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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में परिवहन को मिली नई रफ्तार

आमजन को मिल रही सुरक्षित व आधुनिक यात्रा सुविधा  जयपुर,  राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में परिवहन सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को सुरक्षित, सुलभ और आधुनिक यातायात सुविधा उपलब्ध हो। इसी दिशा में नई बसों के संचालन से यात्रा का अनुभव न केवल सुविधाजनक बना है बल्कि यातायात के दबाव का प्रबंधन भी आसान हुआ है। परिवहन सेवाओं का व्यापक विस्तार- प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को सस्ता, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से बजट घोषणा के तहत 160 ब्लू लाइन एक्सप्रेस बसों को 12 डिपो में शामिल किया गया है। इनमें जयपुर, अजमेर, अजयमेरू, कोटपूतली, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, भीलवाड़ा, वैशाली नगर, विद्याधर नगर, शाहपुरा, हिण्डौन और दौसा शामिल हैं। इसके साथ ही 12 सुपर लग्जरी बसों की खरीद से राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के बेड़े को और मजबूती मिली है। आस्था की राह हुई आसान- राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा सुविधा देने के लिए विशेष रूटों पर बस सेवाएं चला रही है। अयोध्या, गोवर्धन, सालासर बालाजी, रामदेवरा, श्रीनाथजी, श्रीकरणी माता, कैंची धाम और कैलादेवी जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों तक अब सीधी व सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध है। युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष पहल- राज्य सरकार ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत देते हुए परीक्षा से दो दिन पूर्व से लेकर परीक्षा के दो दिन बाद तक कुल 5 दिन निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की है। वहीं, प्रदेश में पहली बार रक्षाबंधन पर्व पर दो दिनों तक महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा की ऐतिहासिक सुविधा शुरू की गई, जिससे लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिला। वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान व राहत- मुख्यमंत्री शर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए 60 से 80 वर्ष आयु वर्ग के यात्रियों के किराये में छूट 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी है। इससे बुजुर्ग यात्रियों को यात्रा में आर्थिक राहत और आत्मसम्मान दोनों प्राप्त हो रहे हैं। पैनिक बटन से सुरक्षित हुआ सफर- राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए यात्रियों विशेषकर महिला यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए निगम की बसों में पैनिक बटन लगवाए हैं। महिला यात्रियों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, छोटे बच्चों तथा अचानक बीमार हुए व्यक्ति को पैनिक बटन के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकती है। जब किसी यात्री द्वारा पैनिक बटन दबाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल अभय कमांड सेंटर पर पहुंचती है। अभय कमांड सेंटर द्वारा बस की लोकेशन ट्रेस कर परिचालक से बात कर तुरंत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है। इससे महिला यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों को सुगमता पूर्ण यात्रा की सौगात मिली है।

सिरोही में छोटे से छोटे गांव में बड़े उद्योग स्थापित करने की ताकत : राज्यमंत्री देवासी

  सिरोही में ‘रूमा देवी संग – महिला सशक्तिकरण संवाद’ कार्यक्रम का तीसरा चरण आयोजित जयपुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के राज्यमंत्री श्री ओटाराम देवासी ने कहा कि सिरोही की महिलाओ को रूमा देवी से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि सिरोही जिले के लघु कुटीर उद्योगो को बढावा देने के लिए राज्य सरकार राजीविका के माध्यम से अवसर उपलब्ध करवा रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले की महिलाओं को संगठित कर उनको उद्यमशीलता के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कर उनको आत्मनिर्भरता की दिशा में नए अवसरों से जोड़ना था। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) की ब्रांड एंबेसडर डॉ. रूमा देवी ने जिला मुख्यालय पर पणिहारी गार्डन में आयोजित महिला सशक्तिकरण संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता के दौरान सभी महिलाओं को संघटित होकर आपसी सहयोग से उद्यमशीलता अपनाने व आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने का आव्हान किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा की आज की महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर, आधुनिक तकनीक व आपसी मदद से छोटे से छोटे गांव में भी बड़े – बड़े उद्योग स्थापित करने की क्षमता रखतीं हैं। यह बात उन्होंने राजीविका और रूमा देवी फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से जिले में आयोजित ‘रूमा देवी संग – महिला सशक्तिकरण संवाद’ कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सैकड़ो महिलाओं के सामने रखी। इस अवसर पर 700 से अधिक महिलाओं ने रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा की व साबित किया कि महिलाएँ केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की मजबूत कड़ी बन चुकी हैं।

विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए जोगाराम पटेल बोले- दीया बुझने से पहले चमकता है

जोधपुर अजमेर जिले में राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा का आयोजन 32 केंद्रों पर किया जा रहा है। यह परीक्षा दो पारियों में हो रही है, जिसमें करीब साढ़े 11 हजार अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवारों के हाथों में बंधे धागे उतरवाए गए और फुल आस्तीन की शर्ट पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों की आस्तीनें खुलवाई गईं। तय समय पर ही जांच के बाद अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश दिया गया। पहली पारी की परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू हुई, जबकि दूसरी पारी दोपहर 3 से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर डीएसपी या सीआई स्तर के अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। वहीं, परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार नजर रखी जा रही है। प्रत्येक केंद्र पर बनाए गए स्ट्रांग रूम की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को सौंपी गई है। इसके अलावा एएसआई, हेड कांस्टेबल और पर्याप्त पुलिस बल केंद्रों पर तैनात हैं। परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों की वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है।

215 फीट का विशाल रावण कोटा में, रिमोट बटन दबाते ही होगा जलाया

कोटा कोटा का दशहरा मेला… नाम सुनते ही रोशनी, भीड़ और आतिशबाजी की तस्वीर दिमाग में उभर आती है लेकिन इस बार यहां का नजारा और भी निराला रहने वाला है। मैदान में एक ऐसा रावण खड़ा किया जा रहा है, जिसे देख लोग दंग रह जाएंगे। 215 फीट ऊंचा, 12 टन वजनी और लोहे से बना ये रावण अब तक का सबसे विशालकाय पुतला होगा। दशहरे के मैदान में सुबह से लेकर रात तक हथौड़ों की ठक-ठक और वेल्डिंग की चिंगारियां गूंज रही हैं। हरियाणा के अंबाला से आए तेजेंद्र चौहान और उनकी टीम पिछले चार महीने से इस रावण को गढ़ रहे हैं। चौहान मुस्कुराते हुए कहते हैं- 'रावण की हड्डियों में 9500 किलो लोहा है। इतना लोहा तो किसी छोटे पुल में भी नहीं लगता।' रावण का सिर ही अपने आप में अजूबा है। 25 फीट ऊंचा मुख्य सिर, बाकी नौ सिर 3×6 फीट के। चेहरे को फाइबर से ढाला गया है, वजन 300 किलो का। इस बार मूंछें भी घनी और ऊपर की ओर मुड़ी हुईं, बिलकुल वैसी जैसे किसी फिल्मी खलनायक की। मुकुट अपने आप में खास है। 60 फीट ऊंचा, चार हिस्सों में बना और एलईडी लाइट्स से जगमगाता हुआ। रात के अंधेरे में जब ये मुकुट चमकेगा तो पूरा मैदान रोशनी से नहा जाएगा। रावण की तलवार 50 फीट लंबी और जूतियां 40 फीट की। कुंभकरण और मेघनाथ भी रावण से पीछे नहीं हैं। 60-60 फीट के पुतले, जिनके चेहरे 10 फीट लंबे और 80 किलो वजनी। इतना बड़ा पुतला खड़ा करना आसान नहीं। इसके लिए 6 फीट गहरा और 25 फीट चौड़ा फाउंडेशन बनाया गया है। दो क्रेन, जेसीबी और सौ मजदूरों की मदद से रावण को तीन घंटे में खड़ा कर दिया जाएगा। मैदान में मौजूद एक मजदूर कहता है, “इतना ऊंचा रावण पहली बार देख रहे हैं। जब खड़ा होगा, तो लोग आसमान की तरफ गर्दन उठाकर ही देख पाएंगे।” इस बार दहन का तरीका भी अलग ही होगा। अब न मशाल, न तीर, अबकि बार रावण का विनाश रिमोट से होगा। पुतले में 20 जगह सेंसर लगाए गए हैं। जैसे ही बटन दबेगा, पहले छत्र जलेगा, फिर मुकुट के हिस्से और फिर पूरी देह आतिशबाजी के धमाकों में सुलग उठेगी। हालांकि इस बार रावण मूवमेंट नहीं करेगा। न तलवार घूमेगी, न आंखें चलेंगी लेकिन भव्यता इतनी होगी कि किसी को उसकी कमी महसूस नहीं होगी। रावण का चेहरा बनाने में ही एक महीना लग गया है, बाकी हिस्सों को तैयार करने में दो महीने और फिर दो ट्रकों से इन्हें कोटा लाया गया। फाइबर ग्लास से बने चेहरों पर रेजिन केमिकल की परत चढ़ाई गई है ताकि मजबूती बनी रहे। 2 अक्टूबर की शाम जब कोटा का आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा, तब यह विशाल रावण सिर्फ एक पुतला नहीं रहेगा। यह दशहरे की परंपरा, कारीगरों की मेहनत और कोटा की शान का प्रतीक होगा।

सरकारी स्कूल के बच्चों में पोषाहार के बाद तबियत बिगड़ी, 120 छात्र प्रभावित

दौसा जिले के चूड़ियावास राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल में शनिवार को पोषाहार खाने के बाद 120 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सुबह 10 बजे बच्चों को दूध पिलाया गया था और दोपहर के खाने में आलू-टमाटर की सब्जी व रोटी दी गई थी। इसके कुछ देर बाद कई बच्चों को उल्टी व पेट दर्द की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते बीमार बच्चों की संख्या 100 के पार हो गई, जिससे स्कूल प्रशासन और शिक्षकों के हाथ-पांव फूल गए। बच्चों को तुरंत जीप, जुगाड़ और मोटर साइकिलों से नांगल राजावतान स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में बेड कम होने के कारण बच्चों का इलाज फर्श पर बिछाकर शुरू किया गया। करीब 20 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें दौसा जिला अस्पताल रैफर करना पड़ा। सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग व पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। घटना की जानकारी लगते ही परिजन भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे और हंगामा मच गया। नर्सिंगकर्मियों व डॉक्टरों ने बच्चों को ड्रिप और इंजेक्शन देकर उपचार शुरू किया। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा और सीबीईओ सत्यनारायण मीणा ने मौके पर पहुंचकर स्कूल और अस्पताल दोनों जगह के हालातों का जायजा लिया और दूध व रोटी-सब्जी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे।   बताया गया कि सुबह दूध पीने और दोपहर का भोजन करने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई, जबकि  शिक्षकों ने भी वही भोजन किया था। फिलहाल बच्चों की तबीयत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि फूड पॉइजनिंग की असल वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

सउदी अरब से तस्करी का बड़ा पर्दाफाश: अंडरवियर में छुपाकर लाया गया 2.18 करोड़ का सोना पकड़ा गया

जयपुर जयपुर एयरपोर्ट पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने शुक्रवार रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सऊदी अरब के जेद्दा से आए एक पेसेंजर को 1.949 किलो सोना छिपाकर लाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने सोना अपने अंडरवियर में पेस्ट के रूप में छिपाया था, जिसकी बाजार कीमत करीब 2.18 करोड़ रुपये आंकी गई है। DRI ने शुक्रवार की रात जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पेसेंजर की सघन तलाशी ली, जिसमें यह भारी मात्रा में तस्करी कर लाया गया सोना बरामद हुआ। इस कार्रवाई के बाद शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

बच्चों और पुलिस के बीच का फासला घटेगा, राजस्थान में शुरू हुआ ‘सद्भावना अभियान’

जयपुर राजस्थान पुलिस ने एक अनूठा अभियान शुरू किया है। बच्चों के मन से पुलिस का डर निकालकर उनमें भरोसा जगाने और समाज में सद्भावना फैलाने के उद्देश्य से प्रतापगढ़ पुलिस ने ‘सद्भावना अभियान’ की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत जिले के हर थाना प्रभारी ने एक-एक राजकीय स्कूल को गोद लिया है, जहां वे बच्चों के साथ सीधे संवाद कर पुलिस और बच्चों के बीच विश्वास और सहयोग का पुल बनाएंगे। बच्चों और पुलिस के बीच संवाद का सेतु इस पहल के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के छात्रों को यह सिखाया जाएगा कि वे बेझिझक पुलिस की मदद कैसे ले सकते हैं और किसी भी अपराध या समस्या की जानकारी कैसे दे सकते हैं। महीने में एक बार छात्र पुलिस स्टेशन का दौरा करेंगे, जहां उन्हें थाना परिसर, महिला डेस्क, साइबर डेस्क आदि के बारे में बताया जाएगा। महिला कांस्टेबल द्वारा विशेष परामर्श महिला कांस्टेबल्स बच्चों को POCSO एक्ट, सोशल मीडिया का दुरुपयोग, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर जागरूक करेंगी। साथ ही बच्चों और महिलाओं के कानूनी अधिकारों तथा नए आपराधिक कानूनों की व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी। शिक्षा को प्रोत्साहन और करियर गाइडेंस अभियान के तहत छात्रों को बैग, स्टेशनरी और पुस्तकें भी वितरित की जाएंगी। 'सुरक्षा सखी' को बच्चों की पहली संपर्क सूत्र के रूप में नामित किया गया है ताकि वे अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर सकें। समय-समय पर करियर गाइडेंस और शैक्षिक अवसरों की जानकारी भी दी जाएगी। अभियान की शुरुआत 9 सितंबर को राजकीय विद्यालय, मनोहरगढ़ से हुई, जहां कक्षा 1 से 12 तक के 600 से अधिक छात्र हैं। छोटे बच्चों को स्कूल बैग व स्टेशनरी वितरित की गई, जबकि वरिष्ठ छात्रों को पुलिस स्टेशन का भ्रमण कराया गया। इस दौरान शिक्षकों ने भी पुलिस से संवाद किया और विद्यालय संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। एसपी बोले– SHO बनेंगे बच्चों के मार्गदर्शक प्रतापगढ़ एसपी बी. आदित्य ने कहा- हर SHO ने स्वेच्छा से अपने गोद लिए स्कूल को अपराध मुक्त और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी ली है। यह अभियान बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाकर बच्चों में पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास पैदा करेगा। जब बच्चे हमारे पास आने से झिझकते हैं, तब हमने खुद पहला कदम उठाने का निश्चय किया ताकि समाज में वास्तविक ‘सद्भावना’ स्थापित हो सके।

बीकानेर में संभावित हाईकोर्ट बेंच को लेकर विवाद, वकीलों ने ठप किया कामकाज

जयपुर बीकानेर में हाईकोर्ट की संभावित बेंच को लेकर विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को जयपुर और जोधपुर हाईकोर्ट सहित अधीनस्थ न्यायालयों में वकील कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। यह निर्णय केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के एक वीडियो बयान के बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने बीकानेर में बेंच को लेकर संकेत दिए थे। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सहित अन्य बार संघों की आपात बैठक में मंत्री के बयान को "भ्रम फैलाने वाला" बताते हुए उसकी निंदा की गई। वकीलों का कहना है कि इससे न्यायिक प्रणाली में असमंजस की स्थिति बनी है। गौरतलब है कि कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बीकानेर लाेकसभा से सांसद हैं। इसलिए यह समझा जा रहा है कि वे अपने क्षेत्र में हाईकोर्ट की बैंच लेकर आना चाह रहे हैं। राजस्थान में हाईकोर्ट की नई बैंच को लेकर छिड़ा विवाद नया नहीं है। पहले भी इस तरह के प्रयास किए गए लेकिन वकीलों के भारी विरोध के चलते इसे वापस भी लेना पड़ा। किस बयान पर मचा है बवाल दरअसल, कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बीकानेर में बैंच के एक सवाल पर बयान देते हुए कहा था कि सीजेआई बीआर गवई सिंतबर में बीकानेर आ रहे हैं। तब यह विषय रहेगा। अगर वे आ रहे हैं तो इस मामले में कुछ प्रोग्रेस हुआ होगा। बीकानेर को क्या कुछ देने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह तो जब वो आएंगे तभी उसकी घोषणा होगी। अदालतों में तीन दिन तक कामकाज ठप शुक्रवार को कार्य बहिष्कार के बाद, शनिवार (दूसरा शनिवार) और रविवार को अदालतें बंद रहेंगी। ऐसे में अब सोमवार को ही न्यायिक कार्य सामान्य रूप से शुरू हो सकेगा।

फिल्मी सितारों की महफ़िल: चंकी पांडे होंगे होस्ट, रज़ा मुराद-दिलीप सेन को मिलेगा लाइफ टाइम अचीवमेंट

जयपुर 20 सितंबर को जयपुर के दीप स्मृति ऑडिटोरियम में 13वां राजस्थान फिल्म फेस्टिवल आयोजित होगा। इस बार होस्टिंग का जिम्मा चंकी पांडे, सुमित व्यास और डेजी शाह संभालेंगे। कार्यक्रम में रजा मुराद और दिलीप सेन को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। जयपुर एक बार फिर सिनेमा प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। 20 सितंबर को मानसरोवर स्थित दीप स्मृति ऑडिटोरियम में राजस्थान फिल्म फेस्टिवल (आरएफएफ) का 13वां संस्करण आयोजित किया जाएगा। इस बार आयोजन कई मायनों में खास होगा क्योंकि इसकी मेजबानी बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता चंकी पांडे और राजस्थान के लोकप्रिय एक्टर सुमित व्यास करेंगे। इनके साथ बॉलीवुड अभिनेत्री डेजी शाह भी होस्टिंग टीम का हिस्सा होंगी। फेस्टिवल की फाउंडर संजना शर्मा ने बताया कि शो को दर्शकों के लिए मनोरंजक और यादगार बनाने हेतु विशेष होस्टिंग कॉम्बिनेशन तैयार किया गया है। चंकी पांडे अपने अनोखे ह्यूमर से दर्शकों को बांधेंगे, सुमित व्यास राजस्थानी अंदाज से कार्यक्रम को रंगीन बनाएंगे और डेजी शाह अपनी ऊर्जा और करिश्मे से चार चांद लगाएंगी। गौरतलब है कि पिछले वर्ष इस शो की मेजबानी अरबाज खान ने की थी। इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता राजा मुराद और संगीतकार दिलीप सेन को भारतीय सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया जाएगा। गौरतलब है कि रजा मुराद ने अपने पांच दशक से भी ज्यादा के करियर में 250 से ज्यादा फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। वहीं दिलीप सेन और समीर सेन की संगीतकार जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को 1800 से अधिक गीत दिए हैं। फेस्टिवल में नौ राज्यों की 14 क्षेत्रीय फिल्में और आठ राजस्थानी फिल्में प्रतिस्पर्धा करेंगी। अवॉर्ड नाइट में अभिनेत्री चारु असोपा, कोरियोग्राफर अजीत सिंह तंवर, पॉप सिंगर कोमल कोरा, लोक गायक मोती खान, मॉडल स्वाति जांगिड़ और साउथ एक्ट्रेस मीनाक्षी गोस्वामी अपने परफॉर्मेंस से शाम को खास बनाएंगे। 19 सितम्बर को आरएफएफ सोशल स्पॉट लाइट का आयोजन होगा, जिसकी मेजबानी अभिनेत्री चारु असोपा करेंगी। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में अभिनेत्री भाग्यश्री शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में डिजिटल क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इंटर स्कूल/कॉलेज डांस कॉम्पिटिशन भी आयोजित होगा। प्रोग्रामिंग हेड अनिल जैन ने बताया कि यह फेस्टिवल कंचन कैसेट्स एंड सीरीज (के-सीरीज) की पहल है और 2013 से लगातार जयपुर में आयोजित हो रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थानी सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और क्षेत्रीय कलाकारों को प्रोत्साहन देना है। फाउंडर संजना शर्मा ने कहा कि यह फेस्टिवल सिर्फ एक अवॉर्ड शो नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा और संस्कृति का संगम है, जो विविधता में एकता का संदेश देता है।

सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन: बजट अमल में देरी पर 24 सितंबर को जयपुर में आंदोलन

जयपुर राजस्थान सरकार द्वारा बजट 2025 में की गई घोषणाओं को लागू करने में हो रही देरी से राज्य कर्मचारियों में असंतोष गहराता जा रहा है। सरकार दो बार डेडलाइन देने के बाद भी वादों पर अमल नहीं कर पाई, जिस कारण कर्मचारी संगठन अब विरोध की राह पर उतर आए हैं। इसको लेकर कर्मचारियों के दल ने जयपुर में एक बैठक आयोजित की है। राज्य केंद्रीय मुद्रणालय में हुई बैठक अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) की आपात बैठक मंगलवार को राज्य केंद्रीय मुद्रणालय, जयपुर में हुई। बैठक में पदाधिकारियों ने सरकार की वादाखिलाफी पर कड़ा रोष जताया। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि बजट घोषणाओं को लागू नहीं करने से नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा, प्लेसमेंट एजेंसी से कार्यरत कर्मचारी, मंत्रालयिक कर्मचारी और जेल प्रहरियों में गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है और यह नाराज़गी आंदोलन का रूप ले रही है। शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरना महासंघ ने घोषणा की कि 24 सितम्बर को प्रदेशभर के कर्मचारी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरना देंगे। महासंघ के प्रदेश महामंत्री मोहनलाल शर्मा ने बताया कि बजट में सरकार ने संविदा कर्मचारियों को ठेकेदारों से मुक्त कर नई संस्था गठित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। महासंघ के आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया वहीं, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र सिंह नरूका ने मंत्रालयिक कर्मचारियों के कैडर रिव्यू और निदेशालय गठन की मांग पूरी न होने पर गहरी नाराज़गी जताई और महासंघ के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के संरक्षक कुलदीप यादव ने की। इस दौरान कई कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने पर जोर दिया। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि बजट घोषणाओं को तुरंत लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।