samacharsecretary.com

नई स्टडी ने बदली धारणा: पुरुषों की यौनेच्छा 20 के दशक में नहीं, इस उम्र में होती है चरम पर

 नई दिल्ली माना जाता है कि पुरुषों में यौनेच्छा यानी सेक्सुअल डिजायर उनके 20's के दौर में सबसे ज्यादा होती है लेकिन नई स्टडी में सामने आया है कि पुरुषों की पीक सेक्स ड्राइव का दौर उनकी उम्र से ज्यादा उनकी शारीरिक और मानसिक परिपक्वता से जुड़ा है. स्टडी दावा करती है कि पुरुषों में 40's में सेक्सुअल डिजायर पीक पर होती है. एस्टोनिया की टार्टू यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने 20 से 84 साल की उम्र के 67,000 से ज्यादा वयस्कों के डेटा का एनालिसिस कर ये दावा किया है. स्टडी में पाया गया कि पुरुषों की सेक्स की इच्छा 20's में बढ़ी, 40's की शुरुआत में चरम पर पहुंची और फिर धीरे-धीरे कम होने लगी. खास बात यह है कि 60's की उम्र के पुरुष भी उतने ही कामुक होते हैं जितने कि 20's के युवा. महिलाओं में मिले उलट नतीजे दूसरी ओर महिलाओं में एक अलग ट्रेंड देखा गया. उनकी सेक्स की इच्छा 20's से 30's साल की उम्र में सबसे ज्यादा थी लेकिन फिर उम्र के साथ ये कम होती गई और 50's के बाद इसमें तेजी से गिरावट आई. इस स्टडी से जुड़े रिसर्चर्स ने 'साइंटिफिक रिपोर्ट्स' जर्नल में लिखा, 'एक खास बात यह है कि पुरुषों की सेक्स की इच्छा, महिलाओं की तुलना में वयस्क जीवन के ज्यादातर समय में काफी ज्यादा थी.' 'जबकि पिछली रिसर्च में लगातार यह दिखाया गया है कि पुरुष महिलाओं की तुलना में ज्यादा सेक्स की इच्छा महसूस करते हैं. हमारे निष्कर्ष अलग-अलग उम्र में इस अंतर की गंभीरता को भी बताते हैं.' रिसर्चर्स ने कहा कि पुरुषों के बारे में उनकी खोज अप्रत्याशित है क्योंकि यह इस सोच के उलट है कि सेक्स की इच्छा बायोलॉजी (फिजिकल हेल्थ) और फर्टिलिटी से प्रभावित होती है.  यह अच्छी तरह से डॉक्यूमेंटेड है कि पुरुष सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का लेवल 30 की शुरुआत से ही गिरने लगता है. इसके बावजूद स्टडी से पता चलता है कि पुरुषों की सेक्स ड्राइव अगले 10 साल या उससे ज्यादा समय तक बढ़ती रहती है. रिसर्चर्स ने लिखा, 'पुरुषों में मिड-लाइफ में पीक से पता चलता है कि बायोलॉजिकल एजिंग से परे फैक्टर्स जैसे कि रिश्तों की अंतरंगता भी अहम भूमिका निभा सकते हैं.' 'उदाहरण के लिए चालीस की उम्र के पुरुषों के स्टेबल और लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों में होने की ज्यादा संभावना होती है जो बढ़ी हुई सेक्सुअल एक्टिविटी और इमोशनल नजदीकी से जुड़ा है.' एनालिसिस से यह भी पता चला कि 20 से 30 साल की उम्र में महिलाओं की सेक्स की इच्छा का चरम भी पुरुषों के वयस्कता के समय वाले औसत लेवल से कम था. प्रोफेशन का भी पड़ता है असर कुल मिलाकर जो लोग ऑफिस या सेल्स जॉब में काम करते थे, वे सबसे ज्यादा कामुक थे जबकि मशीन चलाने वाले और मिलिट्री में काम करने वाले सबसे कम. रिलेशनशिप संतुष्टि का इसमें थोड़ा रोल था क्योंकि ज्यादा खुश कपल्स थोड़ा ज्यादा कामुक होने की बात स्वीकार करते नजर आए. महिलाओं के लिए ज्यादा बच्चे होने का कनेक्शन लो सेक्सुअल डिजायर से जुड़ा था लेकिन पुरुषों में यह उल्टा था. रिसर्च टीम ने आगे लिखा, 'सेक्सुअल डिजायर इंसानी रिश्तों और वेलबीइंग का एक जरूरी हिस्सा है जो डेमोग्राफिक, रिश्ते, मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक कारकों से मिलकर बनती है.'

