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लौकी खाने से पहले सोच लें! इन 5 लोगों को हो सकता है बड़ा नुकसान

क्या आप भी सोचते हैं कि लौकी दुनिया की सबसे सेहतमंद सब्जियों में से एक है? क्या आप भी हर बार इसे प्लेट में देखकर सोचते हैं कि यह सिर्फ फायदे ही देगी? तो ठहरिए! अक्सर हम जिस चीज को फायदेमंद मानते हैं, वही कुछ लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। आपकी रसोई की यह 'सुपरफूड' लौकी भी कुछ खास लोगों के लिए भारी पड़ सकती है। आइए जानते हैं ऐसे 5 लोग कौन हैं , जिन्हें लौकी खाने से पहले दो बार सोचना चाहिए। लो ब्लड प्रेशर के मरीज अगर आपका ब्लड प्रेशर अक्सर कम रहता है, तो लौकी से दूरी बनाए रखना ही समझदारी है। लौकी में ऐसे गुण होते हैं जो ब्लड प्रेशर को और कम कर सकते हैं। ज्यादा मात्रा में लौकी खाने से चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी जैसी समस्या हो सकती है। पाचन की समस्या वाले लोग जिन लोगों को अक्सर गैस, पेट फूलना या अपच की शिकायत रहती है, उन्हें लौकी सोच-समझकर खानी चाहिए। लौकी में फाइबर और पानी की अधिकता पाचन तंत्र को धीमा कर सकती है, जिससे आपकी समस्या और बढ़ सकती है। खासकर रात के समय लौकी खाने से बचें। किडनी से जुड़ी समस्याएं किडनी के मरीजों के लिए लौकी नुकसानदेह हो सकती है। लौकी में पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है, जिसे किडनी के लिए फिल्टर करना मुश्किल हो सकता है। शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो उनकी हालत को और बिगाड़ सकता है। गर्भवती महिलाएं बरतें सावधानी गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खान-पान का विशेष ध्यान रखना होता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि लौकी में मौजूद कुछ टॉक्सिन गर्भ में पल रहे शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को लौकी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। सबसे जरूरी बात अगर आप गलती से भी कड़वी लौकी खा लेते हैं, तो यह आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। कड़वी लौकी में 'कुकुरबिटासिन' नामक एक टॉक्सिक कंपाउंड होता है, जो उल्टी, दस्त, पेट में तेज दर्द और गंभीर मामलों में फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। यही वजह है कि लौकी की सब्जी या जूस बनाने से पहले हमेशा उसका एक छोटा टुकड़ा चखकर देख लेना चाहिए। अगली बार जब आप लौकी को अपनी डाइट में शामिल करें, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में, अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह लेना ही सबसे सही होता है।  

