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CM योगी ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री योगी ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में की पूजा-अर्चना प्रवेश द्वार पर सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने चुनरी ओढ़ाकर किया सीएम का स्वागत मीरजापुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच मां विंध्यवासिनी का विधिवत दर्शन पूजन किया और उनकी आरती उतारी। सीएम करीब 10 मिनट मंदिर में रहे।  मुख्यमंत्री माता के दर्शन के लिए करीब सवा बारह बजे पहुंचे। मंदिर के प्रवेश द्वार पर सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने चुनरी ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में सभी देवी-देवताओं के दर्शन करने के बाद हवन कुंड की परिक्रमा की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। सीएम को देखने के लिए मंदिर परिसर के आसपास गलियों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। सीएम ने हाथ उठाकर सभी का अभिवादन किया।

उत्तर प्रदेश में लागू होगा नया ओएसएच कोड, दुकानों और प्रतिष्ठानों के नियम बदलेंगे जल्द

लखनऊ यूपी में छह दशक से अधिक पुराना दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम (शॉप एक्ट) जल्द खत्म हो जाएगा। इसका स्थान व्यवसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (ओएसएच) कोड लेगा। इस बदलाव का असर प्रदेश के लाखों दुकान, प्रतिष्ठान, ऑफिस, होटल, रेस्टोरेंट आदि पर पड़ेगा। इन सभी को नये ओएसएच कोड के तहत पंजीकरण कराना होगा। इसमें 10 कर्मचारियों वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए श्रम विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। अभी शॉप एक्ट संशोधन के तहत 20 से कम कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से छूट थी। प्रदेश में शॉप एक्ट 1962 से लागू है। इसके तहत पहले ऐसे सभी दुकानों व प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य था, जहां कोई भी कर्मचारी काम करता हो। इसी साल दो जनवरी को एक्ट में संशोधन को मंजूरी देते हुए एक से 19 कर्मियों वाले प्रतिष्ठानों को श्रम विभाग में पंजीकरण से मुक्त कर दिया गया था। राज्य सरकार ने 20 या उससे अधिक कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों के लिए ही पंजीकरण की अनिवार्यता को मंजूरी दी थी। अब देश में नई श्रम संहिताएं लागू हो गई हैं। राज्यों को भी इन्हें लागू करना है। विरोधाभासी परिस्थिति के चलते फैसला नये ओएसएच कोड और शॉप एक्ट संशोधन के बाद मौजूदा व्यवस्था में पंजीकरण की शर्तों को लेकर विरोधाभासी स्थितियां हैं। फिलवक्त 20 से कम कर्मियों पर पंजीकरण की छूट है, मगर ओएसएच एक्ट में 10 कर्मी वाले प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यापारी को दोहरा पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे में शॉप एक्ट को खत्म करने का फैसला किया गया है। श्रमायुक्त कार्यालय ने इस संबंध में प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया है। इसकी स्वीकृति होते ही प्रदेश में शॉप एक्ट खत्म हो जाएगा। महिला मजदूरों के बच्चों की देखरेख होगी लखनऊ (शैलेंद्र श्रीवास्तव)। वीबी जीरामजी योजना में काम करने वाली महिला मजदूरों को अब अपने छोटे बच्चों की देखभाल के लिए किसी के सहारे नहीं छोड़ना पड़ेगा। अब वे अपने बच्चों को कार्यस्थल पर लेकर आ सकेंगी और वहीं पर उनके देखभाल की सुविधा होगी। यह व्यवस्था न्यूनतम पांच साल से कम पांच बच्चों के होने पर की जाएगी। महिला मजदूरों में ही किसी को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी और उसके एवज में उसे पूरी दिहाड़ दी जाएगी। वीबी जीरामजी योजना में इसका प्रावधान कर दिया गया है। यूपी में मनरेगा के स्थान पर वीबी जीरामजी योजना शुरू की गई है। गांवों में अभी तक सबसे बड़ी समस्या महिला मजदूरों को लेकर हो रही थी। इसीलिए वीबी जीरामजी में यह सुविधा दी गई है कि पांच साल से छोटे बच्चों को कार्यस्थल पर ही देखभाल की सुविधा होगी। इसके लिए पांच बच्चे होने अनिवार्य होगा। इसमें बच्चों के पीने के लिए साफ पानी व मामूली उपचार के सामान रखे जाएंगे।

सीएम योगी ने चौकाघाट स्थित विद्युत सब स्टेशन का किया स्थलीय निरीक्षण 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमंगल की कामना के साथ काल भैरव व काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन सीएम योगी ने चौकाघाट स्थित विद्युत सब स्टेशन का किया स्थलीय निरीक्षण  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे वाराणसी  मंदिर में मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का अभिवादन हाथ जोड़कर स्वीकारा, बच्चों को दुलारा एक मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी,  विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमंगल की कामना के साथ काशी कोतवाल काल भैरव व बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और विधि विधान से पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री ने काल भैरव मंदिर में आरती के साथ विधि विधान से पूजा कर बाबा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने मंदिर प्रांगण में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन हाथ जोड़कर स्वीकार किया और बच्चों को दुलारा। इसके पश्चात सीएम ने काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में गर्भगृह में जाकर षोडशोपचार पूजन कर लोक कल्य़ाण की कामना की। यहां बाबा के दर्शन करने आए भक्तों ने मुख्यमंत्री को देखकर 'हर-हर महादेव' का जयकारा लगाया। मुख्यमंत्री वाराणसी में आयुष एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु' के बेटे के विवाह समारोह में भी शामिल हुए। उन्होंने इस मांगलिक वेला पर वर-वधू एवं परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। काल भैरव व बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचने से पहले सीएम योगी ने चौकाघाट स्थित विद्युत सब स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान विद्युत सब स्टेशन पर चल रहे कार्य की प्रगति के संबंध में विभाग के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी कार्य समय से पूरा कराए जाने हेतु निर्देशित किया। इस मौके पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

यूपी के शिक्षकों को बड़ी सौगात! चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा फैसला, लाखों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत की खबर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को सुबह 10 बजे वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे. इस योजना के शुरू होते ही सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने लगेगी।  इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इलाज के समय शिक्षकों और उनके परिवारों को अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा. तय अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे आर्थिक बोझ काफी कम होगा. लंबे समय से शिक्षक इस तरह की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की मांग कर रहे थे।  इसके साथ ही प्रदेश के करीब 1.10 करोड़ परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1,200 रुपये भी भेजे जाएंगे. यह राशि यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग, स्वेटर और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री के लिए दी जाएगी. इसके अलावा करीब 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के साथ सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अन्य लाभ भी दिए जाएंगे, जिससे भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और मजबूत होगी।  वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को दोपहर 2 बजे चित्रकूट और मानिकपुर में 951 करोड़ रुपये की लागत वाली 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे. इन परियोजनाओं के जरिए सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। 

बाबरी ढांचे पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले दे रहे आस्था पर उपदेश, राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास: सीएम योगी

रामभक्तों के सहयोग से भव्य राममंदिर निर्माण सहन नहीं हो रहा सपा व कांग्रेस से: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर को दी ₹819 करोड़ से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं की सौगात बाबरी ढांचे पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले दे रहे आस्था पर उपदेश, राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास सपा-कांग्रेस चाहती हैं कि वक्फ की लूट जारी रहे और वे आस्था से खिलवाड़ करते रहें सुल्तानपुर,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम और राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर विपक्ष के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के सहयोग से प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनना समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से सहन नहीं हो रहा है। रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले और बाबरी ढांचे के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले आस्था पर उपदेश दे रहे हैं। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बावजूद अयोध्या को टारगेट किया जा रहा है। ये लोग चाहते हैं कि वक्फ के नाम पर लूट मची रहे और वे मंदिरों को बदनाम करते रहें। यह दोहरा चरित्र जनता को स्वीकार नहीं। मुख्यमंत्री मंगलवार को जनपद सुल्तानपुर में ₹819 करोड़ से अधिक लागत वाली 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सुल्तानपुर व इसौली विधानसभा क्षेत्रों समेत पूरे जनपद के नागरिकों को इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। रामायण कालीन स्मृतियों से जुड़ी सुल्तानपुर की पावन धरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया उत्तर प्रदेश 'विरासत और विकास' के अद्भुत समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और भारी बारिश के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में जनता का उमड़ना इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास की राजनीति के साथ मजबूती से खड़े हैं। राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास सीएम ने कहा कि अयोध्या में एक घटना घटित हुई। ट्रस्ट के विनम्र अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई। जब तक यह नहीं गठित हुई थी, सपा-कांग्रेस व अन्य सेक्युलर दल इसकी मांग करते थे। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, लेकिन सपा-कांग्रेस ने पावन धाम आयोध्या को बदमान करने की मुहिम चला रखी है। राम जन्मभूमि को बदमान करने और आस्था पर प्रहार करने का कार्य किया जा रहा है। सपा के लोग कह रहे हैं कि अयोध्या की घटना से आस्था आहत हुई है। जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाई हों, वे किस मुंह से आस्था की बात करते हैं? तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार सीएम ने तुष्टिकरण की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा-कांग्रेस ने वक्फ कानून का विरोध किया, नागरिकता कानून का विरोध किया। ये लोग विकास का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के निर्माण में खर्च करते थे, जबकि आज वही पैसा बथुआ धाम (बिजेथुआ महावीरन धाम) जैसे पवित्र मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विकास पर खर्च हो रहा है। पहले 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी युवाओं की नियुक्तियों और जमीनों पर डकैती डालती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने बिना भेदभाव पूरी पारदर्शिता के साथ 9 वर्षों में 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी हैं। गत वर्ष पुलिस भर्ती में सुल्तानपुर के भी सैकड़ों युवाओं को भी नौकरी मिली है। माफिया राज बनाम मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कोई भी सार्वजनिक जमीन दिखने पर सपा का गुंडा पार्टी का झंडा लगाकर कब्जा कर लेता था। हमारी सरकार आई तो गुंडों के कब्जे से 64 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई। पिछली सरकार हर जनपद में एक माफिया और हर थाना क्षेत्र में गुंडा पालती थी, जो गरीबों, व्यापारियों और बेटियों को प्रताड़ित करते थे। लेकिन हमारी डबल इंजन सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज दे रही है। सुल्तानपुर में अब अपना मेडिकल कॉलेज संचालित हो चुका है और आज यहां नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए शिलान्यास भी किया गया है, जो बेटियों के लिए शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी बनेगा।   शानदार कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल क्लस्टर 2017 से पहले की बदहाल कानून-व्यवस्था और ठप पड़े विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सुल्तानपुर बेहतरीन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, अयोध्या फोर-लेन, और प्रयागराज-वाराणसी मार्गों के सुदृढ़ीकरण से सुल्तानपुर की दूरी अब अयोध्या एयरपोर्ट से मात्र 45 मिनट और लखनऊ-प्रयागराज से महज डेढ़ घंटे की रह गई है। इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय नौजवानों को उनके गृह जनपद में ही रोजगार और नौकरी के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।     खेल और युवा शक्ति को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि ओलंपिक में मेडल जीतने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल को सीधे डिप्टी एसपी पद पर नियुक्त किया गया है। राज्य में इंडोर स्टेडियम, ग्रामीण स्टेडियम और खेल के मैदानों का निर्माण कर युवाओं को एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया जा रहा है।   डबल इंजन सरकार ही करेगी विकास मुख्यमंत्री ने इसौली विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां डबल इंजन सरकार का प्रतिनिधि नहीं है, वहां विकास कार्यों में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने सुल्तानपुर की जनता से आह्वान किया कि सुरक्षित, समृद्ध और सुशासन युक्त व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर अपना आशीर्वाद और विश्वास इसी तरह बनाए रखें। इस सरकार ने बेटी-बहन, व्यापारी, आम नागरिक सबको समान सुरक्षा उपलब्ध कराई है। सुरक्षा का वातावरण बना तो निवेश आया, विकास के काम हुए, रेलवे लाइन-फ्लाइओवर बने। हाईवे, ब्रिज, फोर-सिक्स लेन सड़कें व बाईपास आदि बन रहे हैं। मासूम बच्ची ने छुए सीएम के पैर कार्यक्रम की शुरूआत में सीएम ने महिलाओं को पोषण पोटली दी और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। इस दौरान मां के साथ मौजूद एक बच्ची ने सीएम के हाथ से चॉकलेट मिलने पर उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, निषाद राज वोट सब्सिडी योजना समेत कई स्टॉल्स पर जाकर जानकारी ली। उन्होंने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर मौजूद छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्हें चॉकलेट व स्कूल बैग किट भी प्रदान की। इस … Read more

CM योगी आज वाराणसी से लॉन्च करेंगे ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’, 12 लाख शिक्षकों को मिलेगा ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज

मख्यमंत्री योगी बुधवार को वाराणसी से करेंगे 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना' का शुभारंभ    -लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, रसोइये एवं अन्य कार्मिक परिवार सहित होंगे लाभान्वित -प्रति शिक्षक ₹3000 वार्षिक प्रीमियम का भुगतान करेगी राज्य सरकार, लगभग ₹447 करोड़ होगा वार्षिक व्यय – डीबीटी से 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में पहुंचेंगे ₹1320 करोड़ शिक्षा विभाग का एसबीआई के साथ सामाजिक सुरक्षा संबंधी एमओयू भी होगा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कार्मिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देने जा रही है। मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी से 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना' का शुभारंभ करेंगे। इसी कार्यक्रम में परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी से धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच सामाजिक सुरक्षा संबंधी समझौता (एमओयू) का आदान-प्रदान होगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों को भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डेन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइये तथा अन्य पात्र कार्मिक और उनके परिवार लाभान्वित होंगे। इस योजना से लगभग 12 लाख शिक्षक, रसोइये एवं अन्य कार्मिक परिवार सहित स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आएंगे। योजना में प्रति शिक्षक ₹3000 वार्षिक प्रीमियम का पूरा भुगतान राज्य सरकार करेगी। इसके लिए प्रतिवर्ष लगभग ₹447 करोड़ का व्यय किया जाएगा। योजना का संचालन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज के माध्यम से होगा। लाभार्थियों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। योजना में लगभग 1900 उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं। इनमें सामान्य उपचार से लेकर गंभीर बीमारियों, जटिल सर्जरी, हृदय रोग, कैंसर, किडनी रोग सहित अनेक उपचार शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रतीकात्मक रूप से शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित करेंगे। अभिभावकों के खातों में ₹1320 करोड़ की धनराशि डीबीटी से भेजी जाएगी  कार्यक्रम में शैक्षिक सत्र 2026-27 के प्रथम चरण में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में ₹1320 करोड़ की धनराशि डीबीटी से भेजी जाएगी। यह राशि यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, स्वेटर, जूते-मोजे और स्टेशनरी की खरीद के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इससे अभिभावकों को बच्चों की आवश्यक शैक्षणिक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने में सुविधा मिलेगी। शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच होगा एमओयू    समारोह के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच सामाजिक सुरक्षा संबंधी एमओयू भी होगा। इससे लगभग 10 लाख शिक्षक एवं अन्य कार्मिक सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जुड़ेंगे। उन्हें समूह जीवन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, स्थायी एवं आंशिक दिव्यांगता कवर, एयर एक्सीडेंट कवर तथा आकस्मिक परिस्थितियों में बच्चों की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए अतिरिक्त सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिन कार्मिकों के वेतन खाते पहले से भारतीय स्टेट बैंक में हैं, उन्हें इन सुविधाओं का लाभ स्वतः मिलेगा। अन्य पात्र कार्मिकों को भी बैंक में वेतन खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक होंगे सम्मानित  कार्यक्रम में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय (एसएचवीआर) योजना के राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान विद्यालयों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, शौचालय, हाथ धुलाई और बेहतर विद्यालयी वातावरण विकसित करने के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए दिया जाएगा।

नदियों के तट से पांच किमी. की परिधि में पौधरोपण कर 22240 से अधिक हेक्टेयर भूमि को आच्छादित करेगी योगी सरकार

पौधरोपण महायज्ञ- 2026   योगी सरकार 13 प्रमुख नदियों के तट क्षेत्र पर रोपेगी 3.83 करोड़ से अधिक पौधे    नदियों के तट से पांच किमी. की परिधि में पौधरोपण कर 22240 से अधिक हेक्टेयर भूमि को आच्छादित करेगी योगी सरकार     गंगा तीरे 4495 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 79.86 लाख पौधरोपण  यमुना नदी के किनारे 647 स्थलों पर 6531.77 हेक्टेयर में लगेंगे 1.08 करोड़ पौधे  गंगा नदी के किनारे 603, गोमती किनारे 297, सरयू किनारे 254 स्थलों पर होगा भव्य पौधरोपण कार्यक्रम लखनऊ  योगी सरकार पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत उत्तर प्रदेश में 13 प्रमुख नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण करेगी। गंगा, यमुना, गोमती, सरयू, समेत कई प्रमुख नदियों के किनारे पौधरोपण होगा। गंगा के किनारे 4495.72 हेक्टेयर में 79.86 लाख से अधिक पौधरोपण होगा तो यमुना किनारे सर्वाधिक 647 स्थल चिह्नित किए गए हैं, जहां पौधरोपण कराए जाएंगे। नदियों के तट से पांच किमी. की परिधि में कुल 2673 स्थल चिह्नित किए गए हैं, इनके किनारे 22240 हेक्टेयर से अधिक में 3.83 करोड़ से अधिक पौधरोपण होगा।  यमुना नदी के तट क्षेत्र पर होंगे सर्वाधिक पौधरोपण  सीएम योगी के निर्देश पर नदियों के किनारे पौधरोपण होंगे। अविरल धारा पौधरोपण कार्यक्रम के तहत यमुना नदी के तट पर सर्वाधिक पौधे रोपित किए जाएंगे। यमुना के कैचमेंट एरिया में 647 स्थलों पर 6531.77 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 1 करोड़, 8 लाख, 18 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। वहीं गंगा नदी के किनारे 603 स्थलों पर 4495.72 हेक्टेयर में पौधे लगाए जाएंगे। इसके किनारे 79.86 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। गंगा किनारे के वन प्रभागों प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, वाराणसी, गाजीपुर, मीरजापुर, भदोही, काशी वन्यजीव व बलिया आदि में यह पौधरोपण प्रस्तावित है।  इन 13 नदियों के समीप होगा अविरल धारा पौधरोपण क्रम  नदी    स्थल   क्षेत्रफल (हेक्टेयर)   पौधों की संख्या  1  यमुना       647      6531.77         1,08,18,731 2 गंगा         603       4495.72          79,86,512 3 गोमती        297      1521.5          31,37,845 4 सरयू/घाघरा   254      1635.58         27,75,860 5  सई        238      1032.52          23,29,609 6  बेतवा       171       3281.76         52,35,132 7 राप्ती       155          1037.67         16,60,272 8 छोटी गंडक   105       513.00          8,20,800 9  सोन        67        970.63         14,77,158  10  रामगंगा    51        268.51         4,49,978 11  केन       39       667.9            10,68,381 12  हिंडन     33        131.55          3,16,480 13  चंबल     13         152.00           2,28,200 कुल–     2673        22240.11        3,83,04,958 पौधरोपण महायज्ञ-2026 के दौरान वन विभाग की तरफ से प्रदेश में 13 नदियों के किनारे अविरल धारा पौधरोपण कराया जाएगा। इसमें मां गंगा, मां यमुना, मां सरयू आदि के नदियों के तट से 5 किमी. की परिधि में पौधरोपण होगा। नदियों के किनारे 3.83 करोड़ से अधिक पौधरोपण को लेकर भी विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशन में पौधरोपण महायज्ञ उत्सव के साथ मनाया जाएगा।   

बनारस रोप-वे प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, 90 वर्ष की लीज पर भूमि आवंटित; VDA को मिली बड़ी सौगात

 वाराणसी वाराणसी रोप-वे पायलट परियोजना के निर्माण की राह अब और आसान हो गई है। टावर संख्या-29 एवं स्टेशन संख्या-5 के निर्माण के लिए कोतवालपुरा स्थित एक बिस्वा 19 धूर नजूल भूमि को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) को 90 वर्ष की लीज पर प्रतीकात्मक एक रुपये प्रीमियम के साथ आवंटित करने का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा गया है। इस प्रस्ताव को नगर विकास, वित्त और राजस्व विभाग की सहमति प्राप्त है। भूमि का उपयोग केवल रोप-वे परियोजना के लिए किया जाएगा और यदि तीन वर्ष तक इसका उपयोग नहीं होता या उद्देश्य बदलता है, तो भूमि वापस ले ली जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार, कोतवालपुरा स्थित नजूल आराजी संख्या-88 के कुल चार बिस्वा 19 धूर क्षेत्रफल में से एक बिस्वा 19 धूर भूमि रोप-वे परियोजना के टावर संख्या-29 और स्टेशन संख्या-5 के निर्माण के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण को 90 वर्ष की लीज पर प्रतीकात्मक एक रुपये प्रीमियम के साथ दी जाएगी। लीज का प्रत्येक 30 वर्ष पर नवीनीकरण होगा। सरकार ने वीडीए को सार्वजनिक इकाई मानते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव में यह शर्त रखी गई है कि भूमि का उपयोग केवल रोप-वे परियोजना के लिए होगा। यदि तीन वर्ष तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होता या भूमि का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जाता है, तो उसे वापस लिया जा सकेगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि भूमि को किसी निजी संस्था या व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा और भविष्य में इस आवंटन को अन्य मामलों के लिए उदाहरण भी नहीं माना जाएगा। इस प्रकार, वाराणसी में रोप-वे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी आई है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के कार्यान्वयन में मदद मिलेगी। इस परियोजना के माध्यम से वाराणसी में परिवहन की सुविधा में सुधार होगा और यह शहर के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा इस भूमि आवंटन के साथ ही रोप-वे परियोजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित हुआ है।

​जल जीवन मिशन के कार्यों को तेजी से पूर्ण कराएं, फंड की कोई कमी नहीं: मुख्यमंत्री

​वाराणसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ​वाराणसी में गतिमान निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण कार्य 18 माह में पूरा कराने का हर संभव प्रयास किया जाए। उन्होंने गंगा नदी में नावों के सुचारु संचालन के संबंध में नाविकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय स्तर पर नगर निगम के माध्यम से छोटी नावों का पंजीकरण कराकर उन्हें लाइफ जैकेट आदि आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने को कहा। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के संबंध में उन्होंने अवशेष भवनों का नियमानुसार मुआवजा वितरित कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शीघ्रता से कराने के निर्देश दिए। ​जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में फंड की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी स्तर पर हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों का साथ-ही-साथ मरम्मत कार्य भी अवश्य कराया जाए। इसमें कहीं से भी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। ​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में बन रहे रोप-वे की प्रगति की जानकारी लेते हुए उसे तय समय-सीमा में पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस दौरान मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री को बताया कि अगस्त माह तक रोप-वे का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। ​शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग के दौरान जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दिए जाने और उनकी ठीक से मरम्मत न होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि संबंधित कार्य से पहले अंतर्विभागीय बैठकें अवश्य कर ली जाएं, ताकि संबंधित विभाग सड़कों की मरम्मत का कार्य समय से करा सके। उन्होंने ऐसी सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए। ​बैठक के दौरान वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा विकसित की जा रही टाउनशिप 'आनंद काशी', 'रुद्र काशी' और 'काशी स्पोर्ट्स सिटी' की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने समस्त आवश्यक कार्यवाहियों को समय से पूरा करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने शहर में पेयजल एवं सीवर पाइपलाइन बिछाने के दौरान रोड कटिंग के रेस्टोरेशन कार्यों को साथ-ही-साथ कराने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने निर्माणाधीन यूनिटी मॉल के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। ​मुख्यमंत्री ने पौधरोपण महाअभियान की पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। साथ ही बॉर्डर एरिया में पुलिस द्वारा विशेष सतर्कता बरतने, पेट्रोलिंग बढ़ाने और प्रत्येक 6 माह में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन आदि माध्यमों से प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों का मेरिट के आधार पर त्वरित निस्तारण करने को कहा। ​जिले की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने तय समय में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रावण मास की तैयारियों की समीक्षा के दौरान उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों को दर्शन के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इस पर पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशीवासियों की इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने के लिए जनता की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आगामी श्रावण मास के दौरान मैदागिन से गोदौलिया तक की जाने वाली बैरिकेडिंग से स्थानीय व्यापारियों को समस्या न होने देने तथा उक्त मार्ग पर पर्याप्त एम्बुलेंस की व्यवस्था रखने का आग्रह किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। ​बैठक में श्रावण मास के दौरान प्रशासन तथा पुलिस विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम द्वारा काशी विश्वनाथ धाम तथा वाराणसी परिक्षेत्र में स्थित विभिन्न शिवालयों में की जा रही तैयारियों का विस्तृत विवरण मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि श्रावण मास के दौरान प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करके कार्य करें। परिवहन व रेलवे के साथ भी बेहतर तालमेल हो ताकि भीड़ नियंत्रण व श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा मिल सके। श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं जैसे साफ-सफाई, पेयजल, खोया-पाया केंद्र, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और निःशुल्क लॉकर आदि सुलभ कराए जाएं। ​मुख्यमंत्री ने गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने, लाइफ जैकेट का अनिवार्य प्रयोग करने, सीसीटीवी से लगातार मॉनिटरिंग करने समेत जल पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदागिन से गोदौलिया के बीच बैरिकेड्स को दुरुस्त करने को कहा ताकि किसी भी श्रद्धालु को चोट न लगे, साथ ही जर्जर भवनों के पास बैरिकेड्स लगाने में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में पूरे महीने भीड़ रहेगी, जिसके दृष्टिगत बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। मंदिर व्यवस्था में लगे कर्मियों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर बदली जाए ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ कोई धोखाधड़ी न हो। होटल, रेस्तरां तथा बस स्टैंडों पर मनमाना शुल्क न वसूला जाए, इस पर भी लगातार नजर रखने की जरूरत है। ​जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया कि वर्ष 2014 से अब तक कुल 36,210 करोड़ रुपये की लागत के 536 प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं। वर्तमान में 25,007 करोड़ रुपये की 191 परियोजनाएं गतिमान हैं। उन्होंने जिले के सभी लाइव प्रोजेक्ट्स को एक-एक करके मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। ​समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने वाराणसी कमिश्नरेट की कानून-व्यवस्था समेत आगामी श्रावण मास के दौरान पुलिस विभाग की तैयारियों को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया। एडीजी पीयूष मोर्डिया ने जोन के सभी नौ जिलों में पुलिस कार्रवाई समेत गो-तस्करी, अवैध शराब तस्करी और 'ऑपरेशन वज्रपात' के दौरान की गई कार्रवाइयों का विवरण दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने और बेहतर कार्य करने, फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, जनता से उचित व्यवहार करने, सदैव सजग रहने तथा बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ​बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. … Read more

यूपीईएसएससी ने घोषित किया प्रवक्ता भर्ती-2022 का अंतिम परिणाम, 18 विषयों के 624 पदों पर चयन

लखनऊ  योगी सरकार की मंशा के अनुरूप प्रदेश में खाली विभिन्न पदों पर भर्ती अभियान जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (बालक/बालिका) भर्ती-2022 का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि18 विषयों के कुल 624 प्रवक्ता पदों के लिए लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के युवाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सरकारी सेवा में अवसर उपलब्ध कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में प्रवक्ता भर्ती-2022 की पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता और शुचिता के साथ संपन्न कराई गई। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रवक्ता भर्ती की लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 15 जून से 27 जून 2026 तक संपन्न कराया गया। लिखित परीक्षा, अभिलेख सत्यापन एवं साक्षात्कार की समस्त प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है। उन्होंने बताया कि भौतिकी, जीवविज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास, शिक्षा, अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य, समाजशास्त्र, नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत, मनोविज्ञान, रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी तथा कला सहित कुल 18 विषयों के चयनित अभ्यर्थियों का विषयवार एवं श्रेणीवार विवरण आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। अभ्यर्थी कटऑफ अंक एवं चयन संबंधी विस्तृत जानकारी भी वेबसाइट के माध्यम से देख सकते हैं। अभ्यर्थी अपने अनुक्रमांक एवं जन्मतिथि के माध्यम से आयोग की वेबसाइट www.upessc.up.gov.in पर उपलब्ध लिंक से एक सप्ताह तक अपने प्राप्तांक देख सकेंगे। इसके अतिरिक्त प्राप्तांकों से संबंधित कोई भी सूचना सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड नियमावली, 1998 के नियम 12(9) के अनुसार अभ्यर्थियों द्वारा साक्षात्कार पत्र डाउनलोड करते समय ऑनलाइन भरी गई संस्थाओं की अधिमानता तथा घोषित चयन पैनल के आधार पर नियम 12(10) के प्रावधानों के अनुरूप संस्था आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी।