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हरियाणा में बढ़ता नशा: सुरजेवाला ने BJP सरकार पर किया कड़ा हमला

चंडीगढ़  कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा में बढ़ते नशे के प्रसार पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नायब सरकार के नकारेपन की हरी झंडी तले नशा तस्कर और माफिया हरियाणा को ‘उड़ता हरियाणा’ से ‘उजड़ता हरियाणा’ बना चुके हैं। सुरजेवाला ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ साइकिल पर फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं, जबकि नशे का जहर अब हर गांव, हर शहर और हर घर की दीवारों में रिस चुका है। सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा का युवा आज नशे की गिरफ्त में जकड़ा हुआ है। नशे की लत इतनी भयावह हो चुकी है कि ममता भी मर रही है। माताएं अपने छह माह के बच्चों को बेचने तक मजबूर हैं। गांवों और शहरों में नशे की ओवरडोज से सैकड़ों युवाओं की रोज मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि अब हालात इतने बदतर हैं कि पिता अपने बेटे की लाश पर रोते हुए कहते हैं – ‘मेरा बेटा तो गया, अब औरों को बचाओ।’ सुरजेवाला ने कहा – हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट खुद कहती है कि प्रदेश के 860 कुख्यात नशा तस्करों में से 730 जेल से बाहर खुलेआम घूम रहे हैं। ये माफिया सरकार की नाक के नीचे धड़ल्ले से नशा बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की कागजों पर नशा मुक्ति असल में भाजपाई युक्ति बन गई है, जहां सरकार दावा करती है कि प्रदेश के 3,000 से अधिक गांव और 600 से अधिक वार्ड नशामुक्त हैं, लेकिन असलियत में वहीं ड्रग पेडलर खुलेआम कारोबार चला रहे हैं।   खेत से खलिहान तक फैल रहा नशे का जाल सुरजेवाला ने कहा कि नशे का यह जहर अब केवल समाज को नहीं, बल्कि हरियाणा के वर्तमान और भविष्य दोनों को निगल रहा है। खेती, मजदूरी, खेल – हर क्षेत्र में नशे का असर दिख रहा है। यह युवा शक्ति को अपराध, चोरी और अंधकार की ओर धकेल रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब हरियाणा का नौजवान नशे से मर रहा है, तब मुख्यमंत्री ‘जुबानी हवाबाजी’ और ‘फोटोशूट राजनीति’ में व्यस्त हैं। भाजपा सरकार नशे के खिलाफ नहीं, नशे के साथ खड़ी दिख रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हरियाणा को ‘उजड़ते हरियाणा’ से ‘बचते हरियाणा’ की राह पर लाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के मामले में HHRC का सख्त कदम, DGP और स्वास्थ्य प्रमुख को किया नोटिस

