रों के अलावा अगर व्यावसायिक निवेश की बात करें तो सेक्टर-16 शहर का सबसे महंगा होगा। यहां 500 वर्ग गज तक के कॉमर्शियल प्लॉट के रेट में 75 फीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिससे पुरानी दर 1.21 लाख रुपये से बढ़कर अब करीब 2.11 लाख रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित है। हुडा फ्लैट्स और फ्लोर के दाम आसमान पर पहुंचेंगे प्रस्तावित सर्किल रेट के अनुसार, हुडा फ्लैट्स में रहने वालों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। खासकर नीमका गांव के समीप बने हुडा सेक्टर, यहां फ्लैट्स के रेट में 75 फीसदी की भारी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। इसी प्रकार बड़खल क्षेत्र में बने फ्लैट्स के विभिन्न तलों पर 30 फीसदी की एकसमान बढ़ोतरी की गई है। हाउसिंग बोर्ड में साधारण फ्लैट्स की दरों में भी 30 फीसदी का वृद्धि संभव है, जो 8190 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ेंगे दाम बड़खल तहसील के कोट गांव में आवासीय दरों में 60 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित है। तिगांव के मिर्जापुर में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के ग्राउंड फ्लोर के रेट 75 प्रतिशत तक बढ़ाकर 14 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिए गए हैं। बल्लभगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाली घनी आबादी वाली कॉलोनियों में भी दरों को बढ़ाया गया है। 19 गांव में काटे जाएंगे 12 सेक्टर जिले में 12 सेक्टर विकसित होने हैं। इनके लिए 19 गांव की करीब 4500 एकड़ जमीन खरीदी जानी है। इनमें सेक्टर-100 कॉमर्शियल सेक्टर होगा। सेक्टर 96ए व 97ए लोगों के लिए हैं। विकास चौधरी, डीआरओ फरीदाबाद, ''प्रस्तावित सर्कल रेट की एक कॉपी सरकार को भेजी गई है और एक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। लोग 31 मार्च को अपने नए सर्किल रेट पर अपने सुझाव व आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद इन्हें लागू कर दिया जाएगा।''

सीएम नायब सिंह सैनी की बड़ी सौगात गुरुग्राम के 50 से अधिक सेक्टरों में बनेंगी 24 मीटर चौड़ी सड़कें

गुरुग्राम गुरुग्राम के 50 से अधिक सेक्टरों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सरकार ने 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण की बड़ी योजना तैयार की है। इस परियोजना के लिए कुल 1836 एकड़ जमीन की जरूरत है जिसमें से करीब 1158 एकड़ निजी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में बजट में इसकी घोषणा की थी जिसका खर्च बिल्डरों से वसूला जाएगा। मौजूदा वक्त में संकरे रास्तों के कारण करीब 300 सोसाइटियों में रहने वाले एक लाख से अधिक परिवारों को आवाजाही की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 1158 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में सेक्टर-58 से 115 तक यानी 57 सेक्टरों में 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण के लिए 1158 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस सिलसिले में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के स्थानीय अधिकारियों की तरफ से जल्द जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर निदेशक कार्यालय को भेजा जाएगा। 1836 एकड़ जमीन की जरूरत शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपी प्रवीण कुमार को सड़कों के निर्माण के लिए आवश्यक जमीन की जानकारी तैयार करने के निर्देश जारी किए थे। डीटीपी ने ढेसी को सौंपी रिपोर्ट में बताया है कि 1836 एकड़ जमीन चाहिए। इसमें से 574 एकड़ जमीन बिल्डरों से मिल जाएगी। यह जमीन रिहायशी और व्यावसायिक कॉलोनी का लाइसेंस जारी करने में शामिल है। टीडीआर पॉलिसी के तहत मिलेगी जमीन 104 एकड़ जमीन टीडीआर (ट्रांसफरेबल डिवेलपमेंट राइट्स) पॉलिसी के तहत मिल जाएगी। बची 1158 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना होगा। इसमें से अधिकांश जमीन निजी लोगों के नाम पर है। बता दें कि गत दो मार्च को विधानसभा में प्रस्तुत बजट में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा था कि गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना में शामिल 24 मीटर सड़कों के निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिग्रहण की राशि को बिल्डरों से वसूल किया जाएगा। संकरा रास्ता होने से परेशानी नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना में 24 मीटर सड़कों का निर्माण तो प्रस्तावित कर दिया, लेकिन इन सड़कों के निर्माण की दिशा में कदम नहीं उठाया। राजस्व रास्ते पर करीब 650 रिहायशी और व्यवसायिक सोसाइटियां विकसित करने को लेकर लाइसेंस जारी कर दिए। करीब 300 रिहायशी सोसाइटियों में एक लाख से अधिक परिवारों ने रहना शुरू कर दिया है। संकरा रास्ता होने से लोगों को परेशानी हो रही है।