मसूड़ों से खून आने की समस्या को करें दूर, अपनाएं ये कारगर टिप्स

नई दिल्ली क्या आपने कभी ब्रश करते वक्त थूकने पर गुलाबी रंग देखा है या टूथब्रश पर हल्का खून लगा पाया है? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। मसूड़ों से खून आना  एक आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना आपकी ओरल हेल्थ के लिए गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकता है। दरअसल, मसूड़ों से खून आने की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है और इसके पीछे कई कारण छिपे होते हैं। अक्सर हम इस समस्या की ही तरह इन कारणों को भी नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन इनके बारे में जानकर आप इस परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानें मसूड़ों से खून आने के कारण और बचाव के तरीके। मसूड़ों से खून आने के कारण क्या हैं? जिंजिवाइटिस- यह सबसे आम कारण है। जब दांतों की सही तरह से सफाई नहीं हो पाती, तो दांतों और मसूड़ों के बीच प्लाक जमा हो जाता है। इस प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया मसूड़ों में इन्फेक्शन और सूजन पैदा करते हैं, जिसे जिंजिवाइटिस कहते हैं। सूजन की वजह से मसूड़े नाजुक हो जाते हैं और ब्रश करने या फ्लॉस करने पर आसानी से खून बहने लगता है। हार्ड ब्रशिंग- बहुत से लोग सोचते हैं कि जोर से ब्रश करने से दांत अच्छी तरह साफ होते हैं, लेकिन यह गलत धारणा है। हार्ड ब्रिसल्स वाला टूथब्रश या जोर लगाकर ब्रश करने से मसूड़ों के टिश्यूज को नुकसान पहुंचता है और उनसे खून बहने लगता है। तंबाकू और सिगेरट- तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों और स्मोक करने वालों में मसूड़ों की बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। तंबाकू में मौजूद केमिकल्स मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं और उन्हें कमजोर बनाते हैं। हार्मोनल बदलाव- प्रेग्नेंसी, पीरियड्स या मेनोपॉज के दौरान हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव होते हैं। इससे मसूड़े ज्यादा सेंसिटिव हो जाते हैं और खून आसानी से आने लगता है। इसे ‘प्रेग्नेंसी जिंजिवाइटिस’ भी कहा जाता है। कुछ दवाएं- खून पतला करने वाली दवाएं, कुछ तरह की ब्लड प्रेशर की दवाएं और डिप्रेशन दवाएं मसूड़ों से खून आने का कारण बन सकती हैं। पोषण की कमी- विटामिन-सी और विटामिन-के की कमी से भी मसूड़े कमजोर होते हैं और उनमें खून आने लगता है। कुछ हेल्थ कंडीशन- डायबिटीज, ल्यूकेमिया या हीमोफिलिया जैसे हेल्थ कंडीशन के कारण भी मसूड़ों से खून आना एक लक्षण हो सकता है। बचाव के तरीके सही तरीके से ब्रश करें- नरम ब्रिसल्स वाला टूथब्रश इस्तेमाल करें। ब्रश कोमलता से गोल-गोल घुमाते हुए दांतों को साफ करें, जोर-जोर से घिसें नहीं। दिन में दो बार (सुबह और रात को सोने से पहले) कम से कम दो मिनट तक ब्रश करें। नियमित रूप से फ्लॉस करें- केवल ब्रश करने से दांतों के बीच का प्लाक साफ नहीं होता। रोजाना फ्लॉस करने से दांतों के बीच फंसे खाने के टुकड़े और प्लाक निकल जाता है, जिससे जिंजिवाइटिस का खतरा कम होता है। एंटी-बैक्टीरियल माउथवाश का इस्तेमाल- एक अच्छा एंटी-बैक्टीरियल माउथवाश प्लाक बनने से रोकने और मसूड़ों की सूजन कम करने में मददगार साबित हो सकता है। हेल्दी डाइट लें- विटामिन-सी और विटामिन-के से भरपूर फूड्स मसूड़ों को मजबूत बनाते हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं- दिन भर में खूब पानी पीने से मुंह साफ रहता है और खाने के कण धुलते रहते हैं। स्मोकिंग और तंबाकू से परहेज- तंबाकू और स्मोकिंग छोड़ना आपकी ओरल हेल्थ में सुधार के लिए सबसे अच्छा कदम है। नियमित डेंटल चेक-अप- साल में कम से कम दो बार डेंटिस्ट से चेकअप करवाएं।  

पुराने iPhone होंगे नए जैसा! iOS 26 अपडेट से आएंगे धमाकेदार फीचर्स और नया लुक

Apple ने हाल ही में अपनी नई iPhone 17 सीरीज लॉन्च की है और इसके साथ ही iOS 26 अपडेट की भी घोषणा की थी. कंपनी ने बताया कि आईओएस 26 का स्टेबल वर्जन 15 सितंबर 2025 से सभी यूजर्स के लिए रोल आउट होना शुरू हो जाएगा. इसे पहली बार जून 2025 में WWDC इवेंट में पेश किया गया था. iOS 26 लंबे समय से बीटा टेस्टिंग में था और अब लगभग तीन महीने बाद यह सभी iPhone यूजर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगा. इसका मतलब है कि अगर आप iPhone 16 या उससे पुराने मॉडल इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कल से आपके फोन में बड़ा बदलाव नजर आएगा. नया Liquid Glass डिज़ाइन आपके फोन की UI को एक आधुनिक और फ्लूइड लुक देगा. iOS 26 में क्या नया है? आईओएस 26 का सबसे बड़ा बदलाव इसका Liquid Glass इंटरफेस है, जो पूरे सिस्टम को स्मूद और मॉडर्न लुक देगा. इसके अलावा:     Apple Wallet में बड़े विज़ुअल और फंक्शनल बदलाव, जिससे पासेस और ट्रांजैक्शन मैनेज करना आसान होगा.     CarPlay का नया रीडिजाइन इंटरफेस और पर्सनलाइज्ड डैशबोर्ड.     Messages ऐप में नए चैट इफेक्ट्स और AI रिप्लाई सजेशंस. किन iPhones को मिलेगा iOS 26?     iPhone 17 सीरीज     iPhone 16, 16 Plus, 16 Pro, 16 Pro Max     iPhone 15 सीरीज     iPhone 14 सीरीज     iPhone 13 सीरीज     iPhone 12 सीरीज     iPhone 11 सीरीज     iPhone SE (2nd Gen और इसके बाद के मॉडल) iOS 26 अपडेट कैसे डाउनलोड करें?     iPhone में Settings खोलें.     General ऑप्शन पर जाएं.     Software Update पर टैप करें.     आईओएस 26 अपडेट दिखने पर Download and Install पर क्लिक करें.     फोन को Wi-Fi से कनेक्ट रखें और बैटरी चार्ज होनी चाहिए. डाउनलोड के बाद फोन अपने आप रीस्टार्ट होकरआईओएस 26 इंस्टॉल कर देगा. अपडेट के बाद आपके पुराने iPhone का इंटरफेस पूरी तरह नया लगेगा और अनुभव अलग होगा. ध्यान दें कि कुछ पुराने मॉडल में AI फीचर्स उपलब्ध नहीं होंगे.

अब बिजली की चिंता खत्म! ले जाओ, लगाओ और चलाओ – दुनिया का पहला पोर्टेबल बिजलीघर

नई दिल्ली चीन ने तकनीक के मामले में खूब तरक्की कर ली है। जहां एक तरह AI और रोबोटिक्स के क्षेत्र में चीन नए-नए इनोवेशन कर रहा है, वहीं रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाली चीजें भी बनाई जा रही हैं। चीन ने दुनिया का पहला सोडियम आयन पोर्टेबल पावर स्टेशन लॉन्च किया है। इसे 'पायनियर ना' (Pioneer Na) नाम दिया गया है। इसकी खासियत है कि यह यह पावर स्टेशन ठंडे मौसम में भी शानदार काम करता है। इसे बर्लिन में आयोजित इनोवेशन फॉर ऑल (IFA) कॉन्फ्रेंस में पहली बार दिखाया गया। इसे कुछ लोग चलता-फिरता बिजली घर भी कह रहे हैं, क्योंकि यह कई डिवाइस को चार्ज और ऑन करने की क्षमता रखता है। चलिए, इसके फीचर्स जान लेते हैं और यह भी पता कर लेते हैं कि यह पावर स्टेशन किस काम आता है? इस पावर स्टेशन से हीटर भी चल जाए पीवी मैगजीन की रिपोर्ट बताती है कि, चीन की कंपनी Bluetti यह पोर्टेबल पावर स्टेशन लॉन्च किया है। आसान भाषा में कहें तो यह एक पोर्टेबल रिचार्जेबल बैटरी है, जिसे आप आसानी से कहीं भी ले जा सकते हैं। इसमें 900 watt-hour की क्षमता है, जो लैपटॉप, मोबाइल या बाकी छोटे डिवाइस के लिए काफी है। इसका नॉर्मल आउटपुट 1500 वाट है, लेकिन 'पावर लिफ्टिंग' मोड में यह 2250 वाट तक पावर दे सकता है। यह मोड उन उपकरणों के लिए है, जो ज्यादा बिजली खाते हैं, जैसे हीटर। यह सिस्टम सोलर पावर से 1900 वाट तक चार्ज हो सकता है और इसकी बैटरी करीब 4000 बार चार्ज हो सकती है। इसका वजन 16 किलो है।   कड़ाके की ठंड में भी चार्ज होता है पोर्टेबल पावर स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत है कि यह बहुत ठंडे मौसम में भी अच्छा काम करता है। यह -15 डिग्री सेल्सियस में चार्ज हो सकता है और -25 डिग्री सेल्सियस में भी बिजली दे सकता है।-10 डिग्री सेल्सियस में भी यह 60% तक चार्ज हो सकता है। इस वजह से ब्लूएटी इसे ठंडे इलाकों में रहने वाले और घूमने वाले लोगों को ध्यान में रखकर पेश कर रही है। सोडियम-आयन बैटरी में क्या खास है? पोर्टेबल पावर स्टेशन में लिथियम की जगह सोडियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया गया है। सोडियम लिथियम से ज्यादा सस्ता और आसानी से उपलब्ध है। यह बैटरी ठंड में बेहतर काम करती है और ज्यादा सुरक्षित भी है। इसमें आग लगने या फटने का खतरा कम है। हालांकि, इसकी एनर्जी डेंसिटी लिथियम से कम है, जिसके कारण यह पावर स्टेशन थोड़ा भारी और बड़ा है।

यूटीआई संक्रमण से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का जोखिम, नई रिसर्च में खुलासा

नई दिल्ली हृदय रोगों की समस्या, हार्ट अटैक के मामले हाल के वर्षों में काफी तेजी से बढ़े हैं। उम्रदराज लोगों के अलावा अब कम उम्र वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से हमारी दिनचर्या गड़बड़ होती जा रही है, हृदय स्वास्थ्य की समस्याएं अब काफी आम हो गई हैं। खान-पान में गड़बड़ी, व्यायाम की कमी, दिन का अधिकतर समय बैठे-बैठे बिता देना हृदय रोगों का प्रमुख कारण माना जाता है। जिसपर सभी उम्र के लोगों को ध्यान देते रहना जरूरी है। अध्ययनों से पता चलता है कि कई स्थितियां ऐसी हैं जो हार्ट अटैक को ट्रिगर करने वाली हो सकती हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और वायु प्रदूषण उनमें प्रमुख हैं। पर एक हालिया शोध में विशेषज्ञों की टीम ने बताया है कि दुनियाभर में लाखों लोगों को होने वाले कुछ आम वायरल संक्रमण जैसे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) और फ्लू भी हार्ट अटैक की समस्या को ट्रिगर करने वाले हो सकते हैं। हृदय स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए इन संक्रमणों को लेकर भी सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।यूटीआई और फ्लू किस प्रकार से हार्ट अटैक को बढ़ावा देते हैं, आइए इस बारे में समझते हैं। इससे पहले यूटीआई संक्रमण और हार्ट अटैक के बारे में जान लीजिए यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन महिलाओं में अधिक देखी जाती रही है। इसके पीछे मुख्य वजह है उनकी शरीर की बनावट। महिलाओं की यूरिनरी ट्रैक्ट छोटी होती है जिससे बैक्टीरिया जल्दी अंदर पहुंच जाते हैं। इसके अलावा गर्भावस्था, डायबिटीज, कमजोर इम्यून सिस्टम, ज्यादा देर तक पेशाब रोकना, असुरक्षित यौन संबंध, हार्मोन में बदलाव जैसी स्थितियां भी यूटीआई का जोखिम बढ़ाती हैं। लेकिन केवल महिलाएं ही नहीं कुछ पुरुषों को भी इसका खतरा हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है जिसमें हृदय को रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है। आमतौर पर ये रक्त के थक्के बनने के कारण होती है।  हृदय रोग दुनियाभर में मृत्यु का प्रमुख कारण है, जो हर साल अनुमानित 17.9 मिलियन (1.79 करोड़) लोगों की जान ले लेता है। लंबे समय से यही माना जाता रहा है कि कोरोनरी हृदय रोग के साथ-साथ धूम्रपान जैसे कई परिवर्तनशील जीवनशैली कारक दिल के दौरे के जोखिम को बढ़ाते हैं। पर अब विशेषज्ञों ने बताया है कि यूटीआई और फ्लू के कारण भी इसका खतरा हो सकता है। यूटीआई और हार्ट अटैक के बीच कनेक्शन इस अध्ययन में, वैज्ञानिकों ने बताया कि धमनियों में वसायुक्त पदार्थ जैसे कोलेस्ट्रॉल के जमाव के कारण हृदय को रक्त की आपूर्ति बाधित होती है। यही कोलेस्ट्रॉल यूटीआई और फ्लू जैसी वायरस को आश्रय दे सकता है जो शरीर में वर्षों तक निष्क्रिय बने रह सकते हैं। फिनलैंड और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, समय के साथ ये जीवाणु हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली और एंटीबायोटिक दवाओं से अपनी रक्षा के लिए एक सुरक्षात्मक बायोफिल्म बना लेते हैं। लेकिन जैसे ही आप बीमार होते है या फिर से कोई वायरल संक्रमण (जैसे कि यूटीआई) होता है तो ये वायरस बायोफिल्म को सक्रिय कर सकता है, जिससे बैक्टीरिया का प्रसार होता है और इंफ्लेमेशन की समस्या बढ़ जाती है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? वैज्ञानिकों ने बताया कि हाई इंफ्लेमेशन की स्थिति में हृदय में प्लाक के टूटने का खतरा बढ़ जाता है जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से घातक रक्त का थक्का बनने लगता है जो हार्ट अटैक को बढ़ा देता है। फिनलैंड के टैम्पियर विश्वविद्यालय में जैविक विज्ञान के विशेषज्ञ और अध्ययन के प्रमुख प्रोफेसर पेक्का करहुनेन कहते हैं, कोरोनरी आर्टरी डिजीज में बैक्टीरिया की भागीदारी पर लंबे समय से संदेह किया जाता रहा है, लेकिन प्रत्यक्ष और ठोस सबूतों का अभाव रहा है। इस अध्ययन में बहुत कुछ स्पष्ट होता है।

आयुर्वेद में अमृत है नीम

नीम के वृक्ष का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। प्रकृति की इस महत्वपूर्ण देन नीम के वृक्ष की पत्तियां छाल, कोंपलें प्राकृतिक चिकित्सा में काम आती हैं। प्राकृतिक रूप से मनुष्य की चिकित्सा करने के लिये नीम को आयुर्वेद में सर्वगुण संपन्न वृक्ष माना गया है। नीम में शीतल कृमिनाशक, सूजन नाशक आदि गुण पाए जाते हैं। नीम की भूमिका विभिन्न रोगों में उपयोगी है। यह कुष्ठरोग, वातरोग, विषदोष, खांसी ज्वर, रूधिर दोष, टीबी, खुजली, खून साफ करना आदि दूर करने में सहायक है। प्राकृतिक चिकित्सा में इसका उपयोग प्रमेह, मधुमेह, नेत्ररोग में भी किया जाता है। नीम में साधारण रूप से कीटाणुनाशक शक्ति है। नयी कापलों का नित्य प्रति सेवन करने से शरीर स्वस्थ व प्रसन्न रहता है। नीम के तेल में मार्गसिन नामक नामक उड़नसील तत्व पाया जाता है। इस तेल की मालिश करने से गठिया व लकवा रोग में लाभ होता है। इसके बीच में 39 प्रतिशत तक एक तेल रहता है जो गहरे पीले रंग का कड़ुवा, तीखा व दुर्गंधयुक्त होता है। इस तेल में फोलिक एसिड रहता है। नीम का उपयोग विषम ज्वर में भी किया जाता है। इसके पानी का उपयोग एनिमा व स्पंज बाथ में किया जाता है। बुखार में एक काढ़ा तैयार किया जा सकता है। ज्वर उतारने के लिये नीम के इस काढ़े को आयुर्वेदाचार्यों ने अमृत कहा है। काढ़ा तैयार करने के लिये 240 ग्राम पानी, तुलसी के दस पत्ते, काली मिर्च के दस पत्ते, नींबू एक-एक टुकड़ा, अदरक, नीम की पांच पत्तियां प्रयोग में लाई जाती हैं। सबसे पहले काली मिर्च व अदरक की पीसकर 240 ग्राम पानी में डालकर नींबू का रस व नीम की पत्तियां डालकर अच्छी तरह उबाला जाता है। पानी आधा रहने पर उसको छानकार उस काढ़े को पीकर सो जाते हैं जिससे शरीर में पसीना निकलता है। इससे बुखार, खांसी व सिरदर्द में लाभ होता है। शरीर के घाव चोट आदि ठीक हो जाते हैं। नीम के मरहम में नीम का रस व घी समान मात्रा में मिलाकर नीम का रस छानकर केवल घी बचा रहता है और मरहम तैयार हो जाता है। महिलाओं के श्वेत प्रदर रोग में भी नीम लाभकारी है। इस रोग में नीम व बबूल की छाल का काढ़ा तैयार करके श्वेत प्रदर में उपयोग करने से अच्छा लाभ मिलता है। खुजली में नीम की गिरी नित्य खाते रहने से (धीरे-धीरे उसकी मात्रा बढ़ाते रहें) तथा नीम की कोमल पत्तियां खाने से अच्छा आराम मिलता है। नीम की सूखी पत्तियां, कपड़ों व अनाज में रखने से वे खराब नहीं होते। नीम का वृक्ष आक्सीजन भी अधिक बनाता है अतः इससे पर्यावरण शुध्द होता है। प्राकृतिक चिकित्सा व आयुर्वेद में नीम को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है।  

आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस बनाए स्मार्ट

नव मस्तिष्क की बुद्धिमत्ता का कोई छोर नहीं है और इसी सोच के साथ आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस जैसे विषय का जन्म हुआ। आरंभिक सोच यही थी कि कम्प्यूटर स्वयं सोचे और निर्णय ले। आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस का अर्थ आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस का अर्थ है कृत्रिम तरीके से विकसित की गई बौद्धिक क्षमता। आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस का आरंभ काफी पहले हो चुका था। यह कम्प्यूटर और कम्प्यूटर प्रोग्रामों को उन्हीं तर्कों के आधार पर चलाने का प्रयास होता है जिसके आधार पर मानव मस्तिष्क चलता है। उद्देश्य आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस का उद्देश्य होता है कि कम्प्यूटर अपने-आप तय कर पाए कि उसकी अगली गतिविधि क्या होगी। इसके लिए कम्प्यूटर को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार अपनी प्रतिक्रि या चुनने के लिए प्रोग्राम किया जाता है। इसके पीछे यही प्रयास होता है कि कम्प्यूटर मानव की सोचने की प्रक्रि या की नकल कर पाए। इसका अनूठा उदाहरण है-शतरंज खेलने वाले कम्प्यूटर। यह कम्प्यूटर प्रोग्राम मानव मस्तिष्क की हर चाल की काट और अपनी अगली चाल सोचने के लिए कम्प्यूटर को प्रोग्राम किया हुआ है। यह इतना सफल रहा है कि आईबीएम का कम्प्यूटर विश्व के सबसे नामी शतरंज खिलाड़ी गैरी कास्परोव को हरा चुका है। विकास जब भी मानव बुद्धिमत्ता की चर्चा होती है, तब अनेक बुद्धिमान लोगों का स्मरण होता है। हाल के वर्षों में मानवीय सोच-समझ इतनी तेजी से विकसित होती जा रही है कि प्रकृति की रचना को हर क्षेत्र में कड़ी चुनौती दे रही है। विज्ञान की प्रगति के साथ-साथ हरेक चीज कृत्रिम बनती जा रही है। इस प्रगति में मानव ने बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भी अपने अनुभव और आकांक्षाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस विकसित करने का प्रयास किया है। प्रोग्रामिंग पर निर्भर वैज्ञानिकों द्वारा ऐसे कम्प्यूटर भी आविष्कृत कर लिए गए हैं जिनमें जटिल से जटिल कार्य को न्यूनतम समय में करने की क्षमता होती है। आधुनिक कम्प्यूटरीकृत मशीनें किसी लिखे हुए पाठ को मानव की तरह से ही शब्दों को पहचान एवं पढ़ सकती है। आॅटो पायलट मोड पर वायुयान मशीन द्वारा संचालित किए जाते हैं। कम्प्यूटरों में ध्वनियां और आवाजों को पहचानने की क्षमता होती है किन्तु कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक रूप से सीमित भी है, क्योंकि इसका सामर्थ्य इसकी प्रोग्रामिंग पर निर्भर करता है लेकिन मानवीय मस्तिष्क में ऐसी कोई सीमा निश्चित नहीं होती है। कुछ नया करने का जुनून आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस में धैर्य की काफी जरूरत होती है। इसके अलावा अपने कार्य के प्रति जुनून भी जरूरी है। इसमें रोबोट से छोटा-सा काम करवाने के लिए भी काफी बड़ी प्रोग्रामिंग लगती है और कई बार घंटों की मेहनत पर पानी भी फिर जाता है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए इंजीनियरिंग के अलावा कम्प्यूटर साइंस का ज्ञान होना भी जरूरी है। यह क्षेत्र जितना रोमांचक है उतनी ही मेहनत भी मांगता है। सौ मस्तिष्कों की क्षमता वैसे आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस ने मानवीय कार्य को काफी सुविधाजनक बना दिया है। सौ मस्तिष्कों की क्षमता वाला कार्य मात्र एक ही कम्प्यूटर सुलभ कर सकता है। यह बात गणनाओं व तर्कों के संदर्भ में है। पिछले कुछ सालों मंष कारखानों में भी रोबोट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इससे उत्पादन को कई गुना बढ़ाने में मदद मिली है। स्टील, लैदर या गैस उत्पादों से संबंधित कारखानों में रोबोट का प्रयोग बड़े पैमाने में किया जा रहा है। इतना ही नहीं अब तो सीमावर्ती दुर्गम पहाड़ी और बर्फीले इलाकों में चैकसी के लिए भी रोबोट का इस्तेमाल किया जाने लगा है और इसके लिए बाकायदा रोबोट आर्मी भी बनाई जाने लगी है। इसके अलावा न्यूक्लियर साइंस, समुद्री खोज आदि में भी रोबोट का खूब इस्तेमाल हो रहा है। रोबोटिक्स और आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस में रुचि रखने वाले युवा इस क्षेत्र में शानदार करियर बना सकते हैं। आज रोबोट का इस्तेमाल एंटी बम्ब स्क्वॉयड, रैस्क्यू आॅप्रेशन, मानवरहित विमान, कार व रेल चलाने, घरेलू नौकर, सुरक्षागार्ड आदि के रूप में भी खूब किया जा रहा है। जिस तरह इसका प्रयोग बढ़ रहा है उसे देखते हुए अगर आने वाले समय में हर काम रोबोट करता हुआ दिखाई दे तो इसमें कोई ताज्जुब वाली बात नहीं होगी। यहां से कर सकते हैं कोर्स -सैंटर फॉर आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस एंड रोबोटिक्स, बैंगलुरू। -नैशनल इंस्टीच्यूट आॅफ इंजीनियरिंग, कर्नाटक। -इंडियन इंस्टीच्यूट आॅफ इन्फर्मेशन टैक्नोलॉजी, इलाहाबाद।  

साड़ी पहनने का स्टाइल अब और भी आसान, इस प्रॉम्प्ट से बनाएं अपने लुक को परफेक्ट!

नई दिल्ली गूगल के नैनो बनाना वाले 3D मॉडल और Figurine के चर्चे हर तरफ हैं। जो कोई भी इंटरनेट पर है वो इस टूल के जरिए अपने अलग-अलग अवतार बनाने में जुटा है। इसी कड़ी में एक ट्रेंड लड़कियों ने शुरू किया है, जिसमें वह Google के Nano Banana इमेज जेनरेटर टूल की मदद से साड़ी में अपनी इमेज तैयार कर रही हैं। अगर आप भी अपनी ऐसी ही फोटो बनाना चाहती हैं, तो आसान से प्रोसेस को हर पूरी डिटेल के साथ आपको समझाते हैं। चलिए फिर देर न लगाते हुए साड़ी में खूबसूरत फोटोज बनाने का तरीका जान लेते हैं। किस चीज की जरूरत पड़ेगी? साड़ी में अपनी खूबसूरत फोटोज बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक स्मार्टफोन और एक एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन चाहिए होगा। इसके बाद अपने फोन में Gemini को एक्टिव कर लें। अगर आपको फोन में Gemini प्री इंस्टॉल नहीं मिल रहा है, तो प्ले स्टोर से आप इसकी ऐप डाउनलोड भी कर सकती हैं। यही बात iPhone यूजर्स के लिए भी लागू होती है। iPhones पर Google Gemini प्री इंस्टॉल्ड नहीं आता। ऐसे में आप ऐप स्टोर से Gemini ऐप को डाउनलोड करके उसमें अपनी Gmail ID से लॉगइन कर सकती हैं। ऐसे बनेगी साड़ी में खूबसूरत फोटो अपनी 3D मॉडल और Figurine वाली फोटो बनानी हो या साड़ी वाली फोटो, इसमें सारा खेल Prompt का है। Gemini में आप अपनी फोटो के साथ जिस तरह का भी प्रॉम्प्ट डालेंगी, यह उसके मुताबिक नतीजे आपको बना कर देगा।     Gemini ऐप में अपनी Gmail ID से लॉगइन करने के बाद ऐप में दिख रहे BANANA Image बटन को सलेक्ट कर लें। इसका मतलब है कि आप Gemini पर इमेज बनाने के लिए गूगल के Nano Banana इमेज जेनरेटर का इस्तेमाल करना चाहती हैं।     इसके बाद + आइकन पर टैप करके गैलरी में से अपनी एक साफ फोटो को चुन लें। आप चाहें, तो + आइकन पर टैप करने के बाद कैमरा ऑप्शन को चुन कर लगे हाथ अपनी एक सेल्फी या फोटो लेकर उसे साड़ी वाली इमेज में तबदील करने के लिए चुन सकती हैं।     इमेज सलेक्ट कर लेने के बाद इस प्रॉम्प्ट को लिखने के लिए दी गई जगह पर पेस्ट कर दें – “Create a retro, vintage-inspired image – grainy yet bright – based on the reference picture. to The girl should be draped in a perfect red,Pinterest-style aesthetic retro saree. The vibe must capture the essence of a 90s movie …brown -haired baddie, with wavy curls and a small flower tucked visibly into her hair, enhanced by a windy, romantic atmosphere. She stands against a solid wall, where deep shadows and dramatic contrasts add mystery and artistry to the scene, creating a moody yet enchanting cinematic effect.”     ध्यान रहे कि आप चाहें तो मन मुताबिक प्रॉम्प्ट में बदलाव भी कर सकती हैं। बदलाव करते हुए ध्यान रखें कि प्रॉम्प्ट की शक्ल में जो भी कमांड आप Gemini को देने जा रही हैं, वह बिलकुल साफ और स्पष्ट होनी चाहिए। उदाहरण के लिए अगर आपको अपने बालों का रंग अलग चाहिए, तो प्रॉम्प्ट में आप लिख सकती हैं कि मेरे बालों का रंग इस तरह का रखें। जितना स्पष्ट आपका प्रॉम्प्ट होता, उतना ही बेहतर नतीजे Gemini आपको देगा।     इसके बाद सेंड के बटन पर टैप कर दें और कुछ देर इंतजार करें।     इसके बाद आपकी साड़ी में खूबसूरत इमेज तैयार हो जाएगी। इमेज पर दिए डाउनलोड के ऑप्शन को इस्तेमाल करके आप इसे डाउनलोड कर पाएंगी और उसके बाद जहां भी चाहें वहां शेयर कर पाएंगी।

3D इमेज क्रिएट करें बिना परेशानी: नैनो, ChatGPT और Grok ऑप्शन

नई दिल्ली सोशल मीडिया पर Google Gemini के AI टूल नैनो बनाना का क्रेज छाया हुआ है। आपने भी देखा होगा कि लोग सोशल मीडिया पर खिलौने जैसी दिखने वाली तस्वीर पोस्ट कर रहे हैं। गूगल के इस नए टूल जो जेमिनी 2.5 फ्लैश इमेज मॉडल भी कहा जा रहा है। इस टूल की मदद से लोग अपने 3D स्टैच्यू की इमेज बना रहे हैं, तो कोई 90s के जमाने की साड़ी में अपना लुक शो कर रहा है। लेकिन टूल तो और भी हैं, जिनमें ChatGPT और Grok भी हैं। ये भी आसानी से इमेज क्रिएट करते हैं। चलिए, जान लेते हैं कि ChatGPT, Grok से कैसे आप 3D इमेज मॉडल बना सकते हैं? ChatGPT ओपनएआई दिग्गज कंपनी है, जिसके AI चैटबॉट ChatGPT के बारे में तो सभी जानते हैं। जीपीटी-5 इसका अभी तक का सबसे बेस्ट मॉडल माना जा रहा है। यह इमेज जेनरेट और एडिट कर सकता है। पहले जीपीटी-4O ने इमेज जेनरेशन में तारीफ बटोरी थी। ChatGPT में इमेज बनाने के लिए इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और अटैच के ऑप्शन में जाकर फोटो अपलोड करें। इसके बाद आपको prompt डालना होगा, फिर 3D इमेज मॉडल तैयार हो जाएगा। लेकिन यहां पर आप लिमिटेड फोटो ही बना सकते हैं। Grok एलन मस्क की कंपनी xAi का ग्रोक ऐसा चैटबॉट है, जो पहले से ही टॉप फ्री इमेज जेनरेटर की लिस्ट में शामिल है। नैनो बनाना आने के बाद भले इसकी चर्चा कम हो, लेकिन यह भी अच्छा 3D मॉडल बना सकता है। प्रॉम्प्ट के आधार पर ग्रोक रैंडम इमेज तो अच्छी बना देता है, साथ ही आप इस पर 3D मॉडल भी बनवा सकते हैं। इस टूल को इस्तेमाल करते हुए कैरेक्टर के चेहरे और बाकी डिटेल्स डीप तरीके से दें । इसे इस्तेमाल करने के लिए Grok की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, वहां अपनी फोटो अटैच करें और Prompt डालें। 3D मॉडल बनकर तैयार हो जाएगा। ग्रोक से उसका छोटा वीडियो और साउंड भी बना सकते हैं। ये Prompt डालकर बना सकते हैं 3D इमेज अपनी इमेज को अटैच कर ये Prompt डालें- Create a 1/7 scale commercialised figurine of the characters in the picture, in a realistic style, in a real environment. The figurine is placed on a computer desk. The figurine has a round transparent acrylic base, with no text on the base. The content on the computer screen is a 3D modeling process of this figurine. Next to the computer screen is a toy packaging box, designed in a style reminiscent of high-quality collectible figures, printed with original artwork. The packaging features two-dimensional flat illustrations. आप चाहें तो अपनी ओर से कुछ बदलाव डाल सकते हैं। उसको फॉलो करके भी इमेज बन जाएगी।

iPhone 15 मुफ्त में जीतने का मौका! Amazon कॉन्टेस्ट में ढूंढें 5 स्टीकर्स

नई दिल्ली फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी-बड़ी डील्स और सेल आ जाती हैं। लोगों को इन डील्स का इंतजार रहता है, ताकि ठीक-ठाक ऑफर में डिवाइस खरीद सकें। अब जल्द ही अमेजन का ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2025 जल्द ही शुरू होने वाला है। यह सेल 23 सितंबर से शुरू होगी, लेकिन यदि आप प्राइम मेंबर हैं, तो आपके लिए यह सेल 22 सितंबर से ही शुरू होगी। इस बार अमेजन ने छूट के साथ-साथ एक खास कॉन्टेस्ट भी शुरू किया है, जिसमें हिस्सा लेकर आप iPhone 15 जीत सकते हैं। चलिए, जानते हैं कि ये कॉन्टेस्ट क्या है और इसमें आप कैसे हिस्सा ले सकते हैं? अमेजन का ' iPhone 15 Price Dekha Kya ?' कॉन्टेस्ट अमेजन ने अपने कॉन्टेस्ट का नाम कॉन्टेस्ट 'iPhone 15 Price Dekha Kya?' रखा है। इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेकर आप iPhone 15 जीत सकते हैं। इस कॉन्टेस्ट में शामिल होना बहुत आसान है। आपको बस कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे। सबसे पहले, आपको अमेजन ऐप में जाना है, वहां मोबाइल्स सेक्शन में पांच iPhone 15 स्टिकर्स छिपे हुए हैं। ये स्टिकर्स आपको एक साथ नहीं मिलेंगे। आपको हर दिन ऐप में चेक करना होगा और इन स्टिकर्स को इकट्ठा करना होगा। जैसे-जैसे आप स्टिकर्स इकट्ठा करेंगे, आपका कॉन्टेस्ट पूरा होने की ओर बढ़ेगा।   सोशल मीडिया पर शेयर करनी होगी प्रोग्रेस जब आप पांचों स्टिकर्स इकट्ठा कर लें, तो अगला कदम है अपनी प्रोग्रेस को शेयर करना। समझ ही गए होंगे कि सोशल मीडिया पर शेयरिंग करनी है। इसके लिए आपको अपने स्टिकर्स का स्क्रीनशॉट लेना होगा। फिर इसे अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट करना होगा। पोस्ट करते समय @amazonmobilesin को टैग करना होगा। साथ ही आपको दो हैशटैग्स भी लगाने होंगे, #iPhone15PriceDekhaKya और #AmazonGreatIndianSale का इस्तेमाल करना जरूरी है। iPhone 15 को अपनी विशलिस्ट में डालें कॉन्टेस्ट का आखिरी स्टेप भी आसान है। आपको अमेजन ऐप पर जाकर iPhone 15 को अपनी विशलिस्ट में जोड़ना होगा। यह स्टेप पूरा करना बहुत जरूरी है। अगर आप स्टिकर्स इकट्ठा कर लेते हैं और इंस्टाग्राम पर पोस्ट भी कर देते हैं, लेकिन iPhone 15 को विशलिस्ट में नहीं जोड़ते, तो आपकी एंट्री रद्द हो जाएगी। कब तक चलेगा यह कॉन्टेस्ट? यह कॉन्टेस्ट 25 सितंबर 2025 तक चलेगा और रात 11:59 बजे तक खुला रहेगा। इसमें हिस्सा लेने के लिए आपकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए और आपको भारत का निवासी होना चाहिए। हर व्यक्ति केवल एक बार ही इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा ले सकता है। कॉन्टेस्ट के अंत में पांच विजेताओं का चयन रैंडम तरीके से किया जाएगा। हर विजेता को एक iPhone 15 मिलेगा। विजेताओं के नाम अमेजन के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर बताए जाएंगे।