चंडीगढ़  हरियाणा मानव अधिकार आयोग (HHRC) ने पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के एक गंभीर मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा पुलिस महानिदेशक (DGP) और स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने निर्देश दिया है कि इस मामले की गहराई से जांच कर 17 दिसंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह निर्देश आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने शिकायत संख्या 1037/10/2023 के अंतर्गत जारी किए। इस दौरान शिकायतकर्ता के पिता धर्म सिंह और सब-इंस्पेक्टर कृष्ण चंद (सीआईए-।।, करनाल) आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। मामला एफआईआर संख्या 64 दिनांक 11 मार्च, 2023 से जुड़ा है। निसिंग पुलिस स्टेशन में भादंसं की धारा-379 और विद्युत अधिनियम की धारा-136 के तहत केस दर्ज किया गया था। इस प्रकरण की जांच सब-इंस्पेक्टर कृष्ण चंद द्वारा की गई थी। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता लवदीप को 14 अप्रैल, 2023 को गिरफ्तार किया गया था और उसी दिन उसका चिकित्सकीय परीक्षण भी करवाया गया था। हालांकि आयोग के समक्ष प्रस्तुत चिकित्सकीय रिपोर्ट अस्पष्ट थी और पढ़ने योग्य नहीं थी। दस्तावेज़ों से यह प्रतीत हुआ कि उस रिपोर्ट में किसी नई चोट का उल्लेख नहीं किया गया था। चोटों की रिपोर्ट में विरोधाभास पर सवाल आयोग ने पाया कि 15 अप्रैल, 2023 को किए गए एमएलआर (मेडिकल लीगल रिपोर्ट) में कई चोटों का उल्लेख किया गया है, जिनकी अवधि 4 से 7 दिन पुरानी बताई गई। आयोग ने इस विरोधाभास पर प्रश्न उठाया कि जब 14 अप्रैल की रिपोर्ट में कोई चोट नहीं थी, तो फिर 15 अप्रैल की रिपोर्ट में पुरानी चोटें कैसे दर्ज हो गईं। इस प्रश्न पर जांच अधिकारी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। ‘सतही परीक्षण’ पर आयोग की नाराज़गी आयोग के समक्ष सब-इंस्पेक्टर कृष्ण चंद और निरीक्षक दिनेश कुमार (महानिदेशक जांच, आयोग) ने बताया कि पुलिस हिरासत में आमतौर पर डॉक्टर केवल उन्हीं चोटों का उल्लेख करते हैं जिनकी शिकायत आरोपी स्वयं करता है, और शरीर का संपूर्ण परीक्षण नहीं किया जाता। इस पर आयोग सदस्य दीप भाटिया ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि यह दृष्टिकोण अत्यंत चिंताजनक है। हिरासत में प्रताड़ना मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और ऐसे मामलों में लापरवाही अस्वीकार्य है। वरिष्ठ अधिकारी से जांच के आदेश मानवाधिकार आयोग ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि वे किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को इस मामले की गहन जांच के लिए नामित करें। उन्हें यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता के साथ हुई कथित हिरासत प्रताड़ना तथा पुलिस की कार्यप्रणाली की पूरी समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा के महानिदेशक को भी आदेश दिए हैं कि 14 अप्रैल और 15 अप्रैल, 2023 के दोनों चिकित्सकीय परीक्षणों की जांच कर अपनी रिपोर्ट 17 दिसंबर से पहले आयोग में प्रस्तुत करें।

हरियाणा: औरंगपुर गांव में पिता-पुत्र की हत्या, आरोपी बेटा अशोक पुलिस के हत्थे चढ़ा

झज्जर  झज्जर-गुरुग्राम मार्ग के गांव औरंगपुर (Aurangpur) में करीब ढाई माह पहले हुई पिता और बेटे की हत्या (Father-Son Murder) का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी अशोक (Ashok) को गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। हत्या के शिकार 80 वर्षीय खजान सिंह (Khajan Singh) और उनके 30 वर्षीय बेटे संजय (Sanjay) थे। पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण जमीनी विवाद (land dispute) था। इस दोहरे हत्याकांड को खजान सिंह के एक अन्य बेटे अशोक ने अंजाम दिया। डीसीपी क्राइम अमित दहिया (DCP Crime Amit Dahiya) ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी ने करीब ढाई माह पहले दोनों के शवों को मकान के पिछले हिस्से में खेत में जलाया और अवशेष को खुर्द-बुर्द करके जुताई कर दिया, ताकि कोई सबूत हाथ न लगे। हत्या का मुख्य कारण खजान सिंह की पुस्तैनी जमीन और खरीदी गई चार एकड़ भूमि बताया गया। अशोक को शक था कि पिता यह जमीन संजय के नाम कर सकते हैं। पुलिस ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से हत्या में इस्तेमाल हथियारों (weapons used in the murder) की बरामदगी और क्राइम सीन रिक्रिएट (crime scene recreation) की जाएगी। इसके अलावा जांच यह भी कर रही है कि और कौन-कौन लोग इस जघन्य अपराध में शामिल थे। उन्होंने बताया कि एक ही स्थान पर रहते हुए परिवार के अन्य लोगों ने इस मामले में ढाई माह तक चुप्पी आखिर क्यों साधे रखी यह जांच का विषय है। जैसे-जैसे जांच आगे बढे़गी तो मामले की सभी परतें भी खुलती चली जाएगी। उन्होंने आरोपी अशोक को मीडिया के सामने भी पेश किया। अशोक की गिरफ्तारी के बाद परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पुलिस की नजर । डीसीपी ने कहा कि मामले की सभी परतें उजागर करने के लिए पूरी गंभीरता से जांच जारी है।

