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प्लाटून कमांडर बनने का सपना होगा पूरा! राजस्थान में 84 पदों पर भर्ती शुरू

जयपुर राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने प्लाटून कमांडर के पदों पर 84 रिक्तियों की घोषणा की है। भर्ती की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 21 अगस्त 2025 तक आधिकारिक वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। कुल पदों का विवरण इस भर्ती प्रक्रिया के तहत राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) द्वारा कुल 84 प्लाटून कमांडर पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें से 82 पद गैर-अनुसूचित क्षेत्र के लिए आरक्षित हैं, जबकि 2 पद अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Area) के लिए निर्धारित किए गए हैं। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति क्षेत्रवार रिक्तियों के अनुसार की जाएगी। बोर्ड द्वारा 22 नवंबर 2025 को ऑफलाइन (OMR आधारित) परीक्षा आयोजित की जाएगी। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अलावा, ऐसे भूतपूर्व सैनिक भी पात्र हैं जो नायब सूबेदार या उससे उच्च रैंक पर कार्यरत रहे हों और विधिवत रूप से सेवानिवृत्त हो चुके हों। साथ ही, उम्मीदवार को देवनागरी लिपि में हिंदी भाषा का ज्ञान होना चाहिए तथा राजस्थान की संस्कृति से परिचित होना अनिवार्य है। आयु सीमा की बात करें तो, 1 जनवरी 2026 को आधार मानते हुए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि, आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकार द्वारा नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। वेतनमान प्लाटून कमांडर पद के लिए राजस्थान राज्य सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतनमान निर्धारित किया गया है। चयनित उम्मीदवारों को पे-बैंड 9300-34800 रुपए, ग्रेड पे 11, तथा पे मैट्रिक्स लेवल L-10 के तहत वेतन दिया जाएगा। आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग और क्रीमीलेयर OBC/MBC वर्ग के उम्मीदवारों को ₹600, जबकि नॉन-क्रीमीलेयर OBC, EWS, SC, ST, एवं दिव्यांगजन श्रेणी के उम्मीदवारों को 400 रुपए शुल्क देना होगा। शुल्क का भुगतान उम्मीदवार ई-मित्र कियोस्क, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, अथवा क्रेडिट कार्ड जैसे ऑनलाइन माध्यमों से 21 अगस्त 2025 तक कर सकते हैं।

कमजोर पड़ा मानसून जैसलमेर में, अगले चरण की बारिश की उम्मीद तीन दिन बाद

जैसलमेर पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी जिले जैसलमेर में मानसून फिलहाल सुस्त होता नजर आ रहा है। बीते दिनों हुई अच्छी बारिश के बाद अब बादलों ने जिले से दूरी बना ली है। बुधवार को जिले में मौसम पूरी तरह साफ रहा और दोपहर के समय तेज धूप ने गर्मी का असर और अधिक बढ़ा दिया। हालांकि आसमान में छिटपुट हल्के बादलों की मौजूदगी बनी रही, लेकिन वह बारिश लाने में नाकाम रहे। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिली है, लेकिन धूप के तीखे तेवर जारी हैं। मौसम विशेषज्ञों ने अगले तीन दिनों तक जिले में मौसम शुष्क और गर्म रहने की संभावना जताई है। वहीं, जो किसान बारिश का इंतजार करते हुए खरीफ की फसल की बुवाई स्थगित किए बैठे थे। उन्होंने अब खेतों की जुताई कर बोवनी शुरू कर दी है। इस वर्ष अब तक की बारिश ने खेती योग्य भूमि में नमी की पर्याप्त मात्रा बना दी है, जिससे खेतों में बीजों के अंकुरण के लिए अनुकूल स्थिति बनी हुई है। फिर बढ़ेगी बारिश की संभावना, सिस्टम सक्रिय कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल गालव के अनुसार, वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में एक मानसूनी परिसंचरण तंत्र सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से आगामी दिनों में विशेष रूप से 24 जुलाई के बाद, एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम पूर्वी राजस्थान की ओर बढ़ सकता है और इसके असर से 27 से 30 जुलाई के बीच पुनः बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।डॉ. गालव ने बताया कि मानसून फिलहाल जैसलमेर में कमजोर पड़ गया है, जिस कारण वर्षा की गतिविधियां रुकी हुई हैं। लेकिन बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हो रहे सिस्टम के प्रभाव से एक बार फिर जिले में नमी बढ़ेगी और बारिश की वापसी संभव है।

