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मात दें पेट के भारीपन को

क्या डिनर में भारी खाना खाए बिना अक्सर आपका पेट असुविधाजनक रूप से भारी लगता है? यहां बताए गए सुझाव आपको राहत दे सकते हैंः क्या आप इस समस्या से परेशान हैं कि आपका पेट आपको हॉट एयर बलून जैसा दिखाता है, तो आप अकेली नहीं हैं। न्यूट्रिशनिस्ट के पास लोगों की जो सबसे आम शिकायतें आती हैं, वो हैं बदहजमी, गैस की तकलीफ, हार्ट बर्न, एसिडिटी और ब्लॉटिंग यानी पेट का भारीपन। हमने एक्सपर्ट्स से बात की और जाना कि क्या हमारी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव इस परेशानी को कम कर सकते हैं। मसलन, शुगर फ्री गम को बार-बार चबाने से बचना। इसलिए अगली बार जब आप अपनी न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर के पास जाएं, तो इन छोटे-मोटे सुधारों के साथ पहुंचे लेकिन इससे पहले हम जानते हैं कि हमें पेट का भारीपन क्यों महसूस होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है? सही तरीके से चबाएं पेट के भारीपन का सबसे आम कारण बदहजमी है। एक ऐसी समस्या, जिसकी शुरुआत भोजन को निगलने से होती है। बचपन में हमें कहा जाता है कि हमें अपने भोजन को कम से कम 32 बार चबाना चाहिए। इसका मकसद था कि हमारा भोजन उन रसों के साथ ठीक तरह से मिल जाए, जो हमारी पचान क्रिया में सहायक हैं। लेकिन आजकल हम जल्दबाजी में भोजन को निगलते हैं, बताती हैं न्यूट्रिशनिस्ट निलांजना सिंह। वह कहती हैं, खाते समय बात करते या गम चबाने से हम हवा निगल जाते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है। धीरे धीरे खाएं और अपने दिमाग को कम से कम 20 मिनट का समय दें यह महसूस करने के लिए कि आपने पर्याप्त भोजन कर लिया है और अब आपको जायकेदार मटन करी के तीसरे चम्मच की जरूरत नहीं है। भूख से ज्यादा न खाएं अगर आप बार-बार खाती हैं, तो एसिड रीफ्लक्स (उतार-चढ़ाव) की संभावनाएं रहती हैं। यह वह स्थिति है, जहां भोजन पेट के एसिड्स और दूसरे पाचन संबंधी रस इसोफैगस यानी भोजन नलिका में बहने लगते हैं। जब एसिड रीफ्लक्स मसल्स, जो भोजन के पेट में प्रवेश करते समय खुलती हैं और फिर एसिड को पीछे की तरफ आने से रोकने के लिए बंद होती हैं, ठीक तरह से काम नहीं करती। अपनी खुराक पर नियंत्रण रखने का प्रयास करें और प्रति मील केवल एक प्रोटीन खाएं। आयुर्वेद के अनुसार, दो भोजन के बीच कम से कम पांच घंटे का अंतराल होना चाहिए, जिससे शरीर को पाचन के लिए पर्याप्त समय मिल सके। कृत्रिम मिठास को कहें न कृत्रिम मीठे में जो आम सामग्री होती है, वह है सॉर्बिटोल जो बेहद धीमी प्रोसेस से मेटाबलाइज होता है। एक और सामग्री फ्रक्टोज जो नैसर्गिंक शक्कर को पचाना मुश्किल होता है, इसे कम करें। डायट सोडा, कृत्रिम मिठास, एनर्जी बार्स और अन्य सामग्रियां जिनमें सार्बिटॉल शामिल हों, उन्हें छोड़ दें। शक्कर के बजाय चाय में एक चम्मच गुड़ मिलाएं। पैकेट वाले खाने से बचें प्रोसेस्ड फूड्स में जो प्रजर्वेटिव्स, रंग और जो ऐडिटिव्स शामिल होते हैं, वो पाचन में सहायक आंत के अच्छे बैक्टीरिया को ठीक तरह से काम नहीं करने देते। इससे पेट का भारीपन और बदहजमी जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। दरअसल, भोजन में थोड़ा बहुत पोषण होता है, उसे भी ऐडिटिव्स नष्ट कर देते हैं। भोजन को उसके नेचरल रूप में ही खाएं और प्लास्टिक में लिपटे, ललचाने वाले भोजन से ही दूर ही रहें। ढेर सारा पानी पीएं शरीर में पानी का जमाव भी ब्लॉटिंग से संबंधित हो सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से यह समस्या हो सकती है। पानी की कमी महसूस कर शरीर पानी इकट्ठा करने लगता है। पानी के अणु सोडियम के साथ मिल जाते हैं और शरीर के अंदर रह जाते हैं। शरीर में नमी का स्तर बनाए रखें, ताकि आपका शरीर पानी के साथ टॉक्सिंस भी बाहर निकाल सके। गैस को कम करें कोला और अन्य कार्बनेटेड ड्रिंक्स शरीर में गैस भरते हैं। कार्बनेटेड ड्रिंक्स के बजाय ताजा निचोड़े गए फलों के रस, नारियल पानी, छाछ या जलजीरा का एक बड़ा गिलास खाने के साथ पीएं। स्मोकिंग और ड्रिंकिंग पर लगाम अध्ययन बताते हैं कि धूम्रपान करने वाले लोग सांस में ज्यादा हवा खींचते हैं, जो उनके शरीर में गैस इकट्ठा होने की संभावनाओं को बढ़ा देता है। अगर आप स्मोकिंग और ड्रिकिंग पूरी तरह नहीं छोड़ सकते, तो इन पर लगाम कसें। नियमित व्यायाम करें जब आप कब्ज से पीड़ित होते हैं, तो निचली आंत में अपशिष्ट इकट्ठा होने लगता है, जिससे आंत में ज्यादा गैस रिलीज होती है। एक्सर्साइज या किसी भी प्रकार की गतिविधि मांसपेशियों को शिथिल कर समस्या को कम कर सकती है। पानी पीतीं रहें और फाइबर्स का सेवन खूब करें।  

