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जेल से छूटते ही किया शक्ति प्रदर्शन, पुलिस ने दोबारा भेजा जेल

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में आदतन बदमाश दुर्गेश महंत को जमानत में रिहा होते ही जुलूस निकलना उस वक़्त मंहगा पड़ गया। जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया। रायगढ़ पुलिस ने तत्काल एक्शन में आते हुए उसे दोबारा जेल भेज दिया है। उक्त मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक, दुर्गेश महंत 22 साल ने करीब तीन माह पूर्व थाना जूटमिल क्षेत्र के मारपीट में जेल में निरुद्ध था। हाल ही में उसे जमानत मिली थी, जिसके बाद उसने अपने साथियों के साथ शहर की सड़कों पर जुलूस निकाला। वीडियो से शहरवासियों और पीड़ित परिवार में आक्रोश की स्थिति बन गई। सोशल मीडिया में वीडियो वाइरल होते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के निर्देश में कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल सायबर सेल टीम के साथ आरोपी को पकड़ा और थाने लाकर पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह जमानत पर रिहा होने के बाद शहर में जुलूस निकाल रहा था। कोतवाली पुलिस ने धारा 170 BNSS एवं धारा 126, 135(3) BNSS के तहत मामला दर्ज करते हुए उसे एसडीएम न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी को पुनः कल शाम जिला जेल भेज दिया गया।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों पर भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।  

बिलासपुर में बरसात का इंतज़ार, भीषण गर्मी ने बढ़ाई चिंता

बिलासपुर सावन की विदाई से पहले बिलासपुर में सूरज जमकर कहर बरपा रहा है। मंगलवार को तापमान बढ़कर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक रहा। राज्य का सबसे गर्म शहर बनने के साथ न्यायधानी उमस और तपिश से बेहाल रही। मानसून ब्रेक के चलते बारिश की स्थिति शून्य रही, जिससे राहत की उम्मीद भी धूमिल हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में आंशिक बदलाव के संकेत दिए हैं। न्यायधानी में सूरज सिर चढ़कर बोला और धूप की चुभन ने आमजन को घरों में कैद कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक था। यह तापमान इस सीजन का रिकार्ड बन गया, जिसने बिलासपुर को प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना दिया।     शहर अधिकतम न्यूनतम     बिलासपुर 35.0 डिग्री सेल्सियस 26.4 डिग्री सेल्सियस     पेंड्रारोड 31.4 डिग्री सेल्सियस 21.6 डिग्री सेल्सियस     अंबिकापुर 32.9 डिग्री सेल्सियस 23.6 डिग्री सेल्सियस     माना 33.4 डिग्री सेल्सियस 26.5 डिग्री सेल्सियस     जगदलपुर 33.9 डिग्री सेल्सियस 24.5 डिग्री सेल्सियस सावन के अंतिम सप्ताह में इस तरह की भीषण गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया। वातावरण में बढ़ी नमी के कारण उमस और अधिक बढ़ गई, जिससे छांव भी बेअसर रही। दिनभर आसमान पूरी तरह साफ रहा और सूर्य की किरणें सीधे सिर पर पड़ीं। पूरे जिले में वर्षा नहीं हुई, जिससे मौसम और ज्यादा भारी हो गया। अरुणाचल की ओर मानसून द्रोणिका मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका का पूर्वी सिरा अरुणाचल प्रदेश की ओर खिसक गया है। इसे मानसून ब्रेक की स्थिति कहा जाता है। इस कारण प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना बनी हुई है। कुछ इलाकों में वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। गर्मी ने बदली लोगों की दिनचर्या बिलासपुर में बढ़ती तपिश और उमस ने जनजीवन को प्रभावित किया है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और अधिकांश लोग घरों से बाहर निकलने से कतराते दिखे। छोटे बच्चों को घरों में ही रहना पड़ा, वहीं ऑफिसों में उपस्थिति भी प्रभावित हुई। शहर में बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे पंखे और कूलर बेअसर नजर आए। आमजन को राहत की उम्मीद अब संभावित बारिश पर टिक गई है।

