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PWD अफसर होश में रहो! बिना बुलाए पुल उद्घाटन पर दयाशंकर सिंह का तीखा वार

लखनऊ  यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र बलिया में एक नवनिर्मित पुल को जनता के लिए बिना बताए खोलने पर पीडब्ल्यूडी के एक इंजीनियर को जमकर फटकार लगाई. दयाशंकर ने मौके पर मौजूद अधिशासी अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा, "ज्यादा दिमाग न खराब हो. मैं यहां का विधायक और मंत्री हूं. आपने मुझे बिना बताए पुल खोल दिया. मुझे पता है कि आप किसके इशारे पर काम कर रहे हैं." हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन वह संभवतः इंजीनियर पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के इशारे पर काम करने का आरोप लगा रहे थे. मंत्री ने कहा, "क्या आप यहां से चुनाव लड़ रहे हैं? क्या बसपा आपको टिकट दे रही है? हो सकता है कि विधायक आपको टिकट दिलाने में मदद कर रहे हों."   उन्होंने बाद में पत्रकारों को बताया कि अधिशासी अभियंता ने पहले बार-बार अनुरोध के बावजूद पुल न खोलने के लिए औपचारिक परीक्षण और प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव का हवाला दिया था. लेकिन मंगलवार को अचानक, लोक निर्माण विभाग के मामलों में दखल देने वाले और जिनकी बातों में ये इंजीनियर चलते हैं, किसी ऐसे व्यक्ति के प्रभाव में आकर, बिना हमारी अनुमति या सूचना के पुल खोल दिया गया- ताकि हमें श्रेय न मिले.   मंत्री ने आगे कहा, "इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाएगी. उन्होंने इलाके में लोक निर्माण विभाग की विश्वसनीयता पर भी चिंता जताई और कहा, "2015 से, पूर्व भुगतान के बावजूद यहां एक नाली तक नहीं बनी है. इस सरकार में कोई अधिकारी इतना शक्तिशाली कैसे हो सकता है? वह मंत्री, विधायक और यहां तक कि नगर पालिका अध्यक्ष की भी अनदेखी कर रहा है. ज़रूर कोई उच्च सुरक्षा वाला होगा." बता दें कि मंत्री दयाशंकर सिंह बीती रात को बलिया के कटहल नाले पर बने पुल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. तभी उन्हें पता चला कि बिना उद्घाटन के ही इसे जनता के लिए खोल दिया गया. इस बात से वो मौके पर मौजूद इंजीनियर के ऊपर उखड़ गए.  वहीं, पूरे मामले में पीडब्ल्यूडी के एक्सइन ने कहा कि पुल का उद्घाटन नहीं हुआ है, केवल पुल और सड़क को चालू किया गया है, जिससे कि आवागमान सुचारु रूप से हो सके. चूंकि, बाढ़ आई हुई है और कटहल नाला भरा हुआ है, पुराना पुल जो था उसके एप्रोच की मिट्टी सरक रही थी. पुल पर खतरा हो सकता था. इसलिए पुराने पुल को बंद करके नए पुल को चालू कर दिया गया ताकि कोई हादसा न हो. 

UP में भारी बारिश के कहर को देखते हुए लिया गया फैसला, फिर बढ़ीं स्कूलों की छुट्टियां!

पीलीभीत उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया। जिले में लगातार हो रही बारिश और स्कूलों में जलभराव की स्थित को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक संचालित सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, सहायता प्राप्त स्कूलों और सभी बोर्डों से मान्यता प्राप्त स्कूलों को 6 अगस्त और 7 अगस्त को बंद कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर यह फैसला लिया गया, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।  शहर की सड़केंगलियां, कॉलोनियां और बाजार पानी से लबालब हो गए हैं। बारिश का पानी घरों के अंदर तक घुस गया, जिससे लोग अपने ही घरों में कैद हो गए हैं। मेन मार्केट, स्टेशन रोड, राजबाग कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। नालियों की सफाई ना होने और अधूरे नाले निर्माण ने हालात को और भी बिगाड़ दिया है। नगर प्रशासन द्वारा राहत कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन तेजी से जलनिकासी ना होने के कारण स्थिति अभी भी नियंत्रण से बाहर दिखाई दे रही है  

पायलट का मंच से संदेश– सोचकर बोलें, शब्द लौटते नहीं

जयपुर राजधानी जयपुर में मंगलवार को एनएसयूआई द्वारा छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने भी शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने छात्र राजनीति, संयम और भाषा की मर्यादा को लेकर युवाओं को महत्वपूर्ण संदेश दिया। सचिन पायलट ने कहा कि जो शब्द मुंह से निकलते हैं, वे वापस नहीं आते। राजनीति में भाषा और व्यवहार का बहुत महत्व होता है और इसकी शुरुआत छात्र राजनीति से होती है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए स्पष्ट किया कि संयम, सौम्यता और सही शब्दों का चयन ही किसी नेता की असली ताकत होती है। युवाओं को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि आप में से ही कोई भविष्य में विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री बनेगा लेकिन उस पद की गरिमा आपकी भाषा, संयम और सोच से तय होती है। इसलिए छात्र राजनीति से ही यह सीख लेनी चाहिए कि क्या बोलना है, कैसे बोलना है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में कई बार उकसावे की स्थिति आएगी, कई तरह के आरोप लगेंगे, लेकिन संयम नहीं छोड़ना है। जैसे अर्जुन को सिर्फ मछली की आंख दिखती थी, वैसे ही आपको भी सिर्फ लक्ष्य दिखना चाहिए। पायलट ने कहा कि कोई भी आपकी सहनशीलता, मधुर भाषा और संयम को आपकी कमजोरी न समझे। ताकत क्या है, यह जनता अच्छी तरह जानती है। हालांकि पायलट ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उनके यह शब्द पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान की ओर इशारा करते हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बीकानेर दौरे पर अशोक गहलोत ने कहा था कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं हैं और अगर कोई मतभेद की बात करता है तो वह मीडिया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि मानेसर प्रकरण को भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए। इस बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने तंज कसते हुए कहा था कि गहलोत तो भूल सकते हैं, लेकिन क्या सचिन पायलट भूल पाएंगे कि उन्हें नकारा और निकम्मा कहा गया था? अब सचिन पायलट का यह संयमित लेकिन स्पष्ट संदेश न सिर्फ कांग्रेस के भीतर की स्थिति को दर्शाता है बल्कि यह भी बताता है कि वे अपनी राजनीतिक सोच और सार्वजनिक व्यवहार को किस स्तर पर लेकर चल रहे हैं। इन बयानों के बाद लगता है कि आने वाले दिनों में राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में और भी दिलचस्प मोड़ देखने को मिल सकते हैं।

प्रो पंजा लीग 2025: श्रीमंत झा बने छत्तीसगढ़ के पहले प्रतिनिधि खिलाड़ी

रायपुर भारतीय आर्म रेसलिंग के इतिहास में छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय आर्म रेसलर श्रीमंत झा प्रतिष्ठित प्रो पंजा लीग के लिए चयनित होने वाले प्रदेश के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस बार लीग का यह दूसरा सीजन होगा, जो 5 अगस्त से 22 अगस्त 2025 के बीच मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ट्रेनिंग सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित की जा रही है। जहां श्रीमंत मुंबई मसल फ्रेंचाइज़ी का प्रतिनिधित्व करेंगे। आर्म रेसलिंग की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम हैं श्रीमंत झा बता दें कि श्रीमंत झा आर्म रेसलिंग की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम हैं। भिलाई के रहने वाले श्रीमंत ने अब तक 56 अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किए हैं। वर्तमान में वह विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर और एशिया में नंबर एक पर हैं। उनकी ये उपलब्धियां उनके समर्पण, कठोर मेहनत और खेल के प्रति जुनून को दर्शाती हैं। पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर श्रीमंत एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं और अपने व्यस्त प्रोफेशनल जीवन के साथ-साथ आर्म रेसलिंग के प्रति अपने जुनून को बखूबी निभा रहे हैं। उनका अनुशासन और निरंतर अभ्यास उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आया है। श्रीमंत का प्रो पंजा लीग में चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। वे राज्य के उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा सपना देखना और उसे पूरा करना चाहते हैं। प्रो पंजा लीग 2025 भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के शीर्ष आर्म रेसलरों की प्रतियोगिता है। इस मंच परश्रीमंत झा की मौजूदगी छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो राज्य को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा। श्रीमंत को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर ढेरों शुभकामनाएं और भविष्य के मुकाबलों के लिए हार्दिक बधाई। क्या है प्रो पंजा लीग ? प्रो पंजा लीग का पहला सीजन जुलाई 2023 में आयोजित हुआ था। यह लीग भारत की प्रमुख पेशेवर आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता है, जिसका उद्देश्य इस खेल को आम लोगों तक पहुंचाना और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है। इसमें भारत सहित विभिन्न देशों के सर्वश्रेष्ठ आर्म रेसलर हिस्सा लेते हैं, जिससे यह लीग इस खेल में उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुकी है। प्रो पंजा लीग का फॉर्मेट टूर्नामेंट के फॉर्मेट की बात करें तो एक वेट कैटेगरी में दो खिलाड़ियों के बीच बाउट्स होते हैं। इन बाउट्स में खिलाड़ियों को पिन हासिल करने यानी राउंड जीतने होते हैं। पुरुष और महिला दोनों वर्ग में बाउट्स तय वेट कैटेगरी में होते हैं। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी अलग श्रेणी है। लीग प्रारूप के बाद सेमीफाइनल होगा। फिर फाइनल में विजेता तया होगा। कितने मुकाबले होंगे प्रो पंजा लीग 2025 में 5 अगस्त से 21 के बीच 17 दिन में 30 मैच होंगे। 4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। विजेताओं का मुकाबला फाइनल में होगा। 20 अगस्त को सेमीफाइनल और 21 अगस्त को फाइनल होगा। इस बार सीजन 2 में छह टीमें- मुंबई मसल, जयपुर वीर, किराक हैदराबाद, शेर-ए-लुधियाना, रोहतक रॉडीज और एमपी हथोड़ास आपस में भिड़ेगी। इस बार प्रो पंजा लीग में नई और छठी फ्रेंचाइजी टीम एमपी हथोड़ास का एंट्री हुई है। श्रीमंत मुंबई मसल का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रो पंजा लीग 2025 की लाइव स्ट्रीमिंग और टेलीकास्ट डिटेल्स प्रो पंजा लीग 2025राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने के लिए मैचों का प्रसारण और स्ट्रीमिंग कई प्लेटफॉर्म पर होंगे। सोनी स्पोर्ट्स 3 और डीडी स्पोर्ट्स इसका टीवी पर प्रसारण करेंगे। फैनकोड इसकी लाइव स्ट्रीमिंग करेगा। वहीं, स्पोर्टवोट अंतरराष्ट्रीय प्रशंसकों के लिए इस टूर्नामेंच की लाइव स्ट्रीमिंग करेगा।

गरियाबंद बोर्ड रिजल्ट में बदलाव: पुनर्मूल्यांकन के बाद मिला चौथा स्थान

’पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट के बाद बोर्ड द्वारा स्थाई मेरिट लिस्ट जारी’ रायपुर शैक्षणिक सत्र 2024-2025 में घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम गरियाबंद शिक्षा के क्षेत्र मे एक और अभूतपूर्व उपलब्धियों वाला रहा। जहां कक्षा 12 वीं के परीक्षा परिणाम में जिले ने राज्य मे चौथा रैंक हासिल किया। इसी प्रकार पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा स्थाई मेरिट लिस्ट जारी किया गया है। जिसमें कक्षा 10वीं मे जिले के सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल, देवभोग के भूपेश कुमार नागेश ने 98.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य स्तर पर तीसरा रैंक प्राप्त किया है।   शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार बोर्ड द्वारा प्रतिवर्ष विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए अलग से मेरिट लिस्ट जारी किया जाता है, इसमें भी जिले के छात्रों ने अपने प्रतिभा का अच्छा प्रदर्शन किया है। इस वर्ष हायर सेकेंडरी स्कूल, सडक परसुली के शैलेन्द्र कुमार शोरी ने इस संवर्ग मे प्रथम स्थान प्राप्त कर मेरिट में अपना स्थान बनाया है। दूरस्थ ग्रामीण अंचल के छात्र भूपेश नागेश ने राज्य में तृतीय रैंक, तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्र शैलेन्द्र शोरी ने संवर्ग में राज्य मंे प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

BJP पर गंभीर आरोप: अखिलेश बोले- नकली आधार बनाने की मशीनें हैं इनके पास

लखनऊ अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आधार कार्ड लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले नकली आधार बनाने की मशीन रखते हैं. नकली आधार बनाकर नकली वोटर आईडी बनाते हैं. इनकी मशीन छीनी जाए. इतना ही नहीं अखिलेश ने चुनाव आयोग से नई मांग की है. उनका कहना है कि चुनाव आयोग को वोटर आईडी और आधार कार्ड मैटल का बनाना चाहिए. अखिलेश ने इसके पीछे तर्क दिया कि मैटल के आईडी होंगे तो कोई चुनाव के दिन फर्जी नहीं बना सकेगा. आधार पर हमारा सबकुछ निर्भर करता है. वही हमारी पूरी पहचान है. असली-नकली की पहचान के लिए मशीनें बना ही सकते हैं. टेक्नोलॉजी इतनी आसान है, सस्ती है. चुनाव आयोग को सुधार करना चाहिए, सरकार को हमारी मांग माननी चाहिए. सपा मुखिया ने कहा कि यूपी के पिछले चुनावों की बात करते हुए कहा कि डीजीपी हटते थे, गृह सचिव, डीएम, एसपी हटते थे. ये पोस्ट होते हैं कि चुनाव कौन लूट सकते हैं. जो चुनाव अच्छी तरह लूट सकता है, उसे अच्छी पोस्टिंग दी जाती है. हमारी पार्टी ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग को टैग करके शिकायत की है लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

ग्रामीणों ने उद्योग को जमीन आवंटन का किया विरोध, चारागाह और श्मशान बचाने की उठी मांग

महासमुंद शासकीय भूमि को पंचायत के बिना प्रस्ताव के मनोरमा इंडस्ट्री को दिए जाने का विरोध करते हुए ग्राम पंचायत बिरकोनी के सैंकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर आपत्ति जताई। ग्रामीण चारागाह और श्मशान घाट की भूमि को उद्योग को देने पर आक्रोशित हैं, जबकि मनोरमा इंडस्ट्री 100 साल पुरानी चुहरी तालाब को कृषि भूमि बताकर पहले ही खरीद चुके हैं। इसके लिए बकायदा शासन से स्टांप ड्यूटी में उद्योग के नाम पर 58 लाख से ज्यादा का छूट भी ले चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम पंचायत बिरकोनी के औद्योगिक क्षेत्र से दूर खसरा नंबर 2435, 2436, 2619, 2620, 2616, 2614 रकबा क्रमशः 1.72, 0.45, 0.22, 10.95, 0.12 हेक्टेयर कुल खसरा 06, कुल रकबा 3.48 हेक्टेयर भूमि शासन के मद में दर्ज है। इसे जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग महासमुंद को हस्तांतरण किए जाने के लिए तहसीलदार न्यायालय से 23 जुलाई को दावा आपत्ति के लिए ईश्तहार जारी किया गया था। इसकी भनक लगते ही सैंकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर से मनोरमा इंडस्ट्री को भूमि दिए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों के विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रस्तावित है जमीन ग्रामीणों ने बताया कि खसरा नंबर 2485 में चारागाह भूमि है, 2620 में श्मसान भूमि है। साथ ही उपरोक्त भूमि पर जिला माडल गौठान के तहत रीपा प्रोजेक्ट का कार्य किया गया है। ग्रामीणों के विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए खसरा नं 2435 को ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तावित किया गया है। इसी भूमि के कुछ भाग पर मनरेगा के तहत चारागाह का निर्माण भी किया गया है, जो ग्रामवासियों का निस्तारी का एक मात्र साधन है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी प्रकार से मनोरमा इंडस्ट्री को सरकारी भूमि नहीं देना चाहते हैं। यह जमीन हमारे निस्तारी और मुक्तिधाम के लिए है। इस मामले में कलेक्टर का कहना है कि आपत्ति आई है, जिसकी जांच कराने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की पहल रंग लाई, राजस्व अधिकारियों की मांगों पर बनी सहमति, हड़ताल समाप्त

राजस्व अधिकारियों की मांगों पर बनी सहमति, हड़ताल समाप्त प्रमुख मुद्दों पर हुई कार्रवाई, शासन ने दिए आवश्यक निर्देश रायपुर, राजस्व संघ के संसाधन नही तो काम नही सिद्धान्त पर आधारित 17 सूत्रीय मांगों की पूर्ति हेतु विगत सकारात्मक पहल नही होने पर 28 जुलाई से चरणबद्व आंदोलन पर बैठे राजस्व अधिकारियों ने राजस्व मंत्री के सकारात्मक पहल और ठोस आश्वासन पर आज हड़ताल से वापस हो गए। राज्य में गत कुछ दिनों से चल रही राजस्व अधिकारियों की हड़ताल अब समाप्त हो गई है। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के निवास कार्यालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद राजस्व संघ के पदाधिकारियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।        राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर कहा, “राजस्व विभाग शासन की रीढ़ है, और अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी समस्याओं को शासन गम्भीरता से लेता है और उचित समाधान हेतु कटिबद्ध है।”      इस अवसर पर राजस्व सचिव, राजस्व संचालनालय के संचालक तथा उप सचिव भी उपस्थित रहे। संघ के प्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों से विस्तृत चर्चा कर अपनी मांगों एवं समस्याओं को सामने रखा। मंत्री श्री वर्मा ने उनकी सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए समाधान हेतु आवश्यक आश्वासन दिए। संघ पदाधिकारियों ने भरोसा जताया कि राज्य शासन द्वारा समयबद्ध ढंग से उनकी मांगों का समाधान किया जाएगा। मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने राजस्व विभाग को सुचारू बनाए रखने हेतु तत्परता से पहल की। राजस्व सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संघ के प्रतिनिधियों से विस्तृत विमर्श कर समाधान के लिए मार्ग प्रशस्त किया। संघ द्वारा प्रस्तुत मुख्य मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रशासन ने कई अहम बिंदुओं पर सहमति जताई है। परिणामस्वरूप, राजस्व अधिकारियों ने हड़ताल समाप्त कर पुनः कार्यभार संभालने की घोषणा की है। डिप्टी कलेक्टर के पदों पर पदोन्नति/सीधी भर्ती पर 50 : 50 अनुपात की बहाली पर कार्यवाही की जाएगी। राजस्व अधिकारियों को राजपत्रित दर्जा दिए जाने की मांग पर नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार को राजपत्रित करने संबंधी प्रस्ताव पर शासन ने त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। लंबित पदोन्नति प्रकरणों का निराकरण करते हुए नायब तहसीलदारों एवं तहसीलदारों के लंबित ग्रेड पे और पदोन्नति मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाएगा। इसी तरह सभी तहसीलों में कार्यरत अधिकारियों को प्रोटोकॉल एवं लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी हेतु शासकीय वाहन व चालक की सुविधा उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन मिला है। राजस्व विभाग में बिना वैध प्रक्रिया के निलंबन अथवा अभियोजन से प्रभावित अधिकारियों की स्थिति की 15 दिवस के भीतर जांच कर बहाली की कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से राज्यभर के राजस्व कार्यालयों में कामकाज पुनः सामान्य हो गया है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। संघ ने शासन की तत्परता और समाधानात्मक रुख की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि लंबित विषयों पर आगे भी संवेदनशील निर्णय लिए जाएंगे। यह वार्ता संवाद और समन्वय के माध्यम से प्रशासनिक समस्याओं के समाधान का सफल उदाहरण बनी है। हड़ताल की वापसी से राहत हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रदेश भर में राजस्व संबंधी कार्यों के पुनः सुचारू संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे नामांतरण, बंटवारा, भू-अधिकार अभिलेख, सीमांकन जैसे कार्यों में हो रही देरी पर रोक लगेगी और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय राजस्व विभाग एवं शासन के बीच संवाद, सहमति और समाधान की संस्कृति को दर्शाता है, जो प्रशासनिक मजबूती और जनसेवा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर राजस्व संघ के प्रांताध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार लहरे,कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह राठौर,प्रदेश सचिव श्री प्रशांत पटेल,प्रदेश प्रवक्ता श्री शशिभूषण सोनी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का तोहफा: 20 मिनट में फरीदाबाद से नोएडा, बिना जाम के सफर

नई दिल्ली दिल्ली और फरीदाबाद से नोएडा की यात्रा करते समय अक्सर यातायात जाम का सामना करना पड़ता है, क्योंकि यह मार्ग ट्रैफिक के लिए जाना जाता है. लेकिन अब इस समस्या से जल्द ही राहत मिलने वाली है, क्योंकि एक महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जारी है. इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने पर, 31 किलोमीटर तक आपको ट्रैफिक जाम की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. रिपोर्टों के अनुसार, यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 31 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 6 लेन होंगी. इसका निर्माण फरीदाबाद सेक्टर-65 से शुरू होकर जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक किया जा रहा है. यह एक्सप्रेसवे पश्चिम में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के डीएनडी-केएमपी स्पर से प्रारंभ होगा और पूर्व में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तथा यमुना एक्सप्रेसवे को पार करते हुए नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल पर समाप्त होगा. इस परियोजना का कार्य नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा किया जा रहा है. कितना काम हो चुका पूरा? इस एक्सप्रेसवे के हरियाणा खंड का निर्माण कार्य अपेक्षाकृत धीमी गति से चल रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में इसका कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है. रिपोर्टों के अनुसार, जेवर एक्सप्रेसवे का कार्य शुरू हुए दो वर्ष हो चुके हैं, और इसे पूरा करने की निर्धारित तिथि 21 जून 2025 थी, जो अब बीत चुकी है. अभी भी इस एक्सप्रेसवे का काफी काम बाकी है, और कुछ समय के लिए कार्य को रोकना भी पड़ा था. हरियाणा सेक्शन में कई स्थानों पर कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है, और अब 2026 के अंत तक इस एक्सप्रेसवे के पूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है. 15 से 20 मिनट में पहुंचेंगे नोएडा इस परियोजना की कुल लागत लगभग 2,400 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है. इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से नोएडा और फरीदाबाद के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी. वर्तमान में, फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट पहुंचने में दो घंटे से अधिक का समय लगता है, जबकि इस नए मार्ग के खुलने के बाद यह यात्रा केवल 15 से 20 मिनट में पूरी हो सकेगी. इस एक्सप्रेसवे के बनने से इन दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले वाहन चालकों को काफी सुविधा मिलेगी. इन इलाकों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे फरीदाबाद और नोएडा एयरपोर्ट के बीच बन रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे इन दोनों शहरों के कई क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा. यह एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर के वल्लभनगर, अम्पुर और झुप्पा गांवों से होते हुए हरियाणा के बहपुर, कलां, मोहना और नरहावली गांवों तक पहुंचेगा. इसके अतिरिक्त, यह कुंडली गाजियाबाद पलवल (KGP), यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई हाईवे और कुंडली, मानेसर, पलवल (KMP) हाईवे से भी जुड़ाव स्थापित करेगा.

होटलों में परोसा जा रहा था नकली पनीर, राजधानी में छापे में खुला बड़ा फूड फ्रॉड

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. यहां सस्ता और घटिया क्वालिटी का पाम ऑयल, फैट के डल्ले, और दूध पाउडर से नकली पनीर तैयार किया जा रहा था. यह फैक्ट्री शंकर नगर क्षेत्र में नाले के ऊपर चल रही थी. स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली पनीर, कच्चा माल, थर्माकोल डिब्बे और पैकिंग सामग्री जब्त किया है. जानकारी के मुताबिक, रामानंद बाघ नामक व्यक्ति ने एनालॉग उत्पाद बनाने का लाइसेंस ले रखा था. जो मुनाफे के लिए  पाम ऑयल, फैट के डल्ले, और दूध पाउडर का उपयोग कर नकली पनीर तैयार करता था. यहां नियमों को भी अनदेखा किया जा रहा था. अस्वच्छ तरीके से स्टोर कर के पॉलीथिन में पैक कर के राजधानी के कई होटलों, ढाबों और ओडिशा तक भेजा जा रहा था. इसे बनाने में 180 रुपए की लागत आती थी, जिसे वह 250 रुपए में मार्केट में बेच देता था. फैक्ट्री संचालक रामानंद ने बताया कि 180 रुपए में एक किलो माल तैयार हो जाता है, जिसे वह होटल संचालकों और सप्लायर्स तक 240 से 250 रुपये प्रति किलो तक के दाम तक पहुंचाता है. फैक्ट्री से ये चीजें हुई जब्त स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने नकली पनीर की फैक्ट्री में छापा मरकर बड़ी मात्रा में नकली पनीर, कच्चा माल, थर्माकोल डिब्बे और पैकिंग सामग्री जब्त  किया। अधिकारियों ने कई सैंपल कलेक्ट किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है.  रिपोर्ट आने के बाद संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संचालक से लाइसेंस व अन्य दस्तावेज भी मांगे गए हैं, जिसकी प्रारंभिक जांच में भारी अनियमितताएं पाई गई है. मौके पर सहायक आयुक्त भी पहुंचे, उन्होंने बताया कि खाद्य उत्पादों को नियमानुसार पैक किया जाना चाहिए, पैकिंग पर उसमें उपयोग की गई सामग्री, पोषण तत्वों की मात्रा, निर्माण व समाप्ति तिथि आदि अंकित होनी चाहिए. लेकिन यहां तो डल्ले बना कर खुली झिल्ली में माल पैक कर बेचा जा रहा था.