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मानहानि मामले में आज आएगा बड़ा फैसला, राहुल गांधी की नजरें MP हाईकोर्ट पर

 जबलपुर  मध्य प्रदेश में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह की ओर से दायर मानहानि के केस में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को व्यक्तिगत उपस्थिति से राहत मिलेगी या नहीं, इसका निर्णय बुधवार को होगा। इसके लिए दायर राहुल की याचिका पर मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। प्रकरण में कार्तिकेय सिंह का आरोप है कि वर्ष 2018 में झाबुआ जिले में एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स प्रकरण में उनके पिता शिवराज सिंह चौहान और उनके नाम का उल्लेख किया, जिससे उनकी मानहानि हुई। केस की सुनवाई भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट कर रही है। वहां से सुनवाई में पेश न होने पर राहुल गांधी को समन जारी किया गया था। इसे समन को हाई कोर्ट की जबलपुर स्थित मुख्य पीठ में चुनौती देते हुए राहुल की ओर से ट्रायल कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दिए जाने की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में ट्रायल कोर्ट से केस संबंधित रिकार्ड तलब किया था। मंगलवार की सुनवाई में कोर्ट ने रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद प्रकरण में निर्णय बुधवार के लिए पुनः सूचीबद्ध कर दिया। अब हाई कोर्ट यह तय करेगी कि अंतिम निर्णय तक राहुल गांधी को कोई अस्थायी संरक्षण दिया जाए या नहीं।

दिल्ली-अमृतसर फ्लाइट रास्ता भटकी, पाकिस्तानी एयरस्पेस में पहुंचा एयर इंडिया का विमान