भारत में फेमस हैं HPV वैक्सीन से जुड़े 3 मिथक

हर साल जनवरी का महीना 'गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जागरूकता माह'2026 (Cervical Cancer Awareness Month 2026) के रूप में मनाया जाता है। भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर से जुड़ी मौतों में सबसे आगे है। यह कैंसर महिलाओं में होने वाले दूसरे सबसे आम कैंसर में से एक है, हालांकि राहत की बात यह है कि सही समय पर टीकाकरण और जांच के जरिए इस कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है। इस कैंसर का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। चिंता की बात यह है कि इस कैंसर की HPV वैक्सीन को लेकर लोगों में कई गलतफहमियां और मिथक फैले हुए हैं। जो इसके उपचार में कई बार देरी का कारण भी बनते हैं। ऐसे में सर्वाइकल कैंसर और इसकी HPV वैक्सीन से जुड़े 3 बड़े मिथकों की सच्चाई जानने के लिए हमने सीके बिरला अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. तृप्ति रहेजा के साथ बातचीत की। मिथक 1: वैक्सीन सिर्फ सेक्सुअली एक्टिव महिलाओं के लिए है सच्चाई- इस मिथक में सच्चाई बिल्कुल नहीं है। दरअसल, HPV वैक्सीन हर उस महिला पर अच्छे से काम करती हैं, जिसे वायरस से पहले लगाया गया हो। इस वैक्सीन को लगाने की सही उम्र 9 से 14 साल है। इस उम्र में इम्यून रिस्पॉन्स सबसे मजबूत होता है और वैक्सीन की भी सिर्फ 2 ही डोज लगती हैं। लेकिन यह वैक्सीन 26 साल तक और कुछ केस में उससे भी अधिक उम्र की महिलाओं को लाभ दे सकती है, यह उनकी व्यक्तिगत रिस्क फैक्टर्स पर निर्भर करता है। मिथक 2: वैक्सीन लेने से बच्चे जल्दी सेक्स करने लगेंगे सच्चाई- इस मिथक का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह वैक्सीन प्रिवेंटिव हेल्थ माप है, जैसे बचपन या किशोरावस्था में करवाए गए अन्य टीकाकरण। जिसका मकसद बीमारी को होने से पहले रोकना है, न कि किसी व्यवहार को प्रभावित करना। मिथक 3: शादी या बच्चे होने के बाद वैक्सीन लेने का कोई फायदा नहीं सच्चाई- वैक्सीन मौजूदा HPV इंफेक्शन को ठीक नहीं करती, लेकिन यह उन स्ट्रेस से अभी भी सुरक्षा देती है जिनसे महिला अभी तक संक्रमित नहीं हुई है। सुरक्षा को लेकर चिंता डॉ. तृप्ति कहती हैं कि अक्सर पैरेंट्स वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। दुनिया भर में लाखों डोज लगाए जा चुके हैं, और HPV वैक्सीन को सुरक्षित, प्रभावी और अच्छे से सहन करने योग्य माना गया है। भारत में जहां सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग दर अभी भी कम है, वहां HPV वैक्सीन भविष्य में कैंसर के बोझ को कम करने का सबसे बड़ा मौका देती है। यह वैक्सीन स्क्रीनिंग का विकल्प नहीं है, बल्कि इसे पूरक उपाय के रूप में देखा जाना चाहिए। आखिर में, HPV वैक्सीन डर से नहीं, दूरदर्शिता से जुड़ा कदम है। यह एक लंबे समय में स्वास्थ्य में निवेश है, जो कैंसर को शुरू होने से पहले रोक सकता है। कौन ले सकता है HPV वैक्सीन? -9–14 साल की उम्र के बच्चे -15–26 साल की किशोर और युवा महिलाएं -जिन महिलाओं में पहले HPV संक्रमण नहीं हुआ सही जानकारी और समय पर वैक्सीनेशन से हम सर्वाइकल कैंसर के खतरे को भारत में कम करके महिलाओं को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में बड़ा कदम उठाने के लिए जागरूक कर सकते हैं।

बार-बार होने वाले मुंह के छाले? अपनाएं ये सरल इलाज

मुंह में छाले होना, कहने को तो बहुत छोटा-सा रोग है, मगर इसके कारण खाना-पीना बन्द हो जाता है। यदि कुछ खाना भी चाहें तो इसे ठीक से चबाना, इसका स्वाद लेना तथा निगल जाना कठिन हो जाता है और न ही पाचन क्रिया सक्रिय रह पाती है। यहां हम इसी के लिए कुछ घरेलू उपचारों को बता रहे हैं जो ठीक लगें, सम्भव हों, उन्हें जरूर अपनाएं… -मुंह के छाले खत्म करने के लिए जामुन के पत्ते लें। इन्हें धोकर पीसें। छानें। इस पानी (रस) से कुल्ले करें। -इस रोग से छुटकारा पाने के लिए टमाटर का रस निकालें। इस रस में इतनी ही मात्रा में पानी मिलाएं। इस पानी से कुल्ला करें। आराम होगा। -और भी सरल उपाय। तुलसी की ताजा पांच पत्तियां लें। इन्हें धोएं। चबाएं। खूब बारीक चबाकर निगलें। इसपर पानी तीन-चार घूंट धीरे-धीरे पी लें। आराम आयेगा। -मुंह के छालों को हटाने के लिए बंसलोचन पीसें। छानें। इसे शहद में मिलाएं। मुंह के अंदर अंगुली से लगाएं। -इस रोग के लिए आक के दूध की कुछ बूंदें निकालें। इसे एक चम्मच शहद में मिलाएं। मुंह में लगाने से जरूर लाभ होगा। -मामूली मात्रा में पिसा कपूर तथा एक छोटा चम्मच पिसी मिश्री लें। दोनों को मिलाएं। मुंह में लगाने से फायदा होगा। -एक और उपाय। थोड़ा-सा हरा पुदीना, इतना ही सूखा धनिया तथा समभाग मिश्री। तीनों को एक साथ मुंह में डालकर चबाएं। पूरा लाभ मिलेगा। -मुंह के छालों से छुटकारा पाने के लिए डिनर करने के बाद छोटी हरड़ चूसें। छालें गायब होने लगेंगे। -शहतूत का रस भी छाले दूर करता है। एक-एक घूंट करके आधा गिलास एक समय लें। ऐसी दो खुराक रोज लेवें। आराम मिलेगा। -यदि तरबूज का मौसम हो तो इसके छिलके जलाएं। राख तैयार करें। इस राख को लगाने से छालें नहीं रहेंगे। -थोड़ा-सा सुहागा फुला लेंबारीक पीसें। इसे दो चम्मच ग्लिसरीन में मिलाएं। इसको लगाने से छाले दूर हो जायेंगे। -मुंह के छाले नष्ट करने के लिए सत्यानाशी की टहनी लें। इसे दातुन की तरह थोड़ा चबाएं। अवश्य आराम आयेगा। आप जिस वातावरण में रहते हैं, वहां जो भी उपचार सम्भव हो पाए, उसे ही अपनाएं। ये सरल है, सस्ते हैं। लाभकर हैं, इसमें संदेह न करें।  

