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30 जून तक भरें प्रॉपर्टी टैक्स, हरियाणा सरकार दे रही 100 फीसदी ब्याज माफी

पंचकूला. हरियाणा सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स बकाया पर लगने वाले ब्याज को माफ करने का एलान किया है। इसी कड़ी में साल 2010-11 से 2024-25 तक के प्रॉपर्टी टैक्स बकाया पर लगने वाले ब्याज की 100 प्रतिशत माफी की ऐतिहासिक योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत नागरिकों को केवल मूल बकाया कर भुगतान करना होगा, जबकि संपूर्ण ब्याज राशि माफ कर दी जाएगी। इस विशेष छूट का लाभ प्राप्त करने के लिए 30 जून 2026 से पहले बकाया टैक्स जमा करना तथा अपनी प्रॉपर्टी आईडी का स्व-सत्यापन करना अनिवार्य है। नगर निगम पंचकूला के आयुक्त विनय कुमार ने नागरिकों से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह योजना लंबे समय से लंबित कर बकायों के निपटान का एक उत्कृष्ट अवसर है। उन्होंने कहा कि नगर निगम पंचकूला नागरिकों को अधिकतम सुविधा प्रदान करने के लिए विशेष प्रॉपर्टी टैक्स शिविरों और मेगा कैंपों का आयोजन कर रहा है, जहां मौके पर ही प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित समस्याओं का समाधान, सत्यापन तथा कर भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 27 जून को लगाएं जाएंगे विशेष शिविर आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि विशेष शिविरों के तहत 27 जून को कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-20 तथा 28 जून को कम्युनिटी सेंटर, एमडीसी सेक्टर-5 में कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 29 और 30 जून को सेक्टर-4 स्थित नगर निगम कार्यालय में विशेष मेगा कैंप लगाए जाएंगे, जहां बड़ी संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि नगर निगम पंचकूला द्वारा करदाताओं की सुविधा के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं तथा विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। निगम का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को इस ब्याज माफी योजना का लाभ दिलाना तथा प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड को अद्यतन एवं पारदर्शी बनाना है। आयुक्त ने सभी संपत्ति मालिकों से आग्रह किया कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपने बकाया कर का भुगतान कर योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि 30 जून 2026 के बाद यह विशेष छूट उपलब्ध नहीं रहेगी, इसलिए पात्र नागरिक शीघ्र अपने दस्तावेजों के साथ निर्धारित शिविरों में पहुंचकर अपनी प्रॉपर्टी आईडी का सत्यापन करवाएं और बकाया कर जमा करें। विशेष शिविरों का कार्यक्रम 27 जून 2026 – कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-20, पंचकूला 28 जून 2026 – कम्युनिटी सेंटर, एमडीसी सेक्टर-5, पंचकूला 29 जून 2026 – मेगा कैंप, नगर निगम कार्यालय, सेक्टर-4, पंचकूला 30 जून 2026 – मेगा कैंप, नगर निगम कार्यालय, सेक्टर-4, पंचकूला नगर निगम आयुक्त विनय कुमार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनहितकारी योजना का लाभ उठाकर अपने प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करें।

