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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गूगल क्लाउड के सीटीओ तरुण पंत और उनकी टीम के साथ की महत्वपूर्ण बैठक

बेंगलुरु/लखनऊ  विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को वैश्विक टेक्नोलॉजी और निवेश जगत के साथ जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेंगलुरु दौरे के दौरान गूगल क्लाउड के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर-सीटीओ) तरुण पंत और उनकी टीम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। राउंड टेबल बैठकों और रोड शो से पहले आयोजित इस संवाद में मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने, किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई टेक्नोलॉजी से जोड़ने संबंधी राज्य सरकार के विजन को विस्तार से साझा किया। बैठक के दौरान सीटीओ तरुण पंत और गूगल टीम के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्लाउड टेक्नोलॉजी, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित समाधानों के माध्यम से विकास कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने गूगल की टीम के साथ इस बात पर भी विचार-विमर्श किया कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से सरकारी सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता को कैसे बढ़ाया जा सकता है। किसानों, युवाओं, स्टार्टअप्स, एमएसएमई क्षेत्र और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नवाचार आधारित समाधानों पर भी चर्चा हुई। गूगल टीम के प्रतिनिधियों ने बैठक को अत्यंत सकारात्मक और सार्थक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के विकास का स्पष्ट और दूरदर्शी रोडमैप साझा किया। उन्होंने किसानों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए निर्धारित लक्ष्यों एवं प्राथमिकताओं की जानकारी दी तथा यह भी चर्चा की कि एआई और आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से इन लक्ष्यों को और तेजी से कैसे हासिल किया जा सकता है। गूगल इंडिया की ओर से कहा गया कि कंपनी भारत के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर इन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के अवसर को लेकर उत्साहित है। वैश्विक निवेशकों के साथ भी हुआ व्यापक संवाद इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेंगलुरु में देश और दुनिया की अग्रणी निवेश एवं टेक्नोलॉजी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ भी विशेष संवाद किया। इनमें वेस्टब्रिज कैपिटल के मैनेजिंग पार्टनर संदीप सिंघल, एक्सेल पार्टनर्स के प्रशांत प्रकाश, इनमोबी के संस्थापक पीयूष शाह, यूलू के संस्थापक अमित गुप्ता, एनवीडिया दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक विशाल धूपर, सर्वानएआई के प्रतिनिधि तथा ब्लैकस्टोन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। बैठक में उत्तर प्रदेश में निवेश, टेक्नोलॉजी, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप इकोसिस्टम और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल वातावरण की सराहना करते हुए राज्य को भविष्य के विकास का प्रमुख केंद्र बताया। निवेश और नवाचार के नए केंद्र के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार निवेश, नवाचार और टेक्नोलॉजी आधारित विकास का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक गलियारों, डिजिटल सेवाओं और निवेशक-अनुकूल नीतियों ने राज्य को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल कर दिया है। बेंगलुरु में गूगल और वैश्विक निवेशकों के साथ हुए संवाद ने यह संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश अब टेक्नोलॉजी, एआई, स्टार्टअप, निवेश और रोजगार सृजन का राष्ट्रीय केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

बेंगलुरु में “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026” के तहत रोडशो में बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया सीएम योगी ने

