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AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou का Kling प्लेटफॉर्म भी Google के Veo और OpenAI के Sora जैसे बड़े एआई वीडियो एडिटिंग टूल को कड़ी टक्कर दे रहा है। अब इसका नाम भी टॉप एआई एडिटिंग टूल की लिस्ट में शामिल हो गया है। बता दें कि Kling को जून, 2024 में लॉन्च किया गया था। इसके बाद इसने लगभग 1.2 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स का बेस बना लिया है। इसकी सालाना आय लगभग 24 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। इसके बारे में डिटेल में जानते हैं। वीडियो जनरेशन बेंचमार्क में बदली रैंकिंग आजकल एलियन का हमला और डिजिटल इंसानों द्वारा लाइव स्ट्रीमिंग होस्ट करना आम बात हो गई है। वीडियो जनरेशन बेंचमार्क में रैंकिंग बदल रही है। Kling, Google के Veo और OpenAI के Sora के साथ टॉप टियर में अपनी जगह बना चुका है। Kuaishou का Kling समय के साथ-साथ हिट होता जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि इसकी लोकप्रियता इतनी क्यों बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 में ही इसने 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की कमाई की थी। इससे इसकी साल भर की कमाई 14 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गई थी। जनवरी 2025 में, रोजाना की औसत कमाई पिछले महीने की तुलना में लगभग 30% बढ़ गई। तीन कारण से सफल हुआ टूल Kuaishou के अनुसार, Kling जनरेटिव-एआई युग का नया मॉडर्न अवतार बता रहा है। कंपनी ने अप्रैल 2025 में इस टूल के लिए एक अलग बिजनेस यूनिट बनाई। पिछले साल की अर्निंग कॉल्स में कंपनी के अधिकारी बार-बार इसके बढ़ते यूजर बेस और कमाई का जिक्र करते रहे। Kling के ऑपरेशन हेड Zeng Yushen के अनुसार, इस वीडियो जनरेटर की सफलता के पीछे तीन मेन कारण हैं। इसमें बेहतरीन एआई मॉडल, मजबूत इंटरैक्टिव डिजाइन और क्रिएटर्स के इकोसिस्टम के साथ जुड़ाव शामिल है।

फोन से आधार वेरिफिकेशन हुआ आसान: फुल वर्जन ऐप लॉन्च, क्या-क्या बदला और कैसे करें इस्तेमाल

 नई दिल्ली UIDAI ने आखिरकार आधार ऐप का फुल वर्जन लॉन्च कर दिया है। इस फुल वर्जन में ऐप में कुछ नए फीचर्स को जोड़ा गया है। बता दें कि अपडेट के बाद ऐप का लुक भी काफी बदल गया है और ऑप्शंस की जगह में भी बदलाव हुआ है। बता दें कि कुछ दिन पहले X पर UIDAI की ओर से पोस्ट कर जानकारी दी गई थी कि 28 जनवरी को आधार ऐप का फुल वर्जन लॉन्च किया जाएगा। बता दें कि अभी तक आधार ऐप में यूजर के पास अपना आधार डिजिटली शेयर करने का ऑप्शन तो था लेकिन किसी और का आधार वेरिफाई नहीं किया जा सकता था। चलिए आधार के फुल वर्जन ऐप के बारे में डिटेल में जानते हैं। करें 28 जनवरी तक का इंतजार UIDAI की ओर से आधार ऐप के फुल वर्जन के आने की जानकारी 28 जनवरी के लिए दी गई थी। ऐसे में यह अपडेट एक दिन पहले आया है। संभव है कि 28 जनवरी को भी UIDAI की ओर से अपडेट पुश किया जाए और जिन कुछ फीचर्स के ऑप्शन ऐप से हटाए गए हैं, उन्हें एक्टिवेट करके फिर से पेश किया जाए। ऐसे में आधार ऐप के लिए अपडेट को चेक करते रहें। क्या कुछ बदल गया नए आधार ऐप में? आधार ऐप के फुल वर्जन में काफी नए बदलाव देखने को मिले हैं। सबसे पहले तो इस ऐप के लुक्स और फीचर्स में बदलाव देखने को मिले हैं। इसके अलावा सबसे बड़ा अपडेट ऐप में QR कोड स्कैनर का मिलना है। इसकी मदद से आप किसी के भी डिजिटल आधार को स्कैन कर वेरिफाई कर पाएंगे कि आधार असली है या नकली। इसके बाद आप चाहें, तो सामने वाले की आधार से जुड़ी डिटेल्स को भी चेक कर पाएंगे। इस फीचर का इस्तेमाल उन जगहों पर होगा, जहां लोगों की पहचान वेरिफाई करने की जरूरत पड़ती है जैसे कि होटल। इसके बाद अब लोगों को आधार की फिजिकल कॉपी कहीं भी सबमिट नहीं करनी पड़ेगी। घट गए कुछ ऑप्शन आधार ऐप में नए अपडेट के बाद सिर्फ फीचर शामिल ही नहीं हुए हैं बल्कि कुछ फीचर्स को हटा भी लिया गया है। इसमें नाम और ईमेल आईडी को अपडेट करने के ऑप्शन शामिल हैं, जो कि नए ऐप पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। बता दें कि पुराने ऐप में सर्विसेज सेक्शन में ये दोनों फीचर दिखाई देते थे लेकिन अपडेट के बाद से सर्विसेज सेक्शन में सिर्फ मोबाइल नंबर अपडेट, पता अपडेट करने का ऑप्शन दिख रहा है। UIDAI ने आधार की फुल वर्जन ऐप के लिए 28 जनवरी का समय दिया था। ऐसे में हो सकता है कि ये ऑप्शन 28 जनवरी को एक्टिवेट करके ऐप में शामिल किए जाएं। बता दें कि पुराने आधार ऐप में ये दो ऑप्शन सिर्फ दिखाई देते थे। इन पर टैप करके लिखा आता था कि फीचर जल्द ऐप में शामिल किए जाएंगे। कैसे पाएं नया आधार ऐप? नया आधार ऐप इस्तेमाल करने के लिए मौजूदा आधार ऐप यूजर्स को अपने फोन में इस ऐप को अपडेट करना होगा। इसके लिए एंड्रॉयड यूजर्स प्ले स्टोर और आईफोन यूजर्स ऐप स्टोर पर जाकर Aadhaar सर्च कर सकते हैं और उसके सामने मौजूद अपडेट के ऑप्शन पर टैप कर सकते हैं। इसके बाद आधार ऐप को खोल कर आप उसके नए लुक्स और ऑप्शंस का अनुभव ले सकेंगे। बता दें कि अगर आप अभी तक आधार ऐप इस्तेमाल नहीं कर रहे थे, तो ऐप स्टोर या प्ले स्टोर से ऐप इंस्टॉल करने पर आपके फोन में उसका अपडेटेड वर्जन ही इंस्टॉल होगा। कैसे वेरिफाई करें दूसरों की पहचान या आधार? जैसा कि हमने बताया आधार ऐप के फुल वर्जन में सबसे बड़ा बदलाव दूसरों के आधार को वेरिफाई करने के ऑप्शन का शामिल होना था। इसे इस्तेमाल करने के लिए अपने फोन पर आधार ऐप को खोल लें। इसके बाद:     होम पेज पर दिखाई दे रहे QR कोड स्कैन करने के ऑप्शन पर क्लिक करें।     इसके बाद किसी के आधार QR कोड को अपने फोन से स्कैन करें।     किसी के आधार को स्कैन करते ही आपको दिखाई देगा कि सामने वाले का आधार वैलिड है या नहीं?     इसके बाद अगर आप चाहें तो View Details बटन पर क्लिक करके सामने वाले की डीटेल्स चेक कर सकते हैं।

Windows 11 यूज़र्स के लिए Microsoft Paint और Notepad में AI फीचर्स का आगाज

मुंबई   Microsoft ने Windows 11 इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए Paint और Notepad में कई नए और दिलचस्प फीचर्स जोड़ने शुरू कर दिए हैं. ये अपडेट फिलहाल Windows Insider प्रोगाम Canary और Dev चैनल में शामिल टेस्टर्स को मिल रहे हैं, लेकिन आने वाले महीनों में इन्हें सभी यूज़र्स के लिए रोलआउट किया जाएगा. इसकी खास बात यह है कि इन नए फीचर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया है. सबसे ज्यादा चर्चा Microsoft Paint में आए नए AI Colouring Book फीचर को लेकर हो रही है. इस फीचर की मदद से यूज़र सिर्फ टेक्स्ट लिखकर अपनी पसंद का कलरिंग पेज बना सकते हैं. जैसे ही यूज़र पेंट खोलकर Colouring Book ऑप्शन चुनते हैं, वहां एक टेक्स्ट बॉक्स दिखाई देता है. इसमें मनचाहा प्रॉम्प्ट टाइप करते ही AI अपने आप बच्चों की कलरिंग बुक जैसा सिंपल लाइन आर्ट तैयार कर देता है. इस आर्ट को यूज़र डिजिटल तरीके से कलर कर सकते हैं या फिर प्रिंट निकालकर हाथ से रंग भर सकते हैं. हालांकि, यह फीचर सिर्फ Copilot+ PCs पर ही उपलब्ध होगा और इसे इस्तेमाल करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट से साइन-इन करना जरूरी है. माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा जारी किए गए आधिकारिक ब्लॉग के मुताबिक, Paint में एक और छोटा लेकिन काम का अपडेट Fill Tolerance Slider के रूप में आया है. इसकी मदद से यूज़र यह कंट्रोल कर सकते हैं कि Fill Tool रंग को कितनी सटीकता से भरे. स्लाइडर को एडजस्ट करके यूज़र चाहें तो छोटे हिस्से में रंग भर सकते हैं या बड़े एरिया में, जिससे डिटेल्ड आर्टवर्क बनाना आसान हो जाता है. Notebook में भी आए नए एआई फीचर्स वहीं Notepad को भी इस अपडेट में काफी स्मार्ट बनाया गया है. माइक्रोसॉफ्ट ने इसमें Markdown सपोर्ट को और बेहतर किया है. अब नोटबुक में स्ट्राइकथ्रू, नेस्टेड लिस्ट जैसे फीचर्स भी मिलेंगे, जिन्हें कीबोर्ड शॉर्टकट, टूलबार या सीधे मार्कडाउन सिंटैक्स से इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा नोटबुक में एक नया Welcome Experience भी जोड़ा गया है, जो ऐप खोलते ही नए फीचर्स की जानकारी देता है. Notepad के AI फीचर्स जैसे Write, Rewrite और Summarise को भी पहले से तेज बनाया गया है. अब इनका रिज़ल्ट स्ट्रीमिंग प्रीव्यू के रूप में दिखता है, यानी पूरा टेक्स्ट बनने का इंतजार नहीं करना पड़ता. ये एआई फीचर्स लोकल डिवाइस या क्लाउड दोनों पर काम करते हैं, लेकिन इनके लिए भी माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट से लॉग-इन जरूरी होगा.

आपका लिवर हेल्दी है या खराब, 20 सेकेंड में टेस्ट करें!

लिवर से जुड़ी समस्याएं आजकल काफी कॉमन होती जा रही हैं। खराब खानपान और लाइफस्टाइल का असर साफ-सीधा लिवर पर पड़ रहा है। फैटी लिवर तो आजकल बच्चों में भी आम होता जा रहा है। क्या आपने कभी अपने लिवर का टेस्ट किया है कि वो कितना हेल्दी है? इसके लिए आप घर पर ही 20 सेकेंड का एक छोटा सा टेस्ट कर सकते हैं। फैमिली फिजिशियन डॉ अमनदीप अग्रवाल ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ये सिंपल सा लिवर टेस्ट शेयर किया है। ये मेडिकल जांच का विकल्प तो नहीं है लेकिन ये टेस्ट आपको एक जनरल संकेत दे सकता है, जिससे लिवर हेल्थ का मोटा-मोटा अंदाजा लगाया जा सकता है। आइए विस्तार में जानते हैं। 20 सेकेंड में अपनी लिवर हेल्थ टेस्ट करें डॉ अमनदीप अग्रवाल बताते हैं कि आपके हाथ आपकी लिवर हेल्थ के बारे में काफी कुछ बताते हैं। इसके लिए आप 20 सेकेंड का एक छोटा सा टेस्ट कर सकते हैं। बस अपनी उंगलियों से एक हाथ के अंगूठे को कुछ देर के लिए दबाकर रखें। अब आपको ये नोटिस करना है कि आपके नाखून का लाल रंग कितनी देर में वापस आता है। अगर वो जल्दी लाल हो जाता है, मतलब आपका लिवर हेल्दी है। वहीं अगर इसे लाल होने में काफी समय लग रहा है, तो इसका मतलब है कि आपके लिवर की सर्कुलेशन वीक है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का इसपर क्या कहना है? डॉक्टर्स की मानें तो ये 20 सेकेंड थंब प्रेस टेस्ट लिवर की बीमारी की पक्की जांच नहीं है। ये सिर्फ एक शुरुआती संकेत दे सकता है। ऐसे में खुद किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। लिवर की पक्की जांच के लिए डॉक्टर के बताए टेस्ट जैसे ब्लड टेस्ट, लिवर फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड आदि का सहारा लिया जाता है। किन लक्षणों के दिखने पर लिवर को ले कर सतर्क हो जाना चाहिए? लिवर में कोई भी समस्या होने पर कुछ संकेत दिखना काफी आम है। इनकी तुरंत पहचान कर के आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। उदाहरण के लिए लगातार थकान बने रहना, भूख ना लगना, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द रहना, स्किन या आंखों का पीला पड़ना, जैसे कोई भी लक्षण दिख रहे हैं, तो इन्हें नजरंदाज ना करें। ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेने और मेडिकल चेकअप की जरूरत होती है। लिवर को हेल्दी रखने के लिए क्या जरूरी है? लिवर को हेल्दी रखना है तो अपने खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव करना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए घर का बना संतुलित भोजन करें, बाहर की तली भुनी चीजें, जंक फूड, ऑयली खाना, शराब, रिफाइंड शुगर आदि से जितना हो सके परहेज करें। इसके अलावा अपने रूटीन में फिजिकल एक्टिविटीज शामिल करें। कोई भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नई स्टडी ने बदली धारणा: पुरुषों की यौनेच्छा 20 के दशक में नहीं, इस उम्र में होती है चरम पर

 नई दिल्ली माना जाता है कि पुरुषों में यौनेच्छा यानी सेक्सुअल डिजायर उनके 20's के दौर में सबसे ज्यादा होती है लेकिन नई स्टडी में सामने आया है कि पुरुषों की पीक सेक्स ड्राइव का दौर उनकी उम्र से ज्यादा उनकी शारीरिक और मानसिक परिपक्वता से जुड़ा है. स्टडी दावा करती है कि पुरुषों में 40's में सेक्सुअल डिजायर पीक पर होती है. एस्टोनिया की टार्टू यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने 20 से 84 साल की उम्र के 67,000 से ज्यादा वयस्कों के डेटा का एनालिसिस कर ये दावा किया है. स्टडी में पाया गया कि पुरुषों की सेक्स की इच्छा 20's में बढ़ी, 40's की शुरुआत में चरम पर पहुंची और फिर धीरे-धीरे कम होने लगी. खास बात यह है कि 60's की उम्र के पुरुष भी उतने ही कामुक होते हैं जितने कि 20's के युवा. महिलाओं में मिले उलट नतीजे दूसरी ओर महिलाओं में एक अलग ट्रेंड देखा गया. उनकी सेक्स की इच्छा 20's से 30's साल की उम्र में सबसे ज्यादा थी लेकिन फिर उम्र के साथ ये कम होती गई और 50's के बाद इसमें तेजी से गिरावट आई. इस स्टडी से जुड़े रिसर्चर्स ने 'साइंटिफिक रिपोर्ट्स' जर्नल में लिखा, 'एक खास बात यह है कि पुरुषों की सेक्स की इच्छा, महिलाओं की तुलना में वयस्क जीवन के ज्यादातर समय में काफी ज्यादा थी.' 'जबकि पिछली रिसर्च में लगातार यह दिखाया गया है कि पुरुष महिलाओं की तुलना में ज्यादा सेक्स की इच्छा महसूस करते हैं. हमारे निष्कर्ष अलग-अलग उम्र में इस अंतर की गंभीरता को भी बताते हैं.' रिसर्चर्स ने कहा कि पुरुषों के बारे में उनकी खोज अप्रत्याशित है क्योंकि यह इस सोच के उलट है कि सेक्स की इच्छा बायोलॉजी (फिजिकल हेल्थ) और फर्टिलिटी से प्रभावित होती है.  यह अच्छी तरह से डॉक्यूमेंटेड है कि पुरुष सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का लेवल 30 की शुरुआत से ही गिरने लगता है. इसके बावजूद स्टडी से पता चलता है कि पुरुषों की सेक्स ड्राइव अगले 10 साल या उससे ज्यादा समय तक बढ़ती रहती है. रिसर्चर्स ने लिखा, 'पुरुषों में मिड-लाइफ में पीक से पता चलता है कि बायोलॉजिकल एजिंग से परे फैक्टर्स जैसे कि रिश्तों की अंतरंगता भी अहम भूमिका निभा सकते हैं.' 'उदाहरण के लिए चालीस की उम्र के पुरुषों के स्टेबल और लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों में होने की ज्यादा संभावना होती है जो बढ़ी हुई सेक्सुअल एक्टिविटी और इमोशनल नजदीकी से जुड़ा है.' एनालिसिस से यह भी पता चला कि 20 से 30 साल की उम्र में महिलाओं की सेक्स की इच्छा का चरम भी पुरुषों के वयस्कता के समय वाले औसत लेवल से कम था. प्रोफेशन का भी पड़ता है असर कुल मिलाकर जो लोग ऑफिस या सेल्स जॉब में काम करते थे, वे सबसे ज्यादा कामुक थे जबकि मशीन चलाने वाले और मिलिट्री में काम करने वाले सबसे कम. रिलेशनशिप संतुष्टि का इसमें थोड़ा रोल था क्योंकि ज्यादा खुश कपल्स थोड़ा ज्यादा कामुक होने की बात स्वीकार करते नजर आए. महिलाओं के लिए ज्यादा बच्चे होने का कनेक्शन लो सेक्सुअल डिजायर से जुड़ा था लेकिन पुरुषों में यह उल्टा था. रिसर्च टीम ने आगे लिखा, 'सेक्सुअल डिजायर इंसानी रिश्तों और वेलबीइंग का एक जरूरी हिस्सा है जो डेमोग्राफिक, रिश्ते, मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक कारकों से मिलकर बनती है.'

भारत में फेमस हैं HPV वैक्सीन से जुड़े 3 मिथक

हर साल जनवरी का महीना 'गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जागरूकता माह'2026 (Cervical Cancer Awareness Month 2026) के रूप में मनाया जाता है। भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर से जुड़ी मौतों में सबसे आगे है। यह कैंसर महिलाओं में होने वाले दूसरे सबसे आम कैंसर में से एक है, हालांकि राहत की बात यह है कि सही समय पर टीकाकरण और जांच के जरिए इस कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है। इस कैंसर का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। चिंता की बात यह है कि इस कैंसर की HPV वैक्सीन को लेकर लोगों में कई गलतफहमियां और मिथक फैले हुए हैं। जो इसके उपचार में कई बार देरी का कारण भी बनते हैं। ऐसे में सर्वाइकल कैंसर और इसकी HPV वैक्सीन से जुड़े 3 बड़े मिथकों की सच्चाई जानने के लिए हमने सीके बिरला अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. तृप्ति रहेजा के साथ बातचीत की। मिथक 1: वैक्सीन सिर्फ सेक्सुअली एक्टिव महिलाओं के लिए है सच्चाई- इस मिथक में सच्चाई बिल्कुल नहीं है। दरअसल, HPV वैक्सीन हर उस महिला पर अच्छे से काम करती हैं, जिसे वायरस से पहले लगाया गया हो। इस वैक्सीन को लगाने की सही उम्र 9 से 14 साल है। इस उम्र में इम्यून रिस्पॉन्स सबसे मजबूत होता है और वैक्सीन की भी सिर्फ 2 ही डोज लगती हैं। लेकिन यह वैक्सीन 26 साल तक और कुछ केस में उससे भी अधिक उम्र की महिलाओं को लाभ दे सकती है, यह उनकी व्यक्तिगत रिस्क फैक्टर्स पर निर्भर करता है। मिथक 2: वैक्सीन लेने से बच्चे जल्दी सेक्स करने लगेंगे सच्चाई- इस मिथक का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह वैक्सीन प्रिवेंटिव हेल्थ माप है, जैसे बचपन या किशोरावस्था में करवाए गए अन्य टीकाकरण। जिसका मकसद बीमारी को होने से पहले रोकना है, न कि किसी व्यवहार को प्रभावित करना। मिथक 3: शादी या बच्चे होने के बाद वैक्सीन लेने का कोई फायदा नहीं सच्चाई- वैक्सीन मौजूदा HPV इंफेक्शन को ठीक नहीं करती, लेकिन यह उन स्ट्रेस से अभी भी सुरक्षा देती है जिनसे महिला अभी तक संक्रमित नहीं हुई है। सुरक्षा को लेकर चिंता डॉ. तृप्ति कहती हैं कि अक्सर पैरेंट्स वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। दुनिया भर में लाखों डोज लगाए जा चुके हैं, और HPV वैक्सीन को सुरक्षित, प्रभावी और अच्छे से सहन करने योग्य माना गया है। भारत में जहां सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग दर अभी भी कम है, वहां HPV वैक्सीन भविष्य में कैंसर के बोझ को कम करने का सबसे बड़ा मौका देती है। यह वैक्सीन स्क्रीनिंग का विकल्प नहीं है, बल्कि इसे पूरक उपाय के रूप में देखा जाना चाहिए। आखिर में, HPV वैक्सीन डर से नहीं, दूरदर्शिता से जुड़ा कदम है। यह एक लंबे समय में स्वास्थ्य में निवेश है, जो कैंसर को शुरू होने से पहले रोक सकता है। कौन ले सकता है HPV वैक्सीन? -9–14 साल की उम्र के बच्चे -15–26 साल की किशोर और युवा महिलाएं -जिन महिलाओं में पहले HPV संक्रमण नहीं हुआ सही जानकारी और समय पर वैक्सीनेशन से हम सर्वाइकल कैंसर के खतरे को भारत में कम करके महिलाओं को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में बड़ा कदम उठाने के लिए जागरूक कर सकते हैं।

बार-बार होने वाले मुंह के छाले? अपनाएं ये सरल इलाज

मुंह में छाले होना, कहने को तो बहुत छोटा-सा रोग है, मगर इसके कारण खाना-पीना बन्द हो जाता है। यदि कुछ खाना भी चाहें तो इसे ठीक से चबाना, इसका स्वाद लेना तथा निगल जाना कठिन हो जाता है और न ही पाचन क्रिया सक्रिय रह पाती है। यहां हम इसी के लिए कुछ घरेलू उपचारों को बता रहे हैं जो ठीक लगें, सम्भव हों, उन्हें जरूर अपनाएं… -मुंह के छाले खत्म करने के लिए जामुन के पत्ते लें। इन्हें धोकर पीसें। छानें। इस पानी (रस) से कुल्ले करें। -इस रोग से छुटकारा पाने के लिए टमाटर का रस निकालें। इस रस में इतनी ही मात्रा में पानी मिलाएं। इस पानी से कुल्ला करें। आराम होगा। -और भी सरल उपाय। तुलसी की ताजा पांच पत्तियां लें। इन्हें धोएं। चबाएं। खूब बारीक चबाकर निगलें। इसपर पानी तीन-चार घूंट धीरे-धीरे पी लें। आराम आयेगा। -मुंह के छालों को हटाने के लिए बंसलोचन पीसें। छानें। इसे शहद में मिलाएं। मुंह के अंदर अंगुली से लगाएं। -इस रोग के लिए आक के दूध की कुछ बूंदें निकालें। इसे एक चम्मच शहद में मिलाएं। मुंह में लगाने से जरूर लाभ होगा। -मामूली मात्रा में पिसा कपूर तथा एक छोटा चम्मच पिसी मिश्री लें। दोनों को मिलाएं। मुंह में लगाने से फायदा होगा। -एक और उपाय। थोड़ा-सा हरा पुदीना, इतना ही सूखा धनिया तथा समभाग मिश्री। तीनों को एक साथ मुंह में डालकर चबाएं। पूरा लाभ मिलेगा। -मुंह के छालों से छुटकारा पाने के लिए डिनर करने के बाद छोटी हरड़ चूसें। छालें गायब होने लगेंगे। -शहतूत का रस भी छाले दूर करता है। एक-एक घूंट करके आधा गिलास एक समय लें। ऐसी दो खुराक रोज लेवें। आराम मिलेगा। -यदि तरबूज का मौसम हो तो इसके छिलके जलाएं। राख तैयार करें। इस राख को लगाने से छालें नहीं रहेंगे। -थोड़ा-सा सुहागा फुला लेंबारीक पीसें। इसे दो चम्मच ग्लिसरीन में मिलाएं। इसको लगाने से छाले दूर हो जायेंगे। -मुंह के छाले नष्ट करने के लिए सत्यानाशी की टहनी लें। इसे दातुन की तरह थोड़ा चबाएं। अवश्य आराम आयेगा। आप जिस वातावरण में रहते हैं, वहां जो भी उपचार सम्भव हो पाए, उसे ही अपनाएं। ये सरल है, सस्ते हैं। लाभकर हैं, इसमें संदेह न करें।  

बिना साइड इफेक्ट: आयुर्वेदिक उपाय जो बढ़ाएं आपकी खूबसूरती

सौंदर्य उत्पादनों से संबंधित विज्ञापनों को देख कर हम अपनी त्वचा पर उनका प्रयोग करने लगते हैं लेकिन जब मनचाहा नतीजा नहीं मिलता तो मन मसोस कर रह जाते हैं। इसकी वजह है बिना त्वचा का प्रकार और समस्या जाने हम कोई भी सौंदर्य-उत्पाद इस्तेमाल कर लेते हैं। कहा जाता है कि आयुर्वैदिक उत्पाद अधिक लाभ देते हैं लेकिन इनका उपयोग करना ही काफी नहीं है बल्कि अपनी त्वचा से संबंधित समस्याओं की जानकारी होना भी जरूरी है। त्वचा का खुश्क होना व असमय झुर्रियां:- कारण: धूप, प्रदूषण, मसालेदार भोजन, चाय-कॉफी अधिक पीना, ठंडी हवाएं और तले पदार्थ खाने के साथ पानी का कम सेवन करना। टिप्स: -कद्दूकस किए आलू में दही मिलाकर इस लेप को 20 मिनट तक चेहरे पर लगाएं। बाद में गुनगुने पानी से धो दें। -मक्की का आटा, शहद और दही मिलाकर लगाएं। 15 मिनट बाद चेहरा धोकर एस्ट्रींजेंट लगा लें। -अंडे की सफेदी में कुछ बूंदें नींबू के रस की फैंट कर चेहरे व गर्दन पर लगाएं। -बेसन, हल्दी व जैतून का तेल मिला कर लेप बनाएं व थोड़ी देर के लिए लगाएं। -संतरे व नींबू का रस लेकर दही में मिलाकर तैयार किए लेप को लगाने से भी लाभ मिलता है। -सोने से पहले चेहरे पर बादाम के तेल की मालिश अवश्य करें। -एलोवेरा जैल 10-15 मिनट के लिए चेहरे पर लगाएं, बाद में धो दें। डार्क सर्कल्स:- कारण: रात को नींद पूरी न लेना, खाने में पौष्टिक तत्वों की कमी। टिप्स: -खाने में हरी सब्जियां व फल लें तथा पानी खूब पिएं। -मलाई में पीसे बादाम का पेस्ट मिलाकर इसे आंखों के नीचे काले घेरों पर लगाएं। 10 मिनट बाद धो लें। -खीरे को कद्दूकस करके उसका रस निकालें व रूई के फाहों को इस रस में भिगोकर आंखों पर रखें। -ठंडे गुलाब जल में भीगी रूई आंखों पर रखने से भी आराम मिलता है। -बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी वाले सनग्लासेज अवश्य लगाएं। मुंहासे:- कारण: अधिक तला खाना, मोटापा, तनाव, गर्मी, जंक-फूड, मिर्च मसाले वाला भोजन और गुस्सा। टिप्स: -दिन में एक बार चेहरे पर दही लगाएं और सूखने पर धो दें। -टमाटर और नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर गोलाई में मसाज करें। हर दूसरे दिन यह क्रिया करें। -सेब के गूदे को आधा घंटा मुंहासों वाले स्थान पर लगाएं, फिर चेहरा धो लें। -चंदन पाऊडर और गुलाब जल मिला कर उभरे पिंपल पर लगाया जाए तो वह जल्दी दब जाएगा। -पपीता, टमाटर और नींबू के रस से बना पैक भी मुहांसों के लिए फायदेमंद होता है। -कोई भी फल (अंगूर, स्ट्रॉबेरी, अनार या संतरा) कुचल कर लगाने से मुंहासे ठीक होते हैं। बालों में रूसी:- कारण: सिर की त्वचा का रूखा होना, बालों में तेल न लगाना, गलत शैंपू का चुनाव और खाने-पीने में लापरवाही। टिप्स: -लस्सी से सिर धोएं या बालों में दही की मसाज करें और बाद में सिर शैंपू से धो लें। -शिकाकाई, रीठा व आंवला को रात भर भिगो कर रखें, पानी को सुबह छान कर उससे अच्छी तरह मलते हुए  बाल धोएं। -एक अंडा व दही फैंट कर बालों में आधे घंटे के लिए लगाएं व बाद में धो लें। -नारियल या बादाम के तेल से बालों में हफ्ते में तीन बार मालिश अवश्य करें। -नारियल तेल या सरसों तेल में नींबू का रस मिलाकर मसाज करें व बाद में किसी आयुर्वैदिक शैंपू या रीठा-आंवला-शिकाकाई मिश्रण के पानी से बाल धो लें। बाल सफेद होने पर:- कारण: गुस्सा, चिंता, तनाव या कोई स्वास्थ्य समस्या अथवा दवाइयों का दुष्प्रभाव। टिप्स: -मेहंदी को कॉफी के साथ पानी में मिलाकर 5-6 महीनों तक बालों में लगाएं। -लोहे के बर्तन में मेहंदी, शिकाकाई, रीठा व आंवला के साथ दही मिलाकर रात भर भिगोएं। सुबह इस लेप को बालों में लगाएं व एक घंटे बाद बाल धो लें। -करीपत्ते व नारियल तेल बराबर मात्रा में लेकर गर्म करें। जब पत्ते काले हो जाएं तो तेल छान लें व इससे बालों में मसाज करें। -भोजन में आयरन की मात्रा बढ़ा दें। बालों का झड़ना:- कारण: हेयर-ड्रायर या हेयर उत्पादों (डाई, हेयर-कलर, हेयर-जैल) का अधिक प्रयोग, रासायनिक शैंपू का इस्तेमाल, दवाइयों के दुष्प्रभाव, सर्जरी या फिर किसी बीमारी के कारण। टिप्स: -गुनगुने तेल (नारियल, बादाम या जैतून) से बालों में अच्छी तरह मालिश करें व बाद में गर्म पानी में भिगोए टावल को सिर पर लपेट लें। इससे बालों की जड़ें मजबूत होंगी। -कोकोनट मिल्क को आधे घंटे के लिए बालों की जड़ों में लगाकर बाल धो दें। -आंवले के चूर्ण को नींबू के रस में मिलाकर बालों में मसाज करें व बाद में बाल धो दें। -बादाम का तेल सबसे अच्छा हेयरटॉनिक है। इससे बालों को मजबूती मिलती है। दोमुंहे बालों के लिए कारण: तेल न लगाना व बालों का खुश्क रहना। टिप्स: -बालों के सिरों की नियमित ट्रिमिंग करती रहें। -बालों के साथ-साथ इनके सिरों पर भी तेल से अच्छी तरह मसाज करें। -करीपत्ते का पेस्ट बालों के सिरों पर अप्लाई करें। -दही का लेप सिरों पर लगाने से सूखापन खत्म होता है व दोमुंहे बालों की समस्या दूर होती है।  

सेल्फी फिल्टर जैसा परफेक्ट लुक पाने करें ब्लरिंग मेकअप

पहले के समय में अच्छा मेकअप करने के लिए लोग पार्लर पर ही निर्भर रहते थे लेकिन आजकल ऐसा नहीं है। अच्छा मेकअप करने के लिए आपको अच्छे ब्रांड्स वाले प्रोडक्ट्स और बेसिक चीजें आनी चाहिए। मेकअप की दुनिया में भी नए-नए ट्रेंड्स आ रहे हैं, तो आपको परफेक्ट लुक देते हैं। इन ट्रेंड्स में से एक चला है ब्लरिंग मेकअप। ब्लरिंग मेकअप करने के बाद आपको सेल्फी फिल्टर जैसा लुक मिल जाएगा। इस मेकअप को करने के बाद चेहरे से हर छोटे-महीन दाग-धब्बे छिप जाएंगे और आपको बिल्कुल फिनिश लुक मिलेगा। चलिए आपको बताते हैं ब्लरिंग मेकअप करने के आसान स्टेप्स क्या हैं। क्या है ब्लरिंग मेकअप? सेल्फी खींचने से पहले हम लोग फोन में अच्छा फिल्टर सेलेक्ट कर लेते हैं, ताकि चेहरे के दाग-धब्बे, झुर्रियां सब छिप जाए। वैसे ही इस मेकअप को करने के बाद चेहरे के सभी धब्बे, फाइन लाइन्स, एक्ने, पिंपल्स का नामोनिशान मिट जाएगा। इस मेकअप में स्किन पर सॉफ्ट-फोकस इफेक्ट देने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल होता है। इससे आपकी स्किन को चिकनापन मिलेगा, जिससे फेस नेचुरल तरीके से शाइन करता दिखेगा। 5 आसान स्टेप्स ब्लरिंग मेकअप करने के लिए आपको सिर्फ 5 आसान स्टेप्स को फॉलो करना है। बस ये मेकअप हो जाएगा और आपको फिनिश लुक मिलेगा। चलिए स्टेप बाय स्टेप में पूरा तरीका बताते हैं- स्टेप 1- सबसे पहले चेहरे को अपने फेस वॉश से क्लीन करें और अच्छे से पोछ लें। फिर मॉइश्चराजर लगाकर 10 मिनट का गैप दें। जिससे मॉइश्चराजर की नमी स्किन पोर्स में घुस जाएं। इसके बाद आपको प्राइमर लगाना है लेकिन मैट या सिलिकॉन-बेस्ड प्राइमर ही यूज करना है। ब्लरिंग मेकअप करने के लिए यही प्राइमर यूज करें, ये स्किन पोर्स को छोटा कर देता है। अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो हाइड्रेटिंग प्राइमर लें, ऑयली वाले मैट प्राइमर लगाएं। स्टेप 2- अब फाउंडेशन की बारी आएगी। फाउंडेशन आप अपने स्किन टोन के हिसाब से चुनें। मैट फिनिश फाउंडेशन भी ले सकते हैं, जो आपकी स्किन को चिकनापन देगा। इसे स्पंज या ब्रश की मदद से लगाकर अच्छे से ब्लेंड करें। चेहरे पर दाग-धब्बे ज्यादा हो, तो कंसीलर हल्का लगाएं। ज्यादा कंसीलर न लगाएं, वरना नेचुरल लुक नहीं मिलेगा। स्टेप 3- ब्लरिंग मेकअप का खास स्टेप है ट्रांसलूसेंट पाउडर। इससे आपका पूरा मेकअप सेट होगा और परफेक्ट दिखेगा। इसे लगाने के लिए बड़े ब्रश का इस्तेमाल करें या फिर हाथों से इसे अप्लाई करें। इस पाउडर को आप फेस के फीचर को शार्प करते हुए भी लगा सकती हैं। इसके बाद ब्लश और हाईलाइटर से मेकअप को फाइनल टच दें। स्टेप 4- इसके बाद आपको आई मेकअप करना होगा। आई मेकअप के लिए आपको आईशैडो मैट फिनिश वाला लगाना होगा और आईलाइनर, मसकारा, काजल, आइब्रो सेट करते हुए लुक को कंप्लीट करना होगा। स्टेप 5- अब होठों को सजाने की बारी आएगी। न्यूड शेड वाली लिपस्टिक आपको चुननी होगी। ब्लरिंग मेकअप में बोल्ड कलर्स वाली लिपस्टिक नहीं अच्छी लगेगी। हल्के रंग में लिपस्टिक लगाकर लुक को पूरा करें। मेकअप टिप्स- ब्लरिंग मेकअप हर स्किन टोन के हिसाब से हो सकता है। बस आपको अपने स्किन टोन के हिसाब से प्रोडक्ट्स लेने होंगे।

सस्ते दाम में मिलेगा Google Pixel, जबरदस्त कैमरा और कीमत का खुलासा

नई दिल्ली यदि आप गूगल पिक्सल के बजट फ्लैगशिप फोन का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. नया पिक्सल 10a जल्द भारत में लॉन्च होने वाला है. हालिया लीक और रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फोन फरवरी में लॉन्च हो सकता है. Pixel 10 सीरीज के बाद अब कंपनी अपने A-सीरीज मॉडल पर फोकस कर रही है. डिजाइन से लेकर प्रोसेसर और कीमत तक, Pixel 10a से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ चुकी हैं. डिजाइन में नहीं होगा बदलाव लीक हुए CAD रेंडर्स के मुताबिक, Pixel 10a का डिजाइन काफी हद तक पिछले मॉडल जैसा ही रहेगा. फोन में फ्लैट प्लास्टिक बैक दिया जा सकता है, जो गूगल की A-सीरीज की पहचान बन चुका है. पीछे की तरफ एक छोटा पिल-शेप कैमरा मॉड्यूल नजर आ सकता है, जिसमें डुअल कैमरा सेटअप होगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार भी फोन में मोटे बेजल्स देखने को मिल सकते हैं. गूगल आमतौर पर अपने प्रीमियम पिक्सल फोन्स से A-सीरीज को अलग दिखाने के लिए ऐसा डिजाइन रखता है. डिस्प्ले में वही पुराना फॉर्मूला Pixel 10a में 6.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिलने की बात सामने आई है, जो पिछले साल के मॉडल जैसा ही होगा. इसमें LTPS टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जा सकती है, जिसकी वजह से स्क्रीन 1Hz तक रिफ्रेश रेट कम नहीं कर पाएगी. यानी डिस्प्ले क्वालिटी अच्छी होगी, लेकिन पावर एफिशिएंसी में बड़ा सुधार नहीं दिखेगा. Tensor G4 चिप और बैटरी पर फोकस इस बार Pixel 10a में लेटेस्ट Tensor G5 की जगह Tensor G4 प्रोसेसर मिलने की संभावना है, जो पहले Pixel 9 सीरीज में आया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, TSMC द्वारा बना Tensor G5 ज्यादा महंगा हो सकता है, इसलिए गूगल ने पुराना चिपसेट चुनने का फैसला किया है. हालांकि, Tensor G4 को हल्का स्पीड बूस्ट मिलने की बात कही जा रही है. फोन में 8GB रैम और 128GB स्टोरेज स्टैंडर्ड हो सकती है. बैटरी 5,199mAh की बताई जा रही है, जिसमें चार्जिंग स्पीड पिछले मॉडल जैसी ही रह सकती है. लॉन्च डेट और संभावित कीमत X पर टिप्स्टर @MysteryLupin के मुताबिक, Pixel 10a को 17 फरवरी को लॉन्च किया जा सकता है. भारत में इसके 128GB वेरिएंट की कीमत करीब ₹52,000 हो सकती है. वहीं 256GB स्टोरेज वाला वेरिएंट लगभग ₹63,000 में आ सकता है. हालांकि, गूगल की तरफ से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए लॉन्च डेट और कीमत को फिलहाल शुरुआती जानकारी के तौर पर ही देखना बेहतर होगा.