यमुना जल बंटवारे पर बनी सहमति, 32 साल बाद हरियाणा-राजस्थान करेंगे समझौता

जयपुर /चंडीगढ़  हरियाणा और राजस्थान के बीच पिछले 32 वर्षों से लंबित यमुना जल बंटवारे का विवाद आखिरकार सुलझ गया है. दोनों राज्यों ने वर्ष 1994 के यमुना जल समझौते को लागू करने पर सहमति बना ली है. इस ऐतिहासिक सहमति को औपचारिक रूप देने के लिए सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में दोनों राज्यों के बीच एक आधिकारिक MoU पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।  इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहेंगे. समझौते से पहले दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विवाद के स्थायी समाधान पर अंतिम सहमति बनी।  बैठक में राजस्थान और हरियाणा सरकारों ने आपसी समन्वय के साथ दशकों पुराने गतिरोध को समाप्त करने की कार्ययोजना को मंजूरी दी. यह विवाद मुख्य रूप से वर्ष 1994 में हुए यमुना जल समझौते के क्रियान्वयन को लेकर था. उस समझौते के तहत मॉनसून के दौरान यमुना में उपलब्ध अतिरिक्त पानी में राजस्थान को भी हिस्सेदारी दी गई थी।  हालांकि, आवश्यक बुनियादी ढांचे के अभाव और तकनीकी बाधाओं के चलते यह योजना पिछले 32 वर्षों से लागू नहीं हो सकी थी. इसका सबसे अधिक असर राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र पर पड़ा, जहां चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिले लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।  अब हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बनी सहमति के बाद हथिनिकुंड बैराज से राजस्थान तक पाइपलाइन बिछाकर पानी पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है. इस परियोजना के पूरा होने पर शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।  सरकारों का मानना है कि यह समझौता न केवल दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल विवाद का समाधान करेगा, बल्कि राजस्थान के जल-संकटग्रस्त इलाकों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा. इससे क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता बढ़ेगी और भविष्य में जल प्रबंधन को लेकर राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा। 

हरियाणा के हिसार में पशुओं के लिए खुला देश का पहला ब्लड बैंक, शुरू हुआ जीव संजीवनी अभियान

हिसार. सामाजिक सरोकारों को जनभागीदारी से जोड़ने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण ने मंगलवार को पशु कल्याण के क्षेत्र में देश की पहली अनूठी पहल का सूत्रपात किया। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के सहयोग से ‘जीव संजीवनी’ महाअभियान शुरू किया गया, जिसके तहत हिसार में देश का पहला संगठित पशु रक्तदान शिविर लगा। इसका उद्देश्य भविष्य में पशुओं का स्वैच्छिक रक्तदाता नेटवर्क विकसित करना है। शिविर के पहले दिन चार श्वानों और एक भैंस ने रक्तदान कर इस नई पहल का हिस्सा बनने का संदेश दिया। उपचार के समय रक्तदाता की तलाश होती है बड़ी चुनौती विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं, बड़े ऑपरेशनों, प्रसव संबंधी जटिलताओं, एनीमिया, चीचड़ जनित रोगों और अत्यधिक रक्तस्राव की स्थितियों में पशुओं को तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन देश में अब तक पशुओं के लिए संगठित रक्तदाता व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी थी। ऐसे में कई बार उपचार के दौरान उपयुक्त रक्तदाता की तलाश सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर लुवास के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि पशुओं के लिए रक्तदाता का उपलब्ध न होना काफी समय से बड़ी चुनौती रहा है। लुवास में सुरक्षित रखा जाएगा रक्त एकत्रित रक्त को लुवास में सुरक्षित रूप से किया जाएगा संरक्षित लुवास में उपलब्ध ब्लड बैंक सुविधा के माध्यम से एकत्रित रक्त को सुरक्षित रूप से संरक्षित किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर गंभीर रूप से बीमार पशुओं के उपचार में उसका उपयोग किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को व्यापक स्तर पर अपनाया गया तो भविष्य में देशभर में पशु रक्तदान की संगठित व्यवस्था विकसित हो सकती है। लुवास में पहले से उपलब्ध है पशु ब्लड बैंक लुवास में पशुओं के लिए ब्लड बैंक की सुविधा संचालित है, जहां सुरक्षित परिस्थितियों में रक्त को लगभग 40 दिन तक संरक्षित रखा जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर यह रक्त दुर्घटना, सर्जरी, प्रसव जटिलताओं और बीमारियों से जूझ रहे पशुओं के उपचार में उपयोग किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार संगठित रक्तदाता नेटवर्क विकसित होने से हजारों पशुओं को समय पर उपचार मिल सकेगा।