बेंगलुरु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के लिए सेफ्टी, स्टेबिलिटी व स्पीड का थ्री-एस मॉडल बन चुका है। उद्योग के लिए ये तीनों आयाम सबसे महत्वपूर्ण हैं। सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, बेमिसाल कनेक्टिविटी, पारदर्शी प्रशासन और संस्थाओं का बेहतर नेटवर्क नए उत्तर प्रदेश की पहचान है। स्किल्ड टैलेंट, टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट-फ्रेंडली पॉलिसी, कुल मिलाकर एक संपूर्ण इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम आज नए भारत के नए यूपी में मौजूद है। मुख्यमंत्री बुधवार को बेंगलुरु में “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026”  के तहत रोडशो में बिजनेस लीडर्स को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरा दिन सभी इन्वेस्टर्स और अलग-अलग सेक्टर के इंडस्ट्री लीडर्स के साथ संवाद करने का अवसर मिला। हमने देखा कि कैसे बेंगलुरु एक गार्डन सिटी से विकसित होकर ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस बना। बेंगलुरु की ग्रोथ स्टोरी आपने देखी-सुनी है। नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की जो कहानी आप यहां सुन रहे हैं, उसे आप उत्तर प्रदेश में जाकर स्वयं महसूस करेंगे, मैं आपको इसके लिए आमंत्रित करने आया हूं। पीएम मोदी के नेतृत्व में बने विकास के नए प्रतिमान सीएम ने कहा कि हमें गर्व है कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। और, पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश को इस ग्रोथ स्टोरी में सहभागी बनने का सौभाग्य मिला है। पहले यूपी की छवि बहुत अच्छी नहीं थी। बिगड़ी कानून व्यवस्था, पॉलिसी पैरालिसिस, गवर्नेंस का अभाव और 'बीमारू राज्य' की पहचान थी हमारी। पलायन नियति बन चुका था। कृषि व एमएसएमई से लोगों का नाता टूट चुका था। यूपी में वह सब मिलेगा, जिसकी भारत को अपेक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में अब वह सब मिलेगा, जिसकी भारत को अपेक्षा है। बेहतर लॉ एंड ऑर्डर, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, देश के 60% एक्सप्रेसवे, 16,000 किमी रेल नेटवर्क और 4 लाख किमी सड़क नेटवर्क यूपी के पास है। वाराणसी-हल्दिया राष्ट्रीय जलमार्ग, दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल,  सात शहरों में मेट्रो, ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन, 5 अंतरराष्ट्रीय व 11 घरेलू एयरपोर्ट के रूप में बेमिसाल कनेक्टिविटी यूपी की पहचान है। 5 नए एयरपोर्ट पर सरकार काम कर रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गत 15 जून से कमर्शियल फ्लाइट शुरू हो चुकी हैं। स्थिरता व सुरक्षा से बने टॉप-3 अर्थव्यवस्था सीएम ने कहा कि स्थिरता व सुरक्षा का परिणाम है कि यूपी अब बीमारू राज्य से निकलकर देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्था बन चुका है। पिछले 6 साल से हम रेवेन्यू सरप्लस स्टेट हैं। 9 साल में अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई। हमारे पास 36 सेक्टरल पॉलिसीज के साथ 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 स्थानों पर इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। बीडा के रूप में सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल सिटी विकसित हो रहा है। निवेशकों को मिलेगा स्किल्ड मैनपावर निवेशकों को स्किल्ड मैनपावर के प्रति आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी हर साल 2 लाख स्टेम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथ) ग्रेजुएट्स तैयार करता है। 2 आईआईटी, एक आईआईएम, तीन स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी और तकनीकी-व्यावसायिक शिक्षा का बड़ा नेटवर्क युवाओं को हर क्षेत्र में दक्ष बना रहा है। हम उद्योग की जरूरत के अनुसार इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में स्किल्ड मैनपावर तैयार कर रहे हैं। कृषि व उद्योग क्षेत्र में जबरदस्त सफलता कृषि व एमएसएमई क्षेत्र की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 साल में हमारी कृषि ग्रोथ रेट 8% से बढ़कर 18% हुई। पांच कृषि विश्वविद्यालयों व 89  किसान विकास केंद्रों के माध्यम से किसानों को ट्रेनिंग व मार्केट से जोड़ा गया है। यूपी के पास देश में सर्वाधिक 86% सिंचित कृषि भूमि है। राज्य में 96 लाख एमएसएमई यूनिट संचालित हैं, जिन्हें ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) योजना से जबरदस्त प्रोत्साहन मिला है। इस योजना के माध्यम से हर जिले का एक विशिष्ट उत्पाद ब्रांड बना है। पिछले 9 साल में 18,000 से अधिक बड़े औद्योगिक संस्थान यूपी में स्थापित किए गए। 9 साल पहले राज्य में मात्र 14,000 बड़े कारखाने थे, जिनकी संख्या आज 33,000 से अधिक हो चुकी है। निवेशकों को मिलेगी सुरक्षा, सुविधा व नीतिगत स्थिरता मुख्यमंत्री ने बिजनेस लीडर्स को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार हर निवेशक को सुरक्षा, सिंगल विंडो सुविधा और नीतिगत स्थिरता देगी। यूपी के बारे में आपने जो संभावनाएं सुनी हैं, उन्हें आप अपने निवेश से स्वयं महसूस करेंगे। मुझे विश्वास है कि आप सब यूपी की ग्रोथ स्टोरी में सहभागी बनकर विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने रोडशो में उपस्थित सभी इंडस्ट्री लीडर्स व सीईओज का आभार भी प्रकट किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव (उद्योग) आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स) आलोक कुमार, यीडा के सीईओ आर.के. सिंह तथा उद्योग जगत के लीडर्स व सीईओज उपस्थित थे।