विशेष खिलाड़ियों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग राजीव गांधी स्टेडियम बनेगा नया स्पोर्ट्स हब

गुरुग्राम गुरुग्राम के दौलताबाद स्थित राजीव गांधी स्टेडियम अब विशेष (स्पेशल) खिलाड़ियों के लिए एक नए खेल हब के रूप में उभरने जा रहा है। करीब 15 लाख रुपये की लागत से यहां जिले का पहला ‘स्पेशल’ पावरलिफ्टिंग सेंटर तैयार होगा, जिसे नेशनल सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है। इस सेंटर में इंडोर ट्रेनिंग की आधुनिक सुविधाएं, एडवांस इक्विपमेंट और प्रोफेशनल माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को उच्च स्तर की तैयारी का अवसर मिलेगा। स्पेशल खिलाड़ियों को बड़ा गिफ्ट, मिलेगी बेहतर ट्रेनिंग खास बात यह है कि इस पहल से गुरुग्राम के साथ-साथ हरियाणा और अन्य राज्यों के स्पेशल खिलाड़ियों को भी एक ही जगह बेहतर ट्रेनिंग और एक्सपोजर मिल सकेगा। अभी तक खिलाड़ियों को ऐसी सुविधाओं के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर की तैयारी का प्लेटफॉर्म मिलेगा, जो उनके प्रदर्शन और भविष्य दोनों को नई दिशा देगा। स्पेशल खिलाड़ियों को मिलेगा पहचान बनाने का मौका यह सेंटर न केवल खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाएगा, बल्कि स्पेशल खिलाड़ियों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। स्पेशल ओलंपिक हरियाणा के एरिया इंचार्ज वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह स्पेशल खिलाड़ियों के लिए बड़ी शुरुआत है। जिले में धीरे इस तरह के सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सके। पूरी तरह इंडोर होगा यह सेंटर उन्होंने बताया कि यह सेंटर खिलाड़ियों के सपनों को नई दिशा देगा और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। इस सेंटर को पूरी तरह इंडोर बनाया जाएगा ताकि खिलाड़ी हर मौसम में अभ्यास कर सकें। आरामदायक तरीके से ले सकेंगे ट्रेनिंग इस ‘स्पेशल’ पावरलिफ्टिंग सेंटर में बेंच प्रेस टेबल, स्क्वाट रैक, डेडलिफ्ट प्लेटफॉर्म, मल्टी जिम, स्ट्रेंथ मशीन, एडवांस वेट प्लेट्स और प्रोफेशनल बारबेल लगाए जाएंगे। सभी उपकरण स्पेशल खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए जाएंगे, जिससे वे सुरक्षित और आरामदायक तरीके से ट्रेनिंग ले सकें। राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए बेहतर मंच मिलेगा यह सेंटर केवल एक ट्रेनिंग जगह नहीं होगी, बल्कि नेशनल लेवल की तैयारी का प्लेटफॉर्म बनेगा। यहां समय-समय पर बड़े ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे। इससे खिलाड़ियों को प्रतियोगी माहौल मिलेगा और वे अपनी क्षमता को बेहतर तरीके से निखार सकेंगे।   गुरुग्राम जिले का पहला 'स्पेशल' सेंटर यह गुरुग्राम जिले का पहला ऐसा स्पेशल सेंटर होगा जो विशेष रूप से स्पेशल खिलाड़ियों के लिए तैयार किया जा रहा है। यहां सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले स्पेशल बच्चे नियमित रूप से प्रैक्टिस कर सकेंगे। इसके साथ ही विशेष सत्रों के माध्यम से उन्हें खेल के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित किया जाएगा।

2 गोहाना धन्यवाद रैली में सीएम सैनी ने की करोड़ों की नई घोषणाएं और विकास कार्यों का आगाज

गोहाना (सोनीपत) नई सब्जी मंडी में आयोजित धन्यवाद एवं विकास रैली में पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं करते हुए 113 करोड़ रुपये की 16 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोहाना की धरती पर आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है और सरकार क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोहाना क्षेत्र के लिए पहले की गई 97 घोषणाओं में से 87 पूरी हो चुकी हैं और बाकी पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में गोहाना हल्के में 1794 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए गए हैं। रैली में मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं की मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बिना खर्ची और बिना पर्ची के रोजगार देने की नीति पर काम कर रही है। रैली में मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं भी कीं। सोनीपत चुंगी से पानीपत चुंगी तक भगवान परशुराम विरासत पार्क में जॉगिंग ट्रैक बनाया जाएगा। गोहाना में भूमि उपलब्ध होने पर मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा। नगर परिषद गोहाना की म्युनिसिपल लिमिट को बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमि उपलब्ध होने पर सोनीपत रोड पर शिव धाम बनाया जाएगा। महम रोड पावर हाउस में 33 केवी सब स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा और खानपुर कलां में भी 33केवी सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाई जाएगी। गोहाना में भूमि मिलने पर टूरिज्म रिजॉर्ट भी बनाया जाएगा तथा एचएसवीपी की ओर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किया जाएगा।   सड़कों का निर्माण करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि गोहाना में सिंचाई भवन, शक्ति भवन और रेस्ट हाउस का पुनर्निर्माण किया जाएगा। भगत फूल सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्डियो कैथ लैब स्थापित की जाएगी। गोहाना विधानसभा के गांवों के सरकारी स्कूलों के विकास कार्यों पर शिक्षा विभाग एक करोड़ रुपये खर्च करेगा। खानपुर कलां में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत की जाएगी और शेष सीवरेज लाइन भी बिछाई जाएगी। जिस पर करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड की कई सड़कों की मरम्मत और पीडब्ल्यूडी की सड़कों का निर्माण करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा।मुख्यमंत्री ने गोहाना क्षेत्र के गांवों के विकास के लिए अलग से 5 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।   गांव मोई माजरी के विद्यालय भवन का 3 करोड़ 77 लाख रुपये से उद्घाटन इस दौरान कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। गांव मोई माजरी के विद्यालय भवन का 3 करोड़ 77 लाख रुपये से उद्घाटन किया गया। बड़वासनी और तिहाड़ मलिक में 13 करोड़ 50 लाख रुपये से बने 33 केवी सब स्टेशनों का उद्घाटन हुआ। गोहाना नगर परिषद में 60 लाख रुपये से बने संत गुरु कबीर दास गेट का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा मार्केटिंग बोर्ड की चार सड़कों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। भालौठ सब ब्रांच की 74 करोड़ रुपये की रिमॉडलिंग का शिलान्यास हुआ। गामड़ी और बिधल में करीब सवा 14 करोड़ रुपये की लागत से 33 केवी सब स्टेशन बनाने का शिलान्यास किया गया। खेड़ी दमकन, बड़वासनी, महलाना और जुआं में करीब सवा 2 करोड़ रुपये की लागत से स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। रैली की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने की और बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।