बिना साइड इफेक्ट: आयुर्वेदिक उपाय जो बढ़ाएं आपकी खूबसूरती

सौंदर्य उत्पादनों से संबंधित विज्ञापनों को देख कर हम अपनी त्वचा पर उनका प्रयोग करने लगते हैं लेकिन जब मनचाहा नतीजा नहीं मिलता तो मन मसोस कर रह जाते हैं। इसकी वजह है बिना त्वचा का प्रकार और समस्या जाने हम कोई भी सौंदर्य-उत्पाद इस्तेमाल कर लेते हैं। कहा जाता है कि आयुर्वैदिक उत्पाद अधिक लाभ देते हैं लेकिन इनका उपयोग करना ही काफी नहीं है बल्कि अपनी त्वचा से संबंधित समस्याओं की जानकारी होना भी जरूरी है। त्वचा का खुश्क होना व असमय झुर्रियां:- कारण: धूप, प्रदूषण, मसालेदार भोजन, चाय-कॉफी अधिक पीना, ठंडी हवाएं और तले पदार्थ खाने के साथ पानी का कम सेवन करना। टिप्स: -कद्दूकस किए आलू में दही मिलाकर इस लेप को 20 मिनट तक चेहरे पर लगाएं। बाद में गुनगुने पानी से धो दें। -मक्की का आटा, शहद और दही मिलाकर लगाएं। 15 मिनट बाद चेहरा धोकर एस्ट्रींजेंट लगा लें। -अंडे की सफेदी में कुछ बूंदें नींबू के रस की फैंट कर चेहरे व गर्दन पर लगाएं। -बेसन, हल्दी व जैतून का तेल मिला कर लेप बनाएं व थोड़ी देर के लिए लगाएं। -संतरे व नींबू का रस लेकर दही में मिलाकर तैयार किए लेप को लगाने से भी लाभ मिलता है। -सोने से पहले चेहरे पर बादाम के तेल की मालिश अवश्य करें। -एलोवेरा जैल 10-15 मिनट के लिए चेहरे पर लगाएं, बाद में धो दें। डार्क सर्कल्स:- कारण: रात को नींद पूरी न लेना, खाने में पौष्टिक तत्वों की कमी। टिप्स: -खाने में हरी सब्जियां व फल लें तथा पानी खूब पिएं। -मलाई में पीसे बादाम का पेस्ट मिलाकर इसे आंखों के नीचे काले घेरों पर लगाएं। 10 मिनट बाद धो लें। -खीरे को कद्दूकस करके उसका रस निकालें व रूई के फाहों को इस रस में भिगोकर आंखों पर रखें। -ठंडे गुलाब जल में भीगी रूई आंखों पर रखने से भी आराम मिलता है। -बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी वाले सनग्लासेज अवश्य लगाएं। मुंहासे:- कारण: अधिक तला खाना, मोटापा, तनाव, गर्मी, जंक-फूड, मिर्च मसाले वाला भोजन और गुस्सा। टिप्स: -दिन में एक बार चेहरे पर दही लगाएं और सूखने पर धो दें। -टमाटर और नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर गोलाई में मसाज करें। हर दूसरे दिन यह क्रिया करें। -सेब के गूदे को आधा घंटा मुंहासों वाले स्थान पर लगाएं, फिर चेहरा धो लें। -चंदन पाऊडर और गुलाब जल मिला कर उभरे पिंपल पर लगाया जाए तो वह जल्दी दब जाएगा। -पपीता, टमाटर और नींबू के रस से बना पैक भी मुहांसों के लिए फायदेमंद होता है। -कोई भी फल (अंगूर, स्ट्रॉबेरी, अनार या संतरा) कुचल कर लगाने से मुंहासे ठीक होते हैं। बालों में रूसी:- कारण: सिर की त्वचा का रूखा होना, बालों में तेल न लगाना, गलत शैंपू का चुनाव और खाने-पीने में लापरवाही। टिप्स: -लस्सी से सिर धोएं या बालों में दही की मसाज करें और बाद में सिर शैंपू से धो लें। -शिकाकाई, रीठा व आंवला को रात भर भिगो कर रखें, पानी को सुबह छान कर उससे अच्छी तरह मलते हुए  बाल धोएं। -एक अंडा व दही फैंट कर बालों में आधे घंटे के लिए लगाएं व बाद में धो लें। -नारियल या बादाम के तेल से बालों में हफ्ते में तीन बार मालिश अवश्य करें। -नारियल तेल या सरसों तेल में नींबू का रस मिलाकर मसाज करें व बाद में किसी आयुर्वैदिक शैंपू या रीठा-आंवला-शिकाकाई मिश्रण के पानी से बाल धो लें। बाल सफेद होने पर:- कारण: गुस्सा, चिंता, तनाव या कोई स्वास्थ्य समस्या अथवा दवाइयों का दुष्प्रभाव। टिप्स: -मेहंदी को कॉफी के साथ पानी में मिलाकर 5-6 महीनों तक बालों में लगाएं। -लोहे के बर्तन में मेहंदी, शिकाकाई, रीठा व आंवला के साथ दही मिलाकर रात भर भिगोएं। सुबह इस लेप को बालों में लगाएं व एक घंटे बाद बाल धो लें। -करीपत्ते व नारियल तेल बराबर मात्रा में लेकर गर्म करें। जब पत्ते काले हो जाएं तो तेल छान लें व इससे बालों में मसाज करें। -भोजन में आयरन की मात्रा बढ़ा दें। बालों का झड़ना:- कारण: हेयर-ड्रायर या हेयर उत्पादों (डाई, हेयर-कलर, हेयर-जैल) का अधिक प्रयोग, रासायनिक शैंपू का इस्तेमाल, दवाइयों के दुष्प्रभाव, सर्जरी या फिर किसी बीमारी के कारण। टिप्स: -गुनगुने तेल (नारियल, बादाम या जैतून) से बालों में अच्छी तरह मालिश करें व बाद में गर्म पानी में भिगोए टावल को सिर पर लपेट लें। इससे बालों की जड़ें मजबूत होंगी। -कोकोनट मिल्क को आधे घंटे के लिए बालों की जड़ों में लगाकर बाल धो दें। -आंवले के चूर्ण को नींबू के रस में मिलाकर बालों में मसाज करें व बाद में बाल धो दें। -बादाम का तेल सबसे अच्छा हेयरटॉनिक है। इससे बालों को मजबूती मिलती है। दोमुंहे बालों के लिए कारण: तेल न लगाना व बालों का खुश्क रहना। टिप्स: -बालों के सिरों की नियमित ट्रिमिंग करती रहें। -बालों के साथ-साथ इनके सिरों पर भी तेल से अच्छी तरह मसाज करें। -करीपत्ते का पेस्ट बालों के सिरों पर अप्लाई करें। -दही का लेप सिरों पर लगाने से सूखापन खत्म होता है व दोमुंहे बालों की समस्या दूर होती है।  

सेल्फी फिल्टर जैसा परफेक्ट लुक पाने करें ब्लरिंग मेकअप

पहले के समय में अच्छा मेकअप करने के लिए लोग पार्लर पर ही निर्भर रहते थे लेकिन आजकल ऐसा नहीं है। अच्छा मेकअप करने के लिए आपको अच्छे ब्रांड्स वाले प्रोडक्ट्स और बेसिक चीजें आनी चाहिए। मेकअप की दुनिया में भी नए-नए ट्रेंड्स आ रहे हैं, तो आपको परफेक्ट लुक देते हैं। इन ट्रेंड्स में से एक चला है ब्लरिंग मेकअप। ब्लरिंग मेकअप करने के बाद आपको सेल्फी फिल्टर जैसा लुक मिल जाएगा। इस मेकअप को करने के बाद चेहरे से हर छोटे-महीन दाग-धब्बे छिप जाएंगे और आपको बिल्कुल फिनिश लुक मिलेगा। चलिए आपको बताते हैं ब्लरिंग मेकअप करने के आसान स्टेप्स क्या हैं। क्या है ब्लरिंग मेकअप? सेल्फी खींचने से पहले हम लोग फोन में अच्छा फिल्टर सेलेक्ट कर लेते हैं, ताकि चेहरे के दाग-धब्बे, झुर्रियां सब छिप जाए। वैसे ही इस मेकअप को करने के बाद चेहरे के सभी धब्बे, फाइन लाइन्स, एक्ने, पिंपल्स का नामोनिशान मिट जाएगा। इस मेकअप में स्किन पर सॉफ्ट-फोकस इफेक्ट देने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल होता है। इससे आपकी स्किन को चिकनापन मिलेगा, जिससे फेस नेचुरल तरीके से शाइन करता दिखेगा। 5 आसान स्टेप्स ब्लरिंग मेकअप करने के लिए आपको सिर्फ 5 आसान स्टेप्स को फॉलो करना है। बस ये मेकअप हो जाएगा और आपको फिनिश लुक मिलेगा। चलिए स्टेप बाय स्टेप में पूरा तरीका बताते हैं- स्टेप 1- सबसे पहले चेहरे को अपने फेस वॉश से क्लीन करें और अच्छे से पोछ लें। फिर मॉइश्चराजर लगाकर 10 मिनट का गैप दें। जिससे मॉइश्चराजर की नमी स्किन पोर्स में घुस जाएं। इसके बाद आपको प्राइमर लगाना है लेकिन मैट या सिलिकॉन-बेस्ड प्राइमर ही यूज करना है। ब्लरिंग मेकअप करने के लिए यही प्राइमर यूज करें, ये स्किन पोर्स को छोटा कर देता है। अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो हाइड्रेटिंग प्राइमर लें, ऑयली वाले मैट प्राइमर लगाएं। स्टेप 2- अब फाउंडेशन की बारी आएगी। फाउंडेशन आप अपने स्किन टोन के हिसाब से चुनें। मैट फिनिश फाउंडेशन भी ले सकते हैं, जो आपकी स्किन को चिकनापन देगा। इसे स्पंज या ब्रश की मदद से लगाकर अच्छे से ब्लेंड करें। चेहरे पर दाग-धब्बे ज्यादा हो, तो कंसीलर हल्का लगाएं। ज्यादा कंसीलर न लगाएं, वरना नेचुरल लुक नहीं मिलेगा। स्टेप 3- ब्लरिंग मेकअप का खास स्टेप है ट्रांसलूसेंट पाउडर। इससे आपका पूरा मेकअप सेट होगा और परफेक्ट दिखेगा। इसे लगाने के लिए बड़े ब्रश का इस्तेमाल करें या फिर हाथों से इसे अप्लाई करें। इस पाउडर को आप फेस के फीचर को शार्प करते हुए भी लगा सकती हैं। इसके बाद ब्लश और हाईलाइटर से मेकअप को फाइनल टच दें। स्टेप 4- इसके बाद आपको आई मेकअप करना होगा। आई मेकअप के लिए आपको आईशैडो मैट फिनिश वाला लगाना होगा और आईलाइनर, मसकारा, काजल, आइब्रो सेट करते हुए लुक को कंप्लीट करना होगा। स्टेप 5- अब होठों को सजाने की बारी आएगी। न्यूड शेड वाली लिपस्टिक आपको चुननी होगी। ब्लरिंग मेकअप में बोल्ड कलर्स वाली लिपस्टिक नहीं अच्छी लगेगी। हल्के रंग में लिपस्टिक लगाकर लुक को पूरा करें। मेकअप टिप्स- ब्लरिंग मेकअप हर स्किन टोन के हिसाब से हो सकता है। बस आपको अपने स्किन टोन के हिसाब से प्रोडक्ट्स लेने होंगे।

सस्ते दाम में मिलेगा Google Pixel, जबरदस्त कैमरा और कीमत का खुलासा

नई दिल्ली यदि आप गूगल पिक्सल के बजट फ्लैगशिप फोन का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. नया पिक्सल 10a जल्द भारत में लॉन्च होने वाला है. हालिया लीक और रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फोन फरवरी में लॉन्च हो सकता है. Pixel 10 सीरीज के बाद अब कंपनी अपने A-सीरीज मॉडल पर फोकस कर रही है. डिजाइन से लेकर प्रोसेसर और कीमत तक, Pixel 10a से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ चुकी हैं. डिजाइन में नहीं होगा बदलाव लीक हुए CAD रेंडर्स के मुताबिक, Pixel 10a का डिजाइन काफी हद तक पिछले मॉडल जैसा ही रहेगा. फोन में फ्लैट प्लास्टिक बैक दिया जा सकता है, जो गूगल की A-सीरीज की पहचान बन चुका है. पीछे की तरफ एक छोटा पिल-शेप कैमरा मॉड्यूल नजर आ सकता है, जिसमें डुअल कैमरा सेटअप होगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार भी फोन में मोटे बेजल्स देखने को मिल सकते हैं. गूगल आमतौर पर अपने प्रीमियम पिक्सल फोन्स से A-सीरीज को अलग दिखाने के लिए ऐसा डिजाइन रखता है. डिस्प्ले में वही पुराना फॉर्मूला Pixel 10a में 6.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिलने की बात सामने आई है, जो पिछले साल के मॉडल जैसा ही होगा. इसमें LTPS टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जा सकती है, जिसकी वजह से स्क्रीन 1Hz तक रिफ्रेश रेट कम नहीं कर पाएगी. यानी डिस्प्ले क्वालिटी अच्छी होगी, लेकिन पावर एफिशिएंसी में बड़ा सुधार नहीं दिखेगा. Tensor G4 चिप और बैटरी पर फोकस इस बार Pixel 10a में लेटेस्ट Tensor G5 की जगह Tensor G4 प्रोसेसर मिलने की संभावना है, जो पहले Pixel 9 सीरीज में आया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, TSMC द्वारा बना Tensor G5 ज्यादा महंगा हो सकता है, इसलिए गूगल ने पुराना चिपसेट चुनने का फैसला किया है. हालांकि, Tensor G4 को हल्का स्पीड बूस्ट मिलने की बात कही जा रही है. फोन में 8GB रैम और 128GB स्टोरेज स्टैंडर्ड हो सकती है. बैटरी 5,199mAh की बताई जा रही है, जिसमें चार्जिंग स्पीड पिछले मॉडल जैसी ही रह सकती है. लॉन्च डेट और संभावित कीमत X पर टिप्स्टर @MysteryLupin के मुताबिक, Pixel 10a को 17 फरवरी को लॉन्च किया जा सकता है. भारत में इसके 128GB वेरिएंट की कीमत करीब ₹52,000 हो सकती है. वहीं 256GB स्टोरेज वाला वेरिएंट लगभग ₹63,000 में आ सकता है. हालांकि, गूगल की तरफ से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए लॉन्च डेट और कीमत को फिलहाल शुरुआती जानकारी के तौर पर ही देखना बेहतर होगा.

