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दुष्कर्म के बाद ब्लैकमेलिंग, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार – अश्लील वीडियो बना कर दे रहा था धमकी

बाड़मेर बाड़मेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म कर वीडियो के जरिए महिला को ब्लैकमेल करने के मामले के आरोपी को गुजरात के भरूच से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पीड़िता ने जुलाई माह के दूसरे सप्ताह में महिला थाना बाड़मेर में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसे बार-बार ब्लैकमेल करने लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। महिला थानाधिकारी मुकंददान ने बताया कि पीड़िता काफी डरी-सहमी थी और उसे आरोपी की आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर डर था। भरोसा दिलाने के बाद पीड़िता ने आरोपी बनेसिंह पुत्र हीरसिंह के खिलाफ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके बयान भी दर्ज किए गए। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि वह गुजरात के भरूच जिले में छिपा हुआ है। इस पर पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से यह जानने में जुटी है कि उसने पीड़िता का वीडियो और किन-किन लोगों के साथ साझा किया है। इसके साथ ही उसके अन्य आपराधिक गतिविधियों और सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।  

‘आपके भूलने से क्या होगा?’ – गहलोत के बयान पर राठौड़ ने कसा तंज, पायलट का किया जिक्र

जयपुर राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी की लहरें लगातार उठती रहती हैं। अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मानेसर प्रकरण को भूलने की बात पकड़ी है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि गहलोत भूलने की बात कर रहे हैं लेकिन उनके भूलने से क्या फर्क पड़ेगा, जब सचिन पायलट को वह सब कुछ आज भी याद है। राठौड़ ने कहा कि पायलट जब भी उस वक्त को याद करेंगे जब उन्हें नाकारा, निकम्मा कहा गया था, तो उनके मन में गुस्सा और निराशा ही आएगी। उन्होंने कहा कि गहलोत जैसे सीनियर और समझदार नेता को ऐसे हल्के शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। अगर गहलोत वाकई में भूलना चाहते हैं तो उन्हें चाहिए कि वे पायलट से कहें कि भूल जा भाई, मुझसे गलती हुई। भाजपा नेता ने कांग्रेस की आंतरिक कलह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस गुटबाजी के कारण कांग्रेस एक मजबूत विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही है। लोकतंत्र में मजबूत सरकार के साथ-साथ एक मजबूत विपक्ष भी जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत भूल सकते हैं, पर फर्क तभी पड़ेगा जब पायलट भी भूलने को तैयार हों। उन्होंने कहा कि गहलोत कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, उन्होंने जो जहर घोला है, वो अपना असर दिखाएगा।

आस्था पर हमला: चोरों ने जैन मंदिर से नकदी उड़ाई, CCTV बना गवाह

बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र के घाटोल कस्बे में अज्ञात बदमाशों ने धार्मिक स्थल को निशाना बनाते हुए एक जैन मंदिर से दानपेटी चुरा ली। दानपेटी में रखी नकदी निकालने के बाद आरोपी उसे मंदिर परिसर के बाहर फेंककर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद जैन समाज में आक्रोश व्याप्त है। चोरी की यह वारदात भगवान श्री वासुपूज्य दिगंबर जैन बावनडेरी मंदिर में आज तड़के करीब 3:20 बजे हुई। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में चार संदिग्ध बदमाश कैद हुए हैं। वीडियो में दिख रहा है कि सभी युवक पेंट-शर्ट पहने हुए थे और उन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। पहले वे एक मकान के बाहर बैठे नजर आए और फिर वारदात के बाद मंदिर परिसर से बाहर जाते दिखाई दिए। घाटोल जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य अजीत मुंगाणिया के अनुसार चारों बदमाश मंदिर में घुसे और वहां तैनात चौकीदार को लोहे के सरिए दिखाकर धमकाया। इसके बाद वे दानपेटी उठाकर ले गए, उसमें रखी नकदी निकालने के बाद उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद डरे-सहमे चौकीदार ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर घाटोल पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। जैन समाज के पदाधिकारियों द्वारा थाने में प्रकरण दर्ज करवाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।  

सुरक्षा के लिए कदम: झालावाड़ हादसे के बाद बालोतरा में जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर

जैसलमेर/बालोतरा झालावाड़ जिले में हाल ही में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे ने राज्य सरकार और प्रशासन को सतर्क कर दिया है। इस हादसे के मद्देनजर बालोतरा जिले में एक बड़ा और सख्त निर्णय लेते हुए प्रशासन ने 95 जर्जर सरकारी भवनों को गिराने के आदेश जारी कर दिए हैं।   आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत इन सभी भवनों को आगामी 15 दिनों की अवधि में विधिवत रूप से ध्वस्त किया जाएगा। यह निर्णय जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव द्वारा विभागीय रिपोर्टों और तकनीकी परीक्षणों के आधार पर लिया गया है। तीन विभागों की रिपोर्ट में खुलासा- खतरनाक हालत में हैं भवन जिला कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए बताया कि यह कार्रवाई महिला एवं बाल विकास विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा विभाग से प्राप्त निरीक्षण रिपोर्टों और निर्माण विभाग के सहायक अभियंता की तकनीकी पुष्टि के आधार पर की जा रही है। रिपोर्ट्स में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि ये भवन संरचनात्मक रूप से बेहद कमजोर और कभी भी ढहने की स्थिति में हैं, जिससे आमजन की जान-माल को गंभीर खतरा हो सकता है।   इन भवनों को किया गया चिह्नित प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, गिराए जाने वाले 95 भवनों में 40 भवन चिकित्सा संस्थानों से संबंधित हैं, 37 भवन शिक्षा विभाग के विद्यालय परिसरों में स्थित हैं और 18 भवन महिला एवं बाल विकास विभाग के केंद्रों से जुड़े हुए हैं। इन सभी भवनों की स्थिति इतनी जर्जर बताई गई है कि वे किसी भी क्षण ध्वस्त हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए इनके विध्वंस की प्रक्रिया तेज कर दी है।   सुरक्षा मानकों के साथ होगी कार्रवाई, रिपोर्ट देना अनिवार्य जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि तय 15 दिनों के भीतर यह कार्य पूरी तरह से संपन्न किया जाए। इस दौरान सभी सुरक्षा मानकों और प्रक्रियात्मक सावधानियों का सख्ती से पालन किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि से बचा जा सके। तोड़फोड़ की प्रक्रिया के पूरा होने के बाद विभागों को इसकी रिपोर्ट अनुमोदन अधिकारी को सौंपनी होगी, जिससे दस्तावेजी सत्यापन भी सुनिश्चित किया जा सके। भ्रम या देरी की कोई गुंजाइश नहीं इस आदेश की प्रतिलिपि जिले के समस्त उपखंड अधिकारियों, विकास अधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को अग्रेषित कर दी गई है, जिससे हर स्तर पर स्पष्टता बनी रहे और कोई भी भ्रम या कार्य में विलंब न हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जर्जर भवनों के स्थान पर भविष्य में आवश्यकता अनुसार नए भवनों के निर्माण की योजना भी बनाई जाएगी, ताकि आमजन को बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ सुविधाएं मिल सकें।  

संसदीय कार्य मंत्री ने केरियानाडा में 51.58 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित विद्यालय भवन का किया लोकार्पण

जयपुर,  संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने विधानसभा क्षेत्र लूणी के ग्राम पंचायत लोरड़ी देजगरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय केरियानाडा में 51.58 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित विद्यालय भवन का विधिवत लोकार्पण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। श्री पटेल ने कहा कि यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार गुणवत्तायुक्त शिक्षा और विद्यालयों के अवसंरचनात्मक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने पिछले दो बजट में शैक्षणिक भवनों के लिए 625 करोड़ रुपये स्वीकृत किए है। इसकी वजह से आधुनिक और उन्नत शैक्षणिक ढांचे से विकसित राजस्थान का स्वप्न साकार होगा। समुचित जलापूर्ति के लिए युद्ध स्तर पर हो रहे काम संसदीय कार्य मंत्री ने कहा डबल इंजन की सरकार संपूर्ण राजस्थान में समुचित जलापूर्ति के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा पूर्वी राजस्थान के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना, शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौता, पश्चिमी राजस्थान के लिए जवाई बांध का पुनर्भरण और लिफ्ट कैनाल फेज तृतीय के कार्य प्रगतिरत है। इन परियोजनाओं का काम पूरा होने पर पेयजल, कृषि और उद्योग के लिए आवश्यकता के अनुरूप पानी उपलब्ध होगा। कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान श्री पटेल ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों को उनके गांवों से जोड़कर परंपरागत जल-स्रोतों की संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रवासी राजस्थानियों द्वारा रिचार्ज और जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में आर्थिक और तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है और अगले चार वर्षों में 45 हजार जल संरचनाएं निर्मित की जाएगी। श्री पटेल ने  कहा कि राज्य सरकार किसानों को संबल देने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाओं चला रही है। जिसके तहत खरीफ संवत् 2080 का लूणी विधानसभा का लंबित आदान-अनुदान का 62 करोड़ 17 लाख रुपये किसानों के बैंक खातों में जमा हो गया है और शेष 6 करोड़ 87 लाख रुपये शीघ्र किसानों के खातों में जमा होंगे। बाजरा स्वास्थ्य के लिए लाभकारी,सभी अपने आहार में शामिल करें श्री पटेल ने कहा, बाजरे को पोषक अनाज 'श्रीअन्न' के रूप में शामिल कर इसके उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह न केवल किसानों के लिए बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों अपने आहार में बाजरे को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। रोहिल्ला खुर्द में प्रवेश द्वार और जल मंदिर का किया लोकार्पण संसदीय कार्य मंत्री ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रोहिल्ला खुर्द में स्वर्गीय पूरारामजी की स्मृति में उनके परिवार द्वारा निर्मित प्रवेश द्वार और जल मंदिर का विधिवत लोकार्पण किया गया। उन्होंने विद्यालय विकास में भामाशाहों की पहल को सभी के लिए प्रेरणादायक बताया।

मुख्यमंत्री का नई दिल्ली दौरा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौधरोपण

जयपुर, मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली के जोधपुर हाउस में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बिल्व का पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिल्व जैसे पौधे धार्मिक और औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत इस वर्ष दस करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत अब तक साढ़े सात करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य में हरियाली तीज के दिन ढाई करोड़ पौधे लगाकर एक रिकॉर्ड बनाया है जो प्रदेशवासियों की पर्यावरण के प्रति जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। श्री शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधरोपण सिर्फ एक प्रतीकात्मक कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को हरित भविष्य देने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हरियालो राजस्थान अभियान को और अधिक गति देने का आह्वान किया।

पूर्वांचल की आस्था से जुड़ी भीलवाड़ा की पहली 100 फीट लंबी कांवड़ यात्रा

भीलवाड़ा   भीलवाड़ा में तीन अगस्त को एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। आजाद नगर स्थित मनोकामना मंदिर से 100 फीट लंबी विशाल कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी, जो हरणी महादेव मंदिर तक जाएगी। इस यात्रा का आयोजन बिहार नव दुर्गा सेवा समिति और पूर्वांचल जन चेतना समिति चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।   पूर्वांचल समाज की आस्था का प्रतीक बनेगी यह यात्रा समिति के सदस्यों का कहना है कि पहली बार इतनी लंबी कांवड़ यात्रा निकालकर पूर्वांचल समाज अपनी आस्था, एकता और सांस्कृतिक विरासत का परिचय देने जा रहा है। यह यात्रा भीलवाड़ा के विकास, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगी। समाज को मिली है विशिष्ट पहचान और सम्मान पूर्वांचल जन चेतना समिति के संस्थापक अध्यक्ष रजनीश वर्मा ने बताया कि ट्रस्ट वर्ष 2017 से समाज के उत्थान, धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक चेतना के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज समाज को न केवल पहचान, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक-आर्थिक स्वीकार्यता भी मिली है।   यात्रा की रूपरेखा तैयार, श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था यात्रा को लेकर हाल ही में बैठक आयोजित की गई, जिसमें समन्वय और व्यवस्थाओं की रूपरेखा तय की गई। यात्रा के समापन पर हरणी महादेव मंदिर परिसर में सभी श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी भी वितरित की जाएगी। इस आयोजन को सफल बनाने में कई लोगों ने अहम भूमिका निभाई है, जिनमें जगन्नाथ झा, अरुण ठाकुर, ललित झा, कृष्ण नंद ठाकुर, प्रमोद झा, शक्तिनाथ ठाकुर, रघुनन्दन चौधरी, कन्हैया नंद झा, सुमन झा, लीलाकांत झा, अवधेश कुमार मिश्रा, आकाश झा, फूल कुमार झा, राजेश गुप्ता, त्रिपुरारी झा और रीतेश झा प्रमुख रूप से शामिल हैं।   सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश समिति के सदस्य आकाश झा और फूल झा ने कहा कि यह यात्रा पूर्वांचल समाज की एकता, भाईचारे और आस्था का जीवंत प्रमाण है। साथ ही यह आयोजन भीलवाड़ा की धरती पर पूर्वांचल की समृद्ध परंपराओं को जीवंत करने और सांस्कृतिक सौहार्द को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

तेज़ बारिश का कहर: 260 बांधों में जलस्तर चरम पर, चार जिलों में चेतावनी

जयपुर राजस्थान में भारी बारिश ने कई जिलों में आफत खड़ी कर दी। लेकिन मानसून की टर्फ लाइन उत्तर की ओर शिफ्ट होने से बीते 24 घंटों के दौरान बारिश का दौर हल्का पड़ा है। हालांकि इससे उमय में तेजी आई है। शनिवार को जयपुर,कोटा, उदयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग में दिन भर आसमान साफ रहा। कई दिनों बाद खुलकर धूप निकली। हालांकि शनिवार को उत्तर पूर्वी क्षेत्रों के कुछ जिलों गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू व कोटा में हल्की बारिश दर्ज की गई। बीकानेर, हनुमानगढ़ और भरतपुर में बारिश के चलते मकान गिर गए। हादसों में तीन लोगों की मौत भी हो गई। वहीं नागौर में उफनती लूणी नदी में एक स्कॉर्पियो गाड़ी ढूब गई। प्रदेश में अब तक सामान्य से 80 प्रतिशत से अधिक वर्षा हो चुकी है। मानसून सीजन में  औतस 424 एमएम बारिश होती है वहीं एक जून से अब तक प्रदेश में 407 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है और अभी मानसून सीजन खत्म होने में करीब 2 महीने का वक्त है। प्रदेश के बांधों की स्थिति की बात करें तो छोटे और मध्यम श्रेणी के 264 बांधों पर चादर चल चुकी है। वहीं 23 बड़े बांधों में से 8 बांध पूरी तरह भर चुके हैं। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में बारिश के आंकड़े इस प्रकार रहे। बारां के छीपाबड़ौद में सबसे ज्यादा 24MM बरसात पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात बारां जिले के छीपाबड़ौद में 24MM दर्ज हुई। भीलवाड़ा के कोटड़ी में 10MM, गंगानगर के लालगढ़ में 14MM, झुंझुनूं के मलसीसर, पिलानी में 6-6MM, सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में 6MM, कोटा में 9.6MM और हनुमानगढ़ के फेफाना में 10MM बरसात दर्ज हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ अभी अपने नॉर्मल पॉजिशन से उत्तर की तरफ फिरोजपुर, अंबाला, शाहजहांपुर, बाराबंकी, गोरखपुर होकर गुजर रही है। ट्रफ के खिसकने से राजस्थान में अगले कुछ दिन बारिश का दौर हल्का रहेगा।

फायरिंग कांड में बाड़मेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ASI पर विभागीय जांच तय

बाड़मेर महाबार में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना का बाड़मेर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य को नामजद किया गया है। जिले की डीएसटी और सदर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए यह सफलता हासिल की। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि इस मामले में ड्यूटी ऑफिसर की गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। संबंधित एएसआई ने न केवल सूचना को नजरअंदाज किया बल्कि कंट्रोल रूम को सूचित भी नहीं किया। इस कारण उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह घटना 24 जुलाई की रात करीब 1:20 बजे की है। दूधवा निवासी शंभूसिंह ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने साथियों के साथ बोलेरो गाड़ी में राणीगांव से महाबार की ओर आ रहे थे। रास्ते में महाबार गाँव के पास सड़क के बीचों-बीच एक फॉरच्यूनर कार खड़ी मिली, जिसमें 4-5 युवक सवार थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वे नीचे उतरकर कार के पास पहुंचे तो ड्राइवर के पास बैठे व्यक्ति ने दरवाजा खोलकर पिस्तौल निकाल ली। इसके बाद जान बचाकर वे मौके से भाग निकले। इसी दौरान आरोपियों ने उनकी चलती कैंपर गाड़ी पर गोलियां चलाईं। इस पर पुलिस ने 25 जुलाई को बीएसएन और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया। दोनों पक्ष आपराधिक प्रवृत्ति के एसपी मीना के अनुसार, शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों ही हार्डकोर आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। घटना की रात दोनों पक्ष अलग-अलग स्थानों पर पार्टी कर रहे थे और एक-दूसरे को पुलिस का मुखबिर समझ बैठे। पुलिस ने घटनास्थल से गोली के दो खाली खोल भी बरामद किए हैं। डीएसपी के नेतृत्व में बनाई गई अलग-अलग पुलिस टीमों ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में सामने आया कि डुगेरों का तला निवासी ओमप्रकाश पुत्र शेराराम फायरिंग की रात घटनास्थल पर मौजूद था। उसे डिटेन कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मुख्य आरोपी अब भी फरार पूछताछ में सामने आया कि इस घटना में मुख्य आरोपी स्वरूप उर्फ स्वरूपाराम, नरपत कुमार और एक अन्य युवक भी शामिल थे। फॉरच्यूनर गाड़ी स्वरूप की है और उसी ने पिस्तौल से फायरिंग की थी। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। एएसआई ने छुपाई सूचना, विभागीय जांच होगी घटना की रात ड्यूटी पर तैनात एएसआई तगाराम मौके पर तो पहुंचे लेकिन न तो कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी और न ही फायरिंग की पुष्टि की। इसके चलते घटना को गंभीरता से नहीं लिया गया। एसपी मीना ने बताया कि जब अगले दिन सुबह डीएसटी टीम ने मौके की जांच की, तब जाकर स्पष्ट हुआ कि मौके पर वास्तव में फायरिंग हुई थी। इस लापरवाही को देखते हुए संबंधित एएसआई पर विभागीय जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बहू ने ससुर पर लगाया शोषण का आरोप, थाने में दी तहरीर

 कोटा राजस्थान के कोटा जिले में रिश्तो को कलंकित करने का मामला सामने आया है। जहां पर ससुर द्वारा अपनी ही बहू के साथ छेड़छाड़ की गई है। पीड़िता ने जिले के रामगंजमंडी थाने में अपने ससुर के खिलाफ छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है। आरोप है कि ससुर ने बहू के कमरे में घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ की और जबरदस्ती करने की कोशिश की। सामने आया है कि पीड़िता का ससुर भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय नेता है। वहीं पुलिस ने प्रकरण दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ आरोपी भाजपा नेता ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत बताए हैं। पीड़िता ने बताया कि कुछ महीने पहले ही उसकी शादी हुई है। पीड़िता का पति जयपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा है। घर पर बहू के अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी रहते हैं। रिपोर्ट में पीड़िता ने बताया कि करीब 20 दिन पहले वह घर का सारा काम खत्म कर कमरे में सो रही थी। इसी दौरान रात करीब 12 बजे ससुर कमरे में घुस गया और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। बहू ने इसका विरोध किया और अपनी जान बचाकर कमरे से बाहर चली गई। इसके बाद बहू अपने पीहर चली गई थी और कुछ दिन बाद जब वह वापस लौटी। उसके बाद भी ससुर ने अपनी हरकत नहीं छोड़ी और फिर से उसके साथ छेड़छाड़ की। ससुर की इन्हीं हरकतों से परेशान होकर बहू ने अपने पीहर पक्ष को सारी आपबीती बताई। इसके बाद रामगंजमंडी थाने में अपने ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। वहीं थाना अधिकारी मनोज सिकरवार ने बताया कि पीड़िता ने अपने ससुर के खिलाफ छेड़छाड़ और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है। मामले में जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आगे कार्रवाई भी की जाएगी। जिस घर में औरत का सम्मान नहीं उसे पद में रहने का अधिकार नहीं पीड़िता ने बताया कि जब उसने अपनी सास को पूरा मामला बताया और थाने जाने लगी। तो सास ने हाथ जोड़कर उसे समझाया और कहा कि इस घटना का पता अगर बाहर लोगों को चलेगा तो घर की बदनामी होगी। इसके बाद बहू सास की बात मानकर चुप हो गई, लेकिन उसके बाद भी ससुर ने उससे छेड़छाड़ बंद नहीं की। पीड़िता ने यह भी कहा कि जिस घर में बहू का सम्मान नहीं होता, ऐसे लोगों को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। पीड़िता ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।