samacharsecretary.com

हेयर फॉल रोकने और लंबे घने बालों के लिए आजमाएं ऑइलिंग का यह पुराना नुस्खा

अगर बाल जड़ से मजबूत न हों, तो हेयर फॉल प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है। बालों को जड़ों से मजबूत बनाने के लिए आपको एक हफ्ते में सिर्फ दो बार इस टिप को फॉलो करना है। महज कुछ ही हफ्तों के अंदर आपको खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर महसूस होने लगेगा। पुराने जमाने से इस टिप को हेयर हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता रहा है। दरअसल, आपको बता दें कि हम जिस टिप की बात कर रहे हैं, वो तेल लगाना यानी ऑइलिंग है। बालों के लिए फायदेमंद आदत  क्या आप अपने बालों को लंबा, घना और मजबूत बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो तेल लगाने की आदत को फॉलो करना शुरू कर दीजिए। एक हफ्ते में 2 बार तेल जरूर लगाएं। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए रात में तेल लगाइए और रात भर तेल को लगे रहने दीजिए। और फिर अगली सुबह हेयर वॉश कर लीजिए। गौर करने वाली बात  अगर आपके पास कम समय है, तो एक घंटे के लिए ही सही, हेयर वॉश से पहले अपनी स्कैल्प पर और अपने बालों पर तेल जरूर लगाएं। अब सवाल ये उठता है कि आपको कौन सा तेल लगाना चाहिए। आप नारियल का तेल, बादाम का तेल, अरंडी का तेल यानी कैस्टर ऑइल या फिर भृंगराज तेल में से किसी भी एक तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। तेल को लगाने से पहले हल्का गुनगुना कर लीजिए और तेल लगाते समय मसाज जरूर कीजिए। मिलेंगे फायदे ही फायदे  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तेल लगाने की आदत आपकी हेयर हेल्थ को काफी हद तक सुधार सकती है। बालों की जड़ों को मजबूत बनाने के लिए इस आदत को फॉलो किया जा सकता है। बालों में मौजूद पोषण की कमी, रूखापन, डैंड्रफ जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए तेल लगाने की सलाह दी जाती है। सिल्की और शाइनी बालों के लिए भी शैंपू से पहले तेल अप्लाई किया जा सकता है। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें

लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आजमाएं यह पारंपरिक सत्तू ड्रिंक

गर्मी के मौसम में जैसे-जैसे पारा चढ़ता है, शरीर की एनर्जी कम होने लगती है और आप हर वक्त थके डिहाइड्रेटेड महसूस करते हैं. गर्मी में लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में उत्तर भारत का पारंपरिक सुपरफूड सत्तू सेहत का खजाना साबित होता है. भुने हुए चनों को पीसकर तैयार किया गया सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है जो आपके लिए बहुत फायदेमंद है. सत्तू के शरबत के बेमिसाल फायदे सत्तू का शरबत न केवल पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, बल्कि इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह चिलचिलाती धूप में भी शरीर के तापमान को स्थिर बनाए रखता है. अगर आप गर्मियों में सॉफ्ट ड्रिंक्स की जगह सत्तू पीते हैं तो यह आपकी सेहत को बेमिसाल फायदे मिलेंगे. सत्तू के शरबत की रेसिपी सत्तू (चना) – 3 बड़े चम्मच ठंडा पानी – 1 गिलास भुना जीरा पाउडर – आधा छोटा चम्मच काला नमक – स्वादानुसार नींबू का रस बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च पुदीने की पत्तियां बनाने का तरीका एक बड़े गिलास में सत्तू निकालें और थोड़ा सा पानी डालकर गुठलियां खत्म होने तक मिलाएं. अब बचा हुआ ठंडा पानी डालें और अच्छी तरह घोल लें. इसमें काला नमक, भुना जीरा, नींबू का रस और कटी हुई मिर्च-प्याज डालें. आप इस दौरान इसमें हल्का गुड़ मिला सकते हैं जो टेस्ट को बैलेंस करेगा. पुदीने की पत्तियों के साथ ठंडा-ठंडा सर्व करें. आप चाहें तो इसमें मिश्री या गुड़ डालकर मीठा शरबत भी बना सकते हैं

7000mAh बैटरी और अनोखे कैमरा डिजाइन के साथ आ रहा है रियलमी का नया स्मार्टफोन

Realme भारत में नया स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रहा है, जिसका नाम रियलमी 16 5G होगा. कंपनी ने ऑफिशियल पोर्टल पर इस हैंडसेट की जानकारी दी है और बताया है कि यह भारत में 2 अप्रैल को लॉन्च होगा. रियलमी 16 5G को लेकर कंपनी का दावा है कि यह भारत का पहला सेल्फी मिरर फोन है. इसमें बैक पैनल पर कैमरा सेंसर के पास एक रिफ्लेक्टिव मिरर है. ऐसे में यूजर्स बैक कैमरा सेटअप की मदद से भी सेल्फी ले सकेंगे. रियलमी इंडिया के ऑफिशियल पोर्टल पर अपकमिंग हैंडसेट को लेकर कुछ डिटेल्स को शेयर किया गया है. इसमें कैमरा, डिजाइन, डिस्प्ले और आईपी रेटिंग की जानकारी शेयर की है. Realme 16 का डिस्प्ले Realme 16 में 6.57 Inch का डिस्प्ले दिया गया है और इसका वजन 183 ग्राम वजनी है. इसकी थिकनेस 8.1 एमएम की है. कंपनी इस हैंडसेट को दो कलर वेरिएंट में लेकर आ रही है, जिसका नाम एयर व्हाइट और एयर ब्लैक कलर है. Realme 16 की बैटरी और फास्ट चार्जर Realme 16 में 7000mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसके साथ 60W का फास्ट चार्जर मिलता है. ऑफिशियल वेबसाइट पर लिस्टेड डिटेल्स में बताया है कि 3 साल के लिए एंड्रॉयड ओएस अपडेट और 4 साल के लिए एंड्रॉयड सिक्योरिटी अपडेट है. Realme 16 का कैमरा सेटअप Realme 16 में हॉरिजोन्टली कैमरा एलाइनमेंट दिया गया गया है, जो काफी कुछ गूगल पिक्सल 10 सीरीज के जैसा लगता है. रियलमी के इस हैंडसेट में 50MP का मेन कैमरा सेंसर दिया गया है. इसमें एक सर्कुलर LED Flash लाइट दी गई है. हालांकि अन्य कैमरा सेंसर क जानकारी शेयर नहीं की गई है और सेल्फी के लिए भी 50MP का फ्रंट कैमरा मिलेगा. क्या है सेल्फी मिरर फीचर? बैक पैनल पर ही कैमरा के पास एक रिफ्लेक्टिव सर्कुलर सरफेस दिया गया है, जिसको कंपनी ने सेल्फी मिरर का नाम दिया है. इसकी मदद से यूजर्स रियर कैमरे से हाई क्वालिटी सेल्फी क्लिक कर सकेगा. 

CERT-In ने ऐपल डिवाइसेस में खोजीं खतरनाक कमियां हैकर्स उड़ा सकते हैं आपका बैंकिंग डेटा

भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने जरूरी वॉर्निंग जारी की है, जिसमें स्मार्टफोन, टैबलेट, कंप्यूटर और स्मार्टवॉच यूजर्स को सावधान रहने को कहा है. ये वॉर्निंग इंडियन कंप्यूटर इमरजेंस रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) की तरफ से जारी की गई है और ऐपल डिवाइसों के लिए है. वॉर्निंग में iPhone, आइपैड, मैक ऐपल वॉच डिवाइसों में कई कमजोरियों को डिटेक्ट किया गया है, जिनको वल्नरबिलिटीज का नाम दिया जाता है. 26 मार्च 2026 पर इसको लेकर एडवाइजरी जारी की गई है. CERT-In की एडवाइजरी में बताया गया है कि इन खामियों का फायदा साइबर ठग फायदा उठा सकते हैं. इसके बाद वे डिवाइस में मौजूद है संवेंदनशील डेटा को चोरी कर सकते हैं. यहां तक कि बैंकिंग डिटेल्स बी हासिल कर करते हैं. CERT-In की तरफ जारी एडवाइजरी में बताया गया है ये खामियां Apple के सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम के अलग-अलग हिस्सों में जैसे सिस्टम कंपोनेंट्स और सिक्योरिटी मैकेनिज्म के अंदर मौजूद हैं. इन्ही की वजह से साइबर अटैकर सिस्टम के व्यवहार में छेड़छाड़ कर सकते हैं या सिक्योरिटी वॉल को बाईपास कर सकते हैं. Apple के कई डिवाइस और पुराने सॉफ्टवेयर वर्जन पर खतरा     iOS और iPadOS (26.4 और 18.7.7 से पहले के वर्जन)     macOS Tahoe (26.4 से पहले के वर्जन)     macOS Sequoia (15.7.5 से पहले)     macOS Sonoma (14.8.5 से पहले)     Safari (26.4 से पहले)     watchOS, tvOS और visionOS (26.4 से पहले)     Apple Xcode (26.4 से पहले) क्या-क्या खतरे हो सकते हैं? CERT-In की एडवाइजरी में बताया गया है कि ये खामियां डिवाइस को अलग-अलग तरीके से नुकसान पहुंचा सकती हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं.     डेटा चोरी हो सकता है     मैलवेयर फैल सकता है     डिवाइस क्रैश हो सकता है     बिना अनुमति एक्सेस मिल सकती है बचाव के लिए क्या-क्या करना चाहिए CERT-In की तरफ से बताया गया है कि सभी यूजर्स को अपने ऐपल डिवाइसेस को लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट के सिस्टम तुरंत अपडेट करना चाहिए. अक्सर लोग अपने डिवाइस को अपडेट नहीं करते हैं. कंपनियां अक्सर सिक्योरिटी अपडेट जारी करती हैं, जो नए खतरों से बचाने में मदद करती हैं.

चिलचिलाती धूप में शरीर को अंदर से ठंडा रखेगा गुलाब की पंखुड़ियों से बना गुलकंद

गर्मियों के तपते मौसम में गुलकंद शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक कूलेंट माना गया है जो शरीर को अंदरूनी ठंडक पहुंचाने में काफी मददगार होता है. ताजी गुलाब की पंखुड़ियों और मिश्री के से तैयार होने वाला गुलकंद स्वाद में लाजवाब होता है. इसके साथ ही गर्मी में गुलकंद का सेवन आपको भीषण गर्मी में ठंडक देने, सुस्ती दूर करने, एनर्जी देने और पेट की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. गुलकंद खाने के बेमिसाल फायदे गुलाब त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है क्योंकि यह त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है, सूजन कम करता है और तेल के उत्पादन को संतुलित करता है. इसमें विटामिन A और C भरपूर मात्रा में होते हैं जो कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं और उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे कि झुर्रियों और फाइन लाइंस से लड़ने में मदद करते हैं.अगर आप रोजाना घर का बना गुलकंद खाते हैं तो आपको चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों में अपनी बॉडी को कूल रखने में मदद मिलेगी. शरीर को देता है ठंडक  गुलकंद गुलाब की पत्तियों से मिलकर बनता है इसलिए इसमें कूलिंग प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं जिससे आपको गर्मी में राहत मिलती है. गुलाब के पंखुड़ियों में ठंडक देने वाले गुण होते हैं जो गर्मियों में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और गर्मी के कारण होने वाली समस्याओं जैसे लू और डिहाइड्रेशन को कम करने में मदद करते हैं. यह मानसिक तनाव को कम करने और मूड को सुधारने में भी मददगार है. तनाव और थकान कम करे  इसकी भीनी खुशबू और औषधीय गुण दिमाग को शांत करते हैं और थकान दूर कर बेहतर नींद लाने में मदद करते हैं. पाचन के लिए भी असरदार  गुलकंद में प्राकृतिक लैक्सेटिव गुण होते हैं, जो पाचन को विनियमित करने और कब्ज को रोकने में मदद करते हैं. यह पेट को ठंडा रखने और पेट की अन्य समस्याओं जैसे कि एसिडिटी और जलन को कम करने में भी सहायक है. स्किन के लिए है बेहतरीन गुलकंद में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं जो त्वचा को नुकसान से बचाने और त्वचा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. यह त्वचा को चमकदार और टाइट बनाए रखने में भी मददगार होता है. गुलकंद देता है एनर्जी  गुलकंद में प्राकृतिक शुगर होती है जो ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है. यह थकान को कम करने में मददगार है. गुलकंद खाने से पहले बरतें ये सावधानी गुलकंद का सेवन सीमित मात्रा में करें. अगर आपको डायबिटीज है तो गुलकंद का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें. अगर आपको गुलाब की पंखुड़ियों से एलर्जी है तो गुलकंद का सेवन न करें.

iPhone 18 Pro और 18 Pro Max में मिलेगा ये खास फीचर, जानें पहली बार क्या होगा नया

मुंबई  Apple के आईफोन की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. कंपनी अब iPhone 18 सीरीज को अनवील करेगी, जिसके बाद कंपनी iPhone 18 Pro और 18 Pro Max को भी लॉन्च करेगी. इसके लिए कंपनी हर साल सितंबर में इवेंट आयोजित करती है और इस बार सितंबर में लॉन्चिंग की उम्मीद है।  हाल ही के दिनों में iPhone 18 Pro और 18 Pro Max को लेकर ढेरों लीक्स और जानकारियां सामने आई हैं. हालांकि कंपनी की तरफ से किसी भी जानकारी की कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है।  iPhone 18 Pro सीरीज का डिजाइन  अपकमिंग iPhone सीरीज के डिजाइन लैंग्वेज में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किया जाएगा. कंपनी आगे भी एल्युमिनियम फ्रेम का यूज करना जारी रखेगी. साथ ही कंपनी एक नया कलर वेरिएंट लॉन्च कर सकती है. अपकमिंग डिवाइस की थिकनेस 8.8mm तक पहंच सकती है।  डिस्प्ले की बात करें तो फ्रंट पर ऐपल डाइनैमिक आइलैंड को रिमूव करने की जगह उसका साइज घटाया जा सकता है. ऐसा करने से यूजर्स को ज्यादा बड़ा डिस्प्ले मिलेगा।  iPhone 18 Pro max में 6.9 इंच का OLED डिस्प्ले पैनल दिया जा सकता है, जिसके अंदर प्रो-मोसश सपोर्ट और 120hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा।  A20 Pro चिपसेट का यूज किया जाएगा  ऐपल अपकमिंग आईफोन सीरीज में  A20 Pro चिपसेट का यूज करेगी, जिसको 2 नैनोमीटर (2nm) प्रोसेस पर तैयार किया जा सकता है. आने वाले डिवाइस में परफॉर्मेंस से लेकर बैटरी एफिसिएंसी को बेहतर किया जा सकता है।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में लॉन्च होने वाले iPhone 18 Pro और 18 Pro Max में 5,100mAh से 5,200mAh तक की बैटरी का यूज किया जा सकता है।  बेहतर होगा कैमरा  iPhone 18 और 18 Pro सीरीज के अंदर लॉन्च होने वाले डिवाइस को लेकर बताया गया है कि इसके कैमरा सेंसर बेहतर होंगे.  मेन सेंसर में वेरिएबल अपर्चर को दिया जा सकता है, जिसमें ज्यादा बेहतर कंट्रोल भी मिलेगा. कंपनी सैमसंग द्वारा तैयार किए गए नए सेंसर टेक्नोलॉजी का यूज करेगी।  iPhone 18 Pro सीरीज कब होगी लॉन्च  iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज की लॉन्चिंग टाइम लाइन को लेकर अभी तक कंपनी ने कोई ऑफिशियल जानकारी शेयर नहीं की है. लेकिन हर साल की तरह ही इस साल भी कंपनी न्यू आईफोन सीरीज को सितंबर में लॉन्च कर सकती है।   