बड़ी खबर: नेपाल के बाद इस देश में भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन, यूजर्स को लगा झटका

नेपाल सरकार ने हाल ही में 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया है। इसमें YouTube, Instagram और WhatsApp से लेकर X समेत कुल 26 ऐप्स के नाम शामिल हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगने के बाद से नेपाल की सरकार पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। लोग इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सुरक्षाकर्मी और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 8 लोगों की जान भी चली गई है। नेपाल के बाद अब तुर्की सरकार ने भी ऐसा ही फैसला ले लिया है। जी हां, इस्तांबुल में पुलिस और विपक्षी समर्थकों के बीच झड़प के बाद तुर्की सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगा दी। हालांकि, यह रोक अभी अस्थायी रूप से लगाई गई है। सरकार ने YouTube, X (पहले ट्विटर), Instagram और WhatsAppजैसी साइटों पर एक्सेस को सस्पेंड कर दिया है। आइये, पूरी खबर जानते हैं। 12 घंटे तक नहीं चला इंटरनेट TOI की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की में अस्थायी रूप से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगा दी गई है। देश भर में व्यापक इंटरनेट प्रतिबंध लागू किया गया, जो लगभग 12 घंटे तक चला। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) के मुख्यालय पर एक ट्रस्टी नियुक्त किया है। इसे कंट्रोल लेने से रोकने के लिए हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद इस प्रतिबंध को लागू किया गया। सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद सरकार द्नारा ये प्रतिबंध लगाए गए। इस प्रतिबंध से बचने के लिए कई ने वीपीएन सेवाओं का सहारा लिया।

स्टेप-बाय-स्टेप Google Maps पर अपने घर का पता ऐसे जोड़ें

नई दिल्ली ऑनलाइन डिलीवरी की गलत लोकेशन, कैब ड्राइवर का सवाल कि कहां आना है? और रिश्तेदारों को घर का पता समझाने के झंझट से अब छुटकारा मिल सकता है। दरअसल आप Google Maps का सही इस्तेमाल करें, तो आपके घर या दुकान के पते को भी मैप्स पर सर्च किया जा सकता है। इसके लिए आपको सिर्फ अपने घर का पता ऐप में जोड़ना होगा। इसके बाद कोई भी आपके घर, दुकान या ऑफिस की लोकेशन को मैप्स पर नेविगेट करके आप तक पहुंच सकता है। इसके लिए आपको एक सिंपल से प्रोसेस को फॉलो करना होगा। चलिए इसके बारे में डिटेल में समझते हैं। ऐसे जोड़ अपना एड्रेस गूगल मैप्स में अपने घर या दुकान का पता जोड़ने के लिए Google Map ऐप को खोल लें।     इसके बाद नीचे दिख रहे Contributeऑप्शन पर टैप करें।     अब Add Place के ऑप्शन पर टैप करें।     अब आपको लोकेशन के बारे में बेसिक जानकारी उपलब्ध करानी होगी। जैसे कि नाम, कैटेगरी, पूरा पता आदि।     इसके बाद मैप पर भी सही लोकेशन को चुन लें।     अगर जगह आपकी दुकान या ऑफिस है तो आप उसमें अतिरिक्त जानकारी भी जोड़ पाएंगे जैसे कि वर्किंग आवर्स या वेबसाइट आदि     इसके अलावा आप चाहें, तो अपने पते के साथ फोटो भी जोड़ सकते हैं। इससे आपके पते पर आने वाले को फोटो की मदद से पहुंचने में ज्यादा आसानी होगी।     इसके बाद Submit पर टैप करके एड्रेस को गूगल मैप पर जोड़ दें।     इस तरह से आप बेहद आसानी से अपने पते को गूगल मैप पर जोड़ सकते हैं। क्या है फायदा वैसे आप इस फीचर का इस्तेमाल किसी भी जरूरी पते को गूगल मैप्स पर जोड़ने के लिए कर सकते हैं। एक बार लोकेशन के सेव हो जाने के बाद आप इसे आसानी से किसी के साथ शेयर भी कर सकते हैं। साथ ही आपका एड्रेस मैप्स पर सर्च किए जाने पर दिखाई भी देने लगेगा। ध्यान रखने वाली बातें अगर आप Google Maps के Contribute फीचर का इस्तेमाल करके अपने घर या किसी दूसरी जगह का पता जोड़ने वाले हैं, तो ध्यान रहे कि उस समय आप उसी लोकेशन पर हों और आपके फोन की लोकेशन सर्विस ऑन हो। इससे आप मैप पर अपनी सही-सही लोकेशन को मार्क कर पाएंगे। इसके अलावा आप मैप पर पॉइंटर को थोड़ा आगे-पीछे करके मैप पर अपने एड्रेस के लिए सही लोकेशन सेट कर सकते हैं।  