 अमृतसर  एयर इंडिया एक बार फिर से चर्चा में है। इसकी एक फ्लाइट बीते सोमवार की रात दिल्ली से अमृतसर के लिए रवाना हुई थी। उसमें 200 से अधिक यात्री सवार थे। लेकिन वह विमान अमृतसर पहुंचने के बजाय लाहौर जा पहुंचा। उन्हें जब बताया गया कि वह पाकिस्तान में हैं तो फिर यू-टर्न लिया। क्या है मामला यह मामला, 22 जून की देर रात का है। सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया की यह फ्लाइट AI-479 थी। जो कि सोमवार रात करीब 9:15 पर दिल्ली एयरपोर्ट से अमृतसर एयरपोर्ट के लिए टेक ऑफ हुई थी। अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद फ्लाइट वहां लैंड नहीं की। कई राउंड हवा में चक्कर काटते हुए यह प्लेन अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड करने के बजाय पाकिस्तान एयर स्पेस में प्रवेश कर गया। फिलहाल एयर इंडिया की तरफ से इस घटना के लिए आधिकारिक रूप से कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। लाहौर तक पहुंच गया था विमान? सूद्त्रों के मुताबिक एयर इंडिया का यह विमान न सिर्फ पाकिस्तान के एयर स्पेस में चला गया बल्कि वह लाहौर तक जा पहुंचा था। उस दौरान पायलट को यह पता ही नहीं चला कि वह पाकिस्तान एयर स्पेस में इंटर कर चुका है। पायलट को इस बात का जानकारी तब मिली जब पाकिस्तान लाहौर ATC से हवाई जहाज को संपर्क कर एयर इंडिया की इस फ्लाइट के पायलट को बताया गया कि वह भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान एयर स्पेस में है। उनसे पाकिस्तान आने का कारण पूछ गया। 3 मिनट की देरी से उड़ा था विमान एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिली जानकारी के मुताबिक, एयरबस AI-321 विमान ने सोमवार रात 9 बजकर 18 मिनट पर दिल्ली से उड़ान भरी थी। यह विमान अपने निर्धारित समय से 3 मिनट देरी से उड़ा था। इसके बाद उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी आई। इस विमान को रात 10 बजकर 30 मिनट पर अमृतसर में लैंड होना था, लेकिन विमान अपने रूट से भटक गया और पाकिस्तान के एयरस्पेस में जा घुसा। इस बात पता पायलट को भी तब लगा, जब पाकिस्तान एयर ट्रैफिक अथॉरिटी से विमान को चेतावनी मिलने लगी। पायलट ने रास्ता बदला, अमृतसर में जगह नहीं मिली इस घटना के तुरंत बाद पायलट ने विमान का रास्ता बदला और यू-टर्न मारकर वापस भारत के एयरस्पेस में आया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। समय निकल जाने के बाद विमान अमृतसर की सीमा में पहुंचा, लेकिन ट्रैफिक बढ़ने से विमान को उतरने की जगह नहीं मिली। एयरपोर्ट कंट्रोल रूम से विमान को वापस दिल्ली जाने के निर्देश मिले। इसके बाद विमान वापस दिल्ली गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। करीब 2 घंटे बाद दोबारा अनुमति मिलने पर विमान ने अमृतसर के लिए फिर से उड़ान भरी और सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात 2 बजकर 20 मिनट पर अमृतसर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया।  यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई क्षेत्र की निगरानी को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है। विमान का अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर दूसरे देश के हवाई क्षेत्र में पहुंचना विमानन क्षेत्र में गंभीर घटना माना जाता है, हालांकि ऐसी परिस्थितियों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल एजेंसियां निर्धारित अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत स्थिति को संभालती हैं। यात्रियों को हुई परेशानी  इस पूरी घटना के कारण यात्रियों को करीब चार घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। अमृतसर पहुंचने का निर्धारित समय निकल जाने के बाद विमान बुधवार सुबह अपने गंतव्य तक पहुंच सका। विमानन अधिकारियों द्वारा पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है और तकनीकी गड़बड़ी के कारणों की जांच की जा रही है। यात्रियों को 4 घंटे की देरी इस घटना के कारण यात्रियों को करीब 4 घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। जिन्हें रात 10 बजकर 30 मिनट तक अमृतसर पहुंचना था, वे देर रात अपने गंतव्य तक पहुंच सके। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मामले में ये जानकारी दी     रवने पर ट्रैफिक के कारण विमान को हवा में इंतजार करवाना आम बात: इस मामले में अमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी विमान की लैंडिंग से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ओर से अंतिम अनुमति दी जाती है। कई बार रनवे की उपलब्धता, एयर ट्रैफिक या अन्य तकनीकी कारणों से विमान को कुछ समय तक हवा में ही होल्डिंग पैटर्न में इंतजार करना पड़ता है। यह आम बात है।     विमान को दिल्ली ले जाने को कहा गया: अधिकारी के अनुसार, संबंधित विमान के मामले में लैंडिंग में देरी होने पर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया था, जिससे इस विमान के लैंड होने की जगह नहीं थी। बाद में सूचना मिली कि तकनीकी कारणों के चलते विमान भटक गया था। इसके बाद उसे वापस दिल्ली ले जाने को कहा गया।     असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही: अधिकारी ने बताया कि विमान बाद में सुरक्षित रूप से वापस चला गया था। हालांकि, यात्रियों को कुछ देरी का सामना करना पड़ा, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन के पास किसी बड़े हंगामे या दुर्व्यवहार की कोई जानकारी नहीं है। यात्रियों को हुई असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही। गलती से चला गया     सूत्रों कहना है एयर इंडिया के पायलट ने बताया कि वह गलती से पाकिस्तान एयर स्पेस में इंटर हो गया है।     इसके बाद पायलट ने फ्लाइट का यू टर्न लिया और वह अमृतसर के लिए रवाना हुआ।     लेकिन अमृतसर उसे लैंड करने की परमिशन नहीं मिली।     अमृतसर से उसे दिल्ली आना पड़ा। दुबारा अमृतसर के लिए टेक-ऑफ उस विमान के दिल्ली आने के बाद फिर आधी रात 1 बजे के बाद अमृतसर रवाना किया गया। अभी यह पता नहीं चल सका है की फ्लाइट खराब मौसम का शिकार हुआ या उसमें तकनीकी ख़राबी आ गई थी या फिर पायलट गलती से रास्ता भटक कर पाकिस्तान एयर स्पेस में पहुंच गया था। इस मामले की जांच की जा रही है।  