भजनलाल सरकार का रक्षाबंधन गिफ्ट: महिलाएं दो दिन कर सकेंगी फ्री सफर

जयपुर रक्षाबंधन के अवसर पर राजस्थान सरकार ने महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के बाद 9 और 10 अगस्त को प्रदेश की सभी साधारण और नॉन-एसी श्रेणी की रोडवेज बसों में महिलाओं और बालिकाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। यह योजना केवल राजस्थान राज्य की सीमा के भीतर यात्रा करने वाली महिलाओं पर लागू होगी। एसी, वॉल्वो और ऑल इंडिया परमिट वाली बसें इस योजना से बाहर रखी गई हैं। गौरतलब है कि यह योजना कई साल से चलाई जा रही है लेकिन अब तक इसे एक दिन ही चलाया जा रहा था लेकिन इस साल यह सुविधा दो दिन के लिए दी जा रही है। राजस्थान रोडवेज के प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि हर साल रक्षाबंधन पर यह योजना चलाई जाती है, जिसे इस बार भी सरकार ने मंजूरी दी है। इस साल करीब 8.5 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा और सरकार पर 14 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। महिलाओं को यात्रा के समय अपना कोई वैध पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी साथ रखना अनिवार्य होगा। पहचान की पुष्टि के बिना योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जयपुर में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक कार्यक्रम में इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि यह रक्षाबंधन की भावना को सशक्त करने वाला निर्णय है।

सरगुजा कोठीघर में चोरों की घुसपैठ, पीतल की हाथी मूर्ति ले उड़े चोर

अंबिकापुर सरगुजा राजपरिवार के कोठीघर परिसर से लगभग 15 किलो वजनी पीतल की हाथी की मूर्ति चोरी कर ली गई। यह स्थल, सरगुजा पैलेस से लगा हुआ है। कोठीघर के ठीक सामने मुख्य सड़क गुजरी है। सीसी कैमरे में घटना कैद हुई है। सीसीटीवी कैमरे की एक युवक चोरी कर वापस जाता नजर आ रहा है। चोरी की घटना रविवार 3 अगस्त को मध्यरात्रि के बाद हुई है। सीसी कैमरे के फुटेज के आधार पर पुलिस अब आरोपित की पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। सरगुजा राजपरिवार का निवास कोठीघर के नाम से जाना जाता है। यह सरगुजा पैलेस से लगा हुआ है। राजपरिवार के लोग जब आते हैं तो वे कोठीघर में रहते हैं। इसका निर्माण कई साल पहले पैलेस के क्षतिग्रस्त होने के बाद कराया गया था। पूर्व उप मुख्यमंत्री सिंहदेव का निवास तपस्या है। वे कोठीघर में भी रहते हैं। जोड़े मे से एक हाथी उठा ले गया बता दें कि कोठीघर के एक हिस्से का उपयोग वर्षो तक सरगुजा जिला कांग्रेस कार्यालय के रूप में किया जाता रहा है। हाथी के जिस पीतल की वजनी मूर्ति की चोरी हुई है, वह दो वर्ष पहले लगाई गई थी, जब कोठीघर का नए सिरे से मरम्मत और निर्माण कराया गया था। कोठीघर में प्रवेश के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पोर्च के दोनों ओर पीतल के दो हाथी की मूर्ति रखी गई थी। इसमें एक हाथी नजर नहीं आने पर सीसी कैमरों को खंगाला गया तो चोरी का पता चला। पुराने पैलेस की तरफ से आया चोर कोठीघर के प्रबंधक राज सोनी ने कोतवाली थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। सीसी कैमरों में आए फुटेज से स्पष्ट है कि चोर पुराने पैलेस की ओर से कोठीघर परिसर में आया। जहां सामने पोर्च में दोनों ओर लगी हाथी की पीतल की मूर्तियों में से एक को निकालकर अपने साथ ले गया। मूर्ति की कीमत लगभग 40 हजार थी। पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव इन दिनों विदेश प्रवास पर हैं। राजपरिवार के कोई सदस्य वर्तमान में यहां नहीं है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता सेनानी सर सुरेंद्रनाथ बनर्जी को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वतंत्रता सेनानी सर सुरेंद्रनाथ बनर्जी की 100वी पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के लिए वैचारिक ज्योति प्रज्ज्वलित करने वाले सर बनर्जी ने इंडियन नेशनल एसोसिएशन की स्थापना सहित अनेक अभूतपूर्व कार्य किए। उनके प्रयासों से ब्रिटिश शासन की दमनकारी व्यवस्था बेनकाब हुई। सर बनर्जी का निधन 6 अगस्त 1925 को हुआ था।

कुबेरेश्वर धाम में फिर दो श्रद्धालुओं की मौत, कांवड़ यात्रा के दौरान कहर बरपा रही गर्मी

सीहोर कुबेरेश्वर धाम में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान बुधवार को दो और श्रद्धालुओं की मौत की खबर सामने आई है। मृतकों की पहचान चतुर सिंह 50 वर्ष पिता भूरा, निवासी पांचवल गुजरात और ईश्वर सिंह 65 वर्ष निवासी रोहतक हरियाणा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, चतुर सिंह की मृत्यु कुबेरेश्वर धाम परिसर में अचानक खड़े-खड़े चक्कर आने और गिरने से हुई, वहीं ईश्वर सिंह होटल के सामने खड़े थे, जब वे अचानक गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।   दो महिला श्रद्धालुओं की मौत इससे पहले मंगलवार को भी दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। अब उनकी पहचान जसवंती बेन 56 वर्ष पत्नी चंदू भाई निवासी ओम नगर, राजकोट गुजरात और संगीता गुप्ता 48 वर्ष पत्नी मनोज गुप्ता निवासी फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश के रूप में की गई है। चारों मौतों की वजह अत्यधिक भीड़, गर्मी और अव्यवस्था मानी जा रही है। श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच गई है, जिसके चलते प्रशासन के लिए स्थिति संभालना चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है। इसके अलावा सुनीता 50 वर्ष निवासी जमनानगर हरियाणा घायल हो गई। निर्देश के बाद भी सिविल सर्जन गायब 6 अगस्त को निकलने वाली कांवड़ यात्रा में देशभर से लाखों लोग पहुंचे हैं, ऐसे में जिला अस्पताल में स्वास्थ्य अमला तो दूर, दो बजे सिविल सर्जन भी अस्पताल में नहीं मिले। अपनी मां का इलाज करने पहुंचे ईश्वर ने बताया कि वह इंदौर से आए हैं, लेकिन जिला अस्पताल में इलाज की सुविधा नहीं मिली। जब वह 2.30 बजे सिविल सर्जन को शिकायत करने पहुंचे तो पता चला कि वह अस्पताल में नहीं है।

अरुण साव बोले – गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्रियों के चयन के लिए मानकों की जानकारी जरूरी

  रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव आज भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 6 अगस्त और 7 अगस्त को दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। देशभर से आए विषय विशेषज्ञ कार्यक्रम में अभियंताओं को अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्रियों और कार्यों के नए मानकों की जानकारी दे रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न जिलों के अभियंता इसमें हिस्सा ले रहे हैं जिनमें अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम में कहा कि लगातार बदल रही तकनीकों, जरूरतों और अनुसंधानों के बीच नए मानकों और नवाचारों से अपडेट रहना जरूरी है। एक इंजीनियर के रूप में सम-सामयिक तकनीकी पहलुओं और उनके नवीन मापदंडों की जानकारी आवश्यक है। अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने में इनकी अच्छी जानकारी काफी मददगार होती है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमारे अभियंताओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्माण उद्योग में अलग-अलग कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं की भिन्न-भिन्न गुणवत्ता और कीमत वाली सामग्री मौजूद हैं। गुणवत्ता और मानकों की अच्छी जानकारी रहने से आप सही सामग्रियों का चयन कर सकते हैं। आपके पर्यवेक्षण में हो रहे कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आपकी है। इसके लिए निर्माण कार्यों में मानकों के अनुरूप प्रमाणित सामग्रियों का उपयोग करें। साव ने दो दिनों तक चलने वाले इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम का पूरा लाभ लेते हुए अपनी जानकारियों को अपडेट करने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को कार्यस्थल पर प्रभावी कार्य संपादन में सहायता मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी ने कहा कि देश-दुनिया में प्रचलित मानकों और मापदंडों से विभाग के अभियंताओं को अवगत कराने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि हर अभियंता को मानकों की पूरी जानकारी रखने के साथ ही फील्ड में इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना चाहिए। उन्होंने मानकों और मापदंडों का पालन कर राज्य में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने को कहा। भारतीय मानक ब्यूरो के क्षेत्रीय निदेशक श्री सुमन कुमार गुप्ता और वैज्ञानिक श्रीमती मधुरिमा माधव ने भी प्रतिभागी अभियंताओं को संबोधित किया। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय के संयुक्त निदेशक फालेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों तथा सामग्रियों के मानकों की दी जा रही जानकारी भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को अलग-अलग सत्रों में सिविल और इलेक्ट्किल कार्यों के मानकों की जानकारी दे रहे हैं। सिविल कार्यों में रिसोर्स पर्सन के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ डी.एस. धपोला, डॉ. आदित्य प्रताप सान्याल, डॉ. आर.पी. देवांगन, डॉ. प्रवीण निगम और डॉ. ललित कुमार गुप्ता नए मानकों और मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिकल कार्यों में सर्वश्री बाबुल चक्रवर्ती, उमा शंकर, सुहासकृष्णन के.वी. और भावना कस्तुरिया मानकों की जानकारी दे रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक कीर्तिमान: यूपी की सत्ता में सबसे लंबे समय तक रहने वाले सीएम बने

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नया इतिहास रच दिया है। वे अब राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। अब तक योगी आदित्यनाथ 8 साल और 132 दिन तक मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं, जबकि गोविंद बल्लभ पंत ने कुल 8 साल और 127 दिन (स्वतंत्रता से पहले और बाद को मिलाकर) तक यह जिम्मेदारी निभाई थी। 19 मार्च 2017 को ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथ मिली जानकारी के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। फिर 2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को दोबारा बहुमत मिला और वे लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने यूपी में पूरा कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सीएम पद संभाला है। योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के 22वें मुख्यमंत्री हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं और साथ ही गोरखनाथ मठ के महंत (मुख्य पुजारी) भी हैं। उन्होंने 1998 में सिर्फ 26 साल की उम्र में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीता और संसद पहुंचे। वे लगातार पांच बार गोरखपुर से सांसद चुने गए। 2017 के चुनाव से सीएम बनने तक 2017 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ भाजपा के सबसे चर्चित और लोकप्रिय चेहरों में शामिल थे। चुनाव में पार्टी को भारी बहुमत मिला और उन्हें मुख्यमंत्री चुना गया। इसके बाद 2022 में एक बार फिर भाजपा को जीत मिली और वे फिर से मुख्यमंत्री बने।   अब अगला चुनाव 2027 में उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होगा। अगर योगी आदित्यनाथ तब तक मुख्यमंत्री बने रहते हैं, तो उनका कार्यकाल और भी लंबा हो जाएगा और यह रिकॉर्ड और मजबूत होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राज्यपाल स्व. चांडी की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता सेनानी एवं मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल स्व. के.एम. चांडी की जयंती पर नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि श्री चांडी ने देश की आज़ादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और स्वतंत्र भारत के निर्माण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री के.एम. चांडी न केवल एक समर्पित स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि एक कुशल प्रशासक और जनसेवक भी रहे। उनके नेतृत्व और मूल्यों से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेंगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. श्रीमती स्वराज की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व केन्द्रीय विदेश मंत्री स्व. श्रीमती सुषमा स्वराज ‘दीदी’ की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुषमा दीदी का बहुआयामी व्यक्तित्व, ओजस्वी वाणी, गहन चिंतन और राष्ट्र के प्रति उनका अटूट समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि जनसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रतिमूर्ति सुषमा जी ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुषमा जी ने केन्द्रीय विदेश मंत्री के रूप में जिस संवेदनशीलता और तत्परता से देशवासियों की सहायता की, वह आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है। उनके कुशल नेतृत्व और मातृवत स्नेह से भरी राजनीति आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेंगी।