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विश्व रिकॉर्डधारी चेपनगेटिच डोपिंग के आरोप में निलंबित

मोनाको विश्व रिकॉर्ड धारी महिला मैराथन एथलीट रूथ चेपनगेटिच मुश्किल में घिरती नजर आ रही हैं। चेपनगेटिच डोपिंग जांच में पॉजिटिव पाई गई हैं जिसके बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। ट्रैक एंड फील्ड की एथलेटिक्स नैतिक इकाई (एआईयू) ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जांचकर्ताओं ने बताया कि चेपनगेटिच का मार्च में प्रतिबंधित मूत्रवर्धक और मास्किंग एजेंट की जांच पॉजिटिव आई है और एआईयू की जांच जारी रहने तक उन्होंने स्वैच्छिक अस्थायी निलंबन का विकल्प चुना। केन्या की इस धावक ने पिछले साल अक्तूबर में शिकागो मैराथन में दो घंटे, नौ मिनट, 56 सेकेंड में लगभग दो मिनट के अंतर से विश्व रिकॉर्ड बनाया था। एआईयू ने अनुशासनात्मक मामले के लिए कोई समय नहीं दिया है।   

विश्व रिकॉर्डधारी चेपनगेटिच डोपिंग के आरोप में निलंबित

मोनाको विश्व रिकॉर्ड धारी महिला मैराथन एथलीट रूथ चेपनगेटिच मुश्किल में घिरती नजर आ रही हैं। चेपनगेटिच डोपिंग जांच में पॉजिटिव पाई गई हैं जिसके बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। ट्रैक एंड फील्ड की एथलेटिक्स नैतिक इकाई (एआईयू) ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जांचकर्ताओं ने बताया कि चेपनगेटिच का मार्च में प्रतिबंधित मूत्रवर्धक और मास्किंग एजेंट की जांच पॉजिटिव आई है और एआईयू की जांच जारी रहने तक उन्होंने स्वैच्छिक अस्थायी निलंबन का विकल्प चुना। केन्या की इस धावक ने पिछले साल अक्तूबर में शिकागो मैराथन में दो घंटे, नौ मिनट, 56 सेकेंड में लगभग दो मिनट के अंतर से विश्व रिकॉर्ड बनाया था। एआईयू ने अनुशासनात्मक मामले के लिए कोई समय नहीं दिया है।   

सुजीत कलकल ने पॉलीक इमरे-वर्गा जानोस कुश्ती चैंपियनशिप में भारत को दिलाया गोल्ड

बुडापेस्ट (हंगरी) भारतीय पहलवान सुजीत कल्कल ने हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित पोल्याक इमरे एंड वर्गा जानोस मेमोरियल 2025 कुश्ती टूर्नामेंट में पुरुषों की 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल में सुजीत ने अजरबैजान के चार बार के यूरोपीय पदक विजेता अली रहीमजादे को 5-1 से मात दी। यह जीत इस साल किसी भी रैंकिंग सीरीज़ इवेंट में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारत के पहलवान जॉर्डन के अम्मान और मंगोलिया में हुए टूर्नामेंट में पदक नहीं जीत सके थे। फाइनल मुकाबला पहले पीरियड में सुजीत ने एक एक्टिविटी पॉइंट गंवाया, लेकिन दूसरे पीरियड में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार दो टेकडाउन किए। इसके बाद एक और एक्टिविटी पॉइंट हासिल कर उन्होंने 5-1 से शानदार जीत दर्ज की। फाइनल तक का सफर सुजीत का फाइनल तक का सफर बेहद दमदार रहा। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में पेरिस 2024 ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता इस्लाम डुडाएव (अल्बानिया) को 11-0 से हराया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने यूरोपीय रजत पदक विजेता खमज़ात अर्सामर्ज़ोएव (फ्रांस) को पछाड़ा, जबकि सेमीफाइनल में उन्होंने आर्मेनिया के वाज़गेन तेवान्यान को 6-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। 57 किग्रा में भारत को कांस्य पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में भारत के राहुल ने जर्मनी के निक्लास स्टेचले को 4-0 से हराकर कांस्य पदक जीता। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कोरिया गणराज्य के किम सुंग-ग्वोन को 5-3 से हराया था। हालांकि सेमीफाइनल में वह अमेरिका के ल्यूक जोसेफ लिलेडल से कड़े मुकाबले में 7-6 से हार गए। अन्य भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन भारत के उदित (61 किग्रा) और विकी (97 किग्रा) को रिपेचेज राउंड में हार का सामना करना पड़ा।यह टूर्नामेंट साल का चौथा और अंतिम रैंकिंग सीरीज़ इवेंट है। यहां मिलने वाले रैंकिंग पॉइंट्स सितंबर में क्रोएशिया के ज़ाग्रेब में होने वाली विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए सीडिंग में मदद करेंगे। भारत ने बुडापेस्ट में चल रहे इस टूर्नामेंट में पुरुषों और महिलाओं की फ्रीस्टाइल तथा ग्रीको-रोमन स्पर्धाओं में पहलवान उतारे हैं। प्रतियोगिता का समापन रविवार को होगा।  

यूरोपीय दौरा: बेल्जियम ने भारतीय ‘ए’ पुरुष हॉकी टीम को 3-1 से हराया

कप्तान संजय ने भारत के लिए एकमात्र गोल किया  एंटवर्पन (बेल्जियम) यूरोपीय दौरे के तहत भारत 'ए' पुरुष हॉकी टीम को गुरुवार को बेल्जियम के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। यह मैच एंटवर्पन के स्पोर्टसेंट्रम विलरिज्कसेप्लेन मैदान में खेला गया। भारतीय टीम की ओर से एकमात्र गोल कप्तान संजय ने किया। बेल्जियम ने मुकाबले की तेज शुरुआत करते हुए पहले ही क्वार्टर में तीन गोल दाग दिए और भारत पर शुरुआती दबाव बना दिया। हालांकि, इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बरतते हुए बेहतर खेल दिखाया और गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा। अंतिम क्वार्टर में भारत की ओर से एकमात्र गोल हुआ। मैच के बाद टीम के कोच शिवेंद्र सिंह ने कहा, “हालांकि शुरुआत थोड़ी कमजोर रही, लेकिन कुल मिलाकर प्रदर्शन अच्छा था। हमने जल्दी गोल गंवाए, लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए खेल को नियंत्रित किया। गेंद की पोजिशनिंग बेहतर थी और हमने कई मौके बनाए, अब हमें फिनिशिंग पर ज्यादा ध्यान देना होगा।” उन्होंने आगे कहा, “ये खिलाड़ी दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खेल रहे हैं, इसलिए उन पर काफी दबाव होता है। बावजूद इसके, ये युवा खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ खेल रहे हैं। यह दौरा इनके विकास के लिए बेहद अहम है। अब हमें विश्व नंबर 1 टीम नीदरलैंड्स के खिलाफ अगला मुकाबला खेलना है। ऐसे अनुभव भविष्य में इन खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।” भारत 'ए' पुरुष हॉकी टीम अब 18 जुलाई और 20 जुलाई को रात 9:30 बजे और 8:30 बजे (भारतीय समयानुसार) क्रमश: दो अहम मुकाबलों के लिए आइंडहोवन (नीदरलैंड्स) का रुख करेगी और दौरे का समापन सकारात्मक परिणाम के साथ करने की उम्मीद रखेगी।  

करो या मरो मुकाबला: इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ने बुमराह को बताया निर्णायक हथियार

नई दिल्ली एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का चौथा टेस्ट भारत के लिए 'करो या मरो' वाला मुकाबला है। अगर इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज जीतने की उम्मीदें जिंदा रखनी हैं तो भारतीय टीम के लिए मैनचेस्टर टेस्ट जीतना हर हाल में जरूरी है। इतने महत्वपूर्ण मैच में क्या भारत गेंदबाजी में अपने सबसे बड़े हथियार जसप्रीत बुमराह का इस्तेमाल करेगा? सीरीज से पहले ही यह साफ हो गया था कि बुमराह सभी 5 के बजाय सिर्फ 3 मैच खेलेंगे। अब दो तो वह पहले ही खेल चुके हैं और अब मैनचेस्टर टेस्ट खेलेंगे या ओवल, इस पर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच इंग्लैंड के दिग्गज स्पिनर रहे मोंटी पनेसर ने कहा है कि जसप्रीत बुमराह को मैनचेस्टर टेस्ट खेलना ही चाहिए। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा है, ‘जसप्रीत बुमराह को अगला मैच खेलना चाहिए। यह भारत के लिए मस्ट-विन मैच है। उन्हें अपने बेस्ट अटैक के साथ खेलने की जरूरत है। बुमराह को अगला टेस्ट खेलना ही होगा। यह देश की वो पिच है जिसमें सबसे ज्यादा गति और उछाल है, इसलिए उन्हें खेलना होगा।’ बुमराह मौजूदा सीरीज के पहले और तीसरे टेस्ट में खेले थे। संयोग से दोनों ही टेस्ट में भारत की हार हुई थी और जिस दूसरे टेस्ट में वह नहीं खेले थे, उसमें टीम ने 336 रन के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी। बुमराह ने सीरीज में खेले अपने दोनों ही मैच में एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया। भारतीय टीम भी मैनचेस्टर में अपने स्पीड स्टार के साथ उतरना चाहेगी लेकिन वर्कलोड मैनेजमेंट की वजह से न चाहते हुए भी उसे अपने स्टार को नहीं उतारने का फैसला लेना पड़ सकता है। भारत के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोशेट भी मानते हैं कि टीम मैनचेस्टर में बुमराह को खिलाना चाहती है। डोशेट ने कहा, 'हमें पता है कि हम उसे आखिर के दो टेस्ट में से किसी एक में ही खिला सकते हैं। मैनचेस्टर में सीरीज दांव पर है, इसलिए हमारा उन्हें खिलाने की तरफ झुकाव है। लेकिन हम वर्कलोड और ओवल की स्थितियों समेत सभी पहलुओं को देखेंगे।'  

ओलिविया स्मिथ बनीं दुनिया की सबसे महंगी महिला फुटबॉलर

लंदन ओलिविया स्मिथ महिला फुटबॉल इतिहास की सबसे महंगी खिलाड़ी बन गईं हैं। आर्सेनल ने कनाडा की इस 20 वर्षीय खिलाड़ी को 10 लाख पाउंड (लगभग 11 करोड़ 57 लाख रुपए) की विश्व रिकॉर्ड ट्रांसफर फीस पर लिवरपूल से अपनी टीम में शामिल किया. महिला फुटबॉल में यह नई धनराशि जनवरी में सैन डिएगो वेव से नाओमी गिर्मा को अपनी टीम से जोड़ने के लिए चेल्सी द्वारा भुगतान की गई 900,000 पाउंड की राशि को पार कर गयी है. आर्सेनल की महिला फुटबॉल निदेशक क्लेयर व्हीटली ने कहा, ‘‘वह खेल की सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में से एक हैं और क्लब में आगे बढ़ने की उनमें अपार संभावनाएं हैं.‘‘ अनुबंध के बारे में जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि इस फॉरवर्ड ने चार साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं.  

फिडे महिला वर्ल्ड कप: प्री-क्वार्टरफाइनल में चारों भारतीय खिलाड़ी टाईब्रेक में पहुंचीं

नई दिल्ली फिडे महिला विश्व कप के प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में भारत की चारों महिला शतरंज खिलाड़ी – दिव्या देशमुख, आर. वैषाली, कोनेरू हम्पी और हरिका द्रोणावल्ली – अपने-अपने मुकाबले टाईब्रेक में खेलने को मजबूर हो गई हैं। दूसरी वरीयता प्राप्त चीन की झू जिनर ने गुरुवार को दूसरे गेम में जबरदस्त वापसी करते हुए दिव्या देशमुख को मात दी और मुकाबला टाईब्रेक में पहुंचा दिया। दिव्या ने बुधवार को सफेद मोहरों से खेलते हुए झू के खिलाफ शानदार जीत हासिल की थी और उन्हें क्वार्टरफाइनल में पहुंचने के लिए केवल ड्रॉ की जरूरत थी। लेकिन ब्लैक मोहरों से खेलते हुए एक अनौपचारिक स्कॉच ओपनिंग में मिडिल गेम के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ गई और फिर एंडगेम में वापसी करना उनके लिए असंभव हो गया। वहीं, आर. वैषाली ने कजाकिस्तान की मेरुर्ट कामालिदेनोवा के खिलाफ एक और ड्रॉ खेला। उन्होंने भी ब्लैक मोहरों से खेलते हुए मुकाबले को टाईब्रेक तक पहुंचाया। अनुभवी कोनेरू हम्पी और हरिका द्रोणावल्ली ने क्रमशः स्विट्जरलैंड की अलेक्जेंड्रा कोस्टेनियुक और रूस की कैटेरीना लगनो के खिलाफ सफेद मोहरों से खेलते हुए ड्रॉ किया। इस बीच, चीन की तीन खिलाड़ी क्वार्टरफाइनल में पहुंच गईं। लेई टिंगजी ने उज्बेकिस्तान की उमिदा ओमोनोवा के खिलाफ आसानी से ड्रॉ किया, सॉन्ग यूसिन ने जॉर्जिया की लेला जावाखिशविली से भी ड्रॉ किया, जबकि तान झोंगयी ने यूलिया ऑस्मक को हराकर दूसरे गेम में आराम से ड्रॉ कर मुकाबला अपने नाम किया। दिन की सबसे बड़ी उलटफेर स्थानीय खिलाड़ी नाना डजागनिडजे ने की, जिन्होंने यूक्रेन की मारिया मुझचुक को हराकर उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। गौरतलब है कि इस विश्व कप के जरिए तीन खिलाड़ियों को 2026 की पहली छमाही में होने वाली फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में प्रवेश मिलेगा। चारों भारतीय खिलाड़ी आज शाम भारतीय समयानुसार शाम 4:35 बजे से टाईब्रेक खेलेंगी।  

न्यूजीलैंड के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स जिम्बाब्वे दौरे से बाहर

हरारे  न्यूजीलैंड के बल्लेबाजी ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स मेजर लीग क्रिकेट (MLC) फाइनल में अपनी दाहिनी कमर में चोट लगा बैठे। जिम्बाब्वे पहुंचने पर उनकी जाच की गई और तय हुआ कि उन्हें पुनर्वास के लिए कुछ हफ़्तों की जरूरत होगी। टिम रॉबिन्सन, जो MLC फाइनल के लिए कवर के तौर पर टीम में शामिल होने वाले खिलाड़ियों में पहले से ही शामिल थे, टी20 त्रिकोणीय श्रृंखला के बाकी मैचों के लिए टीम के साथ बने रहेंगे। माइकल ब्रेसवेल, फिलिप्स, मार्क चैपमैन और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ी MLC फाइनल में खेल रहे थे, इसलिए उनकी जगह कई खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया था। फिलिप्स टेस्ट टीम का भी हिस्सा थे और आईसीसी के अनुसार, टीम में उनके प्रतिस्थापन की घोषणा समय आने पर की जाएगी। ब्लैक कैप्स के मुख्य कोच रॉब वाल्टर्स को फिलिप्स पर गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा, 'ग्लेन जैसी क्षमता वाले खिलाड़ी को खोना निश्चित रूप से निराशाजनक है। फिन (एलन) की तरह, हमें ग्लेन के लिए बहुत दुख है और हम इस सीरीज में उनके न खेलने से दुखी हैं। हम जानते हैं कि वह ब्लैक कैप्स के लिए मैदान पर उतरने के लिए उत्सुक थे, लेकिन दुर्भाग्य से वह इस सीरीज में ऐसा नहीं कर पाएंगे। हम जानते हैं कि वह मैदान पर वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे, और मैं उस समय का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं जब ऐसा होगा।'  फिलिप्स, जिमी नीशम और मिच हे के साथ न्यूजrलैंड लौटेंगे, जो दोनों एमएलसी फाइनल में खेलने वाले खिलाड़ियों के कवर के तौर पर जिम्बाब्वे में थे। न्यूज़ीलैंड ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था, और टिम रॉबिन्सन के नाबाद 75 रनों और जैकब डफी तथा मैट हेनरी के तीन-तीन विकेटों की बदौलत 21 रनों से जीत हासिल की थी।   

टीम में वापसी से पहले सोचें पंत! शास्त्री ने जताई चिंता चौथे टेस्ट को लेकर

नई दिल्ली  भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे मैच में टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत चोटिल हो गए थे। उन्हें बाएं हाथ में गेंद लगी थी और चोट की वजह से काफी दर्द में दिखे। मैच में बल्लेबाजी करते समय भी उनके हाथ में कई बार गेंद लगी। चौथे टेस्ट में ऋषभ पंत के खेलने को लेकर संशय बरकरार है। भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे को उम्मीद है कि मैनचेस्टर में ट्रेनिंग के दौरान तक पंत बैटिंग के लिए फिट हो सकते हैं। हालांकि भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि अगर ऋषभ पंत मैनचेस्टर में होने वाले मुकाबले में विकेटकीपिंग के लिए फिट नहीं हो तो उन्हें ये मैच नहीं खेलना चाहिए।   भारतीय टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही है। ऐसे में चौथा मैच सीरीज के निर्णय के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। रवि शास्त्री का मानना है कि अगर ऋषभ पंत खेलते हैं तो उनकी चोट गंभीर हो सकती है। पंत को चौथे मैच में आराम करना चाहिए और ओवल में होने वाले आखिरी मैच के लिए तैयार रहना चाहिए। पंत तीसरे टेस्ट में चोट लगने के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे लेकिन काफी दर्द में दिखे और कई गेंदों उनके ग्लव्स पर आकर भी लगी थी। रवि शास्त्री ने आईसीसी से कहा, ''उसे फील्डिंग करनी होगी और अगर वह ऐसा करता है तो दिक्कतें बढ़ेंगी। गल्व्स के साथ कम से कम कुछ सुरक्षा तो है। लेकिन बिना गल्व्स के अगर उन्हें वहां कोई चीज लगती है तो ये अच्छा नहीं होगा। इससे चोट और गहरा होगा। उसे विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी दोनों करनी होगी। वह दोनों में से एक नहीं कर सकता। अगर फ्रैक्चर है, तो उसे आराम करना चाहिए और ओवल के लिए तैयार होना चाहिए। लेकिन अगर नहीं, तो उसके पास ठीक होने के लिए लगभग नौ दिन हैं।" भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पहले टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाया थआ। पहली पारी में उन्होंने 178 गेंद में 134 और दूसरी पारी में 140 गेंद में 118 रन की पारी खेली थी। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने गुरुवार को ट्रेनिंग नहीं की, लेकिन टीम के साथ बेकेनहैम गए। डोएशे ने कहा, ‘‘तीसरे टेस्ट में उन्होंने काफी दर्द के साथ बल्लेबाजी की और हम उस स्थिति से दोबारा नहीं गुजरना चाहते जहां हमें पारी के बीच में विकेटकीपर बदलना पड़े। उन्होंने आज आराम किया। हम बस उन्हें यथासंभव आराम देने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि वह मैनचेस्टर में पहले ट्रेनिंग सत्र में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे। कीपिंग करना निश्चित रूप से इस प्रक्रिया का आखिरी चरण है। ’’  

इंग्लैंड दौरे से बाहर हुए युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी, अंगूठे में लगी गंभीर चोट

नई दिल्ली  स्टार बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी चोटिल होने की वजह से इंग्लैंड दौरे पर मैच नहीं खेल पाएंगे। रघुवंशी मुंबई की एमर्जिंग टीम के इंग्लैंड दौरे से बाहर हो गए हैं। अंगकृष रघुवंशी को अंगूठे में गंभीर चोट लगी है। उनके दाहिने हाथ के अंगूठे में फ्रैक्चर हुआ और इस वजह से उन्हें वापस घर लौटना पड़ रहा है। सूर्यांश शेड़गे के नेतृत्व में मुंबई की एमर्जिंग टीम ने 28 जून को दौरे की शुरुआत की थी। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने युवा खिलाड़ियों को अपनी कला को निखारने और विदेशी अनुभव प्राप्त करने में सहायता करने के लिए इस यात्रा का आयोजन किया।   टीओआई के मुताबिक मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने अभी तक अंगकृष रघुवंशी के रिप्लेसमेट की घोषणा नहीं की है। दौरे के दौरान लगी चोट के कारण वह आगे नहीं खेल पाएंगे। अंगकृष रघुवंशी ने काफी कम उम्र में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। वह मुंबई और आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए 22 आईपीएल मैचों में 29 के औसत से 463 रन बनाए हैं। मुंबई की टीम में बल्लेबाजी ऑलराउंडर मुशीर खान, अंगकृष रघुवंशी और युवा स्पिनर हिमांशु सिंह भी शामिल हैं। यह टीम इंग्लैंड की विभिन्न टीमों के खिलाफ पांच दो दिवसीय मैच और चार एकदिवसीय मैच खेल रही है। इस दौरे पर टीम नॉटिंघमशर, काउंटी की समग्र टीम (चैलेंजर्स), वॉर्सेस्टरशर और ग्लूस्टरशर सहित अन्य टीमों के खिलाफ खेल रही है। दौरे पर गए दल के कुछ सदस्य पहले ही रणजी ट्रॉफी में मुंबई का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। दल में छह सदस्यीय प्रबंधन स्टाफ भी शामिल है, जिसमें मुंबई के पूर्व खिलाड़ी किरण पोवार मुख्य कोच और एमसीए कोषाध्यक्ष अरमान मलिक मैनेजरहैं। टीम: सूर्यांश शेडगे (कप्तान), वेदांत मुरकर (उप-कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, आयुष वर्तक, आयुष जिमारे, हिमांशु सिंह, मनन भट्ट, मुशीर खान, निखिल गिरी, प्रग्नेश कनपिल्लेवार, प्रतीककुमार यादव, प्रेम देवकर, प्रिंस बदियानी, जैद पाटणकर, हृषिकेश गोरे, हर्षल जाधव।