आयकर विभाग में बड़ा फेरबदल, 200 से अधिक निरीक्षक इधर से उधर; जारी हुई सूची

भोपाल   मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 209 आयकर निरीक्षकों के तबादले किए हैं। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश क्षेत्र की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को नई पदस्थापना स्थल पर 3 जुलाई तक कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी सूची के अनुसार सबसे अधिक तबादले भोपाल और रायपुर में किए गए हैं। भोपाल में 46 और रायपुर में 31 आयकर निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके अलावा इंदौर में 21, भिलाई में 10 और बिलासपुर में 6 निरीक्षकों की पदस्थापना बदली गई है। तबादला सूची में ऐसे कई अधिकारी शामिल हैं जिन्हें छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में भेजा गया है। विभाग का कहना है कि यह बदलाव प्रशासनिक जरूरतों और कार्य संतुलन को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 3 जुलाई तक नई पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन कर विभाग को इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वच्छता के नायक इंदरजीत सिद्धू को पद्मश्री, प्रधानमंत्री मोदी ने की जमकर तारीफ

चंडीगढ़  कभी पुलिस की वर्दी में कानून-व्यवस्था संभालने वाले 88 वर्षीय पूर्व आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू आज अपने हाथों में झाड़ू लेकर शहर को स्वच्छ बनाने के मिशन में जुटे हैं। उनकी इसी लगन ने न केवल देश को प्रभावित किया बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके काम के कायल हो गए।  पद्मश्री सम्मान समारोह के दौरान जब प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री आमने-सामने थे तो पीएम ने इंदरजीत सिंह सिद्धू की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘देखो, इन्होंने पूरा चंडीगढ़ साफ कर दिया।’ इस पर सिद्धू ने विनम्रता से जवाब दिया, ‘सफाई तो आप लोग कर रहे हैं, मेरा तो इसमें थोड़ा-सा योगदान है।’ यह जानकारी उनके बेटे अमोलदीप सिंह सिद्धू ने अमर उजाला से बातचीत में साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनके पिता के कार्यों की खुलकर सराहना की और उनसे कुछ समय तक चर्चा भी की।  रोज सुबह झाड़ू लेकर निकलते हैं सिद्धू समाज सेवा और स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंदरजीत सिंह सिद्धू को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से नवाजा है। उन्हें यह सम्मान अनाम नायकों की श्रेणी में दिया गया। वर्ष 1996 में आईपीएस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद सिद्धू ने आराम की जिंदगी नहीं चुनी। सेक्टर-49 में फैली गंदगी और कचरे को देखकर उन्होंने खुद सफाई की जिम्मेदारी उठाई। तब से वह रोज सुबह छह बजे झाड़ू और साइकिल रेहड़ी लेकर सड़कों, पार्कों और नालियों की सफाई के लिए निकल पड़ते हैं। हैरानी की बात यह है कि हाल ही में सड़क हादसे में घायल होने और पैर में चोट लगने के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा। लाठी के सहारे भी उन्होंने अपना सफाई अभियान जारी रखा। यही जज्बा आज उन्हें चंडीगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा का प्रतीक बना रहा है। ‘दादा मेरे हीरो हैं’, पद्मश्री समारोह के लिए अमेरिका से लौटी पोती अमेरिका में लॉ की पढ़ाई करने गई इंदरजीत सिंह सिद्धू की पोती सुखम कौर सिद्धू भी अमेरिका से दादा को अवाॅर्ड लेते देखना चाहती थीं। उनका टिकट काफी बाद का था पर उसको रद्द करवाकर वह जल्दी आ गईं। पोती ने कहा, ‘दादा उनके हीरो हैं और वह भी समाज के लिए कुछ खास करना चाहती हैं।’ उनके साथ ही उनकी बेटी की बेटी डॉ. सरगम बराड़ और उनके पति गुरप्रीत सिंह बराड़ भी उनको अवार्ड लेते देखने के लिए पहुंच गए थे। 

ED की बड़ी कार्रवाई: LNCT समूह के ठिकानों पर रेड, 200 करोड़ के लेनदेन की जांच

 भोपाल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भोपाल के एलएनसीटी समूह से जुड़े कई स्थानों पर सोमवार को छापा मारा। जांच देर शाम तक जारी रही। ईओडब्ल्यू में सितंबर 2025 में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत ईडी ने प्रकरण कायम कर कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि भोपाल के अतिरिक्त ईडी ने इंदौर और बिलासपुर में भी संस्था से जुड़े स्थानों पर तलाशी ली है। सभी जगह से दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस जब्त की गई हैं। 200 करोड़ की हेराफेरी का आरोप ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर के अनुसार पूरे मामले में लगभग 200 करोड़ रुपये के हेरफेर का आरोप है। इसके अनुसार आस्था फाउंडेशन फॉर एजुकेशन सोसायटी के माध्यम से गड़बड़ी की गई थी, जिसमें ग्रुप के मालिकों, अधिकारियों को मिलाकर सात लोगों को आरोपित बनाया गया है। फीस, स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के लेन-देन जांच के दायरे में जांच में छात्रों की फ़ीस, स्कॉरशिप और एजुकेशन लोन से जुड़े वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताएं सामने आईं हैं। जो राशि संस्था को मिलनी थी उसे दूसरी जगह उपयोग करने का आरोप है। ईओडब्ल्यू की जांच में सोसायटी में दर्ज कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाकर दिखाने की बात सामने आई थी। दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही ईडी ईडी फिलहाल जब्त दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं के जरिए प्राप्त राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और क्या इसमें धन शोधन के तत्व शामिल हैं।  इस संबंध में पक्ष लेने के लिए मालिकों में शामिल अनुपम चौकसे को फोन लगाया, मैसेज भी किया, पर कोई जवाब नहीं मिला।

पंजाब में मौसम का बदलेगा मिजाज, 3 दिन बारिश-आंधी की चेतावनी; पहले अमृतसर पहुंचेगा मानसून

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में अगले तीन दिन गरज-चमक के साथ बारिश व तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक पिछले दिन की तुलना में तापमान में 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। इस दौरान पटियाला में अधिकतम 38.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आज पंजाब के लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में गरज-चमक, बिजली चमकने व आंधी का अलर्ट जारी किया है। वहीं, इन जिलों समेत पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, मोगा और रूपनगर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। पंजाब में इसी महीने के अंत में मानसून की एंट्री हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 25 से 30 जून के बीच कभी भी मानसून की एंट्री हो सकती है। बड़े शहरों में मानसून पहले अमृतसर और आखिर में बठिंडा पहुंचेगा। वहीं, चंडीगढ़ में 27 से 30 जून के बीच मानसून की एंट्री होगी। 28–29 जून के आसपास चंडीगढ़ में अच्छी मानसूनी बारिश शुरू हो सकती है। आज भी आंधी-तूफान के साथ बारिश, 12 राज्यों में अलर्ट उत्तर भारत के राज्यों के लिए गुड न्यूज है. उन्हें तेज धूप और लू से राहत आने वाले दिनों में भी मिलती रहेगी. मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत उत्तर भारत के राज्यों में बारिश होती रहेगी. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 23 से 26 जून और फिर 29 जून को बारिश का अलर्ट है. नोएडा, गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23-24 जून और फिर 29 जून को बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 जून को बारिश का अलर्ट है. पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में भी 24 से 29 जून तक हल्की फुल्की बारिश का अलर्ट है।  दिल्ली में आज का मौसम दिल्ली में आज का मौसम की बात करें तो बारिश का अलर्ट तो नहीं है, लेकिन बादल छाये रहने के बाद गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है.हालांकि एक हफ्ते तक अभी ऐसी स्थिति दिल्ली एनसीआर में बनी रहेगी. दिल्ली में कल का मौसम बिगड़ा था और दोपहर को तेज आंधी के बाद बारिश देखने को मिली थी. नोएडा, गाजियाबाद में भी बारिश हुई थी।   उत्तराखंड का मौसम मौसम विभाग की मानें तो लद्दाख, जम्मू-कश्मीर में भी 24 से 29 जून तक छिटपुट बारिश होती रहेगी. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी अलग-अलग स्थानों पर इस दौरान बरसात की संभावना है. 29 जून को उत्तराखंड और हिमाचल में ज्यादा बारिश हो सकती है।  मध्य प्रदेश में आज का मौसम पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 24 से 29 जून के बीच कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. विदर्भ में 29 जून को काफी बड़े इलाके में बारिश होने का अलर्ट है. मध्य प्रदेश में 24 से 27 जून के दौरान बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है. 60-70 किमी की रफ्तार से आंधी आ सकती है. विदर्भ में भी 27 जून तक ऐसे ही हालात रहेंगे. छत्तीसगढ़ में 27 जून तक आंधी, तूफान, बिजली गिरने की चेतावनी है।    गर्मी के तीन असर…     बिजली की डिमांड 15,598 मेगावाट पहुंची: राज्य में आज बिजली की डिमांड फिर से 15,598 मेगावाट तक पहुंच गई। पंजाब में बिजली की जनरेशन 4,500 मेगावाट तक रही, जबकि 11,000 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल से खरीदी गई।     थर्मल प्लांटों की 5 यूनिट बंद: रोपड़ थर्मल प्लांट के चार में से दो यूनिट बंद रहे। गोइंदवाल के दो में से एक और लहरा मोहब्बत के चार में से तीन यूनिट बंद रहे। वहीं, प्राइवेट थर्मल प्लांट राजपुरा और तलवंडी साबो के सभी पांच यूनिटों में उत्पादन हुआ। हाइड्रो प्रोजेक्टों से भी करीब 927 मेगावाट बिजली पैदा की गई।     लू से बचाएंगी कूल-ग्रीन छतें: लुधियाना शहर को लू से निजात दिलाने के लिए नया प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) ने लू के बढ़ते प्रभाव को कम करने के पायलट प्रोजेक्ट में चुने 12 शहरों में पंजाब से लुधियाना को भी चुना है। इसके लिए लुधियाना नगर निगम को केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय से 5 करोड़ रुपए मिलेंगे, जिससे वह रेजिडेंशियल व सार्वजनिक इमारतों में ठंडी व हरी छतें लगाएंगे। इसके अलावा अतिरिक्त पेयजल (हाइड्रेशन) केंद्र और सार्वजनिक शौचालय स्थापित करने तथा मौसम निगरानी प्रणाली को डेवलप कर सकेंगे। वहीं, छायादार शेड भी बनाए जाएंगे। ऐसी मौसम की स्थिति मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के पास दो मौसमी सिस्टम एक्टिव हैं। एक सिस्टम पंजाब से आगे उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ गया है, जबकि दूसरा हरियाणा के ऊपर बना हुआ है। इसी वजह से पंजाब के कई इलाकों में बादल छा सकते हैं, तेज हवाएं चल सकती हैं, बिजली चमक सकती है और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक 26 जून तक और फिर 29 जून के बीच पंजाब में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। अगले 3 दिनों में गर्मी थोड़ी बढ़ेगी और तापमान 2 से 3 डिग्री तक ऊपर जा सकता है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी संभावना है। तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम     25 जून: पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, रूपनगर और मोहाली में बारिश व आंधी की संभावना।     26 जून: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में बारिश व आंधी की संभावना।     27 जून: मौसम विभाग की तरफ से कोई अलर्ट नहीं है। मौसम ड्राई रहेगा।

मोहन यादव पर आरोपों को लेकर BJP का पलटवार, कांग्रेस पर लगाया साजिश रचने का आरोप

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस भ्रम की स्थिति निर्मित कर रही है। प्रदेश की जनता कांग्रेस के षडयंत्र को बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकप्रिय नेता हैं और प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी द्वारा हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जो आरोप लगाया गया, वो पूरी तरह गलत है। कांग्रेस और उनके नेताओं द्वारा भ्रम की स्थिति निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं समझता हूं कि इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं बताना चाहता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री के द्वारा साल 2023 में जो नामांकन दाखिल किया गया उसके मुताबिक उस वक्त उनके पास 17 एकड़ की जो जमीन थी, वो साल 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम से 12.29 एकड़ की जो जमीन थी, इसमें भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।" उन्होंने कहा कि एक सिद्धि विनायक कंपनी, जिसका आरोप में जिक्र किया गया, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2017 में इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया। ये सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की थी। आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है। वो पूरी तरह से गलत है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उससे कोई लेना देना नहीं है। उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में यह आया है कि रिश्तेदारों पर भी जो आरोप लगाए गए, उसमें भी दिए गए तथ्य गलत हैं। मुझे बताया गया है कि ये रिश्तेदार भी अपनी बात कहेंगे और कार्रवाई करेंगे। CM मोहन यादव पर कांग्रेस के आरोपों को भाजपा ने बताया षड्यंत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार की जमीन खरीद से जुड़े आरोपों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इसे पूरी तरह निराधार और राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि जब-जब ओबीसी वर्ग का मुख्यमंत्री बना और आगे बढ़ा तो यह कांग्रेस को रास नहीं आया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री मोहन पर जो आरोप लगाए गए हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। कांग्रेस और उसके नेताओं के द्वारा भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है‌। 2023 के बाद जमीन में कोई बढ़ोतरी नहीं उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा 2023 के विधानसभा चुनाव में जो नामांकन दाखिल किया था, उस स्थिति में उनके पास 17 एकड़ जमीन थी। आज उसमें कुछ भी परिवर्तन नहीं हुआ है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम से 12.29 एकड़ की जो जमीन थी, इसमें भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। जिस सिद्धिविनायक कंपनी का उल्लेख किया गया उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून 2026 में घटकर 65 एकड़ रह गई। मुख्यमंत्री ने 2017 में इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके पुत्र वैभव के पास भी 2023 के पूर्व 16 एकड़ जो जमीन थी, डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उसमें कोई परिवर्तन नहीं आया। यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने के पहले थी। पुत्रवधू द्वारा खरीदी गई 10 एकड़जमीन का भी दिया विवरण खंडेलवाल ने आगे कहा कि सीएम की पुत्रवधू शालिनी यादव के द्वारा जरूर 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई है, जो कि विकसित मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर थी। आरोप में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, वह भी पूरी तरह से गलत है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उससे कोई उसे लेना-देना है। उनके रिश्तेदारों का स्वतंत्र अस्तित्व है और मेरी जानकारी में यह आया है कि वे आरोपों के संबंध में अपना स्टैंड लेंगे और जो कार्रवाई करना होगी, वह करेंगे। प्रदेश के सतत विकास में जुटे सीएम खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा प्रदेश के विकास में लगातार काम किया जा रहा है। इस प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने काम किया है फिर वह चाहे किसानों की बात हो या फिर चाहे औद्योगिक विकास की। इस प्रदेश को मध्य प्रदेश को देश के सबसे विकसित राज्यों में ले जाने का काम मुख्यमंत्री द्वारा किया जा रहा है। उनके खिलाफ षड्यंत्र का काम कांग्रेस पार्टी कर रही है। कांग्रेस कर रही षड्यंत्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जब-जब प्रदेश को ओबीसी मुख्यमंत्री मिला, चाहे उमा भारती हो, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव, उन्हें षड्यंत्र करके कमजोर करने का काम कई लोगों के द्वारा किया गया। इस तरह मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम कांग्रेस के लोग करते हैं। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को जनता के द्वारा जो विकास कार्य किए जा रहे हैं, उसमें पीछे नहीं कर पाए तो इस तरह के षड्यंत्र करके हमारी सरकार और मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम किया जा रहा है। इसे इस प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेसी पिछड़े वर्ग का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं करती प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस प्रदेश को विकसित बना रहे हैं। चाहे किसानों की बात करें, चाहे उद्योगों के विकास की बात करें, सीएम डॉ. यादव इस प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस पार्टी षडयंत्र रच रही है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि जब-जब एक पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री इस प्रदेश को मिला, चाहे उमा भारती हों, चाहे शिवराज सिंह चौहान हों, या मोहन यादव … Read more

पंजाब CM वीडियो केस में बड़ा खुलासा, ₹10 लाख की रिश्वत और फर्जी रिपोर्ट मामले में 2 गिरफ्तार

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वायरल वीडियो मामले में अब नया मोड़ आया है. गुरुग्राम पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और एक एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि कुछ लोगों ने मिलकर ऐसी फॉरेंसिक रिपोर्ट बनवाने की साजिश की जो मुख्यमंत्री के पक्ष में जाए. यह मामला धार्मिक और राजनीतिक तौर पर बहुत संवेदनशील बन गया है।  कुछ समय पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक शख्स को मान जैसा दिखाया गया था. वीडियो में सिख गुरुओं और भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ कुछ आपत्तिजनक हरकतें दिखाई गई थीं. इस पर सिख संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और अकाल तख्त ने मान को खालसा पंथ विरोधी करार दिया. आम आदमी पार्टी ने आरोपों को खारिज किया और दावा किया कि वीडियो में दिख रहा शख्स मान नहीं है।  अब हरियाणा के एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार के अधिकारी बनकर कुछ लोग उनके पास आए और उनसे ऐसी रिपोर्ट बनवाने को कहा जो साबित करे कि वीडियो फर्जी है और शख्स मान नहीं है. उन्हें फाइव स्टार होटल में बुलाया गया, धमकाया गया और गाड़ी में जबरदस्ती 10 लाख रुपये नकद रखे गए. इनकार करने पर उन्हें सिरसा के अरुण महेंद्रा और जींद के अंकित से मिलवाया गया, जिन्हें अधिकारियों ने पेन ड्राइव सौंपी थी।  बाद में दो प्राइवेट कंपनियों, सिफर सेंटिनल लैब और साइबरयान लैब्स से रिपोर्ट तैयार करवाई गई, जिनके ड्राफ्ट वॉट्सऐप पर अधिकारियों से शेयर किए गए और बदलाव के सुझाव दिए गए. जसप्रीत ने पुलिस सुरक्षा और डिजिटल सबूतों की सुरक्षा की मांग की है।  गुरुग्राम पुलिस ने  दिए अपने बयान में कहा कि यह मामला शुरुआती जांच, तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल सबूतों की पड़ताल, पैसों के लेनदेन की जांच और दूसरी उपलब्ध जानकारी के आधार पर दर्ज किया गया है।  पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने भगवंत मान से तुरंत इस्तीफे की मांग की पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने कहा कि अकाल तख्त की अवहेलना करने के बाद मुख्यमंत्री के पास पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं बचा है।  गुरुग्राम में दर्ज एफआईआर का हवाला देते हुए वड़िंग ने आरोप लगाया कि अकाल तख्त को गलत साबित करने के लिए अनुकूल फोरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने की कोशिश की गई. उन्होंने इस मामले को बेहद गंभीर और शर्मनाक बताया। 

गेस्ट हाउस पर पुलिस का छापा, कमरों से आपत्तिजनक सामग्री बरामद; सेक्स रैकेट का खुलासा

सहरसा बिहार के सहरसा में पुलिस ने छापेमारी कर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस का कहना है कि इस मामले को लेकर सूचना मिली थी, जिसके बाद एक्शन लिया गया. मौके से एक महिला और छह पुरुष मिले, जिन्हें कस्टडी में लिया है. इसी के साथ आपत्तिजनक सामग्री भी मिली. पुलिस ने गेस्ट हाउस के कमरों को भी सील कर दिया है।  दरअसल, मंगलवार को सदर थाना क्षेत्र के रिफ्यूजी कॉलोनी में स्थित गेस्ट हाउस में पुलिस ने सूचना के आधार पर छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने एक महिला और 6 पुरुषों को हिरासत में लिया है. साथ ही गेस्ट हाउस के कमरे से पुलिस ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया।  इस छापेमारी में सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, हेडक्वार्टर डीएसपी कमलेश्वरी प्रसाद सिंह, सदर थाना अध्यक्ष अजय पासवान और एसटीएफ पुलिस शामिल थे. आरोप है कि इस गेस्ट हाउस में काफी दिनों से देह व्यापार चल रहा था. गेस्ट हाउस का संचालक सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक लड़कियों और महिलाओं को बुलाकर रखता था. वो कस्टमर्स से मोटी रकम वसूलता था. ऐसे में सवाल यह भी है कि बीच मार्केट इस तरह का अनैतिक काम कैसे चलता रहा? इस मामले को लेकर मौके पर पहुंचे सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि सदर थाना अध्यक्ष को सूचना मिली थी कि रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित एक मकान में अनैतिक देह व्यापार हो रहा है. सूचना मिलते ही सदर थाना अध्यक्ष पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचे और जायजा लिया. इसी के साथ FSL टीम को भी मौके पर बुला लिया गया, जिसने वहां से जरूरी सबूत जुटाए।  इस पूरे मामले को लेकर केस दर्ज कर गेस्ट हाउस संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसडीपीओ ने कहा कि छापेमारी के दौरान मौके से एक महिला और 6 पुरुषों को हिरासत में लिया गया है, साथ ही सभी कमरों को भी सील कर दिया गया है।   

जालंधर में विकास को मिलेगी रफ्तार, 112.93 करोड़ की लागत से बनेंगे दो नए ROB

जालंधर  केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू 24 जून को 112.93 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले गुरु नानक पुरा फाटक बी-67 और गढ़ा फाटक एस-4 का शिलान्यास करेंगे।गुरु नानक पुरा फाटक पर रवनीत बिट्टू, चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर कंस्ट्रक्शन व रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट नॉर्दर्न रेलवे संजीव कुमार श्रीवास्तव, डीआरएम संजीव कुमार सहित भाजपा की लीडरशिप के साथ शाम चार बजे और गढ़ा फाटक पर पांच बजे नींवपत्थर रखेंगे। इस कारण गुरु नानक पुरा फाटक सुबह छह से शाम छह बजे तक बंद रखा जाएगा। 112.93 करोड़ रुपये की लागत से दोनों आरओबी का निर्माण होगा। इसमें 48.95 करोड़ रुपये गुरु नानक पुरा और 63.98 करोड़ रुपये गढ़ा के आरओबी के लिए रेलवे की तरफ से खर्च जाएंगे। आज यहां से ट्रैफिक डायवर्ट 1. लाडोवाली रोड पर कृष्णा फैक्ट्री से बीएसएफ चौक से पीपी चौक की तरफ – चोगिटी चौक से पीपी चौक की तरफ वाहन चालकों को जाना होगा जालंधर शहर और कैंट के मध्य अमृतसर-नई दिल्ली रेल लाइन पर पड़ने गुरु नानक पुरा फाटक सबसे व्यस्त रहता है। यहां से 110 रेलगाड़ियां रोज गुजरती हैं। ऐसे में आरओबी का कार्य शुरू होने पर इस फाटक से गुजरने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट करना बड़ी चुनौती होगा, क्योंकि पीपी सर्विस लेन बंद होने से पहले ही 95 प्रतिशत ट्रैफिक इसी फाटक से और पांच प्रतिशत रामामंडी से आ रहा है। डायवर्जन विकल्प में बशीरपुरा फाटक भी है, मगर वह एरिया बहुत तंग है। पीएपी की सर्विस लेन का काम जल्द पूरा होना जरूरी जालंधर शहर और कैंट के मध्य अमृतसर-नई दिल्ली रेल लाइन पर पड़ने गुरु नानक पुरा फाटक सबसे व्यस्त रहता है। यहां से 110 रेलगाड़ियां रोज गुजरती हैं। ऐसे में आरओबी का कार्य शुरू होने पर इस फाटक से गुजरने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट करना बड़ी चुनौती होगा, क्योंकि पीएपी सर्विस लेन बंद होने से पहले ही 95 प्रतिशत ट्रैफिक इसी फाटक से और पांच प्रतिशत रामामंडी से आ रहा है। डायवर्जन विकल्प में बशीरपुरा फाटक भी है, मगर वह एरिया बहुत तंग है। ट्रैफिक का भार बढ़ने से क्या स्थिति बनेगी। दूसरी तरफ सारा ट्रैफिक रामामंडी की तरफ डायवर्ट होता है, तब भी स्थिति बिगड़ेगी। ऐसे में बस विकल्प नहीं है कि पीएपी सर्विस लेन पर रैंप बनाने का कार्य जल्द पूरा करवाया जाए। यूं तो कंस्ट्रक्शन कंपनी ने एक तरफ से पीएपी की बाउंडर पीछे हटाकर बना दी है और दूसरी तरफ पिल्लर बनाए जा रहे हैं। ड्रेन सिस्टम भी तैयार कर दिया है। कंपनी का दावा है कि अक्टूबर तक इसका काम पूरा कर दिया जाएगा। रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बनने वाला दूसरा स्टील का बोर्डिंग ब्रिज जालंधर-दिल्ली रेलखंड पर स्थित गुरु नानकपुरा रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर स्टील का बोस्ट्रिंग ब्रिज ही बनाया जाएगा। रेलवे आरओबी के निर्माण के ऊपर आने वाले खर्च का 100 प्रतिशत वाहन करेगी। लद्देवाली में पहला बोस्ट्रिंग ब्रिज बनाया जा चुका है। तब रेलवे और राज्य सरकार की तरफ से आधा-आधा खर्च वहन किया था। लद्देवाली में आरओबी निर्माण को लेकर आने वाली सभी चुनौतियों गुरु नानक पुरा आरओबी बनाने में भी आएंगे। क्योंकि उसी तरह से सीवरेज सिस्टम, पानी की पाइपों आदि गुरु नानक पुरा में शिफ्टिंग करनी होगी।