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21वीं सदी की IND vs ENG बेस्ट XI, आकाश चोपड़ा ने रोहित-धोनी समेत कई दिग्गजों को नहीं दी जगह

नई दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा एक्सपर्ट आकाश चोपड़ा ने 21वीं सदी में खेलने वाले भारतीय और इंग्लिश क्रिकेटरों की एक संयुक्त टेस्ट XI चुनी है। इस टीम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, विराट कोहली और एलिस्टर कुक जैसे कई दिग्गज है, वहीं ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह जैसे युवा खिलाड़ियों को भी जगह मिली है। हालांकि पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और एमएस धोनी जैसे कई बड़े नाम लिस्ट से गायब है। आईए एक नजर डालते हैं आकाश चोपड़ा की 21वीं सदी की इंडिया वर्सेस इंग्लैंड XI पर- आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस टीम को चुनते हुए कहा, "सलामी बल्लेबाज कौन होना चाहिए? मुझे लगता है कि इसमें कोई सवाल या संदेह नहीं है। आपको वीरेंद्र सहवाग को एक तरफ रखना होगा। उनके नाम दो तिहरे शतक और ढेरों रन हैं। उनके अलावा, एलिस्टर कुक को भी कोई चुनौती नहीं दे रहा है। एक लगातार मारता है, दूसरा जिद के साथ अड़ा रहता है, लेकिन दोनों रन बनाते हैं। इसके बाद सबसे मुश्किल सवाल आता है – राहुल द्रविड़ या जो रूट? मैं इस सवाल पर पूरी तरह से बंटा हुआ हूं। चूंकि मैं भारतीय हूं और जैमी के साथ खेल चुका हूं, इसलिए मैं निश्चित तौर पर राहुल भाई को अपनी टीम में रखना चाहूंगा, लेकिन अगर आप जो रूट को अपनी टीम में रखते हैं तो मैं आपसे बहस नहीं करूंगा। नंबर 4 पर कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। मैं सचिन तेंदुलकर के साथ हूं। आप इसके खिलाफ क्यों बहस करेंगे? वह अब तक के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। आप सोच रहे होंगे कि क्या कोई और वहां हो सकता था नहीं। पांचवें नंबर पर चर्चा चल रही है। केविन पीटरसन या विराट कोहली हो सकते हैं। अगर आप अंग्रेज हैं तो आप पीटरसन को चुनना चाहेंगे, लेकिन फिर विराट कोहली भी हैं। मुझे नहीं पता कि आप विराट कोहली को कैसे बाहर रख सकते हैं। इसलिए मैं पांचवें नंबर पर विराट कोहली को रखूंगा। नंबर 6 पर मैंने ऋषभ पंत को चुना है। अचानक, ऐसा लग रहा है कि मैं एक भारतीय टीम बना रहा हूं। जब मैं किसी विकेटकीपर के बारे में सोचता हूं, तो मुझे इंग्लैंड का कोई भी ऐसा खिलाड़ी याद नहीं आता जिसके बारे में आप कह सकें कि उसका नाम टीम में होना चाहिए। नंबर 7 पर मेरे पास बेन स्टोक्स हैं। यहां बेन स्टोक्स और एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बीच मुकाबला था। फ्लिंटॉफ का प्रदर्शन शानदार रहा है। 2005 की एशेज को कौन भूल सकता है? लेकिन बेन स्टोक्स, जो बड़े मौकों पर कमाल करते हैं। 21वीं सदी में हमारे पास उनसे मुकाबला करने वाला कोई नहीं है। इसके बाद, मैंने रविचंद्रन अश्विन का नाम रखा है। अगर मैच इंग्लैंड में होंगे तो मैं केवल एक स्पिनर के साथ खेलूंगा। आप ग्रीम स्वान के बारे में भी सोच सकते हैं, लेकिन आप अश्विन को कैसे बाहर रख सकते हैं? आप हरभजन सिंह के बारे में भी सोच सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक उनके प्रदर्शन को देखते हुए, मुझे रविचंद्रन अश्विन को चुनना होगा। इसके बाद, मैं तीन तेज गेंदबाज रखूंगा, जिनमें सर जिमी एंडरसन सबसे ऊपर हैं। वह चैंपियन हैं। जसप्रीत बुमराह भी टीम में रहेंगे, चाहे मैच भारत में हो या इंग्लैंड में। अगर मैच इंग्लैंड में हो रहे हैं, तो मैं 11वें नंबर पर जहीर खान के बारे में सोचूंगा, लेकिन स्टुअर्ट ब्रॉड को रखूंगा। वह इन परिस्थितियों में एक बेहतरीन गेंदबाज हैं। भारत में मुझे एक और स्पिनर की जरूरत होगी। फिर मैं रवींद्र जडेजा का नाम रखूंगा।" आकाश चोपड़ा की 21वीं सदी की IND vs ENG XI- वीरेंद्र सहवाग, सर एलिस्टर कुक, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, ऋषभ पंत, बेन स्टोक्स, रविचंद्रन अश्विन, जेम्स एंडरसन, जसप्रित बुमरा, स्टुअर्ट ब्रॉड/रवींद्र जड़ेजा  

