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चिरमिरी में 3 विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार रुपये की मिली प्रशासकीय स्वीकृति

चिरमिरी में 3 विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार रुपये की मिली प्रशासकीय स्वीकृति स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत मिली राशि एमसीबी/चिरमिरी छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों हेतु कुल 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार  रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से यह स्वीकृति चिरमिरी नगर पालिक निगम क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए दी गई है। इन कार्यों में वॉर्ड क्र. 07 में कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य  लागत 3 करोड़ 56 लाख 76 हजार, अटल परिसर से मालवीय नगर तक पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में सड़क चौड़ीकरण  कार्य लागत 69 लाख 19 लाख तथा अहिंसा चौक हल्दीबाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य लागत 1 करोड़ 92 लाख 77 हजार रुपए शामिल है।  स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से जिले के सभी क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं और नए विकास कार्यों की मंजूरी भी मिल रही है। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत मिले इन विकास कार्यों के लिए स्वास्थ्य मंत्री, उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट किया है।

छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज: गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, उमस से बेहाल लोग

रायपुर छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग रायपुर के अनुसार, 7 से 9 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे कुछ राहत तो मिली, लेकिन उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 48 घंटों में बिजली गिरने, तेज गर्जना और तेज बौछारों की आशंका बनी हुई है। राजधानी में 7 अगस्त को आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा। दिन में एक-दो बार वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। बिलासपुर में पिछले चार दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। 2 अगस्त को तापमान सामान्य से नीचे था, लेकिन इसके बाद गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली। बुधवार को पारा 35.3 डिग्री पहुंच गया, जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। लोगों को तेज धूप और चिपचिपी उमस ने सावन की ठंडक तक भुला दी है। मानसून द्रोणिका यह इस समय फिरोजपुर, करनाल, मुरादाबाद, खेड़ी, जलपाईगुड़ी होते हुए अरुणाचल प्रदेश तक फैली हुई है। चक्रीय चक्रवात बांग्लादेश के मध्य भाग में स्थित है, जो 5.8 से 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला है। इस सिस्टम के कारण अगस्त माह में प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग की चेतावनी आने वाले 48 घंटों में बिजली चमकने, तेज गर्जना और आंधी के साथ बारिश की चेतावनी। लोगों से खुले में बिजली गिरने के दौरान रहने से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील।

समग्र विकास का मंत्र: मुख्यमंत्री ने आदि कर्मयोगी बैठक में आदिवासी ग्रामों में जनसहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का समग्र विकास जनभागीदारी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत पूरे देश में आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में 20 लाख स्वयंसेवकों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य की भागीदारी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1,32,400 वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि युवाओं को वॉलंटियर्स के रूप में रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान की जाए और आगामी 2 अक्टूबर 2025 को ग्राम सभाओं में इस पर विशेष चर्चा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन कमियों को दूर करने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आवश्यक ठोस कदम उठाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त हो। बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत ग्रामों में ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो न केवल मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में सहायक होंगे, बल्कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 से 28 जुलाई 2025 के मध्य सम्पन्न किया जा चुका है तथा जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स की सूची भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। आगामी गतिविधियों में जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिन्हें शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आदिम जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

देशभर से आए विशेषज्ञ निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारी

रायपुर : गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्रियों के चयन के लिए मानकों की जानकारी जरूरी – अरुण साव पीडब्लूडी के अभियंताओं के लिए बीआईएस द्वारा आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री देशभर से आए विशेषज्ञ निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारी रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव आज भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 6 अगस्त और 7 अगस्त को दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। देशभर से आए विषय विशेषज्ञ कार्यक्रम में अभियंताओं को अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्रियों और कार्यों के नए मानकों की जानकारी दे रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न जिलों के अभियंता इसमें हिस्सा ले रहे हैं जिनमें अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम में कहा कि लगातार बदल रही तकनीकों, जरूरतों और अनुसंधानों के बीच नए मानकों और नवाचारों से अपडेट रहना जरूरी है। एक इंजीनियर के रूप में सम-सामयिक तकनीकी पहलुओं और उनके नवीन मापदंडों की जानकारी आवश्यक है। अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने में इनकी अच्छी जानकारी काफी मददगार होती है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमारे अभियंताओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्माण उद्योग में अलग-अलग कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं की भिन्न-भिन्न गुणवत्ता और कीमत वाली सामग्री मौजूद हैं। गुणवत्ता और मानकों की अच्छी जानकारी रहने से आप सही सामग्रियों का चयन कर सकते हैं। आपके पर्यवेक्षण (Supervision) में हो रहे कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आपकी है। इसके लिए निर्माण कार्यों में मानकों के अनुरूप प्रमाणित सामग्रियों का उपयोग करें। साव ने दो दिनों तक चलने वाले इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम का पूरा लाभ लेते हुए अपनी जानकारियों को अपडेट करने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को कार्यस्थल पर प्रभावी कार्य संपादन में सहायता मिलेगी।  लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी ने कहा कि देश-दुनिया में प्रचलित मानकों और मापदंडों से विभाग के अभियंताओं को अवगत कराने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि हर अभियंता को मानकों की पूरी जानकारी रखने के साथ ही फील्ड में इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना चाहिए। उन्होंने मानकों और मापदंडों का पालन कर राज्य में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने को कहा। भारतीय मानक ब्यूरो के क्षेत्रीय निदेशक सुमन कुमार गुप्ता और वैज्ञानिक श्रीमती मधुरिमा माधव ने भी प्रतिभागी अभियंताओं को संबोधित किया। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय के संयुक्त निदेशक फालेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।  सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों तथा सामग्रियों के मानकों की दी जा रही जानकारी भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को अलग-अलग सत्रों में सिविल और इलेक्ट्किल कार्यों के मानकों की जानकारी दे रहे हैं। सिविल कार्यों में रिसोर्स पर्सन के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ डी.एस. धपोला, डॉ. आदित्य प्रताप सान्याल, डॉ. आर.पी. देवांगन, डॉ. प्रवीण निगम और डॉ. ललित कुमार गुप्ता नए मानकों और मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिकल कार्यों में सर्वबाबुल चक्रवर्ती, उमा शंकर, सुहासकृष्णन के.वी. और सुभावना कस्तुरिया मानकों की जानकारी दे रहे हैं।

वन्यजीव संरक्षण के लिए सक्रिय पहल जरूरी: वनमंत्री कश्यप ने अधिकारियों को दिए निर्देश

रायपुर : वनमंत्री कश्यप ने वन्यप्राणी के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष बल देने निर्देशित किया वनमंत्री कश्यप ने वन्यप्राणी के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष बल देने निर्देशित किया वन विभाग के कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की ईको टूरिज्म में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ें बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र को बढ़ाने के दिए निर्देश ई-ऑक्शन की सराहना की रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मोदी की गारंटी के तहत वनोपज खरीदी दर और बोनस की राशि का भुगतान के साथ ही देवगुड़ियों के संरक्षण, लेमरू हाथी रिजर्व से जुड़े मुद्दे, प्रोजेक्ट बघवा, किसान वृक्ष मित्र योजना और मानव पशु द्वंद से हुई जनहानि एवं कृषि उपज प्रभावित होने वाले किसानों को फसल क्षति कवर प्रदान करने प्राप्त आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का लगभग शत-प्रतिशत निराकरण कर दिया गया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ई-ऑक्शन के माध्यम से वनोपज एवं काष्ठों की नीलामी की जा रही है। अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा ने ई-ऑक्शन को राज्य में मिल रहे बेहतर प्रतिसाद की सराहना करते हुए अधिकरियों को बधाई दी। बैठक में मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि वर्षा ऋतु-2025 में ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ के तहत वन विभाग और वन विकास निगम द्वारा 2 करोड़ 17 लाख पौधे रोपित किए गए हैं। वन विकास निगम द्वारा 4 माइक्रो फारेस्ट (मियावाकी) स्थलों पर 26 हजार पौधों का रोपण किया गया है। अधिकारियों ने मंत्री कश्यप को बताया कि 10.34 हेक्टेयर भूमि में 5 माइक्रो फारेस्ट (मियावाकी वन) की स्थापना प्रस्तावित है।  मंत्री कश्यप ने वन विकास निगम के माध्यम से बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र को बढ़ाने के निर्देश अधिकरियों को दिए। उन्होंने माइक्रो फारेस्ट (मियावाकी) की स्थापना अर्बन क्षेत्रों में करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वृक्षारोपण की प्रगति के संबंध में कहा कि वन विकास निगम के वर्किंग प्लान में वरिष्ठ अधिकारियों को रखे जाने से बेहतर परिणाम मिलेगा, जिससे मॉनिटरिंग अच्छे से होगी। उन्होंने कहा कि माइनिंग सहित सभी विभागों और शहरी क्षेत्रों में प्रमुखता से वृक्षारोपण किया जाए तथा टेक्निकल सपोर्ट के लिए नोडल अधिकारी बनाया जाए। वर्ष 2024-25 में 25 ईको टूरिज्म केन्द्रों से 2 करोड़ 62 लाख रूपए से अधिक की आय हुई है। मंत्री कश्यप ने कहा कि ईको टूरिज्म से प्राप्त होने वाली आय का उपयोग महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी ईको टूरिज्म केन्द्रों में बेहतर सुविधाओं का विस्तार करें। अधिकारियों ने बताया कि 7 नवीन ईको टूरिज्म केन्द्रों की स्थापना प्रस्तावित है, जिसका इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री कश्यप को कैंपा मद से संचालित कार्यों की अद्यतन स्थिति और वन अधिकार पत्रधारी के नामांतरण और बटवारे की जानकारी से भी अवगत कराया।  मंत्री कश्यप ने वन्यप्राणी संरक्षण, बाघ संरक्षण, अचानकमार्ग टायगर रिजर्व के ग्रामों के विस्थापन के प्रगति की समीक्षा की। लेमरू हाथी रिजर्व का विकास, तमोर पिंगला, सेमरसोत और बादखोल अभ्यारण्य में वन्यप्राणी संरक्षण और वन्य प्राणी से होने वाले जनहानि, फसल क्षति की भी विस्तृत समीक्षा की। राज्य वन एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा एक वर्ष में कराए गए अनुसंधान कार्यों और उनकी गुणवत्ता की समीक्षा की। खदान प्रभावित क्षेत्रों में वन्यप्राणी संरक्षण की योजना और वृक्षारोपण कार्य की जानकारी ली और आगामी वर्ष के लिए की जाने वाली कार्ययोजना बनाने निर्देशित किया। उन्होंने वर्ष 2025-26 में तेन्दूपत्ता संग्रहण, चरणपादुका क्रय और वितरण, प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन वनधन विकास केन्द्र, राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना, छात्र वृत्ति योजना की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा की। वन मंत्री कश्यप ने राजस्व में वृद्धि लाने के लिए सीमावर्ती राज्यों जैसे – महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्यप्रदेश राज्यों की प्रक्रिया का अध्ययन व आंकलन कर कार्ययोजना बनाने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने कहा कि माइक्रो फारेस्ट के विस्तार के लिए ज्यादा से ज्यादा जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से वनवासियों द्वारा कार्यालय में प्राप्त आवेदन का तत्परता से निराकरण करें। इसी प्रकार विभागीय रिक्त पदों पर भर्ती जैसे सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।  अधिकारियों ने बताया कि वन प्रबंधन समिति के खाते में मार्च 2025 की स्थिति में 133 करोड़ 27 लाख रूपए से अधिक की लाभांश राशि उपलब्ध है। चक्रीय निधि में उपलब्ध राशि 116 करोड़ 65 लाख रूपए से अधिक की राशि है, जिसका उपयोग चक्रीय निधि से कराए जाने वाले कार्य जैसे – मछलीपालन, कोसा पालन, मधुमक्खी पालन, बतख पालन, मशरूम उत्पादन, महुआ लड्डू, लेमन ग्रास, दोना-पत्तल निर्माण, इमली प्रसंस्करण, डेयरी विकास, किराना दुकान, केन्टीन संचालन, ईको टूरिज्म संचालन हेतु वाहन क्रय आदि कार्यों के लिए 4 प्रतिशत वाार्षिक ब्याज पर ऋण प्रदान किया जाता है। इसके लिए प्रदेश में मुहिम चलाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्व-रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने राजस्व प्राप्ति को बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों का अध्ययन कर योजना बनाने के निर्देश दिए। निस्तारी वनोपज एवं पंजीकृत बंसोड़ों को बांस प्रदाय करना सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें जीविकोपार्जन का साधन मिल सके। उन्होंने संबंधितों को निर्देश दिए कि वनों की अवैध कटाई, परिवहन पर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। कश्यप ने कहा कि वन विभाग के खाताधारी हितग्राहियों को सीधे उनके खाते में ई-कुबेर के माध्यम से भुगतान करना सुनिश्चित करें।  अधिकारियों ने बताया कि हितग्राहियों को वर्ष 2024-25 में ई-कुबेर के माध्यम से 1400 करोड़ रूपए का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया गया है और वर्ष 2025-26 में 300 करोड़ रूपए का भुगतान हितग्राहियों को ई-कुबेर के माध्यम से किया गया है। मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एनटीपीएस के माध्यम से टीपी जारी करना सुनिश्चित करें। बिना टीपी के कोई भी वाहन वनोपज का परिवहन करते पाये जाने पर कठोर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।  बैठक में वन क्षेत्रों में औषधीय पौधों के रोपण, नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत जनजातीय समूह के सामाजिक आर्थिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से औषधीय पौध रोपण एवं आजीविका के अवसर को बढ़ाने, परंपरागत वैद्यों के प्रशिक्षण और विकास, … Read more

बीजापुर में बड़ी कामयाबी: ₹24 लाख के इनामी माओवादी सहित 9 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता: बीजापुर में ₹24 लाख के इनामी सहित 9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को बढ़त, बीजापुर में ₹24 लाख के इनामी समेत 9 माओवादी सरेंडर बीजापुर में बड़ी कामयाबी: ₹24 लाख के इनामी माओवादी सहित 9 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर सफलता, बीजापुर में 9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा – नक्सलवाद अब अंतिम साँसें गिन रहा है, 31 मार्च 2026 तक पूर्ण समाप्ति के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। बीजापुर जिले में ₹24 लाख के इनामी समेत कुल 9 माओवादियों ने आज आत्मसमर्पण किया है, वहीं एक अन्य घटनाक्रम में एक माओवादी मुठभेड़ के दौरान न्यूट्रलाइज़ किया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  कहा कि यह बदलते बस्तर की तस्वीर है जहाँ बंदूकें झुक रही हैं और विकास की आवाज़ बुलंद हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर सेवा देने वाले श्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह  का कार्यकाल भारत की आंतरिक सुरक्षा का वह युग है जिसने असंभव को संभव बना दिया है। अनुच्छेद 370 की ऐतिहासिक समाप्ति हो या नक्सलवाद एवं आतंकवाद पर कठोर प्रहार का निर्णय – उन्होंने सदैव भारत को एक सुरक्षित, सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया है।  छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2023 से अब तक लगभग 450 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए जा चुके हैं, 1579 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं, और लगभग 1589 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आँकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज़ी से लागू करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षाबलों, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अमले को बधाई दी है और कहा है कि बस्तर अब अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ चुका है। विकास ही अब उसकी पहचान बनेगा।

रायपुर : मुख्यमंत्री से एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता सुनमी राय पारेख ने की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता सुनमी राय पारेख ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय को रायपुर निवासी सुनमी राय पारेख ने बताया कि 05 से 13 जुलाई तक जापान के हिमेजी में एशियन पॉवरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इस चैंपियनशिप में उन्होंने 57 किलोग्राम डेडलिफ्ट वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुनमी राय पारेख को एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपने अपनी मेहनत और समर्पण से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। प्रदेश की बेटियों को आपकी उत्कृष्ट उपलब्धि से प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर अंजय शुक्ला, अंजिनेश शुक्ला, सनी पारेख सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

वक्फ बोर्ड ने पंजीकृत की 5000 संपत्तियाँ, किराया बढ़ाने की योजना पर काम शुरू

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड की स्थिति पर एक पुरानी कहावत “आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया” पूरी तरह से लागू होती है। राजधानी रायपुर में बैजनाथ पारा में एक दुकान का किराया मात्र 80 पैसे है, जबकि इस किराए के लिए बोर्ड को दो रुपये की रसीद काटनी पड़ती है। यह किराया 1980 में बढ़ा था और तब से अब तक 45 वर्षों से यही किराया चल रहा है। इससे पहले यह किराया 35 पैसे था। वक्फ बोर्ड के पोर्टल पर प्रदेशभर में लगभग पांच हजार संपत्तियां पंजीकृत हैं। इन संपत्तियों से 200 करोड़ रुपये सालाना किराया मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल पांच लाख रुपये ही प्राप्त हो रहे हैं। किराया बढ़ाने के लिए बोर्ड ने दो बार नोटिस भेजा है, लेकिन दुकानदारों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि तीसरे नोटिस के बाद भी कोई उत्तर नहीं मिलता है, तो दुकानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम ने बताया कि प्रदेश में 100 रुपये से 500 रुपये तक किराये वाली लगभग 700 दुकानें हैं। इनमें रायपुर में टिकरापारा सहित अन्य क्षेत्रों में 200 से अधिक दुकानें शामिल हैं। वहीं, बाजार में 200 वर्गफीट की दुकानों का किराया 25,000 से 35,000 तक है। पहले 23 हजार, अब मिल रहा पांच लाख किराया डॉ. सलीम ने बताया कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का किराया संशोधित करने की योजना बनाई जा रही है। कुछ जिलों में किराया संशोधन किया गया है, जिससे बोर्ड की आय में वृद्धि हुई है। बिलासपुर में 70 से अधिक दुकानों का किराया वक्फ बोर्ड को मात्र 23,000 रुपये मिल रहा था, लेकिन अब यह राशि बढ़कर पांच लाख से अधिक हो गई है। बोर्ड का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करना है, विशेषकर कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा और अन्य खर्चों का वहन करना है। उन्होंने कहा कि हम दुकानदारों को प्रेरित कर रहे हैं कि वे एक बच्चे को गोद लें और उनकी शिक्षा का खर्च उठाएं। बोर्ड की संपत्ति पर कुछ परिवारों का ही कब्जा बोर्ड की दुकानों का किराया बहुत कम होने के कारण कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। कई लोग अपनी खुद की दुकानों के साथ-साथ बोर्ड की दुकानों को किराए पर लेकर मुनाफा कमा रहे हैं। डॉ. सलीम ने बताया कि बोर्ड की संपत्तियों पर मौलाना, मौलवी और मुल्तवियों के परिवारों का कब्जा है, जिससे बोर्ड अपने उद्देश्यों को पूरा नहीं कर पा रहा है।     बोर्ड की आय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है ताकि समाज के कल्याण के लिए स्कूल और अस्पतालों का निर्माण किया जा सके। -डॉ. सलीम राज अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड

‘नियद नेल्ला नार’: सुकमा में विकास और विश्वास की मिसाल

आत्मसमर्पित माओवादियों को मिल रहा नया जीवन कौशल विकास प्रशिक्षण से बदल रही है बस्तर के युवाओं और महिलाओं की जिंदगी राज्य सरकार की माओवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 ला रही रंग रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू माओवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 और बस्तर संभाग के अंदरूनी गांवों के समग्र विकास के लिए विशेष रूप से संचालित ‘नियद नेल्ला नार’  योजना ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और विश्वास का नया मार्ग प्रशस्त किया है। इस योजना के कन्वर्जेंस के माध्यम से जिला प्रशासन सुकमा द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण, पुनर्वास एवं स्वरोजगार से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में सफलतापूर्वक जोड़ा जा रहा है। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में चल रहे इस कार्यक्रम के अंतर्गत लाइवलीहुड कॉलेज एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में विभिन्न ट्रेड में नि:शुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि आत्मसमर्पित युवा और महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी होकर समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें। पुनर्वास केंद्र बना नई राह की शुरुआत कोंटा विकासखंड की अनीता सोड़ी जैसी आत्मसमर्पित महिलाओं के जीवन में यह योजना नई दिशा लेकर आई है। अनीता बताती हैं कि पुनर्वास केंद्र ने हमें यह एहसास कराया कि शांति और सम्मान से भी जीवन जीया जा सकता है। सिलाई, कृषि समेत अन्य आजीविका प्रशिक्षणों ने हमारा आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब मैं स्वयं का सिलाई कार्य प्रारंभ कर परिवार को बेहतर भविष्य देना चाहती हूं। अनीता के साथ सुश्री वेट्टी कन्नी, हड़मे माड़वी, कड़ती विज्जे समेत 6 आत्मसमर्पित महिलाएं लाइवलीहुड कॉलेज सुकमा में चल रहे एक माह के सिलाई प्रशिक्षण में हिस्सा ले रही हैं। ‘सक्षम योजना’ के अंतर्गत उन्हें 40 हजार से 2 लाख रुपये तक का ऋण 3% ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा तथा निःशुल्क सिलाई मशीन एवं प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। लाइवलीहुड कॉलेज में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 किशोरी बालिकाएं एवं महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। इन्हें ब्लाउज, ड्रेस, स्कूल यूनिफॉर्म एवं शर्ट-पैंट की सिलाई की ट्रेंनिग दी जा रही है। साथ ही नोनी सुरक्षा योजना, महतारी वंदन योजना, सक्षम योजना, एवं महिला ऋण योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल भी की जा रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है। नियद नेल्ला नार योजना से बस्तर में विकास और विश्वास की बहार बह रही है। अब तक 79 आत्मसमर्पित माओवादियों को सिलाई, कृषि-नर्सरी, वाहन-चालन, राजमिस्त्री एवं उद्यमिता जैसे ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आगामी सप्ताह से 30 युवा राजमिस्त्री प्रशिक्षण के लिए आरसेटी में प्रशिक्षण लेंगे। पुनर्वास केंद्र सुकमा में वर्तमान में 42 प्रशिक्षणार्थी (21 महिलाएं) निवासरत हैं जिन्हें क्रमशः कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है। योजना के कन्वर्जेंस से युवाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास, सक्षम, पीएम स्वनिधि, स्टार्टअप, कृषि उद्यमिता और महिला ऋण योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार की राह दिखाई जा रही है जो बस्तर के अंदरूनी गांवों में रोजगार, सम्मान तथा विकास के नए युग का सूत्रपात कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शी नीति और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब सरकार संवेदना, अवसर और कौशल के साथ लोगों तक पहुँचती है तो बदलाव सिर्फ संभव ही नहीं बल्कि सुनिश्चित होता है। बस्तर की यह परिवर्तन यात्रा आने वाले समय में शांति, विकास और समृद्धि की स्थायी नींव तैयार करेगी।

नियमों में सख्ती: गणेश प्रतिमाएं सिर्फ तय मैदान में ही बिकेंगी, सड़क पर बिक्री पर रोक

रायपुर  राजधानी की सड़कों पर अक्सर त्योहारी सीजन में जाम की स्थिति बनती थी, जिससे निपटने के लिए निगम ने मुहीम शुरू कर दी है. इस बार गणेशोत्सव के लिए मूर्तियों की बिक्री सड़क किनारे नहीं होगी. जोन 5 और जोन 7 क्षेत्र में सड़क किनारे मूर्तियों की बिक्री करते पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. निगम ने लाखेनगर मैदान में मूर्तिकारों को मूर्तियां बेचने की अनुमति दी है. महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर एमआईसी मेंबर दीपक जायसवाल ने जोन कमिश्नर खीरसागर नायक और राकेश शर्मा के अलावा अधिकारियों के साथ मूर्तिकारों की बैठक बुलाई. इनमें मूर्तिकार संघ के अध्यक्ष श्री शुद्ध प्रजापति, पदाधिकारी रवि प्रजापति, कुती प्रजापति और अरूण प्रजापति शामिल हुए. कुम्हार समाज के साथ ही मूर्तिकारों ने भी अपनी सहमति दे दी. बैठक में मूर्तिकारों को बताया गया कि सडक पर श्री गणेश मूर्ति का विक्रय करने के कारण शहर में यातायात व्यवस्था पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है. इसीलिए सभी जोनो में 1 स्थान निर्धारित कर वहा व्यवस्थित रूप से श्री गणेश मूतिर्यों का विक्रय करने की व्यवस्था देने प्रयास किया जा रहा है. इसी के चलते जोन 5 एवं जोन 7 के क्षेत्र के कुम्हार समाज के प्रतिनिधियों मूर्ति कलाकारो के लिए  ईदगाह भाठा, लाखे नगर मैदान के स्थल का श्रीगणेश उत्सव के पूर्व श्री गणेश की मूतिर्यों का विक्रय करने निर्धारण किया गया है.