जीसीसी, टेक्नोलॉजी, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र के दिग्गजों ने योगी सरकार की नीतियों पर जताया भरोसा

बेंगलुरु/लखनऊ  देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और निवेश संभावनाओं की गूंज सुनाई दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), टेक्नोलॉजी, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के दिग्गजों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन का सबसे संभावनाशील गंतव्य बताया। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कानून-व्यवस्था, निवेशक के अनुकूल नीतियों और तेज़ी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी ने उत्तर प्रदेश को नई अर्थव्यवस्था, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों और वैश्विक निवेश का उभरता केंद्र बना दिया है। बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसरों, निवेश माहौल और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। निवेशकों ने राज्य को टेक्नोलॉजी, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप और रोजगार सृजन के लिए देश के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बताया। जीसीसी क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर सकता है उत्तर प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) उद्योग विशेषज्ञ और एआई रणनीतिकार अनिल पद्मनाभन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मजबूत शासन व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश समर्थक वातावरण इसे जीसीसी क्षेत्र के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय कार्यशैली और उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद राज्य को नई पहचान दे रहा है। उनके अनुसार भारत में जीसीसी स्थापित करने की योजना बनाने वाली कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश का मूल्यांकन करना अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने वैश्विक ग्राहकों को उत्तर प्रदेश में निवेश और जीसीसी स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे। नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर पर निवेशकों की बढ़ती रुचि सत्त्व ग्रुप के डायरेक्टर कॉरपोरेट अफेयर्स पी.के. मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा। उनके अनुसार नियामकीय पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और बेहतर कार्यसंस्कृति ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। रोजगार सृजन को मिलेगी नई रफ्तार वैश्विक इंश्योरेंस ब्रोकिंग कंपनी एऑन (एओएन) की निदेशक शेरिन जॉन ने कहा कि उनकी कंपनी नोएडा स्थित अपने कार्यालय का विस्तार कर रही है और 600 से 1000 अतिरिक्त कर्मचारियों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों, बाजारों और इंफ्रास्ट्रक्चर तक आसान पहुंच उत्तर प्रदेश को कॉरपोरेट विस्तार के लिए आदर्श स्थान बनाती है। एऑन की विस्तार योजना यह संकेत देती है कि राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं टीमलीज सर्विसेज लिमिटेड की प्रबंध निदेशक अपर्णा मित्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उपलब्ध विशाल प्रतिभा, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के बढ़ते अवसर इसे नई अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश करने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। स्टार्टअप और नवाचार को मिल रहा नया आधार आविष्कार समूह और इंटेलीकैप की प्रतिनिधि सायना देनुगरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण तैयार किया है। राज्य में नए व्यवसायों को बढ़ावा देने, विकासात्मक पूंजी को आकर्षित करने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्थाएं कृषि, खाद्य प्रणाली और ऊर्जा परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि लखनऊ सहित राज्य के कई शहर भविष्य में टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रमुख केंद्र बनेंगे। उनके अनुसार देश के पारंपरिक कारोबारी केंद्रों पर बढ़ते दबाव के बीच उत्तर प्रदेश नई प्रतिभा, नई पूंजी और नए उद्यमों के लिए सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है। निवेश की संभावनाओं पर भरोसा जताया टीई कनेक्टिविटी की प्रतिनिधि सुनीता ने भी उत्तर प्रदेश में उभरती निवेश संभावनाओं पर भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि कंपनी वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी उत्पादों, डेटा विश्लेषण, ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए कनेक्टर्स और सेंसर के विकास में कार्यरत है तथा बेंगलुरु स्थित उसके ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में करीब 1,400 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के विस्तार पर विचार कर रही है और इस क्रम में विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सुनीता ने कहा कि उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचे में तेजी से निवेश कर रहा है और अन्य अग्रणी राज्यों के सफल मॉडलों से सीखते हुए आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश वर्तमान समय में एक शानदार अवसर प्रदान करता है और राज्य के विकास की गति भविष्य के निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है।