DGP ने थानेदारों को बताया जनता से जुड़ने का तरीका, कानून के साथ जागरूकता भी जरूरी

चंडीगढ़  हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने राज्यभर के सभी थाना प्रभारियों (एसएचओ) को सख्त लेकिन प्रेरक लहजे में पत्र लिखा है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हर थाना अपने क्षेत्र में 31 अक्तूबर तक राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करे। पत्र में डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की असली ताकत जनता का विश्वास है, और यह विश्वास सिर्फ शब्दों से नहीं, कर्मों से हासिल किया जा सकता है। डीजीपी सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि थाना केवल एक भवन नहीं, बल्कि कानून और सुरक्षा की पहली चौकी है। उन्होंने कहा – ‘आपके पास वर्दी, लाठी, बंदूक और कानून की ताकत है। यह शक्ति जनता की रक्षा के लिए है, भय पैदा करने के लिए नहीं। अगर आपके इलाके में ठग, बदमाश और अपराधी चैन की सांस ले रहे हैं, तो यह आपकी नाकामी है।’ डीजीपी ने चेतावनी दी कि किसी भी थाना प्रभारी के क्षेत्र में अपराध बढ़ा या जनता का भरोसा टूटा, तो उसकी जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि थाने की मेज़ पर बैठने से पुलिसिंग नहीं होती, थाने से निकलकर गलियों, स्कूलों, चौपालों में जाना ही सच्ची पुलिसिंग है। नशे और इंटरनेट के जाल में फंसा युवा पत्र में ओपी सिंह ने युवाओं के बीच फैलती नशाखोरी और ऑनलाइन ठगी पर चिंता जताई। उन्होंने थानेदारों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों और कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद करें। उन्होंने कहा कि आज का युवा इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की आभासी दुनिया में उलझ रहा है। उन्हें समझाइए कि जीवन मोबाइल में नहीं, मैदान में है। वे खेलें, नाचें, गाएं, जिएं, लेकिन जिएं अपने सपनों के लिए, नशे के लिए नहीं। डीजीपी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे किसी महंगी गाड़ी के इंजन में चीनी डालने से इंजन जाम हो जाता है, वैसे ही नशे का ज़हर शरीर और दिमाग को जकड़ देता है। ड्रग्स यानी नशा, इंसान की नसों को नहीं, उसकी पीढ़ियों को खत्म करता है। जन-जागरूकता कार्यक्रम बनें पुलिस-जन सहयोग का जरिया डीजीपी ने थानेदारों से कहा कि वे शाम के समय सामुदायिक सभाएं, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत, खेलकूद और संवाद कार्यक्रम आयोजित करें। इनमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के चित्र और वीडियो (चित्रांकन और चलचित्र) भी बनाए जाएं और पुलिस मुख्यालय को भेजे जाएं ताकि आने वाली डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शित किया जा सके। डीजीपी ने कहा कि जो थाने जनता से जुड़ेंगे, वही पुलिस की पहचान बनाएंगे। ‘एक नन्हा शम्मा…’, बदलाव की शुरुआत थाने से ही अपने पत्र के अंत में डीजीपी सिंह ने एक प्रेरक शेर का उल्लेख किया – ‘एक नन्हा शम्मा अंधेरे में जलाया सिखाया, सुबह होने के माहौल को बनाया सिखाया।’ उन्होंने लिखा कि हर थाने में यह छोटा-सा दीपक जलना चाहिए – एक आशा, एक सुरक्षा और एक बदलाव का प्रतीक बनकर। डीजीपी ने कहा कि यदि हर थाना अपनी जिम्मेदारी निभाएगा तो हरियाणा पुलिस देश की सबसे जवाबदेह और जनहितैषी पुलिस बनकर उभरेगी।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए अहम कदम, हरियाणा के सभी जिमों में महिला ट्रेनर अनिवार्य

चंडीगढ़ हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में राज्य महिला आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने आदेश जारी कर अब प्रदेश के सभी जिमों और फिटनेस सेंटरों में महिला ट्रेनरों की नियुक्ति अनिवार्य कर दी है। राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बात करते हुए कहा, "जिम एक ऐसा स्थान है, जहां महिलाएं अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर जाना चाहती हैं। इस निर्णय से महिलाओं को आत्मविश्वास मिलेगा और वे बिना किसी झिझक के फिटनेस गतिविधियों में भाग ले सकेंगी।" उन्होंने कहा कि जिमों में पुरुष और महिला सदस्यों के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि महिलाएं सुरक्षित और सहज माहौल में एक्सरसाइज कर सकें। जिम में महिलाओं के साथ कोई गलत काम न हो, इसका विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। रेनू भाटिया ने बताया कि हरियाणा में इसे ‘हरियाणा महिला सुरक्षा मॉडल’ के रूप में लागू किया जाएगा। आयोग ने सभी जिम संचालकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर महिला ट्रेनरों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आदेशों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। शुरुआत में यह योजना गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, करनाल और हिसार जैसे शहरी जिलों में लागू की जाएगी, जहां महिलाओं की जिम में भागीदारी सबसे अधिक है। आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया स्वयं विभिन्न जिलों का निरीक्षण करेंगी ताकि नियमों के पालन की पुष्टि की जा सके। भाटिया ने कहा कि सिर्फ जिम ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सुरक्षित सफर के लिए भी आयोग ने एक और पहल शुरू की है। अब इच्छुक महिलाओं को कार ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे कैब चलाकर आत्मनिर्भर बन सकें। यह निर्णय उन शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें महिलाओं ने कैब ड्राइवरों द्वारा छेड़छाड़ की शिकायतें की थीं। प्रशिक्षित महिला ड्राइवरों को कैब सेवाओं से जोड़कर सुरक्षित महिला कैब नेटवर्क तैयार किया जाएगा। महिला ट्रेनर और महिला ड्राइवर कार्यक्रम महिलाओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में हरियाणा सरकार का महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। यह कदम उन महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा है जो जिम में ट्रेनिंग के दौरान असहज महसूस करती हैं या अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं।

नवंबर में हरियाणा के स्कूल बच्चों के लिए मस्ती और छुट्टियों की धमाल भरी खबर

चंडीगढ़  हरियाणा में इस महीने यानी नवंबर में स्कूली बच्चों की बल्ले-बल्ले है। हरियाणा में नवंबर महीने में 9 दिनों की छुट्टियां पड़ने जा रही है, जिसके चलते स्कूल बंद रहने वाले है। इसमें पहली नवंबर में हरियाणा दिवस है, 5 नवंबर को गुरु नानक देव जयंती है। इसके अलावा नवंबर में 5 रविवार पड़ने वाले हैं। आइए देखें नवंबर महीने में पड़ने वाली छुट्टियों की पूरी लिस्ट… नवंबर माह के अवकाश  1 नवंबर : हरियाणा दिवस 2 नवंबर : रविवार 5 नवंबर : गुरु नानक देव जयंती (बुधवार) 8 नवंबर : दूसरा शनिवार 9 नवंबर : रविवार 16 नवंबर : रविवार 23 नवंबर : रविवार 25 नवंबर : गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस (स्थानीय अवकाश) मंगलवार 30 नवंबर : रविवार  

सीडी कांड में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पर बढ़ा दबाव, इनेलो के आरोपों के बाद चार्जशीट पेश

चंडीगढ़ हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो गुरुग्राम ने नारनौल अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।  टीम ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हर्षाली चौधरी की अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। मामला वर्ष 2014 का है जब राव कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। उस समय आरोप लगा था कि पलवल क्षेत्र में 30 एकड़ जमीन की सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) मंजूरी के लिए 30 से 50 करोड़ रुपये की डिमांड की गई थी। इस मामले में रुपये की डिमांड का एक स्टिंग ऑपरेशन धर्मेंद्र नामक व्यक्ति ने किया था, जिसकी सीडी बाद में जांच का हिस्सा बनी।  मामले की शिकायत लोकायुक्त हरियाणा को दी गई थी। लोकायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर राज्य के तत्कालीन मुख्य सचिव ने मामले को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंप दिया था। इसके बाद 29 जनवरी 2016 को एसीबी गुरुग्राम थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 13(1)(डी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच पूरी होने के बाद अब 23 अक्तूबर 2025 को एसीबी ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। बता दें कि राव नरेंद्र सिंह को हाल ही में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया था। अब जिला के साथ साथ प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा शुरू हो गई है।

राजस्थान की सर्द रात: महेंद्रगढ़ में 14.5 डिग्री, नारनौल की हवा सबसे साफ

हिसार  प्रदेश में मौसम में बदलाव तेजी से हो रहा है। प्रदूषण बढ़ने के साथ ही रात का तापमान भी नीचे आया है। प्रदेश में महेंद्रगढ़ में रात सबसे ठंडी रही। वहां न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसी प्रकार एयर क्वालिटी इंडेक्स में नारनौल प्रदेश में सबसे साफ शहर रहा। वहां का एक्यूआइ 63 रहा। वहीं बहादुरगढ़ की हवा सबसे ज्यादा खराब रही। वर्ष का एक्यूआइ 318 तक पहुंच गया है। जिलों में हवा को साफ करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। रात ठंडी हो रही है तो दिन के समय में धूप खिलने के कारण तापमान अभी 31 डिग्री आसपास चल रहा है। अभी आने वाले दिनों में दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव होने की उम्मीद है। प्रदेश में महेंद्रगढ़ में रात सबसे ठंडी रही। वहीं हिसार का न्यूनतम तापमान भी नीचे गिरकर 15.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विज्ञानियों की मानें तो आने वाले समय में दिन के तापमान में बदलाव नहीं होगा लिए लेकिन रात का तापमान नीचे जा सकता है। बीएएमएस चिकित्सक हड्डियों, श्वांस, वायरल बुखार का उपचार कर रहे थे। सीएम फ्लाइंग प्रभारी सब इंस्पेक्टर पूनम, चिकित्सक दयाल, एएसआइ सोमबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में समक्ष चिकित्सक, रजिस्टर्ड लैब लाइसेंस ना होने के बाद भी चिकित्सक मनमर्जी से मरीजों का अलग-नगह अलग टेस्ट व उपचार कर रहा है। कम नहीं हो रहा AQI प्रदेश में अधिकतर जिलों का एक्यूआइ कम नहीं हो रहा है। तीन जिलों का एक्यू आइ 300 के पार चल रहा है तो 11 जिलो एक्यूआइ 200 से 300 के बीच में है। इसको सुधारने के लिए लगातार पानी का छिड़काव हो रहा है मगर वह कम नहीं हो रहा। वहीं बल्लभगढ़ और नारनौल का एक्यूआइ 100 से नीचे होने के कारण उन शहरों की हवा सबसे साफ है।

धान घोटाले पर सस्पेंस बढ़ा, BKU चढूनी ग्रुप ने सीबीआई जांच की मांग की

कुरुक्षेत्र  कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप की प्रदेश स्तरीय बैठक में धान घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की। साथ में डीएफएससी के निलंबन की पुरजोर मांग उठाई। इस दौरान भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि डीएसएससी पर अब तक कार्रवाई नहीं करने से किसानों में रोष है और यदि यह कार्रवाई नहीं की गई तो किसान संगठन कड़े कदम उठाने पर विवश होगा। वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से मंडियों से जुड़े 5 अधिकारियों को निलंबन करने पर स्वागत किया और कहा कि सारा ही महकमा भ्रष्ट है और सभी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए तभी भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उत्पादन पिछले साल से 25 से 30 प्रतिशत कम है फिर भी धान उससे अधिक कैसे खरीदा गया। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। क्योंकि उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों से धान और चावल आ रहा है और उसमें बड़ी धांधलेबाजी की बू आ रही है। डीएफएससी के निलंबन को लेकर बैठक में आए लोगों ने जाट धर्मशाला से देवीलाल चौक तक रोष मार्च भी निकाला और प्रशासन को ज्ञापन भी दिया।  

यमुना में बह रहा साफ जल! छठ पूजा से पहले घाटों की सफाई में जुटा सिंचाई विभाग

यमुनानगर  छठ महापर्व अब पूरे भारत में मनाया जाने लगा है। बिहार और उत्तर प्रदेश से शुरू हुई यह प्रथा धीरे-धीरे पूरे देश में चल रही है। यमुनानगर में भी भारी संख्या में बिहार और उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल के लोग रहते हैं। यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर के किनारे एक दर्जन से अधिक स्थानों पर यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पिछले कई दिनों से यमुनानगर नगर निगम के कर्मचारी यमुना के किनारों को साफ सुथरा बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं श्रद्धालुओं ने भी यमुना के किनारे आकर तैयारी शुरू कर दी हैं।  श्रद्धालुओं का मानना है कि विधिवत रूप से पूजा अर्चना करने से जहां संतान की प्राप्ति होती है, सुख समृद्धि प्राप्त होती है, वहीं समाज और प्रदेश का विकास होता है। श्रद्धालु पवन प्रताप यादव ने बताया कि 26 अक्टूबर को महिलाएं पकवान बनाकर खाएगी। उसके बाद 27 अक्टूबर को छिपते हुए सूर्य को अर्द्ध देकर यह व्रत आरंभ करेंगी। 28 अक्टूबर को उगते हुए सूर्य को अर्द्ध देकर यह व्रत समाप्त करेंगे। इस दौरान महिलाएं जल और अन्न का ग्रहण नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि विधिवत रूप से पूजा अर्चना करने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माता कुंती और माता सीता ने भी यह व्रत रखे थे।   वहीं, सिंचाई विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर आरएस मित्तल ने बताया कि सरकार के आदेश पर यमुना की पिछले कई दिन से सफाई चल रही है। इस बार यमुना में दिल्ली तक स्वच्छ जल उपलब्ध होगा। छठ पूजा महोत्सव में महिलाएं विधिवत रूप से पूजा अर्चना कर सकें, उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। सुपरिटेंडेंट इंजीनियर आरएस मित्तल ने बताया कि मुख्यमंत्री का आदेश है कि सभी जगह स्वच्छ जल मिले, इसी को लेकर तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रयास यह हो रहा है कि यमुना में कोई भी दूषित जल ना मिले। यमुनानगर में यमुना के किनारे बलिया लगाई जाएगी। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया की बलियों के उस पार ना जाएं ताकि कोई दुर्घटना ना घटे।  लाइटों का भी प्रबंध किया जाएगा। यमुना किनारे कूड़े में लगाई आग  इसी बीच नगर निगम की ओर से यमुना किनारे इकट्ठा किए गए कूड़े में आग लगाने का मामला सामने आया है। जिससे आसपास के क्षेत्र में धुआं ही धुंआ हो गया। आज क्यों और किसने लगाई इसकी जिम्मेवारी लेने को कोई तैयार नहीं है।