RBSE 2026: बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू, अंतिम तिथि और शुल्क की जानकारी यहां पढ़ें

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षा-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथियां घोषित कर दी हैं। परीक्षा के लिए आज 24 जुलाई से आवेदन ऑनलाइन भरे जा सकते हैं। बोर्ड सचिव कैलाश चन्द्र शर्मा ने बताया कि सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षा-2026 के लिए 24 जुलाई से आवेदन ऑनलाइन भरे जा सकते हैं। सामान्य परीक्षा शुल्क के साथ आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 23 अगस्त है। बैंक में शुल्क जमा कराने एवं चालान मुद्रित करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त है। आवेदन पत्र एवं चालान नोडल केन्द्र पर जमा कराने की अंतिम तिथि 6 सितम्बर है। उन्होंने बताया कि एक अतिरिक्त परीक्षा शुल्क सहित आवेदन पत्र 25 अगस्त से ऑनलाइन भरे जाएंगे। यह आवेदन पत्र 10 सितंबर तक भर सकते हैं। बैंक में शुल्क जमा कराने एवं चालान मुद्रित करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर है। आवेदन पत्र एवं चालान नोडल केन्द्र पर जमा कराने की अंतिम तिथि 18 सितम्बर है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालयों पर स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए 11 सितम्बर से असाधारण परीक्षा शुल्क के साथ आवेदन पत्र भरे जाएंगे। इसकी अंतिम तिथि 25 सितम्बर हैं। बैंक में शुल्क जमा कराने एवं चालान मुद्रित करने की अंतिम तिथि चार अक्तूबर है। इन आवेदन पत्रों एवं चालान को सीधे बोर्ड कार्यालय में जमा करवाना होगा। बोर्ड सचिव शर्मा ने बताया कि नियमित परीक्षार्थी के लिए परीक्षा शुल्क 600 रुपये, स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए 650 रुपये निर्धारित हैं। प्रायोगिक परीक्षा शुल्क प्रति विषय 100 रुपये देय होगा। विशेष आवश्यकता वाले छात्र, दृष्टबाधित एवं दिव्यांग परीक्षार्थी, युद्ध में वीरगति को प्राप्त अथवा अपाहिज सैनिकों के पुत्र और पुत्रियां, पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों को परीक्षा शुल्क से मुक्त रखा गया है। इन्हें केवल टोकन शुल्क के 50 रुपये जमा कराने होंगे। उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों की उच्च माध्यमिक स्तर की सम्बद्धता संबंधी कार्रवाई अभी तक लंबित है। वह विद्यालय अविलम्ब कार्रवाई पूर्ण करे लें। कार्रवाई पूर्ण नहीं होने पर ऐसे विद्यालयों के परीक्षा आवेदन पत्र निरस्त कर दिए जाएंगे। ऑनलाइन परीक्षा आवेदन पत्र भरते से संबंधित आवश्यक निर्देश बोर्ड की वेबसाइट पर देख सकते हैं। अन्य जानकारी के लिए बोर्ड कंट्रोल रूम के दूरभाष नम्बर 0145-263866, 2632867, 2632868 पर अथवा एसीपी के दूरभाष नम्बर 0145-2627454 पर संपर्क कर सकते हैं।

श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, भजनलाल सरकार भेजेगी 800 लोगों को रामेश्वरम मुफ्त यात्रा पर

जयपुर  राजस्थान सरकार ने एक बार फिर 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना शुरू कर दी है। बुधवार को इस योजना के तहत करीब 800 श्रद्धालुओं का पहला जत्था विशेष एसी ट्रेन से रामेश्वरम के लिए रवाना किया गया। यह यात्रा एक सप्ताह तक चलेगी। सरकार ने न केवल यात्रा के लिए मुफ्त ट्रेन सुविधा दी है, बल्कि श्रद्धालुओं के भोजन और ठहरने की पूरी व्यवस्था भी की है। कैबिनेट मंत्री ने 56 हजार तीर्थ यात्रियों को मिलेगा लाभ दिखाई हरी झंडी इस खास मौके पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने जयपुर से रवाना होने वाली इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। स्टेशन पहुंचे तीर्थ यात्रियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और फूल-मालाएं पहनाई गईं। यह विशेष ट्रेन 12 कोच की है, जिसमें एक पैंटी कार और कोचों में राम दरबार की स्थापना की गई है। 56 हजार तीर्थ यात्रियों को मिलेगा लाभ मंत्री जोराराम कुमावत ने जानकारी दी कि इस बार सरकार ने 30 हजार की बजाय 56 हजार श्रद्धालुओं को मुफ्त तीर्थ यात्रा पर भेजने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि यह पहली बार होगा जब सभी यात्रियों को स्लीपर कोच के बजाय एसी ट्रेन में यात्रा का मौका मिलेगा। नेपाल में भी मुफ्त यात्रा का प्लान सरकार ने यह भी घोषणा की है कि करीब 6 हजार श्रद्धालुओं को हवाई जहाज के जरिए नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए अगले दो हफ्तों में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। श्रद्धालुओं ने जताया आभार रामेश्वरम जाने वाली पहली ट्रेन के यात्रियों ने राजस्थान सरकार का धन्यवाद किया। उनका कहना है कि सावन के पवित्र महीने में मुफ्त तीर्थ यात्रा का आयोजन बेहद पुण्य का कार्य है। श्रद्धालुओं ने सीएम भजनलाल शर्मा को साधुवाद देते हुए कहा कि उनका यह एक सप्ताह भक्तिमय माहौल में बीतेगा।

राजस्थान में विधायकों को बड़ा फायदा, सैलरी-पेंशन दोनों में बढ़ोत्तरी

जयपुर  राजस्थान सरकार ने जुलाई से विधायकों को बड़ा तोहफा दिया है। जुलाई से सभी विधायकों की सैलरी में 10% की बढ़ोतरी होने जा रही है। अब विधायकों को हर महीने 40,000 रुपये की जगह 44,000 रुपये का मूल वेतन मिलेगा। यानी सालाना 48,000 रुपये ज्यादा पगार मिलेगी। कितनी है अब सैलरी और भत्ता? फिलहाल, विधायकों को मूल वेतन और भत्ता मिलाकर हर महीने करीब 1,47,000 रुपये मिलते हैं। अब भत्तों में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही पूर्व विधायकों की पेंशन में भी इजाफा करने की तैयारी है। पिछले सत्र में हुआ था प्रस्ताव पास राजस्थान की बीजेपी सरकार ने विधानसभा के पिछले सत्र में ही वेतन और पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव पास कर दिया था। राज्य का विधि विभाग जल्द ही इस पर आधिकारिक घोषणा कर सकता है। पूर्व विधायकों की पेंशन राजस्थान में एक बार के पूर्व विधायक को 35,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। हर अतिरिक्त 5 साल की सेवा पर 8,000 रुपये जुड़ते हैं। उदाहरण के लिए, 2 बार विधायक रह चुके को 43,000 रुपये, 3 बार वाले को 51,000 रुपये और 6 बार विधायक रहे नेता को 75,000 रुपये पेंशन मिलती है। अब पेंशन में भी इजाफे की तैयारी है, हालांकि नई रकम अभी तय नहीं हुई है। जनता की नाराजगी भी विधायकों की सैलरी बढ़ने पर जनता का कहना है कि जब सरकारी नौकरियां कम हो रही हैं और महंगाई बढ़ रही है, तब नेताओं की सैलरी और पेंशन बढ़ाना सही नहीं है। कई लोगों का कहना है कि विधायकों की सैलरी उनके कामकाज और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर आधारित होनी चाहिए।  

जयपुर से धरा गया फर्जी सिम गिरोह का सदस्य, साइबर ठगी में था बड़ा नेटवर्क

जयपुर साइबर ठगों को फर्जी मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। मालपुरा गेट थाना क्षेत्र में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम सक्रिय करवाने की सूचना पर पुलिस थाना साइबर क्राइम राजस्थान की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय आरोपी घनश्याम मीणा को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी फर्जी आधार कार्ड तैयार कर उन पर अपनी तस्वीर लगाकर अवैध रूप से मोबाइल सिम प्राप्त करता था और फिर उन्हें अन्य साइबर अपराधियों को बेचता था। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार 22 जुलाई को साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली कि मालपुरा गेट स्थित भारती हेक्साकॉम लिमिटेड (एयरटेल) के सांगानेर स्टोर पर एक संदिग्ध व्यक्ति ने डिजिटल केवाईसी प्रक्रिया के तहत एक मोबाइल सिम एक्टिव कराने के लिए आधार कार्ड प्रस्तुत किया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि संदिग्ध ने स्टोर संचालक से कहा कि इस नंबर को कंपनी के पोस्टपेड फैमिली प्लान के तहत मोबाइल नंबर 7300043398 और 7300043318 के साथ जोड़ा जाए।

राजस्थान का लक्ष्य दूध उत्पादन में शीर्ष पर पहुंचना, यूपी को पीछे छोड़ने की तैयारी

जयपुर  देश में दुग्ध उत्पादन के मामले में राजस्थान सिरमौर बनने में एक कदम पीछे हैं। वर्तमान में पहले नम्बर पर उत्तरप्रदेश है। मध्यप्रदेश व गुजरात तीसरे व चौथे नम्बर पर है। उत्पादन की दौड़ में शीर्ष पर पहुंचने के लिए राजस्थान में ग्राम स्तर पर प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2022-23 में राजस्थान बना था सिरमौर राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी फैडरेशन के अनुसार देश में दूध उत्पादन में राजस्थान वर्ष 2022-23 में पहले स्थान पर आ गया था। तब राज्य ने 900 लाख लीटर उत्पादन में ही उत्तरप्रदेश को पीछे छोड़ दिया। उसके बाद उत्तरप्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ गया। वर्तमान में राजस्थान में दूध का प्रतिदिन औसत उत्पादन उत्तरप्रदेश से 151 लाख लीटर कम है। राजस्थान में दूध उत्पादन व कारोबार राज्य में कुल उत्पादन- 912 लाख लीटर पशुपालकों के घरों में खपत (दूध-दही, छाछ-घी)- 500 लाख लीटर दूध बिक्री का कुल बाजार- 412 लाख लीटर दूध की खुले में बिक्री (हलवाई इत्यादि)- 312 लाख लीटर डेयरियों में बिक्री के लिए जा रहा- 100 लाख लीटर सरस डेयरी का दूध संकलन- 35 लाख लीटर अन्य डेयरियां खरीद रही दूध (अमूल, मदर, कोटा फ्रेश, पतजंलि इत्यादि)- 65 लाख लीटर। (प्रतिदिन औसत लाख लीटर) राज्य में 55 प्रतिशत घरों में हो रही खपत राज्य में कुल उत्पादन 912 लाख लीटर है, उसका 55 प्रतिशत यानी 500 लाख लीटर दूध पशुपालकों के घरों में ही खप रहा है। घरों में दूध पीने के अलावा दही, छाछ व घी बनाकर भी खपत हो रही है।

गहलोत की टिप्पणी पर राठौड़ का तंज – “क्या आप धनखड़ के निजी चिकित्सक हैं?

जयपुर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने तीखा जवाब दिया है। राठौड़ ने कहा, “गहलोत साहब न तो डॉक्टर हैं और न ही धनखड़ जी के निजी डॉक्टर। जब कोई व्यक्ति स्वयं अपने स्वास्थ्य कारणों से पद से इस्तीफा देता है, तो उस पर अविश्वास जताना या राजनीति करना निंदनीय है। गहलोत जी को ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “पहला सुख निरोगी काया। जब व्यक्ति बीमार होता है तो राजनीति जरूरी नहीं होती। स्वस्थ होंगे तो फिर से राजनीति कर सकते हैं। खुद गहलोत कुछ समय पहले बीमार पड़े थे, अस्पताल में भर्ती रहे, भाषण के दौरान मंच पर बैठना पड़ा था। ऐसे में उन्हें दूसरों के स्वास्थ्य पर टिप्पणी से बचना चाहिए।” जातीय समीकरणों को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने दो टूक कहा, “हम भाजपा में जातिवादी राजनीति नहीं करते। हम सर्वसमाज का विकास चाहते हैं। जो भी मेहनती और सेवाभावी व्यक्ति हैं, उसे सेवा का अवसर दिया जाना चाहिए।” उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों को भी नसीहत दी और कहा कि, “कोई भील प्रदेश या मरू प्रदेश की बात करता है, कोई जातीय भेद की राजनीति करता है। यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं। भाजपा सभी जातियों, धर्मों और संप्रदायों का सम्मान करती है।”

गहलोत की टिप्पणी पर राठौड़ का तंज – “क्या आप धनखड़ के निजी चिकित्सक हैं?

जयपुर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने तीखा जवाब दिया है। राठौड़ ने कहा, “गहलोत साहब न तो डॉक्टर हैं और न ही धनखड़ जी के निजी डॉक्टर। जब कोई व्यक्ति स्वयं अपने स्वास्थ्य कारणों से पद से इस्तीफा देता है, तो उस पर अविश्वास जताना या राजनीति करना निंदनीय है। गहलोत जी को ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “पहला सुख निरोगी काया। जब व्यक्ति बीमार होता है तो राजनीति जरूरी नहीं होती। स्वस्थ होंगे तो फिर से राजनीति कर सकते हैं। खुद गहलोत कुछ समय पहले बीमार पड़े थे, अस्पताल में भर्ती रहे, भाषण के दौरान मंच पर बैठना पड़ा था। ऐसे में उन्हें दूसरों के स्वास्थ्य पर टिप्पणी से बचना चाहिए।” जातीय समीकरणों को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने दो टूक कहा, “हम भाजपा में जातिवादी राजनीति नहीं करते। हम सर्वसमाज का विकास चाहते हैं। जो भी मेहनती और सेवाभावी व्यक्ति हैं, उसे सेवा का अवसर दिया जाना चाहिए।” उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों को भी नसीहत दी और कहा कि, “कोई भील प्रदेश या मरू प्रदेश की बात करता है, कोई जातीय भेद की राजनीति करता है। यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं। भाजपा सभी जातियों, धर्मों और संप्रदायों का सम्मान करती है।”

मानसून होगा फिर सक्रिय, मौसम विभाग ने दी भारी बारिश की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में मानसून की बारिश का दौर फिलहाल धीमा हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने गुरुवार को प्रदेश के 6 जिलों में सामान्य बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से 24 जुलाई के आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान में 27 से 30 जुाई के दौरान भारी बारिश की गतिविधियों में फिर से बढ़ोतरी होने के आसार हैं। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बना है। यह सिस्टम अगले 24 से 36 घंटे में और तीव्र होकर लो-प्रेशर सिस्टम में तब्दील हो सकता है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूर्वी भारत की तरफ आगे बढ़ेगा। इस सिस्टम के असर से राजस्थान में 27 से 30 जुलाई के दौरान भारी बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इस दौरान कोटा संभाग में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश और भरतपुर, जयपुर, उदयपुर संभाग में भारी बारिश होने की संभावना है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में सामान्य वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मंगलवार को भरतपुर, अलवर, सवाई माधोपुर, करौली समेत कई जिलों में 2 इंच तक बरसात हुई। जयपुर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में भी बारिश हुई। अलवर के बहादुरगढ़ में 70MM से ज्यादा पानी बरसा पिछले 24 घंटे के दौरान करौली में 25, उदयपुर में 35, अलवर के बहादुरगढ़ में 70, खैरथल में 63, मुंडावर में 51 और अलवर शहर में 64.2MM पानी बरसा। हनुमानगढ़ के भादरा में 25, भरतपुर के डीग में 60, रूपवास में 22, सवाई माधोपुर के खंडार में 64 और चूरू के सादुलशहर में 14MM बरसात दर्ज हुई। जयपुर के आंधी में 16 और तूंगा में 18MM बारिश दर्ज हुई। सवाई माधोपुर में रेल यातायात प्रभावित बारिश में जल भराव के चलते सवाईमाधोपुर-सपोटरा-करौली और हाड़ौती-सपोटरा मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। भूरी पहाड़ी के पास बह रही बनास नदी की पुलिया तेज बहाव के चलते टूट गई। वहीं वर्षा जनित हादसों में प्रदेश में अब तक 30 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। मंगलवार को अजमेर के अरांई क्षेत्र में दो बच्चों की पौंड में डूबने से मौत हो गई। बालोतरा के डडांली गांव के पास लूणी नदी में मंगलवार सुबह तेज बहाव के बीच मिनी बस फंस गई। बायतु से करना भूखा भगत सिंह रूट पर जा रही बस में 6 से ज्यादा यात्री सवार थे। क्रेन से बस को सुरक्षित निकाला गया।