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CM योगी का बड़ा एक्शन प्लान: मंडलवार संवाद से खत्म होगी अफसरशाही की मनमानी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में जनप्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के बीच लगातार बढ़ रही खटपट अब सरकार के लिए सिरदर्द बन गई है। विधायकों और मंत्रियों की शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मंडलवार संवाद' नामक नई पहल की शुरुआत की है। इस पहल के जरिए जनप्रतिनिधियों और अफसरों को एक मंच पर लाकर समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। पिछले कुछ महीनों में कई मंत्री और विधायक अधिकारियों की मनमानी और असहयोग रवैये के खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला जैसे कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जताई है। दो साल से चल रहा था विवाद, अब सामने आए खुलकर आरोप सूत्रों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से विधायकों और अधिकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। अब, 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए ये विवाद सतह पर आ गया है। भाजपा के एक विधायक का कहना है, “हम जनता के प्रति जवाबदेह हैं, लेकिन अधिकारी हमारी बात सुनने को तैयार नहीं।” अधिकारियों की सफाई: जनप्रतिनिधि डालते हैं अनुचित दबाव दूसरी ओर, सचिवालय कर्मचारी संघ के सदस्य और कई अधिकारी यह कहते नजर आ रहे हैं कि जनप्रतिनिधि अक्सर नियमों से परे जाकर दबाव बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने पहले ही अधिकारियों से कहा था कि वे बेवजह के दबाव में आए बिना काम करें। CM ने दी कड़ी हिदायतें, डीएम-एसडीएम के हुए तबादले सीएम योगी ने मंत्रियों और विधायकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलों में अफसरों के तबादले किए हैं। मंत्री प्रतिभा शुक्ला के अनुसार, “योगी जी ने हमारी बात सुनी और संबंधित अफसरों को बदला गया। उम्मीद है अब चीजें सुधरेंगी।” अधिकारियों ने फोन उठाना हंद कर दिया…ऊर्जा मंत्री खुलेआम जता चुके हैं नाराजगी गौरतलब है कि हाल ही में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अपने कार्यालय के एक्स अकाउंट पर लिखा था- 'अधिकारियों ने फोन उठाना पूरी तरह से बंद कर दिया है। स्थिति पहले से ही खराब थी, और अब यह और भी बदतर हो गई है।' शर्मा ने अपनी बात रखने के लिए बिजली उपभोक्ता और विभाग के एक अधिकारी के बीच बातचीत का एक ऑडियो क्लिप अपलोड किया। मंत्री गोपाल गुप्‍ता नंदी ने CM योगी को लिखी थी चिट्ठी वहीं बुनियादी ढांचा और उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र वायरल हो गया था। इसमें उन्होंने अपने विभाग के अधिकारियों पर दो वर्षों से अधिक समय से निर्देशों का पालन नहीं करने के साथ-साथ मनमाने ढंग से काम करने और कुछ के प्रति तरजीही व्यवहार दिखाने का आरोप लगाया था।

उत्तर प्रदेश में कानून का खौफ: योगी सरकार ने 15,000+ अपराधियों को भेजा जेल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में आपरेशन कन्विक्शन के तहत पिछले एक वर्ष में गंभीर अपराध हत्या, डकैती, लूट, अपहरण और पॉक्सो एक्ट में 15 हजार से अधिक अपराधियों को कठोर सजा दिलायी गयी है। इस दौरान गंभीर अपराध के 47 हजार से अधिक मामले चिन्हित किये गये। इनमें से कोर्ट द्वारा 19 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण कर अपराधियों को सजा दी गयी। प्रदेशभर में ऑपरेशन कन्विक्शन पुलिस महानिदेशक अभियोजन दीपेश जुनेजा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए प्रदेशभर में ऑपरेशन कन्विक्शन चलाया जा रहा है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पिछले एक वर्ष में हत्या, डकैती, लूट, अपहरण, पॉक्सो एक्ट, बलात्कार और चोरी जैसे गंभीर 47,149 अपराध के मामलों को चिन्हित किया गया। इनमें से कोर्ट द्वारा 19,584 मामलों का निर्णय करते हुए 15,641 अपराधियों को सजा सुनायी गयी। आंकड़ों पर एक नजर :- हत्या के 9,942 मामलों में से 4,137 का निर्णय हुआ, जिनमें से 3,411 अपराधियों को सजा मिली और 726 दोषमुक्त हुए। सजा दर 82.45 प्रतिशत है। पॉक्सो एक्ट/बलात्कार के 27,074 मामलों में 9,140 का निपटारा हुआ, जिसमें से 6,075 को सजा और 3065 दोषमुक्त हुए। सजा दर 66.46 प्रतिशत है। डकैती के 461 मामलों में 203 का निर्णय हुआ, जिनमें से 174 को सजा मिली और 29 बरी हुए। सजा दर 85.71 प्रतिशत है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान से अपराधियों में कानून का भय ऑपरेशन कन्विक्शन को प्रभावी बनाने के लिए ई-प्रॉसीक्यूशन पोर्टल और केस ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। वर्चुअल कोर्ट सुनवाई जैसे नवाचारों को अपनाया गया है। जिला स्तर पर अभियोजन अधिकारियों को प्रशिक्षित कर मामलों की त्वरित समीक्षा करवाई जा रही है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान से अपराधियों में कानून का भय पैदा हुआ है और संगठित गिरोहों का नेटवर्क कमजोर हुआ है। कई मामलों में अपराध की प्रवृत्तियों में कमी आई है। यह अभियान प्रदेश में कानून के शासन की पुनर्स्थापना का प्रतीक बन चुका है।  

कांवड़ यात्रा को लेकर सपा पर बरसे योगी, बरेली को दी 2,264 करोड़ की विकास योजनाएं

बरेली  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि समाज की सतर्कता और प्रशासन की सक्रियता के कारण कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की साजिशें बार-बार नाकाम हुई हैं। मुख्यमंत्री ने बरेली में 2,264 करोड़ रुपये की 545 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कुछ असामाजिक तत्वों ने कांवड़ यात्रा की छवि खराब करने की कोशिश की लेकिन समाज की जागरुकता व प्रशासन की तत्परता ने ऐसी साजिशों को नाकाम कर दिया है। यह यात्रा अब एकता और भक्ति की प्रतीक है।''  ‘‘माफिया मुक्त'' हुआ यूपी – सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘2017 से पहले बरेली हर तीसरे माह सांप्रदायिक दंगों का गवाह बनता था। आज यह नाथ कॉरिडोर और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए जाना जाता है।'' उन्होंने उत्तर प्रदेश के ‘‘माफिया मुक्त'' हो जाने का दावा करते हुए कहा, ‘‘पहले हर जिले का अपना माफिया डॉन होता था। आज उत्तर प्रदेश एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज और एक जिला, एक उत्पाद के लिए जाना जाता है। हम आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करते हुए आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण कर रहे हैं।''  ‘2017 से पहले सरकारी नौकरियां राजनीतिक रिश्तेदारों के लिए खुली छूट थीं'  मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिये बगैर कहा, ‘‘2017 से पहले सरकारी नौकरियां राजनीतिक रिश्तेदारों के लिए खुली छूट थीं। चाचा-भतीजे भर्ती को अपने निजी व्यवसाय की तरह समझते थे। पिछले आठ वर्षों में साढ़े आठ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरी दी गई है।'' पुलिस बल में भर्ती का हवाला देते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘हमने 60 हजार 244 पुलिसकर्मियों की भर्ती पूरी कर ली है। इनमें से 12 हजार से अधिक महिलाएं हैं।''  भाजपा विरासत को विकास से जोड़ रही है – योगी आदित्यनाथ  उन्होंने दावा किया कि अब किसी भी योजना के क्रियान्वयन में जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह नया भारत है जो ‘सबका साथ, सबका विकास' की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘डबल इंजन वाली भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकार विरासत को विकास से जोड़ रही है।''  सीएम ने 6 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किए नियुक्तिपत्र   मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले के माध्यम से चयनित छह हजार से अधिक युवाओं को नियुक्तिपत्र भी वितरित किए और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र व टैबलेट प्रदान किये। योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘इस योजना के तहत चयनित युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण प्रदान किया जाता है। समय पर भुगतान करने पर ऋण को 7.5 लाख और फिर 10 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘डबल इंजन वाली सरकार लोगों के जीवन में समृद्धि और खुशी सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रही है।''   

कांवड़ियों के स्वागत में उमड़ा भक्ति भाव: सीएम योगी ने की पुष्प वर्षा और पूजा अर्चना

गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हरिद्वार दिल्ली राष्ट्रीय राज मार्ग पर कांवड़ यात्रा का हवाई निरीक्षण किया और यहां बाबा दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग तथा मेरठ-मुजफ्फरनगर मार्ग का हवाई निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा भी की। मुख्यमंत्री ने मेरठ रेंज के अधिकारियों से कांवड़ यात्रा के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहे यात्रियों पर मेरठ में पुष्प वर्षा की। पुष्प वर्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ कांवड़ियों से सीधी बात भी की। कांवड़ियों ने हर हर महादेव के नारे के साथ उनका अभिवादन किया। पुष्प वर्षा के दौरान हर हर महादेव के नारे दूर तक गूंजते रहे। जूना अखाड़ा के प्रवक्ता एवं श्रीदूधेश्वरनाथ मठ के श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना करके आज से शुरु हो रहे श्रावण कावड़ मेला का शुभारंभ भी किया।सिद्धपीठ में यह मेला शिवरात्रि के जलाभिषेक तक चलेगा। 

बिजली संकट पर सख्त हुए योगी, अफसरों को दी सुधार की अंतिम चेतावनी

लखनऊ बिजली की आंख मिचौली से खफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ट्रिपिंग, ओवरबिलिंग और अनावश्यक कटौती किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। विद्युत आपूर्ति के लिए व्यवस्था में सुधार करना ही होगा वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री योगी ने यहां ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था अब केवल तकनीकी या प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और शासन की संवेदनशीलता का पैमाना बन चुकी है। सीएम ने शिकायतों पर जताई नाराजगी  बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जून 2025 में उत्तर प्रदेश ने रिकॉर्ड 31,486 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग सफलतापूर्वक पूरी की। इस अवधि में 16,930 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई। लगातार बढ़ रही उमस (ह्यूमिडिटी) और तापमान ने खपत को अप्रत्याशित रूप से बढ़ाया, इसके बावजूद शहरी क्षेत्रों में औसतन 24 घंटे, तहसील स्तर पर 21.5 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने ट्रिपिंग की लगातार आ रही शिकायतों पर गहरी नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि प्रत्येक फीडर की तकनीकी जांच हो, कमजोर स्थानों की पहचान कर तुरंत सुधार कराया जाए।  ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता तुरंत बढ़ाई जाएः योगी  सीएम ने कहा कि जहाँ ज़रूरत हो, वहां ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता तुरंत बढ़ाई जाए ताकि ओवरलोडिंग की स्थिति न बने। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि फील्ड से प्राप्त वास्तविक शिकायतों का समाधान समयबद्ध ढंग से हो, ताकि जनता को राहत मिले। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से कहा कि संसाधनों की कोई कमी नहीं है, सरकार ने बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण को मजबूत करने के लिए रिकॉर्ड बजट उपलब्ध कराया है। ऐसे में किसी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों से उनके क्षेत्रों की आपूर्ति की स्थिति जानने के बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।  बिलिंग व्यवस्था पर ये बोले सीएम योगी  बिलिंग व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘हर उपभोक्ता को हर महीने सही समय पर स्पष्ट और सटीक बिल मिलना चाहिए। फॉल्स या ओवरबिलिंग जैसी शिकायतें जन विश्वास को तोड़ती हैं और विभाग की साख को नुकसान पहुंचाती हैं। यह किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। बिलिंग एफिशिएंसी बढ़ाई जाए। उन्हें जानकारी दी गई कि अब तक 31 लाख उपभोक्ता स्माटर् मीटर से जोड़े जा चुके हैं और इस प्रक्रिया को ब्लॉक स्तर तक ले जाने का कार्य तेज़ी से जारी है। योगी ने तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों (लाइन लॉस) को चरणबद्ध रूप से नीचे लाने का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर डिस्कॉम को अपने स्तर पर ठोस रणनीति बनाकर काम करना होगा। साथ ही, जहां आवश्यक हो, पारेषण व वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया भी गति पकड़े।  

योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक कीर्तिमान: यूपी की सत्ता में सबसे लंबे समय तक रहने वाले सीएम बने

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नया इतिहास रच दिया है। वे अब राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। अब तक योगी आदित्यनाथ 8 साल और 132 दिन तक मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं, जबकि गोविंद बल्लभ पंत ने कुल 8 साल और 127 दिन (स्वतंत्रता से पहले और बाद को मिलाकर) तक यह जिम्मेदारी निभाई थी। 19 मार्च 2017 को ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथ मिली जानकारी के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। फिर 2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को दोबारा बहुमत मिला और वे लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने यूपी में पूरा कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सीएम पद संभाला है। योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के 22वें मुख्यमंत्री हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं और साथ ही गोरखनाथ मठ के महंत (मुख्य पुजारी) भी हैं। उन्होंने 1998 में सिर्फ 26 साल की उम्र में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीता और संसद पहुंचे। वे लगातार पांच बार गोरखपुर से सांसद चुने गए। 2017 के चुनाव से सीएम बनने तक 2017 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ भाजपा के सबसे चर्चित और लोकप्रिय चेहरों में शामिल थे। चुनाव में पार्टी को भारी बहुमत मिला और उन्हें मुख्यमंत्री चुना गया। इसके बाद 2022 में एक बार फिर भाजपा को जीत मिली और वे फिर से मुख्यमंत्री बने।   अब अगला चुनाव 2027 में उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होगा। अगर योगी आदित्यनाथ तब तक मुख्यमंत्री बने रहते हैं, तो उनका कार्यकाल और भी लंबा हो जाएगा और यह रिकॉर्ड और मजबूत होगा।  

PWD अफसर होश में रहो! बिना बुलाए पुल उद्घाटन पर दयाशंकर सिंह का तीखा वार

लखनऊ  यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र बलिया में एक नवनिर्मित पुल को जनता के लिए बिना बताए खोलने पर पीडब्ल्यूडी के एक इंजीनियर को जमकर फटकार लगाई. दयाशंकर ने मौके पर मौजूद अधिशासी अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा, "ज्यादा दिमाग न खराब हो. मैं यहां का विधायक और मंत्री हूं. आपने मुझे बिना बताए पुल खोल दिया. मुझे पता है कि आप किसके इशारे पर काम कर रहे हैं." हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन वह संभवतः इंजीनियर पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के इशारे पर काम करने का आरोप लगा रहे थे. मंत्री ने कहा, "क्या आप यहां से चुनाव लड़ रहे हैं? क्या बसपा आपको टिकट दे रही है? हो सकता है कि विधायक आपको टिकट दिलाने में मदद कर रहे हों."   उन्होंने बाद में पत्रकारों को बताया कि अधिशासी अभियंता ने पहले बार-बार अनुरोध के बावजूद पुल न खोलने के लिए औपचारिक परीक्षण और प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव का हवाला दिया था. लेकिन मंगलवार को अचानक, लोक निर्माण विभाग के मामलों में दखल देने वाले और जिनकी बातों में ये इंजीनियर चलते हैं, किसी ऐसे व्यक्ति के प्रभाव में आकर, बिना हमारी अनुमति या सूचना के पुल खोल दिया गया- ताकि हमें श्रेय न मिले.   मंत्री ने आगे कहा, "इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाएगी. उन्होंने इलाके में लोक निर्माण विभाग की विश्वसनीयता पर भी चिंता जताई और कहा, "2015 से, पूर्व भुगतान के बावजूद यहां एक नाली तक नहीं बनी है. इस सरकार में कोई अधिकारी इतना शक्तिशाली कैसे हो सकता है? वह मंत्री, विधायक और यहां तक कि नगर पालिका अध्यक्ष की भी अनदेखी कर रहा है. ज़रूर कोई उच्च सुरक्षा वाला होगा." बता दें कि मंत्री दयाशंकर सिंह बीती रात को बलिया के कटहल नाले पर बने पुल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. तभी उन्हें पता चला कि बिना उद्घाटन के ही इसे जनता के लिए खोल दिया गया. इस बात से वो मौके पर मौजूद इंजीनियर के ऊपर उखड़ गए.  वहीं, पूरे मामले में पीडब्ल्यूडी के एक्सइन ने कहा कि पुल का उद्घाटन नहीं हुआ है, केवल पुल और सड़क को चालू किया गया है, जिससे कि आवागमान सुचारु रूप से हो सके. चूंकि, बाढ़ आई हुई है और कटहल नाला भरा हुआ है, पुराना पुल जो था उसके एप्रोच की मिट्टी सरक रही थी. पुल पर खतरा हो सकता था. इसलिए पुराने पुल को बंद करके नए पुल को चालू कर दिया गया ताकि कोई हादसा न हो. 

