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क्रिकेट को मिला नया हीरा! जानिए किस खिलाड़ी पर फिदा हुए रवि शास्त्री

नई दिल्ली भारत और इंग्लैंड के बीच बुधवार से मैनचेस्टर में चौथा टेस्ट खेला जाना है। भारतीय टीम कई खिलाड़ियों की चोट की समस्या से जूझ रही है। इंग्लैंड सीरीज के हर मैच की तरह चौथे टेस्ट से पहले भी यह चर्चा छिड़ी है कि स्पिनर कुलदीप यादव को मौका मिलेगा या नहीं। वह अब तक के सभी तीनों मैच में बेंच पर ही बैठे दिखे क्योंकि कोच गौतम गंभीर उनकी जगह पर ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को तरजीह देते आए हैं। इस बीच टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने सुंदर की तारीफ की है। उन्होंने ने यहां तक कहा है कि जब वह उन्हें पहली बार देखे तभी कहा था कि यही है, यही है वो आदमी। भविष्य का स्टार ऑलराउंडर। मैनचेस्टर टेस्ट में कुलदीप यादव खेलते दिखेंगे या वॉशिंगटन सुंदर की वजह से उनका पत्ता कट जाएगा, इसका जवाब तो बुधवार सुबह मैच से पहले ही मिलेगा। लेकिन शास्त्री ने गौतम गंभीर के भरोसेमंद खिलाड़ी पर ही अपना भरोसा जताया है। आईसीसी रिव्यू पर बोलते हुए शास्त्री ने याद किया कि जब वह पहली बार वॉशिंगटन सुंदर को देखे थे तब क्या सोचा था। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा, ‘मैं हमेशा से वॉशिंगटन को प्यार करता हूं। जब मैंने पहले दिन उसे देखा तब कहा कि यही है वो आदमी। और वह भारत के लिए आने वाले कई सालों तक एक असली ऑलराउंडर साबित हो सकता है।’ शास्त्री ने आगे कहा, 'और फिर वह तो अभी सिर्फ 25 वर्ष का है। मुझे लगता है कि उसे और ज्यादा टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहिए था। वह भारत की घुमावदार पिचों पर घातक साबित हो सकता है, जैसा कि न्यूजीलैंड को महसूस हुआ। उसने कुछ सीनियर स्पिनरों से भी अच्छी गेंदबाजी की। उसने बहुत शानदार गेंदबाजी की और वह बल्लेबाजी भी कर सकता है।' शास्त्री ने वॉशिंगटन सुंदर को बल्लेबाजी में प्रमोट करके छठे नंबर पर उतारने की सलाह दी है। 7वें या उससे नीचे के नंबर पर बल्लेबाजी करने के बावजूद सुंदर ने 38.92 की औसत से रन बनाए हैं। इसमें 4 अर्धशतक हैं जिसमें से पहला तो गाबा टेस्ट में उसकी पहली ही पारी में आया था जहां उन्होंने पहली पारी में दबाव वाली स्थिति में 62 रन बनाए ते। उसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ होम सीरीज में 85 रन की नाबाद और 96 रनों की पारी खेली थी। शास्त्री ने कहा, 'वह एक स्वाभाविक प्रतिभावान बल्लेबाज है। वह 8वें नंबर का नहीं है। वह जल्द ही बैटिंग लाइनअप में छठे नंबर पर जा सकता है।' वॉशिंगटन सुंदर ने 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा टेस्ट से इंटरनेशनल क्रिकेट के लॉन्ग फॉर्मेट में डेब्यू किया था। उस मैच में भारत ने यादगार जीत हासिल की थी। सुंदर ने उस मैच में पैट कमिंस की गेंद पर शानदार पुल-शॉट के जरिए सिक्स भी जड़ा था। उन्होंने अब तक 11 टेस्ट खेले हैं जिसमें 545 रन बनाए हैं और 30 विकेट भी झटके हैं। मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर उनके बल्ले से अब तक 77 रन आए हैं और गेंद से 5 विकेट लिए हैं।  

पाकिस्तान की लीग पर सवाल: क्या पॉइंट्स की लड़ाई ने WCL की साख गिराई?

नई दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) 2025 पाकिस्तानी टीम की हरकत से मजाक सा बनकर रह गई है। लीग भी कम जिम्मेदार नहीं दिख रही। वह खुद ही अपनी भद्द पिटवाती दिख रही। कोई मैच है तो उसका परिणाम तो होगा ही- किसी की जीत, किसी की हार या टाई या फिर अनिर्णित। अगर मैच रद्द हो तब भी उसके नियम तो होंगे ही कि उसके पॉइंट्स का क्या होगा। लेकिन यह लीग तो वाकई कमाल की है। मैच रद्द होने के 2-3 दिन बाद तक नहीं पता कि पॉइंट्स का क्या हुआ? एक टीम उछल-उछलकर कहती फिर रही- हमें तो दोनों पॉइंट चाहिए, दोनों पॉइंट चाहिए। हम पॉइंट नहीं बांटेंगे। गली क्रिकेट के बच्चे भी ऐसा नहीं करते होंगे।   पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में इंडिया चैंपियंस बनाम पाकिस्तान चैंपियंस के मैच को लेकर सोशल मीडिया पर आक्रोश दिखा। उसके बाद भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ियों ने मैच खेलने से इनकार कर दिया। नतीजा ये हुआ कि आयोजकों ने रविवार को बर्मिंघम के एजबेस्टन में होने वाले मैच को रद्द कर दिया। भारतीय टीम के खिलाड़ी शिखर धवन की माने तो उन्होंने 11 मई को ही आयोजकों से साफ कर दिया था कि वह पाकिस्तान के साथ हरगिज मैच नहीं खेलेंगे। पाकिस्तानी टीम की दलील है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार है क्योंकि वही पीछे हटी। लिहाजा दोनों अंक उसे मिलेंगे। अंकों पर लेकर ऊहापोह और अनिश्चितता WCL का ही मजाक उड़ा रही है। एक ऐसी लीग जिसे इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की मंजूरी प्राप्त है। कुछ तो नियम होंगे? मैच रद्द हुआ तो अंक बंटने के नियम तो होंगे? अगर किसी मैच के रद्द होने के लिए कोई टीम जिम्मेदार है तो उस स्थिति में भी तो नियम होंगे? अगर नियम पाकिस्तान की दलीलों के पक्ष में हैं तो उसे दो अंक मिलने चाहिए। लेकिन अनिश्चिता से तो डब्लूसीएल की भद्द ही पिट रही है। जो जानकारी आ रही है, उसके हिसाब से WCL ने स्पष्ट किया है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार नहीं है। तब अंक वितरण में तो कोई पेच ही नहीं रहा। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में WCL के एक सूत्र ने कहा है कि मैच रद्द होने के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है। सूत्र ने कहा, 'WCL ने इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को बता दिया है कि बतौर आयोजक वे मैच कराने में समर्थ नहीं हैं। इंडिया चैंपियंस टीम की गलती नहीं है। पाकिस्तान चैंपियंस टीम पॉइंट शेयर करने की इच्छुक नहीं है क्योंकि उनका कहना है कि मैच से पीछे भारत हटा, वे नहीं।'  

पाकिस्तान की लीग पर सवाल: क्या पॉइंट्स की लड़ाई ने WCL की साख गिराई?

नई दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) 2025 पाकिस्तानी टीम की हरकत से मजाक सा बनकर रह गई है। लीग भी कम जिम्मेदार नहीं दिख रही। वह खुद ही अपनी भद्द पिटवाती दिख रही। कोई मैच है तो उसका परिणाम तो होगा ही- किसी की जीत, किसी की हार या टाई या फिर अनिर्णित। अगर मैच रद्द हो तब भी उसके नियम तो होंगे ही कि उसके पॉइंट्स का क्या होगा। लेकिन यह लीग तो वाकई कमाल की है। मैच रद्द होने के 2-3 दिन बाद तक नहीं पता कि पॉइंट्स का क्या हुआ? एक टीम उछल-उछलकर कहती फिर रही- हमें तो दोनों पॉइंट चाहिए, दोनों पॉइंट चाहिए। हम पॉइंट नहीं बांटेंगे। गली क्रिकेट के बच्चे भी ऐसा नहीं करते होंगे।   पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में इंडिया चैंपियंस बनाम पाकिस्तान चैंपियंस के मैच को लेकर सोशल मीडिया पर आक्रोश दिखा। उसके बाद भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ियों ने मैच खेलने से इनकार कर दिया। नतीजा ये हुआ कि आयोजकों ने रविवार को बर्मिंघम के एजबेस्टन में होने वाले मैच को रद्द कर दिया। भारतीय टीम के खिलाड़ी शिखर धवन की माने तो उन्होंने 11 मई को ही आयोजकों से साफ कर दिया था कि वह पाकिस्तान के साथ हरगिज मैच नहीं खेलेंगे। पाकिस्तानी टीम की दलील है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार है क्योंकि वही पीछे हटी। लिहाजा दोनों अंक उसे मिलेंगे। अंकों पर लेकर ऊहापोह और अनिश्चितता WCL का ही मजाक उड़ा रही है। एक ऐसी लीग जिसे इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की मंजूरी प्राप्त है। कुछ तो नियम होंगे? मैच रद्द हुआ तो अंक बंटने के नियम तो होंगे? अगर किसी मैच के रद्द होने के लिए कोई टीम जिम्मेदार है तो उस स्थिति में भी तो नियम होंगे? अगर नियम पाकिस्तान की दलीलों के पक्ष में हैं तो उसे दो अंक मिलने चाहिए। लेकिन अनिश्चिता से तो डब्लूसीएल की भद्द ही पिट रही है। जो जानकारी आ रही है, उसके हिसाब से WCL ने स्पष्ट किया है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार नहीं है। तब अंक वितरण में तो कोई पेच ही नहीं रहा। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में WCL के एक सूत्र ने कहा है कि मैच रद्द होने के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है। सूत्र ने कहा, 'WCL ने इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को बता दिया है कि बतौर आयोजक वे मैच कराने में समर्थ नहीं हैं। इंडिया चैंपियंस टीम की गलती नहीं है। पाकिस्तान चैंपियंस टीम पॉइंट शेयर करने की इच्छुक नहीं है क्योंकि उनका कहना है कि मैच से पीछे भारत हटा, वे नहीं।'  

मैनचेस्टर में आज तक नहीं जीता भारत, क्या इस बार दिखेगा नया इरादा?

नई दिल्ली पिछले मैच में हार और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल हो जाने के बावजूद भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में मजबूत इरादे से उतरेगी। भारतीय टीम श्रृंखला में वापसी करने और ओल्ड ट्रैफर्ड में पहली बार जीत हासिल करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। भारत को हालांकि अभी तक आजमाए गए अपने फॉर्मूले से हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। लीड्स में पहले टेस्ट के बाद भारत ने अंतिम एकादश में तीन ऑलराउंडरों को शामिल किया था। इनमें नीतीश रेड्डी भी शामिल थे, जो घुटने की चोट के कारण अब श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे दो स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर की मौजूदगी में भारत के पास आठवें नंबर तक बल्लेबाज़ी करने की गुंजाइश थी। मैनचेस्टर में ऐसा शायद न हो, जहां भारतीय टीम अभी तक जीत हासिल नहीं कर पाई है। भारत ने यहां अभी तक नौ मैच खेले हैं जिनमें से चार में उसे पराजय का सामना करना पड़ा जबकि बाकी पांच मैच ड्रॉ रहे। इंग्लैंड वर्तमान श्रृंखला में अभी 2-1 से आगे चल रहा है और अगर भारत को पांच मैच की इस श्रृंखला को जीवंत बनाए रखना है तो उसे यहां हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले शार्दुल ठाकुर को रेड्डी की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है लेकिन उनका बल्लेबाजी में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। अगर उन्हें टीम में लिया जाता है तो उन्हें गेंदबाज़ी में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना होगा क्योंकि रेड्डी ने लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में महत्वपूर्ण अवसरों पर विकेट लिए थे। भारत लीड्स के संयोजन को फिर से आजमा सकता है, जहां उसके पास जडेजा के रूप में केवल एक स्पिनर था और छठे नंबर तक विशेषज्ञ बल्लेबाज थे, जिसमें करुण नायर और साई सुदर्शन दोनों अंतिम एकादश में थे। इसके अलावा नए तेज़ गेंदबाज़ अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा भी अंतिम एकादश में जगह बनाने के दावेदार हैं। अगर आकाश दीप कमर की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाते हैं, तो इनमें से कोई भी उनकी जगह ले सकता है। आकाश दीप की तरह, कंबोज भी अच्छी सीम मूवमेंट पैदा कर सकते हैं। वह भारत ए के इंग्लैंड दौरे का भी हिस्सा थे और इस तरह से यहां की परिस्थितियों से कुछ हद तक वाकिफ हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का अंतिम एकादश में जगह बनाना तय है। लॉर्ड्स में श्रृंखला में पहली बार भारतीय बल्लेबाज नहीं चल पाए थे और और अगर भारत को श्रृंखला में वापसी करनी है तो कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई वाली बल्लेबाजी लाइन-अप को फिर से अच्छा प्रदर्शन करना होगा। गिल तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन इसके बावजूद श्रृंखला में उनके नाम पर 600 से अधिक रन दर्ज हैं। भारत के लिए उनका बड़ा स्कोर काफी मायने रखता है। जोफ्रा आर्चर ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सफल वापसी में यशस्वी जायसवाल को दो बार आउट किया और यह बाएं हाथ का बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाज की अतिरिक्त गति से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होगा। गिल ने भले ही श्रृंखला में भारत की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए हैं लेकिन वह के एल राहुल हैं जो अधिक विश्वसनीय बल्लेबाज नजर आए। भारत को फिर से उनसे ठोस प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। मैच से पहले भारत के अभ्यास सत्र को देखकर लगता है कि ऋषभ पंत अपनी उंगली की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और हमेशा की तरह अपनी दोहरी जिम्मेदारी निभाएंगे। अगर नायर को एक और मौका मिलता है, तो वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए बेताब होंगे। लगातार चार अर्धशतक लगाने वाले जडेजा मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं लेकिन उन्हें गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के अन्य स्थानों की तुलना में भारत को मैनचेस्टर में कम खेलने का मौका मिला है। उसने यहां अपना आखिरी टेस्ट मैच 2014 में खेला था। इस मैदान पर भारत की तरफ से आखिरी शतक सचिन तेंदुलकर ने 1990 में लगाया था। भारत की निगाह जहां श्रृंखला बराबर करने पर टिकी हैं वहीं इंग्लैंड अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा। जैसा कि आमतौर पर होता है, बेन स्टोक्स ने मैच से पहले अपनी अंतिम एकादश चुनी और उनकी टीम में एकमात्र बदलाव चोटिल शोएब बशीर की जगह लियाम डॉसन को शामिल करना है। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने इंग्लैंड के लिए अपना आखिरी मैच जुलाई 2017 में खेला था। मैनचेस्टर में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है और मैच के पांचों दिन हल्की वर्षा होने का अनुमान है। इससे तेज गेंदबाजों को फायदा मिल सकता है। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज। इंग्लैंड की टीम: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर।  

मैनचेस्टर में आज तक नहीं जीता भारत, क्या इस बार दिखेगा नया इरादा?

नई दिल्ली पिछले मैच में हार और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल हो जाने के बावजूद भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में मजबूत इरादे से उतरेगी। भारतीय टीम श्रृंखला में वापसी करने और ओल्ड ट्रैफर्ड में पहली बार जीत हासिल करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। भारत को हालांकि अभी तक आजमाए गए अपने फॉर्मूले से हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। लीड्स में पहले टेस्ट के बाद भारत ने अंतिम एकादश में तीन ऑलराउंडरों को शामिल किया था। इनमें नीतीश रेड्डी भी शामिल थे, जो घुटने की चोट के कारण अब श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे दो स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर की मौजूदगी में भारत के पास आठवें नंबर तक बल्लेबाज़ी करने की गुंजाइश थी। मैनचेस्टर में ऐसा शायद न हो, जहां भारतीय टीम अभी तक जीत हासिल नहीं कर पाई है। भारत ने यहां अभी तक नौ मैच खेले हैं जिनमें से चार में उसे पराजय का सामना करना पड़ा जबकि बाकी पांच मैच ड्रॉ रहे। इंग्लैंड वर्तमान श्रृंखला में अभी 2-1 से आगे चल रहा है और अगर भारत को पांच मैच की इस श्रृंखला को जीवंत बनाए रखना है तो उसे यहां हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले शार्दुल ठाकुर को रेड्डी की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है लेकिन उनका बल्लेबाजी में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। अगर उन्हें टीम में लिया जाता है तो उन्हें गेंदबाज़ी में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना होगा क्योंकि रेड्डी ने लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में महत्वपूर्ण अवसरों पर विकेट लिए थे। भारत लीड्स के संयोजन को फिर से आजमा सकता है, जहां उसके पास जडेजा के रूप में केवल एक स्पिनर था और छठे नंबर तक विशेषज्ञ बल्लेबाज थे, जिसमें करुण नायर और साई सुदर्शन दोनों अंतिम एकादश में थे। इसके अलावा नए तेज़ गेंदबाज़ अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा भी अंतिम एकादश में जगह बनाने के दावेदार हैं। अगर आकाश दीप कमर की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाते हैं, तो इनमें से कोई भी उनकी जगह ले सकता है। आकाश दीप की तरह, कंबोज भी अच्छी सीम मूवमेंट पैदा कर सकते हैं। वह भारत ए के इंग्लैंड दौरे का भी हिस्सा थे और इस तरह से यहां की परिस्थितियों से कुछ हद तक वाकिफ हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का अंतिम एकादश में जगह बनाना तय है। लॉर्ड्स में श्रृंखला में पहली बार भारतीय बल्लेबाज नहीं चल पाए थे और और अगर भारत को श्रृंखला में वापसी करनी है तो कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई वाली बल्लेबाजी लाइन-अप को फिर से अच्छा प्रदर्शन करना होगा। गिल तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन इसके बावजूद श्रृंखला में उनके नाम पर 600 से अधिक रन दर्ज हैं। भारत के लिए उनका बड़ा स्कोर काफी मायने रखता है। जोफ्रा आर्चर ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सफल वापसी में यशस्वी जायसवाल को दो बार आउट किया और यह बाएं हाथ का बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाज की अतिरिक्त गति से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होगा। गिल ने भले ही श्रृंखला में भारत की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए हैं लेकिन वह के एल राहुल हैं जो अधिक विश्वसनीय बल्लेबाज नजर आए। भारत को फिर से उनसे ठोस प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। मैच से पहले भारत के अभ्यास सत्र को देखकर लगता है कि ऋषभ पंत अपनी उंगली की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और हमेशा की तरह अपनी दोहरी जिम्मेदारी निभाएंगे। अगर नायर को एक और मौका मिलता है, तो वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए बेताब होंगे। लगातार चार अर्धशतक लगाने वाले जडेजा मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं लेकिन उन्हें गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के अन्य स्थानों की तुलना में भारत को मैनचेस्टर में कम खेलने का मौका मिला है। उसने यहां अपना आखिरी टेस्ट मैच 2014 में खेला था। इस मैदान पर भारत की तरफ से आखिरी शतक सचिन तेंदुलकर ने 1990 में लगाया था। भारत की निगाह जहां श्रृंखला बराबर करने पर टिकी हैं वहीं इंग्लैंड अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा। जैसा कि आमतौर पर होता है, बेन स्टोक्स ने मैच से पहले अपनी अंतिम एकादश चुनी और उनकी टीम में एकमात्र बदलाव चोटिल शोएब बशीर की जगह लियाम डॉसन को शामिल करना है। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने इंग्लैंड के लिए अपना आखिरी मैच जुलाई 2017 में खेला था। मैनचेस्टर में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है और मैच के पांचों दिन हल्की वर्षा होने का अनुमान है। इससे तेज गेंदबाजों को फायदा मिल सकता है। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज। इंग्लैंड की टीम: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर।  

गर्व की बात: चतरू चौधरी ने वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास

बालोतरा  पश्चिम राजस्थान के सरहदी बालोतरा जिले के छोटे से गांव लापला की बेटी चतरू ने वो कर दिखाया है जो बड़े-बड़े शहरों के खिलाड़ी भी नहीं कर पाते है. चतरू का सपना बड़ा था, लेकिन हालात नहीं. पिता एक साधारण किसान हैं. बेटी की खेल प्रतिभा को देखकर उन्होंने कर्ज लिया और हरहाल में बेटी को आगे बढ़ाने की ठानी. अब चतरू ने भी समाज की सोच से लड़ते हुए अमेरिका में गोल्ड मेडल जीतकर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है बल्कि गांव और जिले का भी नाम रोशन किया है. चतरू के गांववालों ने खूब ताने दिए. कुछ ने तो कहा  “लड़की होकर क्या कर लेगी?” लेकिन पिता ने हार नहीं मानी और चतरू ने भी दिन-रात मेहनत जारी रखी. सीमित संसाधनों, आर्थिक परेशानियों और सामाजिक दवाब के बीच पली-बढ़ी चतरू ने अमेरिका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का परचम लहराया है. गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत रेत के दरिया के बीच कच्ची झोपड़ी से निकलकर सात समंदर पार अमेरिका में गोल्ड जीतने का कीर्तिमान रचने वाली पुलिस कांस्टेबल चतरू का वतन वापसी पर जोरदार स्वागत किया गया. विश्व मंच पर राजस्थान पुलिस के चमके सितारों में थार की बेटी के शामिल होने से हर थार का बाशिंदा उसे आशीर्वाद और बधाई देता नजर आया. उत्साही लोगों ने डीजे बजाया और चतरू चौधरी को फूल मालाओं से लाद दिया. अमेरिका के अलबामा में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में भाग लेने के लिए बीते दिनों राजस्थान पुलिस का दल अमेरिका पहुंचा था. इस दल में बायतु के छोटे से गांव लापला के किसान की बेटी चतरू चौधरी के प्रदर्शन पर पूरे मरुधरा की निगाहें थी. चतरू ने अपने प्रदर्शन से किसी भी थार वासी को निराश नहीं किया है. चतरू ने 11 किलोमीटर और 21 किलोमीटर रिले रेस में गोल्ड मैडल जीता है. वहीं 400 मीटर और 800 मीटर में उसने कांस्य पदक जीता है. वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में राजस्थान पुलिस के जाँबाजो की इस स्वर्णिम जीत के बाद पूरे राज्य में खुशी का माहौल है. राजस्थान पुलिस ने 29 पदक अर्जित किए है जिनमे 17 स्वर्ण पदक, 5 रजत पदक और 7 कांस्य पदक जीते है. कर्ज लेकर पिता ने करवाई तैयारी राजस्थान पुलिस की कचनार चौधरी, राजबाला और चतरू ने खाकी का नाम रोशन किया है.  वतन वापसी पर लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए चतरू ने बताया कि पिता ने कर्ज लेकर खेल की तैयारी करवाई और उसने भी पिता का मान रखते हुए अमेरिका में गोल्ड जीता है. वह बताती है कि गांव में न तो कोई खेल मैदान है और न ही संसाधन. ऐसे में गांव की प्रतिभाओं को उचित मंच नहीं मिल पाता है, जिससे वह अपनी प्रतिभा को नही निखार पाती है.

पूर्व पाक ओपनर ने की मांग- पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप और ओलंपिक में भी मत खेलना, वादा करो

नई दिल्ली  डब्ल्यूसीएल यानी वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के मैच में भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से मना कर दिया था। इसके बाद बवाल छिड़ गया है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तमाम बातें हो रही हैं। पाकिस्तान परस्त आतंकवादी अक्सर भारतीय सेना और भारतीय लोगों को निशाना बनाते हैं। इसी वजह से इस लीग में खेल रहे भारतीय क्रिकेटरों ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बायकॉट कर दिया। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सलमान बट ने कहा है कि भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप और ओलंपिक गेम्स में भी खेलने से इनकार कर देना चाहिए। भारत और पाकिस्तान सिर्फ मल्टी टीम इवेंट्स में ही एकदूसरे से भिड़ते हैं। इस पर सलमान बट ने भारतीय टीम से वादा मांगा कि जब दोनों टीमें आईसीसी प्रतियोगिता में एक दूसरे के खिलाफ खेलेंगी तो वे इसी रुख को बनाए रखें। जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले की बात आती है, तो अक्सर ऐसी खबरें चर्चा में आ जाती हैं, लेकिन जब दोनों देशों के बीच अन्य खेल मुकाबले होते हैं, तो ऐसा नहीं होता। बट चाहते हैं कि ओलंपिक जैसे आयोजनों में भी भारत बनाम पाकिस्तान के खेल मुकाबलों पर रोक लगा दी जाए। सलमान बट ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "पूरी दुनिया उनके बारे में बात कर रही है – उन्होंने पूरे क्रिकेट और प्रशंसकों को क्या संदेश दिया है? आप क्या दिखाना चाह रहे हैं? आप क्या साबित करना चाह रहे हैं? अब विश्व कप में मत खेलो…किसी भी ICC टूर्नामेंट में हमारे खिलाफ मत खेलो। ये वादा करो। देखो, हम समझते हैं कि हर चीज की अपनी जगह होती है, लेकिन अब जब आप आपस में जुड़ रहे हैं, तो किसी भी स्तर या टूर्नामेंट में हमारे खिलाफ मत खेलो। ओलंपिक में भी नहीं। कृपया ऐसा करो। मुझे देखना अच्छा लगेगा। दांव बहुत ऊंचा होगा, और मैं देखूंगा कि वे उस स्तर पर कितना राष्ट्रवाद दिखा सकते हैं।" पाकिस्तान के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा कि उनके नजरिए से WCL का फैसला 'दबाव' भरा लग रहा था। सलमान बट ने आगे कहा, "यह कैसी मानसिकता है? मैं समझ नहीं पा रहा हूं। यह फैसला कौन ले रहा है? जिन 4-5 लोगों ने नहीं खेलने का फैसला किया, उनकी वजह से, दूसरे लोग, जिनकी शायद खेलने की मानसिकता थी, दबाव में थे।"  

भारत को बूस्ट: बुमराह खेलेंगे मैनचेस्टर टेस्ट, सिराज ने दी खुशखबरी

मैनचेस्टर भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने इस बात की पुष्टि की है कि जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ 23 जुलाई से होने वाले चौथे टेस्ट मैच में खेलेंगे। बुमराह का मैनचेस्टर टेस्ट में खेलना चर्चा का विषय रहा है क्योंकि टीम प्रबंधन ने बताया था कि बुमराह इस सीरीज में सिर्फ तीन मैच ही खेलेंगे। बुमराह पहले और तीसरे टेस्ट में उपलब्ध रहे थे, जबकि कार्यभार प्रबंध के चलते दूसरे टेस्ट से उन्हें आराम दिया गया था। बुमराह को खिलाने की पैरवी क्रिकेट प्रशंसक और अनिल कुंबले सहित कुछ पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि बुमराह को मैनचेस्टर टेस्ट में खेलना चाहिए क्योंकि भारत के लिए यह मुकाबला काफी अहम है। भारत पांच मैचों की इस सीरीज में फिलहाल 1-2 से पीछे चल रहा है और उसे सीरीज में बने रहने के लिए चौथा टेस्ट मैच जीतना जरूरी है। ऐसे में बुमराह का इस टेस्ट मैच में खेलना काफी महत्वपूर्ण है। टीम संयोजन पर सिराज ने साधी चुप्पी सिराज ने कहा, 'जितना पता है बुमराह भाई तो खेलेंगे।' मैच के लिए टीम संयोजन के बारे में पूछे जाने पर सिराज ने चुप्पी साधे रखी और कहा कि जो भी लाइनअप चुना जाएगा वह टीम के सर्वोत्तम हित में होगा। उन्होंने कहा, 'मुझे संयोजन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। जो भी चुना जाएगा, वह टीम के लिए सबसे अच्छा होगा।' बुमराह ने अब तक खेले दो मैचों में 12 विकेट लिए हैं, जिसमें दो बार उन्होंने पारी में पांच विकेट भी लिए हैं। भारत के लिए आसान नहीं राह भारतीय टीम अब सीरीज में वापसी के लिए बेताब होगी। भारत के लिए हालांकि, मैनचेस्टर की चुनौती आसान नहीं रहने वाली है। भारत ने अब तक मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में कुल नौ टेस्ट खेले हैं। इसमें से चार टेस्ट इंग्लैंड जीतने में कामयाब रहा है, जबकि पांच टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। टीम इंडिया के पास हार और ड्रॉ के इस सिलसिले को तोड़ने का बेहतरीन मौका है और एक जीत सीरीज को दिलचस्प बना देगी।  

मिशेल ओवेन का ऐतिहासिक डेब्यू, पहले ही मैच में रचा रिकॉर्ड, अर्धशतक के साथ दिग्गजों की लिस्ट में शामिल

मेलबर्न  ऑस्ट्रेलिया ने 5 मैचों की टी20 सीरीज के पहले मैच में वेस्टइंडीज के 3 विकेट से मात देकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. 190 रनों के लक्ष्य को मेहमान टीम ऑस्ट्रेलिया ने 7 गेंद शेष रहते ही हासिल कर लिया. ये मैच ऑस्ट्रेलियाई डेब्यूटंट मिशेल ओवेन के नाम रह, जिन्होंने मैच में कई उपलब्धियां हासिल की. मिशेल ओवेन ने डेब्यू मैच में रचा इतिहास मिशेल ओवेन ने अपने पदार्पण मैच में ही शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 27 गेंदों पर 50 रनों की तेज पारी खेली, जिसमें 6 छक्के शामिल थे. इसके साथ वो डेब्यू मैच में अर्धशतक जड़ने वाले तीसरे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बन गए. इससे पहले ये कारना रिकी पोंटिंग और डेविड वॉर्नर अंजाम दे चुके है. मैच में शानदार और मैच जिताऊ पारी खेलने की वजह से मिशेल ओवेन को प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया गया. जिसके साथ वो डेब्यू मैच में ये अवॉर्ड जीतने वाले चौथे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज भी बन गए हैं. इससे पहले इस लिस्ट में रिकी पोंटिंग (2005), कैमरून व्हाइट (2007), और डेविड वॉर्नर (2009) का नाम शामिल है. इसके अलावा ओवेन ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. वो सबसे ज्यादा 186.34 की स्ट्राइक रेट से 1,000 टी20 रन पूरा करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. इससे पहले ये रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के फिन एलन के नाम था, जिन्होंने 173.81 की स्ट्राइक रेट के साथ 1000 रन पूरा किया था. WI vs AUS पहले टी20 मैच की हाइलाइट्स वेस्टइंडीज बनाम ऑस्ट्रेलिया पहले टी20 मैच की बात करें तो मेहमान टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबान टीम नें पूरे 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 189 रन बनाए. जिसमें कप्तान शाई होप के 39 गेंद में 55 रन, रोस्टन चेस के 32 गेंद में 60 रन और शिमरन हेटमायर के 19 गेंद में 38 रन सबसे ज्यादा थे. ऑस्ट्रेलिया की ओर से ड्वार्शुइस ने 23 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि ओवेन, सीन एबॉट और कॉनॉली ने एक-एक विकेट लिया. 190 रनों के के मुश्किल लक्ष्य को मेहमान टीम ने ओवेन और कैमरून ग्रीन के अर्धशतकों की बदौलत सात गेंद शेष रहते ही चेस कर लिया. ओवेन 27 गेंद पर 50 और ग्रीन ने 26 गेंद पर 51 रनों की पारी खेली. वेस्टइंडीज की ओर से जेसन होल्डर, अल्जारी जोसेफ और गुडकेश मोटी ने 2-2 विकेट लिए, जबकि अकिला हुसैन को एक विकेट मिला. सीरीज का दूसरा मैच इसी ग्राउंड पर 23 जुलाई को खेला जाएगा.

भारत में खेलने से डर गई पाकिस्तानी हॉकी टीम, टूर्नामेंट से किया किनारा

कराची  एशिया कप हॉकी 2025 का आयोजन अगले महीने भारत में होना है. इस टूर्नामेंट में पाकिस्तानी टीम के भाग लेने पर सस्पेंस खड़ा हो गया है. पाकिस्तानी हॉकी टीम भारत आकर इस टूर्नामेंट में भाग नहीं लेना चाहती है. पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) और एशियन हॉकी फेडरेशन (AHF) को सूचित किया है कि एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में टीम भेजना उसके लिए मुश्किल होगा. PHF ने पत्र में क्या लिखा? पाकिस्तानी हॉकी महासंघ ने इसके पीछे की वजह सुरक्षा कारणों को बताया है. पाकिस्तान हॉकी महासंघ के प्रमुख तारीक बुगती ने कहा कि मौजूदा हालात में पाकिस्तानी टीम को सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लेने को लेकर संकोच जताया है. तारिक बुगती ने कहा, 'हमने FIH और AHF को पत्र लिखा है कि मौजूदा हालात में भारत जाकर खेलना हमारी टीम के लिए जोखिम भरा हो सकता है. हमने उन्हें सूचित कर दिया है कि हमारे खिलाड़ी एशिया कप के लिए भारत आने के इच्छुक नहीं हैं, जो कि एक डायरेक्ट क्वालिफाइंग टूर्नामेंट है.' तारिक बुगती ने कहा कि अब इस टूर्नामेंट के आयोजन और पाकिस्तान के मैचों के बारे में निर्णय लेने की जिम्मेदारी एफआईएच और एएचएफ पर है. उन्होंने कहा, 'हमने उनसे पूछा है कि क्या गारंटी है कि हमारे खिलाड़ी भारत में सुरक्षित रहेंगे और टूर्नामेंट पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे.' तारिक का बयान हास्यास्पद तारिक बुगती का बयान काफी हास्यास्पद लगता है. पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देने वाला देश है और सुरक्षा चिंताएं तो सबसे ज्यादा उनके देश में है. भारत बड़े-बड़े खेल टूर्नामेंट की मेजबानी कर चुका है और दुनिय भर के खिलाड़ी भारत में आकर खेलना चाहते हैं. पाकिस्तान सरकार ने अभी तक मुद्दे कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन हाल ही में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि टीम भारत नहीं आएगी. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इसी तरह की धमकी 2023 के क्रिकेट वर्ल्ड कप से पहले दी थी. तब उसने अपनी टीम को शुरुआत में भारत भेजने से इनकार किया था. लेकिन बाद में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम भारत आई. ये अलग बात रही कि उसका प्रदर्शन उस टूर्नामेंट में बेहद खराब रहा था और वो सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच सकी थी.