कोविड के असर से हड्डियों में कमजोरी, डॉक्टरों ने दी गंभीर चेतावनी

इंदौर  इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नेशनल हिप कोर्स और इंडोकॉन 2026 के दूसरे दिन वैज्ञानिक सत्रों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र हिप प्रिजर्वेशन और कूल्हे से जुड़े जटिल मामलों के आधुनिक उपचार रहे। कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. हेमंत मंडोवरा और उनकी टीम के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने हिप फ्रैक्चर और ट्रोकेन्टर एरिया की समस्याओं पर अपने महत्वपूर्ण शोध प्रस्तुत किए। इसमें बताया गया कि कोविड के बाद हिप आर्थराइटिस के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बच्चों और युवाओं की हड्डियां भी गलत जीवनशैली और तकनीक पर अधिक निर्भरता की वजह से कमजोर होती जा रही हैं।  संक्रमण और तकनीकी सत्रों का आयोजन दिन की शुरुआत हड्डी के संक्रमण से जुड़े मॉड्यूल के साथ हुई जिसमें विशेषज्ञों ने माइक्रोब्स की दुनिया और सर्जरी के बाद होने वाले संक्रमणों पर विस्तार से बात की। सत्र के दौरान कृत्रिम जोड़ संक्रमण और फ्रैक्चर से जुड़े संक्रमण के बीच का अंतर समझाते हुए उनके प्रबंधन के सटीक तरीके बताए गए। इसके साथ ही फीमरल नेक और ओस्टियोनेक्रोसिस जैसे विषयों पर लाइव वीडियो और केस स्टडी के माध्यम से नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। युवा मरीजों में बढ़ती कूल्हे की समस्या इंग्लैंड से आए विशेषज्ञ डॉ. अजय मालवीया ने बताया कि कई युवा मरीज हिप जॉइंट में संरचनात्मक असमानता की शिकायत लेकर आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कूल्हे के जोड़ में बॉल और सॉकेट का तालमेल ठीक नहीं होता है, तो टकराने के कारण आर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में हिप प्रिजर्वेशन तकनीक काफी कारगर साबित हो रही है क्योंकि यह रिप्लेसमेंट की जरूरत को भविष्य के लिए टाल देती है, जिससे सक्रिय जीवनशैली वाले युवाओं को काफी लाभ मिलता है। पोस्ट-कोविड प्रभावों और जीवनशैली पर चिंता नागपुर के वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुश्रुत बाभुलकर ने साझा किया कि कोविड के बाद हिप आर्थराइटिस के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं गुजरात के डॉ. कश्यप ने दवाइयों के अनियंत्रित उपयोग और अल्कोहल के सेवन से कूल्हे के जोड़ की रक्त-आपूर्ति पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। दिन के अंत में स्किल लैब में चिकित्सकों को 3-डी आधारित हिप तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। 

बड़ा डेटा ब्रीच: Facebook, Instagram, Gmail यूजर्स सावधान, 14 करोड़ लॉग-इन डिटेल्स लीक