UP में भारी बारिश के कहर को देखते हुए लिया गया फैसला, फिर बढ़ीं स्कूलों की छुट्टियां!

पीलीभीत उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया। जिले में लगातार हो रही बारिश और स्कूलों में जलभराव की स्थित को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक संचालित सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, सहायता प्राप्त स्कूलों और सभी बोर्डों से मान्यता प्राप्त स्कूलों को 6 अगस्त और 7 अगस्त को बंद कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर यह फैसला लिया गया, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।  शहर की सड़केंगलियां, कॉलोनियां और बाजार पानी से लबालब हो गए हैं। बारिश का पानी घरों के अंदर तक घुस गया, जिससे लोग अपने ही घरों में कैद हो गए हैं। मेन मार्केट, स्टेशन रोड, राजबाग कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। नालियों की सफाई ना होने और अधूरे नाले निर्माण ने हालात को और भी बिगाड़ दिया है। नगर प्रशासन द्वारा राहत कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन तेजी से जलनिकासी ना होने के कारण स्थिति अभी भी नियंत्रण से बाहर दिखाई दे रही है  

BJP पर गंभीर आरोप: अखिलेश बोले- नकली आधार बनाने की मशीनें हैं इनके पास

लखनऊ अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आधार कार्ड लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले नकली आधार बनाने की मशीन रखते हैं. नकली आधार बनाकर नकली वोटर आईडी बनाते हैं. इनकी मशीन छीनी जाए. इतना ही नहीं अखिलेश ने चुनाव आयोग से नई मांग की है. उनका कहना है कि चुनाव आयोग को वोटर आईडी और आधार कार्ड मैटल का बनाना चाहिए. अखिलेश ने इसके पीछे तर्क दिया कि मैटल के आईडी होंगे तो कोई चुनाव के दिन फर्जी नहीं बना सकेगा. आधार पर हमारा सबकुछ निर्भर करता है. वही हमारी पूरी पहचान है. असली-नकली की पहचान के लिए मशीनें बना ही सकते हैं. टेक्नोलॉजी इतनी आसान है, सस्ती है. चुनाव आयोग को सुधार करना चाहिए, सरकार को हमारी मांग माननी चाहिए. सपा मुखिया ने कहा कि यूपी के पिछले चुनावों की बात करते हुए कहा कि डीजीपी हटते थे, गृह सचिव, डीएम, एसपी हटते थे. ये पोस्ट होते हैं कि चुनाव कौन लूट सकते हैं. जो चुनाव अच्छी तरह लूट सकता है, उसे अच्छी पोस्टिंग दी जाती है. हमारी पार्टी ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग को टैग करके शिकायत की है लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

स्वामी प्रसाद मौर्य को थप्पड़ मारने की हिमाकत, रायबरेली में दो युवक भीड़ के गुस्से का शिकार

रायबरेली यूपी के रायबरेली में आज अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य का स्वागत करने के बहाने आए दो युवकों ने उन पर थप्पड़ जड़ दिए। इससे नाराज कार्यकर्ताओें ने आरोपी युवकों को दौड़ा कर पीटा। पुलिस को मामला शांत कराने में पसीने छूट गए। काफी देर तक मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य बुधवार को फतेहपुर जा रहे थे। इस दौरान वह रायबरेली में रुके। शहर के सारस चौराहे पर कार्यकर्ता उनका स्वागत कर रहे थे। इसी दौरान दो युवकों ने मौर्य के थप्पड़ जड़ दिए। इससे नाराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोपी युवकों को दौड़ा दौड़ा कर पीट दिया। इस दौरान पुलिस को मामला शांत कराने में छूटे पसीने। काफी देर तक मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस आरोपी युवकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।