samacharsecretary.com

एजबेस्टन टेस्ट मैच में मचेगी खलबली, कई महा रिकॉर्ड निशाने पर, जायसवाल और रूट तोड़ सकते हैं वर्ल्ड रिकॉर्ड

एजबेस्टन  भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन, बर्मिंघम में 2 जुलाई से खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले रोमांच चरम पर है. हेडिंग्ले टेस्ट में हार के बाद शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया वापसी की तलाश में है. इंग्लैंड ने पहला टेस्ट 371 रन का रिकॉर्ड लक्ष्य चेज़ कर जीत लिया था. अब भारत को सीरीज में बराबरी करने और वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 चक्र में मजबूत शुरुआत करने की जरूरत है. एजबेस्टन में भारत का रिकॉर्ड बेहद खराब भारत का इंग्लैंड में टेस्ट रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है. भारत ने इंग्लैंड में अब तक सभी फॉर्मैट में कुल 169 मैच खेले हैं, जिसमें सिर्फ 9 टेस्ट, 45 वनडे और 6 टी20 मैच जीते हैं. लेकिन अगर सिर्फ एजबेस्टन की बात करें, तो आंकड़े और भी निराशाजनक हैं. भारत ने इस मैदान पर अब तक 8 टेस्ट मैच खेले हैं, लेकिन एक भी नहीं जीता. भारत ने यहां अपना पहला टेस्ट साल 1967 में खेला था, लेकिन जीत अब तक नहीं मिली. हालांकि, भारत ने यहां वनडे में अच्छा प्रदर्शन किया है, जहां 12 में से 8 मुकाबले जीते हैं. भारत का एजबेस्टन टेस्ट रिकॉर्ड भारत ने एजबेस्टन में अबतक 8 टेस्ट मैच खेले हैं. जिनमें से केवल एक ही मैच भारतीय टीम ड्रॉ करा सकी है. बाकी सभी 7 मैचों में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा है. यानी एजबेस्टन में अबतक भारत ने जीत का स्वाद नहीं चखा है. वहीं, इंग्लैंड ने इस ग्राउंड पर अबतक 56 टेस्ट मैच खेले हैं और 30 में उसे जीत मिली है. 11 में ही उसे हार का सामना करना पड़ा है. 15 मैच ड्रा पर खत्म हुए हैं.  एजबेस्टन में भारतीय बल्लेबाज़ों का औसत (टेस्ट में) एजबेस्टन में भारतीय बल्लेबाज़ों का औसत देखें तो केएल राहुल का औसत यहां केवल 8.5 का है, जबकि कप्तान गिल का औसत 10.5 का है. पंत इकलौते खिलाड़ी हैं जिनका औसत यहां 100 से ऊपर का है. जडेजा का औसत 60 से ज्यादा का है. गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने इस मैदान पर 5 विकेट झटके हैं. सिराज ने 4 विकेट हासिल किए हैं. कई महा रिकॉर्ड निशाने पर, जायसवाल और रूट तोड़ सकते हैं वर्ल्ड रिकॉर्ड जायसवाल के नाम हो सकता है वर्ल्ड रिकॉर्ड दूसरे टेस्ट मैच में यशस्वी जायसवाल के पास इतिहास रचने का मौका होगा. जायसवाल के पास टेस्ट इतिहास में सबसे तेज 50 छक्के पूरा करने का मौका होगा. इसके लिए युवा बल्लेबाज को 10 छक्के लगाने होंगे. बता दें कि  टेस्ट इतिहास में सबसे तेज 50 छक्के लगने का वर्ल्ड रिकॉर्ड शाहिद अफरीदी के नाम है. अफरीदी ने अपने टेस्ट करियर में 50 छक्के केवल 46 पारियों में पूरा किए थे. वहीं, अबतक जायसवाल ने  38 पारी खेलकर कुल 40 छक्के लगाने में सफल हो गए हैं. अब यदि 10 छक्के जायसवाल अगली दो पारियों में लगाने में सफल रहे तो वो टेस्ट में सबसे तेज 50 छक्के लगाने के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ देंगे. वैसे, उनके पास इस महारिकॉर्ड को तोड़ने के लिए 7 पारियां हैं.  जो रूट टेस्ट में कर सकते हैं यह कमाल  रूट दूसरे टेस्ट में कुल 202 रन बना लेते हैं, तो टेस्ट फॉर्मेट में सर्वाधिक रन बनाने वालों की लिस्ट में राहुल द्रविड़ और जैक कैलिस से आगे निकल जाएंगे. (Most runs in career in Tests – Batting records) इस समय रूट के नाम 13087 रन दर्ज है. द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर में 13288 रन बनाए हैं तो वहीं जैक कैलिस ने 13289 रन बनाने का कमाल किया है.  इसके अलावा भी कई सारे रिकॉर्ड बन सकते हैं.  केएल राहुल को 3500 टेस्ट रन पूरा करने के लिए 64 रनों की दरकार है.  रविंद्र जडेजा लाल गेंद क्रिकेट में 3500 रन बनाने से सिर्फ 94 रन दूर हैं. ऋषभ पंत टेस्ट में 350 चौके पूरा करने के से केवल 3 चौके दूर हैं. यशस्वी जायसवाल को 2000 टेस्ट रन बनाने के लिए 97 रनों की जरूरत है.  ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज बनेंगे रूट जो रूट 73 रन बनाते ही भारत के खिलाफ टेस्ट में 3000 रन बनाने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे. रूट ने भारत के खिलाफ टेस्ट में अबतक कुल 2927  रन बनाए हैं. जिसमें 10 शतक औऱ 12 अर्धशतक शामिल है.  रूट तोड़ेंगे राहुल द्रविड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड इसके अलावा एक कैच लेते ही रूट टेस्ट में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे. ऐसा करत ही रूट, राहुल द्रविड़ से आगे निकल जाएंगे. राहुल और रूट ने अबतक टेस्ट में 210 कैच लपके हैं.  ओली पोप भी इतिहास रचने के करीब ओली पोप भी एक उपलब्धि के करीब पहुंच रहे हैं, उन्हें टेस्ट क्रिकेट में 3500 रन तक पहुंचने के लिए 85 रन की जरूरत है. बेन डकेट के पास भी महाकारनामा करने का मौका बेन डकेट को टेस्ट में 350 चौके पूरे करने के लिए 13 और चौकों की जरूरत है. यह देखना दिलचल्प होगा कि दूसरे टेस्ट में डकेट इस खास मुकाम को हासिल कर पाते हैं नहीं.  हैरी ब्रूक भी कतार में हैरी ब्रूक टेस्ट मैचों में 2500 रन के आंकड़े से सिर्फ 62 रन दूर हैं.   बुमराह को छोड़कर बाकी गेंदबाज नहीं कर पाए कमाल दरअसल, लीड्स में इंग्लैंड से पांच विकेट से हार के बाद बुमराह को तीन ही टेस्ट खिलाने की बात कही गई थी। ऐसे में उनको इस टेस्ट में आराम देकर, अगले में मौका दिया जा सकता है। लीड्स में पहली पारी में पांच विकेट लेने के बाद, दूसरी पारी में वह कोई विकेट नहीं ले पाए थे। हार के बाद कोच गंभीर ने बुमराह के तीन टेस्ट खेलने की रणनीति में कोई बदलाव नहीं करने की बात कही थी। यह देखने वाली बात होगी कि भारतीय टीम एजबेस्टन में दो स्पिनर्स के साथ उतरता है या तीन मुख्य तेज गेंदबाजों को मौका देता है या फिर दोनों संयोजन को बनाता है। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा भी पिछले टेस्ट में कोई छाप नहीं छोड़ पाए थे। प्रसिद्ध काफी महंगे साबित हुए थे, जबकि सिराज को दूसरी पारी में विकेट के लिए जूझना पड़ा था। ऐसे में टीम मैनेजमेंट इनमें से एक की जगह आकाश दीप को मौका देने … Read more

शमी को लगा तगड़ा झटका, कोर्ट के फैसले से हसीन जहां और बेटी आयरा को हुआ लाखों का फायदा

कलकत्ता भारत के स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) और उनकी पूर्व पत्नी हसीन जहां के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है. कलकत्ता हाई कोर्ट ने शमी को आदेश दिया है कि वे हसीन जहां को कुल 4 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता देंगे. जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी के द्वारा जारी किए गए आदेश में शमी को हसीन जहां के भरण-पोषण के लिए हर महीने 1.5 लाख रुपये और उनकी नाबालिग बेटी की देखभाल और खर्च के लिए 2.5 लाख रुपये देने का निर्देश दिया गया है. यह फैसला तब आया है, जब हसीन जहां ने कोलकाता के अलीपुर कोर्ट के 2018 के आदेश के खिलाफ अपील की थी, जिसमें शमी को उन्हें हर महीने 50 हजार रुपये और उनकी बेटी के खर्च के लिए अतिरिक्त 80 हजार रुपये देने का निर्देश दिया गया था. उस वक्त हसीन जहां ने मूल रूप से कुल 10 लाख रुपये मांगे थे, 7 लाख रुपये अपने लिए और 3 लाख रुपये अपनी बेटी के लिए, लेकिन निचली अदालत ने उनकी गुजारिश को खारिज कर दिया था. कोर्ट में ऐसे कामयाब हुईं हसीन जहां… हसीन जहां ने अपनी अपील में तर्क दिया कि शमी की फाइनेंशियल स्थिति ऐसी है, जिससे वे और ज्यादा गुजारा भत्ता राशि दे सकते हैं. वित्तीय वर्ष 2021 के लिए उनके आयकर रिटर्न के मुताबिक, शमी की वार्षिक आय करीब 7.19 करोड़ रुपये या 60 लाख रुपये प्रति माह थी. हसीन जहां ने दावा किया कि उनकी बेटी के लिए उनका महीने का खर्च 6 लाख रुपये से ज्यादा है. दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट हसीन जहां के पक्ष में फैसला सुनाया. जस्टिस मुखर्जी ने आदेश में कहा, "मेरी राय में याचिकाकर्ता नंबर 1 (पत्नी) को 1,50,000 रुपये हर महीने और उनकी बेटी को 2,50,000 रुपये की राशि उचित होगी." कोर्ट ने यह भी कहा कि शमी अपनी बेटी के एजुकेशन या अन्य भविष्य की जरूरतों के लिए खुद से अतिरिक्त राशि का योगदान कर सकते हैं. हाई कोर्ट ने पिछले फैसले के आधार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह साफ नहीं है कि अलीपुर कोर्ट ने किस आधार पर काफी कम राशि का आदेश दिया था. संशोधित आदेश में कहा गया कि पहले के फैसले में सुधार की जरूरत है. 2014 में हुई थी शादी साल 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की पूर्व मॉडल और चीयरलीडर हसीन जहां और मोहम्मद शमी से शादी हुई थी. 2015 में उन्हें एक बेटी हुई. इसके बाद, साल 2018 में उनके रिश्ते में कड़वाहट तब आ गई, जब हसीन जहां ने मोहम्मद शमी पर घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शमी ने घर के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट देना बंद कर दिया है. साल 2023 में मोहम्मद शमी ने अपनी बेटी आयरा से लंबे वक्त के अलगाव के बाद मिलने के बाद इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा, "जब मैंने उसे लंबे वक्त के बाद फिर से देखा तो वक्त थम गया. बेबो, मैं तुमसे शब्दों से ज़्यादा प्यार करता हूं." इस पोस्ट को एक घंटे के अंदर 1.6 लाख से ज़्यादा लाइक मिले थे.  

दक्षिण अफ्रीका ने आज पहले टेस्ट में मेजबान जिम्बाब्वे को ‘जमींदोज’ कर दिया, कॉर्बिन बॉश ने मारा ‘घातक पंजा’

क्वींस  दक्षिण अफ्रीका ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। दक्षिण अफ्रीका ने मंगलवार को पहले टेस्ट में मेजबान जिम्बाब्वे को 'जमींदोज' कर दिया। दक्षिण अफ्रीका ने मैच के चौथे दिन बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में 328 रनों से धमाकेदार जीत हासिल की। 537 रनों के लक्ष्य पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम 208 पर ऑलआउट हो गई। जिम्बाब्वे ने दिन का खेल 32/3 के स्कोर से शुरू किया और 176 रन ही जोड़े। दक्षिण अफ्रीका के 30 वर्षीय ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश ने 'घातक पंजा' मारा। उन्होंने जिम्बाब्वे की दूसरी पारी में 12 ओवर में 43 रन देकर पांच विकेट चटकाए। बॉश ने मैच में शतक भी जमाया था। वह पिछले 23 वर्षों में एक ही टेस्ट में शतक बनाने और पांच विकेट लेने वाले दक्षिण अफ्रीका के पहले क्रिकेटर हैं। जिम्बाब्वे की लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत खराब रही। ताकुदज्वानाशे कैतानो और प्रिंस मसवौरे 12 के निजी स्कोर पर आउट हो गए। निक वेल्च का खाता नहीं खुला। पहली पारी में शतक लगाने वाले सीन विलियम्स (26) ज्यादा देर नहीं टिके। कप्तान क्रेग एर्विन (49) अर्धशतक से चूक गए। उन्होंने वेलिंगटन मसाकाद्जा (57) के साथ सातवेंट के लिए 83 रनों की साझेदारी की। वेस्ली मधेवेरे और विकेटकीपर तफदजवा त्सिगा शून्य पर लौटे। ब्लेसिंग मुजरबानी नाबाद 32 रन बनाकर नाबाद रहे। दक्षिण अफ्रीका के लिए कोडी यूसुफ ने तीन, कार्यवाहक कप्तान केशव महराज और डेवाल्ड ब्रेविस ने एक-एक विकेट लिया। वियान मुल्डर के करियर की सर्वश्रेष्ठ 147 रन की पारी के दम पर दक्षिण अफ्रीका तीसरे दिन अपनी दूसरी पारी में 369 रन बनाकर जिम्बाब्वे को असंभव जैसा लक्ष्य दिया था। इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका के 418/9 के स्कोर के जवाब में जिम्बाब्वे की पहली पारी 251 रनों पर ढेर हुई थी। दक्षिण अफ्रीका के लिए पहली पारी में बॉश (नाबाद 100) के अलावा लुआन-ड्रे प्रीटोरियस ने शतक बनाया। बॉश ने डेब्यू टेस्ट में 160 गेंदों में 11 चौकों और चार छक्कों की मदद से 153 रन बनाए। प्रिटोरियस 150 प्लस रन बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने 19 साल 93 दिन की उम्र में यह कमाल किया। उन्होंने पाकिस्तान के जावेद मियांदाद का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 1976 में लाहौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ 163 रन बनाए थे। मियांदाद तब 19 साल और 119 दिन के थे। प्रिटोरियस टेस्ट इतिहास में डेब्यू में शतक बनाने वाले पांचवें सबसे युवा और दक्षिण अफ्रीका के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। हालांकि, प्रीटोरियस का दूसरी पारी में बल्ला नहीं चला। वह चार ही बना पाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।  

अदाणी ग्रुप के अशोक परमार ने गोल्ड मेडल जीतकर कहा– ‘हम करके दिखाते हैं!’

नई दिल्ली गुजरात स्टेट बेंच प्रेस एंड डेडलिफ्ट चैंपियनशिप में अदाणी समूह के अशोक परमार ने अपनी असाधारण दृढ़ता और कौशल का प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। परमार ने दिव्यांग होने के बावजूद, सामान्य श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करते हुए इस उपलब्धि को हासिल किया, जो उनकी प्रेरणादायक यात्रा का प्रतीक है। पॉवरलिफ्टिंग स्पोर्ट्स एसोसिएशन गुजरात द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में जूनियर, सीनियर और मास्टर्स स्तर पर पुरुष और महिला श्रेणियां शामिल थीं। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, “अशोक परमार को किसी अलग श्रेणी की जरूरत नहीं थी। उन्होंने हर प्रतियोगी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होकर गोल्ड मेडल जीता। हां, अशोक एक दिव्यांग हैं, लेकिन हम अपवाद नहीं मांगते, हम संभव को फिर से परिभाषित करते हैं।”  इसके बाद गौतम अदाणी ने ‘हम करके दिखाते हैं’ हैशटैग भी दिया। यह अदाणी समूह की उस विचारधारा के अनुरूप है, जहां चुनौतियों को अवसर में बदलने पर जोर दिया जाता है। इस पोस्ट के साथ, गौतम अदाणी ने एक वीडियो भी शेयर की, जिसमें अशोक के दृढ़ संकल्प की झलक दिखाई गई, जिसने उन्हें प्रतियोगिता में टॉप अवार्ड दिलाया। बता दें, 29 जून को अशोक ने जबदस्त प्रदर्शन करते हुए वह किया,जिसकी आमतौर पर कल्पना नहीं की जा सकती थी। उन्होंने गुजरात राज्य बेंच प्रेस एवं डेडलिफ्ट चैम्पियनशिप में सामान्य वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए गोल्ड मेडल जीता। अशोक अदाणी ग्रुप के एक कर्मचारी हैं। उन्होंने इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतन के लिए जिम में कड़ी मेहनत की। यह प्रतियोगिता गुजरात स्टेट सब-जूनियर जूनियर सीनियर एवं मास्टर्स पुरुष एवं महिला क्लासिक बेंचप्रेस एवं डेडलिफ्ट चैम्पियनशिप के तहत आयोजित की गई। अशोक की सफलता न केवल व्यक्तिगत स्तर पर प्रेरणादायक है, बल्कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के साथ किसी भी बाधा को पार करने को भी दिखाती है। यह अदाणी समूह की समावेशी और प्रेरणादायक कार्य संस्कृति को भी दर्शाता है।  

मुंबई से क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे यशस्वी जायसवाल

मुंबई भारतीय युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल आगामी 2025-26 घरेलू सत्र में मुंबई की ओर से ही खेलते नजर आएंगे। मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने उनके गोवा जाने के लिए जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को वापस लेने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। एमसीए अध्यक्ष अजिक्य नाइक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, यशस्वी हमेशा से मुंबई क्रिकेट की एक गौरवशाली उपज रहे हैं। हमने उनके एनओसी वापसी के आवेदन को स्वीकार कर लिया है और वह आगामी घरेलू सत्र में मुंबई के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस साल अप्रैल में जायसवाल ने गोवा के लिए खेलने के इरादे से एनओसी मांगी थी, जिसे एमसीए ने “चौंकाने वाला कदम” बताया था। हालांकि, एक महीने बाद उन्होंने पुनः एमसीए को पत्र लिखकर बताया कि वह अपने परिवार के साथ गोवा स्थानांतरित होने का विचार कर रहे थे, लेकिन अब उन्होंने वह योजना बदल दी है और वे मुंबई के लिए ही खेलना चाहते हैं। 23 वर्षीय जायसवाल ने अंडर-19 स्तर से ही मुंबई का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 2019 में मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया था और अब तक 10 प्रथम श्रेणी मैचों में 53.93 की औसत से 863 रन बनाए हैं। इसमें उनके चार शतक, दो अर्द्धशतक और उत्तर प्रदेश के खिलाफ 181 रन की सर्वश्रेष्ठ पारी शामिल है। हाल ही में समाप्त हुए घरेलू सत्र में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में मुंबई की ओर से भाग लिया था, हालांकि टीम को उस मैच में हार का सामना करना पड़ा। वह विदर्भ के खिलाफ सेमीफाइनल में खेलने वाले थे, लेकिन अभ्यास के दौरान टखने की चोट के चलते बाहर हो गए। फिलहाल जायसवाल इंग्लैंड में भारतीय टेस्ट टीम के साथ हैं। उन्होंने लीड्स में सीरीज के पहले मैच में शतक जमाया था, हालांकि भारत वह मुकाबला पांच विकेट से हार गया।  

पूर्व इंटरनेशनल हॉकी खिलाड़ी विमल लकड़ा की हालत गंभीर, रांची के क्यूरेस्टा अस्पताल में भर्ती

रांची  पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी बिमल लाकड़ा सोमवार को खेत मे बेहोश पाए गए. उन्हें इलाज के लिए रांची के क्यूरेसेटा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. बिमल का पैतृक गांव सिमडेगा के टैंसर में है और वह इन दिनों अपने गांव आए हुए थे. हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष और सिमडेगा हॉकी के अध्य्क्ष मनोज कोनबेगी ने बताया कि वे गांव में अपने खेत गए हुए थे जहां वह बेहोश हो गए थे. 45 साल के बिमल लाकड़ा को प्राथमिक चिकित्सा के लिए कुरड़ेग ले जाया गया, जहां से उन्हें सिमडेगा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. सिमडेगा में उनका सिटी स्कैन किया गया. उनके सिर में खून का थक्का दिखाई दिया. डॉक्टरों के परामर्श से उन्हें रांची ले जाया गया है. उन्हें क्यूरेसेटा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. बता दें कि बिमल लाकड़ा राष्ट्रीय टीम में मिडफील्डर के रूप में खेलते थे. वह 2002 एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे. लाकड़ा के छोटे भाई बीरेंद्र लाकड़ा सीनियर और छोटी बहन असुंता लाकड़ा ने भी फील्ड हॉकी में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. खेत में गिर गये थे विमल लकड़ा इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार विमल लकड़ा बीते कुछ दिनों से सिमडेगा स्थित अपने पैतृक गांव में ही थे. जहां खेत में वे अचानक गिरकर बेहोश हो गये. सिमडेगा सदर अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रांची रेफर कर दिया. जानकारी के अनुसार उनके सिर में खून के थक्के जम गये हैं. फिलहाल रांची के क्यूरेस्टा अस्पताल के आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है. खेल जगत में चिंता का माहौल मालूम हो 45 वर्षीय विमल लकड़ा अपने हॉकी के करियर में कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उनके स्वास्थ्य की खबर सुनते ही हॉकी जगत, खेल प्रेमियों और उनके प्रशंसकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है. हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.  

IND vs ENG: Playing XI में उलटफेर तय? एजबेस्टन टेस्ट में ये हो सकते हैं नए चेहरे

नई दिल्ली भारत को चयन के मामले में पारंपरिक सोच से अलग हटकर इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच में फैसला लेना चाहिए। बल्लेबाजों की मददगार पिच पर ऐसे गेंदबाजों को चुनना होगा जो पूरे 20 विकेट ले सकें। हेडिंग्ले में पहले टेस्ट के आखिरी दिन इंग्लैंड ने जब 371 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया तब भारतीय टीम प्रबंधन ने खुद स्वीकार किया था कि कुलदीप यादव की कमी टीम को खली। सहायक कोच रियान टेन डोइशे ने कहा कि भारत टीम संयोजन तलाशने की कोशिश में है जिससे बल्लेबाजी की गहराई पर असर नहीं पड़े और ऐसे गेंदबाज भी हों जो 20 विकेट ले सकें। डोइशे ने कहा, रणनीति की बात करें तो हम हर गेंदबाज को व्यक्तिगत तौर पर देख रहे हैं कि वे विकेट ले सकते हैं या नहीं। हम संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं और सर्वश्रेष्ठ टीम संयोजन लेकर उतरना चाहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘टीम को पूरे 20 विकेट की जरूरत है । इंग्लैंड टीम भी इसी प्रयास में होगी और हमें उसका भी ध्यान रखना है । हम इस पर लगातार बात कर रहे हैं और हल निकालने की कोशिश में हैं।’’ बर्मिंघम में मौसम गर्म है और पिच पर ऊपर घास है लेकिन नीचे से यह सूखी है। इसी मैदान पर तीन साल पहले इंग्लैंड ने 378 रन का लक्ष्य हासिल करके श्रृंखला ड्रॉ कराई थी। पिछले कुछ साल में काउंटी क्रिकेट में इस मैदान पर काफी रन बने हैं। इस मैदान पर स्पिनरों की भूमिका अहम होगी और भारत को तय करना है कि वे रविंद्र जडेजा की मदद करने वाले वॉशिंगटन सुंदर को उतारेगा या विकेट लेने में माहिर कुलदीप को जगह मिलेगी। यह तो तय है कि भारत दो स्पिनरों के साथ उतरेगा। पहले टेस्ट में शार्दुल ठाकुर तेज गेंदबाज हरफनमौला थे लेकिन संभव है कि बल्लेबाजी हरफनमौला नीतिश कुमार रेड्डी को दूसरे टेस्ट में जगह मिले। ठाकुर ने पहले टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया लेकिन एक टेस्ट के बाद बाहर करना भी ज्यादती होगी। जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता पर भी संदेह है। अगर वह दूसरा टेस्ट नहीं खेलते हैं तो तेज गेंदबाजी का जिम्मा मोहम्मद सिराज, आकाश दीप और प्रसिद्ध कृष्णा संभालेंगे। बुमराह के नहीं खेलने पर इस तिकड़ी को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी होगी। हेडिंग्ले में पांचवें दिन टर्निंग पिच पर कोई कमाल नहीं कर सके जडेजा अपनी उपयोगिता साबित करने को बेताब होंगे। पहले टेस्ट में भारत की कैचिंग काफी खराब रही और यशस्वी जायसवाल को स्लिप से हटाना पड़ गया। पहले टेस्ट की दोनों पारियों में भारत के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने कोई योगदान नहीं दिया जिसमें सुधार करना होगा। पहले मैच में शतक लगाने वाले केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत और कप्तान शुभमन गिल इस लय को कायम रखना चाहेंगे। साइ सुदर्शन और करूण नायर को खराब शुरूआत के बावजूद फिर मौका मिल सकता है। दूसरी ओर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने परिवार में इमरजेंसी के कारण मैच से नाम वापिस ले लिया है लेकिन क्रिस वोक्स की अगुवाई में गेंदबाजी आक्रमण आत्मविश्वास से भरा है। उन्होंने दो बार भारत के पूरे दस विकेट लिये थे। टीमें : इंग्लैंड : जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोश टंग और शोएब बशीर। भारत: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नितीश रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा। समय: मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 पर शुरू होगा।  

अनूपपुर के ओमकार सिंह ने सीआईएसएम विश्व सैन्य शूटिंग चैम्पियनशिप 2025 में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता

अनूपपुर भारतीय सैन्य खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, भारतीय नौसेना के मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर (एमसीपीओ) ओमकार सिंह ने 55वीं सीआईएसएम विश्व सैन्य शूटिंग चैंपियनशिप 2025 में कांस्य पदक जीता है। यह चैंपियनशिप 23 से 29 जून तक नॉर्वे के एल्वरुम में टर्निंगमोएन शूटिंग रेंज में हुई, जिसमें 38 देशों के शीर्ष निशानेबाजों का उल्लेखनीय जमावड़ा लगा। 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में सिंह का प्रभावशाली प्रदर्शन एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि यह इस प्रतिष्ठित सैन्य शूटिंग प्रतियोगिता में भारत का पहला पदक है। उनका पोडियम फिनिश न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता को उजागर करता है, बल्कि वैश्विक खेल परिदृश्य पर भारतीय सैन्य एथलीटों की बढ़ती प्रमुखता को भी रेखांकित करता है। 8 अगस्त 1984 को मध्य प्रदेश में जन्मे सिंह ने पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करके अपनी ख्याति अर्जित की है। उनकी यह उपलब्धि भारतीय नौसेना की अनुशासित प्रशिक्षण और विकास कार्यक्रमों के माध्यम से एथलेटिक प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिससे एथलीट अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमकने में सक्षम होते हैं। चैंपियनशिप में भारतीय टीम में सशस्त्र बलों के छह निशानेबाज शामिल थे, जिनमें से प्रत्येक ने सराहनीय प्रदर्शन किया। हालांकि, सिंह का प्रदर्शन शानदार रहा, जिसका समापन राष्ट्रीय गौरव के क्षण में हुआ, जब पदक समारोह के दौरान भारतीय ध्वज को औपचारिक रूप से फहराया गया। कॉन्सिल इंटरनेशनल डु स्पोर्ट मिलिटेयर (CISM) द्वारा आयोजित इस चैंपियनशिप को दुनिया भर में सैन्य एथलीटों के लिए सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञ इस तरह की प्रतियोगिताओं में भारत की हालिया सफलताओं का श्रेय सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों द्वारा प्रदान की गई कठोर शारीरिक और मानसिक कंडीशनिंग को देते हैं। जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स साइंसेज में प्रकाशित शोध से संकेत मिलता है कि व्यवस्थित प्रशिक्षण सटीकता और लचीलेपन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है – प्रतिस्पर्धी शूटिंग में सफलता के लिए महत्वपूर्ण गुण।

भारत बनाम इंग्लैंड: विजय अभियान को जारी रखना चाहेगी भारतीय टीम, हरमनप्रीत की वापसी संभव

नई दिल्ली इंग्लैंड को पहले टी20 मैच में 97 रन से करारी शिकस्त देने के बाद भारतीय महिला टीम अब अगले मुकाबले के लिए तैयार है। मंगलवार को ब्रिस्टल में दोनों टीमें पांच मुकाबलों की सीरीज का दूसरा मुकाबला खेलेंगी। भारतीय महिला टीम ने 28 जून को खेले गए सीरीज के शुरुआती मुकाबले में 210 रन बनाए थे। भारत की ओर से स्मृति मंधाना ने 112 रन की शतकीय पारी खेली थी। इसके जवाब में इंग्लैंड 14.5 ओवरों में महज 113 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम पर शानदार जीत के बाद भारतीय टीम के हौसले बुलंद हैं। कप्तान हरमनप्रीत कौर टी20 सीरीज की शुरुआत से ठीक पहले प्रैक्टिस मैच के दौरान चोटिल हो गई थीं, जिसके चलते उन्हें पहले मुकाबले से आराम दिया गया। हालांकि, अब दूसरे टी20 मुकाबले में हरमनप्रीत कौर के उतरने की संभावना नजर आ रही है, जिससे भारत को बड़ा फायदा मिलने वाला है। भारत को इस मुकाबले में हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और हरलीन देओल से काफी उम्मीदें होंगी। वहीं, डेब्यू टी20 मैच में 12 रन देकर चार विकेट लेने वाली श्री चरणी एक बार फिर मेजबान टीम को परेशान कर सकती हैं। इनके अलावा राधा यादव और दीप्ति शर्मा को भी फैंस की उम्मीदों पर फिर से खरा उतरना होगा। यह सीरीज अगले साल इंग्लैंड में होने जा रहे टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के तौर पर देखी जा रही है, जिसमें भारत का स्पिन आक्रमण इंग्लैंड पर हावी नजर आ रहा है। भारत-इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच दूसरा टी20 मैच भारतीय समय के अनुसार रात 11 बजे से शुरू होगा। टॉस इससे आधा घंटे पहले होगा। फैंस इस मुकाबले का लाइव टेलीकास्ट ‘सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क’ पर देख सकेंगे, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग ‘सोनी लिव एप’ पर उपलब्ध होगी। भारतीय महिला टीम: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, हरलीन देओल, ऋचा घोष (विकेट कीपर), जेमिमा रोड्रिग्स, अमनजोत कौर, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, राधा यादव, अरुंधति रेड्डी, श्री चरणी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), यास्तिका भाटिया, सायाली सतघरे, क्रांति गौड़। इंग्लैंड महिला टीम: सोफिया डंकले, डेनिएल वैट-हॉज, नैट साइवर-ब्रंट (कप्तान), टैमी ब्यूमोंट, एमी जोंस (विकेट कीपर), एलिस कैप्सी, एम अर्लट, सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन फाइलर, लिन्सी स्मिथ, लॉरेन बेल, चार्लोट डीन, इस्सी वोंग, पैगे स्कोल्फील्ड।  

रवि शास्त्री ने कहा- गिल की अगुवाई वाली टीम को पांच मैचों की सीरीज में वापसी के लिए तुरंत जवाबी हमला करना होगा

नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले टीम इंडिया के लिए मैसेज भेजा है। शास्त्री ने कहा कि शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम को पांच मैचों की सीरीज में वापसी के लिए तुरंत जवाबी हमला करना होगा। टीम इंडिया को पूरे मैच में दबदबा बनाए रखने के बावजूद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। रवि शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू से कहा, “भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह तुरंत जवाबी हमला करे। जब आप इस तरह का टेस्ट मैच हारते हैं, एक ऐसा मुकाबला जिसमें आप ज्यादातर समय हावी रहते हैं और फिर आखिरी दिन हार जाते हैं। इंग्लैंड को अपना संयम बनाए रखने के लिए पूरा क्रेडिट मिलता हैं। ऐसे में सीरीज में वापसी करने के लिए बहुत अधिक जज्बे की जरूरत होती है।” उन्होंने आगे कहा, “अभी भी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के दूसरे टेस्ट में खेलने पर सवाल बना हुआ है, क्योंकि उनके वर्कलोड को मैनेज किया जा रहा है, जबकि टीम इस बात पर भी विचार कर रही है कि स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की मदद के लिए दूसरे स्पिनर को टीम में शामिल किया जाए, या नहीं।” शास्त्री ने कहा, “अब, बुमराह खेलेंगे या नहीं, यह तो कोई नहीं जानता। लेकिन उम्मीद करते हैं कि वह खेलेंगे, क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण टेस्ट मैच है। सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। बस आपको एक बार में एक मैच पर ध्यान देना है। यह पांच मैचों की सीरीज है। भारत वापसी की उम्मीद कर रहा होगा।” रवि शास्त्री का मानना है कि टेस्ट टीम के नए कप्तान शुभमन गिल ने सीरीज के पहले मैच में भारत की हार से बहुत कुछ सीखा होगा। शास्त्री को उम्मीद है कि युवा कप्तान सीरीज के बाकी मैचों में अधिक सक्रिय रहेंगे। रवि शास्त्री ने कहा, “लोग कहते हैं कि वह थोड़ा रिएक्टिव थे। ऐसा तब हो सकता है, जब आप अपना पहला टेस्ट मैच (बतौर कप्तान) खेल रहे हों। खासकर उस वक्त, जब बल्लेबाजी के लिए अच्छी परिस्थितियां हों। आउटफील्ड तेज हो, तो चीजें इस तरह से हो सकती हैं, लेकिन गिल ने इससे बहुत कुछ सीखा होगा। अब जब मौका आएगा तो वह थोड़ा और सक्रिय होना चाहेंगे, जिसका मतलब है कि गेंदबाजों और फील्डर्स को उन्हें सपोर्ट करना होगा। गिल को पता होना चाहिए कि उनकी भूमिका क्या है और उन्हें वहां जाकर उसे अंजाम देना चाहिए।”