चेतेश्वर पुजारा ने चुनी भारत-इंग्लैंड की हैरतअंगेज टेस्ट XI, सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन का काटा पत्ता

नई दिल्ली  भारत और इंग्लैंड के बीच इन दिनों पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है। इस सीरीज का नाम एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी है। सीरीज के दौरान अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भारत-इंग्लैंड की अपनी पसंदीदा कंबाइड टेस्ट इलेवन चुनी है। पुजारा की टीम थोड़ी हैरतअंगेज है क्योंकि उन्होंने भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का पत्ता काट दिया। भारतीय टीम से बाहर चल रहे पुजारा की संयुक्त इलेवन में भारत और इंग्लैंड के 21वीं सदी के खिलाड़ी शामिल हैं। उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान और विकेटकीपर एमएस धोनी के साथ-साथ इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज बैटर एलिस्टर कुक को भी इलेवन में नहीं रखा।   37 वर्षीय पुजारा ने अपनी टीम का खुलासा ईएसपीएनक्रिकइन्फो के 'द ड्राफ्ट' सेगमेंट में किया, जहां उन्हें 21वीं की सदी की संयुक्त भारत-इंग्लैंड टेस्ट इलेवन बनाने लिए कहा गया। पुजारा ने सलामी बल्लेबाज के रूप में एलेक स्टीवर्ट और राहुल द्रविड़ को चुना। पूर्व विकेटकीपर स्टीवर्ट ने अपने करियर में 133 टेस्ट मैच खेले और 8463 रन बनाए। द्रविड़ ने 164 टेस्ट में 13288 रन जुटाए। पुजारा की संयुक्त इलेवन के मध्य क्रम में जो रूट, विराट कोहली और वीवीएस लक्ष्मण हैं। रूट फिलहाल इंडिया सीरीज में खेल रहे हैं। वह 156 टेस्ट में 13259 रन बना चुके हैं। मई 2025 में कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले कोहली ने 123 मैच में 9230 रन जोड़े। लक्ष्मण ने अपने करियर में 134 टेस्ट मैचों 8781 रन बनाए। पुजारा की कंबाइड भारत-इंग्लैंड टेस्ट इलेवन में चार ऑलराउंडर हैं। उन्होंने इंग्लैंड टेस्ट टीम के मौजूदा कप्तान बेन स्टोक्स और पूर्व धाकड़ ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के साथ-साथ भारत के रविंद्र जडेजा और आर अश्विन को शामिल किया है। स्पिन ऑलराउंडर जडेजा इंग्लैंड दौरे पर बल्ले से धमाल मचा रहे हैं। अश्विन इस सदी में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने 24 मैचों में 114 विकेट लिए। अश्विन ने पिछले साल इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। पुजारा ने तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी को सौंपी। बुमराह इंग्लैंड में कदर काट रहे जबकि शमी भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा नहीं हैं। इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज मैथ्यू होगार्ड को संयुक्त इलेवन में 12वें खिलाड़ी के रूप में चुना गया। चेतेश्वर पुजारा की भारत-इंग्लैंड कंबाइड टेस्ट XI: एलेक स्टीवर्ट, राहुल द्रविड़, जो रूट, विराट कोहली, वीवीएस लक्ष्मण, बेन स्टोक्स, एंड्रयू फ्लिंटॉफ, रविद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी।  

लॉर्ड्स पर टैमी ब्यूमोंट की इस हरकत पर मचा बवाल, अपील करती रही टीम इंडिया, मगर नहीं मिला थर्ड अंपायर का साथ

नई दिल्ली भारतीय महिला बनाम इंग्लैंड महिला वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला ‘क्रिकेट का मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर खेला गया। जब इस मैदान पर आखिरी बार दोनों टीमें भिड़ी थी तो दीप्ति शर्मा के मांकडिंग ने बवाल मचाया था। काफी दिनों तक उनकी यह हरकत सुर्खियों में रही थी। इस बार इंग्लैंड की ओपनर टैमी ब्यूमोंट की ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ यानी फील्डिंग में बाधा बनने की हरकत सुर्खियों में है। भारतीय खिलाड़ी इसको लेकर अपील करते रहे, हालांकि थर्ड अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया। टैमी ब्यूमोंट की ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ की घटना इंग्लैंड की पारी के पांचवें ओवर के दौरान घटी। दीप्ति शर्मा की गेंद पर ब्यूमोंट ने शॉट खेला जिसे जेमिमा रोड्रिग्स ने डाइव लगाकर पकड़ा और थ्रो सीधा विकेट कीपर की ओर फेंका। रन लेने का प्रयास कर रही टैमी ब्यूमोंट को जब दिखा कि जेमिमा गेंद को पकड़ चुकी है तो उन्होंने तुरंत क्रीज के अंदर लौटने का फैसला किया। टैमी ब्यूमोंट क्रीज के अंदर पहुंच चुकी थी, मगर जब थ्रो उनकी तरफ आ रहा था तो उन्होंने पैड लगाकर उसे रोकने की कोशिश की। टैमी ब्यूमोंट को ऐसा करता देख भारतीय प्लेयर्स ने अपील की जिसके बाद ऑन फील्ड अंपायर्स ने चर्चा की और फैसला थर्ड अंपायर को सौंप दिया। थर्ड अंपायर ने पाया कि टैमी ब्यूमोंट ने जब गेंद पर पैड लगाने की कोशिश की तब उनका एक पैर क्रीज के अंदर पहुंच चुका था, जिस वजह से उन्हें नॉट आउट करार दिया गया। हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है कि क्रीज के अंदर पहुंचने के बाद बल्लेबाज को फील्डिंग में जानबूझकर बाधा बनने की आजादी होती है। क्या कहता है ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड का नियम खेल की शर्तों के नियम 37.1.1 में कहा गया है कि, "यदि बल्लेबाज, धारा 37.2 की परिस्थितियों को छोड़कर, और गेंद खेल में होने पर, जानबूझकर शब्दों या कार्यों द्वारा फील्डिंग पक्ष को बाधित करने या विचलित करने का प्रयास करता है, तो उसे क्षेत्ररक्षण में बाधा डालने के लिए आउट माना जाएगा।" 37.1.2 यदि स्ट्राइकर, खंड 37.2 की परिस्थितियों को छोड़कर, गेंदबाज द्वारा फेंकी गई गेंद को प्राप्त करते समय, जानबूझकर गेंद को उस हाथ से मारती है जिसमें बल्ला नहीं है, तो उसे फील्डिंग में बाधा पहुंचाने का दोषी माना जाएगा। यह नियम तब भी लागू होगा जब वह पहली स्ट्राइक हो, दूसरी या बाद की स्ट्राइक हो। गेंद प्राप्त करने का कार्य गेंद पर खेलने और अपने विकेट की रक्षा में गेंद को एक से अधिक बार मारने, दोनों तक विस्तारित होगा।  

अश्विन ने टेस्ट टीम में हरभजन को फ्रंटलाइन स्पिनर के रूप में रिप्लेस किया था, दोनों ने ‘मनमुटाव’ पर तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली  भारत के पूर्व स्पिनर आर अश्विन और हरभजन सिंह का शुमार दिग्गज गेंदबाजों में होता है। दोनों ने अपने करियर में लंबे समय तक सफलता के झंडे गाड़े। अश्विन ने 106 टेस्ट में 24.00 की औसत से 537 विकेट चटकाए। वहीं, हरभजन ने 103 टेस्ट में 32.46 की औसत से 417 शिकार किए। अश्विन ने भारतीय टेस्ट टीम में हरभजन को फ्रंटलाइन स्पिनर के रूप में रिप्लेस किया था, जिसके बाद दोनों के बीच मनमुटाव और जलन की अटकलें लगना शुरू हो गई थीं। हालांकि, दोनों पूर्व दिग्गज स्पिनर ने अब आपसी मनमुटाव की अटकलों पर चुप्पी तोड़ी है।   अश्विन और भज्जी 'कुट्टी स्टोरीज विद ऐश' में मनमुटाव की कंट्रोवर्सी पर चर्चा करते हुए नजर आए। भज्जी ने बेबाक सवाल का बेबाक जवाब दिया। अश्विन ने हरभजन से पूछा, ''जलन की चर्चा रही। इससे पहले कि मैं आपको इसका जवाब दूं, मैं कुछ स्पष्ट कर दूं। लोग हर चीज को अपने नजरिए से देखते हैं। मिसाल के तौर पर, अगर वे मुझ पर कोई टिप्पणी कर रहे हैं तो वे मानते हैं कि दूसरे लोग दुनिया को उनकी नजर से देखेंगे। जैसे की यह जो बात है कि आप उस शख्स से जलते हैं जो आज आपका इंटरव्यू ले रहा है। इसपर आप क्या कहेंगे?" अश्विन को रिप्लाई देते हुए हरभजन ने कहा, ''"क्या आपको लगता है कि मैं आपसे जलता हूं? आप आज मेरे साथ बैठे हो और हमने काफी बातचीत की है। क्या आपको लगता है कि मैं उस तरह का इंसान हूं?" वहीं, अश्विन ने कहा, ''अगर आपको कभी जलन हुई भी हो तो यह जायज है। यह मेरा पॉइंट है। मैं इसे कभी गलत तरीक़े से नहीं लूंगा क्योंकि हम सब इंसान हैं। स्वाभाविक रूप से ऐसा होता है।" इसके बाद, अश्विन ने अपना और वॉशिंगटन सुंदर का उदहारण दिया। अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अचानक इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविद कहा दिया था। अश्विन के रिटायरमेंट के बाद कहा गया कि उन्होंने सुंदर को प्लेइंग इलेवन में तरजीह दिए जाने के कारण इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया। अश्विन ने इस बारे में कहा, ''कुछ लोगों का मानना है कि मैंने वॉशिंगटन सुंदर की वजह से संन्यास लिया। यह सब लोगों का नजरिया है। यह दूसरे लोगों का देखने का तरीक है।"  

जेम्स एंडरसन बोले- ट्रॉफी पर सचिन तेंदुलकर के साथ नाम देखना एक अजीब लेकिन गर्व का पल

लंदन  इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने स्वीकार किया कि सचिन तेंदुलकर के साथ ट्रॉफी पर अपना नाम देखकर वह अजीब महसूस करते हैं और उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के महानतम क्रिकेटरों में से एक के साथ अपना नाम होना बहुत बड़ा सम्मान है। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट श्रृंखला की ट्रॉफी का नाम एंडरसन तेंदुलकर ट्रॉफी रखा है। पहले इसका नाम पटौदी ट्रॉफी था जो भारत के पूर्व कप्तान इफ्तिखार अली खान पटौदी और उनके बेटे मंसूर अली खान पटौदी के नाम पर था।   एंडरसन ने स्काय स्पोटर्स से कहा, ‘‘यह जरूरी नहीं कि आपके नाम पर ट्रॉफी का होना कितना बड़ा है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि आपके नाम के साथ सचिन तेंदुलकर का नाम है, जो मेरे लिए अब तक के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक हैं।’’ उन्होंने कहा , ‘‘मैं ट्रॉफी पर अपने साथ उनका नाम देखता हूं तो बड़ा अजीब लगता है। मैं उनका काफी सम्मान करता हूं। मैने बचपन से उन्हें देखा है और उनके खिलाफ खेला है । वह इतने महान क्रिकेटर रहे हैं जिन्होंने पूरे देश की उम्मीदों का बोझ अपने पूरे कैरियर में उठाया है। उनके साथ इस तरह का कुछ साझा करना बहुत बड़ा सम्मान है।’’ तेंदुलकर ने 200 और एंडरसन ने 188 टेस्ट खेले हैं। पिछले साल क्रिकेट को अलविदा कहने वाले एंडरसन ने 704 विकेट लिये हैं। 5 मैच की तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी 2025 के तीन मैच खेले जा चुके हैं। मेजबान इंग्लैंड 2-1 से सीरीज में आगे हैं। सीरीज का चौथा और बेहत महत्वपूर्ण मैच 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाना है।  

शुभमन गिल से मैनचेस्टर टेस्ट में बड़ी पारी की उम्मीद: मांजरेकर

नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि शुभमन गिल इंग्लैंड के खिलाफ 23 जुलाई से मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट मैच में फॉर्म में वापसी करेंगे। गिल ने पहले दो मैचों में बल्ले से दमदार प्रदर्शन किया था, लेकिन लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में उनका बल्ला खामोश रहा और वह 16 तथा 6 रन की पारी ही खेल सके थे। भारत को लॉर्ड्स टेस्ट में 22 रनों से हार का सामना करना पड़ा था और टीम फिलहाल पांच मैचों की सीरीज में 1-2 से पिछड़ गई है। भारतीय टीम अब आठ दिनों के अंतराल के बाद बुधवार से इंग्लैंड का सामना करने उतरेगी। मांजरेकर का मानना है कि इससे शुभमन गिल को आत्ममंथन करने और खेल पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलेगा। मांजरेकर ने कहा, मेरा मानना है कि गिल के अंदर अपनी फॉर्म को आगे भी बरकरार रखने की क्षमता है। इस ब्रेक के दौरान, शायद वह आत्ममंथन करे और अपने दोस्तों और पिता के साथ बातचीत करे। उसे बस अपनी कप्तानी, क्षेत्ररक्षण, रणनीति और बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। अगर वह ऐसा करता है, तो मेरा मानना है कि रन बनाने वाली मशीन, जो कभी गति में थी, अब पूरी तरह से तैयार है और ओल्ड ट्रैफर्ड में फिर से दौड़ने लगेगी। भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर भी रखी राय इसके अलावा मांजरेकर ने लॉर्ड्स में भारत के बल्लेबाजी प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की और कहा कि गिल के योगदान के बिना भी टीम ने पहली पारी में अच्छा प्रदर्शन किया, जो एक अच्छा संकेत है। मांजरेकर ने कहा, उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन भारत को इस बात पर भी विचार करना होगा कि लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में गिल ने बल्ले से कोई योगदान नहीं दिया। इसके बावजूद, भारत का बल्लेबाजी क्रम इंग्लैंड को चुनौती देने में कामयाब रहा। यह एक अच्छी बात है कि हम पूरी तरह से गिल पर निर्भर नहीं हैं। कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही गिल अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं और अब तक सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने तीन मैचों में 607 रन बनाए हैं। उन्होंने सीरीज की शुरुआत लीड्स में पहले टेस्ट में 147 रनों की शानदार पारी के साथ की और उसके बाद बर्मिंघम में दोनों पारियों में क्रमशः 269 और 161 रनों की पारी खेली।  

टीम इंडिया में नई एंट्री: CSK गेंदबाज़ को अर्शदीप के कवर के तौर पर बुलाया गया

मैनचेस्टर तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। टीम प्रबंधन ने चोटिल अर्शदीप सिंह के कवर के तौर पर कंबोज को टीम में जगह दी है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। भारत और इंग्लैंड के बीच 23 जुलाई से मैनचेस्टर में चौथा टेस्ट मैच खेला जाना है। अर्शदीप को अब तक नहीं मिल सका है मौका अर्शदीप सिंह को अब तक खेले गए तीन मैचों में प्लेइंग-11 में मौका नहीं दिया गया था। भारत इस सीरीज में फिलहाल 1-2 से पीछे चल रहा है। अर्शदीप को हाल ही में अभ्यास के दौरान चोट लगी थी। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंबोज को अर्शदीप के कवर के तौर पर बुलाया गया है। कंबोज भारत ए टीम का हिस्सा थे जिन्होंने सीरीज से पहले इंग्लैंड लायंस के खिलाफ दो अनौपचारिक मैच खेला था। कंबोज ने इन मैचों में पांच विकेट लिए थे और दूसरे मैच में अर्धशतक भी लगाया था। आईपीएल 2025 में सीएसके के लिए खेले थे कंबोज कंबोज आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए खेले थे और उन्हें मेगा नीलामी में 3.40 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। कंबोज ने आईपीएल में आठ मैचों में आठ विकेट लिए थे। हरियाणा का यह तेज गेंदबाज उस वक्त सुर्खियों में आया जब उन्होंने एक पारी में सभी 10 विकेट लिए थे। कंबोज रणजी ट्रॉफी इतिहास के तीसरे गेंदबाज बने थे जिन्होंने एक पारी में 10 विकेट लिए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि 2024-25 सीजन में केरल के खिलाफ मुकाबले के दौरान हासिल की थी। अर्शदीप का चौथे टेस्ट के लिए उपलब्ध होना मुश्किल माना जा रहा है। भारतीय टीम शनिवार को मैनचेस्टर पहुंची थी। इससे पहले टीम के सदस्यों ने बेकेनहैम में अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया था। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को कार्यभार प्रबंध के कारण अगर आराम दिया जाता तो अर्शदीप के लिए मौका बन सकता था। लॉर्ड्स टेस्ट में भारत बुमराह, सिराज और आकाश दीप की तेज गेंदबाज तिकड़ी के साथ उतरा था। बुमराह-आकाश दीप को लेकर स्पष्ट नहीं स्थिति इस बारे में अभी स्पष्ट नहीं है कि बुमराह मैनचेस्टर टेस्ट में खेलेंगे या नहीं। मालूम हो कि बुमराह ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह इस सीरीज में तीन मैच ही खेलेंगे। उन्होंने लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में हिस्सा लिया था, जबकि बर्मिंघम में हुए दूसरे टेस्ट से उन्हें आराम दिया गया था। बुमराह तीसरे टेस्ट के लिए प्लेइंग-11 में शामिल थे और अब देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें अगले मैच में चुना जाता है या नहीं। दूसरी ओर, आकाश दीप में ग्रोइन चोट से जूझ रहे हैं और उनकी उपलब्धता को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। सिराज ने अब तक तीनों मैच में हिस्सा लिया है, इसलिए यह भी देखना होगा कि टीम प्रबंधन उन्हें आराम देता है या नहीं।  

रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार बुमराह, शमी और लिली को पछाड़ने की दहलीज पर

नई दिल्ली  भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान सिर्फ तीन मैच में खेलते हुए नजर आएंगे। उन्होंने पहला और तीसरा मैच खेला है और अब चौथे-पांचवें मैच में से एक मैच खेलने वाले हैं। वर्कलोड मैनेज करने के लिए टीम मैनेजमेंट ने ये फैसला किया है। दो टेस्ट मैचों में 12 विकेट लेकर, बुमराह मौजूदा सीरीज में भारत के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उनसे आगे मोहम्मद सिराज हैं, जिन्होंने अपने तीन मैचों में 13 विकेट लिए हैं। जसप्रीत बुमराह के पास इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में डेनिस लिली और मोहम्मद शमी को पीछे छोड़ना का मौका है। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में लिली को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ 4 विकेट की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डेनिस लिली ने 133 इंटरनेशनल मैचों में 458 विकेट लिए हैं। उन्होंने टेस्ट में 355 और वनडे में 103 विकेट चटकाए हैं। जसप्रीत बुमराह ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 455 विकेट चटकाए हैं। बुमराह ने वनडे में 149, टेस्ट में 217 और टी20 में 89 विकेट झटके हैं। बुमराह पिछले कुछ समय से पीठ की चोट से परेशान हैं, जिसके कारण वह ज्यादा मैच नहीं खेल पा रहे हैं। मोहम्मद शमी के नाम 197 मैचों में 462 विकेट हैं। श्रीलंका के दिग्गज मुथैया मुरलीधरन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। श्रीलंका के इस दिग्गज ने 1347 विकेट लिया है। उन्होंने टेस्ट मैचों में 800 विकेट लिए हैं। जसप्रीत बुमराह के चौथे मैच में खेलने की संभावनाओं पर भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने कहा, ‘‘नहीं, हम यह फैसला मैनचेस्टर में ही लेंगे। हम जानते हैं कि अंतिम दो टेस्ट में से हम उसे एक के लिए चुन सकते हैं। मुझे लगता है कि अब मैनचेस्टर में श्रृंखला दांव पर है इसलिए उसे खिलाने पर विचार किया जाएगा। ’’ भारत और इंग्लैंड के बीच चौथा टेस्ट मैच 23 जुलाई से ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में शुरू होगा।  

फाइनलिसिमा 2026: स्पेन और अर्जेंटीना की टाइटन्स की टक्कर

मेड्रिड यूरोप और दक्षिण अमेरिका की दो फुटबॉल दिग्गज टीमें – स्पेन और अर्जेंटीना – अगले साल मार्च में फाइनलिसिमा 2026 में आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला यूएफा यूरो और कोपा अमेरिका के मौजूदा चैंपियनों के बीच खेला जाएगा। यह मैच 2026 फीफा विश्व कप प्लेऑफ के लिए निर्धारित अंतरराष्ट्रीय विंडो के दौरान आयोजित किया जाएगा, बशर्ते स्पेन की टीम विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर ले। यह जानकारी गोल डॉट कॉम की रिपोर्ट के हवाले से दी गई है। यूएफा, फीफा, स्पेनिश फुटबॉल महासंघ, और अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन मिलकर फाइनलिसिमा को सफलतापूर्वक पुनर्जीवित करने के प्रयास में जुटे हैं। 2026 संस्करण में यह हाई-प्रोफाइल मुकाबला फुटबॉल प्रेमियों के बीच उत्साह और वैश्विक रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, खासतौर पर उस समय जब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल गतिविधियाँ कम होती हैं। गौरतलब है कि फाइनलिसिमा ने 1985 और 1993 में आयोजित आर्टेमियो फ्रांकी कप की जगह ले ली है। 1993 में अर्जेंटीना ने यह खिताब जीता था, जो दिवंगत महान खिलाड़ी डिएगो माराडोना का आखिरी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी था। 2022 में अर्जेंटीना ने इटली को 3-0 से हराकर इस विरासत को आगे बढ़ाया। फाइनलिसिमा 2026 के आयोजन की संभावित तारीख 26 से 31 मार्च के बीच तय की गई है। इसको लेकर शुरुआती बातचीत 75वें फीफा कांग्रेस के दौरान पराग्वे में हुई थी। स्पेन ने हाल ही में यूएफा यूरो 2024 में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। स्पेन के लिए निको विलियम्स ने 47वें और मिकेल ओयारज़ाबाल ने 86वें मिनट में गोल किए। इंग्लैंड की ओर से एकमात्र गोल कोल पामर ने 73वें मिनट में किया। वहीं, लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना ने कोपा अमेरिका 2024 के फाइनल में कोलंबिया को 1-0 से हराकर रिकॉर्ड 16वीं बार यह खिताब जीता। यह गोल लौटारो मार्टिनेज ने किया। फाइनल मुकाबले के दौरान मेसी को दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट किया गया, जिसके बाद वे भावुक हो गए थे। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने कोलंबिया की 28 मैचों की अपराजेय लय को भी तोड़ दिया और मेसी के करियर के अंतिम पड़ाव में उन्हें दूसरी बार कोपा अमेरिका ट्रॉफी दिलाई।  

गुयाना अमेजन वॉरियर्स की ऐतिहासिक जीत, रंगपुर राइडर्स को फाइनल में दी मात

गुयाना गुयाना अमेजन वारियर्स ने शनिवार को पहली बार ग्लोबल सुपर लीग का खिताब अपने नाम किया। इस टीम ने फाइनल में रंगपुर राइडर्स को 32 रन से शिकस्त दी। रंगपुर राइडर्स की टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची थी। यह टीम पिछले सीजन खिताब अपने नाम कर चुकी थी, लेकिन इस बार उसे बतौर उपविजेता ही संतोष करना पड़ा। गुयाना मे खेले गए खिताबी मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुयाना अमेजन वारियर्स की टीम ने चार विकेट खोकर 196 रन बनाए। टीम 21 के स्कोर तक इविन लुईस (5) का विकेट गंवा चुकी थी। यहां से जॉनसन चार्ल्स ने रहमानुल्लाह गुरबाज के साथ दूसरे विकेट के लिए 127 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया। गुरबाज 38 गेंदों में 66 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसमें चार छक्के और छह चौके शामिल थे। उनके आउट होने के बाद शिमरोन हेटमायर बल्लेबाजी के लिए उतरे, लेकिन दूसरी ही गेंद पर स्टंप आउट हो गए। हेटमायर अपना खाता तक नहीं खोल सके। सलामी बल्लेबाज जॉनसन चार्ल्स 67 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए। उन्होंने 48 गेंदों की अपनी पारी में एक छक्का और 11 चौके लगाए। वहीं, रोमारियो शेफर्ड 9 गेंदों में 28 रन बनाकर नाबाद रहे। विपक्षी टीम की ओर से खालिद अहमद, तबरेज शम्सी और इफ्तिखार अहमद को एक-एक विकेट हाथ लगा। इसके जवाब में रंगपुर राइडर्स की टीम 19.5 ओवरों में 164 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। टीम 29 रन तक अपने शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाजों का विकेट गंवा चुकी थी, लेकिन यहां से सैफ हसन ने इफ्तिखार अहमद के साथ चौथे विकेट के लिए 73 रन जोड़ते हुए टीम को संभाला। सैफ 26 गेंदों में 41 रन बनाकर आउट हुए, जबकि इफ्तिखार अहमद ने 29 गेंदों में 46 रन की पारी खेली। इनके अलावा महिदुल इस्लाम अंकोन ने 17 गेंदों में 30 रन जड़े, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। वारियर्स की ओर से ड्वेन प्रिटोरियस ने सर्वाधिक तीन विकेट अपने नाम किए, जबकि इमरान ताहिर और गुडाकेश मोती को दो-दो सफलता हाथ लगी। मोईन अली ने एक विकेट अपने नाम किया।