हर जनपद में विशेष टीम गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री

लखनऊ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्रदेश के लिए बड़ा सबक, फायर सेफ्टी मानकों से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री हर जनपद में विशेष टीम गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई; अभियान के नाम पर किसी नागरिक का उत्पीड़न न हो: मुख्यमंत्री जो भवन जिस गतिविधि के लिए अनुमन्य, वहां वही गतिविधि होगी, बेसमेंट में कोचिंग/नर्सिंग होम स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री आपातकालीन सेवाओं को रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के लिए उठाने होंगे ठोस कदम: मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर मुख्यमंत्री ने की लखनऊ अग्नि दुर्घटना की बिंदुवार समीक्षा लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में बीते दिनों आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों में अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। मंगलवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में संचालित किया जाएगा। पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर फायर ऑडिट अभियान संचालित किया जाए। सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, जिसके लिए उसे स्वीकृति प्रदान की गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए तथा निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए।  मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां विद्युत भार निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाए अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, वहां तत्काल नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने बीते दिनों लखनऊ में घटित आग लगने की दुर्घटना के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा एसडीआरएफ के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने घटना की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन दल, एम्बुलेंस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, संकट की परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बैठक में बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी ऑडिट प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए जिन आधुनिक उपकरणों, संसाधनों एवं तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता हो, उनकी उपलब्धता में किसी प्रकार का विलम्ब न किया जाए। बैठक में महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए अग्निशमन केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, जबकि 25 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 47 नए केंद्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में सुरक्षित एवं उत्तरदायी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

सीएम योगी के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों की जांच का महाअभियान, अवैध सेंटरों पर कसेगा शिकंजा

सीएम योगी के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों की जांच का महाअभियान प्रशासन, प्राधिकरण व फायर सर्विस की संयुक्त टीमों ने किया निरीक्षण, सौ से अधिक संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई कानपुर के काकादेव में 30 से अधिक कोचिंग संस्थान हुए सील, सुरक्षा मानकों व नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई लखनऊ,  लखनऊ में हुए दुखद हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर सभी जनपदों में कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण का महाअभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग, प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने संयुक्त टीमें बनाकर कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी का निरीक्षण किया। लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, आगरा आदि महानगरों के साथ अन्य जनपदों में भी यह कार्रवाई की गई। इस दौरान अनियमितताएं मिलने पर सौ से अधिक कोचिंग संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई अभी जारी रहेगी। अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, भवन की संरचना तथा अन्य मानकों की जांच लखनऊ में हुई दुःखद घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सभी जिलों में जांच के सख्त निर्देश दे थे। कुछ जिलों में देर शाम में ही जांच कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। मंगलवार को यह अभियान और तेज रहा। उन कोचिंग संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई जो गैर पंजीकृत थे। टीमों ने विशेष तौर पर अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, भवन की संरचना तथा अन्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। जांच का क्रम देर रात तक जारी था। प्रयागराज के मुख्य अग्नि शमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि नगर में 97 पंजीकृत संस्थानों में केवल 15 कोचिंग संस्थानों ने से एनओसी ली है। फायर विभाग ने दस टीमों का गठन किया है, जो लगातार जांच करेंगीं। इसी क्रम में प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने सिविल लाइंस स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग को सील कर दिया।  कानपुर में पार्किंग को बना दिया बच्चों का क्लासरूम, फायर एनओसी भी वैध नहीं कानपुर विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते और अग्निशमन अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में मानकों के अनुपालन की जांच का काम सोमवार शाम से ही शुरू कर दिया था। मंगलवार शाम तक यहां के सबसे बड़े शैक्षणिक हब काकादेव में 30 से अधिक संस्थानों को सील कर दिया गया। इन सभी को सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का दोषी पाया गया। सबसे गंभीर उल्लंघन भवनों के बेसमेंट में पाया गया, जिनका आवंटन सिर्फ पार्किंग के लिए था, लेकिन वहां अवैध रूप से सैकड़ों बच्चों के बैठने के लिए क्लासरूम बना दिए गए थे। मीरजापुर में भी लगभग एक दर्जन संस्थान सील किए गए।  वाराणसी में भी मिली अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी, जौनपुर और चंदौली में भी जांच वाराणसी  विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने बनारस में भी सोमवार से ही कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों की जांच शुरू कर दी। इस दौरान कई संस्थानों को सील किया गया है। कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का उल्लंघन पाया गया है। जौनपुर और चंदौली में जांच की जा रही है। वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि कई कोचिंग सेंटर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं निर्धारित भवन मानकों के विपरीत संचालित किए जा रहे थे, उन्हें सील किया गया।

खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करें, किसानों को समय पर उपलब्ध हों सभी संसाधन: मुख्यमंत्री

असामान्य वर्षा की आशंका के दृष्टिगत प्रदेशव्यापी तैयारी तेज, पूरी तरह सतर्क रहें सभी विभाग: मुख्यमंत्री खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करें, किसानों को समय पर उपलब्ध हों सभी संसाधन: मुख्यमंत्री बीज, उर्वरक, सिंचाई और फसली ऋण की व्यवस्था पर विशेष जोर, जमीनी स्तर पर हो सतत निगरानी पशुधन संरक्षण, चारा भंडारण और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश खरीफ अभियान, पेयजल, पशुधन संरक्षण एवं जल संरक्षण की तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की विस्तृत समीक्षा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के अंतर्गत आने वाले विभागों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि मौसम की अनिश्चितता और वर्षा के बदलते स्वरूप को देखते हुए प्रदेश को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है। ऐसे में किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई जल, विद्युत आपूर्ति, फसली ऋण तथा वैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पूर्व तैयारी रखने के निर्देश दिए।  बैठक में बताया गया कि खरीफ 2026 के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि वर्ष 2025 में 106.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई थी। इस वर्ष धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख मीट्रिक टन तथा कुल खरीफ उत्पादन का लक्ष्य 302.62 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। 22 जून तक 5.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई तथा 4.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान नर्सरी का आच्छादन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए किसानों को समय पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। संभावित अल्पवृष्टि अथवा सूखे की स्थिति के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कृषि विभाग द्वारा विभिन्न परिस्थितियों के लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है। आवश्यकता पड़ने पर उर्द, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिल तथा अन्य कम अवधि वाली फसलों के आच्छादन को बढ़ाया जाएगा। किसानों को संदेश सेवा, आकाशवाणी, दूरदर्शन तथा अन्य माध्यमों से कृषि संबंधी तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकतम कवरेज तथा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिकाधिक किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बीज उपलब्धता की समीक्षा में बताया गया कि खरीफ 2026 में अनुदान पर बीज वितरण का लक्ष्य 2.29 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 1.77 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है तथा 1.12 लाख क्विंटल से अधिक बीज का वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में गुणवत्तापूर्ण बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रहे और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की उपलब्धता की नियमित निगरानी की जाए तथा कृत्रिम कमी अथवा कालाबाजारी की किसी भी शिकायत पर कठोर कार्रवाई की जाए। उद्यान विभाग की समीक्षा में बताया गया कि सूखा प्रबंधन की रणनीति के तहत 125 हाईटेक नर्सरियों के माध्यम से 15 करोड़ सब्जी पौध उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सिंचाई तथा लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिया कि नहर प्रणाली का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए और अंतिम छोर तक सिंचाई जल पहुंचाया जाए। प्रत्येक ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर सिंचाई संसाधनों तथा कृषि आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। कम सिंचाई वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों के उपयोग में पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संभावित सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारा, पानी और चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। भूसा संग्रहण अभियान के अंतर्गत 131.40 लाख क्विंटल के लक्ष्य के सापेक्ष 136.01 लाख क्विंटल भूसा संग्रहित किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 103 प्रतिशत है। पशुओं के लिए टीकाकरण अभियान निरंतर संचालित हैं तथा मोबाइल वेटनरी यूनिट्स के माध्यम से चौबीसों घंटे सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने चारा भंडारण तथा पशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। पंचायती राज विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल स्रोतों के संरक्षण, हैंडपंपों के अनुरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को अभियान के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तेज गति से जारी है जांच

एसआईटी ने की अग्निकांड स्थल की पड़ताल, घायलों से भी मिला जांच दल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तेज गति से जारी है जांच घायलों से मिली जानकारी व साक्ष्य के आधार पर कई लोगों से होगी पूछताछ: अमृत अभिजात एफएसएल की टीम ने मौके से जुटाए महत्वपूर्ण साक्ष्य, निर्धारित समय में आएगी जांच रिपोर्ट: प्रवीण कुमार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर अलीगंज अग्निकांड की समग्र जांच तेज गति से जारी है। मंगलवार को दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) घटनास्थल पर पहुंचा। टीम ने इसके बाद केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की और उनसे घटना के संबंध में जानकारी ली। उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। एसआईटी के सदस्य अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने करीब एक घंटे से अधिक समय तक बारीकी से पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण किया। अमृत अभिजात ने कहा कि घटनास्थल की विभिन्न प्रकार से फोटो ली गई हैं। साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है। अग्निकांड से संबंधित व्यक्तियों व विभागों से भी पूछताछ होगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि हम लोगों ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया है। साथ में फॉरेंसिक की टीम ने सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। घटना से संबंधित हर विभाग के दायित्व को जांच दायरे में शामिल किया गया है। अग्निकांड पीड़ितों से भी जानकारी ली जाएगी। इसके बाद निर्धारित समय सीमा में जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। घटनास्थल से निकलने के बाद एसआईटी ने केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की। अयोध्या मामले में एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी  अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में कथित दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। एसआईटी के प्रमुख सदस्य एवं लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह प्रारंभिक प्रतिवेदन है। गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी प्रकरण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एफएसएल ने जुटाए घटनास्थल से नमूने घटनास्थल पर एफएसएल डायरेक्टर आदर्श कुमार और विशेषज्ञों की टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। इसमें मलबा, जले हुए उपकरण और तार समेत अन्य नमूने शामिल हैं। गौरतलब है कि हादसे की सूचना मिलते ही सीएम योगी ने अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर घटनास्थल का मुआयना किया था। उन्होंने केजीएमयू में पीड़ितों से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया। एसआईटी को 7 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है। अब तक मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।

विद्यार्थियों की सुरक्षा पर योगी सरकार सख्त, अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ पूरे यूपी में चलेगा विशेष अभियान

विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार सख्त, अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ पूरे प्रदेश में जारी रहेगा विशेष अभियान   सभी जिलाधिकारियों को लगातार सर्वे और कार्रवाई के निर्देश, पंजीकृत कोचिंग संस्थानों का भी हो रहा सुरक्षा ऑडिट    सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण को लेकर नहीं किया जाएगा कोई समझौता किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगाः उच्च शिक्षा मंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेशभर में संचालित कोचिंग संस्थानों के विनियमन को प्रभावी बनाने तथा अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों के विरुद्ध विशेष अभियान तेजी के साथ चलाया जा रहा है।   उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश है कि वे अपने जनपदों में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वेक्षण कर सूची तैयार करें। जो संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पंजीकृत संस्थानों का भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप निरीक्षण कराया जा रहा है। इसमें भवन व्यवस्था, अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच शामिल है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।   उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित सर्वोपरि हैं। सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश में संचालित प्रत्येक कोचिंग संस्थान निर्धारित मानकों का पालन करे।   उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वसनीय शैक्षिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित शिक्षण वातावरण मिले और कोचिंग संस्थानों में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो।   इस संबंध में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव द्वारा पत्र भी जारी किया गया। अब जिलाधिकारियों द्वारा अपने जनपदों में अभियान चलाकर बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों की पहचान और अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ ही पंजीकृत संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण भी कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार विजेताओं को दी बधाई, कहा- प्रदेश के लिए गौरव की बात

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी शुभकामनाएं राष्ट्रपति ने मंगलवार शाम प्रदान किया पद्म पुरस्कार इस विशिष्ट उपलब्धि ने देश और दुनिया में बढ़ाया उत्तर प्रदेश का मान: मुख्यमंत्री चिरंजी लाल यादव व अनिल रस्तोगी को कला, रघुपत सिंह (मरणोपरांत) को कृषि, संगीतविद् एवं शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर को मिला पद्मश्री लखनऊ  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-II में वर्ष 2026 के लिए पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए। इसमें उत्तर प्रदेश की कई विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर पोस्ट कर पद्म पुरस्कार से अलंकृत विभूतियों को शुभकामनाएं दीं।  'कांसा नक्काशी' की कला को सहेजने, संवारने में चिरंजी लाल का अमूल्य योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा चिरंजी लाल यादव को कला के क्षेत्र में 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। सीएम ने पोस्ट किया कि पिछले पांच दशकों से 'कांसा नक्काशी' की समृद्ध कला को सहेजने, संवारने और उसे राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में आपका योगदान अमूल्य और सराहनीय है। आपकी इस विशिष्ट उपलब्धि ने देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। रघुपत जी की तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने लिखा कि राष्ट्रपति द्वारा स्व. रघुपत सिंह जी को कृषि के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान हेतु 'पद्म श्री' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाना अत्यंत गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायी है। पांच दशकों से अधिक समय तक कृषि सेवा के प्रति उनकी तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने अपना जीवन पारंपरिक बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित कर किसानों के जीवन को समृद्ध बनाने में असाधारण योगदान दिया। आत्मनिर्भर कृषि व जैव विविधता संरक्षण को सशक्त बनाने में उनकी भूमिका सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। 'रस्तोगी जी ने कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गौरवभूषित' मुख्यमंत्री ने अनिल रस्तोगी को भी पद्मश्री मिलने पर बधाई दी। उन्होंने लिखा कि प्रख्यात रंगकर्मी एवं विद्वान अनिल कुमार रस्तोगी को कला क्षेत्र में 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किया जाना उत्तर प्रदेश वासियों के लिए हर्ष व गर्व का विषय है। 1,000 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियों व वैश्विक नाट्य महोत्सवों के माध्यम से आपने भारतीय कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवभूषित किया है। आपके शोध पत्र, आपकी उत्कृष्ट शिक्षा, संस्कार एवं विद्वता के जीवंत प्रमाण हैं। रंगमंच के लिए आपका योगदान रंगकर्मियों के लिए अत्यंत प्रेरणास्पद है। मंगला कपूर जी की परिश्रम और समर्पित साधना का राष्ट्रीय अभिनंदन है पद्मश्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए उत्तर प्रदेश की सुप्रसिद्ध संगीतविद् एवं शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर जी को 'पद्म श्री' से अलंकृत किया जाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने संगीत और शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया। दुर्लभ रागों का दस्तावेजीकरण और 40 से अधिक मौलिक रचनाओं का संकलन उनकी प्रतिभा और तपस्या का प्रमाण है। यह सम्मान उनके अथक परिश्रम और समर्पित साधना का राष्ट्रीय अभिनंदन है।

योगी सरकार का ‘संभव 6.0’ अभियान शुरू, गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक कुपोषण पर होगा बड़ा वार

योगी सरकार का 'संभव 6.0' अभियान शुरू, गर्भावस्था से लेकर बाल्यावस्था तक कुपोषण से मिलेगी मुक्ति  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग चला रहा राज्यव्यापी अभियान आईसीडीएस, स्वास्थ्य, पंचायती राज, यूनिसेफ समेत कई संस्थाओं के सहयोग से तैयार हुई व्यापक कार्ययोजना पोषण सुरक्षा का नया संकल्पः साप्ताहिक रिपोर्ट कार्ड से होगी प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग हर 15 दिन पर जिला कार्यक्रम अधिकारियों के साथ होगी राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने मातृ एवं बाल कुपोषण को कम करने तथा पोषण सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 'संभव 6.0' अभियान की शुरुआत की है। अभियान का राज्य स्तरीय शुभारम्भ बीती 18 जून को लखनऊ से किया गया। इस वर्ष अभियान की थीम गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा निर्धारित की गई है, जिसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, नवजात शिशुओं और बच्चों को बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 'संभव 6.0' अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, यूनिसेफ तथा अन्य विकास सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। अभियान के दौरान सभी विभाग संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे। प्रगति का नियमित मूल्यांकन करने के लिए साप्ताहिक रिपोर्ट कार्ड तैयार किए जाएंगे, जबकि जुलाई से सितम्बर 2026 तक प्रत्येक 15 दिन पर राज्य स्तर से जिला कार्यक्रम अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित होगी। व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जाएंगे संचालित सभी मंडलों और जनपदों के लिए माइक्रो प्लान साझा किया गया है। इसके तहत व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे ताकि जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों को अभियान की रणनीति और लक्ष्यों से भलीभांति अवगत कराया जा सके। इसके साथ ही आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग और पंचायती राज विभाग के संयुक्त सहयोग से प्रदेशभर में विशेष पोषण पाठशाला का आयोजन किया जाएगा, जहां परिवारों को संतुलित आहार, शिशु देखभाल और मातृ स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। कुपोषण में कमी और स्वस्थ भविष्य है अभियान का लक्ष्य 'संभव 6.0' जीवन-चक्र आधारित दृष्टिकोण पर आधारित अभियान है, जिसका उद्देश्य गर्भधारण से लेकर बाल्यावस्था तक पोषण संबंधी सेवाओं को सुदृढ़ करना है। जुलाई 2026 में जिला पोषण समिति (डीएनसी) की बैठकों के दौरान सभी जनपदों में अभियान का औपचारिक शुभारम्भ किया जाएगा। अभियान के परिणामों का प्रारम्भिक आकलन अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में किया जाना प्रस्तावित है। अभियान के प्रभाव और उपलब्धियों का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए नियोजन विभाग के माध्यम से तृतीय पक्ष मूल्यांकन कराया जाएगा। इससे वास्तविक प्रगति का आकलन संभव हो सकेगा और भविष्य की रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। हर्षिता माथुर, निदेशक, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन