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रोहित को नहीं हटाना था’, पूर्व चयनकर्ता का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली इंग्लैंड दौरे से पहले ही रोहित शर्मा ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेला था। तब वह टीम के कप्तान थे। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से दौरान वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इस वजह से उन्होंने सिडनी में हुए ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट में खुद को ही ड्रॉप कर दिया था। पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे ने अब कहा है कि वह रोहित के फैसले से थोड़ा निराश हुए थे। अगर वह सिडनी टेस्ट खेले होते तो भारत सीरीज बराबर कर सकता था। सायरस ब्रोचा के साथ 'अ सेंचुरी ऑफ स्टोरीज' पॉडकास्ट में परांजपे ने बताया कि रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट से खास लगाव है। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे थे। जब मैंने उनसे बात की तब उन्होंने कहा- जतिन, मैंने क्रिकेट खेलना ही रेड बॉल से शुरू किया है। आप कैसे कह सकते हैं कि मेरी टेस्ट क्रिकेट में रुचि नहीं हैं?' परांजपे ने आगे कहा, 'उन्होंने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए जीते हैं। मुझ लगता है कि रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में और भी ज्यादा कर सकते थे। मुझे तब थोड़ी बहुत निराशा हुई थी जब उन्होंने सिडनी टेस्ट में खुद को ड्रॉप कर दिया क्योंकि हम सीरीज की बराबरी कर सकते थे।' भारत सिडनी टेस्ट हार गया था और उसे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शिकस्त झेलनी पड़ी थी। परांजपे ने कहा कि सिडनी टेस्ट जब चल रहा था तब रोहित शर्मा ने कहा कि वह 'कहीं नहीं जा रहे' लेकिन कुछ ही महीने बाद आखिरकार उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा ही कह दिया। परांजपे ने टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा के उभार का श्रेय रवि शास्त्री को दिया। उन्होंने खुलासा किया कि जब वह चयन समिति में थे तब शास्त्री ने रोहित को भारत के लिए ओपनिंग करने के बारे में पूछा था। शास्त्री तब हेड कोच थे। रोहित शर्मा ने भारत के लिए 67 टेस्ट खेले जिसमें उन्होंने 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए। उन्होंने 2019 में टेस्ट में ओपनिंग शुरू की और तब से वह क्रिकेट के इस सबसे लंबे फॉर्मेट में भारत के अहम बल्लेबाज बन गए। 2020 से 2024 तक वह टेस्ट में भारत के सबसे कंसिस्टेंट परफॉर्मर थे। हालांकि, सितंबर 2024 में उनका मुश्किल वक्त आया और बल्ले से रन बनाने के लिए जूझने लगे। फिर उन्होंने संन्यास ही ले लिया।  

जॉर्डन कॉक्स की हैरतअंगेज पारी: T20 ब्लास्ट में गेंदबाज़ों की उड़ाईं धज्जियाँ

नई दिल्ली T20 ब्लास्ट में इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स का ऐसा तूफान आया कि सामने वाली टीम के परखच्चे उड़ गए। टी20 ब्लास्ट 2025 में एसेक्स और हैम्पशायर के बीच साउथ ग्रुप मैच में जॉर्डन कॉक्स ने अपना पहला टी20 शतक लगाया, जो वाकई में कमाल था। अपनी 139 रनों की पारी में उन्होंने 100 से ज्यादा रन तो चौके-छक्कों से बनाए। जॉर्डन कॉक्स की इसी पारी की बदौलत एसेक्स की टीम ने 221 रनों के लक्ष्य को चार गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम वहां तक शायद ना पहुंचे, लेकिन जॉर्डन कॉक्स ने ऐसा होने नहीं दिया। 60 गेंदों में 11 चौके और 11 छक्कों की मदद से जॉर्डन कॉक्स ने 139 रनों की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 231.66 का था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस 221 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एसेक्स की टीम की ओर से दूसरा सबसे बड़ा निजी स्कोर 23 रन था, जो ओपनर माइकल पेपर ने बनाया था। इस तरह अकेले दम पर जॉर्डन कॉक्स ने टीम को जीत दिलाई। बड़े स्कोर का पीछा करते हुए तीसरे ओवर में ही जॉर्डन कॉक्स को बल्लेबाजी के लिए उतरना पड़ा, क्योंकि पहला विकेट 33 रनों के कुल स्कोर पर गिर गया था। ऐसे में कॉक्स के सामने एक विशाल लक्ष्य था। शुरुआती कुछ गेंदों पर शांत रहने के बाद कॉक्स ने जेम्स फुलर के पहले ओवर में ताबड़तोड़ 19 रन बनाए। उन्होंने बेनी हॉवेल के पहले ओवर में भी इतने ही रन बनाए और आठवें ओवर के अंत तक 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया। जॉर्डन कॉक्स ने दूसरे ओवर में भी हॉवेल पर कोई रहम नहीं दिखाया और लगातार तीन छक्के जड़कर 80 के पार पहुंच गए। उन्होंने 17वें ओवर की पहली गेंद पर अपना शतक पूरा किया। 44 गेंदों में वे टी20 क्रिकेट में अपने पहले शतक तक पहुंचे। एसेक्स को अभी भी तीन ओवरों में 41 रनों की जरूरत थी और उसने छह विकेट खो दिए थे। दूसरे छोर पर कॉक्स के जोड़ीदार साइमन हार्मर ने पारी के 18वें और 19वें ओवर में केवल दो गेंदों का सामना किया। आखिरी ओवर में एसेक्स को जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। ऐसे में 24 वर्षीय इस बल्लेबाज ने शुरुआती दो गेंदों पर ही दो गगनचुंबी छक्के जड़कर शानदार अंदाज में मैच को फिनिश किया और एसेक्स को एक यादगार जीत दिलाई। हालांकि, ये सीजन एसेक्स के लिए अच्छा नहीं रहा, क्योंकि 13 मैचों में टीम की ये तीसरी जीत थी। वे 9 मुकाबले बार चुके हैं और एक मुकाबला बेनतीजा रहा था। इस सीजन सिर्फ एक ही मैच अब इस टीम का बाकी है।  

वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला आज, लॉर्ड्स में भिड़ेंगी भारत और इंग्लैंड की महिलाएं

लॉर्ड्स कई मैच विजेता खिलाड़ियों से सजी भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को लंदन के लॉर्ड्स में होने वाले दूसरे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत हासिल करके सीरीज में अजेय बढ़त बनाने के साथ ही आगामी विश्व कप के लिए अपनी पुख्ता तैयारी को नए मुकाम पर पहुंचाने की कोशिश करेगी।   भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने साउथैम्प्टन में पहला मैच चार विकेट से जीता था और लॉर्ड्स में जीत से वह तीन मैचों की इस सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर लेगी। इससे हाल के दिनों में इस फॉर्मेट में उसकी जीत का सिलसिला भी जारी रहेगा, जिसमें मई में श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज में मिली जीत भी शामिल है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच आईसीसी महिला एकदिवसीय विश्व कप की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिसकी मेजबानी भारत इस वर्ष के अंत में करेगा। कई खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के कारण विश्व कप टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जो मुख्य कोच अमोल मजूमदार और कप्तान हरमनप्रीत कौर के लिए अच्छा सिरदर्द है। टीम में कुछ ऐसे स्थान हैं, जिनमें टीम प्रबंधन के पास कई विकल्प हैं। टीम की गहराई और बेंच स्ट्रेंथ पहले कभी इतनी अच्छी नहीं रही। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर और पूजा वस्त्राकर चोटिल होने के कारण इस श्रृंखला में नहीं खेल रही हैं। उनकी अनुपस्थिति में टीम ने पहले मैच में थोड़ी अधिक अनुभवी अरुंधति रेड्डी की जगह क्रांति गौड़ को तरजीह दी और इस 21 वर्षीय खिलाड़ी ने दो विकेट लेकर अपना प्रभाव छोड़ा। प्रतीका रावल शीर्ष क्रम में स्मृति मंधाना की जोड़ीदार के लिए पसंदीदा विकल्प के रूप में उभरी हैं, जबकि शैफाली वर्मा भी टी20 अंतरराष्ट्रीय, महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) और घरेलू क्रिकेट में अपने फॉर्म के कारण दावेदार बनी हुई हैं। हरलीन देओल भी अच्छी फॉर्म में हैं और अगर शैफाली निकट भविष्य में अंतिम एकादश में वापसी करती हैं तो रावल को तीसरे नंबर पर उतारा जा सकता है। ऐसी स्थिति में देओल को टीम में शामिल करना मुश्किल होगा, जिसके बल्लेबाजी विभाग में हरमनप्रीत, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष भी शामिल हैं। स्पिन विभाग भी काफी मजबूत है, जिसमें अब तक शानदार प्रदर्शन करने वाली बाएं हाथ की स्पिनर एन श्री चरणी के अलावा अनुभवी दीप्ति, स्नेहा राणा और राधा यादव भी शामिल हैं। पहले वनडे में नाबाद अर्धशतक जमा कर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली दीप्ति ने अपनी इस पारी के दौरान ऋषभ पंत की तरह एक हाथ से छक्का लगाया था। शनिवार को होने वाले मैच में उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाह टिकी रहेगी। भारतीय महिला टीम ने इससे पहले इंग्लैंड को टी20 सीरीज में हराया था और अब वनडे श्रृंखला जीतने से उसका 30 सितंबर से शुरू होने वाले वनडे विश्व कप के लिए मनोबल और बढ़ेगा। जहां तक इंग्लैंड की टीम का सवाल है तो उसको जीत हासिल करने के लिए खेल के तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), प्रतीका रावल, हरलीन देयोल, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, श्री चरणी, शुचि उपाध्याय, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, सयाली सतघरे। इंग्लैंड: नैट साइवर-ब्रंट (कप्तान), एम अर्लट, टैमी ब्यूमोंट, लॉरेन बेल, माइया बाउचियर, एलिस कैप्सी, केट क्रॉस, एलिस डेविडसन-रिचर्ड्स, चार्ली डीन, सोफिया डंकले, सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन फाइलर, एमी जोन्स, एम्मा लैम्ब, लिंसे स्मिथ।

शतक की जल्दी या बीते पल का डर? राहुल पर क्यों हावी है पंत का रन आउट कांड?

नई दिल्ली लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की हार की सबसे बड़ी वजह पहली पारी में ऋषभ पंत के रन आउट को माना जाता है। तीसरे दिन लंच से पहले उनका आउट होना टर्निंग पॉइंट रहा। तब तक भारत ड्राइविंग सीट पर था और उसके पास इंग्लैंड पर पहली पारी के आधार पर ठीक-ठाक बढ़ता का बढ़िया मौका था लेकिन वैसा नहीं हुआ। क्या लंच से पहले केएल राहुल के शतक की हड़बड़ी के चक्कर में ऋषभ पंत आउट हुए? मैच के बाद भारतीय ओपनर खुद यह कबूल चुके हैं इसके बाद भी रन आउट का सवाल उनका पीछा नहीं छोड़ रहा। पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने सवाल उठाए हैं कि आखिर लंच से पहले ही शतक पूरा करने की ऐसी क्या हड़बड़ी थी। उन्होंने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, 'क्या किसी ने उनसे पूछा कि लंच से पहले शतक बनाना उनके लिए क्यों महत्वपूर्ण था? उसकी कोई वजह होनी चाहिए। उन्होंने ऐसा सोचा तो क्यों सोचा? उस पर इतना विचार क्यों किया गया? अगर कोई उनसे पूछे कि क्यों तब हमें असली बात पता चलेगी कि यह सब कुछ उपलब्धि से जुड़ा हुआ है।' रॉबिन उथप्पा ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी ऑस्ट्रेलियाई या अंग्रेज खिलाड़ी के लिए ये आंकड़े (व्यक्तिगत उपलब्धियां) खास मायने रखते हैं। लेकिन किसी भारतीय खिलाड़ी के लिए यह मायने रखता है। शतक मायने रखता है। यह बहुत ज्यादा मायने रखता है क्योंकि भारतीय मीडिया और आलोचकों के लिए भी यह उससे भी ज्यादा मतलब रखता है। इसलिए शतक और मील के पत्थर बड़ी बात हैं।’ ऋषभ पंत जब रन आउट हुए तब केएल राहुल तब 99 रन बनाकर खेल रहे थे। मैच में पंत के सिंगल लेने की हड़बड़ी के लिए लंच से पहले पार्टनर के शतक पूरा करने की जल्दबाजी को जिम्मेदार माना गया। खुद केएल राहुल भी मैच के बाद कबूल चुके हैं कि शतक की उनकी हड़बड़ी की वजह से ही पंत रन आउट हुए। इंग्लैंड ने पहली पारी में 387 रन बनाए थे। जवाब में भारत तीसरे दिन लंच से पहले 3 विकेट के नुकसान पर 248 रन बना लिए थे। तब ऋषभ पंत 74 रन और केएल राहुल 99 रन बनाकर खेल रहे थे। 66वां ओवर चल रहा था। स्ट्राइक पर पंत थे। उन्होंने तीसरी गेंद पर काफी जोखिम भरा रन लेने की कोशिश की ताकि केएल राहुल को स्ट्राइक मिल जाए और वह लंच से पहले अपना शतक बना लें। बेन स्ट्रोक्स के शानदार और सटीक थ्रो से पंत रन आउट हो गए। 141 रन की साझेदारी का अंत हो गया। बाद में केएल राहुल भी शतक पूरा करते ही 100 के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हो गए। भारत बढ़त का शानदार मौका गंवा दिया और उसकी भी पहली पारी ठीक 387 रन पर खत्म हो गई। इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 192 रन बनाए और भारत को मैच की चौथी पारी में जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला। नौवें नंबर तक बल्लेबाज होने के बावजूद भारतीय टीम 17  

कोच गौतम गंभीर ने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को दिया MVP का तमगा?, जमकर की प्रशंसा

लंदन भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की प्रशंसा करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में उनके प्रदर्शन को अविश्वसनीय जुझारूपन करार दिया जिसके लिए उन्हें टीम का सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (एमवीपी) का तमगा भी दिया गया। जडेजा 181 गेंदों पर 61 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन उनकी इस शानदार पारी के बावजूद भारत तीसरे टेस्ट में 22 रन से हार गया। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर एक वीडियो जारी किया जिसमें गंभीर ने जडेजा की जमकर तारीफ की है।   गंभीर ने 'द एमवीपी फीट रवींद्र जडेजा' शीर्षक वाले वीडियो में कहा, ‘‘यह अविश्वसनीय जुझारूपन था। जड्डू की जुझारू पारी वास्तव में शानदार थी।’’ भारतीय टीम 193 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ा गई और उसके शीर्ष आठ बल्लेबाज 40 ओवर से भी कम समय तक टिक सके। लेकिन सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए जडेजा ने दृढ़ता से काम किया और पुछल्ले बल्लेबाजों जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ मिलकर साहस और धैर्य का शानदार परिचय दिया। बुमराह ने 54 गेंदों का सामना करते हुए पांच रन और सिराज ने 30 गेंदों पर चार रन बनाए। भारत 74.5 ओवर में 170 रन पर आउट हो गया और इस तरह से पांच मैचों की श्रृंखला में 1-2 से पीछे हो गया। वीडियो में सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने कहा, ‘‘जडेजा की बल्लेबाजी एक अलग ही स्तर पर पहुंच गई है। पिछले दो टेस्ट मैचों में उन्होंने जो धैर्य दिखाया वह वास्तव में काबिले तारीफ है। मैं उन्हें सालों से खेलते हुए देख रहा हूं। मैंने देखा है कि उन्होंने अपने खेल को कैसे निखारा है। उनका डिफेंस बहुत मजबूत है और वे एक बेहतरीन बल्लेबाज लगते हैं।‘‘ भारत के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने कहा, ‘‘मुझे हमेशा लगता था कि उनमें दबाव झेलने की क्षमता है। वह आमतौर पर कुछ ऐसा करते हैं जिसकी टीम को किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में ज़रूरत होती है। वह टीम के लिए वाकई बहुत मूल्यवान हैं।’’ तेज गेंदबाज सिराज ने कहा, ‘‘उनके जैसा खिलाड़ी मिलना बहुत मुश्किल है। हम भाग्यशाली हैं कि हमारी टीम में ऐसा खिलाड़ी है।’’  

WWE विवाद: अधिकारी ने की महिला रेसलर से जबरदस्ती, पर्दे के पीछे का डरावना सच आया सामने

नई दिल्ली  WWE में महिला पहलवानों के साथ होने वाले बुरे बर्ताव के बारे में सरया ने खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक बड़े अधिकारी ने उनके साथ गलत हरकत की और उसे मजाक बताया। इस घटना ने महिला पहलवानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरया ने अपने फैंस से माफी भी मांगी क्योंकि वह इवोल्यूशन इवेंट में नहीं आ पाई थीं। उन्होंने फैंस के प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया। WWE सिर्फ लाइटिंग और एंटरटेनमेंट नहीं है। इसके पीछे एक डार्क साइड भी है। खासकर महिला पहलवानों के लिए यह और भी डरावना है। विंस मैकमोहन के समय में राइटर्स ने पर्दे के पीछे की सच्चाई देखी थी। कुछ लोग इसे डर का साम्राज्य कहते थे। लेकिन विंस अकेले नहीं थे जो ऐसे डरावने काम करते थे। कई लोग पर्दे पर और पर्दे के पीछे ऐसे काम करते थे और उसे मजाक में उड़ा देते थे। सरया ने WWE में अपने साथ हुए बर्ताव के बारे में जो बताया है, वह पहले से भी ज्यादा डरावना है। सरया ने कही ये बात सरया ने WWE के अधिकारियों पर गलत हरकत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रेसलिंग में महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए कुछ बदलाव करने की जरूरत है। सरया ने Rule Beakers पॉडकास्ट में बताया कि कैसे एक WWE अधिकारी ने उन्हें बैकस्टेज पर परेशान किया था। सरया ने कहा, 'मैं क्राउड को देखने के लिए गई थी। वहां पाइप और ड्रेप लगे हुए थे, जिनसे आप झांक सकते हैं।' तभी एक आदमी पीछे से आया और उसने उनका मुंह बंद कर दिया और उन्हें अंधेरे में खींच ले गया। WWE अधिकारी का यह मजाक नहीं आया पसंद सरया डर गई थीं। फिर उस आदमी ने अपना चेहरा दिखाया। वह WWE का एक बड़ा अधिकारी था। उसने कहा कि वह सिर्फ मजाक कर रहा था। सरया को यह बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। सरया ने गुस्से में कहा, 'यह मजाक नहीं है।' सरया हमेशा सच बोलती हैं। वह हमेशा सही के लिए आवाज उठाती हैं। लेकिन वह अपने फैंस से बहुत प्यार करती हैं। इसलिए उन्होंने इवोल्यूशन इवेंट में ना आने के लिए उनसे माफी मांगी।

WWE विवाद: अधिकारी ने की महिला रेसलर से जबरदस्ती, पर्दे के पीछे का डरावना सच आया सामने

नई दिल्ली  WWE में महिला पहलवानों के साथ होने वाले बुरे बर्ताव के बारे में सरया ने खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक बड़े अधिकारी ने उनके साथ गलत हरकत की और उसे मजाक बताया। इस घटना ने महिला पहलवानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरया ने अपने फैंस से माफी भी मांगी क्योंकि वह इवोल्यूशन इवेंट में नहीं आ पाई थीं। उन्होंने फैंस के प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया। WWE सिर्फ लाइटिंग और एंटरटेनमेंट नहीं है। इसके पीछे एक डार्क साइड भी है। खासकर महिला पहलवानों के लिए यह और भी डरावना है। विंस मैकमोहन के समय में राइटर्स ने पर्दे के पीछे की सच्चाई देखी थी। कुछ लोग इसे डर का साम्राज्य कहते थे। लेकिन विंस अकेले नहीं थे जो ऐसे डरावने काम करते थे। कई लोग पर्दे पर और पर्दे के पीछे ऐसे काम करते थे और उसे मजाक में उड़ा देते थे। सरया ने WWE में अपने साथ हुए बर्ताव के बारे में जो बताया है, वह पहले से भी ज्यादा डरावना है। सरया ने कही ये बात सरया ने WWE के अधिकारियों पर गलत हरकत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रेसलिंग में महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए कुछ बदलाव करने की जरूरत है। सरया ने Rule Beakers पॉडकास्ट में बताया कि कैसे एक WWE अधिकारी ने उन्हें बैकस्टेज पर परेशान किया था। सरया ने कहा, 'मैं क्राउड को देखने के लिए गई थी। वहां पाइप और ड्रेप लगे हुए थे, जिनसे आप झांक सकते हैं।' तभी एक आदमी पीछे से आया और उसने उनका मुंह बंद कर दिया और उन्हें अंधेरे में खींच ले गया। WWE अधिकारी का यह मजाक नहीं आया पसंद सरया डर गई थीं। फिर उस आदमी ने अपना चेहरा दिखाया। वह WWE का एक बड़ा अधिकारी था। उसने कहा कि वह सिर्फ मजाक कर रहा था। सरया को यह बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। सरया ने गुस्से में कहा, 'यह मजाक नहीं है।' सरया हमेशा सच बोलती हैं। वह हमेशा सही के लिए आवाज उठाती हैं। लेकिन वह अपने फैंस से बहुत प्यार करती हैं। इसलिए उन्होंने इवोल्यूशन इवेंट में ना आने के लिए उनसे माफी मांगी।

2025 महिला विश्व कप में भारत को मिली बड़ी सफलता, दिव्या देशमुख की शानदार जीत

बातुमी  जॉर्जिया के बातुमी शहर में चल रहे महिला विश्व कप के चौथे राउंड का पहला मुक़ाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए शानदार रहा। भारत की अंतरराष्ट्रीय मास्टर दिव्या देशमुख ने सफेद मोहरों से शानदार बाज़ी खेलते हुए अपनी चीनी प्रतिद्वंद्वी जिनेर झू को मात दी। यह दिव्या की जिनेर झू पर क्लासिकल शतरंज में पहली जीत है। जिनेर विश्व की नंबर 6 महिला खिलाड़ी हैं और वह भी दिव्या की तरह ही चीन की एक शानदार प्रतिभा बनकर उभर रही हैं, पर दिव्या ने इस जीत के साथ अब आगे की राह थोड़ी आसान ज़रूर कर ली है और उन्हें क्वार्टर फाइनल में जाने के लिए अब केवल एक ड्रॉ की आवश्यकता होगी। अन्य मुकाबलों में भारत की नंबर एक महिला खिलाड़ी कोनेरू हम्पी ने स्विट्ज़रलैंड की एलेक्ज़ान्द्रा कोस्टेनियुक को काले मोहरों से ड्रॉ पर रोका, तो वहीं हरिका द्रोणावल्ली ने ग्रैंडमास्टर कैटेरीना लागनों को और ग्रैंडमास्टर वैशाली ने कज़ाख़िस्तान की मेरुएर्त कामालिदेनोवा को ड्रॉ पर रोका। चौथे राउंड की दूसरी बाज़ियाँ आज खेली जाएँगी।  दिव्या देशमुख (भारत) बनाम जिनेर झू (चीन) भारत की दिव्या देशमुख अपनी चीनी प्रतिद्वंद्वी जिनेर झू से इससे पहले दो क्लासिकल मुकाबले खेल चुकी हैं, पर दोनों ही मुकाबलों में दिव्या को काले मोहरों से खेलते हुए हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन विश्व कप के चौथे राउंड के पहले मुकाबले में दिव्या ने यह साबित कर दिया कि उन्हें न तो पुरानी हारों का और न ही बड़े मंच का कोई दबाव रहता है। सफेद मोहरों से खेलते हुए दिव्या ने 1.e4 खेलने का निर्णय लिया, जिसके जवाब में जिनेर ने सिसिलियन डिफेंस खेला। लगभग 20वीं चाल के बाद चंद चालों में ही दोनों खिलाड़ियों ने अपने लगभग सारे मोहरे लड़ लिए और 31वीं चाल पर दिव्या के पास बचा तो केवल एक घोड़ा और वज़ीर, वहीं जिनेर के पास ऊँट और वज़ीर। घोड़े और वज़ीर की मदद से दिव्या ने जिनेर पर ज़बरदस्त आक्रमण किया और चीनी खिलाड़ी दिव्या को रोकने में नाकाम नज़र आईं और 49वीं चाल पर उन्होंने अपनी हार स्वीकार की। दिव्या की सफेद मोहरों से यह जीत काफी बड़ी और ज़रूरी भी है और अब आज होने वाली बाज़ी में उन्हें काले मोहरों से शानदार खेल दिखाना होगा।

वर्ल्ड नंबर वन पर भारी पड़े प्रज्ञानंद, दिखाया कार्लसन को बाहर का रास्ता

लास वेगास  भारत के ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने लास वेगास में फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंड स्लैम टूर में दुनिया के नंबर 1 मैग्नस कार्लसन पर शानदार जीत दर्ज की। 19 वर्षीय प्रज्ञानंद ने पांच बार के विश्व चैंपियन को मात्र 39 चालों में मात दी। नॉर्वे के ग्रैंडमास्टर कार्लसन, जो हाल ही में भारत के मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश से लगातार हार चुके हैं, उन्हें एक और हार का सामना करना पड़ा। कार्लसन को 19 साल के आर प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज के चौथे राउंड में हरा दिया। इस टूर्नामेंट में हर खिलाड़ी को 10 मिनट का समय और हर चाल पर 10 सेकंड अतिरिक्त मिलते हैं। प्रज्ञानंद का कमाल प्रज्ञानंद अब आठ खिलाड़ियों वाले ग्रुप व्हाइट में 4.5 अंकों के साथ संयुक्त बढ़त बनाए हुए हैं। प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट की शुरुआत नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के खिलाफ काले मोहरों से ड्रॉ खेलकर की। इसके बाद उन्होंने असाउबायेवा को हराया। तीसरे राउंड में उन्होंने काले मोहरों से खेलते हुए कीमर को हराया और फिर चौथे राउंड में कार्लसन को चौंका दिया।हालांकि, कार्लसन पेरिस और कार्लजूए में फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट जीत चुके हैं। वह पूरे टूर में शीर्ष पर थे, लेकिन उन्हें अब लास वेगास में खिताबी दौड़ से बाहर होना पड़ा है। राउंड-रॉबिन चरण में उतार-चढ़ाव भरे दिन के बाद कार्लसन अपने ग्रुप में संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे और प्लेऑफ में लेवोन अरोनियन से हारकर बाहर हो गए। अब वह निचले ब्रैकेट में पहुंच गए हैं, जहां तीसरे से ऊपर नहीं आ सकते। कार्लसन ने दो जीत के साथ की शुरुआत कार्लसन ने दो जीत के साथ शुरुआत की, लेकिन फिर उनकी परफॉर्मेंस गिर गई। प्रज्ञानंद और वेस्ली सो से हार और दो ड्रॉ के बाद, उन्हें अंतिम दौर में जीत की जरूरत थी, ताकि टाईब्रेकर हो सके। उन्होंने बिबिसारा अस्सौबायेवा को हराया, लेकिन फिर दोनों प्लेऑफ गेम अरोनियन से हार गए। इसके चलते वह टॉप ब्रैकेट में नहीं जा सके। इसी ग्रुप में, प्रज्ञानंदा, नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव और जावोखिर सिंडारोव ने 4.5/7 अंक हासिल करके तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। अरोनियन ने 4 अंक हासिल किए और कार्लसन को पछाड़ दिया। ब्लैक ग्रुप में हिकारू नाकामुरा ने शानदार प्रदर्शन किया और 7 में से 6 अंक लेकर टॉप पर रहे। हांस नीमन, जिन्होंने शुरुआत में 5 में से 4.5 अंक हासिल किए थे, उन्होंने भी अगले दौर में जगह बना ली। उनके साथ फैबियानो कारूआना और अर्जुन एरिगैसी भी आगे बढ़े। कारूआना ने अपने शुरुआती छह मुकाबले ड्रॉ खेले थे, लेकिन आखिरी राउंड में नीमन को हराकर जरूरी जीत दर्ज की। लास वेगास के विंन होटल में फ्रीस्टाइल शतरंज की यूएस में पहली बार हो रही शुरुआत के साथ अब 16 खिलाड़ी नॉकआउट स्टेज में पहुंच चुके हैं। इनमें से आधे खिलाड़ी, जैसे कार्लसन और कीमर, निचले ब्रैकेट से आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे, जबकि बाकी खिलाड़ी सीधे खिताब की दौड़ में बने रहेंगे। गुरुवार को क्वार्टरफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें हारने वाले खिलाड़ी ऊपरी ब्रैकेट से निकलकर निचले ब्रैकेट में चले जाएंगे, जबकि जीतने वाले खिलाड़ी 2 लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि के लिए मुकाबला जारी रखेंगे।

10 साल बाद टी20 फॉर्मेट में न्यूजीलैंड को चुनौती देगा जिम्बाब्वे, दोनों टीमें इस फॉर्मेट में एक-दूसरे को चुनौती देंगी

नई दिल्ली जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स में 18 जुलाई को त्रिकोणीय टी20 सीरीज का तीसरा मैच खेला जाना है। करीब 10 साल बाद दोनों टीमें इस फॉर्मेट में एक-दूसरे को चुनौती देने जा रही हैं। दोनों टीमों के बीच टी20 इतिहास में अब तक कुल छह मैच खेले गए हैं, जिसमें सभी मुकाबले न्यूजीलैंड ने जीते। इस फॉर्मेट में आखिरी बार अगस्त 2015 में दोनों टीमों की भिड़ंत हुई थी। न्यूजीलैंड ने अक्टूबर 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ सात रन से जीत दर्ज की थी। इसके बाद साल 2011 में दोनों देशों के बीच दो मुकाबले खेले गए, जिसमें न्यूजीलैंड ने क्रमश: 10 विकेट और 34 रन से जीत हासिल की। इसके बाद साल 2012 में दोनों टीमें दो बार आमने-सामने आईं, जिसमें न्यूजीलैंड ने क्रमश: सात और पांच विकेट से जीत दर्ज की। दोनों देश अगस्त 2015 में आखिरी बार इस फॉर्मेट में आमने-सामने आए, जिसमें जिम्बाब्वे को 80 रन से हार झेलनी पड़ी। न्यूजीलैंड इस त्रिकोणीय सीरीज में अपना पहला मैच जीत चुकी है, जबकि जिम्बाब्वे को अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। प्वाइंट्स टेबल को देखें, तो अपना शुरुआती मुकाबला जीतकर न्यूजीलैंड की टीम शीर्ष स्थान पर है, जबकि साउथ अफ्रीका दो में से एक मैच जीतकर दूसरे पायदान पर मौजूद है। जिम्बाब्वे की टीम शुरुआती मुकाबला गंवाकर तीसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड की टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले को जीतकर प्वाइंट्स टेबल में नंबर-1 पायदान को मजबूत कर सकती है। वहीं, जिम्बाब्वे की टीम हर हाल में अपने जीत का खाता खोलना चाहेगी। त्रिकोणीय सीरीज में न्यूजीलैंड को जिम्बाब्वे के खिलाफ मजबूत टीम समझा जा रहा है, जिसके पास मिचेल सैंटनर, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, मैट हेनरी, जेम्स नीशम, रचिन रवींद्र और ग्लेन फिलिप्स जैसे खिलाड़ी हैं, लेकिन सिकंदर रजा की कप्तानी में जिम्बाब्वे की टीम को कमतर नहीं आंका जा सकता। न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही त्रिकोणीय टी20 सीरीज का फाइनल मैच 26 जुलाई को खेला जाना है, जिसमें प्वाइंट्स टेबल की शीर्ष दो टीमों के बीच भिड़ंत देखने को मिलेगी। न्यूजीलैंड : मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, जैकब डफी, जकरी फॉल्क्स, मिशेल हे, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, विल ओ’रूर्के, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम रॉबिन्सन, टिम सेफर्ट और ईश सोढ़ी। जिम्बाब्वे : सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेटरयान बर्ल, ट्रेवर ग्वांडु, क्लाइव मदांडे, वेस्ली मधेवेरे, टिनोटेंडा मापोसा, वेलिंग्टन मसाकाद्जा, विंसेंट मासेकेसा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजारबानी, डायोन मायर्सरिचर्ड नगारवा, न्यूमैन न्यामुरी, और तफदजवा त्सिगा।