iPhone में कैसे काम करता है लॉकडाउन मोड और क्या यह वाकई स्पाइवेयर से सुरक्षित है

ऐपल ने आईफोन के एक फीचर को इतना मजबूत बताया है कि कोई हैकर्स इसे पार नहीं कर पाएंगे। Techcrunch की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर किसी आईफोन में Lockdown Mode ऑन होता है तो कोई भी यहां तक की सरकारी स्तर के बेहद एडवांस स्पाइवेयर भी उसे हैक नहीं कर सकते हैं। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि उसे एक भी ऐसा मामला देखने को नहीं मिला है, जिसमें लॉकडाउन मोड पर चल रहे किसी iPhone या अन्य Apple डिवाइस की सुरक्षा में कोई हैकर सेंध लगा पाया हो। TechCrunch की रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल की प्रवक्ता सारा ओ'रूर्क (Sarah O’Rourke) ने बताया कि उन्हें लॉकडाउन मोड वाले किसी भी ऐप डिवाइस पर किसी भी तरह के 'मर्सिनरी स्पाइवेयर' हमले की कोई जानकारी नहीं है। लेकिन इस फीचर के कुछ नुकसान भी होते हैं। लॉकडाउन मोड चालू होने पर आपका डिवाइस सामान्य रूप से काम नहीं करेगा। कुछ ऐप्स, वेबसाइट्स और सुविधाएं सुरक्षा कारणों की वजह से सीमित कर दी जाएंगी। साइबर हमले से बचाता है फीचर बता दें कि ऐपल ने 2022 में लॉकडाउन मोड लॉन्च किया था। यह फीचर खास तौर पर ज्यादा जोखिम वाले यूजर्स जैसे पत्रकार, एक्टिविस्ट और अधिकारी को एडवांस्ड सर्विलांस टूल्स से बचाने के लिए डिजाइन किया गया था। लॉकडाउन मोड डिवाइस के कुछ ऐसे फंक्शन को सख्ती से रोक देता है, जिनका गलत इस्तेमाल अक्सर हमलावर करते हैं। यह मैसेज अटैचमेंट को सीमित करता है, कुछ वेब टेक्नोलॉजी को बंद कर देता है और अनजान सोर्स से आने वाले इनविटेशन या कनेक्शन को ब्लॉक कर देता है। इससे साबइर हमले की गुंजाइश काफी हद तक कम हो जाती है। एक साथ सब डिवाइस पर नहीं होगा चालू Lockdown Mode को अपने iPhone, iPad और Mac के लिए अलग-अलग चालू करना होगा। जब आप अपने आईफोन के लिए Lockdown Mode चालू करते हैं, तो यह अपने आप आपकी पेयर की गई ऐपल वॉच के लिए भी चालू हो जाता है। जब आप अपने किसी एक डिवाइस के लिए इसे चालू करते हैं, तो आपको अपने दूसरे सपोर्टेड ऐपल डिवाइस के लिए भी इसे चालू करने के प्रॉम्प्ट मिलते हैं। इसके ऑन होते ही किसी ऐप या फीचर के सीमित होने पर आपको नोटिफिकेशन मिल सकते हैं। Safari में एक बैनर यह बताता है कि Lockdown Mode चालू है। ऐसे कर सकते हैं चालू लॉकडाउन मोड ऑन करने के लिए आपको सबसे पहले आईफोन की सेटिंग में जाना होगा।उसके बाद अब प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर क्लिक करें।   फिर आपको स्क्रॉल डाउन करके नीचे आना है। यहां सबसे नीचे लॉकडाउन मोड का ऑप्शन मिलेगा।  आम यूजर्स के लिए नहीं है फीचर ऐपल का लॉकडाउन मोड असल में एक डिजिटल कर्फ्यू की तरह का करता है। यह सुरक्षा को तो मजबूत कर देता है, लेकिन आपसे आपके फोन की कई सुविधाएं छीन लेता है। कई ऐप्स और फीचर्स को सीमित कर देता है। इस कारण यह फीचर आम यूजर के लिए नहीं है बल्कि उन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी है, जिनको खतरनाक स्पाइवेयर का खतरा हो।

बार-बार होने वाले सिर दर्द से हैं परेशान, पेनकिलर छोड़ें और आजमाएं ये 3 प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय

अक्सर ज्यादा काम करने से या फिर तनाव लेने से सिर दर्द होना आम बात है, लेकिन अगर बार-बार सिर दर्द या भारीपन की समस्या होती है तो इसका कारण पेट का खराब पाचन है. सिर दर्द होने पर हम तुरंत पेन किलर लेकर दर्द में आराम पा लेते हैं, लेकिन यह अस्थायी इलाज है क्योंकि सिर दर्द की असल वजह पेट का खराब पाचन है, न कि मस्तिष्क से जुड़ा कारण. सिरदर्द का है पाचन से कनेक्शन बार-बार होने वाला सिर दर्द को आयुर्वेद में गंभीर माना गया है क्योंकि आयुर्वेद के मुताबिक सिर और पाचन शक्ति का आपस में गहरा संबंध होता है. यह हमारे शरीर का 'उत्तम अंग' है, जो इस बात का संकेत देता है कि शरीर में कुछ तो गड़बड़ी चल रही है. इसलिए बार-बार होने वाले सिर दर्द को बिल्कुल भी अनदेखा न करें. आयुर्वेद में माना गया है कि जब भी खाने पचने में गड़बड़ी होती है तो वात, पित्त और कफ असंतुलित होकर मस्तिष्क की नसों पर प्रभाव डालती है. कभी यह गैस बनकर पेट और सीने में जलन पैदा करती है, तो कभी कब्ज बन कर सिर और शरीर दोनों को भारी महसू कराती है. यही कारण है कि शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने के बाद तन और मन दोनों तरोताजा महसूस करते हैं. कैसे करें बचाव अब सवाल है कि इससे बचने के लिए क्या करें. आयुर्वेद इसके लिए नस्य क्रिया करने की सलाह देता है. इसमें नाक में कुछ बूंदें तेल की डालनी होती हैं, जो मस्तिष्क पर पड़ने वाले दबाव को कम करती हैं और शरीर में असंतुलित पित्त को कम करती हैं. दूसरा तरीका दूसरा तरीका है धनिया और मिश्री का संयुक्त पानी. इसके लिए धनिया और मिश्री को साथ रात के समय भिगो दें और सुबह इसे पी लें. यह पानी कब्ज को तोड़ने का काम करता है. अगर पेट ठीक से साफ नहीं होता है, तो धनिया और मिश्री का संयुक्त पानी कब्ज को तोड़कर पेट को साफ करने में मदद करेगा. तीसरा तरीका तीसरा और प्रभावी तरीका है सोंठ का लेप. अगर बार-बार सिर-दर्द परेशान कर रहा है और दवा लेकर परेशान हो गए हैं, तो माथे पर सोंठ का लेपन करने से दर्द में आराम मिलेगा. सोंठ को पानी के साथ मिलाकर माथे पर लगाए.  

बिना पेस्ट कंट्रोल किचन से कॉकरोच कैसे भगाएं

क्या आप भी अपने घर में कॉकरोचों की वजह से परेशान हैं. दरअसल घर और किचन कितना भी साफ क्यों न हो, लेकिन अगर एक भी कॉकरोच दिख जाए, तो पूरी सफाई पर पानी फिर जाता है. ये छोटे-छोटे कॉकरोच न सिर्फ देखने में गंदे लगते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी खतरनाक हैं. अगर आप भी कॉकरोच से परेशान हैं और महंगे पेस्ट कंट्रोल (Pest Control) का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो इन घरेलू उपायों को ट्राई कर सकते हैं. तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं आखिर कॉकरोच क्यों हैं खतरनाक और इन्हें कैसे भगाएं. ​कॉकरोच सिर्फ गंदगी नहीं, बीमारियां भी लाते हैं आपको बता दें कि कॉकरोच गंदी नालियों और कचरे से होकर आपके खाने तक पहुंचते हैं. इनसे डायरिया, फूड पॉइजनिंग और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए इन्हें हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. कॉकरोच भगाने के असरदार घरेलू उपाय ​1. बेकिंग सोडा और चीनी कॉकरोच को मीठा बहुत पसंद होता है, जबकि बेकिंग सोडा उनके सिस्टम को खराब कर देता है. इन्हें भगाने के लिए आप इन दोनों चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं. ​कैसे करें इस्तेमाल बराबर मात्रा में बेकिंग सोडा और पिसी हुई चीनी मिलाएं. अब इसे उन जगहों पर छिड़क दें जहां कॉकरोच ज्यादा आते हैं (जैसे सिंक के नीचे या अलमारी के पीछे). चीनी की महक से कॉकरोच खिंचे चले आएंगे और सोडा खाते ही उनका काम तमाम हो जाएगा. ​​2. तेजपत्ता- तेज पत्ता न सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ाने बल्कि कॉकरोच को भगाने में भी मददगार है. इसकी तेज गंध कॉकरोच को बिल्कुल पसंद नहीं होती. कैसे करें इस्तेमाल- मुट्ठी भर तेजपत्ते लें और उन्हें हाथों से मसलकर चूरा कर लें. अब इस चूरे को उन जगहों पर डाल दें जहां से कॉकरोच आते हैं. इसकी महक से वे रास्ता बदल लेंगे. ​3. नीम का तेल या पाउडर- ​नीम अपने एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है. कॉकरोच भगाने में भी यह बहुत कारगर है. ​कैसे करें इस्तेमाल- रात को सोने से पहले उन जगहों पर नीम का तेल स्प्रे करें जहां कॉकरोच दिखते हैं. आप नीम के पानी का पोछा भी लगा सकते हैं. 4. लौंग ​लौंग की खुशबू इंसानों को अच्छी लगती है, लेकिन कॉकरोच इससे दूर भागते हैं. ​कैसे करें इस्तेमाल- किचन की दराजों और कोनों में 8-10 लौंग रख दें. यह एक सुरक्षित और खुशबूदार तरीका है. ​कॉकरोच न आएं इसके लिए क्या सावधानियां हैं जरूरी  ​​किचन को सूखा रखें-कॉकरोच पानी की तलाश में ज्यादा आते हैं. रात को सिंक और पाइप के पास पानी जमा न होने दें.  ​कूड़ेदान को ढककर रखें- खुला कूड़ा कॉकरोचों के लिए दावत की तरह है. हमेशा ढक्कन वाला डस्टबिन इस्तेमाल करें. दीवार की ​दरारें भरें- अगर दीवार या टाइल्स के बीच दरारें हैं, तो उन्हें तुरंत ठीक करवाएं. ये कॉकरोचों के छिपने का अड्डा होते हैं.

क्या सभी 1.5 टन के एसी एक बराबर ठंडक देते हैं? जानें वाट्स, स्टार रेटिंग और कमरे के साइज का सही गणित

Air Conditioner Cooling Capacity VS Tonnage क्या आपको भी लगता है कि सभी 1.5 टन के AC एक बराबर ठंडक देते हैं? अगर हां, तो ऐसा नहीं है। असल में AC के कूलिंग करने की क्षमता Ton से नहीं बल्कि कूलिंग कैपेसिटी से पता चलती है। ऐसे में एक जैसे Ton वाले AC भी अलग-अलग कूलिंग कैपेसिटी रख सकते हैं। अगर आप सिर्फ Ton को देखते हुए कम कूलिंग कैपेसिटी वाला AC खरीद लें, तो हो सकता है कि वे आपका कमरा ठंडा ही न कर सके। सिर्फ Ton देखकर नहीं खऱीदना चाहिए AC AC Buying Guide 2026 बाजार में 1.5 Ton के अलग-अलग ब्रैंड के AC एक दूसरे से 5000 रुपये तक कम में मिल जाते हैं। ग्राहक भी ज्यादातर सस्ता मॉडल ही चुनते हैं और समझते हैं कि उन्होंने एक बढ़िया डील क्रैक कर ली। असल में ऐसा नहीं है। दरअसल AC की असली ताकत Ton में नहीं, बल्कि Watts में छिपी कूलिंग कैपेसिटी में होती है। ज्यादातर लोग AC सिर्फ Ton देखकर खरीद लेते हैं। वहीं लोग यह भी मानकर चलते हैं कि 1.5 Ton के सभी AC एक बराबर ठंडक देते हैं। इन तमाम बातों को आप मिथक मान सकते हैं। कभी भी AC खरीदते हुए सिर्फ इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए कि AC कितने Ton का है, बल्कि AC की कूलिंग कैपेसिटी चेक करनी चाहिए और उसके बाद अपने कमरे के साइज के आधार पर तय करना चाहिए कि आपके लिए कौन सा AC सही है। अगर इस गणित से अभी तक आप अनजान हैं, तो संभव है कि आपका AC कमरे को ठंडा ही न कर पाएं और भारी बिजली बिल भरने के बाद भी आप पसीने में तर-बतर रहें। Ton नहीं AC की कूलिंग कैपेसिटी पर गौर करें AC खरीदते हुए आपको सिर्फ 1 टन या 1.5 टन पर ध्यान नहीं देना चाहिए बल्कि उसकी कूलिंग कैपेसिटी को चेक करना चाहिए। यह kW यानी कि Kilowatt मे या BTU से पता चलती है। असल में एक 1.5 टन के AC की कूलिंग कैपेसिटी 5.2 से 5.3 kW होनी चाहिए।वहीं कई कंपनियां AC को सस्ता करने के चक्कर में 1.5 Ton के नाम पर सिर्फ 4.7 या 4.8 kW की कैपेसिटी देती हैं। AC की कैपेसिटी कम होने से AC कमरे के साइज के हिसाब से छोटा पड़ जाता है और उसे लगातार काम करना पड़ता है। इससे बिजली की खपत बढ़ती है। कमरे के अनुसार चुनें कूलिंग कैपेसिटी कूलिंग कैपेसिटी का गणित समझने के बाद यह भी जानना जरूरी है कि कितने साइज के कमरे के लिए कितनी कूलिंग कैपेसिटी वाला AC लेना चाहिए। अगर कमरा 100 स्क्वायर फीट का है, तो 2600W-3500W की कूलिंग वाला 1 Ton का AC काफी रहता है। वहीं 100-150 स्क्वायर फीट साइज के कमरे के लिए 4000W – 5200W कूलिंग कैपेसिटी वाला 1.5 Ton का AC ठीक रहता है। इसी तरह 200 स्क्वायर फीट से ज्यादा या टॉप फ्लोर के लिए 5200W – 6500W कूलिंग कैपेसिटी वाला 2 टन तक का AC ठीक रहता है। ऐसे चुनें 3 स्टार या 5 स्टार रेटिंग वाला AC कूलिंग कैपेसिटी और कमरे के साइज का गणित समझने के बाद समझ लें कि कैसे 3 स्टार या 5 स्टार रेटिंग वाला AC चुनना चाहिए? दरअसल अगर AC दिन में 6-8 घंटे चलता है, तो 5 स्टार AC ही लें। वहीं AC इससे कम समय के लिए चलना हो, तो आप 3 स्टार AC भी ले सकते हैं।