सचखंड एक्सप्रेस में तकनीकी खराबी, पानीपत स्टेशन पर फटा प्रेशर पाइप; दूसरा इंजन भेजा गया

पानीपत. अमृतसर से हजरत निजामुद्दीन जा रही सचखंड एक्सप्रेस बुधवार को पानीपत जंक्शन पर तकनीक खराबी हो गई। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही इंजन का प्रेशर पाइप फट गया, जिसके कारण ट्रेन को तत्काल रोकना पड़ा। तकनीकी खराबी के चलते ट्रेन करीब डेढ़ घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन के इंजन में प्रेशर पाइप फटने की सूचना मिलते ही तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पाइप में आई खराबी के कारण इंजन का संचालन सुरक्षित रूप से संभव नहीं था। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने समालखा स्टेशन से दूसरा इंजन मंगाने का निर्णय लिया। ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने से सबसे अधिक परेशानी जनरल कोच में सफर कर रहे यात्रियों को हुई। भीषण गर्मी और उमस के बीच कोचों में बैठे यात्रियों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कई यात्री प्लेटफॉर्म पर उतरकर छांव और पानी की व्यवस्था तलाशते नजर आए। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के रुकने के कारण उनकी आगे की यात्रा प्रभावित हुई है और उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में देरी होगी। रेलवे कर्मियों ने यात्रियों को स्थिति की जानकारी देते हुए धैर्य बनाए रखने की अपील की। स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि वैकल्पिक इंजन के पहुंचने के बाद उसे ट्रेन से जोड़ा जाएगा और सभी आवश्यक तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया जाएगा। इस दौरान पानीपत जंक्शन पर अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी आंशिक प्रभाव देखने को मिला।

बाल भवन करनाल में ग्रीष्मकालीन शिविर: 200 बच्चों ने कराया रजिस्ट्रेशन

करनाल हरियाणा के करनाल जिले में बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों को मजेदार और सिखाने वाला बनाने के लिए जिला बाल कल्याण परिषद ने एक बेहतरीन पहल की है। स्थानीय बाल भवन में आगामी 30 जून तक एक शानदार ग्रीष्मकालीन शिविर यानी समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। उपायुक्त और परिषद के अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में चल रहे इस कैंप में बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने का काम किया जा रहा है। इस खास कैंप को लेकर बच्चों और अभिभावकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। अबेकस और योगा के साथ महिलाएं सीख रहीं ब्यूटी केयर जिला बाल कल्याण अधिकारी मंजू चौधरी ने बताया कि इस समर कैंप में 5 से 14 साल तक के बच्चों को एक्सपर्ट टीचर्स द्वारा कई तरह की एक्टिविटीज सिखाई जा रही हैं। कैंप में बच्चे मुकेश शर्मा से आर्ट एंड क्राफ्ट, गुंजन से योगा, रायना से डांस और गरिमा भारद्वाज से अबेकस सीख रहे हैं। अबेकस असल में गणित के सवालों को तेजी से हल करने का एक पुराना और मजेदार तरीका है, जिससे बच्चों का दिमाग तेज होता है। इस साल बच्चों के साथ-साथ लड़कियों और महिलाओं के लिए फैशन डिजाइनिंग और ब्यूटी केयर की क्लास भी जोड़ी गई है, जिसमें वे बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। इस कैंप की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लगभग 200 बच्चों ने अपना रजिस्ट्रेशन यानी दाखिला करवा लिया है। यह क्लासेज रोज सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बाल भवन में लगती हैं। आज भी कैंप में 155 से ज्यादा बच्चे पहुंचे। खास बात यह है कि निजी स्कूलों के बच्चों के साथ-साथ सरकारी स्कूल, बाल गृह और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब बच्चों को भी इसमें अपनी प्रतिभा निखारने का पूरा मौका दिया जा रहा है। कैंप में आने वाले बच्चों के लिए ठंडे शरबत की छबील लगाई गई है और हर दिन हल्का नाश्ता भी दिया जाता है। डीसी ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को इस कैंप में भेजने की अपील की है।

मोर्चरी में बदइंतजामी का खुलासा, डी-फ्रिज खराब होने से महिला का शव सड़ा

समालखा. उपमंडल अस्पताल में डी-फ्रिज के खराब होने से एक महिला का शव खराब होने से स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर रोष व्यक्त किया। महिला के भाई का कहना था कि शव फूल गया और काला पड़ गया। बदबू आ रही थी। स्वजन ने कपड़ों से उसकी पहचान की। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। सीएमओ विजय मलिक ने बताया कि रात में डी फ्रिज का कूलिंग सिस्टम खराब हो गया। शव रखने के समय ठीक था। खराब फ्रिज को बदल दिया गया है। महिला के शव का पोस्टमार्टम कर स्वजन को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मोर्चरी में चार फ्रिज थे, जिनमें जरूरी होने से दो को सिविल अस्पताल, पानीपत लाया गया था। उनमें अब एक वापस समालखा भेज दिया गया है। उपमंडल अस्पताल में अब तीन डी फ्रिज हैं। एक और फ्रिज समालखा भेज दिया जाएगा। रविवार की सुबह मच्छरौली गांव की एक नवविवाहिता सरिता पत्नी शुभम उर्फ अश्वनी ने मायके में फंदा लगा आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने दोपहर के समय महिला के शव को उपमंडल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया था। सोमवार दोपहर पुलिस और महिला के स्वजन जब पोस्टमार्टम के लिए शव निकालने गए तो वह खराब होने से पहचान में नहीं हो पा रही थी। इस पर स्वजन ने रोष व्यक्त किया। जांच अधिकारी अमित त्यागी ने कहा कि बिजली में फाल्ट से ऐसा हुआ है। उन्होंने बताया कि महिला के स्वजन ने उसके पति शुभम उर्फ अश्वनी पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसकी शिकायतों की जांच की जा रही है। महिला की चार माह पहले सोनीपत के गांव मोहम्दाबाद में शादी हुई थी, जो डेढ़ माह से मायके में रह रही थी। ससुरालियों के नहीं ले जाने से परेशान थी। मच्छरौली के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि बलराज सिंह ने कहा कि मोर्चरी में शव को सही रखने का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। फ्रिजर सही चल रहा है या नहीं इसकी जांच पड़ताल करते रहना चाहिए।

कैबिनेट बैठक में 14 प्रस्ताव मंजूर, मीट दुकानों का दोहरा लाइसेंस खत्म

चंडीगढ़  गांवों में 31 मार्च 2004 या उससे पहले शामलात देह भूमि में मकान बनाकर रह रहे लोगों को अब उपायुक्त भी मालिकाना हक दे सकेंगे। इसके अलावा मीट की दुकानों और बूचड़खानों के लिए दोहरे लाइसेंस नहीं लेने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 15 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 14 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अध्यादेश-2026 जारी करके पुराने नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। मौजूदा प्रविधानों के तहत विकास और पंचायत विभाग के निदेशक को पात्र आवेदकों को शामलात देह भूमि बेचने की मंजूरी देने का अधिकार है, जिन्होंने 31 मार्च 2004 या उससे पहले ऐसी जमीन पर अपने घर बनाए थे। हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी अभी बड़ी संख्या में आवेदन अलग-अलग स्तरों पर लंबित हैं और मंजूरी अपेक्षित हैं। ऐसे मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने और योग्य आवेदकों को समय पर राहत देने के लिए स्वीकृति देने का अधिकार संबंधित जिला उपायुक्त को दिया गया है। इसके अलावा हरियाणा नगर पालिका संशोधन अध्यादेश-2026 और हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी है। उन प्रविधानों को हटाया गया है, जिनमें मीट की दुकानों और बूचड़खानों के लिए लाइसेंस की आवश्यकता है, क्योंकि इसी तरह के व्यवसायों को खाद्य और औषधि प्रशासन हरियाणा द्वारा भी विनियमित (रेगुलेटिड) किया जा रहा है। इन संशोधनों से दोहरे लाइसेंस समाप्त होंगे तथा आम जनता को नियमों की अनुपालना में राहत होगी। देना पड़ेगा दोगुणा मुआवजा नर्सरी संचालकों ने खराब क्वालिटी का बीज या पौधे बेचे तो देना पड़ेगा लागत का दोगुना मुआवजा नर्सरी संचालकों ने अब किसानों को खराब क्वालिटी का बीज या पौधे बेचे तो लागत का दोगुना मुआवजा देना पड़ेगा। हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम-2026 को मंजूरी दी गई है। यह नियम फलदार पौधों, सब्जियों, कंद, मसालों, सीजनिंग, फूलों, सजावटी पौधों, औषधीय और सुगंधित फसलों से संबंधित बागवानी नर्सरियों पर लागू होंगे। संशोधित नियमों में नर्सरियों के नियमित निरीक्षण, लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण सहित उल्लंघन के मामले में कार्रवाई और कीटों व बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए संक्रमित या अवैध रोपण स्टाक को अनिवार्य रूप से नष्ट करने का भी प्रावधान है। शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक समयबद्ध अपील प्रणाली का प्रस्ताव किया गया है जिला न्यायाधीशों का वेतनमान बढ़ेगा, पदोन्नति के अधिक अवसर मिलेंगे हरियाणा उच्चतर न्यायिक सेवा नियम-2007 में संशोधन किया जाएगा। उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों के लिए संशोधित वेतन संरचना लागू की जाएगी। इसमें प्रवेश स्तर (एंट्री लेवल), चयन ग्रेड (सेलेक्शन ग्रेड) और सुपर टाइम स्केल पर कार्यरत जिला न्यायाधीशों के वेतनमान और वार्षिक वेतन वृद्धि से संबंधित प्रविधान शामिल किए गए हैं। एक जनवरी 2020 से जिला न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों में से 35 प्रतिशत पद चयन ग्रेड के लिए निर्धारित होंगे। यह ग्रेड उन अधिकारियों को दिया जाएगा, जिन्होंने जिला न्यायाधीश संवर्ग में लगातार कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। चयन मेरिट और वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा। इसी प्रकार जिला न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों में से 15 प्रतिशत पद सुपर टाइम स्केल के लिए निर्धारित होंगे। यह लाभ उन अधिकारियों को मिलेगा, जिन्होंने चयन ग्रेड में लगातार कम से कम तीन वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। इसके लिए भी मेरिट और वरिष्ठता को आधार बनाया जाएगा। वार्षिक वेतन वृद्धि की गणना तीन प्रतिशत की दर से की जाएगी। प्रत्येक वर्ष की वेतन वृद्धि पिछले वर्ष के मूल वेतन के आधार पर जोड़ी जाएगी। हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर सरकारी सदस्य बढ़ेंगे हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर सरकारी सदस्यों की संख्या पांच से बढ़ाकर सात की जाएगी। इसके लिए हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम-2012 की धारा 3(2)(बी) में संशोधन को मंजूरी दी गई है। आयोग में सदस्यों की संख्या बढ़ने से घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर अपराध तथा महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों से संबंधित शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।

सरकारी नौकरी का बड़ा मौका! हरियाणा जेल विभाग में 1238 पदों पर निकली भर्ती

चंडीगढ़. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने सहायक जेल अधीक्षक और वार्ड के 1238 पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। 24 जून से 30 जून की रात 11.59 बजे तक आनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे, जबकि एक और दो जुलाई को आवेदन में गलती ठीक करने का मौका मिलेगा। विज्ञापन संख्या 06/2026 के अंतर्गत तृतीय श्रेणी के विभिन्न पदों के लिए निकली भर्ती के तहत सहायक जेल अधीक्षक के 33 और वार्डर के 1205 पदों को भरा जाएगा। सहायक जेल अधीक्षक के पदों में 30 पद पुरुषों और तीन पद महिलाओं के लिए हैं। वार्डर की श्रेणी में पुरुषों के लिए 1093 और महिलाओं के लिए 112 पद हैं। आवेदन के लिए युवाओं को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर भर्ती का शेड्यूल जारी करते हुए युवाओं को सावधानी से आवेदन करने की सलाह दी है। चतुर्थ श्रेणी (ग्रुप-डी) पदों की सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के लिए शुक्रवार को पोर्टल खोला जा चुका है, जिस पर तीन जुलाई की रात 11:59 बजे तक आवेदन और छह जुलाई तक शुल्क जमा कराया जा सकेगा। आवेदन में गलती सुधारने के लिए सात से नौ जुलाई तक करेक्शन पोर्टल खोला जाएगा। अभी तक दो लाख से अधिक युवा ग्रुप-डी सीईटी के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें से 75 हजार से अधिक युवाओं ने फाइनल सबमिट भी कर दिया है।

सिर्फ 60 रुपये में पैंक्रियाज कैंसर की जांच करेगा ‘यूरोस्मार्ट’ उपकरण

अंबाला बब्याल के रहने वाले एवं आइआइटी दिल्ली के छात्र शिवम ने शोध कर पैंक्रियाज कैंसर की बीमारी की जांच के लिए उपकरण यूरोस्मार्ट बनाया है। शिवम का दावा है कि इससे यूरिन (पेशाब) के सैंपल से शरीर में पैंक्रियाज कैंसर का पता चल जाएगा। कुछ लोगों पर इसका टेस्ट भी किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिवम ने इस उपकरण के पेटेंट के लिए आवेदन किया है। इससे सिर्फ 60 रुपये में जांच हो सकेगी। उम्मीद है कि जल्द ही यह बाजार में उपलब्ध होगा, जिसके लिए एक प्रक्रिया से गुजरना होगा। वर्ष 2024 में शिवम कुमार बग्गन, कुशाग्र जैन, खालिद भट्ट और प्रो. नवीन की टीम ने शोध शुरू किया था। यह एक साइंस जर्नल में प्रकाशित भी हो चुका है। ऐसे काम करता उपकरण शिवम ने बताया कि यूरोस्मार्ट उपकरण सेंसर पर काम करता है। इस में पोटेंशियो स्टेट सेंसर लगाया है, जो मोबाइल से जुड़ा होता है। मरीज का यूरिन सैंपल इस उपकरण में लिया जाता है। इस पर एक बटन लगाया गया है, जिसे दबाना होता और यूरिन की एक बूंद सेंसर पर पहुंच जाती है। इसके बाद सारा काम सेंसर करता है। करीब 15 मिनट का समय लगता है और रिपोर्ट मोबाइल पर आ जाती है और स्पष्ट हो जाता है कि मरीज को पैंक्रियाज कैंसर है या नहीं। यह जांच ब्लड से होती है, जिसमें काफी समय लगता है। जिसे पैंक्रियाज कैंसर होगा, उसका शरीर बायोमार्कर सीए 19.9 रिलीज करता है। यह ब्लड और यूरिन दोनों में पाया जाता है। अभी इसका ट्रायल प्रथम चरण में है। उम्मीद है कि जल्द ही यह उपकरण बाजार में उपलब्ध होगा यह है पैंक्रियाज कैंसर पैंक्रियाज कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो पैंक्रियाज में कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बढ़ने के कारण होता है। यह पाचन एंजाइम और इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि को प्रभावित करता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होता और देरी से पता चलने के कारण यह और घातक हो जाता है। यही कारण है कि इस तरह का कैंसर काफी घातक हो जाता है, जबकि उपचार काफी महंगा है। आइआइटी दिल्ली के प्रो. एवं शोध टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि सुबह का पहला यूरिन जांच के लिए बेहतर होता है, क्योंकि इसमें इन्फार्मेशन अधिक होती है। इस टेस्ट में यदि रीडिंग 37 यूनिट प्रति एमएल से नीचे आती है तो पैंक्रियाज कैंसर नहीं मान सकते, जबकि इससे अधिक यह जितना अधिक जाएगा उतना कैंसर माना जाता है। अब इस उपकरण को लेकर एम्स में जा रहे हैं, जहां आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उपचार की निगरानी में इस्तेमाल हो सकता: डॉ. यशपाल कैंसर विशेषज्ञ एवं अटल कैंसर केयर सेंटर के निदेशक डा. यशपाल वर्मा का कहना है कि सीए 19-9 एक गैर-विशिष्ट परीक्षण है, इसलिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इसे एक स्वतंत्र नैदानिक उपकरण के रूप में उपयोग करने के बजाय, उपचार की निगरानी और पुनरावृत्ति का पता लगाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। पित्त की पथरी और अग्नाशयशोथ जैसी सामान्य स्थितियों में भी इसका स्तर अधिक हो सकता है।  

फर्जी सेना कोटे से मिली पुलिस नौकरी! हरियाणा के जींद में दो भाइयों के खिलाफ मामला

जींद. जुलाना थाना पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर पुलिस में नौकरी पाने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दोनों भाइयों ने पुलिस में भर्ती होते समय अपने पिता के आर्मी कोटे का लाभ उठाया था। नियमों के अनुसार केवल एक ही आश्रित इसका लाभ उठा सकता है। जुलाना थाना पुलिस ने गतौली गांव निवासी दो हवलदार भाइयों दलेल व भूपेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जुलाना थाना पुलिस को दी शिकायत में सोनीपत निवासी 70 वर्षीय हेल्थ सुपरवाइजर से सेवानिवृत्त कमला दहिया ने बताया कि गतौली गांव निवासी गतौली निवासी हरिओम सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। 2008 में उनके बड़े बेटे दलेल अपने पिता के कोटे का लाभ उठाते हुए पुलिस में भर्ती हो गए। दलेल इस समय जींद में कार्यरत हैं। 2014 में हरिओम का दूसरा बेटा भूपेंद्र भी अपने पिता के कोटे का लाभ उठाते हुए पुलिस में भर्ती हो गया। नियमों के अनुसार सेवानिवृत्त आर्मी कर्मचारी का केवल एक ही पुत्र इस कोटे का लाभ उठा सकता है। भूपेंद्र इस समय हांसी जिले में तैनात है। दोनों अब मुख्य सिपाही के पद पर पदोन्नत हो गए हैं। कमला दहिया ने कहा कि उनके एक रिश्तेदार ने भी आर्मी कोटे का लाभ लेते हुए पुलिस भर्ती के लिए आवेदन किया था। उसके रिश्तेदार को यह लाभ नहीं मिला। अब उसे पता चला कि गतौली गांव निवासी दो भाइयों ने इसी प्रकार ईएसएम कोटे का लाभ उठाया है और वह दोनों इस समय पुलिस में कार्यरत हैं। कमला दहिया ने कहा कि जब दो भाइयों को लाभ मिल रहा है तो उसके रिश्तेदार को क्यों नहीं मिल सकता। जब पुलिस के पास यह शिकायत पहुंची तो उन्होंने इस मामले की जांच की और पाया कि एक कोटे का केवल एक ही आश्रित लाभ उठा सकता है। दोनों ने लाभ उठाकर धोखाधड़ी की है। इसलिए अब पुलिस ने भूपेंद्र व दलेल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जुलाना थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने कहा कि सोमवार को ही भूपेंद्र व दलेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अभी मामले की जांच की जाएगी।