samacharsecretary.com

ट्रायल कोर्ट की 1 साल की सजा पर हाई कोर्ट की रोक, 18 साल बाद मिला इंसाफ

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए 18 साल आरोपी के पक्ष में फैसला सुनाया है और उसे बरी किया है। अपने इस फैसले में न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ ने ग्राम पोंडी, पाटन, जबलपुर निवासी लोक सिंह को 18 वर्ष बाद दोषमुक्त करार दे दिया। उसके विरुद्ध ट्रायल कोर्ट की ओर से पारित आदेश अनुचित पाकर निरस्त कर दिया गया। ट्रायल कोर्ट ने उसे 18 साल पहले 1 वर्ष के कारावास और 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी। जुर्माना राशि जमा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की व्यवस्था दी गई थी। इस सजा के विरुद्ध पहले सेशल कोर्ट में अपील की गई, जहां ट्रायल कोर्ट का आदेश यथावत रखा गया। इसीलिए हाई कोर्ट में रिवीजन दायर की गई।   यह था मामला हाई कोर्ट में लोक सिंह का पक्ष अधिवक्ता प्रमेंद्र सेन व प्रवीण सेन ने रखा। उन्होंने दलील दी कि 16 फरवरी, 2004 को बेलखेड़ा पुलिस ने 54 लीटर देसी शराब जब्त करने का अपराध पंजीबद्ध कर लिया था। उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम अंतर्गत मामला बनाया गया था। 28 अगस्त, 2006 को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी, पाटन की कोर्ट ने सजा सुना दी। जिसके विरुद्ध 2007 में हाई कोर्ट की शरण ले ली गई थी।   दरअसल, यह मामला दुर्भावनावश फंसाए जाने से संबंधित था। अवैध शराब से लोक सिंह का कोई सरोकार नहीं था। इसीलिए वह अपनी बेगुनाही साबित करने जमानत हासिल करने के बाद से लंबे समय तक इंसाफ की लड़ाई लड़ता रहा। हालांकि अंत में हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया और 18 साल बाद लोक सिंह को दोष मुक्त कर दिया गया है।

सीएम साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में जीएसटी विभाग की समीक्षा बैठक ली

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के कार्यों एवं राजस्व संग्रहण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कर संग्रहण बढ़ाने के उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कर की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारी पूर्वक कर अदा करना चाहिए। श्री साय ने कहा कि जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे कर की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को जीएसटी एवं वैट से कुल 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है। बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने विभागीय जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जीएसटी संग्रहण हेतु विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि आगे भी नियमों के अनुरूप संग्रहण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कर अपवंचन के मामलों एवं उनसे निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने फर्जी बिल, दोहरी बहीखाता प्रणाली और गलत टैक्स दरों का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की नवाचारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण की औसत समय सीमा को 13 दिन से घटाकर 2 दिन कर दिया गया है। बैठक में अधिकारियों ने जीएसटी विभाग द्वारा हाल ही में की गई बड़ी कार्रवाइयों एवं कर चोरी की राशि की वसूली की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों से शासन के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे कर संग्रहण एवं जीएसटी से जुड़ी सेवाओं का कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जा रहा है। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत तथा आयुक्त वाणिज्यिक कर पुष्पेंद्र मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने की रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन की समीक्षा

रेलवे तथा राजस्व अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें – कलेक्टर सीधी   कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि रेलवे तथा राजस्व अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। रेलवे विभाग के अधिकारी कार्यों के प्राथमिकता क्रम को निर्धारित करते हुए राजस्व अधिकारियों के सतत संपर्क में रह कर कार्य मे प्रगति लाएं।   सीधी सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को भू-अर्जन के काम को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने लंबित रकबों के भू-अर्जन के धारा 11, 19, 21 की कार्यवाही निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जो भुगतान लंबित है उनकी कमियों को दूर करते हुए अगले एक सप्ताह में भुगतान की कार्यवाही पूर्ण करायें। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वय बनाकर काम करने के लिए निर्देशित किया, ताकि कार्य समय सीमा में पूर्ण हो।   बैठक में उपखण्ड अधिकारी गोपद बनास नीलेश शर्मा, चुरहट शैलेष द्विवेदी, सिहावल प्रिया पाठक, उप मुख्य अभियंता निर्माण रीवा घमंडी लाल मीणा, उप मुख्य अभियंता सीधी अवलीश मीणा, सहायक कार्यकारी अभियंता निर्माण सीधी अविनाश कुमार, वरिष्ठ खंड अभियंता निर्माण सीधी गिरधर मीणा, कुलदीप शर्मा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का जिले में आगमन 4 जुलाई को