iPhone 17 की लॉन्च डेट तय, सेल की तारीख भी आई सामने, जानिए कब खरीद पाएंगे

नई दिल्ली ऐपल को पसंद करने वाले यूजर्स उत्साहित हैं, क्योंकि 9 सितंबर को कंपनी आईफोन 17 सीरीज को पेश करने वाली है। Awe Dropping नाम से इवेंट रखा गया है, जिसमें यह प्रीमियम फोन लॉन्च होगा। इसके सीरीज के चार मॉडल आईफोन 17, आईफोन 17 एयर, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स लॉन्च हो सकते हैं। लगभग सभी लोग यह तो जानते हैं कि आईफोन 17 सीरीज के चार मॉडल 9 सितंबर को लॉन्च हो रहे हैं, लेकिन इसकी सेल कब शुरू हो रही है और आप कब बुकिंग कर सकते हैं, इसकी जानकारी कम लोगों को है। चलिए, जान लेते हैं विस्तार से। Pre Booking कब और Sale कब से शुरू? ऐपल पिछले दो साल के ट्रेंड को देखें तो आईफोन 17 सीरीज के लिए प्री-ऑर्डर 12 सितंबर, शुक्रवार से शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद, आधिकारिक सेल और शिपिंग 19 सितंबर, शुक्रवार से शुरू होगी। यह टाइमलाइन ऐपल के पिछले लॉन्च पैटर्न से मेल खाती है, जिसमें नए आईफोन आमतौर पर घोषणा के दस दिन बाद बाजार में आते हैं। लिहाजा, ये कहा जा सकता है कि लॉन्च 9 सितंबर, प्री-ऑर्डर शुरू 12 सितंबर से और सेल 19 सितंबर से शुरू होगा। यह टाइमलाइन अमेरिका और भारत जैसे बड़े बाजारों में लागू होगी। कुछ छोटे बाजारों में फोन कुछ दिन बाद बाजार में उपलब्ध हो सकते हैं। आईफोन 17 एयर की चर्चा खूब इवेंट को ऐपल की वेबसाइट, यूट्यूब और ऐपल टीवी पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा, ताकि दुनिया भर के फैंस इसे देख सकें। आईफोन 17 सीरीज में कई नए और रोमांचक फीचर्स होने की उम्मीद है। सबसे खास है आईफोन 17 एयर, जो प्लस मॉडल की जगह लेगा। यह फोन बेहद पतला होगा और इसमें नए A19 और A19 प्रो चिप्स होंगी। इसमें बेहतर कैमरा सिस्टम और अट्रैक्ट करने वाली डिजाइन होगी। ये सभी फोन iOS 26 पर काम करेंगे। आईफोन 17 AIR में हो सकते हैं ये फीचर्स लीक हुई जानकारी के आधार पर, आईफोन 17 एयर में कई शानदार फीचर्स हो सकते हैं। स्टोरेज 256GB, 512GB और 1TB हो सकता है। यह ऐपल का अब तक का सबसे पतला फोन होगा, जिसकी मोटाई सिर्फ 5.5 मिमी होगी। इसमें नया A18 बायोनिक चिपसेट प्रोसेसर हो सकता है। पीछे की तरफ 48 मेगापिक्सल का कैमरा होने की उम्मीद है। इसमें एक्शन बटन और कैप्चर बटन हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स यह भी कह रही हैं कि यह फोन बिना सिम कार्ड स्लॉट और चार्जिंग पोर्ट के लॉन्च हो सकता है। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। इसकी शुरुआती कीमत लगभग 1,09,900 रुपये हो सकती है।

