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शादी का झांसा देकर लुटेरी दुल्हन ने उड़ाए डेढ़ लाख, उज्जैन पुलिस के जाल में फंसी

उज्जैन नागदा निवासी दो बच्चों की मां ने भाटपचलाना निवासी युवक से शादी के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ले लिए। सात दिनों तक महिला युवक के साथ रही थी। इसके बाद वह भाग निकली। पुलिस ने महिला सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में महिला का पति व मुख्य सरगना फरार है। टीआइ सतेन्द्रसिंह चौधरी ने बताया कि थाना क्षेत्र के ग्राम खरसौदकलां निवासी रतनलाल सेन के पुत्र जितेन्द्र सेन का विवाह नहीं हो रहा था। 21 अगस्त की रात को मौका पाकर घर से भागी पूजा कुछ दिन पूर्व रतनलाल की पहचान खाचरौद निवासी विष्णुबाई पत्नी रामचन्द्र धाकड से हुई थी। विष्णुबाई ने उसे झांसा दिया कि नागदा निवासी नेहा नामक युवती से वह उसका विवाह करवा सकती है। मगर इसके एवज में उसका परिवार डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहा है। रतनलाल ने परिचित से रुपये उधार लेकर विष्णुबाई को दे दिए थे। 14 अगस्त को विष्णुबाई व उसके साथी ने पूजा उर्फ नेहा निवासी 64 ब्लॉक नागदा को लेकर आए और मंदिर में शादी करवा दी। इसके बाद सभी चले गए। पूजा 21 अगस्त की रात को मौका पाकर घर से भाग गई। जिस पर रतनलाल ने पुलिस को शिकायत की थी।   पुलिस ने जांच के बाद विष्णुबाई, उसके पति रामचंद्र, पूजा उर्फ नेहा व उसका पति विनोद, पूजा की माैसी आशा और जस्सु उर्फ राजू सभी के खिलाफ धारा 318 (4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में पूजा उर्फ नेहा मालवीय, रामचंद्र धाकड, जस्सु उर्फ राजू बागरी, विष्णुबाई धाकड़ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 40 हजार रुपये बरामद किए हैं। आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश जारी हो गए। पुलिस मामले में फरार आशाबाई व लुटेरी दुल्हन पूजा के पति विनोद मालवीय की तलाश में जुटी है।

रेलवे ट्रैक पर युवक-युवती के कटे शव, प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत होने की आशंका

शाहपुर शनिवार देर रात बैतूल जिले के बरबतपुर रेलवे स्टेशन के समीप नागपुर–इटारसी डाउन ट्रैक पर बड़ा हादसा हो गया। रविवार सुबह रेलवे ट्रैक पर युवक और युवती के क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। रेलवे ट्रैक पर कटे मिले युवक–युवती के शव प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली होगी। सूचना मिलते ही शाहपुर पुलिस और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृत युवक की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के गौनापुर निवासी शिवकुमार परते (20) के रूप में हुई है। वहीं युवती हरदा जिले की निवासी बताई जा रही है।   पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम शाहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराने के बाद स्वजन को सौंप दिए हैं। शाहपुर के थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा लग रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है।

पीएआई 1.0 के विमोचन एवं पीएआई 2.0 के क्रियान्वयन के लिये कार्यशाला 25 अगस्त को

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल कार्यशाला का करेंगे शुभारंभ भोपाल  पंचायत राज संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा पीएआई 1.0 के विमोचन (डिसेमिनेशन) एवं पीएआई 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 25 अगस्त 2025 को किया जा रहा है। यह कार्यशाला प्रातः 9.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक विकास भवन, भू-तल स्थित सभागार, अरेरा हिल्स, भोपाल में आयोजित होगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में जिलों एवं राज्य स्तर से कुल 536 प्रतिभागी शामिल होंगे। इनमें अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत (52), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत (52), जिला स्तर के वित्त कार्यक्रम प्रबंधक/अभ्युदयिता समन्वयक (104), शीर्ष रैंकिंग ग्राम पंचायतों के सरपंच (104), निम्न रैंकिंग ग्राम पंचायतों के सरपंच (156), पंचायत सचिव/सहायक सचिव (52) तथा 16 लाइन विभागों के नोडल अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में पंचायतों के सुशासन को सुदृढ़ करना, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और पीएआई 2.0 के माध्यम से पंचायतों की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाना है।  

