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झारखंड में वन्यजीव सुरक्षा को बड़ा झटका, पलामू अभयारण्य से 9 शिकारी दबोचे गए

लातेहार झारखंड के पलामू बाघ अभयारण्य (पीटीआर) में 9 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि उनके पास से जब्त की गई वस्तुओं में आठ देसी बंदूकें, 400 ग्राम बारूद, 14 ग्राम गंधक, बाघ को पकड़ने का पिंजरा, एक फंदा, एक कुल्हाड़ी और जानवरों के अंग शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि अभयारण्य से रविवार को 2 संदिग्ध शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। उनके (शिकारियों) द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सोमवार को दो और शिकारियों को गिरफ्तार किया गया और मंगलवार को विस्फोटक और बारूद की आपूर्ति करने वाले सरफराज मियां को गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने बताया कि सरफराज मियां से पूछताछ के बाद अभयारण्य के विभिन्न हिस्सों से ये गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने बताया कि 13 अन्य शिकारियों की तलाश जारी है। सरफराज मियां वर्षों से उन्हें बारूद और विस्फोटक मुहैया करा रहा था। पीटीआर के उप निदेशक प्रजेश कांत जेना ने कहा, ‘‘अभयारण्य की सुरक्षा मजबूत कर दी गई है।'' उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 10 साल पहले अभयारण्य के गारू वन क्षेत्र के चंदवा चट्टान में एक बाघ को मार डाला था। जेना ने बताया, ‘‘उन्होंने (शिकारियों) अभयारण्य में जंगली सूअर, हिरण और अन्य जानवरों का भी शिकार किया। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उनका कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध है।'' जेना ने बताया कि पूछताछ के दौरान सरफराज मियां ने तपेश्वर सिंह नाम के एक व्यक्ति का नाम बताया। सिंह ने ही मियां को बारूद उपलब्ध कराया था। उन्होंने बताया, ‘‘इस सूचना के आधार पर वन विभाग की एक टीम ने तड़के करीब तीन बजे सिंह के आवास पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान सिंह ने 10 शिकारियों के नाम बताए।

केंद्र की नई योजना में शामिल होंगे पंजाब के 100+ गांव, ग्रामीणों को होगा लाभ

चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में विकास को गति देने के लिए 6 जिलों के 107 गांवों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का हिस्सा बनाया है। यह योजना अप्रैल 2025 से शुरू होकर वित्तीय वर्ष 2028-29 तक जारी रहेगी। इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर, बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं, वित्तीय सुधार, युवाओं के लिए कौशल विकास और सहकारी समितियों को मज़बूत बनाने जैसे काम किए जाएंगे। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबि अमृतसर के 25 गांव, तरनतारन के 24 गांव, फाजिल्का के 15 गांव, फिरोजपुर के 17 गांव, गुरदासपुर के 19 गांव, पठानकोट के 7 गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है। केंद्र ने इस कार्यक्रम के लिए करीब 6,839 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। यह राशि 2028-29 तक चरणबद्ध तरीके से खर्च की जाएगी। योजना का मकसद अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े गांवों का समग्र विकास करना है। 

30 से अधिक हाथियों का दल गांव में घुसा, ग्रामीणों में मची भगदड़

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के करंजवार गांव में हाथियों का विशाल झुंड देखा गया है. करीब 30 से 35 हाथियों का यह दल क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है. हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों और किसानों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने धान और मक्का की फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है. बता दें, झुंड में बड़े दतैल हाथियों के साथ छोटे-छोटे शावक भी शामिल हैं. स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार मौके पर डटी हुई है. विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों से दूर रहने की अपील की है.

दोस्ती में छिपा खौफनाक राज! आर्टिस्ट पीयूष हत्याकांड में पांच आरोपी गिरफ्तार

सीवान बिहार के सीवान में टैटू आर्टिस्ट पीयूष हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल पांच आरोपी दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त चाकू,खून लगा कपड़ा और 3 मोबाइल भी बरामद हुए हैं। वहीं, अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। आपसी विवाद में दोस्तों ने हत्या की घटना को अंजाम दिया है। मंगलवार को बसंतपुर के खोड़ीपाकड़ नहर के किनारे से पीयूष का अधजला शव बरामद किया गया था। इसकी जानकारी महाराजगंज एसडीपीओ अमन ने प्रेसवार्ता कर दी है। निर्मम तरीके से की गई हत्या एसडीपीओ अमन ने बताया कि मंगलवार को बसंतपुर के खोड़ीपाकर नहर के किनारे भगवानपुर हाट के मलमलिया गांव निवासी स्वः रवीन्द्र सिंह के पुत्र पीयूष कुमार का अधजला शव बरामद किया गया था। पीयूष की निर्मम तरीके से गला रेतकर हत्या करने के बाद पेट्रोल छिड़ककर जला दिया गया था। इस घटना के बाद मृतक की मां रीमा देवी ने थाने में आवेदन देकर पीयूष के दोस्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एसआईटी टीम का गठित सीवान एसपी मनोज तिवारी के निर्देश पर महाराजगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में तुरंत एसआईटी टीम का गठन किया गया। गठित टीम के सभी पुलिस अधिकारी विशेष टीम के प्रयास से एसडीपीओ के नेतृत्व छापेमारी की। टीम ने महज तीन घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा किया। पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया। घटना में प्रयुक्त चाकू और घटना को अंजाम देने के समय का आरोपी का खून लगा हुआ कपड़ा बरामद कर लिया गया है। मामले पर छापामार कार्रवाई जारी घटना में संलिप्त अन्य आरोपी के विरुद्ध लगातार छापामारी की जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपी दोस्तों ने आपसी विवाद में हत्या की घटना को अंजाम दिया। साक्ष्य छुपाने के लिए शव को जलाने का प्रयास किया था, लेकिन शव अधजला होने की वजह से पहचान हो गई। गिरफ्तार युवकों की पहचान सीवान जिले के लकडीनवीगंज के खवासपुर निवासी विनोद कुमार सिंह के पुत्र अमन कुमार, भगवानपुर हाट के मलमलिया निवासी पंकज सिंह उर्फ पप्पू सिंह के पुत्र हिमांशु सिंह,रविन्द्र सिंह के पुत्र मोहित सिंह,बसंतपुर के हरायपुर निवासी सत्येंद्र सिंह के पुत्र अनीश कुमार और रतौली निवासी अवध पाण्डेय के पुत्र सूरज कुमार पाण्डेय के रूप में हुई है। वहीं, भगवानपुर के चरौली निवासी मुकेश सिंह का पुत्र मोहित सिंह फरार चल रहा है,जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

वोट चोरी विवाद में अभय चौटाला का कांग्रेस पर तीखा हमला

सोनीपत हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल एक बार फिर अपनी सियासी जमीन तलाशने में जुट गई है और अभय सिंह चौटाला लगातार हरियाणा में हर विधानसभा पर कार्यकर्ता सम्मेलन कर 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली देवीलाल जयंती का निमंत्रण जनता को दे रहे है। अभय सिंह चौटाला सोनीपत के दौरे पर थे। इस मौके पर बीजेपी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जमकर निशाना साधते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में बीजेपी की मदद के लिए हुड्डा ने उतारे हारने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया, ताकि बीजेपी को सीधा फायदा मिल सके। वहीं कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि 10 साल पहले कहां थे चुनाव के दौरान कांग्रेस ने ये मुद्दा क्यों नहीं उठाया। भिवानी में मनीषा हत्या मामले पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सुसाइड नोट एक सप्ताह पहले क्यों नहीं आया। अधिकारियों और सरकार के बयानों में कोई तालमेल नहीं। पहले हत्या की बात हुई, अब सुसाइड की बात कह रहे हैं। सीबीआई जांच की जगह पंजाब पुलिस से जांच होनी चाहिए। अभय चौटाला को धमकी देने वाले बयान पर जवाब देते हुए कहा कि क्या वो पुलिस के अधिकारी है, उनसे पूछना चाहिए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले की भी अभय सिंह चौटाला ने निंदा की और कहा कि उनको प्रदेश की जनता ने चुनकर भेजा है। ऐसा नहीं करना चाहिए था। इससे किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है।  वहीं लोकसभा में अमित शाह द्वारा सदस्यता वाले बिल पर बोले अभय सिंह चौटाला ये मनमानी कर रहे हैं और अगर किसी की सदस्यता रद्द करवानी होगी तो पहले ईडी में मामला दर्ज कराया जाएगा फिर 2 तीन माह जेल में भेज कर सदस्यता रद्द करवाई जाएगी, सजा ना होने तक ये प्रावधान गलत है, सरकार तानाशाही करेंगी।

उर्स मेले में भीड़ नियंत्रण के लिए काम आया अंशिका वर्मा का डिजिटल इनोवेशन

बरेली बरेली में तीन दिवसीय आला हजरत उर्स में पुलिस ने इस बार भीड़ प्रबंधन के लिए मोबाइल एप व एआई तकनीक का इस्तेमाल किया। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा का बनाया डीडीएमएस एप पुलिसिंग का नया हथियार बना। इससे हर पुलिसकर्मी व भीड़ की लाइव लोकेशन अफसरों के मोबाइल कंट्रोल रूम में स्क्रीन पर दिख रही थी। अंशिका वर्मा ने पूर्व तैनाती के दौरान आईपीएस सोनम कुमार के साथ मिलकर डायनेमिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम (डीडीएमएस) एप बनाया था। इसका एसएसपी अनुराग आर्य ने इस बार उर्स में इस्तेमाल किया। जिले में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के साथ ही दूसरे जिले से बुलाकर ड्यूटी पर लगाए गए स्टाफ का ब्योरा इसमें दर्ज किया गया। इससे उनके ड्यूटी स्थल को खोजने की समस्या खत्म हुई तो अधिकारियों ने भी उनकी लोकेशन की मॉनीटरिंग कर ली। कंट्रोल रूम से अफसरों ने की निगरानी एसएसपी अनुराग आर्य ने कुल के दौरान अधूरे स्काई वॉक पर चढ़ी भीड़ को हटाया, वरना ओवरलोडिंग से हादसा हो सकता था। कमिश्नर व एडीजी समेत कई अधिकारी नगर निगम के कंट्रोल रूम में बैठे रहे। इससे शहर में भीड़ व जाम की स्थिति का जायजा लेकर संबंधित स्थान पर पुलिस टीम भेजी गई। एसएसपी ने बताया कि डीडीएमएस एप का भविष्य में होने वाले अन्य आयोजनों में इस्तेमाल किया जाएगा। अफसरों का जताया आभार बरेली में उर्स-ए-रजवी आयोजन के बाद सर्व सेवा समिति, सिविल डिफेंस वॉर्डन जहीर अहमद, सेवानिवृत्त एडीएम केएल सहगल, अश्वनी ओबेरॉय, मनोज अरोड़ा व सुरेन्द्र त्यागी ने जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने एडीजी जोन रमित शर्मा, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य की बेहतर प्रबंधन के लिए सराहना की है।  

मशहूर ट्रैक्टर वाली लड़की की वायरल पोस्ट ने लोगों का ध्यान खींचा

चंडीगढ़ सोशल मीडिया पर 'उप्पल फार्म' नाम से मशहूर "ट्रैक्टर गर्ल" की प्राईवेट वीडियो लीक के बाद एक पोस्ट ने तहलका मचा दिया है। आरोप है कि प्रभ नामक युवक जो लड़की का मंगेतर बताया जा रहा है, पिछले लंबे समय से उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था।   अब पीड़िता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्टोरी डाल कर कहा कि मुझे किसी का भी नाम लेकर बदनाम न किया जाए। मेरा किसी भी यादविंदर नाम के युवक से कोई भी रिलेशन नहीं था। मैं जग्गा नाम के शख्स के जरिए उस से जरूर मिली थी, मेरी आम दोस्तों की तरह उस के साथ दोस्ती थी।   उसने लोगों से अपील की कि उनका नाम बिना वजह किसी भी विवाद या अफवाह से न जोड़ा जाए। उनका कहना है कि उनका जीवन खुला है और वे किसी भी तरह की गलत चर्चा का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं। लड़की ने जोर देकर कहा कि वे अपनी पहचान केवल अपने काम और सच्चाई से बनाना चाहती हैं, न कि झूठी खबरों से।

सीएमएचओ की बैठक में स्वास्थ्य गतिविधियों की समीक्षा, बीमारियों से निपटने की तैयारी तेज

सिरोही  राजस्थान के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गई है। इस बीच डॉ. खराड़ी ने कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए आशा एवं एएनएम कार्यकर्ता नियमित रूप से एंटी-लार्वा एक्टिविटी को संचालित करे। पानी में एमएलओ, टेंफोस दवा डालने, एंटी-एडल्ट एक्टिविटी के तहत घरों में रखे कंटेनर, टंकियां एवं कूलर समय-समय पर खाली करने, किसी भी स्थान पर 7 दिन से ज्यादा पानी जमा न होवे, ताकि मच्छरों के अंडे एवं लार्वा पनप न सकें। इसको लेकर कार्य करने के आदेश दिए गए। मलेरिया पर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। खराड़ी ने नसबंदी लाभार्थियों को मिलने वाला वित्तीय लाभ समय पर उनके खातों में पहुंचे, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उनका कहना था कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के अंत में सीएमएचओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से अपील की कि सभी योजनाओं और अभियानों का क्रियान्वयन गंभीरता और जिम्मेदारी से किया जाए। इस अवसर पर आरसीएचओ डॉ. रितेश सांखला ने मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की। वहीं जिला क्षय अधिकारी डॉ. विवेक जोशी ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक नरेश टेलर भी उपस्थित रहे। जिले में 1.04 लाख घरों में हुआ सर्वे डॉ. खराड़ी के अनुसार जिले में अप्रैल 2025 से अब तक 18 हजार 835 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है उनके द्वारा 1 लाख 4 हजार 954 घरों का सर्वे किया गया है। सर्वे के दौरान 318 घरों में लार्वा पाए गए। इसी प्रकार 1 लाख 77 हजार 780 कंटेनरों की जांच की गई। इनमें से 963 कंटेनरों में लार्वा पाए गए। विभाग द्वारा अब तक 87 हजार 872 कंटेनरों को उपचारित किया गया है। लार्वा नियंत्रण की कारवाई के तहत 11 हजार 467 पात्रों में टेमिफॉस डाला गया। वहीं, 1758 स्थानों पर एमएलओ का छिड़काव किया गया है। इसके अतिरिक्त, कई दिनों से एक ही जगह जमा पानी वाले कुल 80 हजार 291 पात्र खाली करवाए गए, ताकि मच्छरों की उत्पत्ति को रोका जा सके। लाडो योजना से लाभान्वित करने के आदेश सीएमएचओ ने लाडो योजना के संबंध में निर्देश दिए कि जैसे ही किसी गर्भवती महिला का पंजीकरण होता है, तत्काल प्रभाव से उसके दस्तावेज लेकर बैंक खाता खुलवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रसव के समय योजना का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बालिकाओं की शिक्षा एवं अन्य सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा 1.50 लाख रुपए की राशि 7 किस्तों में प्रदान की जाती है, जिससे बालिका पर होने वाले खर्च का बोझ परिवार पर न पड़े। टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की गई। डॉ. खराड़ी ने निर्देश दिए कि लक्षित जनसंख्या में लक्षणयुक्त मरीजों के बलगम की जांच CB-Naat / True-Naat मशीन से की जाए। वहीं लक्षण रहित लक्षित जनसंख्या की शत-प्रतिशत एक्स-रे जांच सुनिश्चित की जाए। चिकित्सा संस्थानों में साफ-सफाई और सुधार पर बल सीएमएचओ ने निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा संस्थानों में नियमित साफ-सफाई रखी जाए। विशेष रूप से प्रसव (डिलीवरी) वाले चिकित्सा संस्थानों में अतिरिक्त स्वच्छता सुनिश्चित की जाए, ताकि गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जर्जर चिकित्सा संस्थानों पर ताला लगाकर उनकी सेवाएं निकटवर्ती उपयुक्त स्थानों से संचालित की जाएं, जिससे मरीजों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

अभियुक्त की मौत के बाद भी जारी रहा केस, सह-आरोपी पत्नी, बेटे और बहू को 3 साल कैद

जबलपुर   आय से अधिक संपत्ति मामले में प्रवर्तन निर्देशालय (ईडी) ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसे सुनकर भ्रष्टाचार करने वालों के होश उड़ जाएंगे. दरअसल, विशेष न्यायाधीश इरशाद अहमद ने अभियुक्त कर्मचारी की मौत के बावजूद प्रकरण में सह आरोपी पत्नी, बेटे व बहू को तीन-तीन साल के कारावास व दस-दस हजार रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है. विशेष न्यायालय ने माना कि आय से अधिक अर्जित संपत्ति का उपयोग सह आरोपियों के नाम सम्पत्ति खरीदने व निवेश में किया गया था. परिवार के लोगों को क्यों मिली सजा? अभियोजन के अनुसार जबलपुर में पदस्थ रहे कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट, सहायक लेखाधिकारी सूर्यकांत गौर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. ईडी ने साल 2011 में उनके खिलाफ कार्रवाई की थी. इस दौरान ईडी को उनके पास से आय से लगभग 90 लाख रु अधिक की संपत्ति मिली थी. आय से अधिक राशि का उपयोग पत्नी विनिता गौर, पुत्र शिशिर गौर व पुत्रवधू सुनीता गौर के नाम पर संपत्ति खरीदने व निवेश में किया गया था. ईडी ने प्रकरण में मुख्य आरोपी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था. सभी को माना गया भ्रष्टाचार का दोषी प्रवर्तन निर्देशालय ने सभी आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तु किया था. न्यायालय में प्रकरण के लंबित रहने के दौरान मुख्य आरोपी सूर्यकांत गौर की मृत्यु हो गई थी. विशेष न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य व गवाहों के आधार पर सह आरोपियों को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार देते हुए सजा से दंडित किया. स्पेशल कोर्ट ने यह भी कहा है कि जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर 6-6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजन अधिवक्ता विक्रम सिंह ने पैरवी की.

हमर छत्तीसगढ़ की मिसाल: जहां गुरुजी पढ़ाते भी हैं और बच्चों के बाल भी संवारते हैं

कबीरधाम  छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षकों की लापरवाही की खबरें तो आपने बहुत देखी और सुनी होगी, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे सरकारी स्कूल के मास्टरजी यानी शिक्षक के बारे में बताने जा रहे हैं जो 'सैलून वाले गुरुजी' के नाम से मशहूर हैं। चौक गए न आप भी। दरअसल, कबीरधाम जिले के सरकारी मिडिल स्कूल में पदस्थ टीचर पूनाराम पनागर की पहल भी गजब है। यह शिक्षक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के साथ विद्यार्थियों के बाल भी निःशुल्क कटिंग करते हैं। शिक्षक आखिर क्यों ऐसा करता है,नाई बनने के पीछे उनका क्या मकसद है? तो चलिए आपको इस मास्टरजी के बारे में बताते हैं। कौन हैं ये शिक्षक? कबीरधाम जिले में बोड़ला स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में शिक्षक पूनाराम पनागर की पोस्टिंग हैं। वह बच्चों को पढ़ाने के उनके बाल भी मुफ्त में काटते हैं। बाल कटिंग में खर्च होने वाले पैसों को शिक्षक बच्चों से कॉपी, पेन या स्कूल से संबंधी जरूरी काम करने को कहते हैं। शिक्षक पूनाराम बताते हैं कि मैं पहले बोड़ला के महलीघाट गांव के प्राइमरी स्कूल में था। इस आदिवासी क्षेत्र में सेलून नहीं थे। ऐसे में स्कूल के बच्चों के बाल काफी बढ़ जाते थे। तब मैंने 2012 से खुद ही बच्चों के बाल काटना शुरू कर दिया। बाद में मेरा ट्रांसफर यहां बोड़ला के स्कूल में हो गया। यहां भी सरकारी हॉस्टल में रहने वाले बच्चे गरीब परिवारों से है। शिक्षक पूनाराम ने बताया कि सरकारी SC-ST हॉस्टल के बच्चों के बाल महीने में किसी एक रविवार को काटता हूं। इससे बच्चों के सेलून का खर्चा बच जाता है। इतना ही नहीं शिक्षक पूनाराम सरकारी स्कूल के पहली से दसवीं क्लास के बच्चों को 15 साल से स्कूल के अलावा फ्री कोचिंग भी दे रहे हैं। अपने पढ़ाए बच्चों के बीच यह स्पर्धा भी कराते हैं कि जो जिले में टॉप करेंगे या प्रदेश में टॉपर सूची में आएंगे तो उन्हें 10 से 15 हजार इनाम भी देंगे। वे हर साल पर्चा छपवाकर इलाके में बंटवाते हैं कि लोग अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में ही कराएं। शिक्षक के इस पहल की पूरे प्रदेश में जमकर चर्चा हो रही है।   घर पर बच्चों को निःशुल्क कोचिंग भी पढ़ाते हैं पूनाराम पनागर की इस पहल की सराहना न सिर्फ छात्र बल्कि अन्य शिक्षक और अभिभावक भी करते हैं। पूनाराम के काम को समाज सेवा की मिसाल मानते हैं। शिक्षक कृष्ण कुमार ध्रुवे बताते हैं कि पूनाराम सर… बच्चों के शैक्षणिक उत्थान को लेकर बहुत सजग हैं। उनकी सोच यह है कि बच्चे पैसों की बचत करके उसका उपयोग शैक्षणिक गतिविधियों में करें। वे गरीब और कमजोर बच्चों को निःशुल्क कोचिंग भी देते हैं, ताकि वे पीछे न रहे। अपने कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों के बीच प्रतिस्पर्धा भी करवाते हैं और यह भी कहते हैं कि 10वीं और 12वीं में टॉप करने वाले बच्चों को पुरस्कार भी अपनी जेब से देंगे। सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने बांटते हैं पर्चा कबीरधाम जिले में एक सरकारी शिक्षक अपनी सेवा भावना से मिसाल बन गए हैं। सरकारी स्कूलों में हर साल बच्चों का दाखिला घट रहा है, लेकिन शिक्षक पूनाराम हर साल खुद पर्चा छपवाकर ग्रामीणों से अपील करते हैं कि वे अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में कराएं। महंगी फीस से बचें और उन पैसों को बच्चों के आगे की पढ़ाई के लिए बचाएं…। गरीब और कमजोर बच्चों को शिक्षक अपने पैसों से पुस्तक-कापी भी खरीदकर देते हैं, ताकि उन्हें पढ़ने में कोई दिक्कत न हो। ऐसे शिक्षक की प्रतिबद्धता ने यह साबित कर दिया है कि एक शिक्षक अगर चाहे तो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।