अब घर पर बनाएं Hair Spray, बालों को मिलेगा शाइन और वॉल्यूम

अगर आप भी अक्सर 'Bad Hair Day' से परेशान रहते हैं, तो अब आपको महंगे सैलून ट्रीटमेंट या केमिकल से भरे प्रोडक्ट्स पर पैसे बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको एक ऐसा मैजिकल नुस्खा बताने जा रहे हैं, जो आपके बालों को सिर्फ स्टाइल ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें अंदर से पोषण भी देगा। जी हां, यह एक ऐसा सीक्रेट हेयर स्प्रे है जिसे आप सिर्फ 5 मिनट में घर पर बना सकते हैं और इसका असर पहली बार में ही दिखेगा। आइए, इस आसान और असरदार नुस्खे के बारे में जानते हैं। हेयर स्प्रे बनाने के लिए जरूरी सामग्री     पानी: 1 कप     समुद्री नमक: 1 चम्मच (यह बालों को टेक्सचर और वॉल्यूम देगा)     एलोवेरा जेल: 1 चम्मच (यह बालों को मॉइस्चराइज़ करेगा और शाइन देगा)     नारियल तेल या आर्गन ऑयल: 5-6 बूंदें (यह रूखेपन को खत्म करेगा और बालों को पोषण देगा)     एक स्प्रे बोतल हेयर स्प्रे बनाने की विधि     सबसे पहले एक बर्तन में पानी गर्म करें, लेकिन इसे उबालें नहीं।     गर्म पानी में समुद्री नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं, जब तक कि वह पूरी तरह घुल न जाए।     अब इसमें एलोवेरा जेल और नारियल या आर्गन ऑयल मिलाएं।     सभी सामग्री को अच्छी तरह से मिला लें ताकि कोई गांठ न रह जाए।     मिश्रण को ठंडा होने दें।     ठंडा होने के बाद, इसे स्प्रे बोतल में भर लें। इस्तेमाल करने का तरीका     अपने बालों को थोड़ा गीला करें।     बालों को अलग-अलग हिस्सों में बांट लें।     इस हेयर स्प्रे को बालों की जड़ों से लेकर सिरों तक स्प्रे करें।     अब अपनी उंगलियों या कंघी से बालों को स्टाइल दें।     अगर आप बालों को कर्ल करना चाहते हैं तो स्प्रे करने के बाद कर्लिंग आयरन का इस्तेमाल करें। इस हेयर स्प्रे का नियमित इस्तेमाल आपके बालों को नेचुरल शाइन और घनापन देगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कोई हानिकारक केमिकल नहीं है, जिससे आपके बालों को कोई नुकसान नहीं होगा।  

नंगे पैर या जूते पहनकर वॉक करें? जानें सही तरीका और अधिक फायदा

वॉक करना सेहत के लिए सबसे अच्छी और आसान एक्सरसाइज मानी जाती है। इससे पूरे शरीर की एक्सरसाइज होती है, जिससे वजन कम करने, पाचन दुरुस्त रखने, बेहतर हार्ट हेल्थ और मूड अच्छा करने जैसे कई फायदेमिलते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वॉक करने का सही तरीका क्या है? नंगे पांव चलना या फिर जूते पहनकर वॉक करना , दोनों में से क्या ज्यादा फायदेमंद है। आइए जानें इस बारे में। नंगे पैर चलने के फायदे     चाल में सुधार- जब आप नंगे पैर चलते हैं, तो आपके पैर की मांसपेशियों, टेंडन और लिगामेंट्स को पूरी तरह से काम करने का मौका मिलता है। इससे पैर की नेचुरल आर्च मजबूत होती है और चाल में सुधार होता है। आप जमीन को बेहतर तरीके से महसूस करते हैं और पैर जमीन पर ज्यादा नेचुरल तरीके से पड़ते हैं।     बैलेंस और स्टेबिलिटी में सुधार- नंगे पैर चलने से पैर की उंगलियों को जमीन को पकड़ने का मौका मिलता है, जिससे शरीर का बैलेंस बेहतर होता है। इससे गिरने का खतरा कम हो सकता है।     मूड अच्छा होता है- नंगे पांव हरी घास पर वॉक करने से मूड में सुधार हो सकता है। प्रकृति में टहलने और घास के कॉन्टेक्ट से हमें बेहतर महसूस होता है और मूड में सुधार होता है। नंगे पैर चलने के नुकसान     चोट लगने का खतरा- कांच के टुकड़े, नुकीले पत्थर, कीलें, या गर्म सतहों से पैरों में चोट लग सकती है या इन्फेक्शन हो सकता है।     इन्फेक्शन- सार्वजनिक स्थानों पर नंगे पैर चलने से फंगस, बैक्टीरिया या वायरस के संपर्क में आने का जोखिम रहता है।     पैरों में दर्द- जो लोग हमेशा जूते पहनते आए हैं, वे अगर अचानक ज्यादा देर तक नंगे पैर चलने लगें, तो इससे एड़ी में दर्द या टेंडन में खिंचाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जूते पहनकर चलने के फायदे     सुरक्षा- जूते पैरों को चोट लगने, कटने, छिलने और बाहरी तत्वों से बचाते हैं। यह सुरक्षा कंक्रीट और एस्फाल्ट जैसी सख्त सतहों पर चलते समय खासतौर से जरूरी है।     सपोर्ट और कुशनिंग- अच्छे जूते पैर के आर्च को सपोर्ट देते हैं, झटके कम करते हैं और जोड़ों पर पड़ने वाले दबाव को कम करते हैं। इससे लंबी दूरी तक चलना आरामदायक हो जाता है।     मूवमेंट में स्टेबिलिटी- स्पोर्ट्स एक्टिविटीज जैसे दौड़ना, ट्रेकिंग करना या जिम वर्कआउट करने के लिए डिजाइन किए गए जूते परफॉर्मेंस को बेहतर बनाते हैं और खास मूवमेंट्स में स्टेबिलिटी देते हैं। जूते पहनकर चलने के नुकसान     नेचुरल मूवमेंट में बाधा- ज्यादा कुशनिंग वाले या तंग जूते पैर की नेचुरल स्पीड को सीमित कर सकते हैं, जिससे पैर की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं।     गलत फिटिंग के नुकसान- ठीक से फिट न आने वाले जूते ब्लिस्टर्स, कॉर्न्स, बुनियन और पोस्चर संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। क्या है ज्यादा फायदेमंद? सुरक्षित माहौल में नंगे पैर चलना जैसे घर के अंदर या घास के मैदान में सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। इसे धीरे-धीरे शुरू करें ताकि पैरों को प्रैक्टिस करने का समय मिले। शहरी इलाकों, सख्त सतहों पर, या एक्सरसाइज के दौरान अच्छी क्वालिटी के और ठीक से फिट होने वाले जूते पहनना एक सुरक्षित विकल्प है।  

लाल सागर का इंटरनेट ब्लैकआउट: क्यों कई देशों के नेटवर्क हैं प्रभावित? जानें पूरा हाल

नई दिल्ली लाल सागर से बड़ी खबर सामने आई है। समुद्र के नीचे बिछी ऑप्टिक केबल्स क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके कारण वैश्विक स्तर पर इंटरनेट की गति धीमी हो गई है। इससे यूजर्स को देरी और धीमी गति का सामना करना पड़ रहा है। माइक्रोसॉफ्ट के Azure पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है। लाल सागर में बिछी ये केबल्स यूरोप और एशिया के बीच इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वैश्विक इंटरनेट ट्रैफिक का 17% हिस्सा इन्हीं केबल्स से होकर गुजरता है। क्षतिग्रस्त केबल्स में SEACOM/TGN-EA, AAE-1 और EIG जैसे प्रमुख सिस्टम शामिल हैं, जिससे महाद्वीपों के बीच डेटा ट्रांसफर बाधित हुआ है। माइक्रोसॉफ्ट के Azure पर प्रभाव रिपोर्ट्स के अनुसार, केबल्स के क्षतिग्रस्त होने से माइक्रोसॉफ्ट के Azure पर बड़ा असर पड़ा है। कंपनी ने बताया कि Azure उपयोगकर्ताओं, खासकर एशिया और यूरोप के बीच डेटा ट्रैफिक में समस्याएं आ सकती हैं। इन केबल्स को ठीक करने में समय लग सकता है, और फिलहाल डेटा को वैकल्पिक मार्गों से भेजकर काम चलाया जा रहा है। यूजर्स पर प्रभाव को कम करने के लिए कंपनी लगातार प्रयास कर रही है। केबल्स के क्षतिग्रस्त होने का कारण केबल्स के टूटने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। लाल सागर में पहले हुई घटनाओं में अक्सर कॉमर्सियल वेसल्स को इसका कारण माना गया है, लेकिन कुछ मामलों में जानबूझकर तोड़फोड़ की आशंका भी जताई जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण डिजिटल ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया जा सकता है ताकि वैश्विक कनेक्टिविटी प्रभावित हो। इसके अलावा, आशंका है कि यमन के हूती विद्रोही लाल सागर में इंटरनेट केबल्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। माना जा रहा है कि यह कदम गाजा युद्ध को समाप्त करने के लिए इजरायल पर दबाव बनाने के लिए हो सकता है। इंटरनेट कनेक्टिविटी पर प्रभाव इंटरनेट एक्सेस पर नजर रखने वाली कंपनी नेटब्लॉक्स ने बताया कि लाल सागर में केबल्स की कई रुकावटों ने भारत और पाकिस्तान सहित कई देशों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को प्रभावित किया है। इसने सऊदी अरब के जेद्दा के पास SMW4 और IMEWE केबल सिस्टम में खराबी को जिम्मेदार ठहराया है। केबल्स का संचालन दक्षिण पूर्व एशिया-मध्य पूर्व-पश्चिमी यूरोप 4 (SMW4) केबल का संचालन टाटा कम्युनिकेशंस द्वारा किया जाता है, जो एक भारतीय समूह का हिस्सा है। वहीं, भारत-मध्य पूर्व-पश्चिमी यूरोप (IMEWE) केबल का संचालन अल्काटेल-ल्यूसेंट की देखरेख में एक अन्य कंसोर्टियम द्वारा किया जाता है। हालांकि, अभी तक किसी कंपनी ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हूती विद्रोहियों पर शक 2024 की शुरुआत में यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त निर्वासित सरकार ने आरोप लगाया था कि हूतियों ने लाल सागर में समुद्र के नीचे बिछी केबल्स पर हमले की योजना बनाई थी। कई केबल्स काटे गए, लेकिन हूतियों ने इसके लिए जिम्मेदारी लेने से इनकार किया। रविवार सुबह हूतियों के अल-मसीरा उपग्रह समाचार चैनल ने नेटब्लॉक्स का हवाला देते हुए केबल्स कटने की बात स्वीकारी। हूतियों के हमले नवंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक हूतियों ने गाजा पट्टी में इजरायल-हमास युद्ध के संदर्भ में मिसाइलों और ड्रोनों से 100 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया। इस दौरान उन्होंने चार जहाज डुबो दिए और कम से कम आठ नाविकों की जान ली। ईरान समर्थित हूतियों ने युद्ध में एक संक्षिप्त युद्धविराम के दौरान अपने हमले रोके थे। वर्तमान में इजरायल-हमास युद्ध में नए युद्धविराम की अनिश्चितता के बीच हूतियों के नए हमले हो रहे हैं।

अब फर्जी कॉल्स की छुट्टी, जानें DoT-TRAI की इस बड़ी पहल की डिटेल

नई दिल्ली  मोबाइल यूजर्स को रोजाना आने वाले फर्जी कॉल्स और स्कैम से राहत देने के लिए DoT और TRAI कॉलर नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सर्विस लागू करने की तैयारी में हैं। इस सर्विस से हर कॉल पर कॉलर का नाम दिखेगा, जिससे धोखाधड़ी रोकी जा सकेगी। मोबाइल फोन पर फर्जी कॉल्स और स्कैमिंग की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) और TRAI अब कॉलर नेम प्रजेंटेशन (CNAP) सर्विस लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। यह सर्विस लागू होते ही हर इनकमिंग कॉल पर कॉलर का नाम डिस्प्ले होगा, जिससे धोखाधड़ी और फाइनेंशियल फ्रॉड के मामलों पर लगाम लगाई जा सकेगी।   क्या है CNAP सर्विस? CNAP यानी कॉलर नेम प्रेजेंटेशन, एक ऐसी सुविधा है जिसमें आने वाले कॉल पर कॉलर का वही नाम दिखाई देगा, जो उस सिम कार्ड की रजिस्टर्ड आईडी पर दर्ज है। यह सर्विस ट्रू-कॉलर जैसे एप्स से अलग होगी क्योंकि इसमें असली नाम ही दिखेगा। हालांकि, इसके साथ प्राइवेसी और तकनीकी चुनौतियों के मुद्दे भी सामने आ रहे हैं।   ट्रायल शुरू, लेकिन कंफ्यूजन बरकरार रिपोर्ट्स के मुताबिक, Airtel, Jio, Vi और BSNL जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियां CNAP सर्विस का इंटर और इंट्रा-सर्किल में ट्रायल शुरू कर चुकी हैं। टेस्टिंग में कॉल रिसीव करने वाले यूजर को कॉलर का नाम स्क्रीन पर दिख रहा है। इसके बावजूद ऑपरेटर्स का मानना है कि बिजनेस और फैमिली कनेक्शन में नाम डिस्प्ले करने को लेकर अब भी स्पष्ट दिशा-निर्देश की जरूरत है। ऑपरेटर्स का कहना है कि बिजनेस कनेक्शन में सैकड़ों सिम कार्ड कंपनी के नाम पर खरीदे जाते हैं। ऐसे में कॉल करने पर क्या कंपनी का नाम दिखेगा या किसी कर्मचारी का? इसी तरह फैमिली पोस्टपेड प्लान्स में एक आईडी पर कई सिम जारी होते हैं, तो ऐसे मामलों में किसका नाम डिस्प्ले होगा, यह अब भी तय नहीं है।   TRAI की सिफारिशें TRAI का कहना है कि कॉलर का नाम कंज्यूमर एप्लिकेशन फॉर्म (CAF) के आधार पर डिस्प्ले किया जाएगा। इससे यूजर्स को तुरंत पहचानने में मदद मिलेगी कि कॉल असली है या स्कैम। खासतौर पर इंटरनेट बेस्ड VoIP कॉल्स को ट्रैक करने और स्कैमिंग रोकने में यह सर्विस गेमचेंजर साबित हो सकती है। DoT इस सर्विस को सभी नेटवर्क्स पर लागू करना चाहता है, लेकिन 2G नेटवर्क पर इसे इंप्लिमेंट करना फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती है। इसके समाधान के बाद ही CNAP को पूरे देश में लागू किया जा सकेगा।   सरकार का रुख केंद्रीय संचार राज्यमंत्री पेम्मासानी चंद्र शेखर ने संसद में बताया कि टेलीकॉम कंपनियों द्वारा किए गए ट्रायल और असेसमेंट के बाद CNAP सर्विस को लागू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। DoT ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स से इसे जल्द से जल्द शुरू करने के लिए तैयारी तेज करने को कहा है। 

स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के आसान टिप्स

मॉडर्न स्मार्टफोन यूजर्स के सामने अभी सबसे बड़ा इश्यू है-बैटरी लाइफ। वे दिन गए जब आप बिना चार्जिंग के कुछ दिन तक फोन को साथ रख सकते थे। इन दिनों विशेष तौर पर जब बाजार में मॉडर्न एंड्रायड स्मार्टफोंस उमड़ रहे हंा तो आपको चार्जर या माइक्रोयूएसबी केबल के आस-पास ही रहना होता होगा। यदि नहीं तो आपको बैटरी पैक या बैटरी केस को अपने साथ रखना होता होगा। वास्तव में आप ऐसा चाहते नहीं होंगे पर मजबूरी है फोन को बार-बार चार्ज करना। पर आपको इस चार्जर वाले झंझट से छुटकारा दिलाने को पेश हैं कुछ टिप्स जो आपके स्मार्टफोन को कम से कम एक दिन बिना चार्ज के रख सकती है। -अपना लोकेशन सेटिंग्स ऑफ करें। आपके फोन का जीपीएस हमेशा आपके पोजिशन पर लॉक-इन की कोशिश करेगा और इसमें काफी पावर खर्च होता है। कभी-कभी लोकेशन शेयरिंग ऑटोमैटिक ही ऑन होता है, इसलिए एंड्रायड फोन पर आपको सेटिंग मेन्यू में जाकर इसे ऑफ कर देना चाहिए। -अपने फोन के ब्राइटनेस लेवल को कम रखें। स्क्रीन जितना अधिक ब्राइट होगा, उतना ही अधिक बैटरी खर्च होगा। ब्राइट स्क्रीन अच्छा दिख सकता है लेकिन यह ज्यादा पावर खर्च करता है। आपको ऑटोमैटिक ब्राइटनेस लेवल कुछ इस तरह कनफिगर करना चाहिए जिससे कंटेंट स्पष्ट रूप से दिख पाएं, लेकिन यह ज्यादा ब्राइट न हो। -उपयोग में नहीं आने वाले एप्स को स्विच ऑफ रखें। एंड्रायड फोन पर यदि आप मल्टीपल एप्स पर स्विच कर रहे हैं जैसे कैमरा तो बैकग्राउंड में अन्य एप्स ऑन रहते हैं। ये सभी एप्स अधिक पावर कंज्यूम करते हैं और इसलिए आपके फोन की बैटरी लाइफ कम हो जाती है। -सेटिंग्स मेन्यू में आपको हमेशा एप्स या प्रोसेस पर हमेशा टैब रखना चाहिए, जो ढेर सारा बैटरी तो लेता ही है साथ में डाटा भी। यहां तक कि यदि कोई एप ज्यादा बैटरी नहीं ले रहा तो यह पूरी तरह से 3जी नेटवर्क का उपयोग कर रहा होगा, जो अंततः बैटरी की खपत तेजी से करेगा। फेसबुक एप व गूगल नाउ अच्छे उदाहरण हैं इसलिए अपनी बैटरी बचाने के लिए इन्हें ऑफ कर दें। -जब भी संभव हो वाई-फाई का उपयोग करें। ढेर सारे फोंस पर यह ऑटोमैटिक ही शुरू होता है लेकिन यदि ऐसा न हो तो आपको वाई-फाई नेटवर्क पर स्विच करना चाहिए, इससे बैटरी की खपत कम होती है। -मोबाइल नेटवर्क सेटिंग्स में जाकर 2जी पर स्विच करें। यदि आप डाटा का उपयोग नहीं करते हैं और कॉल व मैसेज के लिए फोन का उपयोग करते हैं तो 2 जी नेटवर्क आपके लिए बेहतर है। -यदि आप क्वालकॉम प्रोसेसर वाला फोन उपयोग करते हैं तो आप एंड्रायड के लिए क्वालकॉम बैटरी गुरु एप डाउनलोड कर सकते हैं। यह एप आपके उपयोग का विश्लेषण करेगी और फोन के सेटिंग को आप्टिमाइज करेगी। -आप अपने डिस्प्ले को हमेशा 15 सेकेंड के बाद स्लिप की सेटिंग पर रखें। कभी यदि आप फोन का उपयोग नहीं कर रहे तो इसका लाइट अप होना भी बैटरी की खपत करता है। -यदि आप सोनी एक्सपीरिया जेड 3, एचटीसी वन एम8 या सैमसंग गैलेक्सी नोट 4 जैसे हाई-एंड फोन का उपयोग करते हैं तो इनबिल्ट सॉफ्टवेयर पर आधारित बैटरी एंहांसमेंट मोड का उपयोग करें।  

उम्र 40 के बाद प्रेग्नेंसी: जानें स्वास्थ्य और तैयारी से जुड़ी अहम बातें

एक अध्यकयन से पता चला है कि 95 फीसदी महिलाएं करियर और परिवार के बीच में परिवार को ही चुनती हैं। करियर के पीक की तरफ बढने के दौरान, महिलाओं पर मां बनने का भी दबाव होता है क्योंकि इसमें देरी करने पर उम्र बढ़ने से मां बनने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से वे अपने करियर में सहयोगियों से बेहतर होते हुए भी पिछड़ती जाती हैं।   लेकिन कुछ महिलाएं अपना करियर बीच मे नहीं छोड़तीं और 40 पार कर जाने के बाद भी मां बनने के सपने को साकार करना चाहती हैं। लेकिन महिलाओं की प्रजनन क्षमता 35 की उम्र आते-आते कम होनी शुरू हो जाती है। ऐसा नहीं है कि वे इस उम्र के बाद प्रेगनेंट नहीं हो सकतीं। आप अगर 40 पार भी मां बनने की इच्छा रखती हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आपकी प्रजनन क्षमता बरकरार रहे…   -उम्र बढने के साथ एग की क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों कम होती जाती है। 25 से 30 वर्ष की उम्र में अपना एग फ्रीज कराकर अपने मां बनने के सपने को 40 साल की उम्र में भी पूरा कर सकती हैं।   -सही प्रकार के प्रोटीन प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैंय टोफू, चिकन, अंडे, और कुछ सी-फूड्स में उच्च स्तर पर ओमेगा-3 फैटी एसिड, लोह-तत्व, सेलेनियम इत्यादि पाए जाते हैं।   -आपके विटामिन में फोलिक एसिड, कैल्शियम और लोह-तत्व मौजूद हों। इसके लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालें खाएं।   -किसी भी तरह के यौन रोग न हों, इसके लिए सेफ सेक्स पर गौर करें।   -वजन कम करें। अध्ययन बताते हैं की मोटापे से ग्रस्त महिलाओं को गर्भधारण करने में ज्यादा कठिनाई आती है और उन्हें गर्भावस्था के दौरान अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स (बी.एम.आई.) थोड़ा अधिक है, तो डाइट ठीक करें और साथ ही एक्सरसाइज भी करें या फिर योगाभ्यास शुरू करें।   -धूम्रपान त्यागें। यह न सिर्फ गर्भावस्था के लिए हानिकारक है अपितु यह गर्भ धारण करने में भी बाधा पैदा कर सकता है।   -एक कहावत है कि हंसी सबसे अच्छी दवा है। अधिकांश डॉंक्टर भी मानते हैं कि यह 100 प्रतिशत सही है। तो फिर दिल से क्यों न हंसा जाए। अगर आप जोर से हंसती हैं या मुस्कराती भी हैं तो आपके शरीर में फील गुड हारमोन्स का स्रव होता है, जो तनाव पैदा करने वाले कोर्टीसोल नामक हार्मोन को नष्ट करता है। इससे आप ज्यादा सेहतमंद रह पाएंगी। हंसने से चेहरे की माशपेशियों का भी व्यायाम हो जाता है।   -35 की उम्र के बाद समय-समय पर रैगुलर टैस्ट्स के अलावा फर्टिलिटी जांच करवाती रहें। गोनोरिया और कैलामाइडिया नामक यौन संचारित रोग हो तो जल्दी ट्रीटमेंट करवाना जरूरी है। वरना पेडू में सूजन की बीमारी हो सकती है जिससे फैलोपियन ट्यूब में घाव हो जाता है, जिससे बांझपन की संभावना बढ़ती है।