मुख्यमंत्री सरई में आयोजित शसक्त महिला एवं जन जाति गौरव सम्मेलन में होगे शामिल सिंगरौली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  का 4 जुलाई को  जिले के  सरई अंचल में आगमन होगा  मुख्यमंत्री सरई में आयोजित शसक्त महिला  एवं जन जाति गौरव सम्मेलन में शामिल होगे। मुख्यमंत्री के आगमन को मद्देनजर रखते हुये देवसर विधानसभा के विधायक श्री राजेन्द्र मेश्राम,  कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला, पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री, एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह नागेश के द्वारा मुख्यमंत्री जी के लिए कार्यक्रम हेतु चयनित सभा स्थल सीएम राईज विद्यालय सरई के परिसर में की जा रही व्यवस्थाओ का निरीक्षण किया गया। एवं तैयारियो में सलग्न अधिकारी कर्मचारियो को समय पर सभी तैयारियो को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया।  कलेक्टर ने विंदुवार कार्यक्रम हेतु की जा रही तैयारियो का गहनता पूर्वक निरीक्षण करते हुयें सभा स्थल पर बैठक व्यवस्था, बैरिकेंटिग, पेयजल, वाहनो के पार्किग व्यवस्था, हेलीपैड सहित सभा स्थल तक पहुच मार्ग व्यवस्था आदि का अवलोकन करते हुयें निर्देश दिया गया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के आने वाले नागरिको के लिए सेक्टरवार बैठक व्यवस्था सुनिश्चित कराये। साथ सभा स्थल तक नागरिको लाने एवं ले जाने वाले वाहनो के लिए उचित पर्किग व्यवस्था सुनिश्चित करे।  कलेक्टर ने सभा स्थल पर निर्बध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही पेयजल, शौचालय, अग्निशमक आदि का उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के द्वारा जिले के जिन विकास कार्यो का लोकापर्ण भूमिपूजन कराया जाना है उनकी सूची तैयार कर विकास कार्यो की शिलापट्टीका तैयार कराकर व्यवस्थित करले। इसके अलावा भी कार्यक्रम के तैयारियो के संबंध मे कलेक्टर द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय,  एसडीएम देवसर अखिलेश सिंह, एसडीएम माड़ा राजेश शुक्ला, नगर निगम आयुक्त डी.के शर्मा,  डिप्टी कलेक्टर माइकेल तिर्की, देवेन्द्र द्विवेदी, तहसीलदार सरई चन्द्र शेखर मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

शहडोल सांसद ने अपनी बेटी का एडमिशन शासकीय विद्यालय में कराया

भोपाल  शहडोल सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने अपनी बेटी गिरीश नंदिनी सिंह का एडमिशन अनूपपुर जिले के ग्राम राजेंद्र के शासकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय में कराया है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह के इस निर्णय की सराहना की। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि इस सकारात्मक संदेश से अन्य जन-प्रतिनिधियों एवं नागरिकों को प्रेरणा मिलेगी। जन-सामान्य में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत होगा। 

सांसद बृजमोहन अग्रवाल को नई जिम्मेदारी की प्रदान, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति के बने सदस्य

रायपुर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति में सदस्य के रूप में नई जिम्मेदारी प्रदान की गई है. नई जिम्मेदारी मिलने के पश्चात सांसद अग्रवाल ने कहा कि, हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है. हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्धन और राजकीय कार्यों में अधिकाधिक उपयोग को लेकर मैं प्रतिबद्ध हूं. अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग की हिन्दी सलाहकार समिति में सदस्य के रूप में जुड़ना मेरे लिए गौरव का विषय है. उन्होंने आगे कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, गृहमंत्री अमित शाह एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे यह दायित्व सौंपा. उल्लेखनीय है कि हिन्दी सलाहकार समिति का कार्य मंत्रालय की योजनाओं, कार्यक्रमों और दस्तावेजों में राजभाषा हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग को सुनिश्चित करना तथा भाषा से संबंधित सुझाव देना होता है.

एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में मध्यप्रदेश को फ्रंट रनर स्टेट का दर्जा

भारत-जर्मनी सहयोग से सतत विकास लक्ष्य स्थानीयकरण पर नीति आयोग की 3 जुलाई को राज्य स्तरीय वर्कशॉप भोपाल  सतत विकास के लक्ष्यों को स्थानीय स्तर पर क्रियान्वित करने में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। इसी क्रम में सतत विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन में निजी उद्योग की भूमिका और सहभागिता को बढ़ाने के लिए भारत जर्मन सहयोग परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग द्वारा विशेषज्ञों की राष्ट्रीय कार्यशाला भोपाल के कोर्टयार्ड बाय मैरियट भोपाल में 3 जुलाई को सुबह दस बजे से आयोजित की गई है। कार्यशाला में मध्यप्रदेश के विभिन्न विभाग, जिलों के प्रतिनिधियों, नीति आयोग, जर्मनी की संस्था जीआईजेड के प्रतिनिधियों से सतत विकास के लक्ष्यों और उनके स्थानीयकरण के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मध्यप्रदेश उन राज्यों में से एक है जहां सतत विकास के लक्ष्यों के स्थानीयकरण में तेजी आई है और एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में मध्यप्रदेश को फ्रंट रनर स्टेट का दर्जा मिला। प्रदेश में उत्पादन और जिम्मेदार पूर्ण उपभोग, स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ स्वच्छता, शहरीकरण, गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश में उल्लेखनीय काम हुआ है। मध्यप्रदेश के प्रयासों से 2.30 करोड़ व्यक्ति बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करते हुए मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना, स्वास्थ्य सुरक्षा हासिल करने के लिए आयुष्मान भारत और स्वच्छ भारत के प्रावधान के लिए जल जीवन मिशन में उल्लेखनीय काम हुआ है। मध्यप्रदेश देश के उन पहले राज्यों में से एक है जिसने भोपाल शहर के लिए स्वैच्छ‍िक स्थानीय समीक्षा की और इंदौर नगर निगम में ग्रीन म्युनिसिपल बांड के माध्यम से वित्त जुटाने में अग्रणी भूमिका निभाई। कार्यशाला में जर्मन दूतावास और यूएनडीपी के प्रतिनिधि, भारत जर्मन सहयोग परियोजना की प्रमुख श्रीमती हेनरी पेईचर्ट, नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार श्री राजीव कुमार सेन और सतत विकास लक्षण के क्रियान्वयन से जुड़े विषय विशेषज्ञ, आर्थिक सलाहकार, कॉर्पोरेट भागीदारी से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि मई 2022 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ने भारत और जर्मनी के बीच हरित और सतत विकास के लिए एक नई साझेदारी के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी भारत-जर्मनी विकास सहयोग को 2030 एजेंडा और पेरिस समझौते के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए था। इस प्रक्रिया में भारत जर्मनी सहयोग का समर्थन करने के लिए जर्मन संघीय आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय बीएमजेड ने जीआईजेड संस्था के साथ साझेदारी की। जीआईजेड और नीति आयोग राष्ट्रीय राज्य और जिला स्तर पर सतत विकास लक्ष्य के क्रियान्वयन और निगरानी में सहायता के लिए संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने के करने में सहयोग दे रहे हैं। इसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मध्य पारस्परिक ज्ञान साझा करने को सुलभ बनाना और राज्य नीति आयोग और अन्य संस्थाओं के सहयोग के लिए मार्ग प्रशस्त करना है।  

उत्तर प्रदेश: बिजली के तारों से चिंगारी गिरने के कारण गैस पाइप में आग लगी

बरेली (उप्र) बरेली में नैनीताल राजमार्ग पर बिजली की लाइन से चिंगारी गिरने के कारण सड़क किनारे रखे प्लास्टिक गैस पाइप में आग लग गई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब साढ़े 10 बजे की है जब बिजली के तारों से निकली चिंगारी सड़क किनारे रखे प्लास्टिक पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पाइप और केबल के ढेर पर गिर गई। उसने बताया कि वहां रखी सामग्री ने तुरंत आग पकड़ ली और विकराल लपटें उठने लगीं। बरेली के अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) अकमल खान ने बताया कि एहतियात के तौर पर नैनीताल राजमार्ग पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही तुरंत रोक दी गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब आधे घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही, जिससे वहां जाम लग गया। खान ने बताया कि दमकल की कई गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और एक घंटे से अधिक समय तक आग बुझाने का कार्य जारी रहा। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ''आग संभवत: बिजली के तारों से चिंगारी निकलने के कारण लगी। अग्निशमन विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जाएगी।'' मौके पर पहुंचे पाइप बिछाने वाली कंपनी के अधिकारी अभिषेक ने बताया कि पाइप नई गैस लाइन डालने के लिए रखे गए थे जिनकी कीमत लाखों रुपये है। उन्होंने कहा, ''आग में पाइप व केबल का पूरा भंडार जलकर खाक हो गया, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ।'' अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।   

संभल में मुहर्रम जुलूस के दौरान नाबालिगों के ताजिया ले जाने पर रोक: पुलिस

संभल (उप्र) संभल पुलिस ने सुरक्षा कारणों और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता का हवाला देते हुए मुहर्रम जुलूस के दौरान नाबालिगों के ताजिया और अलम ले जाने पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तर) राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि मुहर्रम जुलूस के साथ जाने वाले स्वयंसेवकों के साथ एक बैठक आयोजित की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए। श्रीवास्तव ने कहा, ''यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि नाबालिग बच्चों को ताजिया या अलम ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।'' उन्होंने कहा, ''ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं जब अलम ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को छू गए थे और इस कारण उन्हें करंट लग गया था। ऐसे जोखिमों को ध्यान में रखते हुए केवल वयस्कों को ही उन्हें ले जाने की अनुमति दी जाएगी।'' अधिकारी ने बताया कि नाबालिग जुलूस का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन उन्हें ताजिया या अलम नहीं पकड़नी चाहिए। श्रीवास्तव ने इस बात पर भी जोर दिया कि ताजिया की ऊंचाई 10 फुट से अधिक नहीं होनी चाहिए और जुलूस केवल पारंपरिक मार्गों से ही निकलने चाहिए। उन्होंने कहा, ''सभी स्वयंसेवकों ने इन नियमों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।'' जुलूसों के दौरान तेज आवाज में ढोल-ताशा बजाने संबंधी चिंताओं पर श्रीवास्तव ने कहा, ''मुहर्रम शोक का अवसर है। ढोल-ताशा केवल परंपरा के अनुसार ही बजाए जाने चाहिए। खासकर दूसरे समुदायों के अराधना स्थलों के पास अनावश्यक शोर नहीं होना चाहिए।''  

मायावती ने प्राथमिक विद्यालयों को विलय करने के कदम की आलोचना की

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने बेसिक शिक्षा परिषद के तहत प्राथमिक विद्यालयों का विलय करने या उन्हें समेकित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के कदम की बुधवार को कड़ी आलोचना की। मायावती ने आरोप लगाया कि इस फैसले से गरीब बच्चों को नुकसान होगा। मायावती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस निर्णय को ‘अनुचित, गै़र-ज़रूरी एवं गरीब-विरोधी'' करार दिया और कहा कि इस कदम से आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के करोड़ों बच्चे अपने घरों के पास सुलभ और सस्ती शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के युग्मन/एकीकरण की आड़ में बहुत सारे विद्यालयों को बंद करने वाला जो फैसला लिया गया है वह गरीब बच्चों के हित में नहीं है। उन्होंने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपना यह फैसला वापस नहीं लेती है तो राज्य में बसपा की सरकार बनने पर इस फैसले को रद्द करके पुनः पुरानी व्यवस्था बहाल की जायेगी। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि उम्मीद है कि राज्य सरकार गरीबों व आमजन की शिक्षा के व्यापक हित के मद्देनजर इस फैसले को बदलने के बारे में जरूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने शैक्षणिक संसाधनों को युक्तिसंगत बनाने और कम नामांकन, शिक्षकों की कमी और बुनियादी ढांचे के दोहराव जैसे मुद्दों को दूर करने के प्रशासनिक प्रयास के तहत स्कूल विलय नीति शुरू की है। अधिकारियों का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य छोटे और कम नामांकित विद्यालयों को समेकित करना और उनका विलय नजदीकी संस्थानों में करना है।