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स्किल इंडिया मिशन ने देश की तस्वीर बदली, अब छत्तीसगढ़ बना रहा है नया इतिहास – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और  इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।  मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।  मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

स्किल इंडिया मिशन ने देश की तस्वीर बदली, अब छत्तीसगढ़ बना रहा है नया इतिहास – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और  इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।  मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।  मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

पीड़ितों को राहत: मंत्री देवांगन ने वितरित किए आर्थिक सहायता के चेक

रायपुर, कोरबा विधानसभा अंतर्गत दर्री के कलमीडुग्गु, प्रगतिनगर के 10 लोगों की फरवरी माह में कुम्भ यात्रा के दौरान सड़क हादसे में दुःखद निधन हो गया था। सभी शोक संतृप्त परिवार को वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की थी। मंत्री देवांगन ने आज कोहड़िया, कोरबा निवास कार्यालय में सभी 10 परिवार को 1-1 लाख की सहायता राशि का चेक वितरण किया। उन्होंने इसके लिए सवेदनशील मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय का बहुत बहुत आभार व्यक्त किया। इस दौरान पार्षद राधा महंत जी, पार्षद मुकुंद सिंह कँवर जी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय के प्रयास रंग लाए, कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 56 पदों की मंजूरी

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पत्थलगांव विकास खंड के कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नयन करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण करने के लिए 4 करोड़ 37 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति भी दे दी है। कोतबा में लोगों तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 56 पद स्वीकृत किए हैं। इनमें अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग सिस्टर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, स्टाप नर्स, लेखापाल, फार्मासिस्ट, सहायक ग्रेड 3, ड्रेसर, वार्ड बॉय, आया और भृतय के पद स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही उनकी पदस्थापना की जाएगी जिसमें लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जा सके।

सरकार के नीतिगत फैसलों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मान

साल दर साल बढ़ रहा है किसानों की संख्या, रकबा और उत्पादन रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय सरकार के नीतिगत फैसलों एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हैं। इन नीतियों से प्रदेश के किसान निरंतर समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनते ही प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदी कर न सिर्फ किसानों का मान बढ़ाया बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य सरकार ने बीते 18 महीने में विभिन्न योजनाओं के तहत् लगभग सवा लाख करोड़ रूपए किसानों के खाते में अंतरित की है। इन कल्याणकारी फैसलों और प्रोत्साहन से साल दर साल किसानों की संख्या, खेती-किसानी का रकबा और उत्पादन में वृद्धि हो रही है। बता दें कि देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री श्री साथ के नेतृत्त्व में प्रदेश सरकार की इन डेढ़ साल की अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीति गत फैसलों से खेती-किसानी की नया सम्बल मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों से बीते खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में सर्वाधिक 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी कर एक नया रिकार्ड कायम किया है। किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 32 हजार करोड रूपए का भुगतान एवं किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मूल्य की अंतर की राशि 13,320 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में प्रदेश के किसानों से रिकार्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई और धान खरीदी के एवज में किसानों को 34,500 करोड़ रूपए का तत्काल भुगतान किया गया तथा 12 हजार करोड़ रूपए की अंतर की राशि एकमुश्त सीधे किसानों के खातों में अंतरित किया गया। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वायदे को पूरा कर यह बता दिया है कि छत्तीसगढ़ की खुशहाली और अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने का रास्ता खेती-किसानी से ही निकलेगा। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड रूपए का भुगतान करके अपना संकल्प पूरा किया, इससे प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर है। किसानो का मानना है कि राज्य सरकार के फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार किसानों की हितैषी है। खेती-किसानी ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकसित राज्य बनाने का सपना साकार होगा। छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण 01 अप्रैल 2014 से उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रूपए तक है। फसल ऋण में नगद एवं वस्तु का अनुपात 60 अनुपात 40 है। सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों से व्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए खरीफ वर्ष 2024 में 15.21 लाख किसानों को 6912 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वितरित किया गया था। वर्ष 2025 में किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य है। किसानों को 11 जुलाई की स्थिति में 5124 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित किए गए हैं। यह किसानों के हित में क्रांतिकारी कदम है। छत्तीसगढ़ में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लागू की गई है। सौर सुजला योजना के माध्यम से सरकार ने दूरस्थ वनांचल में जहां बिजली की सुविधा नहीं है, वहां किसानों के खेतों में भी इस योजना के माध्यम से सौर सुजला सिंचाई पंप स्थापित कर सिंचाई की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ में किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों की स्थिति में सुधार, कृषि एवं सहायक गतिविधियां के लिए समन्वित प्रयास पर राज्य सरकार का फोकस है। कृषि विभाग के बजट में बीते वर्ष की तुलना में वर्ष 2024-25 में 33 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 13 हजार 435 करोड रूपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए राज्य के बजट में भी कृषि के साथ-साथ ग्रामीण विकास को फोकस किया गया है। यहां धान और किसान एक-दूसरे के पर्याय है। पिछले वर्ष 149.25 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर राज्य के 25 लाख 48 हजार 798 किसानों से खरीदी की गई है। राज्य सरकार ने बजट में कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, जिसका उद्देश्य कृषि समृद्धि को बढ़ावा देना है। वहीं किसानों के 5 एचपी तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5.65 लाख भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही दलहन एवं तिलहन फसलों समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 80 करोड़ रुपये तथा फसल बीमा योजना के लिए 750 करोड़ रुपये और मोटे अनाजों के साथ-साथ दलहन, तिलहन, बीज उत्पादन एवं वितरण के लिए कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सरकार की किसान हितैषी नियत को दर्शाता है। केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के 26 लाख से ज्यादा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना में किसानों को तीन किश्तों में साल में 6 हजार रूपए की राशि केन्द्र सरकार के द्वारा सीधे किसानों के बैंक खातों में दी जा रही है। केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में धान के विपुल उत्पादन को देखते हुए केन्द्रीय पूल में 78 लाख मीट्रिक टन चावल जमा करने का लक्ष्य दिया है।

माओवादियों की बिछाई मौत की राह में फंसा किशोर, गंभीर रूप से घायल

 बीजापुर  छत्तीसगढ़ की जमीन से माओवाद के खातमे को लेकर प्रशासन और सुरक्षाबलों की ओर से लगातार प्रयास जारी है। इसी बीच माओवादी भी रह-रहकर कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं और निर्दोष लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। बीजापुर के भोपालपटनम थाना क्षेत्र के माओवाद प्रभावित कोंडापडगु में शनिवार की शाम माओवादियों का एक और अमानवीय कृत्य सामने आई, जिसमें जंगल में मवेशी चराने गया एक 16 वर्षीय किशोर माओवादियों के लगाए हुए प्रेशर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार शनिवार की शाम को कोंडापडगु निवासी कृष्णा गोटा पिता फकीर मवेशी चराने जंगल गया हुआ था, तभी जमीन में दबे हुए प्रेशर आइईडी पर उसका पैर पड़ गया। जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में कृष्णा के पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। इलाज जारी, स्थिति गंभीर घायल बालक को तत्काल उपचार हेतु जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, परंतु समय पर चिकित्सा मिलने से उसकी जान बच गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर तलाशी अभियान प्रारंभ कर दिया है। माओवादियों के लगाए हुए अन्य विस्फोटकों की खोज के लिए विशेष टीम भेजी गई है। माओवादी अपनी जान बचाने खतरे में डाल रहे निर्दोषों की जान बस्तर में सुरक्षा बलों के अभियान से डरे माओवादी अपनी जान बचाने जंगलों में बारूद बिछा रहे हैं, पर इसकी चपेट में निर्दोष ग्रामीण आ रहे हैं। इस वर्ष अब तक एक दर्जन से अधिक ग्रामीण माओवादियों के लगाए विस्फोटक की चपेट में आकर घायल हुए हैं, या मारे गए हैं। पुलिस ने जनता से अपील की गई है कि वे जंगल क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता बरतें तथा यदि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या सुरक्षा कैंप को सूचित करें। सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।

माओवादी ऑपरेशन के दौरान संवेदनशील जानकारी लीक न हो इसके लिए उठाए सख्त कदम

जगदलपुर माओवादी मोर्चे पर तैनात सुरक्षा बलों की रणनीतिक गोपनीयता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक सख्त कदम उठाया गया है। माओवाद प्रभावित जिलों में तैनात सुरक्षा बल के जवानों को इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूर रहने के लिए निर्देशित किया गया है। जिससे की किसी भी प्रकार की ऑपरेशन जानकारी लीक न हो सके। बता दें कि बस्तर संभाग के सातों माओवादी प्रभावित जिलों – दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव, कांकेर और बस्तर में तैनात डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड), एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स) के जवानों के सभी इंटरनेट मीडिया अकाउंट अब डिलीट करा दिए गए हैं। जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे किसी भी प्लेटफार्म से दूरी बनाए रखें और भविष्य में कोई भी ऑपरेशनल जानकारी साझा न करें। इस निर्णय के पीछे मुख्य वजह पिछले दिनों हुए ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों का इंटरनेट मीडिया के ज़रिए लीक होना, बताया जा रहा है। माओवादी कमांडर बसव राजू के मारे जाने के बाद जवानों द्वारा पोस्ट किए गए आपरेशनल वीडियो मिलियन्स में व्यूज बटोर रहे थे, जिनमें हथियार, जंगल मार्ग, मुठभेड़ स्थल और यहां तक कि घायल या मारे गए माओवादियों की तस्वीरें भी शामिल थीं। इससे मिशन की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा था। जवानों को दी जा रही काउंसलिंग जवानों को साइबर सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर विशेष काउंसलिंग भी दी जा रही है ताकि वे अनजाने में भी कोई संवेदनशील जानकारी साझा न करें। यह कदम माओवादी विरोधी अभियानों की सफलता सुनिश्चित करने और जवानों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में लिया गया निर्णायक निर्णय है। ऑपरेशन में सीमित होगा मोबाइल उपयोग ऑपरेशन के दौरान मोबाइल उपयोग भी सीमित कर दिया गया है। जवान केवल आपातकालीन या आधिकारिक संपर्क के लिए ही फोन का प्रयोग कर सकेंगे। वीडियो बनाना, फोटो लेना और रिकार्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।आपरेशन के बाद मोबाइल की जांच भी अनिवार्य कर दी गई है।

जंगल, अदाणी और ED पर गरमाई सियासत: प्रियंका गांधी ने साय सरकार को घेरा, भूपेश बघेल को बताया संघर्षशील नेता

रायपुर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार सुबह एक्स पर पोस्ट साझा कर छत्तीगढ़ की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और लिखा कि भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ के सारे जंगल अदाणी को दे दिए हैं। पेसा कानून और एनजीटी के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जंगलों को बर्बाद किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा में यह मुद्दा उठाने वाले थे। लेकिन उन्हें रोकने के लिए सुबह-सुबह ईडी ने छापा मार दिया। इतना ही नहीं उनके बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया। आगे लिखा कि बीते 11 वर्षों में देश अच्छी तरह समझ चुका है कि ये जनता की आवाज को कुचलने और विपक्ष को दबाने के तरीके हैं। लेकिन ऐसे हथकंडों से सच को दबाना और विपक्ष को डराना नामुमकिन है। कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता बघेल के साथ मजबूती से खड़ा है।  भूपेश बघेल ना टूटेगा ना झुकेगा- पूर्व सीएम इससे पहले भूपेश बघेल ने एक्स पर ईडी की कार्रवाई के बीच एक पोस्ट लिखा था कि 6 बजकर 20 मिनट पर ईडी के अधिकारी उनके घर पहुंचे हैं। अदाणी का मामला जब-जब उठाया जाता है, तब-तब मोदी और शाह ईडी की कार्रवाई करते हैं। भूपेश बघेल ना टूटेगा ना झुकेगा, हम लड़ाई लड़ेंगे। बघेल ने कहा कि पूरे देश में विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई हो रही है। बघेल के बेटे को पांच दिन की रिमांड जानकारी के लिए बता दें कि बीते शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर छापा मारा था। ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को कार्रवाई के बीच गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश डमरूधर चौहान की विशेष कोर्ट में पेश किया और पांच दिन की रिमांड मिल गई। अब ईडी चैतन्य से पूछताछ करेगी। विपक्ष के इन नेताओं पर हो चुकी है ईडी की कार्रवाई ईडी के निशाने पर आने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, लालू प्रसाद यादव और राकांपा संस्थापक शरद पवार जैसे कई दिग्गज नेता रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने एक ट्वीट में रॉबर्ट वाड्रा का बचाव करते हुए कहा था कि उनके बहनोई को पिछले एक दशक से नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है और सत्य की जीत होगी। वाड्रा को पूर्ण समर्थन देते हुए राहुल ने लिखा था कि मैं रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ खड़ा हूं, क्योंकि उन्हें दुर्भावनापूर्ण, राजनीतिक रूप से प्रेरित बदनामी और उत्पीड़न के एक और हमले का सामना करना पड़ रहा है। मुझे पता है कि वे सभी, किसी भी तरह के उत्पीड़न का सामना करने के लिए पर्याप्त साहसी हैं। वे गरिमा के साथ ऐसा करते रहेंगे। अंततः सत्य की जीत होगी।

मुख्यमंत्री साय बोले – नई औद्योगिक नीति के माध्यम से विकास और रोजगार सृजन कर रही है हमारी सरकार

फार्मास्यूटिकल इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण कदम रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सेक्टर-05 स्थित एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रबंधन को शुभकामनाएं दीं और उत्पादन इकाई का भ्रमण कर दवा निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री शसाय ने कहा कि कोविड के कठिन दौर में दवाइयों की किल्लत को देखते हुए इस इकाई के निर्माण का सपना देखा गया था और आज वह साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया कोविड के संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर एक मिसाल कायम की। श्री साय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स की  इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है और पिछले सात-आठ महीनों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर कार्य आरंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन का कार्य कर रही है और ऐसी इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और इन 25 वर्षों में जो विकास हुआ है, उसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने न केवल प्रदेश से भूखमरी को दूर किया, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी ठोस नींव रखी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए लोगों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है। श्री साय ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष की अवधि में छह से अधिक विशेषज्ञ अस्पतालों के शुभारंभ का मैं साक्षी रहा हूं, जो दर्शाता है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी का मानना है कि लोग बीमार न पड़ें, निरोगी रहें, और उनकी इसी संकल्पना के अनुरूप वेलनेस सेंटर के माध्यम से लोगों को आरोग्य प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” की परिकल्पना के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) 5 लाख करोड़ है, जिसे 2030 तक ₹10 लाख करोड़ और 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, और यह प्रदेशवासियों के सहयोग से ही संभव होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स का भ्रमण कर उन्नत तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह इकाई पूरी तरह ऑटोमेटेड है, जहाँ टैबलेट, सिरप, ऑइंटमेंट और क्रीम जैसे विभिन्न प्रकार की दवाइयों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस इकाई के विस्तार से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में यह एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है और कोविड काल के दौरान पूरी दुनिया को यह एहसास हुआ कि दवाइयों और चिकित्सा संसाधनों का क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों ने भी उस दौर में भारत की फार्मा क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में नवा रायपुर की केंद्रीय भूमिका है। यह क्षेत्र न केवल औद्योगिक निवेश के लिए उपयुक्त है, बल्कि सभी प्रमुख मार्गों से जुड़ाव के कारण लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से भी अत्यंत सुविधाजनक है। डॉ. सिंह ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की टीम को इस नई शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह इकाई नवा रायपुर के विकास को नई गति देगी। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पवन साय, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स से कोमलचंद चोपड़ा, अनिल देशलहरा और उज्ज्वल दीपक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

मिशन हॉस्पिटल मामला: कोर्ट ने याचिका खारिज कर सरकार को दी बड़ी जीत

बिलासपुर मिशन हॉस्पिटल मामले में हाईकोर्ट ने शासन के पक्ष में बड़ा से फैसला सुनाया है. मामले में सुनवाई के बाद 24 अप्रैल 2025 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. कोर्ट ने आज फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया है. 1885 में लीज पर मिली थी 11 एकड़ जमीन दरअसल, मिशन अस्पताल की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी. मिशन अस्पताल के लिए सेवा के नाम से 11 एकड़ जमीन लीज पर दी गई थी. इसके लिए क्रिश्चियन वुमन बोर्ड ऑफ मिशन हॉस्पिटल बिलासपुर, तहसील व जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ को जमीन आवंटित की थी. यह मोहल्ला चांटापारा शीट नंबर 17, प्लाट नंबर 20/1 एवं रकबा 382711 एवं 40500 वर्गफीट है. 1966 में लीज का नवीनीकरण कर साल 1994 तक लीज बढ़ाई गई थी. जिसकी अवधि 31 अप्रैल 1994 तक के लिए थी. जिसमें मुख्य रूप से निर्माण में बदलाव एवं व्यवसायिक गतिविधियां बिना कलेक्टर की अनुमति के न किए जाने की शर्त थी. डायरेक्टर का कारनामा, शर्तों के विरुद्ध बनाई चौपाटी लीज पर जमीन लेकर डायरेक्टर रमन जोगी ने इसे चौपाटी बनाकर किराए पर चढ़ा दिया था. एक रेस्टोरेंट का कैम्पस में संचालन किया जा रहा था. लीज की शर्तों का उल्लंघन कर व्यावसायिक उपयोग करने पर तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण की नजर पड़ी. लीज की अवधि बढ़ाने के समय इसमें कई शर्तें भी लागू की गई थी. पर शर्तों का उल्लंघन कर न केवल इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था. साथ ही किराए पर अन्य प्रतिष्ठानों को देकर इसे कमाई का माध्यम बना लिया गया था. 1994 को लीज खत्म होने के बाद 30 वर्षों तक लीज का नवीनीकरण नहीं करवाया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता ने कहा था कि नितिन लॉरेंस प्रत्येक याचिका में अपना पद बदल रहे हैं और विभिन्न संस्थाओं की पॉवर ऑफ अटॉर्नी प्रस्तुत कर रहे है. अदालत को गुमराह किया जा रहा है. यह कानूनी रूप से गलत है. जस्टिस प्रसाद ने अपने फैसले में लिखा है कि अधिकारियों ने पट्टे को नवीनीकृत करने से इनकार करके और पट्टे को वापस लेने में अपने अधिकारों और अधिकार क्षेत्र के भीतर काम किया. भूमि पर पुनः कब्ज़ा प्राप्त करने के लिए कदम उठाएँ. उनके निर्णय में कोई त्रुटि या अवैधता नहीं है, जिसके लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 या 227 के अंतर्गत इस न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप की आवश्यकता हो.