अगर आप भी जीमेल, फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और नेटफ्लिक्‍स आदि ऐप्‍स चलाते हैं तो फौरन जरूरी काम कर लें, जिनकी जानकारी हम इस आर्टिकल में आपको देने वाले हैं। एक बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक मामले में 14 करोड़ से ज्‍यादा यूजरनेम और पासवर्ड लीक हो गए हैं। इसमें जीमेल से लेकर फेसबुक और इंस्‍टाग्राम से लेकर नेटफ्लिक्‍स चलाने वालों की जानकारी शामिल है। यह काम किसी हैकर ने नहीं किया, बल्कि एक साइबर सिक्‍योरिटी रिसर्चर ने इन यूजरनेम और पासवर्ड को इंटरनेट पर बिना सिक्‍योरिटी या एन्‍क्र‍िप्‍शन के ढूंढा है। बताया जाता है कि कुल 96 जीबी डेटा को कोई भी आसानी से देख सकता था। रिसर्चर जेरेमिया फाउलर ने इसका पता लगाया है। अगर आप भी जीमेल, फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और नेटफ्लिक्‍स आदि ऐप्‍स चलाते हैं तो फौरन जरूरी काम कर लें, जिनकी जानकारी हम इस आर्टिकल में आपको देने वाले हैं। क‍िन प्‍लेटफॉर्म्‍स का डेटा लीक हुआ है? एक रिपोर्ट के अनुसार, लेटेस्‍ट डेटा ब्रीच में हर बड़ी ऑनलाइन सर्विस के यूजरनेम और पासवर्ड शामिल हैं। इनमें Facebook, Instagram, TikTok, X, Onlyfans, Netflix, HBO Max, Disney Plus, Roblox, Gmail, Yahoo, Outlook के यूजरनेम और पासवर्ड शामिल हैं। जो नहीं जानते उनके लिए बता दें कि Onlyfans एक डेटिंग साइट है, जबकि Roblox भी नेटफ्लिक्‍स की तरह कंटेंट स्‍ट्रीमिंग प्‍लेटफॉर्म है। Gmail, Facebook, Instagram का क‍ितना डेटा लीक? रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 4.8 करोड़ जीमेल अकाउंट, 40 लाख याहू, 15 लाख आउटलुक की लॉगइन डिटेल लीक हुई है। फेसबुक की 1.7 करोड़, Instagram के 65 लाख, TikTok के करीब 8 लाख अकाउंट का डेटा लीक हुआ है। नेटफ्लिक्‍स के 42 लाख अकाउंट की जानकारी लीक हुई है। कई देशों के सरकारी लॉगइन डेटा की जानकारी भी लीक की गई है। हैकर नहीं मैलवेयर से लीक हुआ डेटा रिपोर्ट में बताया गया है कि डेटा को किसी हैकर ने लीक नहीं किया है। इसे ‘इन्फोस्टीलर’ (infostealer) नाम के मैलवेयर से लीक किया गया। इन्‍फोस्‍टीलर बेहद खतरनाक है और किसी भी डिवाइस में चुपके से घुसकर यूजरनेम और पासवर्ड आदि को चुरा लेता है। जानकारी के अनुसार, जेरेमिया फाउलर ने इस डेटाबेस की जानकारी होस्टिंग प्रोवाइडर को दे दी थी, लेकिन इसे बंद होने में एक महीना लग गया। यह पता नहीं चल पाया है कि डेटा कितने लोगों के हाथ लगा हो सकता है। खास बात है कि जब तक डेटा खुला पड़ा था, उसमें चोरी किए गए यूजरनेम-पासवर्ड की संख्‍या बढ़ रही थी क्‍योंकि मैलवेयर लगातार अपने काम में जुटा था और लोगों को जानकारी को अपडेट करता जा रहा था। यूजरनेम-पासवर्ड को कैसे करें सेफ     अपने फोन या अन्‍य डिवाइस जहां ईमेल वगैरह हैं, उसे स्‍कैन करें। मैलवेयर से स्‍कैन करके आप अपनी ड‍िवाइस को सुरक्ष‍ित बनाएं।     अपने फोन में टू फैक्‍टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को चालू करें। आप पासवर्ड या बायोमेट्र‍िक्‍स जोड़कर इसे चालू कर सकते हैं।     जीमेल, इंस्‍टाग्राम, नेटफ्लिक्‍स जैसे ऐप्‍स के लिए अलग-अलग पासवर्ड इस्‍तेमाल करें और उन्‍हें बदलते रहें।

इवेंट्स की पूरी जानकारी चाहिए? अब यहीं मिल जाएगी हर अपडेट

कुछ साल पहले तक अपने ही शहर में होने वाले नाटक, संगीत कार्यक्रम, साहित्यिक गोष्ठी, प्रदर्शनी या सेमिनार की जानकारी समय पर मिल पाना मुश्किल होता था। अख़बारों में सीमित कवरेज और पोस्टरों पर निर्भरता के कारण लोग चाहकर भी कई अच्छे कार्यक्रमों से वंचित रह जाते थे। लेकिन डिजिटल दौर ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आज इवेंट्स से जुड़ी जानकारी, टिकट बुकिंग, रिमाइंडर और यहां तक कि ऑनलाइन इवेंट्स तक-सब कुछ एक क्लिक पर उपलब्ध है। आज देशभर में कई ऐसी वेबसाइटें और ऐप्स मौजूद हैं, जो न सिर्फ इवेंट्स की विस्तृत जानकारी देती हैं बल्कि टिकट खरीदने, ऑफर पाने और पसंद के अनुसार इवेंट चुनने की सुविधा भी देती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ प्रमुख और अपडेटेड इवेंट वेबसाइट्स के बारे में- बुकमायशो बुकमायशो आज भारत की सबसे लोकप्रिय इवेंट और टिकटिंग वेबसाइट बन चुकी है। यह प्लेटफॉर्म फिल्मों के साथ-साथ लाइव कॉन्सर्ट, थिएटर, स्टैंड-अप कॉमेडी, स्पोर्ट्स, फेस्टिवल और वर्कशॉप्स को कवर करता है। -300+ शहरों में इवेंट्स -आसान टिकट बुकिंग और डिजिटल टिकट -कई कार्यक्रमों पर छूट और कैशबैक -तारीख, शहर और कैटेगरी के हिसाब से सर्च की सुविधा पे-टाइम इनसाइडर पे-टाइम इनसाइडर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह म्यूजिक फेस्टिवल, पार्टी, स्टार्टअप मीटअप, फिटनेस इवेंट्स और एक्सपीरियंस-बेस्ड इवेंट्स पर खास फोकस करता है। -क्यूरेटेड और ट्रेंडी इवेंट्स -ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प -टिकट के साथ एक्सपीरियंस बुकिंग -आसान मोबाइल ऐप टाउनस्क्रिप्ट टाउनस्क्रिप्ट खासतौर पर सेमिनार, वर्कशॉप, टेक इवेंट्स और एजुकेशनल प्रोग्राम्स के लिए जाना जाता है। -स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी -फ्री और पेड इवेंट्स की अलग पहचान -आयोजकों और दर्शकों दोनों के लिए सुविधाजनक इवेंट्सहाई इवेंट्सहाई देश के कई बड़े शहरों में होने वाले सांस्कृतिक, पारिवारिक और प्रोफेशनल इवेंट्स की जानकारी देता है। -शहरवार इवेंट लिस्टिंग -बच्चों और परिवार के लिए खास कैटेगरी -कई इवेंट्स पर टिकट बुकिंग सुविधा दिल्ली इवेंट्स दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों के लिए यह वेबसाइट बेहद उपयोगी है। -दिन, महीने और वेन्यू के अनुसार इवेंट्स -उम्र और रुचि के हिसाब से वर्गीकरण -ईमेल अलर्ट और नियमित अपडेट मीटअप अगर आप नेटवर्किंग, स्टार्टअप, टेक, फिटनेस या हॉबी ग्रुप्स में रुचि रखते हैं, तो मीटअप आपके लिए सही प्लेटफॉर्म है। -लोकल कम्युनिटी इवेंट्स -ज़्यादातर फ्री या कम शुल्क वाले कार्यक्रम -नए लोगों से मिलने और सीखने का अवसर निष्कर्ष आज इवेंट्स की जानकारी के लिए सिर्फ अख़बारों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने शहरों की सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रोफेशनल गतिविधियों को हर व्यक्ति तक पहुंचा दिया है। चाहे आप संगीत प्रेमी हों, थिएटर के शौकीन, स्टूडेंट, प्रोफेशनल या परिवार के साथ वीकेंड प्लान करने वाले-इन वेबसाइट्स पर आपको हर पसंद का इवेंट मिल जाएगा।  

दोमुंहे बालों से हैं परेशान, लेकिन कट नहीं करवाना? इन 5 बातों का रखें खास ध्यान

क्या आपके भी बाल के सिरे दो अलग-अलग हिस्सों में बटने लगे हैं? अगर हां, तो यह दोमुंहे बालों की समस्या है। दोमुंहे बालों की वजह से न सिर्फ आपके बालों की खूबसूरती पर नेगेटिव असर पड़ता है, बल्कि आपकी हेयर ग्रोथ भी रुक जाती है। ऐसे में सही देखभाल और कुछ आसान तरीकों को अपनाकर इससे छुटकारा पाया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में। तौलिए की मदद से हल्के हाथों से सूखाएं कई बार लोग हेयर वॉश के बाद बालों को तेजी से झटकते हैं, जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में शैम्पू और कंडीशनर लगाने के बाद बालों की सही देखभाल करें। अगर आप बालों को तौलिए से रगड़कर सुखाने की आदत रखते हैं, तो इससे बाल टूट सकते हैं और इनके क्यूटिकल्स भी खराब हो सकते हैं, जिससे दोमुंहे बाल की समस्या बढ़ सकती है। आपने हमेशा ध्यान दिया होगा कि गीले या सूखे उलझे बालों को कंघी करना काफी मुश्किल हो जाता है और कई बार दर्द भी होने लगता है। इसलिए हमेशा पहले बालों को सुलझाएं और उसके बाद ही कंघी करें या स्टाइल बनाएं। अगर आप बिना डैमेज के बालों को सुलझाना चाहते हैं, तो चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें। यह बालों को टूटने से बचाता है। बालों को रखें हाइड्रेटेड अगर आप स्प्लिट एंड्स से बचना चाहते हैं, तो बालों में नमी बनाए रखें। अगर बाल के सिरे ड्राई होते हैं, तो इससे बाल कमजोर हो सकते हैं और दोमुंहे बालों की समस्या बढ़ सकती है। इसके लिए आप हफ्ते में एक बार हेयर मास्क का इस्तेमाल करें। यह बालों को नमी देकर उन्हें सॉफ्ट और शाइनी बनाते हैं। बालों को हीट से बचाएं अगर आप लगातार बालों में स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे बाल ड्राई हो सकते हैं। आप हमेशा बाल धोने के बाद उन्हें हवा में सूखने दें और फिर बिना ब्लो ड्रायर के बाल बनाएं। साथ ही, अगर आपको स्टाइलिंग टूल्स की जरूरत है, तो उसका इस्तेमाल कम हीट पर करें। ज्यादा ब्रश करने से बचें दोमुंहे बालों का एक बड़ा कारण है बालों को बार-बार ब्रश करना। अगर आप दिन में कई बार बालों में कंघी करते हैं, तो इससे बालों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसा करने से बाल टूटने व झड़ने भी लगते हैं। साथ ही, कंघी करते समय बालों को खींचने या झटकने से बचाएं।