खनिज लाने वाले वाहनों पर सरकार का सख्त कदम, हरियाणा में लागू हुआ ISTP टैक्स सिस्टम

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने प्रदेश में खनिज लाने वाले वाहनों पर इंटरस्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) लागू करने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य खनिज से लदे वाहनों पर टैक्स लगाकर राजस्व बढ़ाना और सड़कों को होने वाले नुकसान को कम करना है। इससे उम्मीद है कि दूसरे राज्यों से हरियाणा में आने वाले खनिज वाहनों से ज्यादा राजस्व प्राप्त होगा। हालांकि, इससे खनिज की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिससे आम जनता को बिल्डिंग निर्माण और अन्य कार्यों में अधिक खर्च करना पड़ेगा। पहले खनिज वाहनों पर कोई टैक्स नहीं था, जिसके कारण प्रदेश की सीमाओं पर हजारों गाड़ियों का आवागमन होता रहता था और सड़कों को नुकसान होता था। जबकि अन्य राज्यों में पहले से ही खनिज वाहनों पर टैक्स लगाया जाता है। इसे देखते हुए हरियाणा सरकार ने 2 अगस्त से ISTP लागू कर दिया है। राजस्व में वृद्धि की संभावना ISTP के तहत, प्रदेश की सीमा के अंदर खनिज लाने वाले वाहनों पर 100 रुपये प्रति मैट्रिक टन और सीमा से बाहर ले जाने वाले वाहनों पर 20 रुपये प्रति मैट्रिक टन टैक्स लगाया जाता है। पहले वाहन संचालक 20 रुपये का ही टैक्स कटवाते थे, जिससे सरकार को राजस्व कम मिलता था। इसलिए सरकार ने 19 अगस्त से सभी वाहनों पर 80 रुपये प्रति मैट्रिक टन के हिसाब से टैक्स लगाया है, जिससे राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।   खनिज आने वाले प्रमुख क्षेत्र हरियाणा की अधिकांश सीमा राजस्थान से लगती है। महेंद्रगढ़, सिरसा, हिसार, भिवानी, रेवाड़ी, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और मेवात जैसे जिले राजस्थान से लगे हुए हैं, जहाँ से अधिक मात्रा में खनिज आता है। खासतौर पर नारनौल की सीमा तीन तरफ से राजस्थान से जुड़ी है, जहाँ से रोड़ी, डस्ट, पत्थर और बजरी का दोहन होता है। खेतड़ी, सीकर और जयपुर से खनिज से लदे ट्रक निकलते हैं। फरीदाबाद में भी खनन का काम ज्यादा होता है। राजस्थान से हरियाणा आने वाले खनिज वाहनों पर नारनौल खनन विभाग की कड़ी निगरानी रहती है। खनन अधिकारी रात के समय भी सीमा पर गश्त करते हैं। सख्त कार्रवाई और नाके जिला खनन अधिकारी अनिल कुमार के अनुसार, सरकार के आदेश के बाद बॉर्डर वाले इलाकों को चिन्हित कर नाके लगाने की तैयारी की जा रही है। बिना ISTP के वाहनों के खिलाफ अब तक करीब 10 लाख रुपये के चालान किए जा चुके हैं। ISTP लागू होने के बाद खनन विभाग को लगभग 40 लाख रुपये का राजस्व मिला है।

SIR जांच में सामने आया चौंकाने वाला मामला, वोटर लिस्ट में पाक नागरिकों की एंट्री

भागलपुर बिहार के भागलपुर जिले में एक मामला सामने आया है, जहां 1956 में पाकिस्तान से आई दो महिलाओं को मतदाता पहचान पत्र जारी किए गए और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान उनका सत्यापन भी किया गया। हालांकि, गृह मंत्रालय ने इस गड़बड़ी की सूचना दी। इसके बाद, ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) के आदेश पर, उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोनों महिलाएं बुज़ुर्ग हैं और ठीक से बातचीत नहीं कर पाती हैं। भागलपुर के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को जांच, सत्यापन और एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। भागलपुर के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा, "कुछ जानकारी के अनुसार, उनके नाम मतदाता सूची में पाए गए हैं। सत्यापन के बाद, हम फॉर्म-7 भरवाएंगे और आवश्यकतानुसार नाम हटाने की कार्रवाई करेंगे। ये निर्देश गृह मंत्रालय से प्राप्त हुए हैं।" हालांकि, डीएम ने मामले की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। गृह मंत्रालय की जांच के अनुसार, टैंक लेन में इमराना खानम उर्फ ​​इमराना खातून, पत्नी इब्तुल हसन और फिरदौसिया खानम, पत्नी मोहम्मद तफजील अहमद के नाम से मतदाता पहचान पत्र बनाए गए हैं। फिरदौसिया तीन महीने के वीजा पर आई थी भारत प्रशासन के पास दोनों के ईपीआईसी नंबर हैं। रिपोर्ट से पता चला है कि रंगपुर निवासी फिरदौसिया 19 जनवरी, 1956 को तीन महीने के वीजा पर भारत आई थी। वहीं, इमराना तीन साल के वीज़ा पर आई थी। भागलपुर जिला प्रशासन ने कार्यवाही शुरू कर दी है। दोनों महिलाओं को नोटिस भेजे जाएंगे और उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ नियत समय में अपना पक्ष रखना होगा। दोनों महिलाएं इशाकचक थाना अंतर्गत भीकनपुर गुमटी नंबर 3 टैंक लेन में रहती हैं। उनके नाम पर वोटर कार्ड भी जारी किए गए थे। मामला सामने आने के बाद, ज़िला प्रशासन ने नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की। इमराना खातून के मामले में, बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) फ़रज़ाना खातून को ज़िला प्रशासन का आदेश मिला, जिसके बाद नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। जांच का अगला चरण विभाग द्वारा किया जाएगा इमराना खातून ने कहा, "मैंने एसआईआर के दौरान उनका सत्यापन किया। मुझे विभाग से उनके पासपोर्ट नंबरों वाला एक पत्र मिला, जिसकी मैंने दोबारा जांच की। हमें उनके नाम हटाने के लिए कहा गया है। उनमें से एक का नाम इमराना खानम है। वह बोलने की स्थिति में नहीं थी, वह वृद्ध और अस्वस्थ है। विभाग के आदेशानुसार, मैंने फ़ॉर्म भरा और उसका नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। उसका पासपोर्ट 1956 का है, और उसे 1958 में वीज़ा मिला था। वह पाकिस्तान से है। जांच का अगला चरण विभाग द्वारा किया जाएगा। मुझे गृह मंत्रालय से एक नोटिस मिला था" जब मीडियाकर्मी इमराना के घर पहुंचे, तो निवासियों ने दरवाज़ा नहीं खोला और बातचीत करने से परहेज़ किया। फ़िरदौसिया खातून के बेटे, मोहम्मद गुलरेज़ ने कहा, "यहां कोई भी जांच के लिए नहीं आया है। आप देखिए क्या सबूत हैं। बीएलओ पहले आए थे और सारे दस्तावेज़ ले गए थे। 11 दस्तावेज़ों में से, हमने अपने दस्तावेज़ जमा कर दिए। हम हर बार वोट देते हैं।"  

तेज रफ्तार का कहर: नालंदा में अनियंत्रित कार गड्ढे में समाई, 3 युवकों ने गंवाई जान

नालंदा  बिहार के नालंदा जिले में शनिवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां पर एक कार अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में जा गिरी। इस हादसे में तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। इधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। पानी भरे गड्ढे में गिरी कार जानकारी के मुताबिक, घटना जिले रहुई थाना क्षेत्र स्थित बिहटा–सरमेरा मुख्य सड़क (एसएच 78) की है।  घटना शनिवार देर रात की है। मृतकों की पहचान नालंदा जिले के सरमेरा थाना क्षेत्र के महब्बतपुर गांव निवासी पवन कुमार (28 ), सरमेरा थाना क्षेत्र के मोती बिगहा गांव निवासी अरविंद पासवान (25) और शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के अस्थना गांव निवासी समीर राज (25) के रूप में हुई है।  बताया जा रहा है कि क्रेटा कार बिहटा-सरमेरा मुख्य सड़क (एसएच-78) से गुजर रही थी, तभी कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए करीब 20 फीट नीचे पानी भरे गड्ढे में पलट गई। गाड़ी में चार दोस्त थे। इस हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल वहीं, रविवार सुबह ग्रामीणों को पानी में शव उतराते हुए मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। एक युवक की हालत गंभीर है। उसे पटना रेफर किया गया है। वहीं, इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में कीर समाज के महासम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो समाज संगठित होकर कार्य करता है, वह इतिहास बनाता है। कीर समाज को भगवान श्रीराम की चरण रज प्राप्त हुई और समाज बंधुओं ने भगवान श्रीराम को भवसागर पार करवाया। उस समाज ने बदले में भगवान श्रीराम से कुछ नहीं मांगा। बस जीवन की वैतरणी पार करने का आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कीर समाज की एक राज्य स्तरीय पंचायत शीघ्र ही राजधानी में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से उज्जैन में हुए कीर समाज के महासम्मेलन को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कीर समाज ने भगवान श्रीराम को मनुष्य के बजाय भगवान के रूप में पहचाना था। आज समाज प्रगति के मार्ग पर है। शिक्षा के प्रसार और नशा मुक्ति जैसे रचनात्मक कार्यों से समाज जुड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जीवन में मुख्यमंत्री के रूप में प्राप्त सेवा के इस अवसर का श्रेय कीर समाज सहित ऐसे सभी समाज बंधुओं के आशीर्वाद को देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अधोसंरचना विकास और शिक्षा के प्रोत्साहन के कार्य कर रही है। जहां मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, वहीं छात्रवृत्ति पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म मिलने से शिक्षा अर्जन आसान बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महासम्मेलन में उपस्थित अनेक बहनों से संवाद भी किया और लाड़ली बहना योजना सहित अन्य योजनाओं के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कीर समाज को संस्कृति के पर्व मिलकर मनाने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, सामाजिक मेलजोल और आध्यात्मिक चेतना के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने के प्रयासों और महासम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रारंभ में कीर समाज के महासम्मेलन में प्रदेश कार्यकारिणी के शपथ समारोह और विचार विमर्श के सत्र हुए। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। महासम्मेलन को मां पूरी बाई कीर कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री गया प्रसाद कीर, समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री कोमल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने संबोधित भी किया।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर प्रदेशभर से आई माताओं-बहनों का किया गया आत्मीय स्वागत

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है। उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्मश्री उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक सुनील सोनी, इंद्र कुमार साव, अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर की महापौर  मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदी तीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया। महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं। ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए। महिलाओं ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएँ हुईं महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया। कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।

सड़कों की बदहाली पर अनोखा प्रदर्शन : व्यापारियों ने गड्ढों में नहाकर किया विरोध

कोरबा सड़क पर जगह-जगह गड्‌ढों से शहरवासी परेशान हैं. कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र में सड़क की समस्या को लेकर व्यापारियों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. व्यापारियों ने सड़क पर गड्‌ढों वाले स्थान पर बाल्टी मंगाकर गड्‌ढों में भरे पानी से नहाकर विरोध जताया. व्यापारियों का कहना है कि कुसमुंडा मार्ग में विशालकाय गड्ढे और जलभराव की समस्या से लोग बीते एक दशक से जूझ रहे हैं. यहां फोरलेन निर्माण का कार्य हुआ था, लेकिन इमली छापर में ओवरब्रिज की समस्या के कारण लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. विकास नगर कुसमुंडा फोरलाइन में लगभग 100 मीटर तक जलभराव होता है और सड़क पर जगह-जगह गड्ढों के कारण राहगीरों और शरहवासियों का चलना मुश्किल हो गया है. सड़क खराब होने से व्यवसाय चौपट व्यापारिक संघ के अध्यक्ष अशोक राठौर ने बताया कि बीते लगभग 2 साल से यही स्थिति है, जिससे व्यापारियों का व्यवसाय चौपट हो चुका है. कॉलोनीवासियों की आवाजाही मुश्किल हो गई है. इस प्रदर्शन के माध्यम से व्यापारियों ने शासन-प्रशासन का ध्यान खराब सड़क की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अरुण जेटली को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद्म विभूषण से सम्मानित पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति में सादगी एवं शुचिता से उच्च आदर्श स्थापित करने वाले अरुण जेटली का 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान चिरस्मरणीय रहेगा। देश के नवनिर्माण में उनके आदर्श हमें और बेहतर करने के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।